12 वीं बोर्ड के छात्र-छात्राओं के लिए खुशखबरी, 75% या उससे अधिक अंक लाने वाले मेधावी स्टूडेंट्स को लैपटॉप के लिए राशि देने का आदेश जारी

भोपाल मध्य प्रदेश के 12वीं के बोर्ड छात्रों के लिए खुशखबरी है. माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल ने 12वीं की परीक्षा में 75% या उससे अधिक अंक लाने वाले मेधावी छात्रों को लैपटॉप के लिए राशि देने का आदेश जारी किया है. शुक्रवार को लोक शिक्षण संचालनालय ने इसके लिए आदेश जारी कर दिए गए हैं. जिला शिक्षा अधिकारियों से बच्चों के बैंक खाता की जानकारी मांगी गई है. संचालक लोक शिक्षण डीके कुशवाहा ने मध्य प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी कर निर्देश दिया है. मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना के तहत मिल रहा लाभ प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत माध्यमिक शिक्षा मंडल के सत्र 2024 25 की कक्षा 12वीं की परीक्षा में 75% या उससे अधिक अंक लाने वाले छात्रों के शिक्षा पोर्टल पर दर्ज बैंक खाता संबंधित पत्र जारी किया जाए. जिला शिक्षा अधिकारियों को जारी पत्र में संचालक ने साफ किया कि पिछले वर्षों में देखा गया था कि कई छात्रों के बैंक खाता उनके परिवारजनों के नाम से संचालित थे ओर कई बैंक खातों में गड़बड़ी भी देखी गई,जिससे वन क्लिक के माध्यम से छात्रों के खाते में राशि ही नहीं पहुंच पाई थी. ऐसे में पूर्व सावधानी से पात्र छात्रों के बैंक खाते की प्रविष्टि की जाए. एक हफ्ते में पोर्टल में दर्ज करना होगी जानकारी इसमें पात्र विद्यार्थियों के नाम से संचालित बचत बैंक खाता क्रमांक, आईएफसी कोड और बैंक शाखा का नाम एक सप्ताह के अंदर शिक्षा पोर्टल पर दर्ज करवाना है। प्रदेश में मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना के तहत मप्र माध्यमिक शिक्षा मंडल से 12वीं में 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक लाने वाले मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप के लिए 25-25 हजार रुपये की राशि दी जाती है। इस बार माशिम की 12वीं की परीक्षा में 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की संख्या 94 हजार के आसपास है। जुलाई में लैपटाप की राशि मिलने की संभावना पिछले सत्र के मेधावी विद्यार्थियों को इस साल फरवरी में लैपटॉप की राशि दी गई थी। इस बार सरकार का प्रयास है कि जुलाई तक विद्यार्थियों को लैपटॉप की राशि प्रदान कर दी जाए। माध्यमिक शिक्षा मंडल ने अपलोड की पात्र स्टूडेंट्स की लिस्ट मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना के अंतगर्त 12 वीं के एग्जाम में जिन छात्र-छात्राओं को लाभ मिलना है, उनकी लिस्ट माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल ने अपने पोर्टल पर अपलोड की है. यदि टॉपर छात्र-छात्राएं नाम देखना चाहते हैं, तो पोर्टल पर विजिट कर सकते हैं. लैपटॉप के लिए पैसे मिलने की जानकारी जैसे ही टॉपर्स स्टूडेंट्स को मिली, तो उनके चेहरे खुशी से खिल उठे. योजना के मुख्य उद्देश्य…     डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देना।     मेधावी छात्रों को लैपटॉप खरीदने के लिए आर्थिक सहायता देना।     छात्रों को तकनीकी दक्षता और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रोत्साहित करना।     शिक्षा में समानता और अवसर प्रदान करना। पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria)…     आवेदक मध्य प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए।     MP बोर्ड से 12वीं पास हो।     सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए न्यूनतम 85% अंक।     SC/ST/अन्य आरक्षित वर्ग के लिए न्यूनतम 75% अंक।     परिवार की वार्षिक आय 6 लाख रुपए से अधिक नहीं होनी चाहिए।     आधार कार्ड, बैंक खाता, और आवश्यक दस्तावेज होना अनिवार्य। 1. आधिकारिक वेबसाइट [shikshaportal.mp.gov.in] पर जाएं। 2. ‘पात्रता जांचें’ लिंक पर क्लिक करें। 3. 12वीं बोर्ड का रोल नंबर दर्ज करें और जानकारी प्राप्त करें। 4. पात्रता मिलने पर ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरें। 5. सभी जरूरी दस्तावेज अपलोड करें। 6. आवेदन सबमिट करें और प्रिंट निकाल लें। 7. आवेदन की स्थिति पोर्टल पर चेक करें। राशि ट्रांसफर सीधे DBT के जरिए बैंक खाते में…     चयनित छात्रों को 25,000 रुपए की राशि सीधे उनके बैंक खाते में डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर (DBT) के जरिए दी जाएगी।     राशि से छात्र अपने मनपसंद लैपटॉप खरीद सकते हैं।     साथ ही सरकार की ओर से सम्मान पत्र भी दिया जाएगा। इस साल कितने प्रतिशत पर मिलेगा लैपटॉप?     सामान्य वर्ग के लिए 12वीं बोर्ड में 85% या उससे अधिक अंक।     SC/ST और अन्य आरक्षित वर्ग के लिए 75% या उससे अधिक अंक। फ्री लैपटॉप योजना के फायदे…     25,000 की आर्थिक सहायता सीधे खाते में।     छात्रों के लिए डिजिटल शिक्षा और तकनीकी कौशल विकास।     प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद।     ऑनलाइन शिक्षा में सहजता।     आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन और पारदर्शी।     सभी वर्गों के मेधावी छात्रों को समान अवसर। योजना से जुड़ी जरूरी जानकारियां (Important Information)… बिंदु                              जानकारी योजना का नाम       मध्य प्रदेश फ्री लैपटॉप योजना लाभार्थी                 12वीं में अच्छे अंक लाने वाले छात्र प्रोत्साहन राशि         ₹25,000 कटऑफ प्रतिशत     सामान्य – 85%, SC/ST – 75% आवेदन तरीका        ऑनलाइन जरूरी दस्तावेज        आधार, मार्कशीट, जाति प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक आधिकारिक वेबसाइट     shikshaportal.mp.gov.in राशि का वितरण           डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर (DBT) योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज…     आधार कार्ड     12वीं बोर्ड की मार्कशीट     जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)     बैंक पासबुक या बैंक खाता विवरण पिछले वर्षों का डेटा और योजना की सफलता पिछले साल 78,641 छात्रों ने इस योजना का लाभ लिया। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में और अधिक मेधावी छात्र इस योजना का लाभ उठाएं और डिजिटल शिक्षा से जुड़ें। एमपी फ्री लैपटॉप योजना के लाभ…     ऑनलाइन पढ़ाई का मौका     प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी     तकनीकी कौशल में सुधार     रोजगार के नए अवसर     आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनना डिजिटल युग में सफलता की एक मजबूत सीढ़ी… यह योजना मध्य प्रदेश के छात्रों के लिए डिजिटल युग में सफलता की एक मजबूत सीढ़ी साबित हो रही है। अगर आप भी 12वीं में अच्छे अंक लाए हैं तो इस अवसर का लाभ अवश्य उठाएं। recent visitors 49

अगर कोई देश हमें कॉल करे, हमसे बात करे, हम उसे अपने कदमों के बारे में बताएं तो उसे मध्यस्थता नही कहा जाएगा- थरूर

नई दिल्ली पाकिस्तान की पोल खोलने के लिए टीम इंडिया ग्लोबल मिशन पर है. शनिवार सुबह कांग्रेस सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर के नेतृत्व वाला प्रतिनिधिमंडल विदेश रवाना हो गया है. ये प्रतिनिधिमंडल अमेरिका, पनामा, गुयाना, ब्राजील और कोलंबिया में पाकिस्तान के काले कारनामों से रूबरू कराएगा. इससे पहले थरूर ने  बातचीत में भारत की भूमिका, विदेश नीति और वैश्विक कूटनीतिक को लेकर रुख स्पष्ट किया. उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मध्यस्थता वाले बयान पर भी टिप्पणी की है. कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने स्पष्ट किया है कि भारत की विदेश नीति में पारदर्शिता और संवाद की परंपरा रही है, लेकिन इसे ‘मध्यस्थता’ कहना गलत होगा. थरूर ने कहा, आप हमारी सरकार का रुख बहुत अच्छे से जानते हैं. किसी भी संकट के दौरान उन देशों के साथ हमेशा संपर्क होता है, जो फोन करते हैं और मदद मांगते हैं. लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि कोई औपचारिक मध्यस्थता की प्रक्रिया हुई है. ना ऐसा कोई अनुरोध आया, ना ही भारत ने ऐसी कोई पहल की है. थरूर ने उदाहरण देकर समझाया थरूर ने उदाहरण देते हुए कहा, अगर कोई देश हमें कॉल करे, हमसे बात करे, और हम उसे अपने कदमों के बारे में बताएं तो क्या उसे मध्यस्थता कहा जाएगा? मुझे नहीं लगता है. उन्होंने आगे जोड़ते हुए कहा, हमारे विदेश मंत्री हमेशा यह बात सार्वजनिक तौर पर साझा करते हैं कि किसने उनसे संपर्क किया. जब भी किसी अन्य विदेश मंत्री ने उन्हें कॉल किया, उन्होंने उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए स्पष्ट किया है. थरूर उन सात संसदीय समूहों में से एक का नेतृत्व कर रहे हैं, जिन्हें विभिन्न देशों में भारत की ओर से प्रतिनिधित्व करने के लिए भेजा जा रहा है. 'भारत का रुख साफ है…' थरूर ने कहा है कि जब वे विदेश यात्रा पर जा रहे हैं तो वहां वो भारत का स्पष्ट और एकजुट रुख पेश करेंगे. उन्होंने कहा, यह बेहद अहम है, जब दुनिया भारत को देख रही है, हम सब एक ही पेज पर हों. थरूर ने बताया कि सरकार की ओर से जो ब्रीफिंग दी गई, उसका मकसद भी यही था कि सभी सांसद एक साझा रुख को लेकर आगे बढ़ें. उन्होंने कहा, हम सब इस भावना के साथ जा रहे हैं कि हम देश की ओर से बोल रहे हैं. जब उनसे पूछा गया कि क्या कांग्रेस के आंतरिक मतभेद उनके विदेश दौरे को प्रभावित करेंगे तो थरूर ने स्पष्ट किया कि हम जब अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा होते हैं तब हम देश का प्रतिनिधित्व करते हैं, पार्टी का नहीं. घरेलू राजनीति की चर्चा का स्थान संसद या देश के मंच हैं. न कि अंतरराष्ट्रीय सभाएं. किन देशों के दौरे पर हैं थरूर? शशि थरूर ग्रुप 5 की अगुवाई कर रहे हैं. ये ग्रुप अमेरिका, पनामा, गयाना, ब्राजील और कोलंबिया की यात्रा करेगा. इस प्रतिनिधिमंडल में LJP, JMM, TDP, BJP और शिवसेना के सांसद भी शामिल हैं.  डोनाल्ड ट्रंप लगातार क्या बयान दे रहे हैं? अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान युद्ध में मध्यस्थता का दावा किया है. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्षविराम में मदद की है और यह व्यापार वार्ताओं के जरिए संभव हुआ. उन्होंने कहा, मैं नहीं कहना चाहता कि मैंने किया, लेकिन मैंने मदद की. हालांकि, भारत ने ट्रंप के इन दावों को खारिज किया है और स्पष्ट किया है कि संघर्षविराम दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच सीधे संवाद का परिणाम था.   recent visitors 61

सरकारी कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर, प्रदेश के 55 हॉस्पिटल की लिस्ट जारी, निजी अस्पताल में करा सकेंगे इलाज

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। राज्य सरकार ने प्रदेश के कर्मचारियों के इलाज के लिए निजी अस्पतालों का इंपेनलमेंट किया है। अब प्रदेश के अधिकारी और कर्मचारी इन अस्पतालों में अपना इलाज करा सकेंगे। इस फैसले से कर्मचारियों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी। इन अस्पतालों में कर्मचारी भोपाल सीजीएचएस दरों पर इलाज करा सकेंगे। सरकार ने 55 अस्पतालों की लिस्ट जारी की है। ऑपरेशन से लेकर आईसीयू और नर्सिंग सेवाएं होंगी शामिल     सरकार द्वारा तय की गई पैकेज दरों में रजिस्ट्रेशन, एडमिशन, ऑपरेशन, जांच, दवाएं, आईसीयू, डॉक्टर की फीस, फिजियोथेरेपी और नर्सिंग सेवाएं शामिल हैं। अस्पतालों को निर्देश दिया गया है कि वे किसी भी मरीज से अलग से दवाएं या चिकित्सा उपकरण खरीदने के लिए बाध्य न करें। सभी सेवाओं का खर्च तय पैकेज में शामिल होगा। इन 55 अस्पतालों का नाम शामिल बिना सूचना मान्यता होगी रद्द अगर कोई प्राइवेट अस्पताल तय की गई दरों से अधिक चार्ज लेते हैं या फैसलिटी सरकार द्वारा तय मानकों से नीचे पाई जाती हैं, तो उस अस्पताल की मान्यता बिना पूर्व सूचना के तत्काल प्रभाव से रद्द की जा सकती है। इसका उद्देश्य मरीजों के साथ पारदर्शिता और गुणवत्ता बनाए रखना है। सीजीएचएस भोपाल ने अपने पैकेज में विभिन्न चिकित्सा सेवाओं के लिए शुल्क निर्धारित किए हैं।     रजिस्ट्रेशन शुल्क     एडमिशन शुल्क     भर्ती और मरीज का भोजन     ऑपरेशन शुल्क     ऑपरेशन थिएटर शुल्क     इंजेक्शन शुल्क     ड्रेसिंग शुल्क     डॉक्टर की फीस     दवाओं की लागत     प्रोसीजर फीस     सर्जन फीस     एनेस्थीसिया शुल्क     जांच शुल्क     सर्जिकल डिस्पोजेबल और अन्य सामग्री की लागत     फिजियोथेरेपी शुल्क     नर्सिंग देखभाल शुल्क इलाज के लिए जरूरी होंगे सरकारी पहचान पत्र और कर्मचारी आईडी सरकारी कर्मचारियों को इलाज के लिए अपना पहचान पत्र, आधार कार्ड और कर्मचारी आईडी प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। साथ ही अस्पतालों को रिसेप्शन पर इलाज की सूची और मान्यता की वैधता स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करनी होगी, जिससे भ्रम की स्थिति न बने और मरीजों को पूरा लाभ मिल सके। रूम के हिसाब से दरें तय, जनरल और प्राइवेट वार्ड में होगा फर्क सीजीएचएस दरें सेमी प्राइवेट वार्ड के लिए मान्य होंगी। यदि मरीज जनरल वार्ड का चयन करता है तो 10% कम राशि प्रतिपूर्ति योग्य होगी। वहीं, प्राइवेट वार्ड में इलाज के लिए 15% अधिक राशि प्रतिपूर्ति के अंतर्गत आ सकती है। इससे कर्मचारियों को अपनी आवश्यकता और सुविधा के अनुसार विकल्प मिलेंगे। क्या हैं CGHS दरें केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजना (CGHS) केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य योजना है, जिसका लाभ केंद्र सरकार के कर्मचारी, पेंशनभोगी और उनके परिवार के सदस्य उठा सकते हैं। इस योजना के तहत, सरकारी कर्मचारियों को अस्पताल में कैशलेस इलाज की सुविधा मिलती है। इसमें केंद्र इलाज के लिए अस्पताल को शुल्क निर्धारित करता है। अब एमपी में भी केंद्र की दरों के बराबर ही दरों पर ही सरकारी कर्मचारियों का इलाज होगा।   50 से अधिक निजी अस्पतालों में एमपी सरकारी कर्मचारी अब इलाज करवा सकेंगे। सीजीएचएस भोपाल की दरों पर सभी सेवाएं पैकेज में शामिल रहेंगी। सरकारी पहचान पत्र और कर्मचारी आईडी दिखाना इलाज के लिए जरूरी होगा। दर से अधिक शुल्क लेने पर अस्पताल की मान्यता तुरंत रद्द की जा सकती है। जनरल, सेमी प्राइवेट और प्राइवेट वार्ड में प्रतिपूर्ति की दरें अलग-अलग तय होंगी। 17 तरह के चार्जेज CGHS भोपाल के पैकेज में शामिल CGHS भोपाल ने जो पैकेज बनाया है उसमें 17 तरह के फ़ीस जैसे रजिस्ट्रेशन फ़ीस , एडमिशन फ़ीस, भर्ती एवं मरीज का भोजन, ऑपरेशन चार्ज, ऑपरेशन थियेटर चार्ज, इंजेक्शन चार्ज, ड्रेसिंग, डॉक्टर की फ़ीस, दवाएं, प्रोसेस फ़ीस, सर्जन फ़ीस, एनेस्थीसिया चार्ज, जांच शुल्क,  अस्पताल में भर्ती होने के दौरान इस्तेमाल होने वाले सर्जिकल डिस्पोजेबल और सभी तरह के सामान का चार्ज फिजियोथेरेपी, नर्सिंग देखभाल शुल्क आदि शामिल हैं। लापरवाही पर इम्पेनल्ड सूची से बाहर हो जायेगा अस्पताल   विभाग ने निर्देशित किया है कि इलाज कराने वाले शासकीय कर्मचारी अथवा उसके आश्रित के सम्बन्ध में शासन द्वारा वांछित जानकारी समय पर न भेजने, शासकीय कर्मचारियों अथवा उनके आश्रितों के उपचार हेतु निर्धारित सीजीएचएस भोपाल के पैकेज दर से अधिक शुल्क लेने, अस्पताल की स्वास्थ्य सुविधाएं उपयुक्त/मानक स्तर का न पाए जाने पर अथवा किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर यह अधिमान्यता किसी भी समय बिना पूर्व सूचना के समाप्त की जा सकेगी यानि अस्पताल को इम्पेनल्ड सूची से हटा दिया जायेगा। क्या-क्या मिलेगा इस योजना में इस योजना में किसी बीमा या एडवांस राशि की आवश्यकता नहीं होगी. सामान्य वार्ड में 10% कम राशि और निजी वार्ड में 15% अधिक राशि प्रतिपूर्ति योग्य है. डायलिसिस सहित डे केयर उपचार सुविधा शामिल है. सेमी प्राइवेट वार्ड के लिए CGHS दरें लागू होंगी recent visitors 109

नीति आयोग की बैठक में शामिल होने विकास रोडमैप के साथ पहुंचे मुख्यमंत्री साय

रायपुर नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होने से पहले छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने चर्चा करते हुए राज्य के विकास रोडमैप, नक्सलवाद के अंत और नई औद्योगिक नीति को लेकर अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कीं। रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री साय ने बातचीत में कहा कि वह इस महत्वपूर्ण बैठक में छत्तीसगढ़ की भावी विकास योजनाओं और राज्य के दृष्टिकोण को नीति आयोग के समक्ष रखेंगे। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के प्रधानमंत्री के लक्ष्य के अनुरूप, हमारा उद्देश्य “विकसित छत्तीसगढ़” की दिशा में ठोस कदम बढ़ाना है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ सरकार बस्तर और अन्य क्षेत्रों के समावेशी विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। उन्होंने नक्सलवाद की समस्या पर भी बात की और कहा कि राज्य में अब यह समाप्ति की ओर है, क्योंकि सरकार ने सुरक्षा के साथ-साथ विकास को प्राथमिकता दी है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री साय ने बताया कि वह बैठक में राज्य की नई औद्योगिक नीति, निवेश प्रोत्साहन और औद्योगिक अवसरों की संभावनाओं पर भी प्रकाश डालेंगे। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि छत्तीसगढ़, प्रधानमंत्री के विकसित भारत के सपने को साकार करने में अग्रणी भूमिका निभाएगा। recent visitors 46

इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टीम के नए टेस्ट कप्तान का ऐलान, धाकड़ खिलाड़ी की 8 साल बाद वापसी

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम को अगले महीने इंग्लैड का दौरा करना है। यह दौरा 20 जून से शुरू होगा, जिसमें भारत और इंग्लैंड के बीच पांच टेस्ट मैचों की सीरीज खेली जाएगी। इस सीरीज के लिए BCCI ने टीम इंडिया का ऐलान कर दिया है। रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दिग्गजों के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद यह टीम इंडिया का पहला बड़ा दौरा है। ऐसे में भारतीय टीम के साथ-साथ नए टेस्ट कप्तान का ऐलान भी कर दिया गया है। शुभमन गिल को भारतीय टेस्ट टीम का नया कप्तान नियुक्त किया गया है। गिल टीम इंडिया के 37वें टेस्ट कप्तान होंगे। 25 साल के गिल टीम इंडिया के 5वें सबसे युवा टेस्ट कप्तान हैं। गिल के सामने अब इंग्लैंड की सरजमीं पर बल्ले से ही नहीं बल्कि कप्तानी से भी कमाल करने की कठिन चुनौती होगी। अर्शदीप सिंह को पहली बार टेस्ट टीम में चुना गया है। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर शानदार प्रदर्शन करने वाले सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल और ऑलराउंडर नितीश कुमार रेड्डी अपनी जगह बरकरार रखने में कामयाब रहे हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि साई सुदर्शन और करुण नायर को भी टीम में शामिल किया गया है। सुदर्शन को IPL 2025 में गुजरात टाइटंस के लिए शानदार बल्लेबाजी का इनाम मिला है। करुण नायर की 8 साल बाद टीम इंडिया में वापसी हुई है। उन्होंने रणजी ट्रॉफी 2024-25 में विदर्भ की ओर से खेलते हुए 863 रन बनाए थे। यही वजह है कि अब सिलेक्टर्स ने उनको लंबे समय बाद मौका दिया है। टीम सेलेक्शन के लिए बैठक मुंबई स्थित भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) के हेडक्वार्टर में हुई.. बैठक में बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया और अजीत अगरकर की अगुवाई वाली चयन समिति के सदस्य शामिल हुए. मीटिंग के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में अजीत अगरकर ने भारतीय टीम का ऐलान किया. इंग्लैंड दौरे के लिए भारत की 18 सदस्यीय टीम: शुभमन गिल (कप्तान), यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, साई सुदर्शन, ऋषभ पंत (उप-कप्तान/विकेटकीपर), नीतीश कुमार रेड्डी, रवींद्र जडेजा, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), अभिमन्यु ईश्वरन, शार्दुल ठाकुर, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, करुण नायर, वॉशिंगटन सुंदर, आकाश दीप, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव. इंग्लैंड में भारत का टेस्ट रिकॉर्ड उतना अच्छा नहीं इंग्लैंड की धरती पर भारतीय टीम का टेस्ट रिकॉर्ड बेहतर नहीं रहा है. इंग्लैंड के खिलाफ उसके घर में भारत ने अबतक (1932-2022) 67 टेस्ट मैच खेले है. इस दौरान उसे सिर्फ 9 टेस्ट में जीत मिली है, जबकि 36 मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा. 22 मैच ड्रॉ  भी रहे. एमएस धोनी (2011-2014) का कप्तान के तौर पर इंग्लैंड की धरती पर सबसे खराब रिकॉर्ड रहा. उनकी कप्तानी में इंग्लिश धरती पर भारत को 9 टेस्ट मैचों में से सिर्फ एक में जीत मिली, जबकि सात में हार का सामना करना पड़ा. एक मैच ड्रॉ पर छूटा. भारत बनाम इंग्लैंड टेस्ट सीरीज का पूरा शेड्यूल पहला टेस्ट: 20-24 जून, 2025 – हेडिंग्ले, लीड्स दूसरा टेस्ट: 2-6 जुलाई, 2025 – एजबेस्टन, बर्मिंघम तीसरा टेस्ट: 10-14 जुलाई, 2025 – लॉर्ड्स, लंदन चौथा टेस्ट: 23-27 जुलाई, 2025 – ओल्ड ट्रैफर्ड, मैनचेस्टर पांचवां टेस्ट: 31 जुलाई-4 अगस्त, 2025 – द ओवल, लंदन recent visitors 57

देश के कई हिस्सों में कोविड-19 के मामलों में एक बार फिर तेज़ी देखी जा रही, अब तक 312 मामले

नई दिल्ली देश के कई इलाकों में कोविड-19 के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है, जिसको लेकर सरकारों ने चिंता जताई है और नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है. इसी बीच राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सरकार ने एक एडवाइजरी जारी कर सभी अस्पतालों को सतर्क रहने और कोविड से निपटने की पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए गए हैं. ये पहली बार है जब दिल्ली में लगभग तीन वर्षों के बाद COVID-19 मामले सामने आए हैं. वहीं,  गुजरात, हरियाणा, केरल और कर्नाटक समेत कई राज्यों में कोविड-19 के नए मामले सामने आए हैं. दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी एडवाइजरी में सभी अस्पतालों को बेड, ऑक्सीजन, दवाओं और वैक्सीन की उपलब्धता के लिए तैयार रहने को कहा गया है. शुक्रवार को स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह ने कहा कि गुरुवार तक कोविड-19 के 23 मामले सामने आए हैं और सरकार इस बात की पुष्टि कर रही है कि मरीज दिल्ली के निवासी हैं या उन्होंने शहर से बाहर की यात्रा की है. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि ये पॉजिटिव मामले निजी लैब द्वारा रिपोर्ट किए गए हैं और घबराने की कोई जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा कि इस वेरिएंट में सामान्य इन्फ्लूएंजा जैसे लक्षण हैं. क्या बोले दिल्ली स्वास्थ्य मंत्री दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह ने आजतक से बातचीत में कहा कि आज दिल्ली के तमाम अस्पतालों के मेडिकल सुपरिटेंडेंट के साथ हमने बैठक की है, जिसमें अस्पतालों को निर्देश दिया गया है की कोविड से लड़ने के लिए तमाम तैयारियां की जाए चाहे वह ऑक्सीजन बेड की हो ऑक्सीजन कंसंट्रेट की हो. उन्होंने बातचीत में ये भी बताया की पैनिक होने की जरूरत नहीं है, अभी दिल्ली में कोरोना के जो केस आए हैं. उनकी संख्या में 23 है, सरकार मॉनिटरिंग कर रही है कि यह जो केस दिल्ली में दर्ज किए गए हैं. वह बेशक प्राइवेट लैब के जरिए आए हो, लेकिन क्या वह दिल्ली के हैं या फिर वह बाहर से आए हैं. इन सब की मॉनिटरिंग सरकार कर रही है और जनता को वक्त-वक्त पर अपडेट दिया जाता रहेगा. दिल्ली सरकार ने स्वास्थ्य संस्थानों से कोविड-19 के सभी पॉजिटिव सैंपल्स को जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए लोक नायक अस्पताल भेजने का निर्देश दिया है. साथ ही दिल्ली स्टेट हेल्थ डेटा मैनेजमेंट पोर्टल पर सभी मापदंडों की दैनिक रिपोर्टिंग अनिवार्य कर दी गई है. सरकार द्वारा जारी एडवाइजरी में साफ कहा गया है, 'अस्पतालों को बेड, ऑक्सीजन, एंटीबायोटिक्स, अन्य दवाओं और वैक्सीन की उपलब्धता सुनिश्चित करनी होगी. सभी उपकरण जैसे वेंटिलेटर, बीआई-पीएपी, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर और पीएसए (प्रोस्टेट-स्पेसिफिक एंटीजन) चालू स्थिति में होने चाहिए.' एडवाइजरी के अनुसार, समर्पित कर्मचारियों को रिफ्रेशर प्रशिक्षण दिया जा सकता है और सभी स्वास्थ्य सुविधाओं (ओपीडी/आईपीडी) में इन्फ्लूएंजा जैसी रोग (आईएलआई) और गंभीर तीव्र श्वसन बीमारी (एसएआरआई) के मामलों की दैनिक रिपोर्टिंग इंटीग्रेटेड हेल्थ इंफॉर्मेशन प्लेटफॉर्म (आईएचआईपी) पोर्टल पर सुनिश्चित की जानी चाहिए. पुष्टि किए गए इन्फ्लूएंजा और कोविड-19 मामलों को भी आईएचआईपी पर एल फॉर्म के तहत दर्ज किया जाना चाहिए. एडवाइजरी में ये भी कहा गया है कि अस्पताल कैंपस और स्वास्थ्य सुविधाओं पर मास्क पहनने समेत श्वसन संबंधी शिष्टाचार का पालन किया जाना चाहिए. सर गंगाराम अस्पताल के डॉक्टर अविरल माथुर ने कहा, "जेएन.1 वेरिएंट और इसके सब-वेरिएंट से जुड़े कोविड-19 मामलों में हालिया उछाल के साथ, हमें सावधानी के साथ काम करना चाहिए. यह स्ट्रेन अत्यधिक संक्रामक है. हालांकि, लक्षण ज्यादातर हल्के ही रहते हैं. फिर भी,रोकथाम जरूरी है. दिल्ली में 23 नए केस, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी एडवाइज़री में सभी अस्पतालों को बेड, ऑक्सीजन, दवाओं और वैक्सीन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए तैयार रहने को कहा गया है . स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह ने शुक्रवार को बताया कि गुरुवार तक कोविड-19 के 23 मामले सामने आए हैं . सरकार यह पुष्टि कर रही है कि मरीज दिल्ली के निवासी हैं या उन्होंने शहर से बाहर की यात्रा की है . स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि ये पॉजिटिव मामले निजी लैब द्वारा रिपोर्ट किए गए हैं और घबराने की कोई जरूरत नहीं है . उन्होंने कहा कि इस वेरिएंट में सामान्य इन्फ्लूएंजा जैसे लक्षण हैं . दिल्ली सरकार ने सभी अस्पतालों के मेडिकल सुपरिटेंडेंट के साथ बैठक की है, जिसमें अस्पतालों को ऑक्सीजन बेड और ऑक्सीजन कंसंट्रेटर जैसी सभी तैयारियां करने का निर्देश दिया गया है . सरकार निगरानी कर रही है और जनता को समय-समय पर अपडेट दिया जाएगा . सभी कोविड-19 पॉजिटिव सैंपल्स को जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए लोक नायक अस्पताल भेजने और सभी स्वास्थ्य डेटा की दैनिक रिपोर्टिंग 'दिल्ली स्टेट हेल्थ डेटा मैनेजमेंट पोर्टल' पर अनिवार्य कर दी गई है . एडवाइजरी में यह भी कहा गया है कि अस्पताल परिसर और स्वास्थ्य सुविधाओं पर मास्क पहनने सहित श्वसन संबंधी शिष्टाचार का पालन किया जाना चाहिए . गुरुग्राम और अन्य राज्यों में भी दस्तक दिल्ली से सटे साइबर सिटी गुरुग्राम में भी कोरोना की दस्तक हुई है, जहां दो मरीज मिले हैं . दोनों को फिलहाल आइसोलेशन में रखा गया है, जिनमें से एक मुंबई से गुरुग्राम आई थी . गुरुग्राम के सीएमओ ने बताया कि लक्षण हल्के हैं और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह तैयार है . गुरुवार को गुजरात में कोरोना वायरस के 15 नए मामले सामने आए . अहमदाबाद में 4 नए केस दर्ज हुए, जिनमें 84 साल के एक मरीज प्राइवेट अस्पताल में भर्ती हैं, बाकी होम आइसोलेशन में हैं . पूरे मई महीने में अहमदाबाद में 38 कोरोना केस दर्ज हुए हैं, जिनमें 31 एक्टिव केस हैं . बुधवार को केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने बताया कि राज्य में मई में कोविड-19 के 182 मामले सामने आए . कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव ने 21 मई को पुष्टि की कि राज्य में कोविड-19 के 16 सक्रिय मामले हैं . बेंगलुरु में नौ महीने के एक बच्चे में भी कोविड-19 की पुष्टि हुई है . JN.1 वेरिएंट: तेजी से फैलने वाला, पर कम खतरनाक इस नई लहर के लिए ओमिक्रॉन का JN.1 वेरिएंट और इसके सब-वैरिएंट्स .F.7 और NB.1.8 जिम्मेदार हैं . विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने JN.1 को दिसंबर 2023 में 'वेरिएंट ऑफ इंटरेस्ट' घोषित किया था . विशेषज्ञ बताते … Read more

21 मई को माओवादियों के साथ हुई मुठभेड़ में मिली ऐतिहासिक कामयाबी पर मुख्यमंत्री ने जवानों को दी बधाई

रायपुर : जवानों के बुलंद हौसलों से मिटेगा नक्सलवाद का कलंक: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री साय ने बासिंग स्थित बीएसएफ कैम्प पहुंचकर की जवानों की हौसला अफजाई कहा- फोर्स के अदम्य साहस और शौर्य को नमन 21 मई को माओवादियों के साथ हुई मुठभेड़ में मिली ऐतिहासिक कामयाबी पर मुख्यमंत्री ने जवानों को दी बधाई रायपुर प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि हमारे जवानों का हौसला दुर्गम पहाड़ों से भी ऊंचा है। नक्सलवाद के विरूद्ध निर्णायक लड़ाई में हमारे जवानों ने अदभुत, साहस, शौर्य और पराक्रम का परिचय दिया है। जवानों के बुलंद हौसलों से अब वह दिन दूर नहीं जब बस्तर से नक्सलवाद का नामोनिशान मिट जाएगा। मुख्यमंत्री साय आज ओरछा ब्लॉक के ग्राम बासिंग स्थित बीएसएफ कैम्प पहुंचे, जहां पर उन्होंने 21 मई को डीआरजी-बीएसएफ और जिला बल के द्वारा माओवादियों के विरूद्ध नारायणपुर, दंतेवाड़ा और बीजापुर की सरहदी पहाड़ियों में चलाए गए नक्सल विरोधी ऑपरेशन में 27 नक्सलियों को मार गिराने वाले जवानों की हौसला-अफजाई की। उन्होंने बासिंग कैम्प में जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि यह माओवाद के विरूद्ध अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है जिसमें सुरक्षा बलों ने हार्डकोर माओवादी बसवा राजू सहित 27 नक्सलियों को मार गिराया है। मुख्यमंत्री के साथ उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह भी बासिंग पहुंचे। मुख्यमंत्री ने जवानों की हौसला अफ़ज़ाई करते हुए तिलक लगाकर उनका अभिनंदन किया। उन्होंने जवानों से कहा कि बस्तर में अमन और शांति लाने में आपकी महत्वपूर्ण भूमिका है। मुख्यमंत्री ने सुरक्षा बल के जवानों को 50 मोटर बाइक पर हरी झंडी दिखाकर गस्त करने के लिए रवाना किया। मुख्यमंत्री साय ने जवानों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि सुरक्षा बलों ने जिस तरह उच्च स्तरीय रणनीति बनाकर ऑपरेशन को अंजाम दिया और कामयाबी हासिल की वह काबिले-तारीफ है। फोर्स के इस अदम्य साहस और शौर्य को नमन है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि अब वह दिन दूर नहीं जब बस्तर के माथे से माओवाद का कलंक पूरी तरह से मिट जाएगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मार्च 2026 तक देश से नक्सल समस्या को समूल समाप्त करने का संकल्प लिया है, वह पूरा होता नजर आ रहा है। मुख्यमंत्री साय ने आगे कहा कि वह दिन दूर नहीं जब बस्तर अंचल छत्तीसगढ़ के विकास से पूरी तरह जुड़ जाएगा। उन्होंने उम्मीद जाहिर करते हुए कहा कि बस्तर के अंदरूनी इलाके, जहां कुछ साल पहले तक जाना भी संभव नहीं था, वहां अब शिक्षा, स्वास्थ्य, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के क्रियान्वयन और निर्माण कार्यों में अब गति आएगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि माओवाद प्रभावित क्षेत्रों को शासन की योजनाओं से जोड़ने नियद नेल्लानार, पीएम जनमन जैसी योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिसका सकारात्मक बदलाव अब बस्तर में दिखने लगा है। माओवाद की समाप्ति के साथ ही बस्तर विकास की ओर तेजी से बढ़ेगा। उन्होंने ऑपरेशन में शामिल सभी जवानों को अपनी शुभकामनाएं देते हुए उनकी बहादुरी के लिए बधाई दी। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि इस ऑपरेशन और जवानों की बड़ी और ऐतिहासिक सफलता की सराहना राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी हो रही है। उन्होंने कहा कि अब बस्तर में बड़ा और सकारात्मक परिवर्तन होने जा रहा है जो विकास और प्रगति की राह पर बस्तर को ले जाएगा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जवानों को एलईडी सेट और गिफ्ट हैम्पर भेंट किए। इस अवसर पर ऑपरेशन में शामिल जवानों ने की गई तैयारियों और रणनीति की जानकारी मुख्यमंत्री एवं उप मुख्यमंत्री को दी। इसके पहले, जवानों ने मुठभेड़ के बाद माओवादियों से रिकवर किए गए हथियारों का प्रदर्शन किया, जिसमें बीजीएल लॉन्चर, 12 बोर बंदूक, .303 बंदूक, 7.62 रायफल, 5.56 एमएम इंसास, एके-47, 9 एमएम कार्बाइन सहित विभिन्न प्रकार के हथियार सम्मिलित थे। इस मौके पर पुलिस महानिदेशक अरूण देव गौतम, एडीजी नक्सल ऑपरेशन विवेकानंद सिन्हा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, बस्तर कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी सुंदरराज पी, डीआईजी अमित तुकाराम कामले, कलेक्टर नारायणपुर श्रीमती प्रतिष्ठा ममगाईं, पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे। recent visitors 44