Donald Trump का ये विधेयक अमेरिका के लिए मुसीबत, जाएंगी 8.30 लाख से ज्‍यादा नौकरियां

वाशिंगटन डोनाल्‍ड ट्रंप (Donald Trump) ने अमेरिका में एक नया प्रस्‍ताव पेश किया है, जो 'One Big, Beautiful Bill Act' है. यह एक ऐसा बिल है, जिसकी चर्चा सिर्फ अमेरिका में ही नहीं, बल्कि दुनिया में भी हो रही है. यह बिल अमेरिका के 2017 के टैक्‍स कट को स्‍थायी बनाने का प्रयास है. यह एक व्‍यापक विधेयक है, जिसमें सीमा सुरक्षा, खर्च और टैक्‍स शामिल किए गए हैं. यह बिल कई चीजों को लेकर राहत भी देता है, लेकिन कुछ चीजों पर विवाद भी पैदा कर रहा है. सबसे ज्‍यादा विवाद का विषय अमेरिका में रह रहे दूसरे देश के लोगों द्वारा घर पैसा भेजने पर 5 प्रतिशत का टैक्‍स लगाने पर है. इसके अलावा, रिन्‍यूवेबल एनर्जी जैसी चीजों के लिए सब्सिडी खत्‍म करना. वहीं इस बिल को लेकर कुछ रिपोर्ट का दावा है कि इससे अमेरिका पर भारी कर्ज बढ़ेगा, करीब 36 ट्र‍िलियन डॉलर तक कर्ज में इजाफा हो सकता है. इकोनॉमी पर भी गहरा असर होगा और 8.30 लाख से ज्‍यादा नौकरियां चली जाएंगी. वहीं अमेरिका में रहने वाले लोगों के घरों का बिल भी बढ़ जाएगा. बाइडेन के फैसले को बदलता है ये बिल ट्रंप का यह विधेयक बाइडेन युग के उस आदेश को समाप्त कर देगा, जिसके अनुसार 2032 तक नई कार की बिक्री में दो-तिहाई इलेक्ट्रिक वाहन होंगे. विधेयक में तेल, गैस और कोयला निकालने के लिए कंपनियों द्वारा भुगतान की जाने वाली रॉयल्टी रेट्स में कटौती का प्रस्ताव है. बाइडेन ने रिन्‍यूवेबल एनर्जी जैसी चीजों को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी लेकर आए थे, लेकिन अब इस विधेयक से सबकुछ समाप्‍त होने वाला है. खासकर रिन्‍यूवेबल एनर्जी सेक्‍टर्स पर इसका गहरा असर होगा.  830,000 से ज्‍यादा नौकरियां खतरे में द गार्जियन की रिपोर्ट के अनुसार, विशेषज्ञों ने चिंता जताई है कि क्‍लीन एनर्जी प्रोत्साहन को खत्म करने के लिए रिपब्लिकन द्वारा किया गया प्रयास अमेरिका को बड़े पैमाने पर प्रभावित करेगा, क्योंकि इससे 830,000 से अधिक नौकरियां खत्म हो जाएंगी, अमेरिकी घरों के लिए ऊर्जा बिल बढ़ जाएंगे और लाखों टन अधिक प्रदूषण फैलने का खतरा होगा, जो जलवायु संकट का कारण बन रहा है. रिन्‍यूवेबल एनर्जी के लिए सब्सिडी हो जाएगी खत्‍म ट्रंप का यह विधेयक बाइडेन द्वारा हस्ताक्षरित जलवायु कानून के प्रमुख तत्वों को खत्म करता है, जिसने पूरे अमेरिका में रिन्‍यूवेबल एनर्जी और इलेक्ट्रिक वाहनों में निवेश को बढ़ावा दिया था. 'बिग, ब्यूटीफुल' बिल इस साल इलेक्ट्रि कारों के लिए टैक्‍स क्रेडिट समाप्त कर सकता है. विंड, सोलर एनर्जी और यहां तक ​​कि परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं के लिए प्रोत्साहन धीरे-धीरे कम हो जाएंगे और 2032 तक पूरी तरह से समाप्त हो जाएंगे. अमेरिका के लिए नुकसानदायक बिल द गार्जियन की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यह रिपोर्ट आपके सोच से भी बदतर है. इससे डेली के खर्च सैकड़ों डॉलर तक बढ़ सकता है और जलवायु परिवर्तन पर किसी भी तरह की कार्रवाई को कम करता है. रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि आप नहीं बता सकते हैं कि US की स्थिति कमजोर करने में यह कितना खास होगा. महंगाई, टैरिफ और बिजली के बढ़ते उपयोग के साथ यह प्रस्‍ताव आना नहीं चाहिए था. यह अमेरिका के लिए नुकसानदायक बिल है. अमेरिकी इकोनॉमी के लिए भी खतरा इकोनॉमिक्‍स टाइम्‍स की रिपोर्ट में कहा गया है कि इन बदलावों से 10 सालों मे अमेरिका की GDP में 1 ट्रिलियन डॉलर से ज्‍यादा की कमी आएगी. रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रस्तावित बिल से ऊर्जा बिलों में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है. 2035 तक, औसत परिवार को ऊर्जा बिलों में 230 डॉलर से अधिक की वृद्धि का सामना करना पड़ने का अनुमान है.   recent visitors 72

भारत से सिंधु जल संधि पर रोक हटाने के लिए गिड़गिड़ा रहा पाकिस्तान, वॉटर बम है, हम तो भूखे मर जाएंगे

इस्लामाबाद पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़े कदम उठाए। इसी में एक कदम सिंधु जल संधि को स्थगित करना भी है। भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद भी यह साफ कर दिया है कि यह जल संधि अभी आगे भी स्थगित रहने वाली है। ऐसे में इस नदी के पानी पर निर्भर पाकिस्तान 'पानी-पानी' करने लगा है। उसके सांसद भरी संसद में इस समझौते के रुकने को वॉटर बम बता रहे हैं और कह रहे कि इसे डिफ्यूज करना ही होगा। पाकिस्तानी सांसद सैयद अली जफर ने संसद में कहा है कि पाकिस्तान के डैम, पावर प्रोजेक्ट्स सब इसी नदी पर बने हुए हैं। ऐसे में अगर इस दिक्कत का हल नहीं निकाला गया तो पाकिस्तानी भूखे मर जाएंगे। जफर ने कहा, ''हम अगर पानी का क्राइसेस नहीं सॉल्व करेंगे तो हम भूखे मर सकते हैं, क्योंकि सिंधु बेसिन ही हमारी लाइफस्टाइल है। 3/4 पानी बाहर से आता है। हमारे 10 में से 9 लोग सिंधु जल संधि के जरिए ही अपनी जिंदगी गुजर बसर करते हैं। 90 फीसदी फसलें इस पानी पर निर्भर हैं। हमारे जितने पावर प्रोजेक्ट्स हैं, डैम हैं, सभी इसी पानी पर बने हुए हैं। यह हमारे लिए एक 'वॉटर बम' है, जिसे हमें डिफ्यूज करना है।'' भारत से रोक हटाने के लिए गिड़गिड़ा रहा पाक सिंधु जल संधि पर लगी रोक हटाने के लिए पाकिस्तान लगातार भारत के सामने गिड़गिड़ा रहा है। लेकिन भारत ने दो टूक कह दिया है कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद का समर्थन करना बंद नहीं करेगा, तब तक यह रोक जारी रहने वाली है। चार दिनों तक चले भारत-पाक में तनाव के बाद जब सीजफायर लागू किया गया, उसके बाद भी पाकिस्तान ने भारत को पत्र लिखकर जल संधि से रोक हटाने की गुहार लगाई थी। यह अपील पाकिस्तान के जल संसाधन मंत्रालय के सचिव सैयद अली मुर्तजा द्वारा भारत के जल शक्ति मंत्रालय की सचिव देबाश्री मुखर्जी को लिखे गए पत्र में की गई थी। सिंधु जल संधि पर क्या बोला भारतीय विदेश मंत्रालय भारत ने गुरुवार को एक बार फिर जोर देकर कहा कि पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि तब तक स्थगित रहेगी जब तक इस्लामाबाद सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देना बंद नहीं कर देता। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने यह भी कहा कि पाकिस्तान के साथ कोई भी द्विपक्षीय वार्ता तभी होगी जब वह अवैध रूप से कब्जाए गए भारतीय क्षेत्र पर से कब्जा छोड़ देगा। जायसवाल ने कहा, ''मैं आपको याद दिलाना चाहूंगा कि संवाद और आतंकवाद एक साथ नहीं चल सकते।'' सिंधु जल संधि के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यह संधि तब तक स्थगित रहेगी जब तक कि इस्लामाबाद सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देना बंद नहीं कर देता।   recent visitors 60

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लहार में नया औद्योगिक केंद्र स्थापित करने की घोषणा की

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लहार में नया औद्योगिक केंद्र स्थापित करने की घोषणा की है। इसके साथ ही मछण्ड और असवार क्षेत्र को नगर परिषद बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में उद्योगों को बढ़ावा देकर युवाओं को रोजगार से जोड़ा जा रहा है। दूसरी ओर किसानों की आय बढ़ाने के लिए किसान और कृषि हित में अनेक निर्णय लिए गए हैं। किसान को फसलों का उचित दाम मिले और फसल बर्बाद न हो, इसके लिए प्रदेश में कृषि आधारित उद्योग स्थापित करने की दिशा में प्रयास हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को भिंड जिले के लहार में महिला स्व-सहायता समूह सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। भिंड के युवाओं का पराक्रम सराहनीय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय सेना ने शौर्य की गाथा लिखी है। भिंड के घर-घर से निकले जवान मां भारती की रक्षा में सीमाओं पर तैनात हैं। चंबल की धरती के सपूत लंबे समय से बॉर्डर पर दुश्मन का खात्मा करते आ रहे हैं। लहार का गौरवशाली अतीत महाभारत काल से भी जुड़ता है। ऐसा माना जाता है कि लहार में ही पांडवों के खिलाफ षड्यंत्र रचते हुए लाक्षागृह बनवाया गया था। भिंड वो धरती है, जहां कभी किसी के साथ अन्याय नहीं हो सकता है। वो दिन लद गए जब चंबल क्षेत्र में दस्युओं का डर दिखाकर लोगों पर अत्याचार होते थे। अब भिंड की जनता ने परिवर्तन का रास्ता चुना है। मध्यप्रदेश सरकार चंबल क्षेत्र के विकास के लिए पूरी तरह संकल्पित है। यहां जनता का प्रेम और आत्मीयता से मन भाव-विभोर है। आलमपुर कॉलेज का नामकरण लोकमाता देवी अहिल्याबाई के नाम पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोकमाता देवी अहिल्याबाई का 300वां जयंती वर्ष चल रहा है। भिंड जिले के आलमपुर का कॉलेज अब लोकमाता देवी अहिल्याबाई के नाम से जाना जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भिंड में विकास को गति प्रदान करते हुए 117 करोड़ रुपए से अधिक लागत के 33 विकास कार्यों का भूमिपूजन और 17 विकास कार्यों का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश का सिंचित क्षेत्र वर्तमान में 55 लाख हेक्टेयर है, इसे निकट भविष्य में 100 लाख हेक्टेयर तक लेकर जाएंगे। सिंचाई का रकबा बढ़ाने के लिए नदी जोड़ो परियोजनाओं पर कार्य हो रहा है। राजस्थान के साथ पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी परियोजना को 40 साल बाद मंजूरी मिली है। लगभग 70 हजार करोड़ की लागत से इस परियोजना का कार्य जारी है। इसी प्रकार पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी के सपने को पूरा करते हुए केंद्र सरकार की सहायता से केन-बेतवा लिंक परियोजना की नींव रखी गई है। बुंदेलखंड के कई जिले इससे लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के किसान की समृद्धि और जीवन सरल बनाने के लिए 5 रुपए में स्थायी बिजली कनेक्शन और 30 लाख सोलर पंप प्रदान करने की शुरुआत की गई है। किसानों को सिर्फ 10 प्रतिशत कीमत पर सोलर पंप मिल रहे हैं। किसानों को सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है। हर महीने माताओं-बहनों को लाड़ली बहना योजना की राशि भी मिलती रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार ने सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए अनेक जनहितैषी निर्णय लिए हैं। इनमें राहवीर योजना शामिल है। अब सड़क हादसों के घायलों को अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति को 25 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि मिलेगी। इसके साथ ही प्रदेश में गंभीर बीमारियों के पीड़ितों को एयर एम्बुलेंस का लाभ दिया जा रहा है। अब गरीब के परिवार के किसी व्यक्ति की अस्पताल में मृत्यु हो जाए तो सरकार ने पार्थिव शरीर घर पहुंचाने के लिए नि:शुल्क शव वाहन की व्यवस्था की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न हितग्राहीमूलक योजनाओं के तहत हितलाभ भी वितरित किये। । नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश को स्वर्णिम राज्य बनाने का लक्ष्य रखा है। सांसद श्रीमती संध्या राय ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लहार क्षेत्र की जनता को अनेक विकास कार्यों की सौगात दी है। लहार विधायक श्री अमरीश शर्मा ने क्षेत्र के विकास के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में विधायक श्री नरेंद्र सिंह कुशवाहा, पूर्व मंत्री श्री लाल सिंह आर्य एवं पूर्व मंत्री श्री ओपीएस भदौरिया सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।   recent visitors 62

87 लाख के इनामी 24 नक्सलियों ने किया समर्पण

बीजापुर बड़े नक्सली लीडर बसवराजु के मौत के बाद दो दिन बाद पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. कंपनी नंबर 02 के डिप्टी कमांडर राकेश सहित कुल 24 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है. दस लाख के ईनामी कंपनी कमांडर सहित 24 नक्सलियों पर 87.05 लाख का ईनाम घोषित था. आत्मसमर्पण करने वाला सभी 24 माओवादी फायरिंग,आईडी ब्लास्ट,आगजनी जैसे अन्य घटनाओं में शामिल थे. सीआरपीएफ डीआईजी देवेन्द्र सिंह नेगी, पुलिस अधीक्षक डॉ.जितेन्द्र यादव,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यूलेण्डन यार्क, डीएसपी शरद जायसवाल,उप पुलिस अधीक्षक विनीत साहू एवं अन्य अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण किया. आत्मसमर्पण करने वाले सभी माओवादियों को अधिकारियों ने 50-50 हजार रुपये नगद राशि प्रदान किया. बता दें कि वर्ष 2025 में अब तक कुल 227 माओवादियों ने किया पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण. वहीं वर्ष 2025 में अब तक कुल 237 माओवादियों को गिरफ्तार किया गया है. वहीं 119 माओवादियों को अलग-अलग मुठभेड़ में सुरक्षाबल के जवानों ने मार गिराया गया है. recent visitors 55

21 मई को 27 माओवादियों के साथ हुई मुठभेड़ में मिली ऐतिहासिक कामयाबी पर मुख्यमंत्री साय ने जवानों को दी बधाई

नारायणपुर, प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज ओरछा ब्लॉक के ग्राम बासिंग स्थित बीएसएफ कैम्प पहुंचे, जहां पर उन्होंने 21 मई को हुई डीआरजी-बीएसएफ और जिला बल के द्वारा माओवादियों के विरूद्ध नारायणपुर, दंतेवाड़ा और बीजापुर की सरहदी पहाड़ियों में चलाए गए नक्सल विरोधी ऑपरेशन में 27 नक्सलियों को मार गिराने वाले जवानों की हौसला-अफजाई की। इस दौरान मुख्यमंत्री के साथ उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा, वन एवं जल संसाधन मंत्री श्री केदार कश्यप विशेष रूप से उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने बासिंग कैम्प में जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि यह माओवाद के विरूद्ध अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है जिसमें सुरक्षा बलों ने हार्डकोर माओवादी बसवा राजू सहित 27 को मार गिराया। मुख्यमंत्री साय ने जवानों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि सुरक्षा बलों ने जिस तरह उच्च स्तरीय रणनीति बनाकर ऑपरेशन को अंजाम दिया और कामयाबी हासिल की वह काबिले-तारीफ है। फोर्स के इस अदम्य साहस और शौर्य को नमन है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि अब वह दिन दूर नहीं जब बस्तर के माथे ने माओवाद का कलंक पूरी तरह से मिट जाएगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह ने मार्च 2026 को माओवाद को जड़ से समाप्त करने का संकल्प लिया है, वह पूरा होता नजर आ रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने आगे कहा कि वह दिन दूर नहीं जब बस्तर विकास से पूरी तरह जुड़ जाएगा। उन्होंने उम्मीद जाहिर करते हुए कहा कि बस्तर के अंदरूनी इलाके, जहां कुछ साल पहले तक जाना भी संभव नहीं था, वहां शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और अधोसंरचना संबंधी कार्यों में अब गति आएगी। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि माओवाद प्रभावित क्षेत्रों को शासन की योजनाओं से जोड़ने नियद नेल्लानार, पीएम जनमन जैसी योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिसका सकारात्मक बदलाव अब बस्तर में दिखने लगा है। माओवाद की समाप्ति के साथ ही बस्तर विकास की ओर तेजी से बढ़ेगा। उन्होंने ऑपरेशन में शामिल सभी जवानों को अपनी शुभकामनाएं देते हुए उनकी बहादुरी के लिए बधाई दी। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि इस ऑपरेशन और जवानों की बड़ी और ऐतिहासिक सफलता की सराहना राष्ट्रीय ही नहीं, अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी हो रही है। उन्होंने कहा कि अब बस्तर में बड़ा और सकारात्मक परिवर्तन होने जा रहा है जो विकास और प्रगति की राह ले जाएगा। गृह मंत्री श्री शर्मा ने उम्मीद जताते हुए कहा कि आने वाले समय में बस्तर अंचल में स्कूल आंगनबाड़ी भवन, सड़कों का विस्तार एवं बिजली की सुविधाओं से गांवों को रोशन किया जाएगा। इस अवसर पर वन मंत्री श्री कश्यप ने भी जवानों की पराक्रम की सराहना करते हुए इसे माओवाद के विरूद्ध ऐतिहासिक कामयाबी बताया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कैम्प के जवानों को एलईडी सेट और प्रशस्ति पत्र भेंट किया तथा नक्सल ऑपरेशन में शामिल जवानों को ऑउट ऑफ टर्न प्रमोशन पर जल्द विचार करने की बात भी कही। इस अवसर पर जवानों ने की गई तैयारियों और रणनीति की जानकारी मुख्यमंत्री एवं उप मुख्यमंत्री को दी। इसके पहले, जवानों ने मुठभेड़ के बाद माओवादियों से बरामद किए गए हथियारों का प्रदर्शन किया, जिसमें बीजीएल लॉन्चर, 12 बोर बंदूक, .303 बंदूक, 7.62 रायफल, 5.56 एमएम इंसास, एके-47, 9 एमएम कार्बाइन सहित विभिन्न प्रकार के हथियार सम्मिलित थे। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक अरूण देव गौतम, एडीजी नक्सल ऑपरेशन विवेकानंद, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, सुबोध कुमार सिंह, बस्तर कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी सुंदरराज पी, डीआईजी अमित तुकाराम काम्बले, आयुक्त जनसंपर्क डॉ. रवि मित्तल, कलेक्टर नारायणपुर प्रतिष्ठा ममगाईं, पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। recent visitors 44

सीएम साय पहुंचे नारायणपुर के बासिंग स्थित BSF कैंप, DRG जवानों के साथ खाया खाना

नारायणपुर बस्तर के नक्सल इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा ऑपरेशन नारायणपुर के अबूझमाड़ क्षेत्र में चलाया गया, जिसमें नक्सली लीडर बवस राजू समेत 27 नक्सली मारे गए। इस ऐतिहासिक अभियान के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज नारायणपुर के बासिंग स्थित BSF कैंप पहुंचे, जहां उन्होंने जवानों का हौसला बढ़ाया। इस दौरान DRG के जवानों को गश्त के लिए 200 मोटरसाइकिलें वितरित की गईं। मुख्यमंत्री ने ऑपरेशन में शहीद हुए जवानों के परिवारों से मुलाकात की और DRG के जवानों के साथ बैठकर भोजन भी किया, जिससे उनका मनोबल और भी ऊंचा हुआ। DRG की महिला कमांडो ने बताया कि पहली बार कोई मुख्यमंत्री उनके बीच आया, उनके साथ बैठकर भोजन किया और यह अनुभव उनके लिए गर्व का क्षण रहा। इस अभियान में उन्हें कठिन परिस्थितियों के बावजूद सफलता मिली और बीती रात उन्होंने अपनी जीत का जश्न भी मनाया। मुख्यमंत्री और गृहमंत्री को नारायणपुर के एसपी ने बताया कि यह सफलता किस तरह कठिन परिस्थितियों में हासिल हुई, कैसे उन्होंने 15 घंटे में 32 किलोमीटर का पैदल सफर तय किया, नदी-नालों को पार किया और सीधे बसव राजू के डेरे तक पहुंचे। इस अभियान की रणनीति और साहसिकता की प्रशंसा करते हुए मुख्यमंत्री ने आपका सरकार, आपका ग्राम अभियान के तहत जनचौपाल लगाकर स्थानीय ग्रामीणों से संवाद किया। उन्होंने ग्रामीणों से पूछा कि क्या उन्हें राशन मिल रहा है, बिजली की व्यवस्था है या नहीं, क्या महतारी वंदन योजना का लाभ उन्हें समय पर मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वे यही देखने और सुनने के लिए आए हैं कि सरकार की योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर पर पहुंच रहा है या नहीं। मुख्यमंत्री ने नक्सलियों से मुख्यधारा में लौटने की अपील दोहराई सीएम साय ने कहा कि यह क्षेत्र नक्सलवाद से लंबे समय से प्रभावित रहा है। जब से उनकी सरकार सत्ता में आई है वे शांति बहाली के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह क्षेत्र प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर है, लेकिन नक्सल प्रभाव के कारण विकास अवरुद्ध था। अब जब केंद्र और राज्य दोनों में उनकी सरकार है तो बाकी क्षेत्रों की तरह यहां भी विकास होगा। उन्होंने नक्सलियों से मुख्यधारा में लौटने की अपील दोहराई और बताया कि अब तक 1300 लोग नक्सली विचारधारा छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ चुके हैं। महिलाओं ने हाथ उठाकर कहा – महतारी वंदन योजना का मिल रहा लाभ मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जवानों की प्रतिबद्धता से उन्हें पूरा विश्वास है कि यह क्षेत्र जल्द ही नक्सलमुक्त होगा और सरकार का संकल्प 31 मार्च 2026 तक पूर्ण विकास और शांति की स्थापना अवश्य पूरा होगा। ग्रामीणों को अपने मंत्रियों से परिचय कराते हुए मुख्यमंत्री ने पूछा कि क्या सरकार बनने के बाद उन्हें योजनाओं का लाभ मिल रहा है। ग्रामीणों ने हाथ उठाकर महतारी वंदन योजना की पुष्टि की। एक महिला माहेश्वरी ने बताया कि उन्होंने महतारी वंदन योजना की राशि से सिलाई मशीन खरीदी और अब 4,000 से 5,000 तक की मासिक आमदनी कर रही है। सीएम साय ने ग्रामीणों को दी ये सौगातें मुख्यमंत्री ने मौके पर ही विकास कार्यों की कई घोषणाएं की। पुलिया निर्माण के लिए 20 लाख, खेल मैदान के लिए 10 लाख, सीसी रोड के लिए 25 लाख और घोटुल के लिए 15 लाख कुल 1 करोड़ 4 लाख की योजनाएं घोषित की। इसके अलावा गढ़ बंगाल से डोनर तक 30 किलोमीटर सड़क और डोंगरगढ़ से ओरछा तक सड़क निर्माण की भी घोषणा की। recent visitors 47

25 मई से केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की विदिशा संसदीय क्षेत्र में पदयात्रा , रोज 20-25 किमी चलेंगे

 विदिशा 'पांव पांव वाले भैया' और 'मामा' के नाम से मशहूर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान करीब 25 साल बाद एक बार फिर पदयात्रा पर निकलने वाले हैं. शिवराज यह पदयात्रा अपने संसदीय क्षेत्र विदिशा में निकालने वाले हैं. शिवराज सिंह चौहान की विदिशा संसदीय क्षेत्र में यह पदयात्रा 25 मई से शुरू होने वाली है, जिसमें वो आत्मनिर्भर और विकसित भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प को जनता तक पहुंचाने का काम करेंगे. यह पदयात्रा विदिशा संसदीय क्षेत्र की सभी विधानसभाओं में होगी, जो हफ्ते में दो दिन चलेगी. इस दौरान शिवराज सिंह चौहान अधिकतम 20 से 25 किमी की यात्रा निकालेंगे. यात्रा के दौरान गांवों में विभिन्न वर्गों से संवाद कर योजनाओं की जानकारी देंगे, लाभ सुनिश्चित कराएंगे, उनकी समस्याओं का निराकरण के निर्देश देंगे. पदयात्रा के दौरान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर केंद्र सरकार की योजनाओं की जानकारी देने के साथ ही लाभार्थियों से संवाद करेंगे और योजनाओं के प्रभाव की समीक्षा करेंगे. पदयात्रा के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएम किसान सम्मान निधि, महिला सशक्तिकरण की योजनाएं, ग्रामीण सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता, डिजिटल इंडिया, और स्वरोजगार से जुड़े कार्यक्रमों की जानकारी आमजन तक पहुंचाई जाएगी. इसके साथ ही शिवराज सिंह चौहान लाभार्थियों से मिलकर योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी हकीकत जानेंगे और उनकी समस्याओं का समाधान करेंगे. बता दें कि इससे पहले शिवराज सिंह चौहान ने विदिशा में साल 1991 में पदयात्रा निकाली थी और पूरा संसदीय क्षेत्र नाप डाला था. तब उनका नाम 'पांव-पांव वाले भैया' पड़ गया था. शिवराज की विदिशा संसदीय क्षेत्र में पदयात्रा 25 मई से, रोज 20-25 किमी चलेंगे केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान 25 मई से अपने विदिशा संसदीय क्षेत्र में ऐतिहासिक पदयात्रा प्रारंभ कर रहे हैं. यह पदयात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर और विकसित भारत के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने और केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ अधिकतम लोगों तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है. यह पदयात्रा निरंतर चलेगी और प्रारंभ में विदिशा संसदीय क्षेत्र की सभी विधानसभाओं में यात्रा निकलेगी. तत्पश्चात, देश के अन्य लोकसभा क्षेत्रों में भी शिवराज सिंह पदयात्रा निकालेंगे. शिवराज सिंह प्रतिदिन 20 से 25 किमी की यात्रा निकालेंगे. यात्रा के दौरान गांवों में विभिन्न वर्गों से संवाद कर योजनाओं की जानकारी देंगे, लाभ सुनिश्चित कराएंगे, उनकी समस्याओं का निराकरण के निर्देश देंगे. पदयात्रा के दौरान केंद्रीय मंत्री चौहान ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी देने के साथ ही लाभार्थियों से संवाद करेंगे और योजनाओं के प्रभाव का प्रत्यक्ष मूल्यांकन करेंगे. इस यात्रा के माध्यम से वे ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण, कृषि सुधार, रोजगार सृजन और सामाजिक कल्याण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को धरातल पर उतारेंगे. केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश आत्मनिर्भरता और समग्र विकास की ओर अग्रसर है. मेरी पदयात्रा का उद्देश्य है कि केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और हर गांव, हर किसान, हर महिला सशक्त बने. इसके लिए हम कोई कोर कसर नहीं छोड़ेंगे. केंद्र की योजनाओं का प्रचार-प्रसार पदयात्रा के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएम किसान सम्मान निधि, महिला सशक्तिकरण की योजनाएं, ग्रामीण सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता, डिजिटल इंडिया, और स्वरोजगार से जुड़े कार्यक्रमों की जानकारी आमजन तक पहुंचाई जाएगी. लाभार्थियों से करेंगे प्रत्यक्ष संवाद शिवराज सिंह चौहान लाभार्थियों से मिलकर योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी हकीकत जानेंगे और उनकी समस्याओं का समाधान करेंगे. इसमें स्थानीय भागीदारी भी रहेगी. साथ ही, कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्रालयों के अधिकारियों के अलावा पंचायत प्रतिनिधि, स्वयं सहायता समूह, किसान संगठन, महिला मंडल आदि को भी यात्रा में शामिल कर सबकी सहभागिता की जाएगी और योजनाओं के प्रभाव को व्यापक बनाया जाएगा. आगे की योजना अन्य क्षेत्रों की     विदिशा के बाद अन्य संसदीय क्षेत्रों में भी इसी तरह की पदयात्राएं आयोजित की जाएंगी, जिससे संपूर्ण क्षेत्र में विकास की नई गाथा लिखी जा सके.     यात्रा का होगा सामाजिक और आर्थिक प्रभाव     आत्मनिर्भर भारत मिशन को बल: कृषि, ग्रामीण उद्योग, महिला उद्यमिता, और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान.     गरीबीमुक्त गांव: केंद्र की योजनाओं के माध्यम से आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता और रोजगार के अवसरों का विस्तार.     महिला सशक्तिकरण: विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना.     युवाओं के लिए अवसर: स्वरोजगार और कौशल विकास कार्यक्रमों के जरिए युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना.   बहनों से मिलेंगे किसानों से करेंगे संवाद देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का लक्ष्य 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का है। इसी को लेकर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान अपने लोकसभा क्षेत्र के तहत आने वाले गांव लाडक़ुई से भैरूंदा तक दो दिवसीय पदयात्रा निकाल रहे हैं। विकसित भारत संकल्प यात्रा के दौरान यह उनकी पहली पदयात्रा होगी। इसके बाद वह देश के कई गांवो में जाकर यात्रा के माध्यम से किसानों, महिलाओं व युवाओं से सीधे जुड़ेगें। इस यात्रा का उद्देश्य पर्यावरण सरंक्षण, जल सरंक्षण, उन्नत, जैविक व प्राकृतिक खेती, नरवाई जलाने से होने वाले नुकसान, भूमिगत जलस्तर को बढ़ाने के प्रयास, वॉटर हार्वेस्टिंग को अपनाने, पॉलीथिन के उपयोग को कम करने, दुग्ध उत्पादन में वृद्धि और पानी के विवेकपूर्ण उपयोग जैसे महत्वपूर्ण मुद्दो को अमलीय जामा पहनाकर आम लोगों को जागरूक करना है। इस दौरान वह ग्रामीणों को चौपाल के माध्यम से विकसित भारत में अपने योगदान को लेकर संकल्प भी दिलाएंगे। चौपाल के माध्यम से योजनाओं की जानेंगे हकीकत, ग्रामीणों से लेंगे फीडबैक उनकी यात्रा 25 मई को शाम 4 बजे लाडक़ुई से शुरु होगी। यहां पर वह प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों, वन विभाग एवं आदिम जाति कल्याण विभाग योजना के संबंधित हितग्राहियों से संवाद करेंगे। इसके बाद वह पदयात्रा कर लाडक़ुई व भादाकुई के बीच पड़ने वाले खेतों में पहुंचकर किसानों से संवाद करेंगे और उन्हें जैविक खेती को बढ़ावा देने, कीटनाशक एवं रासायनिक खाद का उपयोग कम करने, नरवाई नहीं जलाने का संकल्प दिलाएंगे। साथ ही उद्यानिकी एवं वाणिज्यिक खेती पर भी चर्चा करेंगे। इसके बाद शाम 6 बजे भादाकुई पहुंचकर चौपाल में शामिल होंगे और महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम के तहत लाड़ली बहना व लखपति दीदी से संवाद … Read more