सरकार के एक वर्ष पूरा होने पर मोहन सरकार इस अवसर को जन कल्याण पर्व के रूप में मनाएगी

भोपाल  मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव के नेतृत्व में सत्तासीन बीजेपी सरकार का प्रदेश में 1 साल पूरा हो गया है. प्रदेश सरकार के 1 साल पूरे होंने पर प्रदेश में 11 से 26 दिसंबर के बीच जन कल्याण पर्व के रूप में मनाया जाएगा. इस दौराने सभी जिलों में महिला, किसान, युवा व गरीब कल्याण समेत विकास से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. मोहन सरकार के 1 वर्ष पूरे होने पर प्रदेश सरकार ने 11 से 26 दिसंबर के बीच जन कल्याण पर्व के रूप में मनाने का निर्णय लिया है. एक पखवाड़े तक मनाए जाने वाले जन कल्याण पर्व के आयोजन के लिए मंत्रियों की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समितियां बनाई गई हैं. कैलाश विजयवर्गीय को बनाया गया युवाओं से जुड़ी समिति का अध्यक्ष रिपोर्ट के मुताबिक मोहन सरकार के एक वर्ष पूरे होने के आयोजन के लिए किसानों के लिए गठित समिति का अध्यक्ष किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंसाना को बनाया गया है, युवाओं से जुड़ी समिति का अध्यक्ष नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को नियुक्ति किया गया है. निर्मला भूरिया को बनाया गया महिलाओं से जुड़ी समिति का अध्यक्ष जन कल्याण पर्व के रूप में मनाने के लिए आयोजित होने वाले कार्यक्रम में गरीब कल्याण से जुड़ी समिति का अध्यक्ष पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल को जिम्मेदारी दी गई है, जबकि महिलाओं से जुड़ी समिति का अध्यक्ष महिला बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया को बनाया गया है. मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 में प्रचंड जीत के साथ सत्ता में लौटी बीजेपी ने मध्य प्रदेश में डा. मोहन यादव को मुख्यमंत्री बनाया था. बतौर सीएम मोहन यादव ने गत 13 दिसंबर, 2023 को मुख्यमंत्री पद और गोपनीयता की शपथ ली थी. 11 दिसंबर से प्रदेश के सभी जिलों में मनाया जाएगा जन कल्याण पर्व गौरतलब है मोहन सरकार एक वर्षीय उपलब्धि के रूप में मनाए जाने वाले जन कल्याण पर्व 11 दिसंबर से शुरू होगा. इस दौरान राजधानी भोपाल समेत सभी जिलों में गीता जयंती महोत्सव का आयोजन किया जाएगा. वहीं, ग्वालियर में 15 से 19 दिसंबर तक तानसेन समारोह आयोजित होगा. recent visitors 53

6वीं रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में 5 देशों के प्रतिनिधि होंगे शामिल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव राज्य को औद्योगिक विकास और रोजगार के केंद्र में परिवर्तित करने के लिए अपने अभिनव प्रयासों को जारी रखते हुए, 7 दिसंबर 2024 को नर्मदापुरम में 6वीं रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव (आरआईसी) का शुभारंभ करेंगे। कॉन्क्लेव में शामिल होने के लिए 4 हजार से अधिक रजिस्ट्रेशन हुए हैं, जिनमें 3 हजार एमएसएमई प्रतिनिधि, 75 प्रमुख निवेशक, और कनाडा, वियतनाम, नीदरलैंड, मेक्सिको और मलेशिया जैसे 5 देशों के अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधि शामिल होंगे। विभिन्न सेक्टोरल सत्रों में राज्य की औद्योगिक नीति, निवेश प्रोत्साहन और एमएसएमई के लिए उपलब्ध संभावनाओं पर चर्चा की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में विभिन्न औद्योगिक परियोजनाओं का वर्चुअल भूमिपूजन और उद्घाटन करेंगे। इस आरआईसी में निवेशकों को भूमि आवंटन-पत्र भी वितरित किये जायेंगे। निवेशकों के साथ वन-टू-वन मीटिंग होगी, जिसमें 10 से अधिक प्रमुख निवेशक अपनी योजनाएँ प्रस्तुत करेंगे। इसके अलावा, राउंड टेबल सत्र नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र पर केंद्रित होगा। 'निर्यात कैसे शुरू करें' और 'पर्यटन में निवेश संभावनाएँ' जैसे विषयों पर सेक्टोरल-सत्र भी होंगे। कार्यक्रम की थीम: 'नए क्षितिज, नई संभावनाएँ' नर्मदापुरम, जो अपनी धार्मिक, प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहर के लिए जाना जाता है, अब एक उभरते औद्योगिक केंद्र के रूप में भी अपनी पहचान बना रहा है। 'नए क्षितिज, नई संभावनाएँ' थीम के अंतर्गत इस कार्यक्रम में कृषि, डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण, नवकरणीय ऊर्जा, पर्यटन और वस्त्र जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया है। प्रदर्शनी कॉन्क्लेव में स्थानीय उत्पादों के प्रदर्शन के लिए प्रदर्शनी भी लगाई जा रही है जिसमें 60 से अधिक स्टॉल लग रहे हैं जिनमें एमएसएमई, पर्यटन, हस्तशिल्प विकास निगम, और बैंकिंग संस्थानों के साथ-साथ ओडीओपी उत्पादों के प्रदर्शन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उक्त स्टॉल न केवल जानकारी प्रदान करेंगे बल्कि स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने में भी महत्पूर्ण भूमिका निभाएंगे। उद्योग और रोजगार के लिए नई राह 'उद्योग वर्ष 2025' अंतर्गत आयोजित इस कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के हर क्षेत्र को औद्योगिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, सागर और रीवा में आयोजित सफल कार्यक्रमों की श्रृंखला में नर्मदापुरम का यह आयोजन क्षेत्रीय संभावनाओं को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करने का एक और महत्वपूर्ण कदम है। इस कॉन्क्लेव से नर्मदापुरम क्षेत्र को औद्योगिक मानचित्र पर स्थापित करने के साथ-साथ निवेशकों और सरकार के बीच आपसी सहयोग को और सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी।   recent visitors 64

शक्तिकांत दास बोले- हमारा काम महंगाई को काबू में रखना…, ब्‍याज दरों में नहीं हुआ बदलाव, रेपो रेट 6.50% पर बरकरार

मुंबई आरबीआई मॉनेटरी पॉलिसी की बैठक के नतीजे आ गए हैं. सुबह 10 बजे नतीजे घोषित करते हुए आरबीआई गवर्नर शक्तिकान्‍त दास (RBI Governor Shaktikanta Das) ने बताया कि इस बार भी ब्‍याज दरों में बदलाव नहीं किया गया है. रेपो रेट फिलहाल 6.50% पर ही बरकरार रहेगा. MPC के 6 में से 4 सदस्‍य ब्‍याज दरों में बदलाव के पक्ष में नहीं. मतलब साफ है कि अभी आपके होम लोन, ऑटो लोन समेत तमाम तरह के कर्ज भी फिलहाल सस्‍ते नहीं होंगे. बता दें कि RBI ने आखिरी बार फरवरी 2023 में ब्‍याज दरों में बदलाव किया था. उस समय दरें 0.25% बढ़ाकर 6.5% की गई थीं, तब से ये जस से तस बनी हुई हैं. बता दें कि गवर्नर शक्तिकान्‍त दास के मौजूदा कार्यकाल की आखिरी एमपीसी बैठक है. उनका कार्यकाल 10 दिसंबर को समाप्त हो रहा है. भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने अपने कार्यकाल का आखिरी मॉनेटरी पॉलिसी का ऐलान करते हुए कहा कि मेजोरिटी में सदस्‍यों ने तय किया है कि रेपो रेट को अनचेंज रखा जाए. एमपीसी ने तय किया गया है कि महंगाई को टारगेट पर लाने का फोकस रहेगा. इस लिए अभी रेपो रेट में कटौती नहीं की जा रही है. Repo Rate का EMI पर असर RBI की MPC की बैठक हर दो महीने में होती है और इसमें शामिल रिजर्व बैंक गवर्नर शक्तिकांत दास समेत छह सदस्य महंगाई समेत अन्य मुद्दों और बदलावों (Rule Changes) पर चर्चा करते हैं. यहां बता दें कि रेपो रेट का सीधा कनेक्शन बैंक लोन लेने वाले ग्राहकों से होता है. इसके कम होने से लोन की ईएमआई घट जाती है और इसमें इजाफा होने से ये बढ़ जाती है. दरअसल, रेपो रेट (Repo Rate) वह दर है जिस पर किसी देश का केंद्रीय बैंक धन की किसी भी कमी की स्थिति में वाणिज्यिक बैंकों को पैसा उधार देता है. रेपो रेट का उपयोग मौद्रिक अधिकारियों द्वारा इंफ्लेशन को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है. recent visitors 145

मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार 11 दिसंबर को गीता जयंती पर पूरे प्रदेश में अंतर्राष्‍ट्रीय गीता महोत्‍सव मनाया जायेगा

भोपाल मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार 11 दिसंबर को गीता जयंती पर पूरे प्रदेश में अंतर्राष्‍ट्रीय गीता महोत्‍सव मनाया जायेगा। उज्‍जैन में 8 से 12 दिसंबर तक कालिदास संस्‍कृत अकादमी परिसर में महोत्‍सव होगा। राजधानी भोपाल में 11 दिसंबर को मोतीलाल नेहरू स्‍टेडियम में मुख्‍य समारोह होगा। इंदौर के लता मंगेशकर सभागार में सांस्‍कृतिक संध्‍या होगी। जिला मुख्‍यालयों में श्रीकृष्‍ण परंपरा आधारित सांस्‍कृतिक गतिविधियों के साथ-साथ जिला कारागार में श्रीमदभागवद् गीता के कर्मयोग अध्‍याय का पाठ किया जायेगा। महाराजा विक्रमादित्‍य शोधपीठ द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में ख्‍यात गीतकार श्री मनोज मुन्‍तशिर, मोटिवेशनल स्‍पीकर श्री विवेक बिन्‍द्रा, गायिका स्‍वस्ति मेहुल, साधो बैण्‍ड सहित कई वैष्‍णव परंपरा आधारित सांस्‍कृतिक नाट्य दलों द्वारा प्रस्‍तुति दी जायेगी।इसके अलावा संपूर्ण मध्‍यप्रदेश में गौ एवं गोपाल तथा श्रीमदभवद् गीता पुराण आधारित चित्र प्रदर्शनी लगायी जायेगी। विरासत और विकास से जोड़ेगी श्रीकृष्ण पाथेय योजना मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि भगवान श्रीकृष्ण भारत में नवजागरण, उत्कर्ष और राष्ट्रीय अस्मिता के उज्ज्वल प्रतीक हैं। वे योगीराज-युगपुरुष-न्याय प्रिय-जगतगुरु हैं। वे साहित्य, संस्कृति, विज्ञान, गौवंश, कृषि और जल संवर्धन के प्रेरक तथा भारतीय सांस्कृतिक प्रभामंडल के सर्वमान्य प्रतीक हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल पर प्रदेश में भगवान श्रीकृष्ण से प्रेरणा के लिए श्रीकृष्ण पाथेय योजना आरंभ की गयी है। यह योजना भगवान श्रीकृष्ण की मथुरा से लेकर उज्जैन, अमरावती, कुरुक्षेत्र, द्वारिका क्षेत्रों की यात्राओं तथा इन यात्राओं के दौरान भगवान श्रीकृष्ण द्वारा युगपरिवर्तनकारी कार्यों की फिर से पहचान और उनकी अद्वितीय विरासत से समाज के विकास का पथ खोजना मध्‍यप्रदेश सरकार का संकल्प है। गीता भारतीय के दर्शन और चिंतन का मूल आधार उल्लेखनीय है कि श्रीमद्भगवद् गीता भारतीय के दर्शन और चिंतन का मूल आधार है, जो सद्कर्म के माध्‍यम से मनुष्‍य को अपने में ही दिव्‍यता का अनुभव करा देती है। यह समस्‍त मानव समाज को स्‍व-धर्म का आत्‍म-बोध देती है, यह सच्‍चे कर्तव्‍य पथ की ओर प्रशस्‍त करती है। साथ ही विरासत से विकास की संकल्‍पना के मूल विचार में सनातन परम्‍पराएँ, मान्‍यताएँ और उसके कल्‍याणकारी सामाजिक परिणाम रहे है। इसी क्रम में गीता जयंती के अवसर पर संपूर्ण मध्‍यप्रदेश में अंतर्राष्‍ट्रीय गीता महोत्‍सव का आयोजन किया जा रहा है। 8 को मनोज मुंतशिर का गीता संवाद, 11 को विवेक देंगे मोटिवेशनल स्‍पीच शोधपीठ के निदेशक श्रीराम तिवारी ने बताया उज्‍जैन में 8 से 12 दिसंबर 2024 तक कालिदास संस्‍कृ‍त अकादमी परिसर में अंतर्राष्‍ट्रीय गीता महोत्‍सव की सांस्‍कृतिक गतिविधियाँ होगी। इस पाँच दिवसीय महोत्‍सव के पहले दिन ख्‍यात गीतकार मनोज मुंतशिर का गीता संवाद होगा। इसके बाद सुमन साहा (कोलकाता) निर्देशित महानाट्य गुरू दक्षिणा का मंचन होगा। यह श्रीकृष्‍ण-गुरू सांदीपनि के आख्‍यान पर आधारित है। महानाट्य कृष्णायन की प्रस्तुति के साथ ही होंगी गीता आधारित प्रतियोगिताएँ दूसरे दिन श्री संजीव मालवीय निर्देशित महानाट्य कृष्‍णायन की प्रस्‍तुति होगी। 10 दिसंबर को प्रात: 10 बजे गीता आधारित प्रतियोगिताएँ होगी। इसी क्रम में 11 बजे से श्रीमद्भगवद् गीता आधारित संगोष्‍ठी का आयोजन होगा जिसमें देश-विदेश के विषय विशेषज्ञ अपना वक्‍तव्‍य देंगे। सांस्‍कृतिक संध्‍या में प्रसिद्ध भजन गायिका सुश्री कलापिनी कोमकली श्रीकृष्‍ण पर केन्द्रित भजन प्रस्‍तुत करेंगी। इसके बाद श्री कुमार शर्मा एवं दल द्वारा "श्रीकृष्‍ण: अनेक नाम-अनेक धाम" नृत्‍य नाटिका को प्रस्तुति की जायेगी। 5108 आचार्य करेंगे गीता पाठ ग्यारह दिसंबर को सांस्‍कृतिक कार्यक्रमों के साथ महोत्‍सव का शुभारंभ होगा। इसमें प्रवचन, 5108 आचार्यों द्वारा गीता पाठ, मोटिवेशनल स्‍पीकर श्री विवेक बिन्‍द्रा की मोटिवेशनल स्‍पीच, श्रीमद्भगवद् गीता एवं मूल्‍य आधारित शिक्षा प्रतियोगिताओं के पुरस्‍कार वितरण, सुदर्शन चक्र की संगीतमय यात्रा- श्रीकृष्‍ण गाथा नृत्‍य नाट्य की प्रस्‍तुति होगी। 12 दिसंबर को प्रातः 8.00 बजे से सम्पूर्ण गीता पाठ एवं यज्ञ किया जायेगा। भोपाल में बनेगा श्रीमद्भगवद् गीता के सस्वर पाठ का विश्व रिकार्ड श्रीमद्भगवद् गीता के कर्मयोग अध्याय का आचार्यों द्वारा विश्व रिकार्ड बनाने के लिये 11 दिसंबर को भोपाल के मोतीलाल नेहरू स्टेडियम में सस्वर पाठ किया जायेगा। सांस्कृतिक संध्या में साधो बैण्ड एवं दल द्वारा प्रस्तुति दी जायेगी। इसके अलावा पर्यटकों/शोधार्थियों के लिये प्रदेश के पर्यटन स्थलों एवं अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर श्रीमद्भगवद् गीता, वाल्मीकि रामायण और रामचरितमानस की एक-एक प्रतियाँ रखे जाने की पहल की जायेगी। इंदौर में होगी स्वस्ति मेहुल की सांगीतिक प्रस्तुति इंदौर के लता मंगेशकर सभागार में गायिका स्वस्ति मेहुल एवं दल, मुंबई श्रीकृष्ण आधारित गीतों को प्रस्तुत करेंगी। मध्यप्रदेश द्वारा कुरूक्षेत्र में गौ और गोपाल एवं श्रीमद्भगवत पुराण पर आधारित लगाई जायेगी प्रदर्शनी शोधपीठ के निदेशक ने बताया कि हरियाणा के कुरूक्षेत्र में गीता जयंती के अवसर पर 15 दिसंबर तक आयोजित कार्यक्रम में मध्यप्रदेश की ओर से गौ एवं गोपाल तथा श्रीमद्भागवत पुराण आधारित चित्र प्रदर्शनी लगायी जायेगी। साथ ही श्रीकृष्ण आधारित भजन, नृत्य, नाट्य एवं गायन आदि प्रस्तुतियाँ की जायेगी।   recent visitors 81

प्रयागराज-वाराणसी रेलवे ट्रैक के दोहरीकरण का कार्य अंतिम चरण में, रेल मंत्री के निरिक्षण के बाद पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन

प्रयागराज प्रयागराज महाकुंभ के पहले भारतीय रेलवे ने सनातन संस्कृति के दो महत्वपूर्ण केंद्रों, प्रयागराज और वाराणसी के बीच की यात्रा को और अधिक तेज और सुगम बनाने का महत्वपूर्ण कार्य पूरा कर लिया है। दोनों शहरों के बीच रेलवे ट्रैक के दोहरीकरण का कार्य अंतिम चरण में है। 8 दिसंबर को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के निरीक्षण के बाद प्रधानमंत्री अपनी यात्रा के दौरान इस परियोजना का शुभारंभ करेंगे। महाकुंभ 2025 को दिव्य,भव्य, सुरक्षित और सुगम बनाने में केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार कोई कसर बाकी नहीं रखना चाहती। महाकुंभ 2025 में देश के कोने-कोने से लगभग 40 करोड़ श्रद्धालुओं के प्रयागराज आने का अनुमान है। ऐसे में भारतीय रेलवे की भी तैयारियां युद्ध स्तर पर चल रही हैं। इसी दिशा में रेलवे ने वाराणसी-प्रयागराज रेल लाइन दोहरीकरण और गंगा रेल ब्रिज का काम पूरा कर लिया है। इस परियोजना का निरीक्षण कार्य रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव 8 दिसंबर को करेंगे। 13 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने प्रयागराज दौरे पर महाकुंभ के ल‍िए जारी निर्माण कार्यों के निरीक्षण और उद्घाटन के साथ इस परियोजना का भी शुभारंभ भी करेंगे। प्रयागराज और वाराणसी के बीच रेल ट्रैक के दोहरीकरण हो जाने से इस रूट पर अब ट्रेनें 100 से 130 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चल सकेंगी। वंदे भारत जैसी अत्याधुनिक ट्रेन प्रयागराज से वाराणसी के बीच की दूरी को एक से सवा घंटे में पूरी करेगी। गंगा रेल ब्रिज और प्रयागराज, वाराणसी रेल ट्रैक दोहरीकरण का कार्य भारतीय रेलवे के संगठन आरवीएनएल ने किया है। प्रोजेक्ट के बारे में बताते हुए आरवीएनएल के जीएम विनय अग्रवाल ने कहा कि इस ब्रिज के निर्माण का प्रस्ताव 2003 में रखा गया था। लेकिन राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी और जमीन अधिग्रहण में समस्या होने के कारण इसका निर्माण कार्य रुका रहा। लेकिन डबल इंजन की सरकार के प्रयासों से गंगा ब्रिज का निर्माण कार्य 2019 में शुरू हुआ और महाकुंभ के पहले ब्र‍िज से ट्रेनों की आवाजाही शुरू हो जाएगी। गंगा रेल ब्रिज प्रयागराज के दारागंज को झूंसी से जोड़ने का कार्य करता है, जो पुराने हो चुके आईजैट ब्रिज की जगह लेगा। साथ ही इस क्रम में प्रयागराज में सीएमपी डिग्री कॉलेज के पास रेल ओवर ब्रिज और झूंसी से रामबाग के बीच भी ट्रैक दोहरीकरण कर इस रेल लाइन से जोड़ दिया गया है। इस ट्रैक से प्रतिदिन लगभग 200 ट्रेनें गुजरती हैं। इस ट्रैक के माध्यम से अब दिल्ली-कोलकाता, प्रयागराज-कोलकाता, प्रयागराज गोरखपुर और प्रयागराज-पटना के बीच ट्रेनों की रफ्तार और तेज होगी। recent visitors 72

PM मोदी 13 दिसंबर को करेंगे महाकुंभ तैयारियों की समीक्षा, महाकुंभनगर और प्रयागराज आ रहे

प्रयागराज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) 2025 के महाकुंभ की तैयारियों की समीक्षा करने और प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन करने के लिए 13 दिसंबर को महाकुंभनगर और प्रयागराज का दौरा करेंगे. एजेंसी के मुताबिक, गुरुवार को अधिकारियों के जरिए इस बात की जानकारी मिली है. प्रयागराज में संगम के तट पर जिस इलाके में महाकुंभ मेले की तैयारी है, उस जगह को यूपी सरकार ने महाकुंभनगर नाम दिया है और इसे एक नए जिले के रूप में अधिसूचित किया है. प्रधानमंत्री मोदी के दौरे से पहले, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 7 दिसंबर को व्यवस्थाओं का व्यापक निरीक्षण करेंगे, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि भव्य आध्यात्मिक आयोजन के लिए सभी तैयारियां अच्छी तरह से चल रही हैं. शहर को सजाने की तैयारी एजेंसी के मुताबिक, एक बयान में कहा गया है कि पीएम मोदी के दौरे को देखते हुए महाकुंभनगर और प्रयागराज को भव्यता से सजाया जाएगा. विभागों को अपने कार्यालयों और भवनों को सुंदर बनाने के निर्देश दिए गए हैं, साथ ही सरकारी बिल्डिंग्स को लाइटिंग से जगमग करने की योजना बनाई गई है. प्रमुख चौराहों, सड़कों और पार्कों को भी सजाया जाएगा. डिवीजनल कमिश्नर विजय विश्वास पंत ने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा उद्घाटन किए जाने वाले प्रोजेक्ट सहित सभी तैयारियां वक्त पर पूरी करने के निर्देश दिए हैं. पंत ने कहा, "तैयारियां तेजी से चल रही हैं और तय समय सीमा के अंदर पूरी हो जाएंगी." दौरे से पहले काम पूरा करने के निर्देश बयान के मुताबिक, इमारतों को रौशन किए जाने की भी योजना है. इसके अतिरिक्त प्रमुख चौराहों और सड़कों को भी दुल्हन की तरह सजाया जाएगा. मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की ओर से सभी आवश्यक तैयारियों को पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही, जिन परियोजनाओं का पीएम मोदी लोकार्पण करेंगे, उन्हें भी समय से पहले पूरा किए जाने के आवश्यक निर्देश दिए गए हैं. प्रधानमंत्री मोदी के आगमन के संबंध में मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने बताया कि सभी तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं. इन्हें निर्धारित समयसीमा में पूर्ण कर लिया जाएगा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सात दिसंबर को प्रयागराज में स्वयं इन कार्यों की समीक्षा करेंगे. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के प्रयागराज दौरे को लेकर सभी विभाग और अधिकारी पूरी तत्परता से जुटे हुए हैं. PWD और प्राधिकरण पूरी जोर-शोर से तैयारियों में लोक निर्माण विभाग (पीडब्लूडी) द्वारा सभी महत्वपूर्ण सड़कों का नवीनीकरण तेजी से पूरा किया जा रहा है. सभी चौराहों और सड़क सौंदर्यीकरण का कार्य प्रयागराज विकास प्राधिकरण और पीडब्लूडी द्वारा समय पर पूरा कर लिया जाएगा. मंडलायुक्त ने बताया कि नगर निगम की ओर से स्ट्रीट लाइटिंग और थीमैटिक लाइटिंग का कार्य किया जा रहा है. विद्युत विभाग की ओर से सभी पावर केबल्स को बिछाने का काम भी तेजी से पूरा किया जा रहा है. बयान के मुताबिक, 7 दिसंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दौरा सुनिश्चित करेगा कि सभी निर्देशों का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन हो. मुख्यमंत्री व्यक्तिगत रूप से तैयारियों की समीक्षा करेंगे, इसके साथ ही स्वच्छ और हरित महाकुंभ पर जोर देंगे. मंडलायुक्त ने कहा कि प्रधानमंत्री के दौरे के लिए सभी विभाग और अधिकारी पूरी तरह तैयार हैं. PWD प्रमुख सड़कों के नवीनीकरण का काम तेजी से पूरा कर रहा है, जबकि प्रयागराज विकास प्राधिकरण और पीडब्ल्यूडी प्रमुख चौराहों और सड़कों का वक्त पर सौंदर्यीकरण की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं.   recent visitors 74

मध्यप्रदेश सरकार का एक वर्ष मनेगा जनकल्याण पर्व के रूप में, मंत्रियों की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समितियां बनाई गई

भोपाल  मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव के नेतृत्व में सत्तासीन बीजेपी सरकार का प्रदेश में 1 साल पूरा हो गया है. प्रदेश सरकार के 1 साल पूरे होंने पर प्रदेश में 11 से 26 दिसंबर के बीच जन कल्याण पर्व के रूप में मनाया जाएगा. इस दौराने सभी जिलों में महिला, किसान, युवा व गरीब कल्याण समेत विकास से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. मोहन सरकार के 1 वर्ष पूरे होने पर प्रदेश सरकार ने 11 से 26 दिसंबर के बीच जन कल्याण पर्व के रूप में मनाने का निर्णय लिया है. एक पखवाड़े तक मनाए जाने वाले जन कल्याण पर्व के आयोजन के लिए मंत्रियों की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समितियां बनाई गई हैं. कैलाश विजयवर्गीय को बनाया गया युवाओं से जुड़ी समिति का अध्यक्ष रिपोर्ट के मुताबिक मोहन सरकार के एक वर्ष पूरे होने के आयोजन के लिए किसानों के लिए गठित समिति का अध्यक्ष किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंसाना को बनाया गया है, युवाओं से जुड़ी समिति का अध्यक्ष नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को नियुक्ति किया गया है. निर्मला भूरिया को बनाया गया महिलाओं से जुड़ी समिति का अध्यक्ष जन कल्याण पर्व के रूप में मनाने के लिए आयोजित होने वाले कार्यक्रम में गरीब कल्याण से जुड़ी समिति का अध्यक्ष पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल को जिम्मेदारी दी गई है, जबकि महिलाओं से जुड़ी समिति का अध्यक्ष महिला बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया को बनाया गया है. मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 में प्रचंड जीत के साथ सत्ता में लौटी बीजेपी ने मध्य प्रदेश में डा. मोहन यादव को मुख्यमंत्री बनाया था. बतौर सीएम मोहन यादव ने गत 13 दिसंबर, 2023 को मुख्यमंत्री पद और गोपनीयता की शपथ ली थी. 11 दिसंबर से प्रदेश के सभी जिलों में मनाया जाएगा जन कल्याण पर्व गौरतलब है मोहन सरकार एक वर्षीय उपलब्धि के रूप में मनाए जाने वाले जन कल्याण पर्व 11 दिसंबर से शुरू होगा. इस दौरान राजधानी भोपाल समेत सभी जिलों में गीता जयंती महोत्सव का आयोजन किया जाएगा. वहीं, ग्वालियर में 15 से 19 दिसंबर तक तानसेन समारोह आयोजित होगा. recent visitors 64