इंदौर के 1037 सरकारी स्कूलों में बायोमेट्रिक अटेंडेंस मशीन लगाई जायेगी, मशीन की शीट देखकर ही सैलरी बनेगी

इंदौर  सरकारी स्कूलों को धर्मशाला समझने और मनमर्जी से स्कूल आने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए बुरी खबर है। कुछ माह पहले कलेक्टर आशीष सिंह ने कलेक्टर कार्यालय में बायोमेट्रिक मशीन से उपस्थिति दर्ज कराना अनिवार्य कर दिया था। इसके साथ इंदौर जिले के सभी सरकारी कार्यालयों में भी बायोमेट्रिक लगाने के निर्देश जारी किए थे। लेकिन शिक्षा विभाग में इसका पालन नहीं हुआ। दो दिन पहले जिला पंचायत कार्यालय में सरकारी स्कूलों में बायोमेट्रिक मशीन लगाने को लेकर बैठक हुई थी। जिसमें सीईओ सिद्धार्थ जैन ने सभी सरकारी स्कूलों में बायोमेट्रिक मशीन लगाने के लिए कहा है। बता दे कि जिले के 1037 स्कूलों में बायोमेट्रिक मशीनें लगाई जाना है। अधिकतर स्कूलों में रजिस्टर पर दर्ज होती है उपस्थिति अब तक अधिकांश सरकारी स्कूलों में रजिस्टर में ही शिक्षक उपस्थिति दर्ज करते हैं। कई शिक्षक अपनी मनमर्जी के हिसाब से ही स्कूल आते और चले जाते हैं। इसी तरह जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में भी कर्मचारी अपनी मर्जी के अनुसार ही कार्यालय आ रहे हैं। इसी महीने में लग जाएगी बायोमेट्रिक मशीन इंदौर जिला पंचायत सीईओ सिद्धार्थ जैन ने बताया कि शिक्षा विभाग के कार्यालय और स्कूलों में अब बायोमेट्रिक मशीन से ही उपस्थिति दर्ज की जाना है। इसके लिए जिले के सभी सरकारी स्कूल परिसरस, पंचायत आदि में बायोमेट्रिक मशीन लगाई जाना है। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में तत्काल बायोमेट्रिक मशीन लगाने के लिए कहा गया है। इसी माह यह काम पूरा होना जाना चाहिए। 1037 स्कूलों में लगेगी मशीन जानकारी के अनुसार जिले में जो स्कूल पंचायत कार्यालय के करीब है, वहां पंचायत में बायोमेट्रिक मशीन लगाई जाना है। वहीं अन्य स्कूल परिसर में ही लगाई जाएगी। इंदौर शहरी क्षेत्र में 182, इंदौर ग्रामीण क्षेत्र में 230, महू में 186, सांवेर में 239 और देपालपुर में 200 परिसरों में बायोमेट्रिक मशीन लगना हैं। शहरी क्षेत्र में यह जिम्मेदारी नगर निगम और ग्रामीण क्षेत्र में पंचायत के पास रहेगी। अफसरों के अनुसार इसी बायोमेट्रिक मशीन शुरू होने के बाद महीने के अंत में मशीन की शीट के आधार पर ही कोषालय से वेतन जारी होगा। recent visitors 59

भारतीय टीम आज से शुरू होने वाले दूसरे टेस्ट क्रिकेट मैच में अपना विजय अभियान जारी रखते हुए बेहतर प्रदर्शन करने उतरेगा

एडिलेड पहले टेस्ट में बड़ी जीत से उत्साहित भारतीय टीम आज से यहां शुरू होने वाले दूसरे टेस्ट क्रिकेट मैच में अपना विजय अभियान जारी रखते हुए गुलाबी गेंद से अपने रिकॉर्ड में सुधार करने की कोशिश करेगी। इस मैच में कप्तान रोहित शर्मा के बल्लेबाजी क्रम पर भी निगाह टिकी रहेगी और वह मध्यक्रम में उतर सकते हैं। भारतीय टीम प्रबंधन के लिए निजी कारणों से पहले टेस्ट मैच में नहीं खेलने वाले रोहित और चोट से उबर कर वापसी करने वाले शुभमन गिल के लिए बल्लेबाजी क्रम में जगह तय करना आसान नहीं होगा। भारतीय टीम ने पर्थ में पहले टेस्ट मैच में तमाम विपरीत परिस्थितियों के बावजूद शानदार प्रदर्शन करते हुए 295 रन की रिकॉर्ड जीत हासिल करके बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के लिए खेली जा रही पांच मैच की श्रृंखला में शुरुआती बढ़त हासिल की। यह पहला अवसर नहीं है जबकि भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उसकी धरती पर अच्छा प्रदर्शन किया हो। इससे पहले वह पिछले दो अवसरों पर भी ऑस्ट्रेलिया को उसकी धरती पर श्रृंखला में हरा चुका है। भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया के अपने पिछले दौर में एडिलेड में खेले गए दिन रात्रि टेस्ट क्रिकेट मैच में अपनी पहली पारी में 36 रन पर आउट हो गया थी लेकिन इसके बाद उसने अच्छी वापसी करके श्रृंखला जीती थी। इस बार भारतीय टीम पहले मैच में जीत से उत्साह से लबरेज है। दिन-रात्रि टेस्ट मैच हालांकि भारतीय बल्लेबाजों के सामने अलग तरह की चुनौती पेश करेगा। गुलाबी गेंद से अतिरिक्त सीम मूवमेंट मिलता है और भारतीय बल्लेबाजों को इससे पार पाने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ खेल दिखाना होगा। ऑस्ट्रेलिया का दिन रात्रि टेस्ट मैच में रिकॉर्ड अच्छा रहा है। उसने अभी तक घरेलू धरती पर जो 12 दिन रात्रि टेस्ट मैच खेले हैं उनमें से उसे केवल एक मैच में हार का सामना करना पड़ा लेकिन पहले टेस्ट मैच में करारी शिकस्त झेलने के कारण इस बार उसकी टीम पर दबाव रहेगा। भारतीय बल्लेबाजी क्रम में बदलाव होना लगभग तय है। अगर कैनबरा में खेले गए अभ्यास मैच को संकेत माने तो फिर रोहित मध्य क्रम में उतर सकते हैं ताकि अच्छी फॉर्म में चल रहे यशस्वी जयसवाल और केएल राहुल पारी का आगाज कर सकें। रोहित ने 2019 से सलामी बल्लेबाज की भूमिका निभानी शुरू की थी जिससे उनके टेस्ट करियर को नई दिशा मिली लेकिन वह टीम हित में यहां महत्वपूर्ण फैसला कर सकते हैं। रोहित का बल्लेबाजी क्रम कुछ भी हो, वह बड़ा स्कोर बनाने के लिए बेताब होंगे क्योंकि न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू श्रृंखला में वह अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए थे। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया में भी उनका रिकॉर्ड अच्छा नहीं है और वह इसमें सुधार करना चाहेंगे। रोहित और गिल अंतिम एकादश में देवदत्त पडिक्कल और ध्रुव जुरेल की जगह लेंगे। अंगूठे की चोट से उबर कर वापसी करने वाले गिल अभ्यास मैच में अच्छी लय में दिख रहे थे। ऑस्ट्रेलिया में उनका रिकॉर्ड अच्छा रहा है जिससे वह प्रेरणा लेना चाहेंगे। पहले टेस्ट मैच में भारत के लिए सबसे सकारात्मक पहलू जयसवाल और विराट कोहली के शतक रहे। यह दोनों बल्लेबाज अपनी उसी फॉर्म को बरकरार रखने की कोशिश करेंगे। भारतीय गेंदबाजी विभाग में बदलाव की संभावना नहीं है। एडिलेड की पिच से हालांकि स्पिनरो को मदद मिलती रही है और विकेट का जायजा लेने के बाद उसकी स्थिति को देखकर रविचंद्रन अश्विन या रविंद्र जडेजा को टीम में शामिल किया जा सकता है। जहां तक ऑस्ट्रेलिया की बात है तो उसके लिए अपने प्रमुख बल्लेबाजों की फॉर्म बड़ी चिंता का विषय है। अगर उसे श्रृंखला बराबर करनी है तो फिर स्टीव स्मिथ, उस्मान ख्वाजा और मार्नस लाबुशेन जैसे बल्लेबाजों को अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा। ऑस्ट्रेलिया की चिंता केवल बल्लेबाजी तक ही सीमित नहीं है। उसके तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड चोटिल होने के कारण बाहर हो गए हैं। उनकी जगह स्कॉट बोलैंड को टीम में शामिल किया गया है जो लगभग 18 महीने में अपना पहला टेस्ट मैच खेलेंगे। वह लगातार ऑफ स्टंप से बाहर गेंदबाजी करने में माहिर हैं और इससे वह भारतीय बल्लेबाजों को परेशानी में डाल सकते हैं। टीम इस प्रकार हैं : ऑस्ट्रेलिया प्लेइंग 11 : पैट कमिंस (कप्तान), स्कॉट बोलैंड, एलेक्स कैरी, ट्रैविस हेड, उस्मान ख्वाजा, मार्नस लाबुशेन, नाथन लियोन, मिच मार्श, नाथन मैकस्वीनी, स्टीव स्मिथ, मिशेल स्टार्क। भारतीय टीम : रोहित शर्मा (कप्तान), जसप्रीत बुमराह, यशस्वी जयसवाल, केएल राहुल, अभिमन्यु ईश्वरन, देवदत्त पडिक्कल, शुभमन गिल, विराट कोहली, ऋषभ पंत, सरफराज खान, ध्रुव जुरेल, रविचंद्रन अश्विन, रवींद्र जड़ेजा, मोहम्मद सिराज, आकाश दीप। प्रसिद्ध कृष्णा, हर्षित राणा, नितीश कुमार रेड्डी, वाशिंगटन सुंदर। समय : सुबह 9.30 बजे से।  recent visitors 167

चीन की जनता पैसा खर्च करने के बजाय बचत करने में लगी, देश में बेरोजगारी चरम पर है, लगातार पांच महीनों से डिफ्लेशन की स्थिति

बीजिंग करीब तीन दशक तक ग्लोबल इकॉनमी का इंजन रहे चीन की हवा अब निकलने लगी है। दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी इकॉनमी वाले इस देश की अर्थव्यवस्था इस समय कई मोर्चों पर संघर्ष कर रही है। देश को इस स्थिति से उबारने के लिए चीन की सरकार ने हाल में भारी-भरकम स्टीम्युलस पैकेज जारी किया था लेकिन उसका बहुत असर होते नहीं दिख रहा है। चीन में 10 साल की मैज्योरिटी वाले सरकारी बॉन्ड का यील्ड 2% के नीचे आ गया है। चीन के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है। पिछले चार साल में इसमें 130 बेसिस पॉइंट्स की गिरावट आई है। चीन की इकॉनमी कई दशकों में सबसे बड़े स्लोडाउन से गुजर रही है। देश में मकानों की कीमत अपने पीक से 80 फीसदी गिर चुकी हैं। रियल एस्टेट संकट की शुरुआत 2021 में हुई थी और इसने दूसरे सेक्टर्स को भी अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया है। चीन की जीडीपी में रियल एस्टेट सेक्टर की हिस्सेदारी करीब एक तिहाई है। इस सेक्टर के डूबने के कारण अब बैंकों के भी डूबने का खतरा पैदा हो गया है। देश में उपभोक्ता मांग जोर नहीं पकड़ पा रही है और लोग खर्च करने के बजाय पैसे जमा करने में लगे हैं। पांच तिमाहियों से डिफ्लेशन पिछली पांच तिमाहियों से चीन में डिफ्लेशन की स्थिति बनी है जो 1990 के दशक के बाद इसका सबसे लंबा असर है। वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में गिरावट को डिफ्लेशन कहते हैं। यह महंगाई यानी इनफ्लेशन से उल्टी स्थिति है। आमतौर पर इकॉनमी में फंड की सप्लाई और क्रेडिट में गिरावट के कारण ऐसी स्थिति पैदा होती है। चीन में लोग खर्च करने के बचाय पैसा बचाने में लगे हैं। यही वजह है कि चीन की इकॉनमी में जापान की तरह ठहराव आने की आशंका जताई जा रही है। इस बीच अमेरिका में हाल में हुए राष्ट्रपति चुनावों में डोनाल्ड ट्रंप की जीत से चीन के साथ तनाव और बढ़ने की आशंका है। ट्रंप पहले ही चीनी सामान पर टैरिफ बढ़ाने की घोषणा कर चुके हैं। साथ ही उन्होंने ब्रिक्स देशों पर भी 100 फीसदी टैरिफ लगाने की बात कही है। अगर वह अपनी बात पर अमल करते हैं तो इससे चीन और अमेरिका के बीच चल रहा ट्रेड वॉर अगले दौर में पहुंच सकता है। दुनिया की दो सबसे बड़ी इकॉनमीज के बीच तनाव बढ़ने से दुनियाभर के देश प्रभावित हो सकते हैं। recent visitors 78

कोरिया के किसानों के लिए एक नई उम्मीद बनकर सामने आया ‘ गेंदा ‘, प्रयोग सफल रहा तो किसान लाखों रुपये कमाएंगे

कोरिया छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में गेंदा के फूलों की खेती करने का प्रयोग किया जा रहा है. पुष्प क्षेत्र विस्तार योजना के तहत 17 किसानों ने इस नई पहल को अपनाया और 10 हेक्टेयर भूमि पर गेंदा फूल की खेती की शुरुआत की. प्रति हेक्टेयर करीब 5,330 पौधे लगाए गए हैं, जो 65-70 दिनों में तैयार हो जाएंगे. अगर सबकुछ प्लानिंग के मुताबिक़ रहा तो जिले के किसान लाखों रुपये कमाएंगे. कोरिया जिले में पहली बार गेंदा फूल की खेती का प्रयोग किया गया है, जो किसानों के लिए एक नई उम्मीद बनकर सामने आ रही है. गेंदा फूल की खेती में प्रति हेक्टेयर करीब 50,000 रुपए की लागत आई है. विशेषज्ञों के अनुसार अच्छी पैदावार के बाद प्रति हेक्टेयर 2 से 2.5 लाख रुपए तक का मुनाफा होने की संभावना है. झरनापारा के किसान संजय पैकरा बताते हैं कि पहले धान और दलहन की खेती से मुश्किल से 25-30 हजार रुपए की आमदनी हो पाती थी. अब गेंदे की खेती और ड्रिप एरिगेशन तकनीक अपनाने के बाद 150-200 क्विंटल फूल उत्पादन की संभावना है, जिससे उनकी आय में काफी बढ़ोतरी होगी. फसल चक्र में बदलाव से बढ़ेगी आय ग्राम बुड़ार के किसान उदराज ने बताया कि पहले धान की खेती से मात्र 10-20 हजार रुपए तक का मुनाफा होता था. लेकिन अब ड्रिप एरिगेशन तकनीक के इस्तेमाल से वह 100-120 क्विंंटल फूल उत्पादन कर 50 हजार से 1.5 लाख रुपए तक कमा सकते हैं. इसी तरह, ग्राम रनई की आशा देवी ने कहा कि पहले धान, दलहन और तिलहन की खेती से 20 हजार रुपए से ज्यादा की आमदनी नहीं हो पाती थी. अब गेंदा फूल की खेती से उनकी आय में 2 से 2.5 लाख रुपए तक की वृद्धि होने की उम्मीद है. ड्रिप एरिगेशन से बेहतर उत्पादन ड्रिप एरिगेशन तकनीक के इस्तेमाल ने न केवल पानी की खपत को नियंत्रित किया है, बल्कि उत्पादन क्षमता में भी वृद्धि की है. यह तकनीक पानी की बचत के साथ-साथ मेहनत को भी सार्थक बना रही है. उद्यानिकी विशेषज्ञों का कहना है कि गेंदे की खेती का यह प्रयोग अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बनेगा. किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार की उम्मीद धान, दलहन और तिलहन जैसी पारंपरिक फसलों से सीमित आय प्राप्त करने वाले किसान अब गेंदा फूल की खेती को अपनाकर अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं. इस पहल ने फसल चक्र में बदलाव और आधुनिक तकनीकों के उपयोग का एक सफल उदाहरण पेश किया है.     recent visitors 73

प्रधानमंत्री रूफटॉप सोलर योजना: इस योजना के तहत अब तक 1.45 करोड़ रजिस्ट्रेशन, 6.34 लाख पैनल हुए इंस्टॉल

नई दिल्ली संसद में दिए गए एक बयान के अनुसार, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत करीब 1.45 करोड़ रजिस्ट्रेशन और 6.34 लाख इंस्टॉलेशन पूरे किए गए हैं। इस योजना को प्रधानमंत्री ने वित्त वर्ष 2027 तक आवासीय क्षेत्र में 1 करोड़ रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन हासिल करने के उद्देश्य से शुरू किया है, जिसके लिए 75,021 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा और बिजली राज्य मंत्री (एमओएस) श्रीपद नाइक ने राज्यसभा को एक लिखित जवाब में बताया कि राष्ट्रीय पोर्टल ने कुल 1.45 करोड़ रजिस्ट्रेशन, 26.38 लाख आवेदन और 6.34 लाख रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन की सूचना दी है। एमओएस के अनुसार, 3.66 लाख आवेदकों को सब्सिडी जारी की गई है और इसे नियमित रूप से 15 से 21 दिनों के भीतर जारी किया जाता है। गुजरात में इस पहल के तहत सबसे अधिक 2,86,545 सौर ऊर्जा संयंत्र लगाए गए हैं। महाराष्ट्र में 1,26,344 सौर ऊर्जा संयंत्र लगाए गए हैं, जबकि उत्तर प्रदेश में 53,423 सौर ऊर्जा संयंत्र लगाए गए हैं। राज्य मंत्री नाइक ने कहा कि मंत्रालय आरईसी, डिस्कॉम और विक्रेताओं सहित सभी हितधारकों के साथ साझेदारी कर रहा है, जिसका उद्देश्य योजना के सफल कार्यान्वयन के रास्ते में आने वाली किसी भी चुनौती का समाधान करना है। पीएम मोदी ने उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने के लिए रूफटॉप सोलर योजना शुरू की थी। 75,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश वाली इस परियोजना का लक्ष्य हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली उपलब्ध करवा कर 1 करोड़ घरों को रोशन करना है। लोगों के बैंक खातों में सीधे दी जाने वाली पर्याप्त सब्सिडी से लेकर भारी रियायती बैंक ऋण तक, केंद्र सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि लोगों पर लागत का कोई बोझ न पड़े। इस योजना को जमीनी स्तर पर लोकप्रिय बनाने के लिए, शहरी स्थानीय निकायों और पंचायतों को अपने अधिकार क्षेत्र में रूफटॉप सोलर सिस्टम को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। साथ ही, इस योजना से लोगों की आय में वृद्धि, बिजली बिल में कमी और रोजगार सृजन हो रहा है।   recent visitors 90

राज्यपाल ने मध्यप्रदेश रत्न अवॉर्ड समारोह में शामिल हुए

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि सम्मानित प्रतिभाएं उत्कृष्ट कार्यों की ध्वज वाहक होती है। उनके उत्कृष्ट कार्य समाज को चुनौतियों का सामना करने का विश्वास और विज़न प्रदान करते है। भावी पीढ़ियां उनके पथ का अनुसरण कर समाज को गतिशील और जीवंत बनाती है। उन्होंने कहा कि समाज की प्रतिभाओं को सम्मानित करना वास्तव में समाज को गौरवान्वित करने, स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कार्य है। भावी प्रतिभाओं के पथ प्रदर्शन की नैतिक और सामाजिक दोनों दृष्टियों से समाज की जिम्मेदारी है। राज्यपाल पटेल, प्रेस क्लब भोपाल द्वारा आयोजित मध्यप्रदेश रत्न अवॉर्ड समारोह को रवीन्द्र भवन में संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद जी भी उपस्थित थे। कार्यक्रम के प्रारम्भ में अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। अतिथियों का तुलसी का पौधा भेंट कर स्वागत किया गया। राज्यपाल पटेल का प्रेस क्लब मध्यप्रदेश के अध्यक्ष नवीन आनंद जोशी ने श्रीफल, स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया गया। राज्यपाल पटेल ने कहा कि हम सब देख समझ रहें है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारी लोकतांत्रिक संस्था, आर्थिक शक्ति, वैज्ञानिक कौशल, संस्कृति और विविधता का दुनिया ने लोहा माना है, लेकिन मजबूत राष्ट्र निर्माण के प्रयासों में आज भी हमारे समक्ष आतंकवाद, विघटनकारी शक्तियों की चुनौतियां है। महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और उच्च मानकों के साथ समाज के वंचित वर्गों के लिए न्याय के प्रयासों और विकास के अवसरों को और अधिक विस्तारित करना भी जरूरी है। उन्होंने अपेक्षा की है कि समावेशी विकास के लिए तुलनात्मक रूप से वंचित और पिछड़े क्षेत्रों के समुदायों का हाथ पकड़ कर समाज के मुख्य धारा में शामिल कराने के प्रयासों का दिशा दर्शन सम्मानित विशिष्ट प्रतिभाएं करें। समारोह समाज में सकारात्मकता को बढ़ाने और उत्कृष्ट कार्यों के लिए समाज विशेषकर युवाओं को प्रेरित प्रोत्साहित करने में सफल होने की मंगल कामना की है। राज्यपाल पटेल ने कहा कि सामाजिक सरोकारों में मीडिया की सहभागिता से वह बहुत अधिक प्रसन्न है, जिन प्रतिभाओं के कार्यों से वे अभिभूत है। उन्हें ऐसी प्रतिभाओं को सम्मानित करने का अवसर मिला है। वह स्वयं को सौभाग्यशाली मान रहे है। उन्होंने सामाजिक सरोकारों में मीडिया की सहभागिता की प्रशंसा की। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा यूरोप की यात्रा का उल्लेख करते हुए प्रदेश में बड़ी मात्रा में विदेशी निवेश आने की जानकारी के संदर्भ में कार्यक्रम के दौरान देश भर के विद्वान और विचारकों की मध्यप्रदेश के विकास के संबंध में बौद्धिक और वैचारिक विचारों को साझा किए जाने को प्रदेश की प्रगति और समृद्धि के प्रयासों की गति को और अधिक बढ़ाने में सहयोगी होने की पहल बताया। राज्यपाल पटेल ने कार्यक्रम के दौरान सेवानिवृत्त वाइस एडमिरल विमल वर्मा, पद्मनृत्य गुरु डॉ. पुरू दाधीच, प्रसिद्ध टीवी एंकर सुमित अवस्थी, वस्त्र उद्योग उद्यमी गौतम कोठारी, फिल्म और नाटक के अभिनेता शरद सक्सेना, शिक्षाविद् डॉ. एस.पी. गौतम, एवरेस्ट विजेता पर्वतारोही श्रीमती ज्योति रात्रे, रंगमंच कलाकार वरिष्ठ अभिनेता राजीव वर्मा और प्रसिद्ध साहित्यकार लेखक डॉ. रमेश निर्मल को मध्यप्रदेश रत्न अवॉर्ड प्रदान किए। राज्यपाल ने मध्यप्रदेश प्रतिभा अवॉर्ड से भारतीय सेना के मेजर अनिकेत चतुर्वेदी, महर्षि विश्वविद्यालय के प्रमुख ब्रह्मचारी गिरीश वर्मा, ब्यूरो चीफ ए.एन.आई. न्यूज एजेंसी संदीप कुमार सिंह, समाज सेवी शिक्षाविद् जय नारायण चौकसे, कार्यकारी वाइस चेयरमैन आईसेक्ट समूह सिद्धार्थ चतुर्वेदी, उद्योगपति रोहित गोविंद सोमानी, समाज सेवी शिक्षाविद् डॉ. डेविश जैन, सीनियर कॉरेस्पोंडेंट दैनिक समाचार पत्र, पत्रिका दीपेश अवस्थी, युवा प्रतिभावान लेखक दिव्यांश व्यास और सुमेघा दीक्षित को सम्मानित किया। आभार प्रदर्शन प्रेस क्लब के उपाध्यक्ष राजेन्द्र शर्मा ने किया।   recent visitors 70

देवेंद्र फडणवीस तीसरी बार बने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री, एकनाथ शिंदे और अजित पवार बने डिप्टी सीएम

मुंबई महाराष्ट्र के नए मुख्यमंत्री के रूप में दिग्गज भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार को शपथ ली। मुंबई के ऐतिहासिक आजाद मैदान में राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत भाजपा और एनडीए के कई दिग्गज नेता मौजूद रहे। देवेंद्र फडणवीस के साथ शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष अजित पवार ने उपमुख्यमंत्री के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री के अलावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा समेत कई प्रदेशों के मुख्यमंत्री मौजूद थे। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान समेत कई केंद्रीय मंत्री भी समारोह में मौजूद थे। बॉलीवुड हस्तियों में शाहरुख खान, सलमान खान, संजय दत्त, रणबीर कपूर, रणवीर सिंह और माधुरी दीक्षित भी शपथ ग्रहण कार्यक्रम के लिए पहुंचे थे। दिग्गज क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर भी समारोह में शामिल हुए। महाराष्ट्र भाजपा विधायक दल के नेता के रूप में फडणवीस के नाम पर बुधवार को मुहर लगाई गई थी। इसके बाद, फडणवीस, शिंदे और पवार ने 4 दिसंबर को राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन से मिलकर महायुति सरकार बनाने का दावा पेश किया था। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन ने शानदार जीत दर्ज की थी। उसने 288 में से 235 सीटों पर विजय हासिल की थी। यह परिणाम भाजपा के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ, जो 132 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। वहीं, विपक्षी महा विकास अघाड़ी (एमवीए) को बड़ा झटका लगा, जिसमें कांग्रेस को सिर्फ 16 सीटें मिली थीं। गठबंधन सहयोगी शिवसेना (यूबीटी) ने 20 सीटें जीतीं, जबकि एनसीपी (शरद पवार गुट) को सिर्फ 10 सीटें मिली थीं। recent visitors 189