1500 वर्गफीट से अधिक के रहवासी संघ परिसर, औद्योगिक इकाई परिसर में कैमरों के माध्यम से सतत निगरानी की व्यवस्था की जाएगी

इंदौर इंदौर शहर की सभी औद्योगिक व रहवासी क्षेत्र तथा अस्पताल परिसरों में सीसीटीवी कैमरों के सर्विलांस से निगरानी व सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। इस संबंध में कलेक्टर ने रहवासी संघ, विभिन्न व्यापारी संगठनों, औद्योगिक इकाई, मार्केट संघ एवं अस्पताल प्रबंधकों की संयुक्त बैठक बुलाई। कैमरों के जरिए सतत निगरानी रखेंगे बैठक में निर्णय लिया गया कि 1500 वर्गफीट से अधिक के रहवासी संघ परिसर, औद्योगिक इकाई परिसर, 50 से अधिक लोगों की आवाजाही वाले स्थानों पर कैमरों के माध्यम से सतत निगरानी की व्यवस्था की जाएगी। जिस प्रकार इंदौर स्वच्छता में नंबर वन है, उसी प्रकार सुरक्षा के स्तर पर भी शहर को नंबर वन बनाना है। बैठक में निगम आयुक्त, स्मार्ट सिटी सीईओ सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। अस्पताल प्रबंधन की थाना प्रभारियों के साथ होगी बैठक बैठक में कलेक्टर ने सभी अस्पताल प्रबंधकों के साथ संबंधित क्षेत्र के थाना प्रभारियों की बैठक आयोजित करने के निर्देश भी दिए। बैठक में कलेक्टर ने पालदा, पोलो ग्राउंड औद्योगिक इकाई संगठनों के प्रतिनिधियों की समस्याओं को सुना और निराकरण संबंधित आवश्यक निर्देश अधिकारियों को दिए। कॉलोनियों में कैमरे लगाकर स्वच्छता के साथ विमानों की करेंगे पुख्ता सुरक्षा इंदौर एयरपोर्ट पर एक साल पहले तक विमान से पक्षी टकराने के 23 मामले सामने आए थे। इस बार अब तक महज नौ मामले ही आए। इन घटनाओं को रोकने के लिए एयरपोर्ट प्रबंधन के साथ नगर निगम व अन्य एजेंसियों ने भी प्रयास किए। इस पर पूर्ण रूप से रोक लगाने के लिए एयरपोर्ट प्रबंधन के साथ प्रशासन व निगम कठोर कदम उठाएगा। एयरपोर्ट के आसपास खुले में कचरा फेंकने से पक्षी आकर्षित होते हैं। ऐसे में अब नगर निगम एयरपोर्ट क्षेत्र के आसपास की कॉलोनियों में रहवासियों के माध्यम से खुले में कचरा फेंकने वालों की निगरानी करेगा। इससे कॉलोनियों की स्वच्छता के साथ विमानों व पक्षियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट पर विमानों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। वहीं आसपास कई कॉलोनियां विकसित होने के साथ पेड़ और धार्मिक स्थल भी हैं। ऐसे में यहां पर खुले में कचरा और खाने की सामग्री फेंकने से पक्षी आकर्षित होते हैं। यह पक्षी अक्सर विमानों से टकरा जाते हैं। गत वर्ष एयरपोर्ट पर 23 पक्षी टकराने की घटनाएं होने के बाद एयरपोर्ट प्रबंधन ने एयरपोर्ट के अंदर घास काटने के साथ ही खुले चैंबरों को भी बंद कराया। साइन बोर्ड लगाकर बांटे पर्चे एयरपोर्ट क्षेत्र में पक्षियों की आवाजाही कम करने के लिए बिजासन क्षेत्र के साथ चंदन नगर, फिरदौस नगर सहित सात कॉलोनियों में पर्चे बांटे गए। लोगों को जागरूक करने के लिए बिजासन क्षेत्र में साइन बोर्ड लगाए गए। वहीं नैनोद ग्राम पंचायत को पत्र लिखकर नियमित सफाई करवाई गई। बिजासन पर भोजन भंडारे के बाद वेस्ट को तुरंत हटाया गया। recent visitors 56

पधरावनी के नाम पर हो रहा भक्तों के साथ धोखा, कुछ लोगों ने बनवा ली है महाकाल के मुखारविंद की प्रतिकृति

उज्जैन महाकाल मंदिर के पुजारियों ने मंंदिर प्रबंध समिति से भगवान महाकाल के मुखारविंदों का पेटेंट कराने की मांग की है। पुजारी का कहना है कि कुछ लोगों ने भगवान महाकाल के मुखारविंदों की प्रतिकृति बना ली है। यह लोग पधरावनी (घर पर आमंत्रित कर पूजा करना) के नाम पर देश भर में उनका प्रदर्शन कर रहे हैं। यह आचरण महाकाल मंदिर की धर्म परंपरा, मूर्तियों के महत्व तथा भक्तों की भावना के साथ खिलवाड़ है। पुजारियों की मांग है कि ऐसे लोगों के विरुद्ध धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज होना चाहिए। साथ ही ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति ना हो सके इसलिए मूर्तियों का पेटेंट करा लेना चाहिए। आस्था के नाम पर ऐसे हो रहा धोखा श्रावण-भादौ में महाकाल की सवारी निकाली जाती है। भगवान महाकाल चांदी की पालकी में चंद्रमौलेश्वर, हाथी पर मनमहेश, नंदी पर उमा महेश, गरुड़ पर शिव तांडव तथा होलकर, सप्तधान, जटाशंकर स्वरूप में दर्शन देने निकलते हैं। सवारी में शामिल होने के लिए देशभर से हजारों भक्त उमड़ते हैं। यह मुखारविंद धार्मिक व पौराणिक महत्व के होकर धातु से निर्मित है। कुछ स्थानीय व बाहर के लोगों ने मार्बल डस्ट व कुट्टी मिटी के मिश्रण से मुखारविंदों की प्रतिकृति बना ली है। यह लोग भक्तों को भ्रामक जानकारी देकर इन मूर्तियों को पधरावनी के नाम पर घर-घर लेजाकर प्रदर्शन करते हैं। पुजारियों का कहना है कि यह कृत्य मंदिर की परंपरा, मुखारविंदों के महत्व तथा भक्तों की भावना के साथ खिलवाड़ है। बांके बिहारी की मूर्ति मंदिर पहुंचने पर उठा मामला दो दिन पहले वृंदावन से कुछ लोग भगवान बांके बिहारी की मूर्ति लेकर उज्जैन आए थे। इस पर पं. महेश पुजारी ने बांके बिहारी मंदिर के पुजारियों से चर्चा की, पुजारियों ने बताया बांके बिहारी मंदिर की ऐसी कोई परंपरा नहीं है। इस पर मामले ने तूल पकड़ा और भगवान महाकाल के मुखारविंदों के प्रदर्शन की बात भी सामने आई। इस पर पुजारियों ने मंदिर प्रशासक से मूर्तियों का पेटेंट कराने की मांग रखी। recent visitors 46

महादेव ऐप घोटाला: शेयर ट्रेडिंग के जरिए काले धन को खपाता था गौरव केडिया

रायपुर महादेव ऐप घोटाला मामले में ईडी ने शेयर ब्रोकर गौरव कुमार केडिया को कोलकाता से गिरफ्तार किया है। गौरव केडिया पर आरोप है कि उसने महादेव ऐप घोटाले के आरोपियों की ब्लैक मनी को शेयर ट्रेडिंग के जरिए व्हाइट मनी में बदलने में मदद की। यह घोटाला काफी बड़ा है, जिसमें कई आरोपी शामिल हैं, और केडिया का नाम नितिन टिबरेवाल समेत कई अन्य आरोपियों के साथ जुड़ा हुआ है। वित्तीय धोखाधड़ी में शामिल केडिया गौरव कुमार केडिया को गिरफ्तार करने के बाद ईडी ने उसे कोर्ट में पेश किया। जहां विशेष कोर्ट ने उसे 5 दिन की रिमांड पर भेजने का आदेश दिया। इसके साथ ही, ईडी ने 14 दिन की कस्टोडियल रिमांड की भी मांग की है। ईडी के अनुसार, केडिया ने अवैध रूप से अर्जित धन को कानूनी रूप से मान्यता प्राप्त धन में बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस मामले में जांच जारी है और अन्य आरोपियों से भी पूछताछ की जा रही है। महादेव ऐप के माध्यम से वित्तीय धोखाधड़ी करने वाले अन्य लोगों को भी पकड़े जाने की संभावना है। ईडी की यह कार्रवाई महादेव ऐप से जुड़े वित्तीय अपराधों की जांच को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। recent visitors 104

16 दिसंबर को प्रदेश कांग्रेस कमेटी विधानसभा का घेराव कर रही है, यह घेराव अभी तक का कांग्रेस का सबसे बड़ा आंदोलन होगा

भोपाल 16 दिसंबर को मध्य प्रदेश की विधानसभा घेराव को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बैठक लेकर सभी को जिम्मेदारियां सौंप दी है उन्होंने कहा है कि हर ब्लॉक से कम से कम 20 चौपाइयां वहां आंदोलन में शामिल होने के लिए भोपाल पहुंचना चाहिए इसके अतिरिक्त विधायक पूर्व विधायक और जिला एवं शहर अध्यक्षों को अलग से जिम्मेदारी दी गई है. उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश की डॉक्टर मोहन यादव सरकार को 13 दिसंबर को 1 साल पूर्ण हो रहा है जबकि 16 दिसंबर को प्रदेश कांग्रेस कमेटी विधानसभा का घेराव कर रही है. प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी के मुताबिक यह घेराव अभी तक का कांग्रेस का सबसे बड़ा आंदोलन है. इसे लेकर प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बैठक ली. प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता मुकेश नायक के मुताबिक बैठक में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि सभी जीते हुए विधायक और हारे हुए उम्मीदवारों को विशेष रूप से कार्यकर्ताओं के साथ भोपाल पहुंचना है. इसके अलावा पार्षद पूर्व पार्षद, अध्यक्ष,ञपूर्व अध्यक्ष सहित सभी को ब्लॉक स्तर पर जिम्मेदारी दी गई है. यह भी कहा गया है कि आंदोलन को भी कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता अपना खुद का आंदोलन मानकर सफल बनाने की पूरी कोशिश करें. इसके लिए ब्लॉक स्तर पर बैठक भी करें. महिला कांग्रेस के साथ-साथ अन्य संगठनों से भी अपील प्रदेश के मीडिया प्रभारी मुकेश नायक के मुताबिक प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने महिला इकाई, एनएसयूआई, युवा कांग्रेस सहित कांग्रेस के अन्य सभी संगठनों से भी आंदोलन में भाग लेने की अपील बैठक के माध्यम से की है. इसमें स्पष्ट रूप से चेतावनी भी दी गई है कि यदि कोई आंदोलन को लेकर लापरवाही बरतने की कोशिश करेगा तो आगे संगठन उस मामले में गंभीर निर्णय लेगा. मध्य प्रदेश में ब्लॉक स्तर पर बैठक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता मुकेश नायक ने बताया कि मध्य प्रदेश में सभी 230 विधानसभा सीटों पर 450 से ज्यादा ब्लॉक है. इन ब्लॉक में कार्यकर्ताओं, नेताओं को बैठक के माध्यम से भोपाल आने का आमंत्रण दे दिया गया है. अब ब्लॉक स्तर पर भी बैठक होगी. सभी ब्लॉक से 20-20 गाड़ियों के माध्यम से कार्यकर्ताओं को भोपाल लाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है. recent visitors 73

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 15 और 16 दिसंबर को छत्तीसगढ़ दौरे पर रहेंगे, बस्तर ओलंपिक के समापन समारोह में शामिल होंगे

रायपुर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 15 और 16 दिसंबर को छत्तीसगढ़ दौरे पर रहेंगे. यहां वे पहले दिन जगदलपुर में आयोजित संभाग स्तरीय बस्तर ओलंपिक के समापन समारोह में शामिल होंगे. वहीं, अगले दिन सुबह शहीद जवानों के दो परिवारों से मुलाकात करेंगे. इस दौरान केंद्रीय मंत्री शाह नक्सल विरोधी अभियानों की समीक्षा करेंगे. आइए जानते हैं केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के छत्तीसगढ़ दौरे का पूरा कार्यक्रम… दरअसल, केंद्र की मोदी सरकार छत्तीसगढ़ के बस्तर से नक्सलवाद को खत्म करने को लेकर गंभीर है. केंद्रीय मंत्री शाह का छत्तीसगढ़ दौरा नक्सलवाद को खत्म करने को लेकर अहम माना जा रहा है, क्योंकि उन्होंने पिछले दौरे के दौरान छत्तीसगढ़ से 2026 तक नक्सलवाद खत्म होने का दावा किया था. इस दौरे के दौरान वे बस्तर में नक्सल विरोधी अभियानों की समीक्षा करेंगे. साथ ही आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों के पुनर्वास और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों की प्रगति का जायजा भी लेंगे. जानकारी के मुताबिक, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 15 दिसंबर की शाम को बस्तर पहुंच जाएंगे. ये है पूरा कार्यक्रम बता दें कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बस्तर दौरे से पहले तैयारियों का जायजा लेने उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा शनिवार को जगदलपुर पहुंचे. उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने प्रशासनिक अधिकारियों को समय रहते तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए. इस दौरान उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 15 और 16 दिसंबर को बस्तर के दौरे में रहेंगे, 15 दिसंबर की शाम को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बस्तर पहुंच जाएंगे. यहां वे एंटी एक्सल ऑपरेशन में साहस का परिचय देने वाले सुरक्षाबल के जाबाज जवानों से मुलाकात कर जवानों के साथ डिनर करेंगे. इसके बाद अगले दिन सुबह शहीद जवानों के दो परिवारों से मुलाकात करेंगे. छत्तीसगढ़ के इस दौरे के दौरान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह जगदलपुर में बस्तर ओलंपिक के संभाग स्तरीय खेल प्रतियोगिता के समापन समारोह में भी हिस्सा लेंगे. यहां छात्रों से भी मुलाकात करेंगे. इसके बाद वे नक्सल प्रभावित इलाके में स्थित सुरक्षा बल के कैंप का दौरा भी करेंगे. इसके बाद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह रायपुर में LWE की समीक्षा बैठक करेंगे. उसके बाद शाम 4:00 बजे के आसपास रायपुर से दिल्ली के लिए रवाना होंगे. बता दें कि अमित शाह के दौरे को लेकर छत्तीसगढ़ में तैयारियां देतज हो गई है. छत्तीसगढ़ गृह विभाग समेत रायपुर प्रशासन और बस्तर प्रशासन द्वारा उनके दौरे की तैयारियां की जा रहीं हैं. recent visitors 66

अब सोना खरीदने को और जेब थोड़ी और ढीली करनी होगा, एक बार फिर सोने के दामों में उछाल आया

 इंदौर देशभर में इन दिनों वेडिंग सीजन की धूम है। तो सोना-चांदी की चमक भी बरकरार है। वेडिंग सीजन में जमकर खरीदारी के बावजूद एक बार फिर सोने के दामों में उछाल आया है। यानी अब सोना खरीदा तो जेब थोड़ी और ढीली करनी होगा। बता दें कि 5 दिसंबर के मुकाबले 7  दिसंबर को सोने की कीमतों(Gold rate in Bhopal) में 130 रुपए की बढ़ोत्तरी हुई है। अगर आप भी गोल्ड खरीदने की प्लानिंग कर रहे है तो यहां जानें सोने के ताजा भाव… सोना हुआ महंगा राजधानी भोपाल(Gold rate in Bhopal) में शनिवार  को सोने की कीमत 77,984 रुपए प्रति 10 ग्राम 24 कैरट है। वहीँ एक दिन पहले यानि 5 दिसंबर को भोपाल में सोने की कीमत 77,854 रुपए प्रति 10 ग्राम 24 कैरट थी। शुक्रवार के मुकाबले शनिवार को सोना 130 रुपए प्रति 10 ग्राम 24 कैरट महंगा हुआ है। आभूषण विक्रेताओं और स्टॉकिस्टों की ताजा लिवाली से राष्‍ट्रीय राजधानी के सराफा बाजार में सोने की कीमत फिर से 79,000 रुपये के स्तर पर पहुंच गई। तीन दिन की गिरावट के बाद 99.9 फीसदी शुद्धता वाले सोने की कीमत 300 रुपये बढ़कर 79,150 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई। बुधवार को यह 78,850 रुपये प्रति 10 ग्राम पर थी। कारोबारियों ने कहा कि स्थानीय बाजारों में आभूषण और खुदरा विक्रेताओं की ताजा मांग के कारण सोने में तेजी आई। चांदी ने लगाई ऊंची छलांग चांदी लगातार तीसरे दिन भी चमक में रही। यह कीमती धातु 1,300 रुपये उछलकर 93,800 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई। बुधवार को यह 92,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। 99.5 फीसदी प्‍योरिटी वाले सोने का भाव 300 रुपये बढ़कर 78,750 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। पिछले कारोबारी सत्र में यह 78,450 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। ये है 18 कैरेट का भाव इन सब के अलावा बात 18 कैरेट सोने की करें, तो शुक्रवार को उसकी 80 रुपये उछलकर 58540 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई. इससे पहले 5 दिसंबर को भी इसका भाव 58460 रुपये था. बता दें कि सोने की खरीदारी से पहले उसकी शुद्धता जरूर जांचनी चाहिए. 24 कैरेट सोना सबसे शुद्ध माना जाता है. इसे  खरीदते समय हॉलमार्क भी देखना चाहिए. आगे जारी रहेगा उतार चढ़ाव वाराणसी सर्राफा एसोसिएशन के उपाध्यक्ष सुमित वर्मा उर्फ चंदू ने बताया कि दिसंबर महीने के पहले सप्ताह में ही लगातार सोने चांदी के कीमतों में उतार चढ़ाव देखने को मिल रहा है.उम्मीद है आगे भी यह दौर जारी रहेगा.     recent visitors 118

मध्य प्रदेश में अब जनता सीधे करेगी नगर पालिका और परिषद के अध्यक्ष का चुनाव

 भोपाल  मध्य प्रदेश में अब नगर पालिका और परिषद के अध्यक्ष का चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से होगा, यानी जनता सीधे अध्यक्ष का चुनाव करेगी। शिवराज सरकार के समय लागू की गई चुनाव की अप्रत्यक्ष प्रणाली यानी पार्षदों के माध्यम से अध्यक्ष को चुनने की व्यवस्था को बदला जाएगा। नई व्यवस्था में सीधे मतदाता ही अध्यक्ष का चुनाव करेंगे। जब यह व्यवस्था लागू होगी तो फिर अध्यक्ष को वापस बुलाने का ‘खाली कुर्सी भरी कुर्सी’ का प्रावधान भी पुन: लागू कर दिया जाएगा। कैसे-कैसे बदलती रही व्यवस्था     अभी तक प्रदेश में नगर निगम के महापौर, नगर पालिका और नगर परिषद के अध्यक्ष का चुनाव सीधे मतदाता द्वारा कराने का प्रावधान है। कमल नाथ सरकार ने पार्षदों के माध्यम से महापौर और अध्यक्ष का चुनाव कराने का निर्णय किया लेकिन यह अमल में नहीं आ पाया।     मार्च 2020 में फिर शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री बने और उन्होंने पुरानी व्यवस्था से ही चुनाव कराने के लिए अध्यादेश जारी किया, पर संशोधन विधेयक विधानसभा से पारित नहीं हो पाया।     निकाय चुनाव से पहले मई 2022 में फिर प्रावधान में संशोधन किया गया और महापौर का चुनाव सीधे जनता से कराने का निर्णय लिया। नगर पालिका और नगर परिषद के अध्यक्ष का चुनाव अप्रत्यक्ष प्रणाली यानी पार्षद के माध्यम से कराने की व्यवस्था लागू कर दी। क्यों बदलना पड़ रही व्यवस्था पार्षदों को साथ लेकर नहीं चल पाने के कारण कुछ निकायों में अविश्वास प्रस्ताव प्रस्तुत कर दिए गए। इस स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने अध्यादेश के माध्यम से नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 43 (क) में नया प्रावधान किया। इसके अनुसार अविश्वास प्रस्ताव दो के स्थान पर तीन वर्ष की कालावधि पूर्ण होने पर ही लाया जा सकता है और इसे पारित करने के लिए दो-तिहाई के स्थान पर तीन-चौथाई पार्षदों का समर्थन अनिवार्य कर दिया। यही व्यवस्था अब नगर निगम के अध्यक्ष/सभापति के लिए भी लागू की जा रही है। इसके साथ ही नगर पालिका और नगर परिषद के अध्यक्ष का चुनाव सीधे जनता से कराने की तैयारी है। recent visitors 184