मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज शहडोल में एमपीटी के नव निर्मित सरसी आइलैंड रिसॉर्ट का उद्घाटन करेंगे

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज शहडोल में एमपीटी के नव निर्मित सरसी आइलैंड रिसॉर्ट का उद्घाटन करेंगे। आज सुबह 10:30 बजे होने वाले राज्य स्तरीय समारोह में उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल एवं पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र भावसिंह लोधी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। बाणसागर डैम के बैक वॉटर पर मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा रिजॉर्ट का निर्माण किया गया है। बांधवगढ़ नेशनल पार्क और मैहर आने वाले पर्यटकों के लिए यह एक विशेष सुविधा होगी। एमपीटी सरसी आइलैंड रिसॉर्ट में लग्जरी इको हट्स, तीन बोट क्लब, आकर्षक रेस्टोरेंट, आधुनिक कॉन्फ्रेंस रूम, जिम, लाइब्रेरी और बच्चों के लिए प्ले एरिया सहित पर्यटकों के लिए आवश्यक सभी आधुनिक सुविधाओं का ध्यान रखा गया है। इको-सर्किट परियोजना के तहत विकसित यह स्थल क्षेत्रीय पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शहडोल जिले की ब्यौहारी में जनकल्याण पर्व के तहत विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे। साथ ही जनसभा को संबोधित करेंगे। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव जनकल्याण पर्व अंतर्गत मऊगंज जिले में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा विभाग की समेकित छात्रवृत्ति योजना में 60 लाख विद्यार्थियों के बैंक खातों में 332 करोड़ रूपये से अधिक की राशि सिंगल क्लिक से अंतरित करेंगे। प्रदेश में समग्र सामाजिक सुरक्षा मिशन में समेकित छात्रवृत्ति योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी स्कूल शिक्षा विभाग को सौंपी गई है। इस योजना में 6 विभागों स्कूल शिक्षा, अनुसूचित जाति कल्याण, जनजातीय कल्याण, विमुक्त घुमक्कड़ और अर्द्ध घुमक्कड़, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण और सामाजिक न्याय विभाग की 20 प्रकार की छात्रवृतियों की राशि विद्यार्थियों को प्रदान की जाती है। अक्षयपात्र समारोह में होंगे शामिल मुख्यमंत्री डॉ. यादव मऊगंज जिला मुख्यालय पर आयोजित अक्षयपात्र समारोह में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री, बच्चों को पोषण किट एवं छात्रवृत्ति के वितरण के साथ 54 विकास कार्यों का शिलान्यास भी करेंगे। इसमें मुख्य रूप से 5065 करोड़ रूपये लागत की सीतापुर-हनुमना सूक्ष्म दबाव सिंचाई परियोजना शामिल है। समारोह स्थल पर राज्य सरकार एक वर्ष की उपलब्धियों सहित विभिन्न विभागों की विकास योजना की प्रदर्शनी लगाई जायेगी।   recent visitors 54

आजादी के 78 साल बाद सुकमा के गांव में पहली बार चला दूरदर्शन

सुकमा छत्तीसगढ़ के दक्षिणतम छोर सुकमा जिले के अति-माओवाद प्रभावित और दुर्गम क्षेत्र पूवर्ती में विकास की एक नई किरण पहुंच गई है। आजादी के 78 साल बाद पहली बार इस गांव के लोगों ने टीवी में दूरदर्शन पर देश-दुनिया की खबरें, धारावाहिक और स्थानीय फिल्में देखी। नियद नेल्लानार गांव पूवर्ती के बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग सभी दूरदर्शन के कार्यक्रमों को देखने के लिए घंटों टीवी सेट के पास बैठे रहे। उन्होंने टीवी में चल रहे विभिन्न कार्यक्रमों को आनंद के साथ देखा। छत्तीसगढ़ शासन की इस जनकल्याणकारी पहल ने यह साबित किया है कि विकास की तेजी से माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव हो रहा है। ईससे दूरस्थ वनांचल क्षेत्र पूवर्ती, सिलगेर, टेकलगुड़ियम जैसे सुदूर गांवों में इस तरह की कल्याणकारी योजनाएं विकास और शांति का नया अध्याय लिख रही हैं। बच्चों ने देखा ज्ञानवर्धक कार्यक्रम और कार्टून : इस ऐतिहासिक अवसर पर गांव के बच्चों ने ज्ञानवर्धक कार्यक्रम और कार्टून देखकर न केवल खुशी का अनुभव किया, बल्कि उनके चेहरे पर जानने और सीखने की उत्सुकता भी साफ़ झलक रही थी। यह सकारात्मक पहल ग्रामीणों के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है। जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ ग्रामीणों तक पहुंचाने की पहल : माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में विकास को बढ़ावा देने और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सुदूर गांवों तक पहुंचाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा नियद नेल्लानार योजना का संचालन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के पहल पर इस योजना का मुख्य उद्देश्य गांवों तक केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाना है। ग्रामीणों को सौर ऊर्जा से मिली राहत : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) विभाग ने पूवर्ती गांव में सौर ऊर्जा से संचालित उपकरण का वितरण किया। इसके तहत पात्र परिवारों को सोलर लाइट और सोलर पंखे का वितरण किया गया। इसके साथ ही दूरदर्शन के सेट पूवर्ती, टेकलगुडियम और सिलगेर में क्रमशः दो-दो सेट प्रदान किए गए। शासन के इस जन कल्याणकारी निर्णय से गांव में बिजली की कमी की समस्या दूर हो गई है और ग्रामीणों को अंधेरे से मुक्ति मिली है। ग्रामीणों ने इसके लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और छत्तीसगढ़ शासन को धन्यवाद ज्ञापित किया। ग्रामीणों ने कहा दूरदर्शन देखना किसी चमत्कार होने जैसा : सोलर पंखा पाकर ग्रामीण बहुत खुश हैं। ग्रामीणों ने कहा कि गर्मी के मौसम में सोलर पंखे लग जाने से हमे बहुत राहत मिलेगी। यह कदम हमारे जीवन में नई ऊर्जा और उम्मीदें लेकर आया है। नियद नेल्लानार गांव की बंजाम मड़गू और बंडीपारा पूवर्ती ने कहा कि हमने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि हमारे गांव में टीवी आएगा। पहली बार अपने गांव अपनी धरती में देश-दुनिया की खबरें और धारावाहिक देखकर ऐसा लग रहा है जैसे हम भी अब दुनिया से जुड़ रहे हैं। सोलर लाइट और पंखे से अब रातें रोशनी से भर जाएंगी और गर्मी से भी राहत मिलेगी। यह हमारे लिए चमत्कार होने जैसा है। गांव के युवा नुप्पो हड़मा और तुमालपारा पूवर्ती ने कहा अब बच्चों को पढ़ाई करने में आसानी होगी, क्योंकि सोलर लाइट की मदद से रात को भी आसानी पढ़ सकेंगे। दूरदर्शन पर आने वाले ज्ञानवर्धक कार्यक्रम से बच्चों को नई नई जानकारी मिलेगी। दूरदर्शन विकास की दिशा में बदलाव की बयार : कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने कहा कि पूवर्ती जैसे दूरस्थ और माओवाद प्रभावित गांवों तक सौर ऊर्जा से संचालित उपकरण पहुंचाना विकास की दिशा में एक कल्याणकारी पहल है। यह ग्रामीणों की जरूरतें पूरी कर रहा है और साथ ही पर्यावरण संरक्षण और स्थायी ऊर्जा के उपयोग को भी बढ़ावा दे रहा है। हमारी कोशिश यही है कि दूरस्थ क्षेत्र के हर गांव में विकास के नए आयाम स्थापित किए जाएं, जिससे अंतिम पंक्ति के लोग भी समाज की मुख्यधारा में शामिल हो सकें। पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा और ग्रामीणों में खुशी की लहर : सुकमा जिले में जनजातीय वर्गों की बहुलता है, जो वन संरक्षण और पर्यावरण की रक्षा के प्रति सदैव तत्पर रहते हैं। सौर ऊर्जा पर आधारित उपकरणों के वितरण से ग्रामीण बिजली पर निर्भरता से मुक्त हो रहे हैं। यह पर्यावरण संरक्षण को भी प्रोत्साहन दे रहा है। अक्षय ऊर्जा के उपयोग से पर्यावरण प्रदूषण में कमी आएगी और यह ग्रामीण विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। recent visitors 61

लंबे समय से परमानेंट किए जाने की मांग कर रहे थे शिक्षकों के लिए गुड न्यूज़, नियमित करने की कवायद की शुरू

भोपाल मध्य प्रदेश में शिक्षकों की कमी को पूरा करने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने बड़ी पहल शुरू की है। प्रदेश में 15 हजार शिक्षकों को नियमित किया जाएगा। इसके लिए स्कूल शिक्षा विभाग की विशेष कमेटी ने काउंसलिंग शुरू कर दी है। काउंसलिंग की प्रक्रिया अक्टूबर के पहले हफ्ते से जारी है। इस दौरान 5 हजार अतिशेष शिक्षकों का निराकरण भी किया जा रहा है। नियमितीकरण के बारे में बारे में ताजा जानकारी यह है कि भर्ती होने के 3 साल तक टीचर्स का प्रोबेशन पीरियड रहता है। प्रोबेशन पीरियड खत्म होने के बाद नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू होती है। सरकार एक ओर जहां शासकीय स्कूलों में उच्च गुणवत्ता की शिक्षा देने के लिए शैक्षणिक व्यवस्था में लगातार सुधार सहित कई तरह के नवाचारों से शिक्षा देने के लिए तमाम तरह के प्रयासों पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन सरकार के प्रयासों को नेताओं के लेटर पैड से होने वाले अटैचमेंट, शैक्षणिक व्यवस्था में सुधार पर सवालिया निशान खड़े कर रहे हैं। शिक्षा विभाग के जिम्मेदारों द्वारा बताया गया कि यह नेता बिना शैक्षणिक व्यवस्था जाने बगैर अपने चहेतों को पास के स्कूल में नौकरी करने के लिए अपने लेटर पैड पर अटैचमेंट की अनुशंसा कर देते हैं, जिसका मजबूरी में संकुल प्राचार्य और जिला शिक्षा अधिकारी को पालन करना ही पड़ता है, जिससे सरकारी स्कूल के बच्चों के हालात यह हो जाते हैं कि बच्चे कई विषयों की शिक्षा से वंचित रह रहे हैं।   ताजा मामला आदिवासी बाहुल्य शासकीय माध्यमिक शाला गादिया का है। जहां माध्यमिक शाला में कुल 51 बच्चे पंजीकृत हैं और जिन्हें पढ़ने के लिए यहां दो नियमित शिक्षकों की नियुक्ति है। लेकिन इनमें से एक शिक्षिका ने अपना अटैचमेंट नयापुरा कर रखा है, जिस वजह से अभी माध्यमिक शाला के मौजूदा हालात में यहां सिर्फ एक ही शिक्षक कक्षा 6, 7, 8 के सभी विषयों की जिम्मेदारी है। ऐसे हालात में बच्चों को कितनी गुणवत्ता की और कैसी शिक्षा मिल रही होगी आप खुद समझ सकते है।गौरतलब है कि जिम्मेदारों के बार-बार निरीक्षण करने पर भी माध्यमिक शाला में ऐसी स्थिति बनी हुई है जो जिम्मेदारों की कार्य प्रणाली पर भी कई तरह के सवाल खड़े करती है। recent visitors 110

अथोस सैलोम ने बड़ी भविष्यवाणी की उन्होंने कहा है कि तीसरा विश्व युद्ध करीब है और जल्द ही शुरू होगा

ब्रासीलिया  ब्राजील के अथोस सैलोम ने तीसरे विश्व युद्ध के बारे में बड़ी भविष्यवाणी की है। उन्होंने कहा है कि तीसरा विश्व युद्ध करीब है और जल्द ही शुरू सकता है। 'जीवित नास्त्रेदमस' कहे जाने वाले अथोस सैलोम ने ये दावा भी किया है कि तीसरा विश्व युद्ध पारंपरिक जंग की शक्ल में नहीं होगा। यह पहले और दूसरे विश्व युद्ध के उलट तकनीक के दम पर लड़ा जाएगा। तीसरा विश्व युद्ध एक तरह का साइबर युद्ध होगा, जिसमें पूरी दुनिया शामिल होगी। ये बड़े नुकसान की वजह बनेगा और इससे वैश्विक व्‍यवस्‍था तबाह हो जाएगी। ब्राजील के 36 साल के सैलोम एक पैरासाइकॉलोजिस्ट हैं। दावा किया जाता है कि उन्होंने कोविड महामारी के आने, एलोन मस्क के ट्विटर खरीदने और महारानी एलिजाबेथ द्वितीय की मौत के बारे में पहले ही बता दिया था और उनकी भविष्यवाणी स ही साबित हुई थी। डेली स्टार के अनुसार, अब अपने नए दावे में सैलोम ने कहा है, 'तीसरा विश्व युद्ध मैदान पर ना होकर तकनीकी होगा। ऐसा लगता है कि यह ऑनलाइन लड़ा जाएगा।' 'ये मशीनों का युद्ध होगा' सैलोम का मानना है कि आने वाले विश्व युद्ध सिर्फ इंसानों का युद्ध नहीं बल्कि मशीनों का युद्ध होगा। अथोस सैलोम ने एक विशाल उल्कापिंड के खतरे, पश्चिम एशिया और रूस में चल रहे संघर्षों में पश्चिमी देशों की भागीदारी पर को लेकर भी चिंता जताई है। रूस ने यूक्रेन के खिलाफ आक्रामकता के नए स्तर छू लिए हैं। ये लड़ाई के बढ़ने का एक संकेत है। इससे आने वाले समय में दुनिया को एक नए खतरे का सामना करना पड़ सकता है। एथोस सैलोम ने आगे कहा, 'रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव कह रहे हैं कि रूस किसी भी उपाय से अपनी रक्षा के लिए तैयार है। इस तरह के बयान और युद्ध में उच्च तकनीक वाले उपकरणों का इस्तेमाल संघर्ष के बढ़ने का संकेत देते हैं। संघर्ष में उच्च तकनीकी उपकरणों का आना भी युद्ध को भीषण होने के संकेत देते हैं।' युद्ध या किसी भी संबंध में किसी भविष्यवाणी का सच होना एक इत्तेफाक ही माना जाता है लेकिन ऐसे दावे सावधान करने के लिए काफी हैं। खासतौर से आज के वक्त में ये अहम हैं क्योंकि दुनियाभर में तनाव बढ़ रहा है। सैलोम के बारे में तो ये भी दावा है कि पूर्व में कुछ मौकों पर उनकी भविष्यवाणियां सच साबित हुई हैं, जिससे उनको लोकप्रियता मिली। recent visitors 128

प्रधानमंत्री मोदी 25 दिसंबर को मप्र में केन-बेतवा नदी जोड़ो project की आधारशिला रखेंगे

भोपाल  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बृहस्पतिवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती मौके पर मध्यप्रदेश में केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना की आधारशिला रखेंगे।  यादव ने कहा, "देश की नदियों के जल संसाधनों को बढ़ाने के लिए नदियों को जोड़ने का सपना देखने वाले पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 100वीं जयंती पर प्रधानमंत्री मोदी 25 दिसंबर को मप्र के छतरपुर जिले में महत्वाकांक्षी केन-बेतवा राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना की आधारशिला रखेंगे।" इन जिलों को मिलेगा लाभ उन्होंने कहा कि केन और बेतवा नदियों को जोड़ने की परियोजना से राज्य के छतरपुर, पन्ना, टीकमगढ़, निवाड़ी, दमोह, शिवपुरी, दतिया, रायसेन, विदिशा और सागर जिलों को लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे मध्यप्रदेश (8.11 लाख हेक्टेयर) और उत्तर प्रदेश (2.51 लाख हेक्टेयर) में फैले बुंदेलखंड क्षेत्र में 10.62 लाख हेक्टेयर में सिंचाई के लिए पानी मिलेगा, साथ ही मध्यप्रदेश में 41 लाख और उत्तर प्रदेश में 21 लाख लोगों को पीने का पानी मिलेगा। यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ने पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजना को भी लागू करने का फैसला किया है, जिससे राज्य के गुना, शिवपुरी, सीहोर, देवास, राजगढ़, उज्जैन, आगर-मालवा, इंदौर, शाजापुर, मंदसौर और मुरैना जिलों को लाभ मिलेगा। यादव ने कहा कि इस परियोजना से मध्यप्रदेश में 6.13 लाख हेक्टेयर में सिंचाई के लिए पानी मिलेगा और प्रधानमंत्री मोदी 17 दिसंबर को जयपुर में इसकी आधारशिला रखेंगे। यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश 2025 को 'उद्योग वर्ष' के रूप में मनाएगा और मोदी 24-25 फरवरी को भोपाल में आयोजित होने वाले वैश्विक निवेशक सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। उन्होंने कहा कि निवेशकों के सम्मेलन से पहले राज्य सरकार मध्यप्रदेश में क्षेत्रीय उद्योग सम्मेलन आयोजित कर रही है और राज्य तथा विदेश में रोड शो तथा सम्मेलन आयोजित कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन संयुक्त प्रयासों के कारण राज्य को चार लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे तीन लाख रोजगार सृजित होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में भाजपा सरकार के एक वर्ष पूरे होने पर उनके प्रशासन के विकास कार्यों को उजागर करने तथा अधिक पात्र लोगों को कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए दो कार्यक्रम शुरू किए गए हैं। दिसंबर और जनवरी में 'जनकल्याण पर्व' तथा 'मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान' चलाया जाएगा। दिसंबर में कई परियोजनाओं का लोकार्पण मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य की लोकप्रिय 'लाडली बहना' योजना के तहत 1.29 करोड़ महिलाओं को 19,212 करोड़ रुपये दिए गए हैं। सरकार ने 1,450 किलोमीटर लंबे 'राम वन गमन पथ' के अलावा भगवान कृष्ण से जुड़े सभी स्थानों को जोड़कर 'श्रीकृष्ण पथ' विकसित करने का भी फैसला किया है, जिसमें संदीपनी आश्रम, नारायण गांव, उज्जैन, जानापाव (इंदौर) और अमझेरा (धार) शामिल हैं। कार्यक्रम को मध्यप्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा और उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ला ने भी संबोधित किया। recent visitors 62

जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा- बांधों की सुरक्षा संबंधी कार्यशाला का शुभारंभ

भोपाल जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने कहा है कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेई के नदी जोड़ो का सपना प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश में साकार हो रहा है। प्रदेश की दो अत्यंत महत्वाकांक्षी सिंचाई परियोजनाओं केन-बेतवा तथा पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजनाओं के कार्य का शुभारंभ शीघ्र ही प्रधानमंत्री श्री मोदी करने वाले हैं। यह मध्यप्रदेश ही नहीं पूरे देश के लिए सौभाग्य का विषय है। हम सिंचाई के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल करने वाले हैं। हमारे प्रदेश की वर्तमान सिंचाई क्षमता 50 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गई है। हमने इसे वर्ष 2025-26 तक 65 लाख हेक्टेयर और वर्ष 2028 तक एक करोड़ हेक्टेयर तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। हम इस दिशा में तेज गति से काम भी कर रहे हैं। जल संसाधन मंत्री श्री सिलावट ने होटल मैरियट में बांधों की सुरक्षा संबंधी दो दिवसीय कार्यशाला "रीजनल वर्कशॉप ऑन रैपिड रिस्क स्क्रीनिंग ऑफ डैम्स" का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने बांधों की सुरक्षा के लिए वेब आधारित "रैपिड रिस्क एसेसमेंट टूल" भी लॉन्च किया। जल कलश से जल प्रवाहित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यशाला में जल शक्ति मंत्रालय भारत सरकार के संयुक्त सचिव श्री आनंद मोहन, मध्यप्रदेश सहित पांच राज्यों महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के विषय विशेषज्ञ एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। जल संसाधन मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि राष्ट्र का विकास किसानों के विकास में निहित है और किसानों के लिए सिंचाई सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। हमारे राज्य में 6314 छोटे और बड़े बांध हैं। ये बांध हमारे किसानों, नागरिकों और उद्योगों की रीढ़ हैं। पुराने हो चुके इन बांधों का नियमित "चेकअप" करना आवश्यक है, इसीलिये 30 दिसंबर 2021 को देश में "बांध सुरक्षा अधिनियम" लागू किया गया। इसमें मध्यप्रदेश के 1361 बांधों को चिन्हित किया गया है। इनमें से 50 बांध 100 साल से अधिक पुराने हैं, जबकि 90% बांध ढाई दशक पुराने हो चुके हैं। इन सभी का नियमित रखरखाव और सुरक्षा उपाय आवश्यक हैं। चिन्हित बांधों में से 500 से अधिक की प्रथम स्तरीय रैपिड स्क्रीनिंग हो चुकी है। जून 2025 तक सभी बांधों का मूल्यांकन पूरा कर लिया जाएगा। यह अन्य राज्यों के लिए भी अनुकरणीय उदाहरण है। मध्यप्रदेश में 27 बांधों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ड्रिप परियोजना-2 के तहत 551 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति सरकार द्वारा प्रदान की गई है। भारत सरकार जल मंत्रालय की सचिव सुश्री देवाश्री मुखर्जी ने कहा कि मौसम परिवर्तन के साथ बांधों की सुरक्षा और भी महत्वपूर्ण हो गई है। वैज्ञानिक तरीके से सभी बांधों की सुरक्षा जरूरी है। इसके लिए हर वर्ष बारिश के पहले और बाद में बांधों का निरीक्षण और रिस्क असेसमेंट आवश्यक है। इसके लिए शुक्रवार को ऑनलाइन टूल भी लॉन्च किया गया है। डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव जल संसाधन विभाग ने कहा कि मध्य प्रदेश में बांधों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। इसके लिए निरंतर निरीक्षण और रखरखाव किया जा रहा है। यह निरंतर सतर्कता का ही परिणाम है कि प्रदेश के एक बड़े बांध "कारम बांध" को समय से खाली करा लिया गया, जिससे बड़ी दुर्घटना टल गई। राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री अनिल जैन ने कहा कि बांधों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए देश में "राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण" का गठन किया गया। भारत में कुल 6.5 हजार बांध हैं, जिनकी निरंतर चौकसी और सुरक्षा के इंतजाम किए जाते हैं। इसके लिए रैपिड रिस्क स्क्रीनिंग प्रणाली विकसित की गई है।   recent visitors 100

हमारी सरकार किसान-पशुपालक के कल्याण के लिए कृतसंकल्पित होकर काम कर रही है: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

अजमेर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि हमारा अन्नदाता किसान धरती माता का सच्चा सपूत है। जब किसान खुशहाल समृद्ध होगा तभी विकसित राजस्थान का सपना साकार होगा। हमारी सरकार किसान-पशुपालक के कल्याण के लिए कृतसंकल्पित होकर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के एक साल पूरे होने के उपलक्ष्य में प्रदेश के किसानों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए हमने आज किसान सम्मेलन आयोजित किया है। उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि जब भी किसानों के हित की बात आएगी, राज्य सरकार सदैव आपके साथ खड़ी मिलेगी। मुख्यमंत्री शर्मा राज्य सरकार की पहली वर्षगांठ के उपलक्ष्य पर ‘निभाई जिम्मेदारी-हर घर खुशहाली’ की थीम पर आयोजित हो रहे कार्यक्रमों के क्रम में शुक्रवार को अजमेर में आयोजित राज्यस्तरीय किसान सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मैं खुद एक किसान परिवार में जन्मा हूं। मैंने हल चलाया है और खेती का सारा काम किया है। मैं किसानों के दर्द को भली भांति समझता हूं। इसीलिए हमारी सरकार ने 2027 तक किसानों को दिन में बिजली देने का लक्ष्य तय किया है। प्रधानमंत्री के लिए किसानों का हित सबसे पहली प्राथमिकता शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए किसानों का हित सबसे पहली प्राथमिकता है। उनके मन में किसानों का भला करने की अद्भुत इच्छाशक्ति और संकल्प है। प्रधानमंत्री ने महान किसान नेता चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न से सम्मानित किया है, जो ये दर्शाता है कि वे किसानों के प्रति कितना सम्मान रखते हैं। श्री शर्मा ने किसानों को किसान दिवस (23 दिसम्बर) की बधाई देते हुए पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी ने ही किसान दिवस मनाने की शुरुआत की थी।   ईआरसीपी-ताजेवाला से किसानों को मिलेगा पर्याप्त पानी मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान की पीड़ा और आकांक्षाओं को समझते हुए पिछले एक साल में राज्य सरकार ने किसान हित में अनेक फैसले लिए हैं। हमने ईआरसीपी परियोजना का एमओयू कर इस पर तेजी से काम शुरू कर दिया है। शेखावाटी क्षेत्र में भी पानी की कमी को पूरा करने के लिए ताजेवाला से यमुना का पानी लाने के लिए लंबे समय से लंबित एमओयू पर भी हस्ताक्षर किए हैं। हमारी सरकार अनेक अन्य महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाओं पर एक साथ काम कर रही है। जिससे राज्य के किसानों की पैदावार बढ़ सके। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही धौलपुर लिफ्ट परियोजना का भी शुभारंभ किया जाएगा। साथ ही, भूजल के रीचार्ज के लिए प्रवासी राजस्थानी के सहयोग से भी एक नए कार्यक्रम ‘कर्मभूमि से मातृभूमि’ की शुरुआत की जा रही है। किसान के सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार ले रही लगातार निर्णय शर्मा ने कहा कि राइजिंग समिट के दौरान कृषि क्षेत्र में 58 हजार करोड़ रुपये निवेश के ढाई हजार से अधिक एमओयू किए हैं। हमारी सरकार द्वारा 30 लाख किसानों को 20 हजार करोड़ रूपये का अल्पकालीन फसली ऋण का वितरण, 8 लाख मृदा स्वास्थ्य कार्ड, 26 हजार सोलर संयंत्रों की स्थापना, 31 स्थानों पर फूड पार्क के लिए भूमि आवंटन, 536 मोबाइल पशु चिकित्सा वाहन, गेहूं, मूंग, मूंगफली तथा सरसों की समर्थन मूल्य पर खरीद, पीएम किसान समृद्धि केन्द्र की स्थापना जैसे निर्णय किए गए हैं। जिससे खुशहाल किसान, समृद्ध किसान के संकल्प को पूरा किया जा सकेगा। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चार जातियां बताई हैं, जो कि गरीब, किसान, युवा और महिला है। राज्य सरकार प्रदेश के किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि अन्नदाता बदलते समय के साथ खेती-किसानी में नवीन तकनीक को अपनाएं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में श्रीअन्न को बढ़ावा देने की अभिनव पहल की गई है, श्रीअन्न के तहत आने वाली मोटे अनाज की फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने में राजस्थान आगे है। उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राइजिंग राजस्थान का सफल आयोजन हुआ है, जिसमें 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू हुए हैं। अजमेर जिले में भी विकास को गति प्रदान करने के लिए 14000 हजार करोड़ रुपये के एमओयू साइन किए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार एक-एक कर सभी संकल्पों को पूरा कर रही है। बजट घोषणाएं भी धरातल पर साकार हो रही हैं। जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री के दूरदर्शी विजन और प्रदेश के आमजन एवं किसानों की खुशहाली के लिए किए जा रहे प्रयासों से ईआरसीपी योजना एवं अन्य महत्वपूर्ण जल योजनाएं साकार होने जा रही है। किसान आयोग अध्यक्ष श्री सी.आर. चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने राजस्थान के किसानों का सम्मान बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि की सौगात दी है। किसानों की पानी और बिजली की जरूरत को पूरा करने के लिए मजबूत फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री ने किसान कल्याणकारी योजनाओं में किसानों को दिया आर्थिक संबल कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के 70 लाख से अधिक किसानों के बैंक खातों में मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि की दूसरी किश्त के रूप में 700 करोड़ से अधिक की राशि का सीधा हस्तान्तरण किया। वहीं, 15 हजार 983 किसानों को ड्रिप/फव्वारा संयंत्रों के लिए 29 करोड़ रूपये से अधिक, 14 हजार 200 से अधिक किसानों को फार्म पौण्ड, पाइपलाइन, तारबन्दी, डिग्गी निर्माण, कृषि यंत्र, जैविक खाद सहित विभिन्न कार्यों के लिए 96 करोड़ से अधिक की राशि व 8 हजार सोलर पंप स्थापना संवेदन के 80 करोड़ रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की। recent visitors 70