सीएम योगी ने कहा- अराजकता फैलाने वाले किसी भी बदमाश को छोड़ा ना जाए, छेड़छाड़ करने वालों का तत्काल हो इलाज

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक बार फिर फॉर्म में नजर आ रहे है। सीएम ने कानून व्यवस्था की उच्च स्तरीय समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए है। सीएम योगी ने कहा कि अराजकता फैलाने वाले किसी भी बदमाश को छोड़ा ना जाए और जिन लोगों ने सार्वजनिक संपत्ति को क्षतिग्रस्त किया है, उसे वापस ठीक कराने का खर्च उन्हीं उपद्रवियों से वसूला जाए। वहीं, सीएम ने छेड़छाड़ करने वालों को भी सबक सिखाने के निर्देश दिए है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि किसी भी स्तर पर हीला हवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 'राजस्व विभाग में लंबित मामलों का निपटारा हो' सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोई भी पुलिस अधिकारी किसी निजी कंपनी या व्यक्ति के कार्यक्रम में न जाए और न ही कोई सम्मान ग्रहण करे। उन्होंने छेड़छाड़ करने वालों का चौराहों पर ही उपचार करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व विभाग में लंबित पैमाइश के चलते हत्याएं हो रही हैं। बिना लटकाए और अटकाए राजस्व विभाग में लंबित मामलों का निपटारा हो। अगर इसके बावजूद अगर राजस्व विभाग में ऐसा होता है तो संबंधित अफसरों पर भी आपराधिक साजिश के तहत कार्यवाही होनी चाहिए। 'अराजकता फैलाने की छूट किसी को नहीं दी जा सकती' मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया कि अराजकता फैलाने वाले किसी भी बदमाश को छोड़ा ना जाए और जिन लोगों ने सार्वजनिक संपत्ति को क्षतिग्रस्त किया है, उसे वापस ठीक कराने का खर्च उन्हीं उपद्रवियों से वसूला जाए। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि किसी गरीब के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। जनता से जुड़े विभागों के अधिकारी तय समय पर जनता से जरूर मिलें और प्रत्येक विभाग में जनसुनवाई को प्राथमिकता दी जाए। recent visitors 76

मुख्यमंत्री नई दिल्ली में ‘कर्मभूमि से जन्मभूमि’ सम्बन्धी त्रिपक्षीय बैठक में हुए शामिल

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वर्षा जल को संग्रहित कर भूगर्भ में जल भंडारण क्षमता के विकास के लिए चलाई जा रही ‘कर्मभूमि से जन्मभूमि’ योजना एक अभिनव पहल है। इस योजना में गुजरात में रहकर व्यापार करने वाले अन्य प्रदेशों के व्यापारियों द्वारा स्वयं के संसाधनों से अपने राज्यों में बोर लगवाने का काम किया जा रहा है। मध्यप्रदेश के सतना जिले में इस योजनान्तर्गत कार्य आरम्भ हो गया है। प्रसन्नता की बात है कि योजना में पूरे प्रदेश में 15 हजार बोर लगाने का लक्ष्य है। शासकीय संसाधनों के बिना गुजरात व्यापार करने वाले व्यापारियों की भागीदारी से चल रहा बूंद-बूंद जल बचाने का यह अभियान प्रशंसनीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को श्रम शक्ति भवन नई दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के साथ ‘कर्मभूमि से जन्मभूमि’ कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन पर त्रिपक्षीय बैठक की। योजना के क्रियान्वयन के लिये बैठक में जिला कलेक्टर को नोडल अधिकारी नियुक्त करने, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से योजना को पूरा करने और इसके क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं को दूर करने के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री पाटिल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जलसंचय संकल्प को जन-आंदोलन बनाने के क्रम में ‘कर्मभूमि से जन्मभूमि’ कार्यक्रम की परिकल्पना की गई है। इसमें गुजरात में रह रहे मध्यप्रदेश, राजस्थान और बिहार के व्यवसायी अपनी जन्म भूमि में जल संचय के उद्देश्य से बोर की व्यवस्था कर रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इसमें राजस्थान में एक लाख 60 हजार और मध्यप्रदेश में 15 हजार बोर बनवाए जाने है। बिहार राज्य के 10 जिलों में प्रत्येक गांव में 4 बोर बनवाए जाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने राज्यों के सहयोग से इस योजना के सफल क्रियान्वयन की आशा व्यक्त की। राजस्थान के मुख्यमंत्री शर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर सूरत के व्यापारियों द्वारा शुरू की गई यह योजना राजस्थान के सिरोही और जोधपुर जिलों में प्रारंभ हो चुकी हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि राजस्थान राज्य में वाटर रिचार्ज में सहयोग के लिए यह योजना वरदान साबित होगी।   recent visitors 142

आमजन की सुविधा के लिए DGP मकवाना ने दिया आदेश, अब अब पुलिस थानों पर होगी जनसुनवाई

भोपाल  मध्य प्रदेश में अब पुलिस थानों पर ही लोगों की जनसुनवाई हो जाएगी. उन्हें पुलिस अधीक्षक के दफ्तर तक नहीं जाना पड़ेगा. प्रदेश के नए डीजीपी कैलाश मकवाना ने यह निर्देश दिया है. उनका मानना है कि इससे लोगों को काफी सुविधा मिलेगी. इसके अलावा छोटी-छोटी शिकायतों का निराकरण पुलिस थाने पर ही हो जाएगा. मध्य प्रदेश के नए पुलिस मुखिया कैलाश मकवाना ने लोगों को सुविधा देने के उद्देश्य से बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने कहा, अब लोगों को जन सुनवाई के लिए पुलिस विभाग के आला अधिकारियों के दफ्तर के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, बल्कि पुलिस थाने में ही हर मंगलवार जनसुनवाई हो जाएगी. पुलिस अधिकारियों द्वारा शिकायतों का निराकरण किया जाएगा, यदि पुलिस थानों पर शिकायत का निराकरण नहीं होता तो फिर पीड़ित आगे शिकायत कर सकता है. अभी तक यहा होती थी जनसुनवाई अभी तक पुलिस अधीक्षक कार्यालय में जन सुनवाई का सिलसिला मंगलवार को चलता था. इसके अलावा डीआईजी और आईजी स्तर के अधिकारी भी जनसुनवाई करते थे. नए आदेश से काफी बदलाव आने की संभावना है. जनसुनवाई के नए आदेश के बाद अब पुलिस थानों पर अधिकारियों द्वारा शिकायतों का निराकरण करने की जिम्मेदारी रहेगी. इसके अलावा शिकायतकर्ता को न्याय मिलने में होने वाली देरी भी कम होगी. वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा यह भी निर्णय लिया गया है कि शिकायतों का पुलिस थाने पर जल्द ही निराकरण करने पर कर्मचारियों को पुरस्कृत किया जाएगा. नई व्यवस्था को लेकर फिलहाल तारीख नहीं सामने आई है, लेकिन यह कहा जा रहा है कि अगले मंगलवार से ही नई व्यवस्था लागू हो सकती है. recent visitors 60

प्रदेश के 23 जिलों में जारी है 100 दिवसीय नि-क्षय शिविर अभियान – मुख्यमंत्री डॉ. यादव

टी.बी. लाइलाज बीमारी नहीं – मुख्यमंत्री डॉ. यादव कोई भी प्रभावित व्यक्ति, जांच और इलाज से वंचित न रहे – मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के 23 जिलों में जारी है 100 दिवसीय नि-क्षय शिविर अभियान – मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी का देश को टी.बी. मुक्त करने का संकल्प सबकी सहभागिता से ही होगा साकार भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2018 में देश को टी.बी. (क्षय रोग) से मुक्त कराने का संकल्प लिया था। लोगों की जिंदगी बचाने के प्रधानमंत्री मोदी के इस अभियान में सहभागिता कर हम सब उनके साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रहे हैं। देश को टी.बी. मुक्त करने के लिए, देश के 347 जिलों में 100 दिवसीय नि-क्षय शिविर अभियान चलाया जा रहा है। इनमें मध्यप्रदेश के 23 जिले अलीराजपुर, अनूपपुर, बैतूल, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, दतिया, डिंडोरी, जबलपुर, कटनी, खंडवा, मंडला, मंदसौर, नरसिंहपुर, नीमच, रतलाम, सीहोर, सिवनी, श्योपुर, सीधी, सिंगरौली, उज्जैन और विदिशा शामिल हैं। टी.बी. से मुक्ति के अभियान में प्रदेश का प्रत्येक व्यक्ति एक कार्यकर्ता है मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि सभी की सक्रिय सहभागिता से कोई भी प्रभावित व्यक्ति टी.बी. की जांच और इलाज से वंचित नहीं रहेगा। टी.बी लाइलाज बीमारी नहीं है, टी.बी. का इलाज होता है, टी.बी. से डरने की जरूरत नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सब सक्रियता के साथ इस अभियान में भागीदारी करें। हमारे आसपास कोई भी टी.बी. की बीमारी से ग्रस्त व्यक्ति हो तो उसे इस अभियान का हिस्सा अवश्य बनाएं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में लोगों का जीवन बचाने के लिए आरंभ, इस अभियान में प्रदेश का प्रत्येक व्यक्ति एक कार्यकर्ता है। हम सब मिलकर टी.बी. से प्रभावित व्यक्तियों को इस रोग से मुक्त कराने का प्रयास करें। सबके प्रयासों से देश को टी.बी. मुक्त कर, प्रधानमंत्री मोदी के संकल्प को साकार करने में निश्चित ही सफलता मिलेगी।   recent visitors 83

उषा ठाकुर ने प्रशासन ने मांग कि जितने भी बांग्लादेशी इंदौर में काम करने आए है इनका भी परिक्षण किया जाना चाहिए

 इंदौर बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमलों के विरोध में पूरे प्रदेश में विरोध प्रदर्शन जारी है. इसी बीच इंदौर में काम कर रहे बांग्लादेशियों के खिलाफ बीजेपी विधायकों ने मोर्चा खोल दिया है. पूर्व मंत्री उषा ठाकुर ने प्रशासन से मांग की है कि सराफा बाजार और सदर बाजार में रहकर काम कर रहे बांग्लादेशियों की जांच कर उन्हें तत्काल यहां से विदा किया जाए. वहीं विधायक रमेश मेंदोला भी विरोध कर रहे हैं.   कुछ दिनों पहले कांग्रेस ने भी इंदौर में रह रहे बांग्लादेशियों की जांच की मांग की थी. कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जो भी यहां अनैतिक तरीके से रह रहा है उसकी जांच कर कानूनी कार्रवाई की जाए.   उषा ठाकुर ने की मांग महू विधायक उषा ठाकुर ने कहा कि, हम जिला प्रशासन को पत्र लिखकर यह मांग कर रहे है कि जितने भी बांग्लादेशी कारोबारी और मजदूर यहां काम करने आए है, इनका भी परिक्षण किया जाना चाहिए. इनका आधार कार्ड और समग्र आईडी चेक करना चाहिए. वहीं जितने भी बांग्लादेशी है उन सबको यहां से तत्काल विदा करना चाहिए.   मेन्दोला का नोबल पुरस्कार समिति से मांग इंदौर 2 के विधायक रमेंश मेंदोला ने बांग्लादेश में निर्दोष हिन्दुओं के नरसंहार के विरोध में नोबल पुरस्कार समिति से मांग की है, उन्होंने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख युनुस मोहम्मद से नोबल विश्व शान्ति पुरस्कार वापस लेने की मांग की है. विधायक रमेश मेन्दोला ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा की  बांग्लादेश में हिन्दुओं के नरसंहार और उत्पीड़न के विरुद्ध इंदौर से उठी आवाज अब वैश्विक स्वर ले रही है. मैं नोर्वे स्थित नोबल पुरस्कार समिति से बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख युनुस मोहम्मद से नोबल विश्व शान्ति पुरस्कार वापस लेने की मांग करता हूं. इंदौर 2 के विधायक रमेंश मेंदोला ने बांग्लादेश में निर्दोष हिन्दुओं के नरसंहार के विरोध में नोबल पुरस्कार समिति से मांग की है कि, बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख युनुस मोहम्मद से नोबल विश्व शान्ति पुरस्कार वापस लिया जाए। मेंदोला ने एक्स पर भी पोस्ट करते हुए कहा है कि बांग्लादेश में हिन्दुओं के नरसंहार और उत्पीड़न के विरुद्ध इंदौर से उठी आवाज अब वैश्विक स्वर ले रही है। मैं नोर्वे स्थित नोबल पुरस्कार समिति से बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख युनुस मोहम्मद से नोबल विश्व शान्ति पुरस्कार वापस लेने की मांग करता हूं। बता दें कि युनुस मोहम्मद को नोबल प्राइज कमेटी ने साल 2006 में नोबल विश्व शान्ति पुरस्कार से सम्मानित किया था। नोबल प्राइज कमेटी से मांग करते हुए मेंदोला ने कहा कि- पुरस्कार की नीति की समीक्षा करनी चाहिए। जो व्यक्ति अपने देश का मुखिया रहते हुए हिंदू उत्पीड़न, अवैध धर्मांतरण और नरसंहार का जिम्मेदार है। वह नोबल विश्व शान्ति पुरस्कार विजेता कहलाने के योग्य नहीं हो सकता। बंगाली कारीगर एसोसिएशन बोला- अगर कोई बांग्लादेशी तो हमें कैसे पता चलेगा बंगाली कारीगर एसोसिएशन के अध्यक्ष सुशांत सामवंत ने कहा कि, सराफा बाजार में काम करने वाले कारीगर पश्चिम बंगाल से आए हैं, जो भारत का हिस्सा है। उन्होंने बताया कि इंदौर सराफा बाजार में लगभग 15 से 20 हजार बंगाली कारीगर काम कर रहे है। वहीं उनकी एसोसिएशन में 10,000 से अधिक कारीगर रजिस्टर्ड हैं। यदि कोई बांग्लादेशी नागरिक बंगाली बनकर काम कर रहा है, तो इसकी जानकारी पुलिस को ही जांच कर पता लगानी चाहिए। बता दें कि कल इंदौर में हुए बांग्लादेश के खिलाफ प्रदर्शन में इंदौर बंगाली कारीगर एसोसिशन ने भी हिस्सा लिया था।   बांग्लादेशी कारीगरों की आशंका इंदौर के सराफा बाजार में 15,000 से अधिक बंगाली कारीगर सोने के जेवर बनाने का काम करते हैं. यहां काम करने वाले कारीगर सराफा बाजार के आसपास ही किराए के मकानों में रहते हैं. सराफा में काम करने वाले कारीगरों का एक एसोशिएसन भी है, जानकारी के अनुसार  इन कारीगरों में कुछ बांग्लादेश से आए लोग भी शामिल हो सकते हैं. लेकिन उन कारीगरों के सही आंकड़े का कोई पुख्ता रिकॉर्ड नहीं है   recent visitors 88

‘भोपाल यूनियन कार्बाइड का जहरीला कचरा 4 सप्ताह में हटाया जाए ‘, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का बड़ा आदेश

भोपाल / जबलपुर  मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सुरेश कुमार कैत व न्यायमूर्ति विवेक जैन की युगलपीठ ने राजधानी भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड परिसर का जहरीला कचरा एक माह में हटाने के निर्देश दिए हैं। इस सिलसिले में एक सप्ताह में संयुक्त बैठक कर सभी औपचारिकताएं पूर्ण करने के लिए कहा गया है। यह चेतावनी भी दी है कि यदि कोई विभाग आदेश का पालन करने में विफल रहता है तो उसके प्रमुख सचिव के विरुद्ध अवमानना कार्रवाई की जाएगी। ऐसा नहीं करने पर प्रदेश के मुख्य सचिव और भोपाल गैस त्रासदी राहत और पुनर्वास विभाग के प्रमुख सचिव को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर स्पष्टीकरण पेश करना होगा. युगलपीठ ने याचिका पर अगली सुनवाई 6 जनवरी को निर्धारित की है. हाईकोर्ट ने सरकार को लगाई फटकार युगलपीठ ने सभी पक्षों को सुनने के बाद सरकार को फटकार लगाते हुए अपने आदेश में कहा कि "राज्य सरकार की तरफ से इस साल 20 मार्च को पेश की गई योजना के अनुसार न्यूनतम अवधि 185 दिन और अधिकतम 377 दिनों में जहरीले कचरे को हटाने की प्रक्रिया पूरी कर ली जायेगी. हम यह समझने में विफल हैं कि सर्वोच्च तथा इस न्यायालय द्वारा समय-समय पर जारी निर्देश के अनुसार आज तक जहरीले कचरे को हटाने कोई कदम क्यों नहीं उठाया गया है. अधिकारी निष्क्रियता में हैं और आगे की कार्रवाई करने से पहले एक और त्रासदी आकार ले सकती है." '40 साल बाद भी दुखद स्थिति' याचिका की सुनवाई करते हुए युगलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि "पूर्व में पारित आदेश का अवलोकन करने पर स्पष्ट होता है कि याचिका साल 2004 में दायर की गई थी और 20 वर्ष बीत गए हैं. प्रतिवादी अभी तक पहले चरण में हैं. वास्तव में यह दुखद स्थिति है, क्योंकि प्लांट साइट से विषाक्त अपशिष्ट को हटाना, एमआईसी और प्लांट को बंद करना और आसपास की मिट्टी और भूजल में फैले दूषित पदार्थों को हटाना भोपाल शहर की आम जनता की सुरक्षा के लिए सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता है. भोपाल में गैस आपदा आज से 40 साल पहले हुई थी. 'वैधानिक दायित्वों और कर्तव्यों का करें पालन' हाईकोर्ट जस्टिस सुरेश कुमार कैत और जस्टिस विवेक जैन की युगलपीठ ने प्रमुख सचिव, भोपाल गैस त्रासदी राहत और पुनर्वास विभाग को आदेश दिया है कि "देश के पर्यावरण कानूनों के तहत अपने वैधानिक दायित्वों और कर्तव्यों का पालन करें. यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री साइट की तत्काल सफाई और संबंधित क्षेत्र से पूरा जहरीला कचरे को हटाने और सुरक्षित विनष्टीकरण करने उपचारात्मक उपाय करें. इसकी लागत राज्य सरकार और केंद्र सरकार द्वारा वहन करेंगे." '1 सप्ताह में सभी औपचारिकताएं पूरा करें' हाईकोर्ट युगलपीठ ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि "जहरीला कचरा हटाये जाने के लिए सरकार, संबंधित अधिकारी और प्रतिवादी संयुक्त बैठक कर 1 सप्ताह में सभी औपचारिकताएं पूरा करें. कोई विभाग आदेश का पालन करने में विफल रहता है, तो संबंधित प्रमुख सचिव पर अवमानना की कार्यवाही की जायेगी.कोई अधिकारी आदेशों के पालन के संबंध में कोई बाधा या रुकावट पैदा करता है, तो इसकी जानकारी मुख्य सचिव व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर न्यायालय को प्रदान करेंगे. जिससे अगली सुनवाई पर न्यायालय उस अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्यवाही कर सकें." 6 जनवरी को होगी अगली सुनवाई हाईकोर्ट युगलपीठ ने अपने आदेश में कहा कि "जहरीले कचरे के परिवहन और निपटान के दौरान सभी सुरक्षा उपाय किए जाएंगे. प्रतिदिन की प्रगति के साथ तैयार की गयी रिपोर्ट अगली सुनवाई के दौरान प्रमुख सचिव, भोपाल गैस त्रासदी राहत और पुनर्वास विभाग हलफनामे के साथ पेश की जाये." युगलपीठ ने याचिका पर अगली सुनवाई 6 जनवरी को निर्धारित की है. याचिकाकर्ता की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता नमन नागरथ उपस्थित हुए. पीथमपुर में होना है जहरीले कचरे का विनष्टीकरण याचिका की सुनवाई के दौरान पूर्व में केन्द्र सरकार की तरफ से युगलपीठ को बताया कि वह अपने हिस्से की राशि 126 करोड़ रुपये पहले ही राज्य सरकार को दे चुके हैं. राज्य सरकार ने यह राशि खर्च नहीं की है. राज्य सरकार ने राशि मिलने की जानकारी देते हुए बताया गया कि ठेकेदार को 20 प्रतिशत राशि का भुगतान किया जा चुका है लेकिन संबंधित ठेकेदार ने कोई कार्य प्रारंभ नहीं किया है. सरकार 3 सप्ताह के भीतर प्रक्रिया प्रारंभ कर देगी. म.प्र. प्रदूषण बोर्ड धार के क्षेत्रीय अधिकारी ने व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर बताया था कि जहरीले कचरे का विनष्टीकरण पीथमपुर में किया जाना है, जिसके लिए हम तैयार हैं. उनके पास 12 ट्रक उपलब्ध हैं, जिसका उपयोग राज्य सरकार जहरीले कचरे के परिवहन के लिए कर सकती है. 2004 में दायर की गई थी याचिका बता दें कि आलोक प्रभाव सिंह ने साल 2004 में यूनियन कार्बाइड के कचरे को हटाने को लेकर याचिका दायर की थी. याचिका में कहा गया था कि भोपाल गैस त्रासदी के दौरान यूनियन कार्बाइड कंपनी से हुए जहरीले गैस रिसाव में लगभग 4 हजार से अधिक लोगों की मौत हो गई थी. भोपाल गैस त्रासदी के बाद यूनियन कार्बाइड फैक्टरी में करीब 350 मीट्रिक टन जहरीले कचरा पड़ा है. याचिका में जहरीले कचरे के विनिष्टीकरण की मांग की गई थी. याचिकाकर्ता की मृत्यु के बाद हाईकोर्ट मामले की सुनवाई स्वतः संज्ञान लेकर कर रहा है. recent visitors 83

stock market में लौटी हरियाली; सेंसेक्स 800 अंक चढ़ा

मुंबई शेयर बाजार में आज सुबह धीमी शुरुआत के बाद क्‍लोजिंग के दौरान अचानक शानदार तेजी आई. निफ्टी50 350 अंक के ऊपर चढ़ गया था. वहीं सेंसेक्‍स (Sensex) 1300 अंक से ज्‍यादा उछला था. हालांकि बाजार बंद होने पर निफ्टी 240.95 अंक चढ़कर 24,708.40 पर था. जबकि सेंसेक्‍स 809.53 अंक चढ़कर 81,765.86 पर थे.   BSE सेंसेक्‍स के टॉप 30 शेयरों की बात करें तो NTPC और एशियन पेंट्स को छोड़कर सभी शेयर अच्‍छी तेजी दिखा रहे थे.  Infosys, Titan और TCS के शेयर सबसे ज्‍यादा चढ़े थे. जबकि बजाज फाइनेंस, महिंद्रा एंड महिंद्रा और एचसीएल टेक के शेयरों में 2 प्रतिशत से ज्‍यादा की तेजी देखी गई. मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्‍ट्रीज के शेयरों में 1.53 फीसदी की तेजी आई है. इन शेयरों की वजह से बड़ी रैली आईटी, ऑयल और बैंकिंग शेयरों में उछाल के कारण शेयर बाजार में अचानक तेजी आई है. खासकर टीसीएस, इंफोसिस और रिलायंस के शेयर बाजार में बड़ी रैली का कारण बने. एनएसई पर आज 2,825 शेयरों में से 1,544 शेयरों में उछाल दिखाई दी, जबकि 1,199 शेयर गिरावट और 82 शेयर अनचेंज थे. 104 शेयर 52 सप्‍ताह के हाई लेवल पर थे और 8 शेयर 52 सप्‍ताह के निचले स्‍तर पर थे. 119 शेयरों में अपर सर्किट और 27 शेयरों में लोअर सर्किट देखा गया. अचानक क्‍यों आई इतनी तेजी? शेयर बाजार में अचानक तेजी आईटी सेक्‍टर के शेयरों जैसे इंफोसिस, टीसीएस के शेयरों में उछाल के कारण आया. इसके अलावा, निवेशकों ने अंतिम समय में जमकर खरीदारी की है. आईटी सेक्‍टर में करीब 2 फीसदी की तेजी ने बाजार को ऊपर की ओर खींचा. वहीं कल आरबीआई की मॉनिटरी पॉलिसी की बैठक समाप्‍त हो रही है. ऐसे में कुछ राहत मिलने की उम्‍मीद की जा रही है. जिसे लेकर बाजार में तेजी आई है. फेडरल रिजर्व बैंक के चेयरमैन का बयान अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल की अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर कमेंट के बाद शेयर बाजार में शानदार तेजी दिखी. पॉवेल ने कहा कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था का हालिया प्रदर्शन "उल्लेखनीय रूप से अच्छा" रहा है, जिससे केंद्रीय बैंकरों को सावधानीपूर्वक ब्याज दरों को कम करने की गुंजाइश मिली. फेड प्रमुख की टिप्पणियों से उत्साहित होकर, डॉव जोन्स ने पहली बार 45,000 का आंकड़ा पार किया, क्योंकि इसने 2024 की रैली को आगे बढ़ाया जिसने प्रमुख बेंचमार्क को रिकॉर्ड की एक चेन तक पहुंचाया. ये 10 शेयर 14 फीसदी तक चढ़े     स्‍मॉल सेक्‍टर की कंपनी महाराष्ट्र सीमलेस के शेयर (Mahseamless Share) आज करीब 14.57 प्रतिशत चढ़कर 762.80 पर पहुंच गए.     CDSL के शेयर 8 प्रतिशत चढ़कर 1900 रुपये के करीब पहुंच गए थे.     कलपतरू प्रोजेक्‍ट के शेयरों में 7 फीसदी की तेजी देखी गई और यह 1247 रुपये पर था.     फिनोलेक्‍स के शेयर 7 फीसदी चढ़कर 1311 रुपये पर पहुंच गए.     बीएसई के शेयरों में 12 फीसदी की उछाल आई और यह 5,200 पर पहुंच गया था.       इंद्रपस्त्र गैस के शेयर 8 फीसदी, टाटा एलेक्‍सी के शेयर 4 फीसदी, जोमैटो के शेयर 4 फीसदी, बोश के शेयर 3 फीसदी और संवर्धन मदर के शेयर 3.5 फीसदी उछल गए.   recent visitors 97