गाला डेवलपर्स बिना जीएसटी रजिस्ट्रेशन के काम कर रही थी, पड़ा GST का छापा, 4 करोड़ से ज्यादा की जीएसटी चोरी का खुलासा

जबलपुर मध्य प्रदेश के जबलपुर में सेंट्रल GST ने छापामार कार्रवाई की है। गाला डेवलपर्स कंपनी में 4 करोड़ रुपए की जीएसटी चोरी का खुलासा हुआ है। जिसके बाद टीम ने फर्म के ठिकानों पर दबिश दी है। बताया जा रहा है कि गाला डेवलपर्स बिना जीएसटी रजिस्ट्रेशन के काम कर रही थी। कई सालों से टैक्स भी नहीं भरा जा रहा था। जिसके बाद दो दिनों तक जीएसटी की छापामार कार्रवाई चली। मामले में अब छानबीन जारी है। बता दें कि गाला डेवलपर्स का नाम जबलपुर की बड़ी फर्म में शामिल है। यह कंपनी  बिल्डर और कॉलोनाइजर्स के लिए जमीन डेवलप करने का काम करता है। इस कार्रवाई के बाद अन्य कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। recent visitors 77

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजनाएं सरकार के अथक प्रयासों का परिणाम

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजनाएं सरकार के अथक प्रयासों का परिणाम हैं। इन महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय परियोजनाओं के लिए गत 20 वर्षों से निरंतर प्रयास किया जा रहे थे। यह प्रदेश के लिए अत्यंत सौभाग्य का विषय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इन परियोजनाओं को स्वीकृत किया और वे स्वयं इनका शिलान्यास करने आ रहे हैं। इन परियोजनाओं से बुंदेलखंड और मालवा क्षेत्र की तस्वीर एवं तकदीर बदलेगी। सामाजिक और आर्थिक क्षेत्र में इनसे बड़ा परिवर्तन आएगा। प्रधानमंत्री मोदी केन-बेतवा लिंक परियोजना का शिलान्यास 25 दिसंबर को खजुराहो, छतरपुर में आयोजित कार्यक्रम में और पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना का शिलान्यास जयपुर (राजस्थान) में करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम की तैयारी की समीक्षा की। जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, अपर मुख्य सचिव जल संसाधन डॉ. राजेश राजौरा एवं सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। परियोजना से जुड़े संभागों के आयुक्त तथा जिलों के कलेक्टर्स वीडियो कॉफ्रेंस के माध्यम से शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश में सबसे ज्यादा नदियां मध्यप्रदेश में हैं और यहां अपार जल राशि भी है। हमें इसका अधिक से अधिक उपयोग किसानों के हित में करना है। उन्होंने कहा कि 2 बड़ी राष्ट्रीय परियोजनाओं में मध्यप्रदेश की हिस्सेदारी होना बहुत बड़ी उपलब्धि है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जन-जन तक जल के महत्व और सदुपयोग का संदेश जाना चाहिए। गांव-गांव में किसान सम्मेलन हों, कलश यात्रा निकाली जाएं, प्रभात फेरिया हों, भजन मंडलियां और लोक कलाकार प्रस्तुतियां दें, विद्यालय और महाविद्यालय में चित्रकला, निबंध, वाद-विवाद प्रतियोगिताएं हों। कार्यक्रमों में जन-प्रतिनिधि, स्व-सहायता समूह और समाज सेवी संगठन की सहभागिता हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नदी जोड़ो की राष्ट्रीय परियोजनाओं के साथ ही राज्य के भीतर भी नदियों को जोड़ने का कार्य निरंतर किया जाएगा। उज्जैन में कान्ह नदी को 20 किलोमीटर डक्ट बनाकर गंभीर नदी से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। सीवरखेड़ी- सिलारखेड़ी परियोजना भी प्रारंभ हो रही है। हम निरंतर जल की दृष्टि से प्रदेश को समृद्ध बनाएंगे। हर खेत तक सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराना हमारा संकल्प है। जल संसाधन मंत्री सिलावट ने बताया कि संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना से प्रदेश के मालवा और चंबल क्षेत्र में 6 लाख 13 हजार 520 हेक्टेयर में सिंचाई होगी और 40 लाख की आबादी को पेयजल उपलब्ध होगा। इसके अतिरिक्त लगभग 60 वर्ष पुरानी चंबल दाईं मुख्य नहर एवं वितरण-तंत्र प्रणाली के आधुनिकीकरण कार्य से भिंड, मुरैना एवं श्योपुर जिलों के 1205 ग्रामों में 3 लाख 62 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में कृषकों की मांग अनुसार पानी उपलब्ध कराया जाएगा। परियोजना से प्रदेश के गुना, मुरैना, शिवपुरी, भिंड, श्योपुर, उज्जैन सीहोर, मंदसौर, इंदौर, देवास, आगर मालवा, शाजापुर और राजगढ़ जिलों के 3217 ग्रामों को लाभ मिलेगा। केन-बेतवा लिंक परियोजना के अंतर्गत दौधन ग्राम में बांध का निर्माण कर केन नदी के जल को 221 किलोमीटर लंबी लिंक कैनाल के द्वारा मार्ग में दोनों ओर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराते हुए अधिशेष जल को बेतवा नदी में छोड़ा जाएगा। परियोजना से प्रदेश के कुल 8 लाख 11 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा प्राप्त होगी। इससे छतरपुर, पन्ना, दमोह, टीकमगढ़, शिवपुरी, निवाड़ी, दतिया रायसेन, विदिशा और सागर जिलों के लगभग 2013 ग्राम लाभान्वित होंगे। परियोजना से प्रदेश की 44 लाख आबादी को पेयजल की सुविधा प्राप्त होगी और 103 मेगावॉट जल विद्युत एवं 27 मेगावाट सोलर विद्युत का उत्पादन भी किया जाएगा। अपर मुख्य सचिव डॉ. राजौरा ने बताया कि परियोजनाओं के लिए जन-जागरण अभियान 25 दिसंबर तक चलाया जाएगा। अभियान के दौरान ग्रामों में कलश-यात्रा एवं प्रभात फेरियां निकाली जाएंगी, किसान सम्मेलन, जल के महत्व को बताते हुए नुक्कड़ नाटक भजन, सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। शैक्षिक संस्थानों में भी जल-संरक्षण और संवर्धन से संबंधित विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। परियोजनाओं के भूमि-पूजन शिलान्यास कार्यक्रमों का सभी ग्राम पंचायत में सीधा प्रसारण भी किया जाएगा।   recent visitors 75

अल्लू अर्जुन को जेल में नहीं मिला VIP ट्रीटमेंट, बोले- ‘जो कुछ भी हुआ उसके लिए सॉरी… मैं कानून का सम्मान करता हूं’

हैदराबाद साउथ सुपरस्टार अल्लू अर्जुन को तेलंगाना हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद आज (14 दिसंबर) सुबह हैदराबाद सेंट्रल जेल से रिहाई मिल गई. एक्टर के पिता अल्लू अरविंद और ससुर कंचरला चंद्रशेखर उन्हें रिसीव करने पहुंचे थे. अल्लू अर्जुन की रिहाई से उनके फैन्स बेहद खुश हैं. जेल से रिहा होने के बाद अल्लू अर्जुन परिवार के पास अपने घर पहुंच गए हैं. घर पहुंचने पर उन्होंने सभी फैन्स का उनके प्यार और सपोर्ट के लिए शुक्रिया अदा किया. जेल से निकलकर क्या बोले अल्लू अर्जुन? जेल से बाहर निकलने के बाद अल्लू अर्जुन ने मीडिया संग बातचीत की. उन्होंने कहा- चिंता की कोई बात नहीं है. मैं ठीक हूं. मैं कानून में यकीन रखता हूं. अदालत में यह केस चल रहा है तो मैं बीच में कमेंट नहीं करूंगा. मैं कानून का पालन करने वाला नागरिक हूं. मैं पुलिस के साथ सहयोग करूंगा. पीड़ित परिवार के प्रति दुख जताते हुए एक्टर ने कहा- जिस महिला की जान गई है उनके परिवार के साथ मेरी संवेदना है. यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना थी. मैं परिवार को हर संभव तरीके से सहायता देने के लिए मौजूद रहूंगा और इस कठिन समय में उन्हें हर संभव सहायता प्रदान करूंगा. घटना के बारे में बात करते हुए अल्लू अर्जुन ने कहा कि यह अनजाने में हुआ था. एक्टर बोले- जब मैं एक फिल्म देखने गया था, तो अचानक वो घटना घटी. यह जानबूझकर नहीं किया गया था. पिछले 20 सालों से मैं फिल्में देखने के लिए सिनेमाघर जा रहा हूं. यह हमेशा एक सुखद अनुभव रहा है, लेकिन इस बार चीजों ने एक अलग मोड़ ले लिया. फैंस के लिए अल्लू अर्जुन बोले- मैं उन सभी का आभारी हूं, जो इस समय मेरे साथ खड़े रहे. सभी के प्यार और सपोर्ट के लिए बहुत-बहुत शुक्रिया. मैं आज यहां आप लोगों के सपोर्ट की वजह से हूं. मैं अपने फैन्स का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं.' तेलंगाना हाईकोर्ट ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए उन्हें अंतरिम जमानत दे दी है। कोर्ट का आदेश समय से नहीं पहुंचने के कारण अल्लू अर्जुन को जेल में ही रात बितानी पड़ी। सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक, उन्हें जेल में कोई वीआईपी ट्रीटमेंट नहीं दिया गया। उनके साथ एक आम कैदी की तरह बर्ताव किया गया। उन्होंने जेल के फर्श पर सोकर की रात बिताई। सूत्रों ने आगे बताया कि उनका कैदी नंबर 7697 था। वह रात भर जेल में फर्श पर सोते रहे। उन्होंने रात का खाना भी नहीं खाया। सुबह-सुबह उन्हें जेल से रिहा कर दिया गया। रिहाई के बाद घर पहुंचकर अल्लू अर्जुन ने कहा कि वह कानून का सम्मान करते हैं। सबसे पहले कहां पहुंचे अल्लू अर्जुन? अल्लू अर्जुन जेल से बाहर निकलने के बाद घर पहुंचने से पहले Geetha Arts के ऑफिस पहुंचे थे. Geetha Arts साउथ इंडिया सिनेमा की एक सबसे बड़ी और पॉपुलर फिल्म प्रोडक्शन और डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी है. इसे 1972 में अल्लू अर्जुन के पिता अल्लू अरविंद ने शुरू किया था. इसे एक्टर अल्लू अर्जुन भी चलाते हैं. अपने प्रोडक्शन हाउस Geetha Arts से निकलने के बाद अल्लू सीधा परिवार के पास अपने घर पहुंचे. उनके घर के बाहर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम पहले ही किए गए. अल्लू अर्जुन को क्यों किया गया था गिरफ्तार? बता दें कि 4 दिसंबर को हैदराबाद के संध्या थिएटर में 'पुष्पा 2' की स्पेशल स्क्रीनिंग के दौरान भगदड़ मचने से एक महिला की जान चली गई थी. इसी मामले में एक्टर अल्लू अर्जुन को बीती रात (13 दिसंबर) को गिरफ्तार किया गया था. अल्लू अर्जुन को 14 दिन की रिमांड पर भेजे जाने के बाद उन्हें शुक्रवार को चंचलगुडा सेंट्रल जेल ले जाया गया था. बाद में तेलंगाना हाई कोर्ट ने उन्हें 50,000 रुपये के निजी मुचलके पर अंतरिम जमानत दे दी थी. लेकिन इसके बाद भी उन्हें रात जेल में ही गुजारनी पड़ी, क्योंकि कथित तौर पर कहा गया था कि जमानत आदेश की प्रतियां ऑनलाइन अपलोड नहीं की गईं, जिसकी वजह से एक्टर को जेल में ही रात गुजारनी पड़ी थी. उनके वकील अशोक रेड्डी ने एक्टर को दिए गए जमानत आदेश का पालन नहीं करने के लिए हैदराबाद जेल अधिकारियों की आलोचना की. वकील ने कहा, 'हैदराबाद पुलिस और चंचलगुडा जेल प्रशासन को हाई कोर्ट के आदेश की कॉपी कल ही मिल गई थी, जिसमें स्पष्ट रूप से जेल सुपरिटेंडेंट को अल्लू अर्जुन को तुरंत रिहा करने का निर्देश दिया गया था. सुपरिटेंडेंट ने भी उनकी रिहाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था, लेकिन जेल प्रशासन ने उन्हें रिहा नहीं किया. यह अवैध हिरासत थी और इसके लिए उन्हें जवाब देना होगा. हम कानूनी कार्रवाई करेंगे.' अल्लू अर्जुन और रश्मिका मंदाना की फिल्म 'पुष्पा 2: द रूल' की बात करें तो ये सिनेमाघरों में नई क्रांति लेकर आई है. बॉक्स ऑफिस पर फिल्म रिकॉर्डतोड़ कमाई कर रही है. फिल्म को लेकर दर्शकों में अलग ही लेवल का क्रेज देखने को मिल रहा है.     recent visitors 73

जो रामराज्य के मूल्य हैं, वहीं हमारे लिए सुशासन के मूल्य – मुख्यमंत्री साय

डबल इंजन की सरकार में मिल रहा डबल फायदा: केन्द्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा केन्द्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा छत्तीसगढ़ के रजत जयंती वर्ष को मनाया जाएगा अटल निर्माण वर्ष के रूप में 3 दिसंबर से 13 दिसंबर तक हर वर्ष मनाया जाएगा ’जनादेश परब’ जो रामराज्य के मूल्य हैं, वहीं हमारे लिए सुशासन के मूल्य – मुख्यमंत्री साय   केन्द्रीय मंत्री नड्डा ने 1124 करोड़ रूपए के विभिन्न विकास कार्याें का किया लोकार्पण और शिलान्यास रायपुर देश में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और छत्तीसगढ़ में विष्णु देव साय की नेतृत्व वाली सरकार जनता की सेवा के लिए तत्पर होकर काम कर रही है। इसी का परिणाम है कि पूरे देश और प्रदेश में उत्तरोत्तर विकास हो रहा हैै। डबल इंजन की सरकार होने की वजह से लोगों को डबल लाभ हो रहा है। आज भारत विश्व की पांचवी बड़ी आर्थिक शक्ति है। अगले पांच सालों में हम दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनकर उभरेंगे। प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व में देश के 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं। केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा ने आज रायपुर के साइंस कॉलेज ग्राउंड में आयोजित जनादेश परब कार्यक्रम में लोगों को सम्बोधित करते हुए यह बात कही। केन्द्रीय मंत्री नड्डा ने कार्यक्रम में 1124 करोड़ रूपए के विभिन्न विकास कार्याें का लोकार्पण और शिलान्यास किया।   केन्द्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा केन्द्रीय मंत्री नड्डा ने जनादेश परब में छत्तीसगढ़ सरकार के एक साल की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार स्वप्रेरणा से लोकहित में पूरी जवाबदेही के साथ काम कर रही है। सरकार बनने के दूसरे ही दिन कैबिनेट की बैठक में प्रदेश के 18 लाख से अधिक जरूरतमंदों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना की स्वीकृति दी गई। मोदी की गारंटी के अनुरूप यहां किसानों से 3100 प्रति क्विंटल में धान खरीदी की जा रही है। किसानों को उनके हक का 3716 करोड़ रूपए धान के बकाया दो साल के बोनस का भुगतान भी किया गया है। केन्द्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जनादेश परब में घोषणा की कि अब से हर साल 3 दिसंबर से 13 दिसंबर तक ’जनादेश परब’ के रूप में मनाया जाएगा। आने वाले वर्ष में छत्तीसगढ़ के 25 वर्ष पूरे हो रहे हैं। राज्य निर्माता भारत रत्न अटलजी का यह शताब्दी वर्ष भी है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के रजत जयंती वर्ष को ‘अटल निर्माण वर्ष’ के रूप में मनाने की घोषणा की। साय ने कहा कि अटलजी ने प्रधानमंत्री के रूप में देश में सड़कों का जाल बिछाया। उसी से प्रेरणा लेकर हम अपने रजत जयंती वर्ष में अधोसंरचना विकास को  प्राथमिकता में रखेंगे। उसके बाद के तीन वर्षों में भी हम अलग-अलग थीम पर काम करेंगे। मुख्यमंत्री साय ने जनादेश परब को सम्बोधित करते हुए कहा कि पिछले साल किसान भाइयों के खाते में आपकी डबल इंजिन की सरकार ने 49 हजार करोड़ रुपए डाले हैं। हमने अपने शुरूआती तीन महीनों में ही प्राथमिकता के साथ महतारी वंदन योजना का लाभ प्रदेश की माताओं-बहनों को देना आरंभ किया। 70 लाख माताओं-बहनों के खाते में महतारी वंदन योजना की अब तक 10 किश्तों में 6,530 करोड़ रुपए की राशि भेजी जा चुकी है। पहली तारीख को हम यह राशि भेज देते हैं और जैसे ही माताओं-बहनों के खाते में राशि आती है उनका चेहरा गर्व से खिल जाता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जो रामराज्य के मूल्य हैं, वहीं हमारे लिए सुशासन के मूल्य हैं। हमने प्रशासन के हर स्तर पर सुशासन को सुनिश्चित किया है। हमने सुशासन के मूल्यों को सिस्टम में शामिल करने सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन किया। सुशासन के लिए पारदर्शिता सबसे आवश्यक है और इसके लिए डिजिटल गवर्नेंस शुरू कराया है। लालफीताशाही को दूर करने हमने ई-आफिस प्रणाली आरंभ की है। इसमें डिजिटल माध्यम में नोटशीट आगे बढ़ती है। इससे समय-सीमा भी तय होती है और जवाबदेही भी तय हो जाती है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर और सरगुजा के विकास के बगैर छत्तीसगढ़ के विकास के बारे में सोचा भी नहीं जा सकता। हमने वनोपज संग्राहकों की आय बढ़ाने के लिए काम किया है। तेंदूपत्ता संग्रहण की राशि हमने 4 हजार रुपए प्रति मानक बोरा से बढ़ाकर साढ़े 5 हजार रुपए कर दी। जनजातीय गौरव दिवस के दिन हमने राज्य के बैगा, गुनिया, सिरहा आदि को पांच-पांच हजार रुपए सम्मान निधि देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि बस्तर में पर्यटन कॉरिडोर का निर्माण हम कर रहे हैं। कांगेर घाटी के गांव धुड़मारास को संयुक्त राष्ट्र पर्यटन संगठन ने दुनिया के 20 चुनिंदा गांवों में शामिल किया है। बस्तर और छत्तीसगढ़ विश्व पर्यटन के मानचित्र में आ गए हैं। सरगुज़ा संभाग भी विश्व के पर्यटन नक्शे में स्थान बना रहा है। अभी-अभी जशपुर के मधेश्वर पहाड़ शिवलिंग को विश्व में सबसे बड़ी प्राकृतिक प्रतिकृति के रूप में मान्यता प्राप्त हुई है। उन्होंने  कहा कि गुरु घासीदास तमोर पिंगला को हमने देश का तीसरा सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व बनाया है। इससे इको टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा। सरगुजा और बस्तर में एयर कनेक्टिविटी आरंभ होने से इन क्षेत्रों में तेजी से विकास के साथ ही यहां अब देश-विदेश से पर्यटकों के पहुंचने की राह खुल गई है। मोदी जी के यशस्वी नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में सभी स्वीकृत सड़कों का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद आगामी दो सालों में प्रदेश का सड़क नेटवर्क विकसित देशों की तरह हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें सबसे बड़ी सफलता माओवादी मोर्चे पर मिली है। एक साल पहले किसी के लिए यह सोचना भी कठिन था कि माओवाद के नासूर को नष्ट किया जा सकता है। एक साल में 2 सौ से अधिक माओवादियों को मार गिराया। नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से माओवाद की जड़ से मुक्त हुए गांवों में पुनः विकास की रोशनी पहुंची है। हमने नई उद्योग नीति तैयार की है, जिसमें अगले पांच सालों में ढाई लाख करोड़ रुपए के निवेश के माध्यम से पांच लाख रोजगार सृजित करेंगे। हमने शासकीय सेवाओं में हजारों पदों में भर्ती प्रक्रिया आरंभ कर दी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम में केन्द्रीय मंत्री नड्डा को बस्तर के कलाकारों द्वारा बेल मेटल से निर्मित अयोध्या के राम मंदिर की प्रतिकृति भेंट की। कार्यक्रम में पद्मसे … Read more

गायिका सुस्वस्ति मेहुल ने भगवान श्रीराम के अयोध्या आगमन और सुदामा-कृष्ण की मैत्री पर केन्द्रित लोकप्रिय भजन सुनाए

विरासत के साथ विकास के सिद्धांत पर कार्य कर मध्यप्रदेश को बनाएंगे समृद्ध: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश में प्रकृति, संस्कृति और विकास का अद्भुत समन्वय: अभिनेता रणदीप हुड्डा गायिका सुस्वस्ति मेहुल ने भगवान श्रीराम के अयोध्या आगमन और सुदामा-कृष्ण की मैत्री पर केन्द्रित लोकप्रिय भजन सुनाए "मध्यप्रदेश : स्वर की समता नृत्य-नाटिका" का हुआ मंचन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश की समृद्धि की दिशा में केन-बेतवा लिंक और पार्वती-काली सिंध-चंबल परियोजनाएं मील का पत्थर सिद्ध होंगी। मध्यप्रदेश सरकार विरासत के साथ विकास में विश्वास रखते हुए नागरिकों का जीवन समृद्ध बनाने के लिए सक्रियता से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार रवीन्द्र भवन सभागार में "कलाओं की विविधता का उत्सव : विरासत" को संबोधित कर रहे थे। प्रारंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रवीन्द्र भवन में "कलाओं की विविधता का उत्सव "विरासत" का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर विरासत कार्यक्रम में प्रस्तुति देने आए कलाकारों को सम्मानित किया और संस्कृति विभाग द्वारा प्रकाशित विभिन्न पुस्तकों का विमोचन किया। कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय, सभापति भोपाल नगर निगम किशन सूर्यवंशी, विधायक भगवानदास सबनानी, सुमित पचौरी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के बुंदेलखंड और चंबल अंचल के साथ ही मालवा क्षेत्र में समृद्धि लाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 2 महत्वपूर्ण नदी जोड़ो परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। इन परियोजनाओं में से पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना का शिलान्यास आगामी 17 दिसम्बर को जयपुर में और केन-बेतवा परियोजना का 25 दिसम्बर को खजुराहो (छतरपुर) में होने जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने इन कार्यक्रमों में आने की सहमति दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रतन स्व. अटल बिहारी वाजपेई ने नदी जोड़ो परियोजना का स्वप्न देखा था। इसे साकार करने का अवसर प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार और साथ ही मध्यप्रदेश, राजस्थान और उत्तरप्रदेश 3 राज्य सरकारों को मिला है। यह पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेई की जयंती का 100वां वर्ष है। स्व. वाजपेई के जन्म के 100वें वर्ष में इन परियोजनाओं का शिलान्यास इस माह किया जाना पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेई को संपूर्ण राष्ट्र की आदरांजलि भी है। मध्यप्रदेश के बड़े इलाके को सिंचाई और पेयजल का लाभ मिलेगा। जब पानी की उपलब्धता पर्याप्त हो तो, कार्य के लिए पलायन की प्रवृत्तियां भी थम जाती हैं। प्रधानमंत्री मोदी की निर्धनों, किसानों, महिलाओं और युवाओं के कल्याण की प्राथमिकता के अनुसार मध्यप्रदेश सरकार ने इन क्षेत्रों में योजनाओं के क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया है। युवाओं के स्वप्न सच करने के लिए, उन्हें हुनरमंद बनाने के लिए और राष्ट्र की प्रगति में बेहतर योगदान देने के लिए मध्यप्रदेश सरकार गतिशील रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी एक ऐसे राजनेता हैं, जिन्होंने 50 वर्ष की आयु तक कोई चुनाव नहीं लड़ा था। इस आयु के पश्चात उन्होंने 3 बार गुजरात के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री के रूप में विकास के नए आयाम रचे हैं। उन्होंने केन्द्र में एक‍दल के बलबूते पर सरकार बनाने में सफलता अर्जित की है। प्रधानमंत्री मोदी ने प्रत्येक वर्ग के कल्याण की चिंता की है। मध्यप्रदेश जो गत दशक में कृषि के विकास, अधोसंरचना विकास की दृष्टि से आगे बढ़ा है, अब महत्वपूर्ण परियोजनाओं के माध्यम से समृद्धि के नए आयाम स्थापित करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में उपस्थित अभिनेता रणदीप हुड्डा का उल्लेख करते हुए उनकी अभिनय प्रतिभा की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रणदीप हुड्डा ने अभिनय का मार्ग चुना और वीर सावरकर के चरित्र को परदे पर प्रभावशाली ढंग से निभाया। वीर सावरकर जी के इस योगदान को सिनेमा के माध्यम से राष्ट्र के सम्मुख लाना प्रशंसनीय है। कार्यक्रम में रणदीप हुड्डा ने कहा कि वे मध्यप्रदेश में प्रकृति, संस्कृति और विकास का अद्भुत समन्वय देखकर प्रसन्न हुए हैं। उन्होंने कहा कि उनकी जन्मभूमि हरियाणा और कर्मभूमि मुम्बई है, लेकिन वे भगवान श्रीकृष्ण के मध्यप्रदेश में शिक्षा ग्रहण करने के ऐतिहासिक तथ्य और वर्तमान में पर्यटन एवं वन्य जीव संरक्षण में प्रदेश की प्रगति के कारण इसे सुकून-भूमि मानते हैं। उन्होंने मध्यप्रदेश में फिल्म संस्थान एवं फिल्म सिटी के विकास की संभावनाओं को साकार करने का आग्रह किया। हुड्डा ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को मध्यप्रदेश में प्रकृति, संस्कृति और विकास के शानदार तालमेल के लिए उनकी महत्वूपर्ण भूमिका के लिए बधाई दी। विरासत कार्यक्रम में सुस्वस्ति मेहुल, मुंबई ने अपने कलाकार दल के साथ लोकप्रिय भजन मेरी झोपड़ी के भाग्य आज खुल जाएंगे राम आयेंगे… प्रस्तुत किया। सुस्वस्ति मेहुल ने भगवान कृष्ण की स्तुति में भी कर्णप्रिय भजन प्रस्तुत किए। उन्होंने कृष्ण-सुदामा की मैत्री की थीम पर भजनों की भावपूर्ण प्रस्तुति दी। "मध्यप्रदेश : स्वर की समता नृत्य नाटिका" की मनमोहक प्रस्तुति सुजयलक्ष्मी ईश्वर नई दिल्ली के निर्देशन में कलाकार दल द्वारा दी गई। कार्यक्रम में कलाकार दल ने मध्यप्रदेश के प्रमुख पर्यटन और धार्मिक स्थलों पर केन्द्रित विशेष नृत्य-गीत कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी कलाकारों की प्रस्तुति की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर गौ एवं गौपाल तथा श्रीमद्भागवत पुराण आधारित चित्र प्रदर्शनी देखी। संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव शिव शेखर शुक्ला ने अतिथियों का स्वागत करते हुए संस्कृति और पर्यटन विभाग की गतिविधियों का विवरण दिया। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश गान भी प्रस्तुत किया गया।   recent visitors 68

शीतकालीन सत्र 16 से 20 दिसंबर तक, इस दौरान सरकार 20 हजार करोड़ का सप्लीमेंट्री बजट पेश कर सकती है

भोपाल मध्य प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र 16 से 20 दिसंबर तक आयोजित होगा. प्रदेश सरकार इस दौरान करीब 20 हजार करोड़ का सप्लीमेंट्री बजट पेश कर सकती है. इसके लिए वित्त विभाग ने दो महीने पहले से ही तैयारी शुरू कर दी थी. शासन ने सभी विभागों को भी सप्लीमेंट्री बजट के लिए प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए हैं. विभाग यह भी तैयारी कर रहे हैं कि सप्लीमेंट्री बजट के लिए किन बातों को आधार बनाया जाए. मसलन, विभागों को यह कहा गया है कि वे किसी भी तरह की नई गाड़ी खरीदने का प्रस्ताव नहीं देंगे. उनसे यह भी कहा गया है कि प्रस्ताव में स्पष्ट किया जाए कि ऋण और अनुदान के लिए कितनी-कितनी राशि की जरूरत होगी. गौरतलब है कि सभी विभाग सरकार को यह भी बताएंगे कि उन्होंने राशि कहां खर्च की, पिछले साल बजट का कितना अनुमान था और सप्लीमेंट्री बजट कितना था. विभागों को इस बात को विस्तार से बताना होगा कि उन्होंने बाहर से कितना कर्ज लिया है. यानी उन्हें एक-एक राशि का लेखा-जोखा स्पष्ट करना होगा. बता दें, फिस्कल इयर 2024-25 के लिए सरकार ने इस साल जुलाई में 3 लाख 65 हजार 067 करोड़ रुपये का सालाना बजट पेश किया था. चूकि, इस साल लोकसभा चुनाव थे, इसलिए सरकार ने फरवरी में पूर्ण बजट पेश नहीं किया था. अहम है ये शीतकालीन सत्र सरकार ने अप्रैल से जुलाई तक के लिए लेखानुदान यानी वोट ऑन अकाउंट पेश किया था. ताकि, वह पूर्ण बजट आने से पहले अपनी योजनाओं और विकास कार्यों को संचालित कर सके. बताया जाता है कि सरकार मार्च में पूर्ण बजट के साथ-साथ दूसरा सप्लीमेंट्री बजट भी पेश कर सकती है. 16 दिसंबर से शुरू होने वाला शीतकालीन सत्र अहम है. इसमें सरकार कई अहम फैसले ले सकती है. दूसरी ओर, विपक्ष ने भी सरकार को घेरने की तैयारी कर रही है. कांग्रेस ने इसलिए कई बैठकें भी कर ली हैं. recent visitors 53

प्री-वेडिंग शूट के लिए अब मध्यप्रदेश में झट से मिलेगी परमिशन, ऑनलाइन पोर्टल तैयार

भोपाल प्रदेश के संरक्षित स्मारकों और संग्रहालयों में शूटिंग की अनुमति अब ऑनलाइन मिल सकेगी। इन्हें देखने के लिए टिकट भी अब वाट्सएप और चैटबाट पर मिल जाएंगे। राज्य पुरातत्व विभाग के अधीन आने वाले राज्यभर में स्थित विभिन्न विरासत स्थलों को प्री-वेडिंग शूट, फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, ड्रोन शूट आदि के लिए काफी पसंद किया जा रहा है। इसके चलते बुकिंग के लिए पूछताछ और अनुमति के लिए आवेदनों में बढ़ोतरी हुई है। ऑनलाइन पोर्टल तैयार वर्तमान में संचालनालय पुरातत्व, अभिलेखागार और संग्रहालय इस तरह की अनुमति मैन्युअल आवेदन लेकर देती है। इसमें आवेदन पहले स्थानीय कार्यालय और फिर मुख्यालय आते हैं। इस प्रक्रिया को आसान बनाते हुए संचालनालय द्वारा अनुमति देने के लिए ऑनलाइन पोर्टल तैयार किया गया है।   इस वेबसाइट और फोन नंबर से कर सकते हैं बुकिंग आयुक्त पुरातत्व, अभिलेखागार और संग्रहालय उर्मिला शुक्ला ने बताया कि ऑनलाइन अनुमति प्राप्त करने के लिए विभागीय वेबसाइट archaeology.mp.gov.in के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इसके साथ ही ऑनलाइन टिकट वाट्सअप चैटबाट नंबर 91-9522840076 से बुक किया जा सकता है। प्री-वेडिंग फोटोशूट के लिए खूबसूरत और ऐतिहासिक जगहें मध्य प्रदेश में प्री-वेडिंग फोटोशूट के लिए कई खूबसूरत और ऐतिहासिक जगहें हैं। यदि आप एक ही स्थान पर नदी, महल, फोर्ट और मंदिर देखना चाहते हैं, तो ओरछा एक बेहतरीन विकल्प है, जहां आप ओरछा फोर्ट, शीश महल और बेतवा नदी के किनारे फोटोशूट करवा सकते हैं। पचमढ़ी हिल स्टेशन पचमढ़ी हिल स्टेशन भी प्रसिद्ध है, जहां बी फॉल और महादेव हिल्स जैसी जगहों पर बेहतरीन तस्वीरें खींची जा सकती हैं। ग्वालियर, अपने ऐतिहासिक स्थलों जैसे ग्वालियर किला, जय विलास पैलेस और तानसेन मकबरे के लिए भी प्रसिद्ध है। इसके अलावा, शिवपुरी हिल स्टेशन, करेरा पक्षी अभयारण्य, पेशावर घाट, दूध धारा वाटरफॉल्स और तामिया हिल स्टेशन जैसे अन्य स्थल भी प्री-वेडिंग फोटोशूट के लिए आदर्श हैं। मध्य प्रदेश के ये स्थल प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक धरोहर के अद्भुत संयोजन के कारण आकर्षक फोटोशूट लोकेशंस बनते हैं। recent visitors 54