मोबाइल, रील की लत पारिवारिक रिश्तों पर पड़ रही है भारी, पत्नी रील बनाने में रहती है बिजी, तलाक के लिए कुटुंब न्यायालय में पहुंचे 2000 से अधिक मामले

भोपाल  इंटरनेट मीडिया पर रील्स बनाने का शौक अब नशा बनता जा रहा है। यह नशा लोगों के दांपत्य जीवन में जहर घोल रहा है। कई मामलों तो यह तलाक की भी प्रमुख वजह बन रहा है। भोपाल के कुटुंब न्यायालय में पिछले साढ़े 10 महीनों में जो केस आए हैं, उनमें से अधिकतर में पारिवारिक बिखराव की यह चिंताजनक तस्वीर सामने आ रही है। न्यायालय के आंकड़े बताते हैं कि एक जनवरी से 20 नवंबर तक विवाह विच्छेद के तीन हजार 349 मामले आए हैं। उनमें से दो हजार नौ मामलों में मोबाइल फोन, इंटरनेट मीडिया पर रील्स बनाने के नशे को तलाक का आधार बताया गया है। यह संख्या कुल मामलों का 60 प्रतिशत है। कुटुंब न्यायालय में इस तरह की शिकायतों के आधार पर तलाक का आवेदन देने वाले दंपती को समझाने की कोशिश हो रही है, लेकिन यह तरीका अधिकांश मामलों में काम नहीं कर रहा है। इस साल ऐसे मामलों में से केवल 938 मामले ऐसे आए, जिनमें पति-पत्नी के बीच समझौता कराया जा सका। इस तरह बढ़ रही है कलह केस – 1 शादी के दो साल बाद एक पत्नी ने तलाक का आवेदन दिया। आरोप था कि उसके पति बैंक में पदस्थ हैं, लेकिन उसे खर्च के लिए पैसा नहीं देते हैं। उसे रील भी नहीं बनाने देते हैं और कहीं घुमाने भी नहीं ले जाते हैं। काउंसलिंग में पति ने कहा कि उसकी पत्नी प्राइवेट कंपनी में एग्जीक्यूटिव के पद पर है। वह रील बनाती है। टोका तो इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म पर मुझे ही ब्लाक कर दिया। मामले की काउंसलिंग चल रही है। केस – 2 एक सरकारी अधिकारी पति ने शिकायत की है कि उसकी पत्नी रील के जूनून में इस कदर खो जाती है कि बच्चे की देखभाल नहीं करती। घर का हर काम प्रभावित हो रहा है। यहां तक कि मुझे भी हमेशा तैयार रहने के लिए कहती है, ताकि उसके साथ वीडियो बनाने में उसका साथ दे सकूं। इससे बच्चे का स्कूल में परफार्मेंस खराब हो रहा है। मामले में किसी तरह समझौता कराया गया। केस – 3 सॉफ्टवेयर कंपनी में कार्यरत पति ने तलाक मांगा। आरोप है कि पत्नी लगातार रील बनाने में व्यस्त रहती है। पूरा समय वीडियो शूट करने और इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट करने में ही बीत रहा है। उसके फालोअर्स भी बढ़ रहे हैं। हर रील में अलग दिखने के लिए वह रोज खरीदारी कर रही है। इस पर पत्नी का कहना है कि पति के पास बाहर घूमाने का समय नहीं है, वह केवल टाइम पास के लिए यह करती है। केस – 4 शादी के पांच साल बाद एक दंपती के बीच तलाक का मामला आया। पत्नी का कहना था कि पति घुमाने नहीं ले जाते हैं। कहते हैं कि टूरिंग जाब में हूं, बाहर भटक-भटककर थक गया हूं। वे खुद बाहर घूमते हैं और रील बनाते हैं। बीते दिनों जब उनके रील्स स्क्राल कर रही थी तो एक रील के बैकग्राउंड में पति अपनी सहकर्मी के साथ कुछ खाते और मस्ती करते नजर आए। उसे यह बर्दाश्त नहीं हुआ। मामले में काउंसलिंग जारी है। recent visitors 197

यूपी में अब तक 7.28 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान खरीद हो चुकी, योगी के निर्देश और 48 घंटे में भुगतान का असर

लखनऊ उत्तर प्रदेश में धान खरीद का पिछले साल का रिकॉर्ड टूट गया है। एजेंसियों द्वारा अब तक 7.28 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान खरीद हो चुकी है। इसे मुख्यमंत्री के निर्देशों और 48 घंटे में किसानों को भुगतान का असर माना जा रहा है। वर्ष 2023-24 में 25 नवंबर तक एजेंसियों द्वारा 5.79 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद हुई थी। पिछले साल से तुलना करें तो अब तक 1.49 लाख मीट्रिक टन अधिक धान की खरीद हो चुकी है। किसानों को 1464 करोड़ रुपये का भुगतान भी किया जा चुका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जनपदों के साथ खाद्य-रसद विभाग के आलाधिकारी क्रय केंद्रों का नियमित निरीक्षण कर रहे हैं। किसानों को 48 घंटे के भीतर भुगतान भी किया जा रहा है। इस वर्ष किसानों को अब तक 1464 करोड़ रुपये का भुगतान भी किया जा चुका है। माना जा रहा है कि इसी का असर है कि खरीद का रिकॉर्ड टूटा है। अब तक 1.49 लाख मीट्रिक टन अधिक धान की हो चुकी खरीद योगी सरकार के निर्देशन में धान खरीद तेजी से हो रही है। एजेंसियों द्वारा पिछले वर्ष 2023-24 तक 25 नवंबर की अवधि तक 5.79 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद हुई थी, जो इस वर्ष 1.49 लाख मीट्रिक टन बढ़कर 7.28 लाख मीट्रिक टन अधिक हो चुकी है। इस वर्ष अब तक 105439 किसानों से खरीद हो चुकी है। पश्चिमी यूपी में धान खरीद 31 जनवरी व पूर्वी उप्र में 28 फरवरी तक होगी। सहायता के लिए 18001800150 पर संपर्क करें किसान किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए टोल फ्री नंबर 18001800150 जारी किया गया है। किसान इस पर संपर्क करके सहायता प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा वे जनपदों के खाद्य विपणन अधिकारी, तहसील के क्षेत्रीय विपणन अधिकारी व ब्लॉक के विपणन निरीक्षक से भी संपर्क कर समस्या व शिकायत कर सकते हैं। recent visitors 97

भारतीयों को त्वरित न्याय मिले, इसके लिए नई न्याय संहिता लागू की गई है: पीएम मोदी

नई दिल्ली 75वें संविधान दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुप्रीम कोर्ट के एक कार्यक्रम में पहुंचे. इस दौरान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीयों को त्वरित न्याय मिले, इसके लिए नई न्याय संहिता लागू की गई है. दंड आधारित व्यवस्था अब न्याय आधारित व्यवस्था में बदल चुकी है. इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि जम्मू-कश्मीर में पहली बार संविधान दिवस मनाया गया. पीएम मोदी ने कहा, "हमारा संविधान देश की हर अपेक्षा और जरूरत पर खरा उतरा है. संविधान की ताकत के कारण ही आज बाबा साहब का संविधान जम्मू-कश्मीर में पूरी तरह लागू हो पाया है. पहली बार जम्मू-कश्मीर में संविधान दिवस मनाया गया. आज भारत परिवर्तन के एक बड़े दौर से गुजर रहा है और भारत का संविधान हमें रास्ता दिखा रहा है. यह हमारे लिए एक मार्गदर्शक बन गया है." संविधान निर्माताओं की तारीफ कर क्या बोले पीएम मोदी सुप्रीम कोर्ट के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने कहा, "हमारे संविधान निर्माता ये जानते थे कि भारत की आकांक्षाएं, भारत के सपने समय के साथ नई ऊंचाई पर पहुंचेंगे. वो जानते थे कि आजाद भारत की और भारत के नागरिकों की जरूरतें बदलेंगी, चुनौतियां बदलेंगी. इसलिए उन्होंने हमारे संविधान को महज कानून की एक किताब बनाकर नहीं छोड़ा. बल्कि इसको एक जीवंत, निरंतर प्रवाहमान धारा बनाया." 26/11 हमले को भी किया याद 26 नवंबर को मुंबई में हुए आतंकी हमले को याद करते हुए पीएम मोदी ने कहा, "लोकतंत्र के इस महत्वपूर्ण पर्व का जब हम स्मरण कर रहे हैं, तब ये भी नहीं भूल सकते कि आज के ही दिन मुंबई में हुए आतंकी हमले की भी बरसी है. इस हमले में जिन व्यक्तियों का निधन हुआ, उन्हें मैं श्रद्धांजलि देता हूं. मैं देश का यह संकल्प भी दोहराता हूं कि भारत की सुरक्षा को चुनौती देने वाले हर आतंकी संगठन को मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा." recent visitors 74

आयकर विभाग की पैन 2.0 परियोजना को मंजूरी मिली, परियोजना के लिए 1,435 करोड़ रुपये का खर्च तय किया गया

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीईए) ने आयकर विभाग की पैन 2.0 परियोजना को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना के लिए 1,435 करोड़ रुपये का खर्च तय किया गया है। पैन 2.0 परियोजना का उद्देश्य टैक्सपेयर रजिस्ट्रेशन सर्विस में टेक्नोलॉजी बेस्ड बदलाव लाना है और इसके कई महत्वपूर्ण लाभ हैं। परियोजना के साथ बेहतर गुणवत्ता के साथ आसान पहुंच और सर्विस की तेज डिलिवरी सुनिश्चित होगी। इसके अलावा, यह डेटा और सत्यापन का सिंगल सोर्स होगा। यह परियोजना पैन कार्ड के इको-फ्रेंडली प्रॉसेस और कॉस्ट ऑप्टिमाइजेशन के साथ सिक्योरिटी को लेकर महत्वपूर्ण है। कैबिनेट विज्ञप्ति के अनुसार, "यह टैक्सपेयर रजिस्ट्रेशन सर्विस के बिजनेस प्रॉसेस को दोबारा से तैयार करने के लिए एक ई-गवर्नेंस प्रोजेक्ट है, जो कि पैन और टैन सर्विस के टेक्नोलॉजी-ड्रिवन ट्रांसफॉर्मेशन से जुड़ा है। इसका उद्देश्य टैक्सपेयर के डिजिटल एक्सपीरियंस को बेहतर बनाना है। यह मौजूदा पैन/टैन 1.0 इकोसिस्टम का अपग्रेड होगा, जो कि मुख्य और गैर-मुख्य पैन/टैन एक्टिविटीज के साथ-साथ पैन वेरिफिकेशन सर्विस से जुड़ा होगा।" सीसीईए ने आगे कहा कि पैन 2.0 परियोजना सरकारी एजेंसियों के सभी डिजिटल सिस्टम के लिए एक सामान्य पहचानकर्ता के रूप में पैन के इस्तेमाल को आसान बनाना है, जो कि सरकार के डिजिटल इंडिया विजन को लेकर महत्वपूर्ण है। इस बीच, आयकर विभाग को चालू वित्त वर्ष के लिए केंद्रीय बजट में निर्धारित 22.07 लाख करोड़ रुपये के प्रत्यक्ष कर संग्रह लक्ष्य को पार करने की उम्मीद है। सीबीडीटी के लेटेस्ट आंकड़ों के अनुसार, "चालू वित्त वर्ष के दौरान 1 अप्रैल से 10 नवंबर तक भारत का शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह, जिसमें कॉरपोरेट कर और व्यक्तिगत आयकर शामिल हैं, 15.4 प्रतिशत बढ़कर 12.1 लाख करोड़ रुपये हो गया।" चालू वित्त वर्ष के दौरान सरकार ने 22.07 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है, जिसमें 10.20 लाख करोड़ रुपये कॉरपोरेट कर से और 11.87 लाख करोड़ रुपये व्यक्तिगत आयकर, गैर-कॉरपोरेट कर और अन्य करों से जुटाए जाएंगे। recent visitors 61

संविधान के 75 वर्ष पूर्ण होने पर भोपाल में निकली संविधान दिवस पदयात्रा

भोपाल खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि हमारे देश का संविधान ही धर्मग्रन्थ है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का साधुवाद करते हुए कहा कि सम्पूर्ण देश में आज संविधान दिवस पर पद यात्रा का आयोजन कर हम सबको प्रेरणा दी है कि लोकतंत्र में आज हम आजाद हिन्दुस्तानी के नाते जी रहे है। मंत्री श्री सारंग शौर्य स्मारक में संविधान दिवस पद यात्रा के शुभारंभ अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। शक्तिशाली हिन्दुस्तान बनाने का संकल्प मंत्री श्री सारंग ने कहा कि वर्षों की गुलामी के बाद हजारों क्रांतिकारियों की कुर्बानी के बाद से हमें आजादी मिली है। आजादी के बाद किस व्यवस्था के तहत कार्य होगा। हमारा संविधान, नियम, कायदें क्या होंगे इसको लेकर गहन चिंतन हुआ और बाबा साहेब के नेतृत्व में संविधान सभा में संविधान बनाया गया। मंत्री श्री सारंग ने बाबा साहेब के प्रति कृतज्ञता और नमन करते हुए कहा कि उन्होंने सबसे बड़े लोकतंत्र का संविधान बनाया। आज के ही दिन वर्ष 1949 में यह संविधान बनकर तैयार हुआ और 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ। आज हम सब संविधान भावनाओं को संकल्प के रूम में ग्रहण करके आजाद हिन्दुस्तान को शक्तिशाली हिन्दुस्तान बनाने के संकल्प के साथ पद यात्रा में शामिल हो रहे है। यह शौर्य स्मारक शूरवीर की शाहदत का प्रतीक है। बाबा साहेब के विचारों को करें आत्मसात मंत्री श्री सारंग ने बाबा साहेब के विचारों को आत्मसात करने को कहा। उन्होंने क्रांतिकारियों को नमन किया, जिन्होंने देश की आजादी के लिये अपना सर्वस्व निछावर किया। मंत्री श्री सारंग ने युवाओं का आहवान किया कि भारत माता के लिये पूरी सिद्दत के साथ उन्हीं के लिये जीएंगे और जरूरत पड़ने पर तैयार रहेंगे। यह हिन्दुस्तान एक बार फिर विश्वगुरू के रूप में स्थापित हो। यहीं हमारा कर्त्तव्य ओर संकल्प है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का संदेश कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का रिकार्डेड संदेश भी सुनवाया गया। साथ ही संविधान की प्रस्तावना का वाचन और राष्ट्रगान भी हुआ। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, विधायक श्री रामेश्वर शर्मा और भगवानदास सबनानी भी कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरूआत में अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर, भारत माता एवं सरदार वल्लभ भाई पटेल के चित्र पर पुष्पाजंलि अर्पित की। संविधान की प्रतिकृति को नमन कर संविधान दिवस पदयात्रा की शुरूआत की गई। संविधान दिवस पदयात्रा शौर्य स्मारक से आरंभ होकर बोर्ड ऑफिस चौराहे पर अंबेडकर जी की प्रतिमा की परिक्रमा और नमन के साथ माल्यार्पण कर पुन: शौर्य स्मारक पर आगमन के साथ समाप्त हुई। यह रहे आकर्षण का केन्द्र देश के संविधान की प्रतिकृति वाहन में पद यात्रा के दौरान साथ रहीं। पुलिस बैंड की धुन पर पदयात्रा अग्रसर होती रही। पारम्परिक वेशभूषा में संस्कृति की झलक दिखलाते हुए स्कूली बच्चें भी पद यात्रा में शामिल हुए। इस भव्य आयोजन में खिलाड़ी कपिल परमार, ऐश्वर्य प्रताप सिंह, आर्शी चौकसे, साक्षी भारद्वाज, पर्वतारोही भगवान सिंह, ज्योति रात्रे भी शामिल हुई। पदयात्रा शुरू होने के दौरान पदयात्रा रोककर एम्बुलेंस को प्राथमिकता देकर निकलवाया गया। पद यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर पुष्पवर्षा की गई। पद यात्रा वन्दे मातरम्, हमारा संविधान-हमारी शान, भारत माता के जयकारों के साथ पूर्ण अनुशासन में निकाली गई। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव खेल एवं युवा कल्याण श्री मनु श्रीवास्तव, खेल संचालक श्री रवि कुमार गुप्ता, संयुक्त संचालक श्री बीएल यादव, ओलम्पिक खिलाड़ी सहित पुरस्कार प्राप्त खिलाड़ी और 15 हजार से अधिक युवा शामिल हुए। खेल और युवा कल्याण विभाग के तत्वावधान में यह पदयात्रा विभिन्न विभागों के सहयोग से की निकाली गई। इसमें खेल, स्कूल, उच्च, तनकीनी शिक्षा, आदिम जाति कल्याण विभाग राष्ट्रीय सेवा योजना और नेहरू युवा केंद्र जैसे संगठनों ने भी भागीदारी की। अंत में संयुक्त संचालक खेल श्री बीएल यादव ने आभार माना।   recent visitors 60

साय कैबिनेट की बैठक में लिए गए कई फैसले, हाउसिंग बोर्ड के फ्री-होल्ड किए गए आवासीय भूखंडों पर नहीं लगेगा शुल्क

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में कैबिनेट की बैठक हुई, जिसमें अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए. मंत्रिपरिषद की उप समिति द्वारा अनुशंसित 54 राजनीतिक आंदोलनों से संबंधित प्रकरणों को न्यायालय से वापस लेने के लिए आगामी कार्यवाही करने का फैसला लिया गया. छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल द्वारा फ्री-होल्ड किए गए आवासीय भूखण्डों के लिए व्यपवर्तन शुल्क एवं अर्थदण्ड से छूट प्रदान करने का भी निर्णय लिया गया. मंत्रिपरिषद ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को वितरण के लिए नागरिक आपूर्ति निगम को आवश्यक चना उपार्जन NeML ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म के माध्यम से किए जाने की अनुमति दी है. खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में राज्य में मक्का फसल तथा प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान अंतर्गत दलहन-तिलहन और रबी विपणन मौसम 2025-26 में चना, मसूर एवं सरसों के उपार्जन के लिए नेफेड एवं एनसीसीएफ को प्रोक्योरमेंट एजेंसी नियुक्त करने का निर्णय लिया गया. छत्तीसगढ़ के किसानों को नवीन उन्नत किस्म के बीजों की उपलब्धता उचित मूल्य पर सुनिश्चित करने के लिए मंत्रिपरिषद ने आज महत्वपूर्ण फैसला लिया. इसके तहत भारत सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं में इम्पैनल्ड सेंट्रल नोडल सीड एजेंसी से आवश्यकतानुसार सीधे बीज क्रय किया जा सकेगा. इसके लिए छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम को छत्तीसगढ़ राज्य भंडार क्रय नियम 2002 के नियम 4 में छूट देने का निर्णय लिया गया. मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ राज्य जल विद्युत परियोजना (पम्प स्टोरेज आधारित) स्थापना नीति 2023 में परियोजना विकासकर्ता को वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ करने की तिथि से प्रथम पांच वर्षाें के लिए प्रति वर्ष 01 लाख रूपए प्रति मेगावाट की दर से लिए जाने वाले हरित ऊर्जा विकास शुल्क को समाप्त करने का निर्णय लिया. हरित ऊर्जा शुल्क में प्रत्येक पांच साल के बाद 25 प्रतिशत की वृद्धि का भी प्रावधान था, इसे भी समाप्त कर दिया गया है. इससे राज्य में जल विद्युत परियोजनाओं एवं ग्रीन एनर्जी के उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा. मंत्रिपरिषद ने कक्षा 5वीं एवं 8वीं की परीक्षाओं को केन्द्रीकृत किये जाने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग को अधिकृत किया है. मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ राज्य में हाउसिंग एण्ड अर्बन डेवलपमेंट कार्पाेरेशन लिमिटेड (हुडको) से आवास, नगरीय विकास एवं अन्य क्षेत्रों में सहायता प्राप्त करने समझौता ज्ञापन (MoU) के प्रारूप का अनुमोदन किया. गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ राज्य को हुडको द्वारा आगामी 5 वर्षों में एक लाख करोड़ रुपए तक की वित्तीय सहायता, परामर्श, क्षमता विकास सेवाएं प्रदान करने का प्रस्ताव दिया गया है. कैबिनेट बैठक में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल अब तक तथा भविष्य में प्राप्त होने वाली भूमि को आवासीय प्रयोजन में व्यपवर्तित करने पर राज्य शासन द्वारा लागू व्यपवर्तन शुल्क प्रीमियम, अर्थदण्ड एवं भू-राजस्व के पुनः निर्धारण से छूट प्रदान करने का निर्णय लिया गया. इससे हाउसिंग बोर्ड के मकान क्रेताओं को लाभ होगा. मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल द्वारा फ्री-होल्ड किए गए आवासीय भूखण्डों के लिए व्यपवर्तन शुल्क एवं अर्थदण्ड से छूट प्रदान करने का निर्णय लिया है.   recent visitors 66

मोदी सरकार ने दी सौगात, MP रेल इन्फ्रास्ट्रक्चर को मिलेगी मजबूती, तीसरी और चौथी रेल लाइन को मंजूरी मिली

नई दिल्ली  नरेंद्र मोदी सरकार ने रेलवे के 3 प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दे दी. इन प्रोजेक्ट्स की अनुमानित लागत 7927 करोड़ रुपये है. यह परियोजनाएं महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के लिए मंजूर की गई हैं. यह 3 प्रोजेक्ट्स रेल मंत्रालय के अंतर्गत आएंगे और इनसे रेलवे के मौजूदा नेटवर्क में 639 किलोमीटर का इजाफा होने की उम्मीद है. जिन 3 प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी दिखाई गई है वह इस प्रकार हैं- जलगांव-मनमाड चौथी लाइन, बुसावल-खंडवा तीसरी और चौथी लाइन, प्रयागराज-माणिकपुर तीसरी लाइन. इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य कनेक्टिविटी को बेहतर और यात्रा को सुगम बनाने के साथ-साथ लॉजिस्टिक कॉस्ट को घटाना है. श्रद्धालुओं के लिए तोहफा केंद्र सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है, “इन प्रस्तावित प्रोजेक्ट्स के तहत मुंबई-प्रयागराज-वाराणसी रूट पर अतिरिक्त ट्रेनों को चलाकर कनेक्टिविटी को बढ़ाया जाएगा. इससे नासिक में ज्योतिर्लिंग, खंडवा में ओमकारेश्वर और वाराणसी में काशी विश्वनाथ जाने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा होगी. इसके अलावा प्रयागराज, चित्रकूट, गया और शिरडी जाने वाले तीर्थ यात्रियों का सफर भी सुगम होगा.” सरकार का मानना है कि यह प्रोजेक्ट्स खजुराहो, अजंता एलोरा की गुफाएं, देवगिरी फोर्ट, असिरगढ़ फोर्ट, रेवा फोर्ट, यवल वाइल्डलाइफ सेंक्चुरी, क्योटी और पूर्वा फॉल्स जैसे टूरिस्ट अट्रेक्शन पर भी पर्यटन को बढ़ावा देंगे. व्यापार को बढ़ावा इन रूट्स पर कृषि उत्पाद, फर्टिलाइजर, कोयला, स्टील, सीमेंट और कंटेनर्स को एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेजा जाएगा. सरकार ने कहा है कि यात्रा व ट्रांसपोर्ट के लिए रेलवे एक एनवायरमेंट फ्रेंडली साधन है जिससे लॉजिस्टिक कॉस्ट तो घटेगी ही पर्यावरण लक्ष्यों को पाने में मदद मिलेगी. कृषि प्रोजेक्ट को भी मंजूरी इस बीच, सरकार ने अगले दो वर्षों में ₹2,481 करोड़ के खर्च के साथ 7.5 लाख हेक्टेयर भूमि पर एक करोड़ किसानों के बीच प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए एक राष्ट्रीय मिशन की घोषणा की है. ये परियोजनाएं हैं जलगांव-मनमाड चौथी लाइन (160 किमी) भुसावल-खंडवा तीसरी और चौथी लाइन (131 किमी) प्रयागराज (इरादतगंज)-मानिकपुर तीसरी लाइन (84 किमी) प्रस्तावित मल्टी-ट्रैक परियोजनाओं से परिचालन आसान होगा और भीड़भाड़ कम होगी, जिससे मुंबई और प्रयागराज के बीच सबसे व्यस्ततम खंडों पर आवश्यक अवसंरचना का विकास होगा. तीर्थयात्रियों को मिलेगा लाभ प्रस्तावित परियोजनाएं अतिरिक्त यात्री ट्रेनों के संचालन को सक्षम करके मुंबई-प्रयागराज-वाराणसी मार्ग पर परिवहन सुविधा बढ़ाएंगी, जिससे नासिक (त्र्यंबकेश्वर), खंडवा (ओंकारेश्वर) और वाराणसी (काशी विश्वनाथ) स्थित ज्योतिर्लिंगों के साथ-साथ प्रयागराज, चित्रकूट, गया और शिरडी जैसे धार्मिक स्थलों की यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों को लाभ होगा. पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा इसके अतिरिक्त, परियोजनाएं खजुराहो यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल, अजंता और एलोरा गुफाएं यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल, देवगिरी किला, असीरगढ़ किला, रीवा किला, यावल वन्यजीव अभयारण्य, केओटी जलप्रपात और पुरवा जलप्रपात जैसे विभिन्न आकर्षणों तक बेहतर पहुंच के माध्यम से पर्यटन को बढ़ावा देंगी. हो सकेगी अतिरिक्त माल ढुलाई ये कृषि उत्पादों, उर्वरक, कोयला, इस्पात, सीमेंट, कंटेनर जैसी वस्तुओं के परिवहन के लिए आवश्यक मार्ग हैं. क्षमता वृद्धि कार्यों के परिणामस्वरूप 51 एमटीपीए (मिलियन टन प्रति वर्ष) की अतिरिक्त माल ढुलाई होगी. रेलवे पर्यावरण-अनुकूल और ऊर्जा-कुशल परिवहन का साधन है, जिससे जलवायु लक्ष्यों को प्राप्त करने, देश की लॉजिस्टिक्स लागत को कम करने, तथा कार्बन डाईऑक्साइड उत्सर्जन (271 करोड़ किलोग्राम) को कम करने में मदद मिलेगी, जो 11 करोड़ पेड़ लगाने से पर्यावरण को होने वाले लाभ के बराबर है. recent visitors 85