बिजली बिल में मिलेगी प्रदेशवासियों को मिलेगी बड़ी राहत, 300 प्लस यूनिट के स्लैब को खत्म करने की तैयारी

भोपाल. मध्यप्रदेश में बिजली कंपनी उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देने वाली है। 300 से ज्यादा यूनिट के स्लैब को खत्म कर 151 यूनिट के स्लैब में जोड़ने की तैयारी है। ऐसा होने से प्रति यूनिट बिजली बिल 19 पैसे तक कम हो जाएगा जिससे उपभोक्ताओं को फायदा होगा। हालांकि 19 पैसे प्रति यूनिट तक की कमी का फायदा सिर्फ उन्हीं उपभोक्ताओं को मिलेगा जिनके घर की बिजली की खपत हर महीने 300 यूनिट से ज्यादा हो रही है या फिर होती है। 300 प्लस यूनिट के स्लैब को खत्म करने की तैयारी मध्य प्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी ने 300 प्लस के स्लैब को खत्म करने के लिए राज्य विद्युत नियामक आयोग को प्रस्ताव दिया है। अब 300 प्लस के स्लैब को 151 से 300 यूनिट के स्लैब में ही जोड़ा जाएगा। इस स्लैब को खत्म करने से बिजली बिल में करीब 70 रुपए तक की कमी आएगी। बता दें कि अभी प्रदेश में 0 से 15 यूनिट पर 4.27 रुपए यूनिट से बिजली बिल आता है। इसके अलावा 51 से 150 यूनिट पर 5.32 रुपए, 151 से 300 यूनिट पर 6.61 यूनिट और 300 से ज्यादा यूनिट पर 6.80 रुपए यूनिट के हिसाब से उपभोक्ताओं से बिल आता है। 19 पैसे प्रति यूनिट की आएगी कमी 300 प्लस यूनिट स्लैब खत्म होने से उपभोक्ताओं को 19 पैसे प्रति यूनिट कम बिल की राशि देनी होगी। पावर मैनेजमेंट कंपनी के चीफ जनलर मैनेजर शैलेंन्द्र सक्सेना के मुताबिक इससे उपभोक्ताओं को फायदा मिलेगा और बिजली बिल में 70 रूपए तक की कमी आएगी। इसके पहले भी बिजली कंपनी 500 यूनिट से ज्यादा खपत वाले स्लैब को खत्म कर चुकी है। recent visitors 59

ट्रंप शासन में होगा भारतवंशियों का दबदबा, जानें कौन-कौन

नई दिल्ली. अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को संघीय जांच ब्यूरो (FBI) के डायरेक्टर पद के लिए अपने निकट सहयोगी एवं विश्वासपात्र काश पटेल को नामित किया। यह सेलेक्शन ट्रंप के इस दृष्टिकोण के अनुरूप है कि सरकार की कानून प्रवर्तन और खुफिया एजेंसियों में आमूलचूल परिवर्तन की आवश्यकता है। साथ ही ट्रंप ने अपने विरोधियों के विरुद्ध प्रतिशोध की इच्छा जताई है। ऐसे में इस पद के लिए पटेल का चयन मायने रखता है। इस तरह ट्रंप के नए प्रशासन एक और भारतवंशी को महत्वपूर्ण स्थान मिला है। जानते हैं ट्रंप प्रशासन में किन भारतीय-अमेरिकी को अहम जिम्मेदारी मिल चुकी है। काश पटेल काश पटेल की नियुक्ति ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही। पटेल अमेरिका में कानून व्यवस्था और नेशनल सिक्योरिटी को मजबूत करने पर फोकस करेंगे। 44 वर्षीय पटेल 2017 में तत्कालीन ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन के अंतिम कुछ हफ्तों में अमेरिका के कार्यवाहक रक्षा मंत्री के ‘चीफ ऑफ स्टाफ’ के रूप में भी काम कर चुके हैं। पेशे से वकील पटेल का संबंध गुजरात में वडोदरा से रहा है। पटेल भारत में अयोध्या में बने राम मंदिर को लेकर दिए बयान की वजह से भी चर्चा में रहे थे। विवेक रामास्वामी निर्वाचित राष्ट्रपति ट्रंप ने विवेक रामास्वामी को नए डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी (डीओजीई) के लिए चुना है। बिजनेसमैन रामास्वामी का काम सरकार को सलाह देना होगा। भारतवंशी रामास्वामी करोड़पति शख्स हैं और एक दवा कंपनी के फाउंडर भी हैं। विवेक रामास्वामी राष्ट्रपति पद के लिए रिपब्लिकन पार्टी का उम्मीदवार बनने की दौड़ में शामिल थे लेकिन बाद में उन्होंने अपनी दावेदारी वापस ले ली। इसके बाद उन्होंने ट्रंप का समर्थन करने का फैसला किया था। भारतीय प्रवासी के 39 वर्षीय पुत्र रामास्वामी पहले भारतीय-अमेरिकी हैं जिन्हें ट्रंप ने अपने प्रशासन में शामिल किया है। उनके पिता वी गणपति रामास्वामी पेश से इंजीनियर हैं, जबकि उनकी माता गीता रामास्वामी मनोचिकित्सक हैं। उनके माता-पिता केरल से अमेरिका चले गए थे। सिनसिनाटी, ओहियो में जन्मे और पले-बढ़े, भारतीय मूल के बिजनेसमैन राष्ट्रीय स्तर के टेनिस खिलाड़ी थे। उन्होंने हार्वर्ड से बायोलॉजी में ग्रेजुएशन की। इसके बाद उन्होंने अपनी खुद की बायोटेक कंपनी, ‘रोइवेंट साइंसेज’ शुरू की। बायोटेक बिजनेसमैन की शादी अपूर्वा से हुई है, जो गले की सर्जन हैं। वे ओहियो स्टेट यूनिवर्सिटी वेक्सनर मेडिकल सेंटर में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। वे कोलंबस, ओहियो में रहते हैं और उनके दो बेटे हैं। तुलसी गबार्ड डेमोक्रेटिक पार्टी की पूर्व सदस्य तुलसी गबार्ड ‘डायरेक्टर ऑफ नेशनल इंटेलिजेंस’ (डीएनआई) के रूप में सेवाएं देंगी। गबार्ड चार बार सांसद रह चुकी हैं। वह 2020 में वह राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए उम्मीदवार भी थीं। गबार्ड के पास पश्चिम एशिया और अफ्रीका के संघर्षग्रस्त क्षेत्रों में तीन बार तैनाती का अनुभव है। वह हाल ही में डेमोक्रेटिक पार्टी को छोड़कर रिपब्लिकन पार्टी में शामिल हुई थीं। जय भट्टाचार्य ट्रंप ने भारतीय-अमेरिकी वैज्ञानिक जय भट्टाचार्य को देश के टॉप हेल्थ रिसर्च एवं वित्त पोषण संस्थानों में से एक, 'नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ' (एनआईएच) के निदेशक के रूप में चुना है। इसके साथ ही भट्टाचार्य, ट्रंप द्वारा शीर्ष प्रशासनिक पद के लिए नामित होने वाले पहले भारतीय-अमेरिकी बन गए हैं। डॉ. भट्टाचार्य रॉबर्ट एफ. कैनेडी जूनियर के साथ मिलकर राष्ट्र के मेडिकल रिसर्च की दिशा में मार्गदर्शन करेंगे। उषा वेंस भारतीय-अमेरिकी वकील उषा चिलुकुरी वेंस उस समय चर्चा में आईं, जब उनके पति जे डी वेंस को रिपब्लिकन पार्टी के राष्ट्रपति पद उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार नामित किया गया। ट्रंप-वेंस की जीत के साथ, 38 साल की उषा अमेरिका की सेकंड लेडी बनने वाली हैं। इस भूमिका में उषा पहली भारतीय-अमेरिकी होंगी। उषा, ओहियो के सीनेटर जे डी वेंस (39) के साथ खड़ी थीं, जब ट्रंप ने राष्ट्रपति चुनाव में जीत के बाद समर्थकों को संबोधित किया। भारतीय प्रवासियों की बेटी उषा सैन डिएगो उपनगर में पली-बढ़ीं। उनके माता-पिता का पैतृक गांव आंध्र प्रदेश के पश्चिमी गोदावरी जिले में वडलुरु है। पढ़ाई में होनहार छात्रा रहीं और किताबों से लगाव रखने वाली उषा ने आगे चलकर नेतृत्व के गुण दिखाए। उषा का जुड़ाव कैम्ब्रिज, येल यूनिवर्सिटी से भी रहा है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न सदस्यों के लिए भी काम किया। उनकी आखिरी नौकरी मुंगर, टोल्स एंड ओल्सन एलएलपी में दीवानी मुकदमे की वकील के रूप में थी। उषा और वेंस की मुलाकात येल लॉ स्कूल में पढ़ाई के दौरान हुई थी। बाद में 2014 में केंटकी में उनकी शादी हुई। वेंस के तीन बच्चे हैं। बेटे इवान और विवेक साथ ही एक बेटी जिसका नाम मिराबेल है। recent visitors 76

महाराष्ट्र के कार्यवाहक मुख्यमंत्री ने कहा-महायुति में आपसी समझ बेहतर है, आज मुख्यमंत्री पद को लेकर भी फैसला हो जाएगा

मुंबई महाराष्ट्र के कार्यवाहक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपने पैतृक गांव पहुंचने के बाद मीडिया के सामने अपनी बात रखी है। मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही चर्चा पर शिंदे ने कहा कि मैं पहले ही अपना बिना शर्त समर्थन महायुति को दे चुका हूं, महायुति में आपसी समझ बेहतर है, आज मुख्यमंत्री पद को लेकर भी फैसला हो जाएगा। मुख्यमंत्री पद को लेकर जारी सस्पेंश के बीच अपने पैतृक गांव पहुंचे शिंदे ने कहा कि मैं अब स्वस्थ हूं। चुनाव के थकावट भरे कार्यक्रम के बाद मैं यहां पर आराम करने के लिए आया था। सीएम के रूप में अपने ढाई साल के कार्यकाल के दौरान मैंने कोई छुट्टी नहीं ली। लोग अभी भी मुझसे मिलने आ रहे हैं। इसी थकावट के कारण मैं बीमार हो गया था। अब मैं बेहतर महसूस कर रहा हूं। शिंदे ने कहा कि महायुति सरकार लोगों की बात सुनेगी। मैंने पहले ही संगठन नेतृत्व को अपना बिना शर्त समर्थन दे दिया है। उनका जो भी फैसला होगा हम उसका सम्मान करेंगे। अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल के बारे में बात करते हुए शिंदे ने कहा कि हमारी सरकार ने पिछले 2.5 सालों में जो काम किया है उसे इतिहास में सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा। सीएम ने कहा कि हमारी सरकार के बेहतर प्रदर्शन के कारण ही लोगों ने हमें ऐतिहासिक जनादेश दिया है। जनता पर हमारा आशीर्वाद ऐसा रहा कि विपक्ष के पास विपक्ष का नेता चुनने की भी ताकत नहीं है। उन्होंने कहा कि महायुति के तीनों सहयोगियों की आपसी समझ बहुत अच्छी है, जहां तक मुख्यमंत्री के पद का सवाल है तो उसका फैसला कल हो जाएगा। इससे पहले महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में जनता ने महायुति को ऐतिहासिक जनादेश दिया है। चुनावी नतीजों के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर लगातार सस्पेंस बना हुआ है। महायुति में सबसे ज्यादा सीटों पर जीत दर्ज करने वाली भाजपा ने मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण की तारीख का ऐलान तो कर दिया है लेकिन अभी तक मुख्यमंत्री कौन होगा इसकी घोषणा नहीं की है। भाजपा के सूत्रों की मानें तो देवेन्द्र फडणवीस का नाम सीएम पद की रेस में सबसे आगे है। फडणवीस पहले भी एक पंचवर्षीय में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रह चुके हैं, जबकि निवर्तमान एकनाथ शिंदे सरकार में वह उपमुख्यमंत्री के रूप में काम कर रहे हैं। recent visitors 78

नारायण सिंह कुशवाह ने कहा- कल अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस पर पूरे प्रदेश हो आयोजन

भोपाल सामाजिक न्याय दिव्यांगजन कल्याण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा है कि 3 दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस पर पूरे प्रदेश के दिव्यांगों की क्षमताओं और उपलब्धियां का उत्सव मनाते हुए एक समावेशी समाज के निर्माण में प्रतिबद्धता को दर्शाते हुए कार्यक्रम किये जाये। मंत्री श्री कुशवाह ने कहा कि सुगम भारत अभियान के अंतर्गत हम सबको मिलकर सुगम वातावरण निर्माण और आईटीसी पारिस्थितिकी तंत्र को विकसित करने का कार्य करना चाहिए इससे दिव्यांगजनों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आने का मार्ग प्रशस्त होगा। मंत्री श्री कुशवाह ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस के अवसर पर राज्य के प्रमुख पर्यटक स्थलों एवं सार्वजनिक स्थान पर दिव्यांगजनों के कार्यक्रम आयोजित किये जाएं। ऐसे आयोजनों से न केवल समावेशिता को बढ़ावा मिलेगा बल्कि जनता को सुगमता के महत्व के प्रति हम जागरूक भी कर सकेंगे। अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस हमारी समाज के इस वर्ग के प्रति प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करने वाला दिवस है। दिव्यांगजन, समाज की मुख्य धारा से जोड़कर आगे लाना और उनके लिए समान अवसर उपलब्ध कराना हम सब का दायित्व है।   recent visitors 82

जल्द जारी होगी लाड़ली बहनों को अगली किस्त, खाते में आएंगे 1250 रु

भोपाल. मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की 1.29 करोड़ लाभार्थी बहनों के लिए खुशखबरी है। दिसंबर का महीना लग गया है, जल्द ही योजना की अगली किस्त आने वाली है। संभावना जताई जा रही है कि इस बार भी बहनों के खाते में समय से पहले 5 से 10 दिसंबर के बीच 19वीं किस्त के 1250 रुपए भेजे जा सकते है, हालांकि फाइनल डेट को लेकर अभी अधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। दरअसल, मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना मध्य प्रदेश की महिलाओं के लिए चलाई जा रही बड़ी योजनाओं में से एक है। इसे पिछली शिवराज सिंह चौहान सरकार द्वारा मई 2023 में शुरू किया गया था, पहले 1000 रुपए दिए जाते है लेकिन अब 1250 रुपए महीना के हिसाब से महिलाओं को सालाना 15,000 रुपये मिलते हैं। जून 2023 से नवंबर 2024 तक मासिक आर्थिक सहायता राशि की कुल 18 किश्तों का अंतरण किया गया है।अब योजना की 19वीं किस्त का इंतजार है।इधर, सीएम के राशि बढ़ाने के संकेत के बाद संभावना है कि नए साल 2025 में राशि में इजाफा किया जा सकता है। लाड़ली बहना योजना पिछली शिवराज सिंह चौहान सरकार द्वारा मई 2023 में शुरू की गई थी। इसमें 21 से 60 वर्ष की विवाहित महिलाओं को 1000 रुपए देने का फैसला किया गया था और फिर इसकी पहली किस्त 10 जून को जारी की गई थी। इसके बाद रक्षाबंधन 2023 पर राशि को बढ़ाकर 1250 रुपए कर दिया गया था। अब इस योजना के तहत 1250 रुपए महीना के हिसाब से महिलाओं को सालाना 15,000 रुपये मिलते हैं। लाड़ली बहनों को जून 2023 से अक्टूबर 2024 तक मासिक आर्थिक सहायता राशि की कुल 17 किश्तों का अंतरण किया गया है। इसके अतिरिक्त माह अगस्त 2023 एवं 2024 में (कुल 2 बार) लाभार्थी महिलाओं को 250 रुपये की राशि की विशेष आर्थिक सहायता का भी अंतरण किया गया। किसे मिलता है लाड़ली बहना योजना का लाभ इस योजना में 1 जनवरी 1963 के बाद लेकिन 1 जनवरी 2000 तक जन्मी मध्यप्रदेश की स्थानीय निवासी समस्त विवाहित महिलाएं (विधवा, तलाकशुदा एवं परित्यक्ता समेत) वर्ष 2023 में आवेदन के लिए पात्र मानी जाती है। महिलाएं, खुद या उनके परिवार में कोई टैक्सपेयर नहीं होना चाहिए ।परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपये होना चाहिए। अगर संयुक्त परिवार है तो 5 एकड़ से ज्यादा जमीन न हो, परिवार में कोई भी व्यक्ति सरकारी नौकरी न करता हो।घर पर ट्रैक्टर, चारपहिया वाहन न हो। यदि कोई महिला 60 वर्ष से कम उम्र की है और किसी अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत पहले से ही प्रति माह 1250 रुपये से कम प्राप्त कर रही है, तो उस महिला को भी 1250 रुपये तक की राशि दी जाएगी। विवाहित महिलाओं में विधवा, और तलाकशुदा महिलाएं भी शामिल हैं। जिस साल आवेदन किया जाए, उस साल 1 जनवरी को आवेदक की उम्र 21 वर्ष पूरी हो चुकी होनी चाहिए और अधिकतम उम्र 60 वर्ष से कम होनी चाहिए। कैसे चेक करें लिस्ट में अपना नाम लाड़ली बहना की आधिकारिक वेबसाइट https://cmladlibahna.mp.gov.in/ पर जाएं। वेबसाइट के मुख्य पृष्ठ पर “आवेदन एवं भुगतान की स्थिति” वाले विकल्प पर क्लिक करें। दूसरे पृष्ठ पर पहुंचने के बाद, अपना आवेदन नंबर या सदस्य समग्र क्रमांक दर्ज करें। कैप्चा कोड सबमिट करने के बाद, मोबाइल पर एक ओटीपी भेजा जाएगा। मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी दर्ज करें और वेरिफाई करें। ओटीपी वेरिफाई करने के बाद “सर्च” विकल्प पर क्लिक करें और आपका भुगतान स्थिति खुल जाएगी। recent visitors 53

तीन दिसंबर को पूरे होने जा रहे भोपाल गैस त्रासदी के 40 वर्ष, आज भी दफन है जहरीला कचरा

भोपाल. भोपाल गैस त्रासदी के 40 वर्ष इसी तीन दिसंबर को पूरे होने जा रहे हैं, पर गैस पीड़ितों को लेकर सरकारी वादों और जमीनी स्थिति में बहुत अंतर है। इतने वर्ष बाद भी जहरीला कचरा यूनियन कार्बाइड परिसर में दफन है। इस कारण भूजल प्रदूषित होने की बात सत्यापित हो चुकी है। वर्ष 2018 में इंडियन इंस्टीट्यूट आफ टाक्सिकोलाजी रिसर्च लखनऊ की रिपोर्ट में यह तथ्य सामने आ चुका है। भूजल में हेवी मेटल, आर्गनो क्लोरीन रिपोर्ट के अनुसार यूनियन कार्बाइड परिसर के आसपास की 42 बस्तियों के भूजल में हेवी मेटल, आर्गनो क्लोरीन पाया गया था, जो कैंसर और किडनी की बीमारी के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं। इसके बाद इस क्षेत्र में नर्मदा जल की आपूर्ति सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर की जा रही है। आशंका है इन कालोनियों के अतिरिक्त प्रदूषित भूजल आगे पहुंच गया हो पर वर्ष 2018 के बाद जांच ही नहीं कराई गई। गैस पीड़ित संगठन के कार्यकर्ताओं का दावा है कि रैपिड किट से उन्होंने इनके अतिरिक्त कारखाने की साढ़े तीन किमी की परिधि में आने वाली 29 अन्य कालोनियों में भी जांच की तो आर्गनो क्लोरीन मिला है, पर कितना मात्रा में है इसकी जांच बड़े स्तर पर सरकार द्वारा कराने की आवश्यकता है। गड़्ढे बनाकर जहरीला रासायनिक कचरा दबाया गैस पीड़ितों के लिए काम करने वाली सामाजिक कार्यकर्ता रचना ढींगरा ने बताया कि त्रासदी के पहले परिसर में ही गड़्ढे बनाकर जहरीला रासायनिक कचरा दबा दिया जाता था। इसके अतिरिक्त परिसर में बनाए गए तीन छोटे तालाबों में भी पाइप लाइन के माध्यम जहरीला अपशिष्ट पहुंचाया जाता था। इस कचरे की कोई बात ही नहीं हो रही। कारखाने में रखे कचरे को नष्ट करने के लिए 126 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसे पीथमपुर में जलाया जाना है। पुनर्वास के लिए मिली राशि में 14 वर्ष बाद खर्च नहीं हो पाए 129 करोड़ रुपये सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गैस पीड़ितों के पुनर्वास के लिए वर्ष 2010 में 272 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे। इसमें 75 प्रतिशत राशि केंद्र व 25 प्रतिशत राज्य सरकार की थी। इसमें भी 129 करोड़ रुपये आज तक खर्च नहीं हो पाए हैं। गैस राहत एवं पुनर्वास विभाग आज तक इस राशि को खर्च करने की योजना ही नहीं बना पाया है। आर्थिक पुनर्वास के लिए 104 करोड़ रुपये मिले थे। इसमें 18 करोड़ रुपये स्वरोजगार प्रशिक्षण पर खर्च हुए बाकी राशि बची है। सामाजिक पुनर्वास के लिए 40 करोड़ रुपये मिले थे, जिसमें गैस पीड़ितों की विधवाओं के लिए पेंशन का भी प्रविधान है। 4399 महिलाओं को पेंशन मिल रही हैं। वर्ष 2011 से यह राशि एक हजार है जिसे बढ़ाया नहीं गया है। न ही किसी नए हितग्राही को शामिल किया गया है। recent visitors 72

महाकुंभ: यात्रियों की सुविधा के लिए इटावा रीजन की करीब 489 बसों को भगवा रंग में रंगने की तैयारी में जुट गया

प्रयागराज उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में जनवरी माह में आयोजित होने जा रहे महाकुंभ के लिए रोडवेज की बसों को भगवा रंग से रंगा जाना शुरू कर दिया गया है। इटावा रीजन की स्पेशल 410 बसें कुंभ आने जाने वाले यात्रियों के लिए लगाई जायेंगी। इटावा रोडवेज परिक्षेत्र के प्रबंधक उमेश सीएस आर्य ने बताया कि इटावा रीजन में कुल 489 बसें हैं। जिसमें करीब 181 बसें पहले से ही भगवा रंग में रंगी हुई है। 50 अतिरिक्त नई बसें साधारण यात्रियों के लिए मुख्यालय से मांग की गई हैं। करीब 20 दिन चलने वाले महाकुंभ के लिए परिवहन निगम युद्ध स्तर से तैयारियों में जुटा हुआ है। इटावा रीजन से महाकुंभ में 229 बसों का किया जा रहा रंग रोगन इटावा में परिवहन निगम जनवरी से होने वाले महाकुंभ के लिए कुंभ जाने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए इटावा रीजन की करीब 489 बसों को भगवा रंग में रंगने की तैयारी में जुट गया है। परिवहन विभाग ने युद्धस्तर पर तैयारी शुरू कर दी है। इटावा रीजन से महाकुंभ में 229 बसों का रंग रोगन किया जा रहा है। इटावा रीजन क्षेत्र में 181 बसे पहले से भगवा रंग में विभिन्न रूटों पर चलाई जा रहीं हैं। इसी के साथ 100 संविदा चालकों की भर्ती की जानी है। उन्होंने बताया कि इस महाकुंभ मेले में जिले से दूसरे चरण में 22 जनवरी से सात फरवरी तक 229 बसें सीधे प्रयागराज के लिए दौड़ेंगी। वर्तमान समय में सभी बसों पर कायाकल्प का कार्य चल रहा है। इटावा रीजन में 181 बसें पहले से भगवा रंग में विभिन्न मार्गों पर दौड रहीं आपको बता दें कि इटावा रीजन में 181 बसें पहले से भगवा रंग में विभिन्न मार्गों पर दौड रहीं हैं। जिनका कायाकल्प दो चरण में किया जा रहा है। कायाकल्प के बाद सभी बसों का भगवा कलर में रंग-रोगन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इटावा रीजन में 8 डिपो लगते हैं, इसमें इटावा समेत सैफई, मैनपुरी, बेबर, छिबरामऊ, फरुर्खाबाद, शिकोहाबाद फिरोजाबाद हैं। इन सभी डिपो से कुंभ मेले में आवश्यकता अनुसार बसें ली जाएगी। इससे अन्य रूटों पर बसों दिक्कत न हो। साथ ही कुंभ स्नान करने वाले इटावा जिले के साथ आसपास जिले के लोगों को सीधी प्रयागराज सेवा उपलब्ध कराई जाएगी। यात्रियों की सुविधा के लिए 100 अतिरिक्त संविदा चालकों की भी भर्ती की जाएगी, जिसके लिए उनका साक्षात्कार करके उनको ट्रेनिंग के लिए कानपुर भेजा जा रहा है। recent visitors 73