कैलेंडर वर्ष 2024 में QIP जुटाई गई रकम ने 1 ट्रिलियन का आंकड़ा पार, तोड़ा रिकॉर्ड

नई दिल्ली कैलेंडर वर्ष 2024 (CY24) में योग्य संस्थागत प्लेसमेंट (QIP) के जरिए जुटाई गई राशि ने नया रिकॉर्ड बनाया है। इस साल अब तक 80 कंपनियों ने कुल 1.13 ट्रिलियन रुपये जुटाए हैं जोकि CY23 की तुलना में तीन गुना (3x) अधिक है। पिछले साल इसी अवधि में केवल 35 कंपनियों ने 38,220 करोड़ रुपये जुटाए थे। इससे पहले CY20 में QIP के जरिए सबसे अधिक राशि जुटाई गई थी जब 25 कंपनियों ने 80,816 करोड़ रुपये एकत्र किए थे। QIP से जुटाई गई कुल राशि 1.21 ट्रिलियन रुपये तक पहुंचने की संभावना यदि गोदरेज प्रॉपर्टीज़ और KEI इंडस्ट्रीज के मौजूदा QIP इश्यूज़ पर विचार किया जाए जिनकी कुल राशि 8,000 करोड़ रुपये है तो CY24 में QIP के जरिए जुटाई गई कुल राशि 1.21 ट्रिलियन रुपये तक पहुंच सकती है। इस साल ज्यादातर कंपनियां QIP के जरिए जुटाए गए फंड का उपयोग अपनी बैलेंस-शीट को मजबूत करने, पुनर्भुगतान (debt repayment), पूंजीगत खर्च (capital expenditure) और कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए करने की योजना बना रही हैं। बाजार विशेषज्ञों की राय स्वतंत्र बाजार विश्लेषक अंबरीश बालिगा ने कहा कि 2024 का साल द्वितीयक बाजारों के लिए अच्छा रहा है और इसके साथ ही कंपनियों ने अपनी बैलेंस-शीट को मजबूत करने के लिए QIP का सही इस्तेमाल किया। उन्होंने बताया कि प्रमोटर्स ने द्वितीयक बाजारों में उछाल का फायदा उठाया और भविष्य के विकास के लिए धन जुटाया। QIP में बड़े इश्यू ज़ोमैटो का 8,500 करोड़ रुपये का QIP इस साल का एक बड़ा इश्यू रहा है। ज़ोमैटो ने इस रकम का उपयोग डार्क स्टोर और गोदामों के निर्माण और संचालन के लिए करने का प्रस्ताव रखा है। इसके अलावा, ब्रांडिंग, विज्ञापन और प्रौद्योगिकी के बुनियादी ढांचे में निवेश की योजना भी है। अन्य प्रमुख कंपनियां : गोदरेज प्रॉपर्टीज ने 6,000 करोड़ रुपये का QIP लॉन्च किया है, जिसे भूमि अधिग्रहण और कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। : अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस ने अगस्त 2024 में QIP के जरिए 8,373 करोड़ रुपये जुटाए, जो कि भारतीय बिजली क्षेत्र में सबसे बड़ा फंडरेज़ है। : अदाणी एंटरप्राइजेज ने भी अक्टूबर में 4,200 करोड़ रुपये जुटाए हैं। : वेदांता और मदरसन इंटरनेशनल जैसी कंपनियों ने भी इस साल QIP के जरिए बड़े फंड जुटाए हैं। साल 2024 में QIP के इश्यू में बड़ा योगदान 2024 के जुलाई से अब तक 42 कंपनियों ने 72,293 करोड़ रुपये जुटाए हैं जो QIP से जुटाई गई कुल राशि का 69 प्रतिशत है। इस अवधि में बीएसई सेंसेक्स लगभग 79,000 के स्तर पर स्थिर रहा। 2025 में QIP के जरिए और धन जुटाने की संभावना इक्विनॉमिक्स रिसर्च के प्रमुख जी चोकालिंगम का कहना है कि 2025 में धन जुटाने के लिए QIP मार्ग की लोकप्रियता बढ़ेगी खासकर यदि द्वितीयक बाजार अच्छा प्रदर्शन करता है। वहीं मनीष गोयल (इक्वेंटिस वेल्थ एडवाइजरी) का कहना है कि स्ट्रॉन्ग मार्केट और रिकॉर्ड फंड फ्लो को देखते हुए अगले कुछ महीनों में करीब 1.5 ट्रिलियन रुपये और जुटाए जाने की संभावना है। बता दें कि 2024 में QIP के माध्यम से कंपनियों ने अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। यह वर्ष कंपनियों के लिए एक बेहतरीन मौका साबित हुआ है क्योंकि उन्होंने बाज़ार के उछाल का फायदा उठाते हुए अपनी वित्तीय स्थिति को मजबूत किया और भविष्य के लिए धन जुटाया। recent visitors 80

रूस ने साल 2025 के सैन्य खर्चो को रिकॉर्ड स्तर पर बढ़ाया गया, सैन्य-केंद्रित बजट को दी मंजूरी

कीव रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने रिकार्ड 145 अरब डालर के रक्षा बजट को मंजूरी दी है। रूस ने साल 2025 के सैन्य खर्चो को रिकॉर्ड स्तर पर बढ़ाया गया है। रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के दौरान रूस का ये कदम काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यूक्रेन के साथ जारी युद्ध में रूस जीत हासिल करना चाहता है। रक्षा क्षेत्र में रूस का रिकॉर्ड बजट रविवार को एक सरकारी वेबसाइट के अनुसार रूस के राष्ट्रीय बजट का 32.5 प्रतिशत राष्ट्रीय रक्षा के लिए आवंटित किया गया है, जो 13.5 ट्रिलियन रूबल (145 अरब से अधिक) है, जो इस वर्ष 28.3 प्रतिशत से अधिक रहा। रूसी संसद के दोनों सदनों, स्टेट ड्यूमा और फेडरेशन काउंसिल के सांसदों ने पहले ही इसे मंजूरी दे दी थी। रूस और यूक्रेन युद्ध फरवरी 2022 में शुरू हुआ था। यह द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यूरोप का सबसे बड़ा संघर्ष है और इसने दोनों पक्षों के संसाधनों को लगभग खत्म कर दिया है। बता दें कि रूसी सरकार ने माना है कि यूक्रेन में मॉस्को द्वारा चलाए जा रहे विशेष सैन्य अभियान और सेना को समर्थन की ज़रूरतें सामाजिक ज़रूरतों और तकनीकी विकास के साथ-साथ बजट की प्राथमिकता बनी रहेंगी। सरकार ने मसौदा बजट को संतुलित के रूप में पेश किया है, जिसमें इस साल के अनुमानित घाटे 1.7% के मुकाबले घाटा 0.5% तक गिर गया है और अगले तीन वर्षों के लिए राज्य का ऋण 20% के निशान से नीचे बना हुआ है। यूक्रेन को मिल रही पश्चिमी सहयोगियों से मदद वहीं, कीव को पश्चिमी सहयोगियों से अरबों डालर की मदद मिल रही है, लेकिन रूस की सेनाएं बड़ी हैं। साथ ही काफी उन्नत हथियारों से सुसज्जित हैं। यह भी देखा गया है कि जब से डोनाल्ड ट्रंप ने रूस-यूक्रेन संघर्ष समाप्त कराने की बात कही है तब से लगातार रूसी सेना पूर्वी क्षेत्रों में यूक्रेनी सैनिकों को पीछे धकेल रही है। इस बीच, यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय संघ के विदेश नीति प्रमुख काजा कैलास रविवार को यूक्रेन की राजधानी कीव पहुंचे। साथ ही उन्होंने यूक्रेन के समर्थन में एकजुटता प्रदर्शित की। recent visitors 84

माधव राष्ट्रीय उद्यान को टाइगर रिजर्व के रूप में अधिसूचित करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर शिवपुरी जिले के माधव नेशनल पार्क को टाइगर रिजर्व घोषित कर दिया गया है। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) की तकनीकी समिति ने माधव राष्ट्रीय उद्यान को टाइगर रिजर्व के रूप में अधिसूचित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह प्रदेश का आठवाँ टाइगर रिजर्व होगा। अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य-जीव) श्री एल. कृष्णमूर्ति ने बताया कि एनटीसीए की तकनीकी समिति ने प्रस्तावित बाघ अभयारण्य का कोर क्षेत्र 375 वर्ग किलोमीटर, बफर क्षेत्र 1276 वर्ग किलोमीटर और कुल क्षेत्रफल 1751 वर्ग किलोमीटर होगा। समिति ने राष्ट्रीय उद्यान में एक नर और एक मादा बाघ को छोड़ने की भी मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) को माधव राष्ट्रीय उद्यान को टाइगर रिजर्व घोषित करने के लिये प्रस्ताव भेजा गया था। श्री कृष्णमूर्ति ने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा की गयी संरक्षण पहल माधव राष्ट्रीय उद्यान और कूनो राष्ट्रीय उद्यान में वन्य-जीव प्रबंधन को मजबूत करेगी। इससे स्थानीय समुदायों को अपेक्षित ईको-टूरिज्म का लाभ मिलेगा और क्षेत्र का विकास होगा।   recent visitors 142

केन्द्रीय मंत्री नड्डा ने म.प्र. की चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं को सराहा

भोपाल केन्द्रीय लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में रविवार को इंदौर में विश्व एड्स दिवस का राष्ट्रीय आयोजन हुआ। केन्द्रीय मंत्री नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में एड्स के खिलाफ भारत में एकजुट होकर लड़ाई लड़ी जा रही है। इसमें आशातीत सफलता भी मिल रही है। देश में एचआईवी/एड्स नियंत्रण के लिये संकल्पबद्ध होकर तेजी से प्रयास किये जा रहे है। इसके सार्थक परिणाम भी मिल रहे है। एचआईवी/एड्स प्रभावितों के अधिकारों की रक्षा की जा रही है। उन्हें समाज की मुख्य धारा से जोड़ा जा रहा है। केन्द्र सरकार द्वारा 2017 से एचआईवी/एड्स नियंत्रण के लिये तेजी से प्रयास शुरू किये गये हैं। केन्द्रीय मंत्री नड्डा ने कहा कि सतत् विकास लक्ष्य को प्राप्त करने के लिये सभी का सहयोग जरूरी है। एचआईवी से प्रभावित व्यक्तियों को मौलिक अधिकारों के साथ उन्हें मानव अधिकार भी प्राप्त हो। उनके साथ किसी भी तरह का भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए। हमें उनके अधिकारों का सम्मान करते हुए उन्हें भी वहीं मान-सम्मान देना चाहिए, जो अन्य सामान्य व्यक्ति को हम देते हैं, जिससे वे सामान्य जीवन जी सकें। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा एचआईवी/एड्स से प्रभावित लोगों की संख्या में कमी लाने और मृत्यु की संख्या को कम करने के लिये सतत विकास लक्ष्य निर्धारित किये है। यह लक्ष्य वर्ष 2030 तक पूर्ण कर लिया जायेगा। केन्द्रीय मंत्री नड्डा ने समाज के सभी वर्गों का आहवान किया कि वे इस दिशा में लक्ष्य को प्राप्त करने के लिये पुन: संकल्प बद्ध होकर नई ऊर्जा और नई स्फूर्ति से जुट जाये। केन्द्रीय मंत्री नड्डा ने कहा कि एचआईवी और एड्स (रोकथाम और नियंत्रण) अधिनियम-2017 लागू किया गया। इस अधिनियम के माध्यम से एचआईवी/एड्स के प्रसार को रोकने और नियंत्रित करने में मदद मिल रही है। इस अधिनियम से एचआईवी/एड्स से संक्रमित और प्रभावित व्यक्तियों के कानूनी और मानवाधिकारों को सुदृढ़ बनाया गया है। यह अधिनियम स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के अधिकारों की रक्षा करने का भी प्रयास है। उन्होंने कहा कि एचआईवी/एड्स से प्रभावित व्यक्तियों का नि:शुल्क इलाज किया जा रहा है। भारत ने स्वास्थ्य सेवाओं, इलाज, चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में विश्व में नयी पहचान कायम की है। कोरोना प्रबंधन हो या अनेक संक्रामक बीमारियों के इलाज के लिये टीकों और दवाईयों की खोज हो, देश का विश्व में अग्रणी स्थान बना है। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा के विस्तार की दिशा में मध्यप्रदेश की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रदेश देश में इस क्षेत्र में अग्रणी है। मध्यप्रदेश में तेजी से नए मेडिकल कॉलेज खोले गये है। आयुष्मान भारत योजना के क्रियान्वयन और स्वास्थ्य सेवाओं में मध्यप्रदेश देश में अव्वल केन्द्रीय मंत्री नड्डा ने कहा कि मध्यप्रदेश चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार में देश में सबसे आगे है और सबसे तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसके लिये उन्होंने मध्यप्रदेश की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में तेजी से नये मेडिकल कॉलेज खोले गये है, आगे भी नए मेडिकल कॉलेज खोले जायेंगे। भोपाल में एम्स की स्थापना भी की गई है। मेडिकल कॉलेजों में सीटों की संख्या बढ़ाई गई है। आयुष्मान भारत योजना के क्रियान्वयन में भी मध्यप्रदेश देश में अव्वल है। "टेक द राइट्स पाथ" के अनुरूप कार्य कर वर्ष 2028 तक वैश्विक लक्ष्य को प्राप्त करेंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्व एड्स दिवस के अवसर पर इंदौर में यह कार्यक्रम आयोजित करने के लिये केन्द्रीय मंत्री नड्डा के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस आयोजन से समुदायों, युवाओं, लाभार्थियों और विभिन्न संगठनों को एक साथ लाकर वर्ष 2030 तक एचआईवी/एड्स को समाप्त करने के वैश्विक लक्ष्य को प्राप्त करने, चुनौतियों का समाधान करने में मददगार होगा। हमारा प्रयास होगा की यूएन की थीम, "टेक द राइट्स पाथ" के अनुरूप कार्य कर वर्ष 2028 तक वैश्विक लक्ष्य को प्राप्त किया जाये। ऐसे कार्यक्रमों से समाज में जागरूकता आयेगी। एचआईवी/एड्स की जंग में संघर्ष करने में मदद मिलेगी। समाज को साथ में लाकर एचआईवी/एड्स के खिलाफ जंग में जागरूकता लाई जायेगी। प्रदेश में तेजी से स्थापित हो रहे हैं नए मेडिकल कॉलेज मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिस तरह भारत में सदी के सबसे भयावह दौर कोरोना काल में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में कोविड से जंग लड़ी गई और सफलता हासिल की गई, उसे देखकर लगता है कि हम एचआईवी/एड्स के खिलाफ जंग में भी विजय हासिल करेंगे। उन्होंने मेडिकल कॉलेज खोलने की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिये प्रधानमंत्री मोदी और केन्द्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरलीकृत व्यवस्था से प्रदेश में मेडिकल कॉलेज खोलने के कार्य को नयी गति मिली है। अब प्रदेश में तेजी से नए मेडिकल कॉलेज स्थापित हो रहे है। चिकित्सा शिक्षा के साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार भी तेजी से किया जा रहा है। प्रदेश में एलोपेथिक के साथ ही अन्य चिकित्सा पद्धतियों से उपचार को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।   recent visitors 63

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री इंदौर में विश्व एड्स दिवस के कार्यक्रम में शामिल हुए

इंदौर. केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि एक समय ऐसा था, जब भारत में टिटनेस की दवा को 40 साल, टीबी की दवा को 30 साल, डिप्थीरिया की दवा को 30 साल, जापानी बुखार को ठीक करने वाली दवा आने में 100 साल लग गए, लेकिन कोरोना के दो टीके नौ माह में आ गए। जिन्होंने कई लोगों की जिंदगी बचाई। हमने चालीस देशों को मुफ्त कोरोना की दवा दी। यह बदलता भारत है। कोरोना मैनेजमेंट को उठाकर देखिए। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा ने कहा कि अमेरिका में स्ट्राइक हुई, यूरोप में लोगों ने लॉकडाउन लगाने से रोका, कई देश लॉकडाउन लगाने के लिए तय नहीं कर पाए। वे असमंजस में थे। लेकिन भारत में पहले जनता कर्फ्यू, फिर लॉकडाउन लगाए। भारत ने पीपीई किट बनाए, आईसीयू में जगह तैयार की, सैनेटाइजर, मास्क बनाए। तब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि जान भी है और जहान भी। दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे तेज कोरोना वैक्सीन बनाने का अभियान भारत में चला। अब भारत लेने वाला नहीं, बल्कि देने वाला देश बन चुका है। कोरोना का मैनेजेमेंट देश में प्रभावी रहा। वे रविवार को विश्व एड्स दिवस के अवसर पर इंदौर के खंडवा रोड स्थित देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी के ऑडिटोरियम में आयोजित राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (नाको) के कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि एड्स को लेकर चर्चा करने में कई संकोच नहीं करना चाहिए। जब मैं इस पर बात कर सकता हूं तो आपको भी समाज में जाकर खुलकर चर्चा करना चाहिए। स्कूलों में कार्यक्रम होना चाहिए। 9वीं-10वीं के बच्चों को जागरूक् करना चाहिए। कैंपेन चलाना चाहिए। हेल्दी बिहेवियर को प्रमोट करना चाहिए। वर्ल्ड एड्स डे एचआईवी और उसके खिलाफ चल रही जंग को डेडिकेट और रि-डेडिकेट करने का दिन है। यह दिन अपने आप को एचआईवी से प्रोटेक्ट करने का दिन है। अभी ऐसी कोई दवा नहीं आई है जो पूरी तरह एचआईवी को ठीक कर सके। दवाएं तो पूरे समय खाना पड़ेंगी, लेकिन दवाओं से व्यक्ति पूरे जीवन स्वस्थ रह सकता है। इसलिए ऐसे लोगों को समाज में जगह देना चाहिए। नई जनरेशन को एड्स के काले अध्याय की जानकारी नहीं नड्‌डा ने कार्यक्रम में मौजूद बच्चों से बात करते हुए कहा कि हमारे समाज ने देश में एड्स की लंबी लड़ाई लड़ी है। लेकिन हमारे नौजवानों ने अंधकार का वो काला दौर नहीं देखा। इसलिए आपको मालूम नहीं है कि एड्स का मतलब क्या है। आप लोगों ने 80 का दसक नहीं देखा। आपको मालूम नहीं है कि एड्स मतलब क्या होता है। उस समय अगर कोई एड्स मरीज किसी को छू जाए तो लोग डर जाते थे। लोग ऐसे परिवारों से दूर रहते थे। हेयर कटिंग सैलून वाला बार-बार अपने उस्तरे को पोछ्ता था तब डर लगता था। यह दौर शायद मुख्यमंत्री, सिलावट और राजेंद्र शुक्ला ने देखा है। 95 फीसदी एचआईवी मरीजों को समय पर इलाज नड्‌डा ने कहा कि एक समय था जब दुनिया में एड्‌स की दवा नहीं थी और जब दवा आई तो इतनी महंगी थी कि गरीब आदमी उन दवाओं को ले नहीं सकता था। हमारे देश की कंपनियों ने दुनिया में एड्स की सबसे सस्ती और इफेक्टिव दवाएं बनाईं। इनके माध्यम से हम अफ्रीका, साउथ अफ्रीका, लेटिन अमेरिका समेत कई देशों की मदद कर रहे हैं। हम देश के 95 फीसदी एचआईवी मरीजों तक समय पर दवा पहुंचा रहे हैं। देश का हेल्थ केयर सिस्टम मजबूत हुआ उन्होंने कहा कि आज विज्ञान और खासकर हमारे भारत के लोग हेल्थ केयर सिस्टम को लेकर काफी सजग हो गए हैं। हमारा हेल्थ केयर सिस्टम काफी मजबूत है। वह एड्स पीड़ितों को लंबा जीवन दे सकते हैं। आप लोगों की भी जिम्मेदारी है कि पीड़ितों का ध्यान रखें। जो सर्विस प्रोवाइडर है वह बहुत अच्छा काम कर रहे हैं उनका मनोबल बढ़ाए। मैं इस बीमारी में लगे हेल्थ वर्कर और हेल्थ प्रोवाइडर को सलाम करता हूं। मुझे खुशी है कि जब मैं स्वास्थ्य मंत्री बना तो मुझे एचआईवी प्रोटेक्शन को लेकर एक्ट में सुधार करने का मौका मिला। लोगों को एकजुट होने की जरूरत नड्‌डा ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों से कहा कि आप लोगों की उपस्थिति बता रही है कि आप सभी एड्स के खिलाफ लड़ाई लड़ने और प्रोटक्शन को लेकर प्रतिबद्ध है। लोग एड्स पीड़ितों को सामाजिक दृष्टि से देखें और उन्हें मुख्य धारा में लाने का प्रयास करें। इन लोगों को इनका अधिकार दिलाने का दिन है। लोग उनसे घृणा नहीं करें उनकी स्थिति समझें। यह समझें कि वह फिर से ठीक होकर अच्छा जीवन जी सकते हैं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, मंत्री तुलसी सिलावट सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि एड्स रोगी को अच्छा इलाज और समाज से मदद मिले तो रोगी इस बीमारी पर जीत हासिल कर जीवन यापन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि कोविड महामारी के बाद देश का स्वास्थ्य विभाग पर विश्वास और पक्का हुआ है। भारत ने तब दूसरे देशों की भी मदद की। कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री नड्डा ने 'विश्व एड्स दिवस' पर इंदौर में आयोजित एड्स के प्रति जन-जागरूकता पर आधारित प्रदर्शनी का शुभारंभ कर अवलोकन भी किया। इससे पहले नड्डा विमान से इंदौर के देवी अहिल्याबाई होल्कर एयरपोर्ट पहुंचे, जहां मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने उनका स्वागत किया। recent visitors 63

पंडित धीरेन्द्र शास्त्री की करैरा में शुरु हुई कथा

करैरा. मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले के करैरा में रविवार को सुबह से ही लाखों लोगों का जमावड़ा लग गया। यहां बागेश्वरधाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री की कथा का कार्यक्रम आयोजित किया गया है जिसके लिए आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में भक्त आए हैं। कथास्थल पर करैरा में पहली बार 5 लाख स्क्वायर फीट का विशाल पंडाल तैयार किया गया है। शनिवार देर रात तक कार्यक्रम की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया। कथा शुरू होने से पूर्व रविवार सुबह 21 हजार कलशों की यात्रा निकाली गई जिसमें हजारों महिलाएं और युवतियां उत्साहपूर्वक शामिल हुईं। बाबा का बाग बगीचा मंदिर पर 1 दिसंबर से अनेक धार्मिक कार्यक्रम प्रारंभ हुए। यहां 8 दिनों तक श्रीमद भागवत कथा, 51 कुंडीय सीताराम महायज्ञ, शतचंडी अनुष्ठान, कन्या शुभ विवाह आदि कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। श्रीमद भागवत कथा बागेश्वर धाम के महंत धीरेन्द्र कुमार शास्त्री सुनाएंगे। भागवत कथा के शुभारंभ से पूर्व रविवार सुबह 10 बजे से अनाज मंडी से कलश यात्रा शुरू हुई जोकि मुख्य मार्गों से होते हुए कथा स्थल बाबा का बाग बगीचा पहुंची। कलशयात्रा में 21 हजार महिलाएं व युवतियां शामिल हुईं। 34 बीघा में बनाया पांडाल पंडित धीरेंद्र शास्त्री की कथा के लिए बड़े पैमाने पर तैयारियां की गई हैं। यहां 34 बीघा जमीन में 5 लाख स्क्वायर फीट का पंडाल बनाया गया है। करैरा में पहली बार इतना विशाल पंडाल बनाया गया है जिसमें विशेष मंच भी तैयार किया गया है। कथा में आने-जाने वाले लोगों के लिए दर्जन भर जगहों पर पार्किग बनाई गईं हैं। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियोें के अनुसार करैरा क्षेत्र में इससे पहले इतना बड़ा आयोजन नहीं हुआ है। पंडित धीरेंद्र शास्त्री के कार्यक्रम में सुरक्षा को लेकर 1 हजार पुलिसकर्मी जगह-जगह तैनात रहेंगे। सुरक्षा व्यवस्था के लिए जिले के अलावा अन्य शहरों से भी पुलिस फोर्स बुलाया गया है। करैरा में कथास्थल पर जाने के लिए पार्किंग व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही पुलिस ने ट्रैफिक चार्ट जारी किया है। नरवर, भितरवार एवं ग्वालियर से आने वाले वाहनों की पार्किंग व्यवस्था नरवर भितरवार रोड पर ब्रजधाम मैरिज गार्डन के पास मैदान, खैराघाट तिराहा के पास रोड के दोनों ओर एसीक्रेट हार्ट स्कूल व जेल के सामने रहेगी। इस मार्ग से आने वाले भक्तों के लिए 5 पार्किंग बनाई गई हैं। सभी भक्त वाहन पार्क कर ब्रजधाम एवं खैराघाट पार्किंग के बीच से नया कच्चा मार्ग से होते हुए एवं कुम्हारपुरा होते हुए कार्यक्रम स्थल तक पहुंच सकेंगे। शिवपुरी, ग्वालियर, गुना से आने वाले भक्तों के लिए 3 पार्किंग बनाई गई हैं, जिसमें महुअर कोलोनी, पृथ्वी ढाबा एवं कॉलेज तिराहा शामिल हैं। इन स्थानों पर पार्किग के बाद भक्त सहायता केन्द्र से होते हुए पैदल कथास्थल पहुचेंगे। भौती व पिछोर तरफ से आने वाले वाहनों के लिए फिल्टर रोड पर पार्किंग व्यवस्था की गई है। इस मार्ग से आने वाले भक्त फिल्टर रोड पर वाहन पार्क कर फिल्टर रोड होते हुए कच्ची गली एवं सहायता केन्द्र होते हुए कार्यक्रम स्थल तक पहुुंच सकेंगे। टीला गाँव की तरफ से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए टीला रोड पर पार्किंग व्यवस्था की गई है। यहां से कालेज होते हुए पुलिस लाइन होकर सहायता केन्द्र से कार्यक्रम स्थल तक पहुंच सकेंगे। झांसी, दतिया, दिनारा की ओर से आने वाले वाहनों की पार्किंग व्यवस्था करैरा मंडी के पीछे रहेगी। यहां से श्रद्धालु वाहन पार्क कर पैदल कामांछा माता मन्दिर होकर एवं न्यू तहसील के पीछे हरदौल मन्दिर से पुलिस लाईन होते हुए सहायता केन्द्र होकर कार्यक्रम स्थल तक पहुंच सकेंगे। वीआईपी पार्किंग की व्यवस्था बालक उत्कृष्ट विद्यालय करैरा में की गई है। recent visitors 56

38160 परिक्षार्थी देंगे परीक्षा, राजस्थान-पशु परिचर भर्ती परीक्षा में कड़ी जांच के बाद एंट्री

नागौर. नागौर जिला मुख्यालय पर राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड जयपुर द्वारा आयोजित पशु परिचय भर्ती परीक्षा 2023 के नागौर जिला मुख्यालय पर कुल 21 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा 9:00 बजे से शुरू होगी वहीं परीक्षा के 1 घंटे पहले यानी 8 बजे परीक्षा केंद्र का मुख्य दरवाजा बंद कर दिया गया है। नागौर में आज पहले दिन कुल 6360 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। वहीं कल 3 दिनों तक कुल 38160 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। वहीं सुबह 8:00 बजे पुलिस के कड़ी सुरक्षा के बीच जिला ट्रेजरी से पेपर अतिरिक्त जिला कलेक्टर की मौजूदगी में रवाना किया गया। अतिरिक्त कलेक्टर चंपालाल जीनगर ने बताया है कि हमने यहां से पेपर रवाना कर दिया गया है। नागौर जिला मुख्यालय पर 21 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं और परीक्षा 9 बजे से शुरू होगी। एंट्री 8:00 बजे बंद हो जाएगी। 8:00 बजे के बाद किसी भी परीक्षार्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। वहीं अजमेर से भर्ती बोर्ड परीक्षा से ऑब्जर्व अभी यहां पर आए हुए हैं और जिला प्रशासन यहां पूरी तरह मुस्तैद हैं। recent visitors 71