पंचतत्व में विलीन हुए शहीद लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी

अयोध्या सिक्किम में शहीद लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी अयोध्या में पंचतत्व में विलीन हो गए। उनका अंतिम संस्कार पवित्र सरयू के जमथरा घाट पर किया गया। मुखाग्नि शहीद के पिता जंग बहादुर तिवारी ने दी। इस दौरान सेना के अफसरों ने शहीद के पिता को ढांढस बंधाया। इससे पहले शहीद के आवास से हजारों की संख्या में स्थानीय लोग अंतिम यात्रा में शामिल हुए। सेना के अधिकारियों ने जमथरा घाट पर श्रद्धांजलि देते हुए सलामी दी। रामनगरी के लाल शहीद लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी का पार्थिव शरीर शुक्रवार की रात उनके गद्दोपुर मझवा स्थित आवास पहुंचा। सेना के अधिकारी मिलिट्री हॉस्पिटल से पार्थिव शरीर लेकर उनके घर पहुंचे। शनिवार को सुबह से उनके घर पर श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लगा रहा। जनप्रतिनिधियों के साथ ही स्थानीय नागरिकों ने शशांक को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद सेना के जवान पार्थिव शरीर को लेकर सरयू के जमथरा घाट पहुंचें। इस दौरान भारत माता की जय, शहीद शशांक अमर रहें…जैसे नारों से क्षेत्र गुंजायमान हो उठा। वहां पर शहीद लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। लोगों ने शहीद शशांक तिवारी को दी श्रद्धांजलि जिले के प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही सहित जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे, एसएसपी गौरव ग्रोवर, डोगरा रेजीमेंट सेंटर के उच्चाधिकारियों और विधायक वेद प्रकाश गुप्त, रामचंद्र यादव, अमित सिंह, महापौर गिरीश पति त्रिपाठी, पूर्व सांसद लल्लू सिंह, पूर्व मंत्री पवन पांडेय, पूर्व मेयर ऋषिकेश उपाध्याय, भाजपा महानगर अध्यक्ष कमलेश श्रीवास्तव समेत अन्य लोगों ने शहीद शशांक तिवारी को श्रद्धांजलि दी।   recent visitors 67

नीति आयोग की बैठक में पीएम मोदी ने सीएम साय से कहा – छत्तीसगढ़ की बात अभी बाकी है

रायपुर   नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक के दौरान एक आत्मीय क्षण सामने आया, जिसने सबका ध्यान खींचा। लंच ब्रेक के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का हाथ थामते हुए मुस्कराकर कहा कि  "छत्तीसगढ़ की बात अभी बाकी है।" इस एक वाक्य में प्रधानमंत्री का स्नेह, विश्वास और राज्य के प्रति विशेष रुचि झलक रही थी। उस क्षण, आसपास उपस्थित आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री एन. चंद्रबाबू नायडू और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री श्री एम.के. स्टालिन भी मुस्कराते हुए इस संवाद के साक्षी बने। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के आदिवासी अंचलों में हो रहे सकारात्मक बदलाव, औद्योगिक निवेश, और ‘आत्मनिर्भर बस्तर’ की दिशा में राज्य सरकार द्वारा उठाए गए ठोस कदमों की सराहना की। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया कि कैसे बस्तर अब संघर्ष नहीं, संभावना का प्रतीक बन रहा है – जहाँ कभी बंदूकें चलती थीं, वहाँ अब मशीनें, लैपटॉप और स्टार्टअप की चर्चा हो रही है। नवा रायपुर में देश की पहली सेमीकंडक्टर यूनिट और एआई डेटा सेंटर की स्थापना से लेकर लिथियम ब्लॉक की नीलामी तक – छत्तीसगढ़ अब संसाधनों से परिपूर्ण राज्य बनने की ओर अग्रसर है और देश के विकास में छत्तीसगढ़ की बेहद महत्वपूर्ण भूमिका है। यह क्षण किसी औपचारिक संवाद का नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के द्वारा छत्तीसगढ़ के विकास के लिए प्रतिबद्ध मुख्यमंत्री श्री साय के प्रयासों की सहज स्वीकृति और सराहना का था। नीति आयोग की बैठक में जहां देशभर के राज्यों ने अपने विकास मॉडल प्रस्तुत किए, वहीं छत्तीसगढ़ की प्रस्तुति ने प्रधानमंत्री की विशेष रुचि और सराहना प्राप्त की। यह स्पष्ट संकेत है कि छत्तीसगढ़ अब केवल एक उभरता हुआ राज्य नहीं, बल्कि देश के समग्र विकास में एक निर्णायक भूमिका निभाने वाला राज्य बन चुका है। recent visitors 68

अगर केंद्र और सभी राज्य एक साथ मिलकर टीम इंडिया की तरह काम करें तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं: पीएम मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नीति आयोग की 10वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक में अपने उद्घाटन भाषण में कहा कि भारत को भविष्य के लिए तैयार शहरों के विकास की दिशा में काम करना चाहिए। उन्होंने केंद्र और सभी राज्यों से एक साथ मिलकर विकास की गति बढ़ाने का आग्रह किया। पीएम मोदी ने कार्यक्रम में कहा, "भारत में तेजी से शहरीकरण हो रहा है। हमें भविष्य के लिए तैयार शहरों की दिशा में काम करना चाहिए। विकास, नवाचार और स्थिरता हमारे शहरों के विकास का इंजन होना चाहिए।" उन्होंने आगे कहा, "हमें विकास की गति बढ़ानी होगी। अगर केंद्र और सभी राज्य एक साथ मिलकर टीम इंडिया की तरह काम करें तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं हो सकता है।" उन्होंने राज्यों से देश में पर्यटन को बढ़ावा देने में योगदान देने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा, "राज्यों को वैश्विक मानकों के अनुरूप तथा सभी सुविधाएं और इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध करवाते हुए प्रत्येक राज्य में कम से कम एक पर्यटन स्थल विकसित करना चाहिए। 'एक राज्य, एक वैश्विक गंतव्य' बनाया जाना चाहिए। इससे पड़ोसी शहरों का भी पर्यटन स्थल के रूप में विकास होगा।" पीएम मोदी ने 140 करोड़ नागरिकों की आकांक्षा को ‘विकसित होना’ बताया और कहा, "विकसित भारत हर भारतीय का लक्ष्य है। जब हर राज्य विकसित होगा तभी भारत भी विकसित होगा। यह 140 करोड़ नागरिकों की आकांक्षा है।" इसके अलावा, उन्होंने देश के वर्कफोर्स में महिलाओं की संख्या बढ़ाने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा, "हमें अपने वर्कफोर्स में महिलाओं को शामिल करने की दिशा में काम करना चाहिए। हमें ऐसे कानून और नीतियां बनानी चाहिए, जिससे महिलाओं को वर्कफोर्स में सम्मानपूर्वक शामिल किया जा सके।" भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित होने वाली इस गवर्निंग काउंसिल की बैठक का विषय ‘विकसित भारत : 2047 के लिए विकसित राज्य’ है। यह बैठक केंद्र, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 'विकसित भारत : 2047' के विजन को आगे बढ़ाने के उपायों पर विचार-विमर्श करने और इस बात पर आम सहमति बनाने के लिए एक मंच प्रदान करती है कि कैसे राज्य भारत को एक 'विकसित राष्ट्र' बनाने के लिए आधारशिला बन सकते हैं। इसके अलावा, बैठक में उद्यमिता को बढ़ावा देने, कौशल बढ़ाने और देश भर में स्थायी रोजगार के अवसर पैदा करने के उपायों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। recent visitors 77

बैठक ‘विकसित राज्य फॉर विकसित भारत @2047’ थीम पर केंद्रित रही

मध्यप्रदेश को अग्रणी राज्य बनाने के लिए सरकार संकल्पित: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नीति आयोग की विकसित राज्य फॉर विकसित भारत @2047 बैठक में की सहभागिता बैठक ‘विकसित राज्य फॉर विकसित भारत @2047’ थीम पर केंद्रित रही भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता मे नीति आयोग की शासी परिषद (गवर्निंग काउंसिल) की 10वीं बैठक में भाग लिया। यह बैठक ‘विकसित राज्य फॉर विकसित भारत @2047’ थीम पर केंद्रित रही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'विकसित भारत-आत्मनिर्भर भारत' के निर्माण के विजन से प्रेरित होकर मध्यप्रदेश को देश के अग्रणी राज्यों की प्रथम पंक्ति में स्थापित करने के लिए राज्य सरकार संकल्पित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में शामिल होकर प्रधानमंत्री मोदी का मार्गदर्शन प्राप्त किया और इसे भारत के भविष्य निर्माण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया 'एक्स' पर कहा कि प्रधानमंत्री जी के दूरदर्शी नेतृत्व में सभी राज्य ‘टीम इंडिया’ की भावना के साथ कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज मध्यप्रदेश विकास और लोक कल्याण के संकल्प पथ पर अग्रसर है और निरंतर नए प्रतिमान स्थापित कर रहा है।   recent visitors 51

‘IAS’ का फॉर्म अब आधार के बिना नहीं भर सकेंगे, UPSC चेयरमैन का बड़ा बयान

चेन्नई  राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्षों की स्थायी समिति की बैठक शनिवार 24 मई को चेन्नई के सरकारी गेस्ट हाउस में शुरू हुई. संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष अजय कुमार ने बैठक की अध्यक्षता की. बैठक में हरियाणा, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम, बिहार, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र, नागालैंड, राजस्थान, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश के राज्य लोक सेवा आयोगों के अध्यक्षों ने भाग लिया. यह बैठक दो दिनों तक चलेगी. पहले दिन सरकारी कर्मचारियों की चयन प्रक्रिया में निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने, आपस में सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने, चयन प्रक्रियाओं में आधुनिक तकनीकों का उपयोग करने तथा चयन संबंधी मामलों के प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की गई. दूसरे दिन भी परीक्षा से संबंधित आनेवाली परेशानियों पर चर्चा की जाएगी.     मीडिया को संबोधित करते हुए संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष अजय कुमार ने कहा, "यूपीएससी देशभर में परीक्षाएं आयोजित करने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. राज्य स्तर की परीक्षाएं भी महत्वपूर्ण मानी जाती हैं. हम लगातार सलाह देते रहे हैं कि ऐसी परीक्षाएं पारदर्शी होनी चाहिए. आने वाले समय में हम यूपीएससी परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन करते समय आधार को अनिवार्य बनाने की प्रक्रिया शुरू करने जा रहे हैं." संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि दो दिवसीय स्थायी समिति की इस बैठक में सरकारी सेवा परीक्षाओं के महत्वपूर्ण पहलुओं पर विभिन्न चर्चाएं होंगी. तमिलनाडु लोक सेवा आयोग (टीएनपीएससी) के अध्यक्ष एस के प्रभाकर ने कहा, "इस बैठक में हम परीक्षा आयोजित करने के तरीकों, इसमें आने वाली कठिनाइयों, सुधार पद्धति और पारदर्शिता के साथ परीक्षा आयोजित करने की पद्धति सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करेंगे." टीएनपीएससी के अध्यक्ष ने कहा, इसके अलावा परीक्षाओं में ओएमआर शीट को बेहतर बनाने, ओएमआर शीट में आने वाली कठिनाइयों को दूर करने, सुरक्षा सुविधाएं जोड़ने और उत्तर पुस्तिकाओं को सही करने के लिए कई योजनाएं बनाई हैं. दूसरे राज्यों में परीक्षा देते समय तमिलनाडु के छात्रों को होने वाली कठिनाइयों पर भी चर्चा की जाएगी. recent visitors 66

केरल में मानसून का आगमन पिछले 16 वर्षों में सबसे जल्दी, मानसून 25 मई तक केरल में, भारी बारिश की संभावना

तिरुवनन्तपुरम केरल में मानसून अगले 24 घंटों में दस्तक देने वाला है। यह अपने तय समय से करीब एक सप्ताह पहले चल रहा है। इस साल केरल में मानसून का आगमन पिछले 16 वर्षों में सबसे जल्दी होने वाला है। राज्य में मानसून के आगमन के लिए सभी अनुकूल परिस्थितियां तैयार हो गई हैं। पिछले दो दिनों में केरल के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई है। यह कम दबाव वाले क्षेत्र और आगे बढ़ते मानसून सिस्टम के संयोजन के कारण हुई है। पिछली बार राज्य में मानसून इतनी जल्दी 2009 और 2001 में पहुंचा था। तब यह 23 मई को राज्य में पहुंचा था। आमतौर पर मानसून केरल में 1 जून को दस्तक देता है। हालांकि, सबसे पहले 1918 में 11 मई को मानसून ने केरल में दस्तक दे दी थी। देरी से मानसून के आने का रिकॉर्ड 1972 में था, जब मानसूनी बारिश 18 जून से शुरू हुई थी। पिछले 25 वर्षों में सबसे देरी से मानसून का आगमन 2016 में हुआ था, जब मानसून ने 9 जून को केरल में प्रवेश किया था। अगले 24 घंटे में करेल में दस्तक दे सकता है मानसून आईएमडी ने एक बयान में कहा, 'अगले 2-3 दिनों में केरल में मानसून के आगमन के लिए परिस्थितियां अनुकूल होने की संभावना है.' इस वर्ष मानसून के आने का पूर्वानुमान आईएमडी के 27 मई के डेडलाइन के भीतर है, जिसमें चार दिनों का मॉडल एरर मार्जिन चलता है. पिछले साल मानसून ने केरल में 30 मई को दस्तक दी थी. मानसून का समय पर आगमन भारत के लिए एक महत्वपूर्ण कारक है, जहां वार्षिक वर्षा का लगभग 70% जून-सितंबर की अवधि के दौरान होता है. मानसून की बारिश फसलों की सिंचाई और भूजल एवं जलाशयों को पुनः भरने के लिए महत्वपूर्ण है, तथा इसका सीधा प्रभाव देश के कृषि उत्पादन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ता है. आईएमडी ने 2025 के लिए औसत से अधिक मानसून की बारिश का अनुमान लगाया है, जिससे खरीफ सीजन की फसलों का रिकॉर्ड उत्पादन होने की उम्मीद बढ़ गई है. उत्पादन बढ़ने से ग्रामीण आय में वृद्धि होगी, खाद्य सुरक्षा बढ़ेगी और देश के समग्र आर्थिक विकास में कृषि क्षेत्र का योगदान बढ़ेगा. शुरुआती बारिश से धान, मक्का, कपास, सोयाबीन और तिलहन की बुवाई को बढ़ावा मिलने तथा रबी सीजन से पहले जलाशयों का जलस्तर बढ़ने की उम्मीद है. पूर्वी मध्य अरब सागर के ऊपर बना लो प्रेशर सिस्टम केरल के अलावा, आईएमडी ने दक्षिण-पश्चिम मानसून के दक्षिण और मध्य अरब सागर, मालदीव और कोमोरिन क्षेत्र, लक्षद्वीप के कुछ हिस्सों, कर्नाटक, तमिलनाडु, दक्षिण और मध्य बंगाल की खाड़ी, उत्तरी बंगाल की खाड़ी और पूर्वोत्तर राज्यों के कुछ हिस्सों में इसी अवधि के दौरान आगे बढ़ने का अनुमान लगाया है. इसके समानांतर, दक्षिण कोंकण-गोवा तट से दूर, पूर्वी मध्य अरब सागर के ऊपर एक लो प्रेशर वेदर सिस्टम बनने की खबर है. अगले 36 घंटों में उत्तर की ओर बढ़ते हुए यह लो प्रेशर वेदर सिस्टम और भी मजबूत हो सकता है और स्थानीय वेदर पैटर्न को प्रभावित कर सकता है, जिससे पश्चिमी तट के कुछ हिस्सों में बारिश और हवा में बदलाव हो सकता है. देश के कुछ हिस्सों में चल रही गर्मी की स्थिति से राहत मिलने की व्यापक उम्मीद के बीच मानसून की प्रगति पर कड़ी नजर रखी जा रही है. अभी तक, मानसून की राह में कोई बड़ी देरी या विचलन नहीं देखा गया है. यह भारत भर में कृषि के लिए बारिश पर निर्भर क्षेत्रों के लिए सकारात्मक खबर है. जहां तक उत्तर भारतीय राज्यों की बात है, तो इस क्षेत्र में 25 से 30 जून के बीच मानसून के आगमन की संभावना आईएमडी ने जताई है. यह क्षेत्र देश के दक्षिणी और मध्य भागों की तुलना में मौसमी बदलाव को थोड़ा देर से दर्शाता है. पश्चिमी भारत में 15 से 20 जून के बीच मानसून की बारिश होने का अनुमान है. दक्षिणी राज्यों में भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शनिवार को केरल, तटीय-दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, कोंकण और गोवा में अलग-अलग स्थानों पर भारी से भारी वर्षा की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने कहा कि 29 मई तक केरल और तटीय कर्नाटक में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना है। इस दौरान 40-50 किमी प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चलेंगी। तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में भी अगले पांच दिनों में छिटपुट बारिश और गरज के साथ छींटे पड़ सकते हैं। पूर्व-मध्य अरब सागर पर एक दबाव बना दक्षिण कोंकण तट के पास पूर्व-मध्य अरब सागर पर एक दबाव बना है। यह 24 मई की सुबह रत्नागिरी से लगभग 40 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में स्थित था। इसके पूर्व की ओर बढ़ने और आज सुबह रत्नागिरी और दापोली के बीच तट को पार करने की उम्मीद है। बीते साल 30 मई को मानसून ने दी थी दस्तक पिछले साल 30 मई को दक्षिणी राज्य में मानसून ने दस्तक दी थी। 2023 में मानसून 8 जून को, 2022 में 29 मई को, 2021 में 3 जून को, 2020 में 1 जून को, 2019 में 8 जून को और 2018 में 29 मई को केरल पहुंच था। आईएमडी ने अप्रैल में 2025 के मानसून सीजन में सामान्य से अधिक वर्षा का अनुमान लगाया था। इसमें अल नीनो की स्थिति की संभावना को खारिज कर दिया गया था। अल नीनो भारतीय उपमहाद्वीप में सामान्य से कम वर्षा से के लिए जिम्मेदार होता है। ऐसी रहती है देश में मानसून की गति आम तौर पर दक्षिण-पश्चिम मानसून 1 जून तक केरल में दस्तक देता है। इसके बाद 8 जुलाई तक यह पूरे देश को कवर कर लेता है। यह 17 सितंबर के आसपास उत्तर-पश्चिम भारत से पीछे हटना शुरू करता है और 15 अक्तूबर तक पूरी तरह से वापस चला जाता है। आपके राज्य के लिए पूर्वानुमान     महाराष्ट्र: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शुक्रवार दोपहर को महाराष्ट्र के तटीय जिलों में भारी बारिश की संभावना जताते हुए रेड अलर्ट जारी किया। रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई में गरज के साथ बिजली चमकने, हल्की से मध्यम बारिश और अलग-अलग इलाकों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है।     गोवा: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने … Read more

EPFO के 7 करोड़ सब्सक्राइबर्स के लिए Good news, 8.25% ब्याज दर को सरकार ने किया मंजूर, अब खातों में आएगा पैसा

 नयी दिल्ली  सरकार ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए कर्मचारी भविष्य निधि पर 8.25 प्रतिशत ब्याज दर को मंजूरी दी है। इससे ईपीएफओ अपने सात करोड़ से अधिक अंशधारकों के भविष्य निधि पर वार्षिक ब्याज जमा कर सकेगा। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने 28 फरवरी को वित्त वर्ष 2024-25 के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) जमा पर 8.25 प्रतिशत की ब्याज दर को बरकरार रखने का फैसला किया था। यह इससे पिछले वित्त वर्ष में दिये गये ब्याज दर के बराबर है।  बता दें, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने 28 फरवरी को वित्त वर्ष 2024-25 के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) जमा पर 8.25 प्रतिशत की ब्याज दर को बरकरार रखने का फैसला किया था। यह इससे पिछले वित्त वर्ष में दिये गये ब्याज दर के बराबर है। तय किए ब्याज दर को वित्त मंत्रालय की मंजूरी के लिए भेजा गया था। फाइनेंस मिनिस्ट्री ने मंजूरी दी EPFO ने 28 फरवरी को ईपीएफ के इंटरेस्ट रेट को 8.25 फीसदी बनाए रखने का फैसला किया था। इसे मंजूरी के लिए फाइनेंस मिनिस्ट्री को भेजा गया था। बताया जाता है कि फाइनेंस मिनिस्ट्री ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। लेबर मिनिस्ट्री के एक अधिकारी ने बताया, "फाइनेंस मिनिस्ट्री ने पिछले वित्त वर्ष के लिए 8.25 फीसदी इंटरेस्ट रेट के प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी है। यह फिस्कल ईयर 2024-25 के लिए होगा। इस फैसले के बारे में लेबर मिनिस्ट्री ने ईपीएफओ को 22 मई को सूचित कर दिया।" ईपीएफओ के 7 करोड़ सब्सक्राइबर्स को फायदा सरकार के इस फैसले के बाद ईपीएफ के 7 करोड़ से ज्यादा सब्सक्राइबर्स के ईपीएफ अकाउंट में इंटरेस्ट का पैसा आने का रास्ता साफ हो गया है। 28 फरवरी को ईपीएफओ के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टी (CBT) की बैठक हुई थी। केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया के नेतृत्व में हुई इस बैठक में FY25 के लिए इंटरेस्ट रेट को 8.25 फीसदी बनाए रखने के प्रस्ताव पर फैसला हुआ था। फरवरी 2024 में इंटरेस्ट बढ़ाने का फैसला ईपीएफओ ने फरवरी 2024 में ईपीएफ के डिपॉजिट पर इंटरेस्ट रेट बढ़ाने का फैसला किया था। उसने इसे 8.15 फीसदी से बढ़ाकर 8.25 फीसदी कर दिया था। यह वृद्धि फाइनेंशियल ईयर 2023-24 के डिपॉजिट के लिए की गई थी। फाइनेंशियल ईयर 2022-23 में इंटरेस्ट रेट 8.15 फीसदी था। मार्च 2022 में ईपीएफओ ने इंटरेस्ट रेट को 8.5 फीसदी से घटाकर 8.1 फीसदी कर दिया था। यह 4 दशक से ज्यादा समय में सबसे कम इंटरेस्ट रेट था। ईपीएफ अकाउंट का मतलब प्राइवेट सेक्टर में नौकरी करने वाले लोग ईपीएफओ की स्कीम के तहत आते हैं। इसमें हर महीने एंप्लॉयी की सैलरी का 12 फीसदी (बेसिक प्लस डीए) उसके ईपीएफ अकाउंट में जमा होता है। उतना ही पैसा एंप्लॉयर एंप्लॉयी के ईपीएफ अकाउंट में हर महीने डिपॉजिट करता है। ईपीएफ अकाउंट के दो हिस्से होते हैं-ईपीएफ और ईपीएस। एंप्लॉयर के कंट्रिब्यूशन का 8.33 फीसदी हर महीने ईपीएस में जमा होता है। एंप्लॉयी के रिटायर होने पर ईपीएफ अकाउंट में जमा पूरा पैसा उसे एकमुश्त मिल जाता है। ईपीएफ में जमा पैसे पर उसे हर महीने पेंशन मिलती है। 7 करोड़ खातों में आएगा ब्याज का पैसा लेबर मिनिस्ट्री के एक अधिकारी ने पीटीआई से कहा, “वित्त मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए ईपीएफ पर 8.25 प्रतिशत ब्याज दर देने पर सहमति दे दी है और श्रम मंत्रालय ने गुरुवार को ईपीएफओ को इस संबंध में सूचना दे दी है।” अब वित्त वर्ष 2024-25 के लिए स्वीकृत दर के अनुसार ब्याज ईपीएफओ के सात करोड़ से अधिक सब्सक्राइबर्स के खातों में जमा किया जाएगा। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया की अध्यक्षता में 28 फरवरी को नयी दिल्ली में ईपीएफओ के केंद्रीय न्यासी बोर्ड की 237वीं बैठक में ब्याज दर पर निर्णय लिया गया था। बीते कुछ सालों में ब्याज दरों में हुई है कटौती ईपीएफओ ने फरवरी 2024 में 2023-24 के लिए ब्याज दर को मामूली बढ़ाकर 8.25 प्रतिशत किया था जो 2022-23-में 8.15 प्रतिशत था। वहीं, मार्च 2022 में 2021-22 के लिए ईपीएफ पर ब्याज को घटाकर चार दशक से अधिक के निचले स्तर 8.1 प्रतिशत कर दिया गया था। यह 2020-21 में 8.5 प्रतिशत था। recent visitors 63