टीआई पर 15 वर्षीय नाबालिग से रेप का आरोप, एसपी ने जांच टीम गठित की, थाना प्रभारी ने खुद के खिलाफ साजिश बताया

रीवा  रीवा में एक महिला ने दो पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाया है। महिला ने अपनी शिकायत में बताया कि घर की तलाशी लेने के बहाने दो पुलिसकर्मियों ने उसकी नाबालिग बेटी का रेप किया। हालांकि जिन पुलिसकर्मियों पर आरोप लगा है उनका कहना है कि उन्हें फंसाने की साजिश रची जा रही है। तलाशी के बहाने घर में घुसे: महिला का आरोप रीवा में गढ़ थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी और वर्तमान में सामान थाना प्रभारी विकास कपीस और एक अन्य पुलिसकर्मी पर एक महिला ने अपनी नाबालिग बेटी के साथ रेप का सनसनीखेज आरोप लगाया है। महिला ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुंचकर मामले की शिकायत की है। आरोप लगाया है कि 12 जून को थाना प्रभारी और एक पुलिसकर्मी तलाशी के बहाने उसके घर में घुसकर नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिए हैं। घर में गोला बारूद है, कहकर घुसे: महिला महिला ने आरोप लगाया है कि विकास कपीस जब गढ़ थाने में थाना प्रभारी के पद पर पदस्थ थे, उस दौरान 12 जून को उन्होंने मेरे परिवार के कई पुरुषों को पकड़कर मामला दर्ज करके उन्हें जेल भेज दिया था। वो अपनी पूरी टीम के साथ रात को मेरे घर आए और बोले कि आप के घर में गोला बारूद है। आपके घर की तलाशी लेनी पड़ेगी। वो जबरदस्ती मेरे घर में घुस गए और मेरी मासूम बेटी के साथ उन्होंने और एक पुलिसकर्मी ने मिलकर दुष्कर्म जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दिया है। शर्म के मारे नहीं की पहले शिकायत महिला ने कहा कि इस घटना के बाद हम लोग बेहद डरे हुए थे। जब हमारे परिवार के पुरुष जेल से छूट कर बाहर आए, उसके बाद 15 दिन तक हम लोगों ने शर्म के यह बात छिपाकर रखी। फिर घर के लोगों को यह बात बताई। तब पूरे परिवार ने तय किया कि हम पुलिस अधीक्षक के पास जाकर शिकायत करेंगे। इसके बाद महिला ने इस पूरे मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह से की है और कार्रवाई की मांग की है। साजिश के तहत फंसाया जा रहा: पुलिस गढ़ थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी विकास कपीस वर्तमान में रीवा के सामान थाना प्रभारी हैं। डेढ़ माह पूर्व ही गढ़ से रीवा सामान थाने ट्रांसफर हुआ है। थाना प्रभारी ने लगाए जा रहे आरोपों को साजिश बताया है। उन्होंने कहा की 12 जून को गढ़ थाना की पुलिस टीम टिकुरी गांव में गई थी। जहां आरोपियों की गिरफ्तारी होना बाकी थी। जब पुलिस टीम आरोपियों को गिरफ्तार कर ला रही थी उसी समय महेश साकेत और अन्य गिरफ्तार हुए आरोपी को छुड़ाने की कोशिश करने लगे। पुलिस के साथ हाथापाई भी की गई। जिसके बाद थाना प्रभारी सहित कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। उस दौरान महेश साकेत अपने अन्य साथी छोटेलाल साकेत, विमलेश साकेत और सूर्यभान जायसवाल के साथ गुंडागर्दी करता हुआ मिला। तीन थाने के टीम के एक साथ पहुंचने का बाद भी पुलिस के साथ हाथापाई की गई। पुलिस की वर्दी तक फाड़ दी गई। हमने मौके से सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और जेल भेज दिया। यह महिला उन्हीं के परिवार की है जो साजिश के तहत फंसाने का प्रयास कर रही है। इस पूरे मामले को लेकर एसपी विवेक सिंह का कहना है कि महिला ने टीआई और अन्य पर नाबालिग के साथ रेप का आरोप लगाया है। जब मामले को देखा गया तो निकलकर सामने आया कि इस दिन गढ़ थाने की टीम कुछ आरोपियों को पकड़ने गई थी। जहां आरोपियों ने टीआई और पुलिस टीम के साथ मारपीट की थी। एसपी कार्यालय में जो महिला शिकायत लेकर पहुंची है वो आरोपी पक्ष से है। प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि पुलिस पर दबाव डालने के लिए ऐसा कर रही है। इसलिए अगर शिकायत गलत पाई गई तो उस पर भी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल शिकायत पर जांच कराई जा रही है। recent visitors 90

युवा, विकसित भारत यंग लीडर्स संवाद में उत्साहपूर्वक भाग लें : राज्यपाल मंगुभाई पटेल

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि दीक्षांत, विद्यार्थियों के लिए शिक्षा और संस्कारों के साथ राष्ट्र सेवा के संकल्प का प्रसंग है। अपनी बौद्धिक, सांस्कृतिक परम्पराओं और संस्कारों को पोषित और पल्लवित करने की प्रतिबद्धता का अवसर है। राज्यपाल पटेल आई.ई.एस. विश्वविद्यालय भोपाल के प्रथम दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर दीक्षित विद्यार्थियों और विभिन्न संकायों के विद्यार्थियों को उपाधि और पदक प्रदान किए।कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार भी मौजूद थे। राज्यपाल पटेल ने कहा कि प्रथम दीक्षांत समारोह, विद्यार्थी और विश्वविद्यालय दोनों के लिए अत्यंत भावनात्मक और अविस्मरणीय पल होता है। नये भविष्य के निर्माण पथ पर आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण पड़ाव होता है। उन्होंने दीक्षित विद्यार्थियों से कहा कि आप सभी विकसित भारत के अमृत प्रसंग की प्रतिनिधि पीढ़ी है। आपकी पीढ़ी सौभाग्यशाली है जिन्हें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में योगदान का ऐतिहासिक अवसर मिला है।     विकसित भारत यंग लीडर्स संवाद में जरूर हिस्सा लें युवा राज्यपाल पटेल ने कहा कि युवा, कैसा विकसित भारत देखना चाहते है, उसके लिए सरकार को क्या और कैसे करना चाहिए, इन पर अपने विचार सरकार के शीर्ष स्तर तक पहुँचा सकते है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि 12 जनवरी 2025 के ऐतिहासिक प्रसंग के अवसर पर विकसित भारत यंग लीडर्स संवाद का हिस्सा जरूर बने। विकसित भारत से संबंधित रोचक ऑनलाइन क्विज प्रतियोगिता, ब्लॉक और निबंध लेखन की राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग ले। राज्यपाल पटेल ने विश्वविद्यालय प्रबंधन से भी कहा कि संवाद में शामिल होने के लिए छात्र-छात्राओं को प्रेरित करें। उन्हें आवश्यक सुविधाएं, सहूलियत और सहयोग प्रदान करे। विश्वविद्यालय स्तर पर विकसित भारत यंग लीडर्स संवाद के प्रारूप अनुसार प्रतियोगिताएं आयोजित करे। उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने कहा कि भारत की ज्ञान परम्परा वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर आधारित है। विद्यार्थी भारत की समृद्ध ज्ञान परम्परा से जुड़े, सतत अध्ययन करे, अपने स्तर पर आगे बढ़ाने सहभागिता करे और इस पर हमेशा गर्व करें। उन्होंने विश्वविद्यालय और दीक्षित विद्यार्थियों को प्रथम दीक्षांत समारोह की बधाई भी दी। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद श्रीमती सुधा मूर्ति ने भी दीक्षित विद्यार्थियों को जीवन में सफल होने, चुनौतियों से जुझने और आत्म मंथन प्रक्रिया पर ज्ञानवर्धक और प्रेरक उद्बोधन दिया। राज्यपाल पटेल ने समारोह का शुभारम्भ दीप प्रज्ज्वलन कर किया। उनका कुलाधिपति बी.एस. यादव ने शॉल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया। राज्यपाल पटेल ने दीक्षांत समारोह में राज्यसभा सांसद श्रीमती सुधा मूर्ति, समाजसेवी पद्मअशोक भगत और कारगिल युद्ध के परमवीर चक्र विजेता सूबेदार मेजर योगेन्द्र सिंह यादव को मानद उपाधि प्रदान की। स्वागत उद्बोधन कुलाधिपति यादव ने दिया। कुलपति जी.के. पाण्डेय ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। आभार देवांश यादव ने माना। कार्यक्रम में सुदेश शांड़िल्य जी महाराज, विश्वविद्यालय के विभिन्न संकाय अध्यक्ष और विद्यार्थीगण उपस्थित रहे।   recent visitors 64

बस्तर नक्सलवाद से मुक्त होकर विकास की ओर हो रहा अग्रसर : मुख्यमंत्री साय

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर में नक्सल परिदृश्य पर बड़ी समीक्षा बैठक हुई। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा सहित राज्य के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में नक्सलवाद उन्मूलन के प्रयासों के मूल्यांकन और भविष्य की रणनीतियों पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बैठक में कहा कि हमारी सरकार ने 11 महीनों में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री के मार्च 2026 तक नक्सलवाद समाप्त करने के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि हमें उसी दिशा में प्रभावी रणनीतियां तैयार करनी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सल आत्मसमर्पण के लिए जनजागरूकता अभियान को और तेज करने की आवश्यकता है। बस्तर क्षेत्र के लोग अब नक्सलवाद से मुक्त होकर विकास की ओर बढ़ना चाहते हैं, जिसकी झलक हाल ही में संपन्न बस्तर ओलंपिक में भी दिखी। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल पीड़ित परिवारों के लिए 15,000 मकानों के निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि सामूहिक प्रयासों और जनभागीदारी से छत्तीसगढ़ जल्द ही नक्सलवाद मुक्त होगा। सरकार की प्राथमिकता स्थानीय समुदायों के जीवन स्तर को सुधारने और विकास की नई ऊंचाइयों को हासिल करने की है। बैठक में उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि नक्सलवाद को समाप्त करने के लिए राज्य सरकार ठोस कार्रवाई कर रही है। उन्होंने सिविल सोसाइटी को अभियान से जोड़ने और नक्सलियों के आत्मसमर्पण हेतु किए जा रहे प्रयासों को तेज करने पर बल दिया। श्री शर्मा ने नक्सलियों के वित्तीय नेटवर्क को तोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हर संभव उपाय किए जाएंगे। बैठक में  सुरक्षा ग्रिड का विस्तार, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में नए कैंप स्थापित करना, आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के पुनर्वास और आवास संबंधी योजनाएं और ज्वाइंट एक्शन प्लान सहित अन्य विषयों पर चर्चा की गई। बैठक में पुलिस महानिदेशक श्री अशोक जुनेजा, अपर मुख्य सचिव गृह श्री मनोज पिंगुवा, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री प्रदीप गुप्ता, श्री एस आर पी कल्लूरी, श्री विवेकानन्द सिन्हा, श्री अमित कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, सचिव गृह श्रीमती नेहा चम्पावत श्री हिमशिखर गुप्ता सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे। recent visitors 62

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा विद्युत एवं नवीकरणीय ऊर्जा उपकरणों के विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए औद्योगिक क्षेत्र मोहासा- बाबई जिला नर्मदापुरम के क्षेत्रफल विस्तार करने की स्वीकृति दी गयी। निर्णय अनुसार विद्युत एवं नवीकरणीय ऊर्जा उपकरणों के विनिर्माण क्षेत्र के लिए आरक्षित 441.96 एकड़ क्षेत्रफल में औद्योगिक क्षेत्र मोहासा बाबई की 442.04 एकड़ भूमि को शामिल किया गया है। अब औद्योगिक पार्क का क्षेत्रफल कुल 884 एकड़ हो गया है। इसी प्रकार औद्योगिक पार्क के लिए स्वीकृत सुविधाएं एवं आवंटन प्रक्रिया को संशोधित क्षेत्रांतर्गत स्थापित होने वाली इकाइयों को भी उपलब्ध कराने का अनुमोदन किया गया। मंत्रि-परिषद द्वारा आगामी सिंहस्थ-2028 को देखते हुए इंदौर-उज्जैन में 2312 करोड़ रूपये से अधिक राशि के सड़क निर्माण कार्यों की स्वीकृति दी गयी। इसमे उज्जैन सिंहस्थ बायपास लंबाई 19.815 कि.मी., 4-लेन मय पेव्हड शोल्डर उन्नयन एवं निर्माण कार्य लागत राशि 701 करोड़ 86 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई। इसी प्रकार इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड मार्ग 4-लेन मय पेव्हड शोल्डर लंबाई 48.05 कि.मी. एवं लागत राशि 1370 करोड़ 85 लाख रूपये और उज्जैन जिला अंतर्गत इंगोरिया-देपालपुर 2-लेन मय पेव्हड शोल्डर सड़क लंबाई 32.60 कि.मी. लागत राशि 239 करोड़ 38 लाख रूपये की स्वीकृति दी गयी है। ये सभी सड़कें म.प्र. सड़क विकास निगम के माध्यम से विकसित की जायेगी। आबकारी नीति के निर्धारण के लिए मंत्रि-परिषद् समिति का गठन मंत्रि-परिषद ने वर्ष 2025-26 के लिए आबकारी नीति के निर्धारण, समय-समय पर आनुषांगिक निर्णय लेने और राजस्व हित मे आवश्यक नीतिगत निर्णय लेने के लिए मंत्रि-परिषद् समिति का गठन किये जाने का अनुमोदन दिया। मंत्रि-परिषद् समिति मे उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, मंत्री उदय प्रताप सिंह, गोविंद सिंह राजपूत और सुनिर्मला भूरिया शामिल है।   recent visitors 62

डिफेंस शेयरों ने भरी उड़ान, ₹21772 करोड़ के अधिग्रहण प्रस्तावों को मिली मंजूरी

नई दिल्ली  रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (डीएसी) ने 21,772 करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्तावों को मंजूरी दी है। मंजूर की गई धनराशि से आधुनिक वॉटर जेट फास्ट अटैक क्राफ्ट व हेलीकॉप्टर समेत सशस्त्र बलों के लिए आवश्यक उपकरणों की खरीद की जाएगी। इसके साथ ही टी-72 और टी-90 टैंकों, बीएमपी और सुखोई लड़ाकू विमानों के इंजनों के ओवरहाल के लिए भी मंजूरी दी गई है। इससे इनकी सेवा अवधि में वृद्धि होगी। राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में मीटिंग मंगलवार को दी गई इस स्वीकृति के अंतर्गत कुल पांच रक्षा सौदों के लिए आवश्यकता की स्वीकृति (एओएन) प्रदान की गई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल नेवी के लिए 31 नई वॉटर जेट फास्ट अटैक क्राफ्ट की खरीद को मंजूरी मिली है। 120 फास्ट इंटरसेप्टर क्राफ्ट (एफआईसी-1) की खरीद के लिए भी स्वीकृति प्रदान की गई है। इन प्रस्तावों की मंजूरी से डिफेंस कंपनियों के ऑर्डर बुक को मजबूती मिलने की संभावना है। इस वजह से इन कंपनियों के शेयरों में खरीदारी का जोर देखा गया। DAC ने जिन प्रस्तावों को मंजूरी दी है, उनमें वॉटर जेट फास्ट अटैक क्राफ्ट्स (WJFACs), इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट्स, रडार वॉर्निंग सिस्टम्स और एडवांस लाइट हेलीकॉप्टर्स जैसे इक्विपमेंट्स शामिल हैं। इसमें भारतीय नौसेना के लिए 31 नए WJFACs का अधिग्रहण किया जाएगा, जो कम तीव्रता वाले समुद्री अभियानों, गश्त, निगरानी और खोज एवं बचाव (SAR) मिशनों के लिए उपयोगी होंगे। गार्डन रीच शिपबिल्डर्स ने पहले भी WJFACs की सप्लाई नौसेना को की थी, जिससे कंपनी को एक बार फिर ऑर्डर मिलने की उम्मीद बढ़ी है। इसके अलावा, 120 फास्ट इंटरसेप्टर क्राफ्ट (FIC-1) के अधिग्रहण के लिए मंजूरी भी दी गई है। इन FIC को एयरक्राफ्ट कैरियर्स, डेस्ट्रॉयर्स और सबमरीन जैसे हाई-वैल्यू यूनिट्स की सुरक्षा के लिए डिजाइन किया गया है। DAC ने T-72 और T-90 टैंकों औरसुखोई लड़ाकू विमानों के इंजनों के ओवरहॉल को भी मंजूरी दी है। यह ओवरहॉलिंग उनकी सर्विस लाइफ और कारोबारी क्षमता को बढ़ाने के लिए किया जाएगा। SU-30 MKI लड़ाकू विमानों की ऑपरेशनल क्षमता को बढ़ाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट (EWS) का अधिग्रहण भी शुरू किया जाएगा। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स ने भारतीय वायुसेना के लिए पहले भी EWS विकसित किया है, जिससे इस कंपनी को भी लाभ होने की संभावना है। एक्सपर्ट्स की राय ICICI सिक्योरिटीज के अमित दीक्षित का कहना है कि यह मंजूरी घरेलू ऑर्डरिंग में आई सुस्ती के बाद एक पॉजिटिव बदलाव का संकेत है। उनके अनुसार, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स को इन प्रस्तावों से सबसे अधिक लाभ होगा, खासतौर पर SU-30 MKI के लिए EWS से। इसके अलावा, एस्ट्रा माइक्रोवेव को भी इस कदम से लाभ होने की संभावना है। शिपबिल्डिंग से जुड़े प्रस्ताव छोटे जहाजों के लिए हैं, जिन पर प्राइवेट कंपनियों और डिफेंस पीएसयू (DPSUs) की ओर से बोली लगाई जाएगी। ICICI सिक्योरिटीज ने भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और एस्ट्रा माइक्रोवेव दोनों पर ‘खरीदारी’ की सलाह दी है और इनके लिए क्रमश: 350 रुपये और 935 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है। 31 नए वॉटर जेट फास्ट अटैक क्राफ्ट रक्षा मंत्रालय के मुताबिक इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट (ईडब्ल्यूएस) की खरीद के लिए एओएन प्रदान की गई है। 6 उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर (एएलएच) एम (एमआर) की खरीद के लिए भी मंजूरी प्रदान की गई है। डीएसी ने भारतीय नौसेना के लिए 31 नए वॉटर जेट फास्ट अटैक क्राफ्ट (एनडब्ल्यूजेएफएसी) की खरीद की आवश्यकता की स्वीकृति (एओएन) प्रदान की है। इन वॉटर जेट फास्ट अटैक क्राफ्ट को तट के करीब कम तीव्रता वाले समुद्री संचालन, निगरानी, गश्ती और खोज व बचाव (एसएआर) कार्यों करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। 120 फास्ट इंटरसेप्टर क्राफ्ट रक्षा मंत्रालय का कहना है कि इसके अलावा ये जहाज विशेष रूप से हमारे द्वीप क्षेत्रों में और उसके आसपास समुद्री डकैती रोधी अभियानों में प्रभावी भूमिका निभाएंगे। डीएसी ने जिन 120 फास्ट इंटरसेप्टर क्राफ्ट (एफआईसी-1) की खरीद के लिए एओएन प्रदान किया वे जहाज तटीय रक्षा के लिए विमान वाहक, विध्वंसक और फ्रिगेट्स युद्धपोतों व पनडुब्बियों को एस्कॉर्ट करेंगे। इसके साथ ही ये कई अन्य भूमिकाएं निभाने में सक्षम हैं। वहीं, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट (ईडब्ल्यूएस) में बाहरी एयरबोर्न सेल्फ प्रोटेक्शन जैमर पॉड्स, अगली पीढ़ी के रडार चेतावनी रिसीवर और सुखोई -30 एमकेआई विमान के लिए संबंधित उपकरण शामिल हैं। यह प्रणाली सुखोई एसयू-30 एमकेआई की परिचालन क्षमताओं को बढ़ाएगी। 6 एडवांस हल्के हेलीकॉप्टर वायु रक्षा प्रणालियों द्वारा संरक्षित, दुश्मन के लक्ष्यों के खिलाफ एक मिशन को अंजाम देते समय यह विमान को दुश्मन के रडार और संबंधित हथियार प्रणाली से बचाएगी। डीएसी ने तटीय क्षेत्रों में तटीय सुरक्षा और निगरानी को मजबूत करने के लिए भारतीय तटरक्षक के लिए 6 उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर (एएलएच) एम (एमआर) की खरीद के लिए एओएन प्रदान किया है। recent visitors 79

केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत दी मंजूरी

प्रदेश में हर गरीब के पक्के मकान का सपना होगा साकार – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय नगरीय निकायों में 15 हजार नए आवास स्वीकृत राज्य के सभी शहर शामिल, प्रधानमंत्री आवास योजना के पहले चरण में छत्तीसगढ़ के प्रदर्शन के आधार पर मिली नए आवासों की स्वीकृति केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत दी मंजूरी रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत तेजी से पूर्ण किए आवासों और योजना में अच्छे प्रदर्शन के कारण भारत सरकार द्वारा राज्य के लिए 15 हजार नए आवास स्वीकृत किए गए हैं। केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत 15 हजार नए आवासों की मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने नए आवासों की मंजूरी के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी तथा केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल के प्रति आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने शहरों के लिए 15 हजार नए आवासों की स्वीकृति पर केंद्र सरकार को धन्यवाद देते हुए कहा कि राज्य में जल्दी ही हर गरीब के पक्के मकान का सपना पूरा होगा। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में आवासों का निर्माण तेजी से पूरा किया जा रहा है। सरकार अंतिम छोर पर खड़े हर व्यक्ति तक योजना का लाभ पहुँचाना सुनिश्चित करेगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल और उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव की कोशिशों से राज्य के सभी शहरों के लिए ये आवास स्वीकृत किए गए हैं।   भारत सरकार के आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा राज्य शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव को प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अन्तर्गत 15 हजार नवीन आवासों की सैद्धांतिक स्वीकृति का पत्र प्रेषित किया गया है। पत्र में केंद्र सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ को मार्च-2025 तक 15 हजार नए आवासों की स्वीकृति के साथ ही इन नए आवासों को मंजूरी प्रदान करने के पीछे राज्य में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के त्वरित क्रियान्वयन का भी उल्लेख है। राज्य के सभी नगरीय निकायों के लिए आवास स्वीकृत करते हुए मंत्रालय ने इसकी सूची भी भेजी है। केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने राज्य शासन को प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पात्र हितग्राहियों का परीक्षण करते हुए विधिवत प्रस्ताव भारत सरकार को भेजने के निर्देश दिए हैं। भारत सरकार द्वारा शहरी क्षेत्रों में 'सबके लिए आवास’ मिशन के तहत प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 का क्रियान्वयन 1 सितम्बर 2024 से प्रारंभ किया गया है। इसके तहत कमजोर आय वर्गों, निम्न आय वर्गों और मध्यम आय वर्गों के शहरी गरीब व मध्यमवर्गीय परिवारों को किफायती दरों पर आवास निर्माण, खरीदी या किराए पर उपलब्ध कराने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। छत्तीसगढ़ में योजना को सभी नगरीय निकायों में लागू करते हुए भारत सरकार के यूनिफाइड वेब पोर्टल पर हितग्राही सर्वेक्षण कार्य (रैपिड असेसमेंट सर्वे) 15 नवम्बर से प्रारंभ कर दिया गया है। सर्वेक्षण के दौरान हितग्राहियों की जानकारी भारत सरकार के पोर्टल पर दर्ज की जा रही है।  उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने नए आवासों की स्वीकृति पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार हर पात्र परिवार को आवास दिलाने प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी नगरीय निकायों को ज्यादा से ज्यादा हितग्राहियों तक योजना का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। श्री साव ने वर्तमान में चल रहे हितग्राही सर्वेक्षण के दौरान अनिवार्य दस्तावेजों की कमी के कारण आवेदनों को तत्काल निरस्त नहीं करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने दस्तावेजों की पूर्ति के लिए संबंधित परिवारों को पर्याप्त समय देने के साथ ही नगरीय निकायों को राजस्व विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने हरसंभव प्रयास करने को कहा है। उप मुख्यमंत्री श्री साव के निर्देश पर नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव ने राजस्व कार्यालयों में हितग्राहियों के लंबित जाति प्रमाण पत्र एवं आय प्रमाण पत्र प्राथमिकता से जारी करने राजस्व विभाग को पत्र भी लिखा है। recent visitors 65

जब भारत में चीतों की संख्या 500 तक पहुंचेगी, तब सफल माना जाएगा प्रोजेक्ट चीता

भोपाल  देश में चीतों के इकलौते रहवास मध्य प्रदेश के कूनो पालपुर नेशनल पार्क में चीतों की संख्या बीते दो वर्ष में बढ़ गई है। वर्तमान में शावकों सहित 24 चीते यहां हैं। हालांकि इसे विशेषज्ञ प्रोजेक्ट की आंशिक सफलता ही मान रहे हैं। जानकारों के अनुसार, जब तक चीतों की संख्या 500 तक नहीं पहुंचती, तब तक प्रोजेक्ट को पूर्ण सफल नहीं माना जाएगा। इसमें भी 15 वर्ष का समय लग सकता है। विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि अब चीतों का कुनबा तेजी से बढ़ेगा। 20 चीते कूनो लाए गए, आठ की मौत     17 सितंबर, 2022 को नामीबिया से आठ और 18 फरवरी, 2023 को दक्षिण अफ्रीका से 12, इस तरह 20 चीते कूनो लाए गए थे। अब तक आठ वयस्क चीतों की मौत हो गई है।     इस बीच भारत की धरती पर 19 शावकों ने जन्म भी लिया। इनमें से सात शावकों की मौत हो गई। अब यहां 12 चीता शावक और 12 वयस्क को मिलाकर कुल 24 चीता हैं।     प्रदेश में तीसरी बार चीतों को केन्या से लाने की भी तैयारी है। इन्हें मंदसौर जिले के गांधीसागर अभयारण्य में रखा जाएगा। कूनो के चीतों की निगरानी और संरक्षण के लिए मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश मिलकर काम कर रहे हैं। एक साल में नर और डेढ़ साल में माता चीता हो जाती है वयस्क चीता का नर शावक करीब एक साल में और मादा शावक डेढ़ साल में वयस्क हो जाते हैं। इन चीता शावकों को प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने की आशा के तौर पर देखा जा रहा है। यहां जन्म लेने वाली एक मादा चीता वयस्क भी हो चुकी है। दरअसल, इन सभी शावकों के सामने नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से लाए गए चीतों की तरह जलवायु अनुकूलता न होने जैसी चुनौती नहीं है। ये सभी यहां की जलवायु में पूरी तरह से रचे-बसे होने के साथ बड़े हो रहे हैं। इसी के साथ कूनो वन्यप्राणी वनमंडल श्योपुर के क्षेत्रफल को नए इलाके शामिल कर बढ़ा दिया गया है। अब कूनो का कुल वन क्षेत्र एक लाख 77 हजार 761 हेक्टेयर हो गया है। दो नर चीतों को खुले जंगल में छोड़ा जाएगा दो चीतों को कूनो के खुले जंगल में छोड़ने से पूर्व चीता स्टीयरिंग कमेटी की बैठक होगी। नर चीता अग्नि और वायु को छोड़ा जाएगा। अगले चरण में प्रभाष और पावक को छोड़े जाने की तैयारी है। अब खुले जंगल में पर्यटक चीतों की झलक देख सकेंगे। इनके नाम हुए हैं तय कुनो के सूत्रों से मिली जानकारी  के अनुसार चीता कमेटी लंबे समय से बाड़े में कैद करके रखे गए चीतों मे से दो नर और एक मादा चीता को खुले जंगल मे छोड़े जाने को लेकर सहमति दे सकती है. फिलहाल जिन चीतों को खुले जंगल मे आजादी की रफ्तार भरने के लिए छोड़ा जा सकता है, उनमें अग्नि वायु या फिर प्रभास और प्रभात के नाम शामिल हैं. कुछ समय पहले भी कुछ चीतों को पर्यटको के दीदार के लिए खुले जंगल मे आजाद किया गया था, लेकिन कुछ सुरक्षा कारणों की वज़ह से चीतों को वापस बाड़े मे लाकर कैद कर लिया था. अभी कुनो मे 12 छोटे ओर 12 वयस्क चीते हैं. recent visitors 160