5 बार ट्रैफिक रूल तोड़ने पर जुर्माना न भरने वाले वाहन चालकों की मोटर साइकिलें भी जब्त की जा रही, पुलिस ने भेजे समन

सागर अगर आप ने शहर में यातायात नियम तोड़ा है और उसका जुर्माना नहीं भरा तो आप की गाड़ी को पुलिस जब्त करेगी, क्योंकि पांच से अधिक बार यातायात नियम को तोड़ने वाले वाहनों चालकों की कुंडली बनकर तैयार हो गई है। पुलिस इनके पते में समन भिजवा रही है। जुर्माना न भरने वाले वाहन चालकों की मोटर साइकिलें भी जब्त की जा रही हैं। सागर में ऐसे 1 हजार से अधिक वाहन चालक ऐसे हैं जिन्होंने पांच से अधिक बार ट्रैफिक नियम को तोड़ा है और बगैर जुर्माना भरे घूम रहे हैं। एक बाइक चालक महाशय के तो 23 चालान तक बन चुके हैं।   नियम तोड़ने वालों के ई-चालान दरअसल शहर के जगह-जगह लगे स्मार्ट सिटी के कैमरों में यातयात नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों के ई-चालान बनाए जाते हैं। शहर के कुल डेढ़ दर्जन स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से रेड लाइट जंप, तीन सवारी और हेलमेट न पहलकर वाहन चलाने वालों के चालान काटे जाते हैं। हर साल कैमरों की मदद से बनने वाले ई-चालान की बात करें तो इनकी संख्या करीब 50 हजार है, यानी हर साल सागर शहर में 50 हजार से अधिक लोग यातायात नियम तोड़ते हैं। पिछले साल से सागर में लागू हुए एनआईसी के ई-चालान सिस्टम के माध्यम से न केवल कैमरों की मदद से नियम तोड़ने वालों का चालान बनाया जाता है, कई विभागों से भी जुड़ा ऑनलाइन सिस्टम आल इंडिया स्तर पर बनाए गए नए साफ्टवेयर पर उक्त वाहन चालक का चालान अपलोड भी हो जाता है। इस साफ्टवेयर में आरटीओ, ट्रैफिक पुलिस ही बल्कि न्यायालय तक जुड़ा हुआ है। हालांकि चालान बनने की सूचना चालक के वाहन रजिस्ट्रेशन पर दर्ज उसके मोबाइल नंबर पर भी भेजी जाती है। लेकिन वाहन चालक चालान नहीं भरते।   शहर में करीब 50 हजार चालान लंबित यही करते करते शहर में करीब 50 हजार ई-चालान की राशि वाहन चालकों ने जमा नहीं की है। इसी को देखते हुए पिछले दिनों न्यायालय और जिला दंडाधिकारी द्वारा यातायात पुलिस को ई-चालान की जुर्माना राशि वसूली और न भरने वाले चालकों के वाहनों को जब्त करने के निर्देश दिए गए। लंबित चालान पर कार्रवाई यातायात पुलिस द्वारा सबसे पहले पांच या उससे अधिक लंबित चालान वाले वाहन चालकों पर शिकंजा कसाने की योजना बनाई है। करीब एक हजार ऐसे वाहन चालक हैं, जिन्होंने पांच या उससे अधिक बार यातायात नियमों को तोड़ा और जुर्माना नहीं भरा। इसके लिए यातायात पुलिस द्वारा समस्त पुलिस कर्मियों को उनके बीट के अनुसार ऐसे वाहन चालकों के नाम समन जारी करवाकर उसे हाथों-हाथ तामील कराया जा रहा है। साथ ही उनके वाहनों की जब्त करने की कार्रवाई भी की जा रही है। साफ्टवेयर में सारी जानकारी अपलोड एनआईसी के नए साफ्टवेयर में चालानी कार्रवाई के दौरान जैसे ही यातायात पुलिस वाहन को पकड़कर उसका आनलाइन चालान करती है, वैसै ही मशीन में गाड़ी नंबर डालते ही इसके पहले हुए उसके सारे चालान और जुर्माना की जानकारी सामने आ जाएगी। रेड लाइन जंप के लिए 500 रुपये, तीन सवारी बैठाकर मोटर साइकिल चलाने वाले पर 500 रुपये और हेलमेट न पहन कर वाहन चलाने वाले चालकों पर 300 रुपये जुर्माना की कार्रवाई की जाती है। वाहन जब्त होंगे पांच से अधिक बार यातायात नियमों को तोड़कर उसका जुर्माना न भरने वाले वाहन चालकों के वाहन जब्त करने की कार्रवाई की जा रही है। ऐसे वाहन चालकों के घर पर भी जाकर पुलिस उन्हें समन तामील करवा रही है।मयंक चौहान, डीएसपी, ट्रैफिक फोटो कैप्शन: सिविल लाइन चौराहे पर रेड सिग्नल के बाद खड़े वाहन। recent visitors 92

हमें विश्वास है कि एकनाथ शिंदे सरकार में शामिल होंगे. सीएम, डिप्टी सीएम सिर्फ तकनीकी शब्द हैं: देवेंद्र फडणवीस

मुंबई शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे, भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस, एनसीपी प्रमुख अजित पवार ने राज्य में सरकार बनाने का दावा पेश किया। देवेंद्र फडणवीस कल, 5 दिसंबर को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। महाराष्ट्र के भावी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, "हमने राज्यपाल से मुलाकात की है और राज्य में सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए समर्थन पत्र सौंपा है। राज्यपाल ने हमें कल शाम 5.30 बजे शपथ समारोह के लिए आमंत्रित किया है। महाराष्ट्र के मनोनीत मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, "आज हमने राज्यपाल से भेंट की है…और शिवसेना के अध्यक्ष और शिवसेना विधायक दल के नेता के तौर पर एकनाथ शिंदे ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद के लिए मेरे नाम की सिफारिश करते हुए एक पत्र दिया है…राज्यपाल ने हमें सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया है। शपथ ग्रहण समारोह 5 दिसंबर(कल) शाम 5.30 बजे प्रधानमंत्री मोदी की उपस्थिति में होगा…हमने महाराष्ट्र की जनता से जो वादे किए हैं उनको पूरा करने के लिए यह सरकार काम करेगी। . हमें विश्वास है कि एकनाथ शिंदे सरकार में शामिल होंगे. सीएम, डिप्टी सीएम सिर्फ तकनीकी शब्द हैं. एनसीपी प्रमुख अजित पवार ने कहा, "…हम राज्य में सरकार चलाने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देंगे। पार्टी से संबंधित गतिविधियों को (भाजपा प्रमुख) चंद्रशेखर बावनकुले और एनसीपी के सुनील तटकरे संभालेंगे। शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने कहा, "मुझे बहुत खुशी है कि हमारी सरकार, महायुति सरकार, हमारी टीम ने ढाई साल में जो काम किया है वह उल्लेखनीय है और इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। recent visitors 70

रेल सुविधा के चलते इस साल के अंत तक 1000 अतिरिक्त कोच रेलों में लगाये जाएंगे: रेल मंत्री

नई दिल्ली सरकार ने कहा है कि रेल सुविधा को सबके लिए उपलब्ध कराने की योजना पर तेजी से काम चल रहा है, जिसके लिए जनरल बोगियों को बढ़ाया जा रहा है और इसके तहत इस साल के अंत तक 1000 अतिरिक्त कोच रेलों में लगाये जाएंगे। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में एक पूरक प्रश्न के जवाब में यह जानकारी देते हुए बताया कि कि देश के हर क्षेत्र में लोगों को बेहतर रेल सुविधा मिले, इसलिए सरकार जनरल डिब्बों को बढ़ाने पर ध्यान दे रही है और इसका मकसद ऐसा कर हर नागरिक तक बेहतर रेल सुविधा उपलब्ध कराना है। श्री वैष्णव ने कहा कि केरल में रेल नेटवर्क को विकसित करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है और इसके लिए निधि आवंटित की गई है। उन्होंने स्थानीय सांसदों से राज्य सरकार को भूमि उपलब्ध कराने में मदद करने का भी आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि सरकार पैसेंजर ट्रेन में यात्रा के लिए बड़ी सब्सिडी दे रही है और इस क्रम में 56993 करोड़ से ज्यादा की सब्सिडी पैसेंजर ट्रेन में दी गयी है। सरकार का फोकस जनरल कोच बढ़ाने पर है और दिसंबर के आखिर तक 1000 अतिरिक्त जनरल कोच बढ़ाने की योजना है।   recent visitors 72

मुख्यमंत्री साय ने किया साइबर भवन का उद्घाटन

  मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग द्वारा निर्मित समाधान और सशक्त मोबाइल ऐप किया लांचिंग रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज पुलिस मुख्यालय नवा रायपुर में राज्य स्तरीय साइबर भवन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने साइबर अपराध की चुनौतियों और उससे निपटने के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों पर प्रकाश डाला। मुख्यमंत्री ने कहा साइबर अपराध आज के समय की सबसे बड़ी चुनौती है और इसे रोकने के लिए जागरूकता और तकनीकी दक्षता का होना अत्यंत आवश्यक है। राज्य सरकार ने इस दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जिनमें साइबर भवन का उद्घाटन एक अहम पहल है। मुख्यमंत्री श्री साय ने अक्टूबर माह में प्रदेश में आयोजित 410 जनजागरूकता कार्यक्रमों का उल्लेख किया, जिसके माध्यम से 23 लाख लोगों तक साइबर सुरक्षा की जानकारी पहुंचाई गई। उन्होंने कहा कि जनजागरूकता अभियान साइबर अपराध रोकने का सबसे महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री श्री साय ने पुलिस विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा हमारे पुलिस अधिकारियों ने क्रिप्टो करेंसी और शेयर ट्रेडिंग के बहाने ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह को पकड़ा है। यह साबित करता है कि छत्तीसगढ़ पुलिस अपराधियों को ट्रैक करने में पूरी तरह सक्षम है। उन्होंने तकनीकी दक्षता को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा किए गए प्रयासों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आईआईटी भिलाई और आईआईएम रायपुर के साथ हुए अनुबंध साइबर अपराध और मानव तस्करी जैसी समस्याओं के समाधान के लिए एक मील का पत्थर साबित होंगे। उन्होंने बच्चों की सुरक्षा को लेकर यूनिसेफ द्वारा बनाए गए ऑनलाइन मॉड्यूल की प्रशंसा की।   कार्यक्रम में पुलिस कर्मियों के कल्याण के लिए 8 बैंकों के साथ एमओयू साइन किया गया, जिसके तहत पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को विपरीत परिस्थितियों में आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने पुलिस विभाग द्वारा निर्मित समाधान मोबाइल ऐप और सशक्त मोबाइल ऐप को लांच किया। उन्होंने साइबर अपराधों की उत्कृष्ट विवेचना करने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हम नई तकनीक को अपनाकर साइबर अपराधों को रोकने की दिशा में  और अधिक दक्षता के साथ काम करेंगे। उन्होंने इस दिशा में काम कर रहे सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके प्रयासों के लिए बधाई दी।      उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में सुशासन और सुदर्शन की नीति को आधार बनाकर किए गए कार्यों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार आज देश में सबसे उत्कृष्ट कार्य करने वाली सरकार के रूप में उभर रही है। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने महतारी वंदन योजना का जिक्र करते हुए बताया कि इस योजना ने 70 लाख लाभार्थियों तक पहुंचने का ऐतिहासिक आंकड़ा छू लिया है। उन्होंने कहा कि सरकार सुशासन के सिद्धांतों पर काम कर रही है और समाज के हर वर्ग तक इसका लाभ पहुंचाने के लिए संकल्पित है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने पुलिस तंत्र को न केवल पुनर्जीवित किया, बल्कि इसे एक प्रभावी प्रणाली में तब्दील कर दिया। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने छत्तीसगढ़ पुलिस की सराहना करते हुए कहा कि बस्तर क्षेत्र में पुलिस ने नक्सलवाद को सीमित करने में अद्भुत कार्य किया है। यह सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति और रणनीतिक प्रयासों का परिणाम है। साइबर अपराधों पर बोलते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने साइबर अपराध से निपटने के लिए विशेष पहल की है। हाल ही में चलाए गए साइबर जागरूकता पखवाड़े का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि लोगों को इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग के लिए जागरूक किया जा रहा है। आज उद्घाटन किए गए साइबर भवन से बड़े अभियानों को संचालित किया जाएगा, जो इस दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार सुशासन के अपने लक्ष्यों को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है और आने वाले समय में और भी बड़े निर्णय लेकर जनता के हित में कार्य करेगी। इस अवसर पर विधायक श्री गुरु खुशवंत साहेब, पुलिस महानिदेशक श्री अशोक जुनेजा, अपर मुख्य सचिव गृह श्री मनोज पिंगुवा, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री प्रदीप गुप्ता, श्री एस आर पी कल्लूरी, श्री विवेकानन्द सिन्हा, श्री अमित कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, सचिव गृह श्रीमती नेहा चम्पावत, श्री हिमशिखर गुप्ता सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे। recent visitors 86

मुख्यमंत्री पौष्टिक अल्पाहार योजना गुजरात में होगी शुरू, सरकारी स्कूलों के 41 लाख छात्रों को रोज़ाना पौष्टिक नाश्ता दिया जाएगा

अहमदाबाद गुजरात सरकार ने राज्य के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई और पोषण के बीच संतुलन बनाने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल ने मुख्यमंत्री पौष्टिक अल्पाहार योजना (मुख्यमंत्री पौष्टिक नाश्ता योजना) शुरू करने की घोषणा की है, जिसके तहत राज्य के सरकारी स्कूलों के 41 लाख छात्रों को रोज़ाना पौष्टिक नाश्ता दिया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को बढ़ावा देना है।   मुख्यमंत्री ने योजना का किया ऐलान मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने यह घोषणा करते हुए कहा, “यह योजना 'सुपोषित गुजरात मिशन' के तहत लॉन्च की जा रही है और इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों को पोषक तत्वों से भरपूर नाश्ता उपलब्ध कराना है, ताकि उनका शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य बेहतर हो सके।" उन्होंने इस पहल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'पढ़ाई भी, पोषण भी' कार्यक्रम के तहत एक महत्वपूर्ण कदम बताया। इस योजना के अंतर्गत, गुजरात राज्य के 32,277 सरकारी और अनुदान प्राप्त प्राथमिक स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा 1 से 8 तक के सभी छात्रों को स्कूल में पहुंचने से पहले पौष्टिक नाश्ता परोसा जाएगा। योजना के तहत छात्रों को चना चाट, मिक्स बीन्स, सुखड़ी और बाजरा (श्री अन्न) से बने खाद्य पदार्थ दिए जाएंगे, जो उनकी सेहत के लिए फायदेमंद होंगे।   32,277 स्कूलों में होगा लागू गुजरात सरकार द्वारा शुरू की गई इस योजना का फायदा राज्य के कुल 32,277 सरकारी और अनुदान प्राप्त स्कूलों के छात्रों को मिलेगा। इन स्कूलों में बालवाटिका से लेकर कक्षा 8 तक के छात्र शामिल हैं। यह योजना बच्चों के पोषण स्तर को सुधारने के लिए महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि योजना के तहत हर छात्र को स्कूल के काम शुरू होने से पहले प्रार्थना के समय नाश्ता मिलेगा, जिससे उन्हें पूरे दिन की पढ़ाई के लिए ऊर्जा मिलेगी। इस नाश्ते में पोषक तत्वों का खास ध्यान रखा गया है, जिससे बच्चों का शारीरिक विकास तेजी से हो सके।   खाद्य पदार्थों का चयन मुख्यमंत्री ने बताया कि नाश्ते के लिए जो खाद्य पदार्थ चुने गए हैं, वे न केवल स्वादिष्ट हैं, बल्कि उनके पोषक गुण भी बहुत उच्च हैं। सप्ताह के दौरान छात्रों को सुखड़ी, चना चाट, मिक्स बीन्स और बाजरा (श्री अन्न) से बने खाद्य पदार्थ मिलेंगे। इन खाद्य पदार्थों में कैलोरी और प्रोटीन की अच्छी खासी मात्रा होती है, जो बच्चों के विकास के लिए बेहद जरूरी हैं।   सरकारी खर्च और कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि गुजरात सरकार ने इस योजना के लिए सालाना 617 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। यह राशि योजना के संचालन और खाद्य पदार्थों की आपूर्ति पर खर्च की जाएगी। इसके अलावा, सरकार ने 'पीएम पोषण योजना' के तहत काम करने वाले मानद वेतन धारक कर्मचारियों के वेतन में 50 प्रतिशत वृद्धि करने का भी फैसला लिया है। अब तक प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत काम करने वाले रसोइये सह सहायकों को 2500 रुपये का मानद वेतन मिलता था, जिसे बढ़ाकर 3750 रुपये किया गया है। वहीं, छोटे स्कूलों के लिए अतिरिक्त स्टाफ (हेल्पर) को अब 1500 रुपये का मासिक मानद वेतन मिलेगा। इस कदम से कर्मचारियों को राहत मिलेगी और उनके कार्य में भी उत्साह बढ़ेगा।   रोज़ाना नाश्ता देने वाला गुजरात देश का पहला राज्य गुजरात सरकार ने जो कदम उठाया है, वह देश में अपनी तरह का पहला प्रयास है। राज्य सरकार ने शिक्षा और पोषण के क्षेत्र में एक नई मिसाल स्थापित की है। यह योजना न केवल बच्चों के पोषण को सुधारने में मदद करेगी, बल्कि उनकी पढ़ाई में भी सहायक साबित होगी। शिक्षा और पोषण दोनों के संयोजन से राज्य में बच्चों का समग्र विकास सुनिश्चित होगा। गुजरात सरकार द्वारा शुरू की गई यह पौष्टिक नाश्ता योजना राज्य के छात्रों के लिए एक बड़ी सौगात साबित होने वाली है। बच्चों को सुबह का पौष्टिक नाश्ता मिलने से उनकी शारीरिक ताकत में वृद्धि होगी और मानसिक विकास में भी मदद मिलेगी। इस योजना से न केवल बच्चों का पोषण सुधरेगा, बल्कि गुजरात शिक्षा के क्षेत्र में भी एक नया उदाहरण पेश करेगा। recent visitors 106

मध्यप्रदेश सरकार का प्रयास ‘दिव्यांगता को दिव्यता के रूप में परिवर्तित’ करने का है : मंत्री कुशवाह

भोपाल सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा है कि समावेशी और उज्ज्वल भविष्य के लिए दिव्यांगों के नेतृत्व को बढ़ावा देना के लिए मध्यप्रदेश सरकार का प्रयास 'दिव्यांगता को दिव्यता के रूप में परिवर्तित' करने का है। इसके लिए राज्य सरकार, केन्द्र सरकार के साथ मिलकर कार्य कर रही है और दिव्यांगों के कल्याण के लिए उनको साधन के साथ अवसर भी मुहैया कराया जा रहा है। मंत्री कुशवाह ने यह बात सामाजिक न्याय संचालनालय के ऑडिटोरियम में आयोजित राज्य स्तरीय दिव्यांगजन कल्याण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कही l कार्यक्रम की अध्यक्षता परशुराम बोर्ड के अध्यक्ष विष्णु राजोरिया ने कीl  मंत्री कुशवाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश में  दिव्यांगजनों को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने का जो लक्ष्य निर्धारित किया है, उसके लिए मध्यप्रदेश में बाधा रहित वातावरण निर्माण का कार्य प्राथमिकता से किया जा रहा है। उन्होंने कहा वैश्विक समाज में वर्ग की भागीदारी उसमें होना चाहिए। उन्होंने दिवयांगजन के लिए सेवा और परमार्थ कार्य में लगी  संस्थाओं  को बधाई दी।  उन्होंने दिव्यांगजनों से आहवान किया कि दिव्यांगता सफलता में बाधक नहीं है। आवश्यकता है दिव्यांगता को भी अवसर मानते हुए कड़े  परिश्रम के साथ अपने लक्ष्य प्राप्त करने की। मंत्री कुशवाह ने कार्यक्रम में दिव्यांग बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम की सराहना की और मूकबधिर  बच्चों के बैंड में भाग लेने वाले सभी बच्चों को अपनी स्वेच्छानुदान निधि से प्रत्येक बच्चे को 2500 रूपये देने की घोषणा भी की।     recent visitors 79

MP हाई कोर्ट ने एमडी एमएस के परिणाम पर रोक रखी बरकरार, खारिज हुई याचिका

जबलपुर एमडी-एमएस कोर्स में दाखिले के लिए नीट पीजी काउंसलिंग में प्रदेश के रजिस्टर्ड कैंडिडेट्स की मेरिट सूची तैयार करने में दूसरी बार नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया अपनाए जाने को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। याचिका की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने काउंसलिंग के रिजल्ट जारी करने पर रोक लगा दी थी। रिजल्ट जारी करने पर लगी इस रोक को हटाने के लिए आवेदन दायर किया गया था, जिसे जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विवेक सराफ की युगलपीठ ने खारिज कर दिया और रोक को बरकरार रखा। रीवा के डॉ. अभिषेक शुक्ला व अन्य की ओर से दायर याचिका में कहा गया था कि नीट की नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया अपनाते हुए पीजी कोर्स में दाखिले के लिए मेरिट लिस्ट तैयार की गई थी। प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के रजिस्टर्ड कैंडिडेट्स की मेरिट लिस्ट तैयार करने में दूसरी बार नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया अपनाई गई है, जिसके कारण नीट की मेरिट लिस्ट में अच्छी रैंकिंग होने के बावजूद प्रदेश की मेरिट लिस्ट में उनका स्थान नीचे हो गया। याचिकाकर्ताओं ने बताया कि पहले राउंड के लिए चॉइस फिलिंग और चॉइस लॉकिंग की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जो 24 नवंबर की रात 12 बजे तक चलेगी। इसका रिजल्ट 26 नवंबर को घोषित किया जाना है। उन्होंने कहा कि एडमिशन की प्रक्रिया में नियमों का पालन नहीं हो रहा है और पहले राउंड का रिजल्ट घोषित करने पर रोक लगाई जाए। याचिका की सुनवाई करते हुए युगलपीठ ने अनावेदक को नोटिस जारी करते हुए रिजल्ट घोषित करने पर रोक लगा दी। संचालक, मेडिकल एजुकेशन की तरफ से पेश किए गए जवाब में कहा गया कि नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंस, नई दिल्ली द्वारा मेरिट लिस्ट तैयार की गई है। इसके बाद मध्यप्रदेश में पूरी प्रक्रिया का विधिवत पालन किया जा रहा है। हाईकोर्ट ने नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन को अनावेदक बनाए जाने का आवेदन स्वीकार करते हुए नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।  याचिका पर हुई सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से रिजल्ट पर लगाई गई रोक को हटाने के लिए आवेदन पेश किया गया। सुनवाई के बाद युगलपीठ ने इस आवेदन को खारिज कर दिया। याचिकाकर्ताओं की तरफ से अधिवक्ता आदित्य संघी ने पैरवी की। recent visitors 82