एक साल विश्वास का साल रहा है, पिछली कांग्रेस सरकार में विश्वास का संकट था: मुख्यमंत्री साय

रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपने मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ प्रेस कॉफेंस कर रहे हैं. सीएम साय न्यू सर्किट हाउस, सिविल लाइंस, रायपुर के कन्वेंशन हाल से संबोधित कर रहे हैं. मुख्यमंत्री साय ने कहा सरकार के एक साल कल पूरे हो रहे है. एक साल विकास के लिए समर्पित रहा है. ये एक साल विश्वास का साल रहा है. पिछली कांग्रेस सरकार में विश्वास का संकट था. मोदी की गारंटी कांग्रेस ने वादाखिलाफी कर लोगों से धोखा किया था. 2023 के चुनाव में लोगों ने मोदी की गारंटी पर विश्वास किया, हमने एक साल में मोदी की गारंटी को पूरा किया और सुशासन लाया, भ्रष्टाचारियों को दंडित भी किया जा रहा है.  अटल बिहारी वाजपेयी के सुशासन के सपने को साकार करने की कोशिश हम कर रहे हैं. इसी को पुराणों में रामराज्य कहा गया है. 18 लाख आवास की स्वीकृति रायपुर किसानों से किया वादा हमने पूरा किया है. किसानों को दो साल का बकाया बोनस भी दिया है. 70 लाख महिलाओं को महतारी वंदन योजना के तहत 1000 रुपये प्रति महीने दे रहे हैं. वादे के मुताबिक 18 लाख आवास की स्वीकृति भी मिली और अब आवास में गृहप्रवेश भी करवा रहे है. तेंदूपत्ता का मूल्य भी बढ़ाया गया. नयी रोजगार परक शिक्षा नीति भी लाए हैं. सीजी पीएससी के दोषी भी दंडित हो रहे है. इस बार के रिज़ल्ट में पीएससी में पारदर्शिता की तारीफ करने अभिभावक मिलने आये थे. recent visitors 53

एमसीयू में छात्र संघ की राजनीति विवाद: एनएसयूआई के विरोध के बाद ABVP ने लगाए पोस्टर

भोपाल मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय में छात्र संघ की राजनीति का विवाद गहरा गया है। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन(NSUI) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के बीच विवाद बढ़ गया है। दोनों छात्र संगठनों का विरोध प्रदर्शन जारी है। एक तरह से माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय परिसर छात्र राजनीति का अखाड़ा बन गया है। दरअसल एनएसयूआई (NSUI) के विरोध के बाद एबीवीपी (ABVP) के बीच पोस्टर वॉर शुरू हो गया है। विश्वविद्यालय में लगे पोस्टर के फोटो वायरल हुआ है। वायरल फोटो में लिखा है Dogs & Nsui Goons Not Allowed। मामले को लेकर एनएसयूआई के एमसीयू प्रभारी तनय शर्मा बोले- एक तरफ सरकार अपने 1 साल का जश्न मना रही है और वहीं माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय परिसर में अंग्रेजों का शासन कायम नजर आ रहा है। सरकार से अपील है भेदभाव करने वाले विश्वविद्यालय के अधिकारियों के खिलाफ करवाई हो। एबीवीपी की इकाई गठन कार्यक्रम में महत्पूर्ण पदों पर बैठे विश्वविद्यालय के अधिकारीयों का शामिल होना भेदभाव दर्शाता है और चिंताजनक है। recent visitors 46

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा योग मनोयोग से होता है, सहयोग से नहीं, योग के मार्ग पर सभी को चलना चाहिए, योग हमारे जीवन की दिशा बदलता है

उज्जैन मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार सुबह योग ऋषि स्वामी रामदेव महाराज के शिष्य डॉ. स्वामी परमार्थ देव महाराज के सानिध्य में नागझिरी चौराहा स्थित होमगार्ड मैदान में निशुल्क (इंटीग्रेटेड) योग शिविर में भाग लेकर योगाभ्यास किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि योग मनोयोग से होता है, सहयोग से नहीं। योग के मार्ग पर सभी को चलना चाहिए। योग हमारे जीवन की दिशा बदलता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने योग के बाद संबोधित करते हुए कहा कि उज्जैन के निवासी बड़े भाग्यशाली हैं, जो भगवान श्री महाकाल और भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा स्थली में रहते हैं। परमात्मा ने हमें जो यह मनुष्य देह दी है, उसका संरक्षण करना आवश्यक है। हमारे देश में प्राचीन काल से योग का बड़ा महत्व रहा है। बाबा रामदेव ने योग को न केवल भारत में बल्कि विदेशों तक प्रसिद्ध किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 21 जून को योग दिवस और 21 दिसंबर को ध्यान दिवस मनाया जाएगा, जो उत्तरायण और दक्षिणायन के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण तिथियां हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के भौतिकवाद के साथ-साथ प्राचीन विरासत को सहेजते हुए विकास की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि होमगार्ड के मैदान से सरकार का एक वर्ष पूरा हो रहा है। प्रदेश के विकास के साथ-साथ उज्जैन का भी निरंतर विकास हो रहा है। योग करने से कुविचार और कुरीतियां समाप्त होती हैं। विधाता ने जन्म दिया है, तो मृत्यु का समय भी निर्धारित किया है। इसलिए हमें अच्छे कार्यों पर ध्यान देना चाहिए। कार्यक्रम में होमगार्ड के कमांडेंट संतोष कुमार जाट ने मुख्यमंत्री से सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए होमगार्ड में नई भर्ती और होमगार्ड के लिए नए स्थान की आवश्यकता की मांग की। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया और जिला प्रशासन को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने होमगार्ड के जवानों के सेवा कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि न्यूनतम साधनों के बावजूद बेहतर कार्य किया जा रहा है। सभी समस्याओं का समाधान किया जाएगा।   recent visitors 53

श्रीकृष्ण का जीवन प्रशासनिक दक्षता का श्रेष्ठ उदाहरण है – मुख्यमंत्री डॉ.यादव

शिक्षा की परंपरा से प्रदेश व उज्जैन का बहुत पुराना नाता है- मुख्यमंत्री डॉ.यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव कालिदास अकादमी में अंतराष्ट्रीय गीता महोत्सव में शामिल हुए श्रीकृष्ण का जीवन प्रशासनिक दक्षता का श्रेष्ठ उदाहरण है – मुख्यमंत्री डॉ.यादव इस्कॉन का प्रचार रथ संपूर्ण भारतवर्ष में करेगा श्रीमदभगवद् गीता का प्रचार भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन, जो सदा से ही धार्मिक और आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बिन्दु है, आज श्रीमद्भगवद्गीता के पाठ से और अधिक भव्य, दिव्य और ऊर्जामयी लग रही है। अर्जुन को माध्यम बनाकर मुक्ति के तीनों मार्गों – भक्तियोग, ज्ञानयोग और कर्मयोग की गूढ़ता को स्पष्ट रूप से समझाने के लिए मोक्षदा एकादशी के दिन ही कुरूक्षेत्र में भगवान श्रीकृष्ण ने अपना विराट स्वरूप प्रकट किया था और श्रीमद्भगवद्गीता के रूप में ज्ञान का संदेश दिया। वेदों का सार उपनिषदों में है और उपनिषदों का निचोड़ श्रीमदभगवद्गीता में है। इस लिहाज से विश्व की प्राचीनतम और समृद्धतम आध्यात्मिक ज्ञानकोष का क्रैशकोर्स है श्रीमदभगवद्गीता। आजकल धर्म का अर्थ केवल पूजा-पद्धति से जोड़ा जाता है, लेकिन सनातन संस्कृति में धर्म का वास्तविक अर्थ था आदर्श आचरण संहिता। श्रीमद्भगवद्गीता जीवन जीने के उसी आदर्श आचरण का प्रकटीकरण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को उज्जैन में अन्तर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा भगवान श्रीकृष्ण का मध्यप्रदेश व उज्जैन से गहरा नाता है। भगवान श्रीकृष्ण ने कंस वध के बाद महाराजा उग्रसेन को पुन: राजा बनाया और स्वयं उज्जैन के सांदीपनी आश्रम में आकर 64 कलाओं की शिक्षा प्राप्त की। यह मनुष्य के जीवन में शिक्षा के महत्व को दर्शाती है और शिक्षा की सनातन परंपरा से मध्यप्रदेश व उज्जैन का गहरा नाता जोड़ती है। महाभारत युद्ध में भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी नारायणी सेना कौरवों को दी और स्वयं पाण्डवों के पक्ष में रहे। भगवान श्रीकृष्ण की नारायणी सेना इतनी अनुशासित थी कि उसके सैनिकों ने युद्ध भूमि से पलायन नहीं किया और अंत तक युद्ध में डटे रहे। भगवान श्रीकृष्ण के मुखारविंद से निकली श्रीमद्भगवद् गीता से कर्मयोग की शिक्षा प्राप्त होती है। भारत ही नहीं सम्पूर्ण विश्व में लोग गीता की शिक्षा का अनुसरण कर रहे हैं। श्रीमद्भगवद् गीता प्राणियों के जीवन में शांति, सहनशीलता, न्यायोचित, आदर्श जीवन मूल्य, मर्यादा का संदेश देती है। इसी कारण सनातन संस्कृति हजारों वर्ष के बाद भी अपने सम्पूर्ण गौरव के साथ विद्यमान है। गीता के संदेश से मानव मात्र के कल्याण के लिए अपने जीवन का क्षण-क्षण समर्पित कर देने की प्रेरणा मिलती है। चाहे आप छात्र हों, गृहिणी हों, व्यवसायी हों, नौकरीपेशा हों, या अधिकारी हों, चाहे आप हिन्दू हों, बौद्ध, जैन, सिख, ईसाई या मुस्लिम हों, श्रीमद्भगवद्गीता आपको अपने-अपने क्षेत्र में, अपने-अपने पंथ में रहते हुए बेहतर प्रोफेशनल, बेहतर पिता, बेहतर पुत्र, बेहतर नागरिक और बेहतर नेतृत्वकर्ता बनने का मार्गदर्शन करेगी। इसलिए जीवन में लक्ष्य पाने के लिए हम सभी को श्रीमदभगवद् गीता का दिव्य पाठ करना चाहिए। गीता का ज्ञान सभी के लिए है, गीता साक्षात देववाणी है, गीता दिव्यवाणी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज भोपाल में भगवत भक्तों ने गीता पाठ कर एक अनूठा विश्व रिकार्ड बनाया है। हम मध्यप्रदेश में गीता जी को पाठ्यक्रम में भी सम्मिलित कर रहे हैं। श्रीमदभगवद गीता पर आधारित स्कूली छात्रों की प्रतियोगिता में 45 लाख से अधिक बच्चों ने भाग लिया व पुरस्कार जीतें। श्रीकृष्ण पाथेय अंतर्गत जहां भगवान कृष्ण के चरण पड़े वहां बनेंगे तीर्थ प्रदेश में कृष्ण पाथेय का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें अंतर्गत प्रदेश में विद्यमान भगवान श्रीकृष्ण से संबंधित सभी स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित किया जाएगा। राज्य शासन द्वारा प्रदेश में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का आयोजन धूमधाम से किया गया। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर शैक्षणिक संस्थाओं में भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से संबंधित विभिन्न प्रसंगों पर शैक्षिक कार्यक्रम आयोजित हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अकादमी परिसर में 'श्रीमद्भागवत पुराण' की पहाड़ी शैली में निर्मित चंबा के कलाकार विजय शर्मा की चित्र प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने इस्कॉन मंदिर के श्रीमद्भगवद गीता प्रचार रथ को पूजा-अर्चना कर रवाना किया। यह प्रचार रथ संपूर्ण भारत में श्रीमदभगवद् गीता का प्रचार करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रीमदभगवद् गीता एवं मूल्य आधारित शिक्षा पर आयोजित छात्रों की प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार दिए। पुरस्कार वितरण कर मुख्यमंत्री डॉ यादव ने क्रिस मार्टिन से चर्चा कर प्रथम आने पर शुभकामनाएं प्रेषित की। क्रिस मार्टिन ने बताया कि वह ईसाई परिवार से संबंध रखने के बावजूद श्रीमदभगवद् गीता अध्ययन करते हैं एवं उसका सम्मान करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गणेश गीता, श्रीराम गीता, श्रीदेवी गीता, श्रीशिव गीता, श्रीयम गीता, भारतीय ज्ञान परंपरा, समय का भारतीयकरण पुस्तकों का विमोचन किया। सम्राट विक्रमादित्य शोध पीठ के निदेशक श्रीराम तिवारी द्वारा स्वागत भाषण देकर अतिथियों का स्वागत किया गया। राजेश कुशवाह द्वारा कार्यक्रम का आभार माना गया। इस अवसर पर विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, महापौर मुकेश टटवाल, महामंडलेश्वर स्वामी अनंतपूर्ण गिरी जी महाराज, परम पूज्य भक्तिप्रेम स्वामी महाराज, स्वामी रंगनाथाचार्य महाराज, रामनाथ महाराज उपस्थित थे।   recent visitors 50

लेपा में आयोजित ग्रामीण प्रौद्योगिकी राष्ट्रीय सम्मेलन के समापन कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों पर चलकर ही गांवों का विकास हो सकता है। भगवान श्रीकृष्ण ने गौपालन को प्रोत्साहन दिया था और गौधन के बगैर खेती का कार्य संभव नहीं है। गौपालन हमारी पुरातन संस्कृति रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार को खरगोन जिले की कसरावद तहसील के ग्राम लेपा में निमाड़ अभ्युदय संस्थान द्वारा आयोजित तीन दिवसीय ग्रामीण प्रौद्योगिकी राष्ट्रीय सम्मेलन के समापन कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने माकड़खेड़ा से पीपलगोन रोड पर टिगरियाव से बम्हनगांव के बीच वेदा नदी पर पुल बनाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निमाड़ अभ्युदय संस्थान द्वारा आयोजित ग्रामीण प्रौद्योगिकी सम्मेलन की सराहना करते हुए कहा कि तीन दिनों के अमृत मंथन से निकले विचार गांवों में ग्रामीण तकनीक के विकास को प्रोत्साहित करेंगे और इसे गांवों में नियोजित करेंगे। इस संस्थान की संचालक भारती दीदी द्वारा 19 वर्ष पहले शिक्षा का जो पौधा रोपा गया था, वह आज वट वृक्ष बन गया है। ऐसे संस्थान को आगे आकर काम करने की जरूरत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ग्रामीण तकनीक को बढ़ावा देने के पक्षधर रहे हैं। विश्व के 200 से ज्यादा देशों की व्यवस्थाओं में उथल-पुथल हो रही है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व के कारण भारत की पताका और ऊंची होती जा रही है। हमारा देश विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। इतना ही नहीं हमारा देश विश्व की सबसे अधिक आबादी और सबसे अधिक युवाओं वाला देश भी है। आज हमारे देश का स्वर्णिम काल है। आर्थिक रूप से संपन्न ब्रिटेन को पीछे छोड़कर भारत विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संत सियाराम बाबा ने गीता जयंती के दिन सूर्योदय के समय देह का त्याग किया है। संत सियाराम बाबा का हम सब पर सदैव आशीर्वाद बना रहे, ऐसी कामना करते हैं। इस अवसर पर सांसद गजेंद्र सिंह पटेल, विधायक सचिन यादव, सचिन बिरला, राजकुमार मेव, बालकृष्ण पाटीदार, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती अनुबाई तंवर, हितानंद शर्मा, संस्थान की अध्यक्ष ललिता देशपांडे, संचालक भारती दीदी, मुंबई के उद्योगपति मौलिक शाह एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।   recent visitors 48

इंदौर-खंडवा हाईवे 70% बन चुका, 30 फीसद निर्माण बाकी, एनएचएआइ डेडलाइन बढ़ाने की तैयारी की तैयारी में

 इंदौर  इंदौर-खंडवा-एदलाबाद राजमार्ग का निर्माण पूरी होने की मियाद जनवरी में खत्म होगी, लेकिन अभी तक सुरंग और सड़क का काम पूरा नहीं हुआ है। लगभग तीस फीसद काम होना बाकी है। अब इसके लिए प्रोजेक्ट की डेडलाइन बढ़ाने पर विचार होने लगा है। निर्माण एजेंसी की तरफ से प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने फाइल को मुख्यालय भेजा है। अधिकारियों के मुताबिक तीन से छह महीने की अवधि बढ़ाई जाएगी। वैसे काम तेज करने के लिए निर्माण एजेंसी को निर्देश जारी कर दिए है। जनवरी 2025 तक इसे पूरा किया जाना था 216 किमी लंबे राजमार्ग का काम अगस्त 2022 में शुरू किया गया। प्रोजेक्ट को जनवरी 2025 तक पूरा होना था। जमीन अधिग्रहण, सुरंग व अप्रोच रोड निर्माण के दौरान ग्रामीणों से विवाद, दो से तीन बार प्रोजेक्ट में बदलाव ने निर्माण कार्यों गति धीमी कर दी। इधर भवरकुआं से लेकर तेजाजी के बीच सड़क का हिस्सा बन चुका है। इन दिनों तेजाजी से सिमरोल के बीच सड़क, अंडरपास, फ्लाइओवर का काम किया जा रहा है। भेरूघाट के पास जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया बाकी उमरीखेडा वनक्षेत्र से 0.80 हेक्टेयर जमीन की प्रक्रिया अक्टूबर में पूरी हुई है। इतने हिस्से में सड़क अधूरी हो, जो नवंबर से बनाना शुरू की है। इसके अलावा भेरूघाट के पास 800 मीटर जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया होना बाकी है। जमीन के बदले किसानों को मुआवजा दिया जाना है। यह काम जनवरी तक होगा। सिमरोल से चोरल के बीच भी सड़क पूरी नहीं हो पाई है। जबकि चोरल और बड़वाह के बीच भी कुछ हिस्सों में काम रुका है। फिलहाल मेघा इंजीनियरिंग की तरफ से मियाद बढ़ाने पर जोर दिया है। सुरंग फरवरी तक होगी पूरी राजमार्ग पर तीन सुरंग बनाई जाएगी, जो तलाई-भेरुघाट और चोरल में 1300 मीटर की रखी है। सुरंग की अप्रोच फरवरी तक पूरी होगी। साथ ही सुरंग के भीतर भी काफी काम बचा हुआ है। अधिकारियों के मुताबिक अक्टूबर में अप्रोच रोड के लिए ब्लास्टिंग करने पर विवाद हुआ था। उसके बाद महीनेभर सुरंग के आसपास का काम बंद था। इसका असर प्रोजेक्ट की अवधि पर पड़ा है। वैसे अप्रोच के लिए माउंट ड्रील मशीन बुलवाई है। इससे खोदाई करने पर एजेंसी को तीन से चार महीने का अतिरिक्त समय लग रहा है। मार्च तक देंगे मोहलत     इंदौर-खंडवा राजमार्ग की डेडलाइन नजदीक आ चुकी है। निश्चित ही प्रोजेक्ट पूरा करने के लिए अवधि बढ़ाना पड़ेगी। इसके लिए प्रक्रिया चल रही है। फाइल को मुख्यालय भेजा गया है। –     सुमेश बांझल, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई   recent visitors 182

मध्य प्रदेश में जिलों की संख्या बढ़ी, प्रशासनिक इकाई सुधार आयोग का भी गठन किया गया, पहली बार बड़े अधिकारियों पर कार्रवाई हुई

 भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सुशासन का मंत्र है- आम आदमी के काम सरलता से हो। पात्रों को योजनाओं का लाभ मिले। मोहन यादव सरकार ने कई नवाचार किए। यही वजह है कि वर्ष में सुशासन के प्रयासों से जनविश्वास जागा है। मुख्यमंत्री ने स्वयं संभागीय मुख्यालयों पर जाकर विकास योजनाओं की समीक्षा की। पहली बार अपर मुख्य सचिव और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक को संभागीय प्रभारी बनाकर भेजा तो वरिष्ठ अधिकारियों पर कार्रवाई कर यह संकेत भी दिए कि सुशासन से कोई समझौता नहीं होगा। कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, एसडीएम सहित अन्य अधिकारियों को मैदान में उतारा तो नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन सहित राजस्व से जुड़े मामलों का निराकरण कराने महाअभियान चलाया। 80 लाख मामलों का हुआ निराकरण ग्रामीण क्षेत्रों में राजस्व से जुड़े प्रकरण बड़ी संख्या में सामने आते हैं। लाखों प्रकरण लंबित थे। इसके निराकरण के लिए पहला महाअभियान 15 जनवरी से 15 मार्च तक चलाया, जिसमें 30 लाख राजस्व मामलों का निपटारा हुआ। दूसरा महाअभियान 18 जुलाई से 31 अगस्त तक चला, जिसमें 50 लाख राजस्व मामलों का निपटारा हुआ। इनमें 18 लाख 95 हजार 239 नामांतरण प्रकरणों का निराकरण किया। सीमाओं का होगा पुनर्निधारण प्रदेश में जिलों की संख्या बढ़कर 55 हो गई है। नए जिलों की मांग भी है। तहसील के पुनर्गठन के प्रस्ताव भी मिल रहे हैं। कई कस्बे अव्यावहारिक रूप से उन जिलों में शामिल हैं, जिनका मुख्यालय दूर है। इससे जहां आमजन को परेशानी होती है, वहीं, प्रशासनिक नियंत्रण में परेशानी आती है। प्रशासनिक इकाई सुधार आयोग का भी गठन किया गया। अधिकारियों को दिया कड़ा संदेश सामान्यत: जब भी कोई दुर्घटना होती है तो छोटे अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराते हुए उन पर कार्रवाई कर दी जाती है। प्रदेश की मोहन सरकार में पहली बार छोटे नहीं बड़े अधिकारियों पर गाज गिरी। मुख्यमंत्री ने गुना बस हादसे में 13 लोगों के निधन पर कड़ी कार्रवाई करते हुए परिवहन आयुक्त, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को हटाया। इसी तरह ट्रांसपोर्टर की देशव्यापी हड़ताल के दौरान शाजापुर में ट्रक ड्रायवर को औकात दिखाने की बात कहने वाले कलेक्टर को भी हटाया गया। व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए कि सरकारी दफ्तरों में चक्कर लगाना ना पड़े     आमजन को सुविधा देने के लिए जो नवाचार किए गए हैं, वे तो अच्छे हैं पर प्रक्रियाओं का सरलीकरण आवश्यक है। जब तक यह नहीं होगा, आमजन परेशान होते रहेंगे। व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए कि लोगों को अपना काम कराने के लिए ऑफिसों के चक्कर ही न लगाने पड़ें। संभागों में कमिश्नर तैनात हैं तो उन्हें सशक्त बनाना चाहिए ताकि छोटे-मोटे कामों के लिए मंत्रालय तक प्रकरण ही न पहुंचें। अधिकारों का विकेंद्रीकरण हो और अधिकारी संवेदनशील रहें। – शरद चंद्र बेहार, पूर्व मुख्य सचिव   recent visitors 45