मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सौगातों की बारिश से ग्रामीणों के चेहरे खिले

रायपुर सुशासन तिहार के तहत छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नारायणपुर जिले के ओरछा ब्लॉक स्थित ग्राम बासिंग में बीएसएफ कैम्प परिसर में चौपाल लगाकर जनसंवाद किया। नीम वृक्ष की छांव में खाट पर बैठकर मुख्यमंत्री ने न केवल ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं, बल्कि मौके पर ही एक करोड़ रुपये से अधिक की सौगातों की घोषणा कर लोगों का दिल जीत लिया। चौपाल में मुख्यमंत्री साय के साथ उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप, मुख्य सचिव अमिताभ जैन एवं मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि 8 अप्रैल से पूरे प्रदेश में सुशासन तिहार के अंतर्गत जनसंवाद और योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति जानने के लिए वे स्वयं क्षेत्रों में पहुंच रहे हैं। चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने पारंपरिक साफा और कलगी पहनाकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। समर कैम्प में प्रशिक्षण प्राप्त युवतियों ने स्वहस्तनिर्मित गुलदस्ते भेंट किए। मुख्यमंत्री ने कक्षा 10वीं के मेधावी छात्रों को सम्मानित किया और हॉफ मैराथन विजेता छात्र को प्रोत्साहित किया। मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना की समीक्षा की और कहा कि कोई भी पात्र महिला इस योजना से वंचित नहीं रहेगी। ग्रामवासी श्रीमती महेश्वरी दुग्गा और श्रीमती मनकाय ने योजना के लाभ साझा करते हुए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री ने नक्सल समस्या पर दो टूक कहा कि अबूझमाड़ क्षेत्र के लोगों के सहयोग से नक्सलवाद को समाप्त करने का राष्ट्रीय संकल्प मार्च 2026 तक पूरा होगा। उन्होंने आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए बनी पुनर्वास नीति को देश की सर्वश्रेष्ठ नीति बताया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा, नोनी सशक्तिकरण, मिनीमाता महतारी जतन योजना के तहत हितग्राहियों को चाबियां, चेक और नकद सहायता राशि प्रदान की। उन्होंने दिव्यांग हितग्राही को व्हीलचेयर भी सौंपी। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की मांग पर मुरहापदर में पुलिया निर्माण हेतु 20 लाख रुपये, बासिंग में खेल मैदान और बालक आश्रम/शाला मरम्मत हेतु 20 लाख रुपये,मुरहापदर और एहनार में आंगनबाड़ी भवन हेतु 24 लाख रुपये, बासिंग में हाट बाजार से बस्ती तक सीसी सड़क हेतु 25 लाख रुपये, कुंदला, बासिंग व मुरहापदर में नवीन घोटूल हेतु 15 लाख रुपये की घोषणा की। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने ओरछा में आदिवासी विकास विभाग द्वारा 8 करोड़ की लागत से निर्मित 250 सीटर छात्रावास भवन, जल आपूर्ति एवं विद्युतीकरण कार्य का लोकार्पण भी किया। recent visitors 49

पॉइंट टेबल में तीसरे स्थान पर खिसकी RCB की टीम, हैदराबाद ने 42 रनों से हराया

लखनऊ सनराइजर्स हैदराबाद ने शुक्रवार को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को आईपीएल 2025 के 65वें मुकाबले में 42 रनों से हराया। लखनऊ में खेले गए मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 6 विकेट खोकर 231 रन बनाए। इसके जवाब में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की टीम 19.5 ओवर में सभी विकेट खोकर 189 रन ही बना सकी। बेंगलुरु की जारी सीजन में चौथी हार है, जबकि हैदराबाद को पांचवीं जीत मिली है। इस हार के साथ बेंगलुरु की टीम पॉइंट्स टेबल में तीसरे स्थान पर खिसक गई है। गुजरात 18 अंक के साथ शीर्ष पर है। पंजाब 17 अंक के साथ बेहतर रन रेट के कारण दूसरे नंबर पर है। लखनऊ के इकाना स्टेडियम पर आरसीबी को 42 रनों से करारी शिकस्त मिली। टीम को जीत के लिए 232 रनों का पहाड़ जैसा लक्ष्य मिला था। जवाब में आरसीबी ने विस्फोटक बैटिंग की। 15.3 ओवर के बाद आरसीबी का स्कोर 3 विकेट पर 173 रन था। आखिरी 27 गेंद पर टीम को जीत के लिए 59 रन चाहिए थे। जितेश शर्मा और रजत पाटीदार क्रीज पर थे। टिम डेविड, रोमारियो शेफर्ड और क्रुणाल पंड्या को आना था। 5 गेंदों में ही मैच खत्म हुआ 15.3 ओवर तक मुकाबला टक्कर का लग रहा था। लेकिन 5 गेंद में ही सनराइजर्स हैदराबाद की जीत पक्की हो गई। इन 5 गेंद पर हैदराबाद ने आरसीबी के तीन बल्लेबाजों को आउट कर दिया। 16वें ओवर की चौथी गेंद पर रजत पाटीदार रन आउट हुए। ईशान मलिंगा के डायरेक्ट थ्रो ने उनका काम तमाम किया। उसी ओवर की आखिरी गेंद पर विस्फोटक रोमारियो शेफर्ड गोल्डन हो गए। मलिंगा ने अपनी ही गेंद पर उनका कैच लिया। 17वें ओवर की दूसरी गेंद पर कप्तान जितेश शर्मा आउट हुए। जयदेव उनादकट ने उनका विकेट लिया। ईशान किशन शतक से चूके सनराइजर्स हैदराबाद की तरफ से ईशान किशन की ताबड़तोड़ नाबाद 94 रनों की पारी और फिर कप्तान पैट कमिंस की घातक गेंदबाजी की बदौलत एसआरएच ने आरसीबी को 42 रनों से हराया। 232 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी आरसीबी की पूरी टीम बल्लेबाजी पारी में एक गेंद शेष रहते 19.5 ओवर में ही ऑल आउट हो गई। टीम की शुरुआत बेहद शानदार रही। सलामी बल्लेबाज विराट कोहली (43) फिल साल्ट (62) ने आरसीबी के लिए तेजी से रन जुटाए। वहीं, उसके बाद कोई भी बल्लेबाज कुछ खास नहीं कर सका। पूरी टीम एक गेंद शेष रहते 189 रन बना सकी और ऑल आउट हो गई। 232 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को फिल सॉल्ट और विराट कोहली ने अच्छी शुरुआत दिलाई। दोनों के बीच पहले विकेट के लिए 80 रन की साझेदारी हुई। विराट कोहली 25 गेंद में 43 रन बनाकर आउट हुए। फिल सॉल्ट 32 गेंद में 62 रन बनाकर आउट हुए। मयंक ने 10 गेंद में 11 रन बनाए। रजत पाटीदार 16 गेंद में 18 रन बनाकर पवेलियन लौटे। शेफर्ड खाता नहीं खोल सके। जितेश 15 गेंद में 24 रन बनाकर आउट हुए। टिम डेविड 5 गेंद में एक रन, भुवनेश्वर तीन रन बनाकर आउट हुए। क्रुणाल 6 गेंद में 8 रन ही बना सके। हर्षल पटेल ने यश दयाल को आउट करके आरसीबी की पारी का अंत किया। सनराइजर्स हैदराबाद के सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा और ट्रेविस हेड ने टीम को अच्छी शुरुआत दिलाई। दोनों के बीच पहले विकेट के लिए 54 रन की साझेदारी हुई। अभिषेक 17 गेंद में 34 और ट्रेविस हेड 10 गेंद में 17 रन बनाकर आउट हुए। हेनरिक क्लासेन 13 गेंद में 24 रन बनाकर आउट हुए। अनिकेत वर्मा 9 गेंद में 26 रन बनाकर पवेलियन लौटे। नितीश रेड्डी ने 7 गेंद में 4 रन बनाए। अभिनव मनोहर 11 गेंद में 12 रन ही बना सके। ईशान किशन 48 गेंद में 94 रन और पैट कमिंस 13 रन बनाकर नाबाद लौटे। बेंगलुरु के लिये रोमारियो शेफर्ड ने दो विकेट झटके जबकि सुयश शर्मा,कृणाल पांड्या,लुंगी एन्डिगी और भुवनेश्वर कुमार ने एक एक विकेट अपनी झोली में डाला। recent visitors 79

शिवपुरी जिला मुख्यालय को कुछ महीनों में बड़ी सौगात मिलने वाली, शिवपुरी नपा को नगर निगम बनाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में

शिवपुरी मध्यप्रदेश में जहां प्रमुख शहरों को मेट्रोपोलिटिन सिटी के रूप में डेवलप किया जा रहा है वहीं छोटे और मझौले शहरों का भी कायाकल्प किया जा रहा है। यहां तक कि प्रदेश की कई पंचायतों को भी अपग्रेड किया जा रहा है। 15 पंचायतों का नक्शा तो जल्द ही बदल जाएगा। यहां के गांव पंचायतों से निकलकर नगर निगम में आ जाएंगे। इन्हें शिवपुरी नगर निगम में शामिल किए जाने का प्रस्ताव है। अधिकारियों के अनुसार जिला मुख्यालय की नगर पालिका से नगर निगम बनने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है, जल्द ही कैबिनेट से पास होते ही सभी 15 पंचायतों के साथ शिवपुरी शहर को भी बड़ी सौगात मिलेगी। शिवपुरी जिला मुख्यालय को आगामी कुछ महीनों में ही यह बड़ी सौगात मिलने वाली है। शिवपुरी नपा को नगर निगम बनाने के लिए दो बार निरस्त होने के बाद कलेक्टर रविन्द्र चौधरी के माध्यम से संशोधित प्रस्ताव भोपाल स्थित नगरीय निकाय विभाग को भेज दिया गया है। तीसरी बार भेजे प्रस्ताव में 15 पंचायतों को जोड़ा गया है। नपा और जिला प्रशासन के अधिकारी बताते हैं कि प्रस्ताव को जल्द ही नगरीय निकाय विभाग से कैबिनेट की बैठक में रखा जाएगा। कैबिनेट की मंजूरी के साथ ही शिवपुरी नगर निगम बन जाएगा। तीन साल पूर्व प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शिवपुरी नगर पालिका को नगर निगम बनाने की घोषणा की थी, लेकिन इसपर अभी तक अमल नहीं हो पाया। प्रशासनिक उदासीनता के फेर में इसके लिए प्रस्ताव बनाने में देरी हुई व कुछ कमियां भी रहीं। आबादी व क्षेत्रफल के हिसाब से शिवपुरी नगर पालिका को बहुत पहले ही नगर निगम का दर्जा मिल जाना चाहिए था। तत्कालीन मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद यहां के जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों ने नगर निगम बनाने के ठोस प्रयास शुरू किए। शुरुआती दो प्रस्तावों में कुछ ग्राम पंचायतों की सहमति न होने व दूरी अधिक होने के कारण प्रस्ताव भोपाल स्तर से निरस्त हो गए। इसके बाद नगर पालिका ने फिर इस प्रक्रिया को शुरू किया। जिन ग्राम पंचायतों की दूरी अधिक थी, उनको इस प्रस्ताव से हटाया तथा कुछ और बिंदुओं पर संशोधन किया। जो नया प्रस्ताव तैयार किया गया है, उनमें सभी 15 ग्राम पंचायतों के अलावा हर शासकीय विभाग से सहमति पत्र लिया गया है। नगर निगम प्रस्ताव में झांसी रोड के वन ग्रामों को हटाया वर्तमान में नगर पालिका में 39 वार्ड हैं। नगर निगम बनते ही वार्डो की संख्या 50 से 50 के बीच हो जाएगी। इतना ही नहीं अभी नगर पालिका अध्यक्ष व सीएमओ का पद है लेकिन नगर निगम बनते ही जनप्रतिनिधि के रूप में महापौर व सीएमओ की जगह आयुक्त का पद होगा। नगर पालिका का हर साल का करोड़ों का बजट नगर निगम बनते ही अरबों रुपए में होगा। इससे न केवल ज्यादा विकास कार्य हो पाएंगे, बल्कि जिन 15 ग्राम पंचायतों को जोड़ा जाएगा उनका भी कायाकल्प हो जाएगा। इस बार जो प्रस्ताव बना है, उनमें झांसी रोड स्थित वन क्षेत्र के ग्रामों को हटा दिया गया है। जल्द ​मिलेगी शिवपुरी नगर निगम की सौगात नपा के सीएमओ इंशाक धाकड़ बताते हैं कि हमने भोपाल में वरिष्ठ कार्यालय को इस बार संशोधित प्रस्ताव भेजा है जिसमें शहरी क्षेत्र के अलावा 15 ग्राम पंचायतों को जोड़ा गया है। पूरी प्रक्रिया अब अंतिम चरणों में है। यह प्रस्ताव जल्द ही कैबिनेट से पास होने और शिवपुरी को नगर निगम की सौगात मिलने की उम्मीद है। इन ग्राम पंचायतों को जोड़ा नया प्रस्ताव 6 मई को भोपाल भेजा गया। इसमें 15 ग्राम पंचायतों चंदनपुरा, सिंहनिवास, नोहरीकलां, ठर्रा, दर्रोनी, ईटमा, पिपरसमा, रायश्री, सतेरिया, बांसखेड़ी, बड़ागांव, रातौर, पड़ोरा सडक़,सेंसई सडक़, वेंहटा को जोड़ा गया है। इन ग्राम पंचायतों में कुछ मंझरे भी शामिल हैं। 3 लाख से अधिक हुई आबादी बड़ी बात यह है कि अभी नगर पालिका क्षेत्र 86 वर्ग किमी में है जोकि नगर निगम होते ही 241 वर्ग किमी हो जाएगा। नगर निगम की अधिकतम सीमा 18 किमी तक होगी। प्रस्ताव में जो ग्राम पंचायतें जोड़ी गई हैं, वह ग्राम पंचायत शहर से 7 किमी से लेकर 16 किमी दूरी तक की है। प्रस्ताव में नगर निगम बनाने के लिए 3 लाख की आबादी भेजी गई है। हालांकि आबादी इससे अधिक हो चुकी है। recent visitors 43

इंदौर : रिंग रोड बेटमा, सांवेर और तराना से होकर गुजरेगा, 48 हेक्टेयर वन भूमि की आवश्यकता

 इंदौर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) अगस्त-सितंबर के बीच पश्चिमी रिंग रोड का काम शुरू कर सकता है, क्योंकि जून में निर्माण कार्यों पर खर्च किए जाने वाला बजट आवंटित होगा। इस दौरान 48 हेक्टेयर वनभूमि को स्वीकृत मिलने की उम्मीद नजर आ रही है। एनएचएआई के प्रस्ताव को इंदौर वनमंडल ने वन विभाग मुख्यालय को भेजा दिया है, जो पर्यावरण समिति के पास पहुंच चुका है। जून-जुलाई में वनभूमि का सर्वे किया जाएगा। जमीन देने की प्रक्रिया जिला प्रशासन करेगा। अधिकारियों के मुताबिक वनभूमि पर पौधे लगाने और रखरखाव का खर्च एनएचएआई देगा। सड़क महू से हातोद होते हुए क्षिप्रा तक जाएगी 1500 करोड़ की लागत से 64 किमी लंबी पश्चिमी रिंग रोड बनाया जाएगा। 638 हेक्टेयर जमीन से सड़क गुजरेगी, जिसमें इंदौर और धार वनमंडल से 48 हेक्टेयर वनभूमि आएगी। इंदौर में 40 और धार में 8-10 हेक्टेयर वन भूमि चिह्नित की गई है। सड़क महू से हातोद और फिर क्षिप्रा तक जाएगी। यह मार्ग बेटमा, सांवेर और तराना से होकर गुजरेगा। एनएचएआई ने जिला प्रशासन से अनुरोध किया है कि वह वन विभाग को बदले में देने के लिए जमीन उपलब्ध कराए। जब तक यह जमीन तय नहीं होती, तब तक आगे की प्रक्रिया नहीं बढ़ सकती। वनक्षेत्र में खोदाई की जाएगी, जिसमें निकलने वाली मिट्टी और मुरम का निपटान एनएचएआई को वनक्षेत्र में करना है। पेड़ों की गिनती बाकी जंगल में लगे पेड़ों की गिनती और नई जगह पौधारोपण की योजना भी बनेगी। पेड़ों की कटाई, भूमि अधिग्रहण और पर्यावरणीय मंजूरी मिलने के बाद ही निर्माण शुरू होगा। वहीं एक और बड़ी चिंता यह है कि जिन क्षेत्रों से सड़क निकलेगी, वहां नीलगाय, तेंदुआ, सियार जैसे कई वन्यप्राणी रहते हैं। करेंगे राशि जमा सड़क निर्माण का काम     अगले कुछ महीनों में शुरू किया जाएगा। प्रोजेक्ट को लेकर बजट आवंटित होगा। वैसे वनभूमि को लेकर प्रस्ताव वन विभाग की पर्यावरण समिति को भेजा है। पर्यावरण व वन मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद पौधोरोपण को लेकर राशि जमा करेंगे। – सुमेश बांझल प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई   recent visitors 78

अहिल्याबाई की 300वीं जयंती पर भोपाल आ रहे PM मोदी, महिलाएं संभालेगी सुरक्षा, मंच संचालन तक सारी जिम्मेदारी महिलाओं की होगी

भोपाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 मई को राजधानी भोपाल के जंबूरी मैदान में देवी अहिल्या बाई होल्कर की 300 वीं जयंती पर आयोजित महिला सम्मेलन में शामिल होंगे। पीएम मोदी 2 लाख से ज्यादा महिलाओं को संबोधित करेंगे। महिलाओं के महाकुंभ की खासियत यह होगी कि पहली बार कार्यक्रम स्थल की सुरक्षा व्यवस्था से लेकर मंच संचालन तक सभी व्यवस्थाएं महिलाओं के ही हाथों में होंगी। कार्यक्रम को लेकर व्यवस्थाएं और तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। भोपाल पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्रा ने गुरुवार को कंट्रोल रूम में अधिकारियों के साथ इस संबंध में बैठक की। पांच किमी के दायरेमें ड्रोन प्रतिबंधित भोपाल पुलिस और एसपीजी ने प्लान बनाना शुरू कर दिया है। पूरी सुरक्षा व्यवस्था एसपीजी के निर्देशों के तहत होगी। कार्यक्रम स्थल को एसपीजी अपने घेरे में लेगी। पांच किलोमीटर के दायरे में ड्रोन और अन्य उड़ने वाली वस्तुएं प्रतिबंधित रहेंगी। शहर के बाहरी इलाकों से आने वालों की जांच की जा रही है, वहीं होटल और लॉज की भी चेकिंग हो रही है। अब तक की जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भोपाल में 1 घंटे का कार्यक्रम रहेगा। दरअसल, ऑपरेशन सिंदूर के बाद उपजे तनाव से सुरक्षा व्यवस्था में कई बदलाव किए जा रहे हैं। सम्मेलन की खास बात यह होगी कि पूरी व्यवस्था महिलाओं के हाथों में होगी। मंच संचालन से लेकर भीड़ प्रबंधन, ट्रैफिक, मीडिया और सुरक्षा तक का जिम्मा महिलाएं ही संभालेंगी। साथ ही सुरक्षा के लिए 3000 जवान तैनात रहेंगे। महिला सम्मेलन में शामिल होंगे पीएम आपको बता दें कि देवी अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती के मौके पर जंबूरी मैदान में महिला सम्मेलन किया जा रहा है। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मादी करीब एक लाख महिलाओं को संबोधित करेंगे। यह देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा इंतजाम चॉक चौबंद कर दिए हैं। भोपाल पुलिस कमिश्नर हरीनारायणचारी मिश्रा ने इसका नेतृत्व संभाल लिया है। पीएम के आगमन की ऐसी है तैयारी पीएम कए आगमन के चलते भोपाल शहर के सभी आउटर नाकों को सील कर दिया गया है। इन वाहनों की सख्त जांच के बाद ही शहर की सीमा में आने दिया जा रहा है। भोपाल की सभी होटल, लॉज, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर सघन चैकिंग अभियान चलाया जा रहा है। यह पता किया जा रहा है कि मोदी की यात्रा के दौरान कोई अपराधी किस्म का व्यक्ति या अनजान आदमी यहां न ठहर सके। बाहरी व्यक्तियों और किराएदारों का वेरिफिकेशन किया जा रहा है। यह जिम्मा भी महिला अफसरों को पुलिस कमिश्नर ने बताया कि पीएम नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में करीब 3 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। इनमें कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी महिला अधिकारियों को सौंपी जाएगी। खास बात यह है कि ट्रैफिक, सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की जिम्मेदारी महिला पुलिस के पास होगी। मंच का संचालन, अतिथियों का स्वागत और कार्यक्रम प्रबंधन महिलाएं ही करेंगी। पहली बार महिलाओं को सौंपे गए सभी दायित्व भोपाल के जंबूरी मैदान में आयोजित इस महिला सम्मेलन को महिलाओं के महाकुंभ (Women’s MahaKumbh) के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें 2 लाख से अधिक महिलाएं भाग लेंगी। यह पहली बार है जब इतने बड़े स्तर पर मंच संचालन, ट्रैफिक कंट्रोल, सुरक्षा प्रबंधन और अतिथि सत्कार की जिम्मेदारी महिला अधिकारियों और स्वयंसेवियों को दी गई है। पीएम मोदी का एक घंटे का विशेष कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करीब एक घंटे तक इस कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे और महिला सशक्तिकरण की दिशा में केंद्र सरकार द्वारा किए गए प्रयासों को साझा करेंगे। वे लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर को समर्पित डाक टिकट और स्मारक सिक्का भी जारी कर सकते हैं। महिलाओं के लिए, महिलाओं के द्वारा SPG और भोपाल पुलिस का विशेष प्लान भोपाल पुलिस और एसपीजी (SPG) ने कार्यक्रम के लिए विशेष सुरक्षा योजना बनाई है। कार्यक्रम स्थल के 5 किलोमीटर के दायरे में ड्रोन और अन्य उड़ने वाली वस्तुएं प्रतिबंधित (Drone Ban in 5 KM Radius) रहेंगी। होटल, लॉज और बाहरी इलाकों से आने वाले लोगों की भी गहन जांच की जा रही है। महिला पुलिस का नेतृत्व करीब 3 हजार पुलिसकर्मी सुरक्षा में तैनात होंगे, जिनमें से बड़ी संख्या में महिलाएं होंगी। ट्रैफिक और भीड़ प्रबंधन जैसे प्रमुख कार्यों में महिला अफसरों को नेतृत्व (Women-led Security Management) की जिम्मेदारी दी गई है। कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण     2 लाख से अधिक महिलाओं की उपस्थिति     डाक टिकट और सिक्के का विमोचन     महिला सशक्तिकरण योजनाओं की प्रस्तुति     बीजेपी का “विकास-विरासत” जनजागरण अभियान   आदेश के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई ड्रोन, हॉट एयर बॅलून व फ्लाइंग ऑब्जेक्ट उड़ाने पर उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। होगा महिलाओं का अभिनंदन सम्मेलन में 2 लाख से ज्यादा महिलाएं शामिल होने की संभावना है। इस दौरान राज्य सरकार की महिला सशक्तिकरण योजनाओं की झलक भी प्रस्तुत की जाएगी। डाक टिकट, सिक्के का होगा विमोचन पीएम लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर को समर्पित डाक टिकट व सिक्के का विमोचन कर सकते हैं। बीजेपी चलाएगी जनजागरण अभियान बीजेपी 21 से 31 मई तक विकास, विरासत अभियान चलाएगी। इसमें देवी अहिल्या बाई के जीवन मूल्यों की योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने का काम किया जाएगा। recent visitors 71

स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर का गांव जल्द ही पर्यटन के राष्ट्रीय मैप का हिस्सा बनेगा

मुंबई/नाशिक  अगर सबकुछ ठीक रहा है तो जल्द ही वीर सावरकर का पैतृक गांव जल्द की पर्यटन के राष्ट्रीय मानचित्र में शामिल हो जाएगा।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमृत भारत स्कीम के तहत देश के 103 स्टेशनों का उद्घाटन किया। इसमें वीर सावरकर के गांव के सबसे नजदीक पड़ने वाले देवलाली रेलवे स्टेशन भी शामिल है। इसका विकास सेंट्रल रेलवे की तरफ से किया गया है। सेंट्रल रेलवे ने इस स्टेशन के पहले और अब की तस्वीरें भी साझा की हैं। इस रेलवे स्टेशन से सावरकर का भगूर गांव सिर्फ तीन किलोमीटर की दूरी पर है। इस स्टेशन के पुनर्निर्माण के बाद चर्चा शुरू हो गई है कि आने वाले दिनों में वीर सावरकर का गांव पर्यटन के राष्ट्रीय मानचित्र पर आ सकता है। महाराष्ट्र में कांग्रेस को छोड़कर सभी दलों वीर सावरकर के पक्ष में खड़े होते रहे हैं। पिछले दिनों मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस वर्धा में वीर सावरकर से जुड़े एक कार्यक्रम में पहुंचे थे तब उन्होंने वहां एक पुस्तिका का विमाेचन किया था। बीजेपी के लिए सबसे बड़े नायक बीजेपी स्वातंत्र्य वीर सावरकर को सबसे बड़ा नायक मानती है। इतना ही नहीं वह भाजपा के लिए हिंदू केंद्रित राजनीति के भी प्रतीक हैं। बीजेपी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) वीर सावरकर को भारत का पहला आजादी पुरुष भी कहती आई है। देवलाली स्टेशन महाराष्ट्र के नासिक जिले में आता है। ऐसे माना जा रहा है कि वीर सावरकर के गांव भगूर को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर लाने के लिए ही सबसे नजदीक के स्टेशन का कायाकल्प किया गया है ताकि वीर सावरकर के गांव तक लोग आसानी से पहुंच सकें। महाराष्ट्र में बीजेप के सहयोगी शिंदे की सेना वीर सावरकर के मुद्दे पर साथ है। इस मुद्दे पर उद्धव ठाकरे के भी विरोध कर पाने की गुंजाइश नहीं है। अगर वीर सावरकर का गांव पर्यटक के मैप पर चमकता है तो इससे बीजेपी को फायदा होगा। बीजेपी कई बार वीर सावरकर के मुद्दे पर कड़ा और आक्रामक स्टैंड भी ले चुकी है। अब आगे क्या है तैयारी? सेंट्रल रेलवे के अधिकारियों की मानें तो इस स्टेशन पर कुछ और रेलगाड़ियों के ठहराव की योजना पर विचार कर रहा है। जिससे नाशिक आने वाले पर्यटक और अन्य लोग नाशिक से एक स्टेशन पहले देवलाली रेलवे स्टेशन पर ही उतरकर वीर सावरकर का गांव भी देख पाएं। इसके लिए केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र सरकार को रेलवे स्टेशन से भगूर तक आने-जाने की व्यवस्था को बेहतर करने की सलाह भी दी है। केंद्र और राज्य में एनडीए की सरकार होने के कारण बीजेपी को लगता है कि अगले कुछ सालों में भगूर गांव को पर्यटन में आगे किया जा सकता है। भगूर गांव नासिक से 22 किलोमीटर की दूरी पर है। recent visitors 59

जिहादी मकड़जाल से बच्चियों का संघर्ष, भोपाल में सामने आया लव-जिहाद का सबसे बड़ा नेटवर्क

भोपाल  जिहादी मानसिकता के लव का मुख्य केंद्र (Centre) अब मध्यप्रदेश (MP) हो चुका (Become) है। दरअसल, सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश के 80 फीसदी जिलों (Districts) में लव (LOVE) जिहाद (JIHADI) से संबंधित शिकायत और मामले दर्ज किए गए हैं। भोपाल में हाई प्रोफाइल लव जिहाद के मामले के बाद अब इंदौर में लव जिहाद का चौकाने वाला मामला सामने आया है। प्रदेश में लगातार बढ़ते मामले को लेकर हिंदू संगठनों ने शासन-प्रशासन पर कई सवाल खड़े किए हैं। आरएसएस के अनुषांगिक संगठनों की आंतरिक रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि लव जिहाद का पूरा नेक्सिस काम कर रहा है। जिसके तार मध्यप्रदेश ही नहीं बल्कि अन्य प्रदेशों में है। वीएचपी लव जिहाद के लिए फंडिंग को लेकर कई बार सरकार को कटघरे में खड़ा चुकी है। पुलिस के बयानों में भी लव जिहाद के नेक्सेस होने की सामने आई, लेकिन एक भी मामले में खुलासा कर पाने में पुलिस नाकाम रही। लव जिहाद के हर महीने आ रहे 23 नए मामले 27 मार्च 2021…यह वह दिन है जब मध्यप्रदेश में मध्य प्रदेश धर्म स्वतंत्रता अधिनियम 2021 लागू किया गया था। प्रति माह मध्यप्रदेश में लव जिहाद के औसतन 23 नए मामले सामने आ रहे हैं। पहले भोपाल लव जिहाद के मामले में एक के बाद चौकाने वाले खुलासे हुए तो अब इंदौर लव जिहाद कांड सुर्खियों में है। यहां मोहसिन नाम के शातिर ने शूटिंग वर्किंग के नाम पर हिंदू युवतियों को शिकार बनाया। 100 से ज्यादा युवतियां इसका शिकार हुई तो आरोपी सलीम के मोबाइल ने कई आपत्तिजनक वीडियो भी उगले। आरएसएस के अनुषांगिक संगठन राष्ट्रीय मुस्लिम मंच के प्रदेश संयोजक तौफीक अहमद ने आंतरिक संगठनात्मक रिपोर्ट को लेकर बताया कि प्रदेश में लव जिहाद का पूरा ब्लैक नेटवर्क काम कर रहा है। इन्हें फंडिंग की जा रही है। ट्रेनिंग दी जा रही है। लेकिन, पुलिस आज तक एक भी मामले की जड़ और उनके आकाओं तक पहुंच सकी। मुस्लिम मंच का यह भी दावा है कि लव जिहाद का नेक्सस बड़े पैमाने पर है। जिसके तार पश्चिम बंगाल, केरल, बिहार, उत्तर प्रदेश से जुड़े हुए हैं। ट्रेनिंग से फंडिंग तक उपलब्ध लव जिहाद को लेकर अकसर आवाज बुलंद करने वाले विश्व हिंदू परिषद ने सरकार की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े किए। प्रांत प्रचार प्रसार प्रमुख, विश्व हिंदू परिषद जितेंद्र सिंह ने बताया कि लव जिहाद और फंडिंग के एंगल को लेकर कई बार सरकार को पत्र और ज्ञापन सौंपे गए। संगठन का मानना है कि इतने बड़े पैमाने पर मामले तब सामने आते हैं जब पूरा गिरोह एक ही उद्देश्य के लिए जुट जाता है। अब तक भोपाल समेत अन्य मामले सामने आए इसमें एक बात साफ है कि जिहादी मानसिकता के युवकों को ट्रेनिंग से लेकर फंडिंग भी उपलब्ध कराई जाती है। वीएचपी ने यह भी कहा कि इन मामलों के पीछे राजनीतिक हस्ताक्षेप भी है। वीएचपी ने यह भी कहा कि एक भी मामले में अब तक पूरा खुलासा न हो पाना सवाल खड़े करता है। 100 दिन में प्रदेश के बड़े लव जिहाद के मामले     भोपाल में संगठित रूप लव जिहाद को अंजाम देने का मामला सामने आया। एक निजी कॉलेज की हिंदू छात्राओं को लव जिहाद में फंसाया गया। मामले में एसआईटी जांच कर रही है। भोपाल में लव जिहाद के 50 से ज्यादा मामले हैं।     इंदौर में शूटिंग के नाम पर मुस्लिम युवक ने सौ से ज्यादा हिंदू युवतियों को अपना शिकार बनाया। इंदौर में 40 से ज्यादा लव जिहाद के मामले हैं।     उज्जैन में 11 मुस्लिम युवकों द्वारा कई हिंदू युवतियों को ब्लैकमेल करने का मामला सामने आया। गुरुवार को 20 गांव के लोगों ने झालावाड़ नेशनल हाईवे को विरोध में जाम कर दिया।     मुरैना में हिंदू नाम से कोचिंग चलाने वाले असलम खान को पुलिस ने गिरफ्तार किया। हिंडन कैमरा लगातार वीडियो फिर जिहादी मानसिकता को अंजाम देता था।     ग्वालियर में इवेंट कंपनी में बिहार निवासी सरफराज खान का मामला सामने आया।     बैरसिया में 11 कक्षा की छात्रा के साथ लव जिहाद का मामला सामने आया। फिर एक दर्जन से ज्यादा पीड़िता सामने आई।     मध्यप्रदेश के खंडवा, गुना, जबलपुर, रीवा, रतलाम, शुजालपुर, बैतूल, हरदा, शिवपुरी, अशोकनगर, बुरहानपुर, खरगौन, नीमच, सतना, सागर समेत कई जिलों में लव जिहाद के चौकाने वाले मामले सामने आ चुके हैं। कोई मुस्लिम संगठन नहीं- शमशुल मामले पर मुस्लिम स्कॉलर शमशुल हसन सहित मुस्लिम संगठनों का कहना है कि देश समेत प्रदेश में ऐसा कोई मुस्लिम संगठन नहीं है, तो संगठनात्मक रूप से किसी भी प्रकार के अपराधों को अंजाम दे रहा है। हिंदू हो या मुस्लिम, पहले लव होना फिर जिहाद यह संभव नहीं है। कांग्रेस ने सरकार को ठहराया दोषी लव जिहाद के लगातार सामने आ रहे मामलों को लेकर कांग्रेस ने सरकार को दोषी करार दिया है। प्रदेश प्रवक्ता फिरोज सिद्दीकी ने आरोप लगाया कि बीते 20 सालों से प्रदेश में बीजेपी की सरकार है तो आखिर यह नेटवर्क कैसे फैला। कांग्रेस का यह भी कहना है कि सांप्रदायिक रंग देकर सियासी फायदे के लिए राजनीति की जा रही है। कांग्रेस ने मांग की है कि इन तमाम मामलों को पोर्न इंडस्ट्री बिजनेस से जोड़कर पुलिस को जांच करने की जरूरत है। उधर, बीजेपी ने कहा कि सरकार लगातार लव जिहाद के मामलों पर काम कर रही है। यदि प्रदेश में कोई संगठित गिरोह या फंडिंग लव जिहादियों को कर रहा है तो जल्द ही इन्हें सलाखों के पीछे फेंक दिया जाएगा। बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता अजय सिंह यादव ने कहा कि प्रदेश में कानून का राज है। लव जिहादी मानसिकता को बर्दाश्त नहीं किया जाए। पुख्ता और गहन जांच की जरूरत सिमी और पीएफआई जैसे प्रतिबंधित संगठनों का गढ़ रहे मध्यप्रदेश में एक बाद एक जिहादी मानसिकता के चौकाने वाले लव के इन मामलों ने कई सवाल खड़े किए हैं। तमाम जांचों के बाद भी पुलिस एक भी मामले की तह तक आखिर क्यों नहीं पहुंच पाई। आखिर क्यों पुलिस के बयानों में लव जिहाद और नेक्सेस की बात सामने आती है पर खुलासे नही। आखिर कड़े कानून के बाद भी इन मामलों पर लगाम क्यों नहीं लग पा रही है। जरूरत जांच की है, पुख्ता जांच की, गहन जांच की है। … Read more