मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवकरणीय ऊर्जा, कृषि व्यवसाय, अधोसंरचना, स्वास्थ्य सेवा में साझेदारी के अवसरों के विस्तार से अवगत कराया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लंदन में निवेशकों और उद्योग जगत के अग्रणी लीडर्स के साथ वन-ऑन-वन मीटिंग्स कर प्रदेश में निवेश की व्यापक संभावनाओं पर चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवकरणीय ऊर्जा, कृषि व्यवसाय, अधोसंरचना, स्वास्थ्य सेवा और आईटी जैसे विभिन्न क्षेत्रों में साझेदारी के अवसरों के संबंध में विस्तार से अवगत कराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों को राज्य की व्यापार अनुकूल नीतियों और प्रोत्साहनों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में उद्योग और नवाचार के लिए उपयुक्त वातावरण प्रदान करने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने राज्य की औद्योगिक क्षमता और इसके माध्यम से सतत विकास एवं नवाचार को बढ़ावा देने की अपनी दूरदर्शी सोच साझा की, जिसकी निवेशकों ने सराहना की। मुख्यमंत्री. डॉ. यादव ने कहा “मध्यप्रदेश, निवेशकों के लिए न केवल अवसरों का केंद्र है, बल्कि एक ऐसा साझेदार है, जो उनके व्यवसाय को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में मदद करेगा।” उन्होंने प्रदेश में उद्योगों को सुगमता से स्थापित करने और संचालन के लिए सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही अधोसंरचना, कुशल कार्यबल और अन्य संसाधनों पर विशेष जोर दिया।   recent visitors 55

नकल रोकने सीसीटीवी कैमरा और इंटरनेट जैसी सुविधाएं जरुरी : शिक्षा विभाग

भोपाल माध्यमिक शिक्षा मंडल 10वीं 12वीं की परीक्षाएं फरवरी माह में शुरू होने जा रही है इससे पहले शिक्षा विभाग स्कूलों में नकल रोकने के पुख्ता इंतजाम कर रहा है। प्रदेश भर में करीब 4000 से ज्यादा परीक्षा केंद्र बनाए जा रहे हैं। खास बात यह है कि शिक्षा विभाग ने इस बार अधिकारियों को साफ निर्देश दिया है कि सभी सुविधाएं होने पर ही परीक्षा केंद्र बनाया जाए। इसकी जिम्मेदारी जिला पंचायत सीईओ को दी गई है। इन सुविधाओं में मुख्य रूप से फर्नीचर, पेयजल, शौचालय, बिजली, इंटरनेट, सीसीटीवी कैमरों की सुविधा होना अनिवार्य बताया गया है। 25 फरवरी से शुरू होंगी एमपी बोर्ड की परीक्षाएं   गौरतलब है कि 10वीं व 12वीं की परीक्षाएं आगामी 25 फरवरी से शुरू हो जाएंगी। इन परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए बोर्ड ने प्रत्येक केंद्र पर अधिकतम 250 परीक्षार्थियों को ही शामिल करने के निर्देश दिये हैं। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को केंद्र तय करने की जिम्मेदारी दी गई है। वे जिला शिक्षा अधिकारी और अनुविभागीय अधिकारी राजस्व के साथ प्रस्तावित केंद्रों में खुद जाकर सुविधाएं देखेंगे। उनके अनुमोदन के साथ यह प्रस्ताव माध्यमिक शिक्षा मंडल को भेजा जाएगा। यहां से मंजूरी मिलने के बाद ही परीक्षा केंद्रों पर मुहर लगेगी। शिकायत के बाद बदली व्यवस्था शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कई बार मंडल में शिकायत मिली है कि केंद्रों पर परीक्षार्थियों की संख्या अधिक होने के कारण परेशानी होती है। वे एक साथ बैठ जाते हैं और नकल होने लगती है। बेंच व डेस्क पर जगह नहीं होने के कारण विद्यार्थियों को नीचे बैठाया जाता था, जिससे समुचित निगरानी करना संभव नहीं हो पाती। इस कारण इस बार निजी स्कूलों में अधिक केंद्र बनाए जाएंगे। मंडल खुद करेगा उड़न दस्तों की निगरानी माध्यमिक शिक्षा मंडल इस बार बोर्ड परीक्षा में नकल रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं। बोर्ड एप के जरिए सीधे परीक्षा केदो और उड़ान दसों पर निगरानी करेगा। दअरसल अभी तक अलग-अलग स्तर पर उड़नदस्ते बनाए जाते थे। इनमें ब्लॉक लेवल, जिला स्तर पर डीईओ, संयुक्त संचालक सहित स्कूल शिक्षा के अन्य अधिकारी भी उड़नदस्ते में शामिल होते हैं। इनमें से सभी पर निगरानी मंडल लेवल पर नहीं हो पाती थी।   recent visitors 54

वन्यजीव हमलों में होने वाली मौतों के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने मुआवजा राशि बढ़ाकर 25 लाख रुपये हुई

भोपाल वन्यजीव हमलों में होने वाली मौतों के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने मुआवजा राशि बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दी है। पहले यह राशि सिर्फ 8 लाख रुपये थी। नई व्यवस्था में पीड़ित परिवार को तुरंत 10 लाख रुपये मिलेंगे और बाकी 15 लाख रुपये की FD बनाई जाएगी। यह कदम मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं के मद्देनजर उठाया गया है। मध्य प्रदेश का मुआवजा अब महाराष्ट्र के बराबर हो गया है। दो किश्तों में जाएगी राशि यह महत्वपूर्ण बदलाव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की घोषणा के बाद आया है। वन विभाग इस संबंध में एक प्रस्ताव तैयार कर रहा है, जिसे जल्द ही कैबिनेट में पेश किया जाएगा। इससे पहले, वन्यजीव हमले में मौत पर मिलने वाला मुआवजा महाराष्ट्र के मुकाबले काफी कम था। अब बढ़ी हुई राशि से पीड़ित परिवारों को कुछ आर्थिक राहत मिल सकेगी। यह राशि दो किस्तों में दी जाएगी। पहली किस्त 10 लाख रुपये की तत्काल दी जाएगी। बाकी 15 लाख रुपये की FD की जाएगी। इस FD में से 10 लाख रुपये 5 साल बाद और 5 लाख रुपये 10 साल बाद मिलेंगे। यह राशि मृतक के वारिसों को ब्याज समेत मिलेगी। हर साल आते हैं 40 मामले वर्तमान में, वन विभाग के पास हर साल वन्यजीव हमलों में मौत के लगभग 40 मामले आते हैं। इसके लिए करीब 3 करोड़ रुपये का बजट रखा जाता है। नया प्रस्ताव कैबिनेट में पेश होने के बाद इस बजट में भी इजाफा होने की उम्मीद है। महाराष्ट्र में भी इसी तरह की व्यवस्था है, जहां वन्यजीव हमले में मौत पर 25 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाता है। मध्य प्रदेश में अभी तक मौत पर 8 लाख, इलाज पर खर्च की गई राशि और स्थायी अपंगता पर 2 लाख रुपये दिए जाते थे। वहीं, छत्तीसगढ़ में 6 लाख, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और गुजरात में 5-5 लाख रुपये मुआवजा दिया जाता है। हैरान करने वाले हैं आंकड़े मध्य प्रदेश में बाघ, तेंदुए जैसे मांसाहारी जानवरों का रिहायशी इलाकों में आना बढ़ रहा है। इससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं भी बढ़ रही हैं। पिछले पांच सालों में वन्यजीव हमलों में 292 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। वर्ष 2023-24 में अक्टूबर तक वन्यजीव हमलों में मौत, घायल होने और पशुओं के नुकसान के मामलों में 15 करोड़ 3 लाख रुपये का मुआवजा दिया जा चुका है। यह आंकड़ा इस समस्या की गंभीरता को दर्शाता है। एमपी से सटे प्रदेशों में भी अलग है राशि मध्य प्रदेश से सटे राज्यों में मुआवजा राशि अलग-अलग है। छत्तीसगढ़ में जनहानि पर 6 लाख रुपये मिलते हैं, लेकिन स्थायी अपंगता पर कोई मुआवजा नहीं है। उत्तर प्रदेश में जनहानि पर 5 लाख और स्थायी अपंगता पर 4 लाख रुपये मिलते हैं। राजस्थान में जनहानि पर 5 लाख और स्थायी अपंगता पर 3 लाख रुपये मिलते हैं। गुजरात में जनहानि पर 5 लाख और स्थायी अपंगता पर 2 लाख रुपये मिलते हैं। महाराष्ट्र में जनहानि पर 25 लाख और स्थायी अपंगता पर 7.5 लाख रुपये मिलते हैं। recent visitors 52

धीरेंद्र शास्त्री ने बांग्लादेश के हिंदुओं से कहा यदि वे चुप रहेंगे, तो कोई उनकी मदद नहीं कर सकेगा,सड़कों पर उतरें और एकजुट होकर अपनी आवाज उठाएं

छतरपुर बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की हिंदू एकता यात्रा का बुधवार को 7 वा  दिन है। यह यात्रा आज झांसी के मऊरानीपुर से घुघसी गांव तक पहुंचे । पदयात्रा में शामिल लोगों में उत्साह बना हुआ है। इस दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने विभिन्न मुद्दों पर अपनी राय रखी। जिनमें संभल हिंसा, बांग्लादेश में हिंदुओं के हालात और मुस्लिम आबादी का मुद्दा शामिल है। धीरेंद्र शास्त्री ने बांग्लादेश का जिक्र करते हुए कहा कि भारत के हिंदुओं को सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा, "हम अपने लिए नहीं लड़ रहे। बल्कि तुम्हारे भविष्य के लिए संघर्ष कर रहे हैं। अगर तुम नहीं जागोगे। तो तुम्हारे मंदिर एक-एक कर मस्जिदों में बदल दिए जाएंगे।" बांग्लादेश में हाल के दिनों में हिंदुओं के खिलाफ बढ़ते अत्याचार की खबरें सामने आई हैं। इस बीच, चटगांव इस्कॉन पुंडरीक धाम के अध्यक्ष चिन्मय कृष्णन दास, जिन्हें चिन्मय प्रभु के नाम से जाना जाता है, को ढाका पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। चिन्मय प्रभु ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठाई थी। शुक्रवार को उन्होंने रंगपुर में एक विरोध रैली को संबोधित किया था। पुलिस ने आरोप लगाया कि उनकी रैली में देश के राष्ट्रीय ध्वज का अपमान किया गया। इस मामले पर धीरेंद्र शास्त्री ने बांग्लादेश के हिंदुओं से अपील करते हुए कहा कि यदि वे चुप रहेंगे, तो कोई उनकी मदद नहीं कर सकेगा। उन्होंने कहा, "बांग्लादेश के हिंदू सड़कों पर उतरें और एकजुट होकर अपनी आवाज उठाएं। अपनी संस्कृति और अपने रक्षकों की रक्षा करें। यदि वे ऐसा नहीं करेंगे, तो उनके मंदिर खत्म हो जाएंगे, और उनकी बहन-बेटियां या तो मारी जाएंगी या जबरन धर्म परिवर्तन कराया जाएगा। भारत के हिंदुओं को भी इस बात को समझना होगा कि यह लड़ाई सबके भविष्य के लिए है।"   recent visitors 106

प्रयागराज महाकुंभ में 13 जनवरी 2025 को प्रथम मुख्य स्नान पर्व के लिए तैयारी

 प्रयागराज प्रयागराज में महाकुंभ 2025 को भव्य दिव्य नव्य बनाने की तैयारी युद्ध स्तर पर शुरू है। 13 जनवरी 2025 प्रथम मुख्य स्नान पर्व की तिथि 10 दिन पहले ही यह संपूर्ण कार्य पूरा करने की कोशिश जारी है। इसके लिए 24 घंटे दिन रात कार्य हो रहा है। लेबर टेक्नीशियन राजगीर कारीगर आदि स्विफ्ट वाइज काम कर रहे हैं। संगम और किला के मध्य स्थित बड़े हनुमान जी मंदिर के कॉरिडोर का निर्माण कार्य भी प्रयागराज विकास प्राधिकरण द्वारा लगातार किया जा रहा है। बड़े हनुमान मंदिर कॉरिडोर को जोधपुर पिंक स्टोन से सजाया संवारा जा रहा है। बता दें कि बड़े हनुमान मंदिर कॉरिडोर निर्माण के लिए 11,589 स्क्वायर मीटर जमीन को चिह्नित किया गया है। इसमें 535 स्क्वायर मीटर में बड़े हनुमान मंदिर का भव्य गर्भगृह और परिक्रमा पथ बन रहा हैं। वहीं कॉरिडोर एरिया के लिए 2184 स्क्वायर मीटर भूमि निर्धारित है। लगभग 40 करोड़ रुपये की लागत से कॉरिडोर का निर्माण कराया जाना था। पैदल परिक्रमा पथ बनेगा हालांकि कम समय की वजह से कुछ कार्यों को आगे बढ़ाया गया है। कॉरिडोर एरिया में पाथवे के अलावा पूजा-प्रसाद, फूलमाला की दुकानें और श्रद्धालुओं के लिए 6,176 स्क्वायर मीटर का खुला क्षेत्र डिवेलप किया जा रहा है। कॉरिडोर रोड के लिए 1,310 स्क्वायर मीटर और पैदल परिक्रमा पथ के लिए 760 स्क्वायर मीटर भूमि प्रस्तावित है। बजरंगबली से जुड़ी आकृतियां कॉरिडोर की दीवारों पर बजरंगबली के जीवन से जुड़ी आकृतियों को उकेरा जाएगा। कॉरिडोर में प्रसाद तैयार करने के लिए आधुनिक किचन का निर्माण होगा। श्रद्धालुओं के लिए पूजा-अर्चना के लिए स्थान और मेडिटेशन सेंटर भी होगा। गर्भगृह में श्रद्धालुओं के आने और जाने के स्थान को भी चौड़ा किया जाएगा। इसके अलावा मंदिर में क्लाक रूम, आरओ वॉटर की सुविधा भी मिलेगी। recent visitors 72

मोदी सरकार ने मध्य प्रदेश में कमजोर जनजातीय समूह परिवारों के लिए 30,000 से अधिक घरों को मंजूरी दी

भोपाल केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश में कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) परिवारों के लिए 30,000 से अधिक घरों को मंजूरी दी है। केंद्र ने 'प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान' (पीएम-जनमन) के तहत इन परिवारों को सौगात दी है। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने  ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के हवाले से कहा- नरेन्द्र मोदी सरकार का ध्यान समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचने पर है। केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश में विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) परिवारों के लिए 30,000 से अधिक घरों को मंजूरी दी है। उन्होंने कहा कि पीएम-जनमन योजना के तहत लक्ष्य (4.9 लाख घर) मार्च 2026 तक हासिल किया जाना है। केंद्र ने पीएम-जनमन के अंतर्गत आंध्र प्रदेश राज्‍य में 297.18 कि.मी लंबाई की 76 सड़कों की स्‍वीकृति भी प्रदान की है। इन 76 सड़कों की अनुमानित लागत 275.07 करोड़ रुपये है, जिसमें से केंद्रीय अंश 163.39 करोड़ रुपये एवं राज्य अंश 111.68 करोड़ रुपये है। प्रधानमंत्री मोदी ने नवंबर 2023 में पीएम-जनमन पहल की शुरुआत की थी। इस पहल का उद्देश्य कमजोर जनजातीय परिवारों को आवश्यक सुविधाएं प्रदान करना है, जिसमें सुरक्षित आवास, स्वच्छ पेयजल, स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण के साथ-साथ बेहतर सड़क, दूरसंचार संपर्क और स्थायी आजीविका के अवसर प्रदान करना शामिल है। recent visitors 72

मध्य प्रदेश सरकार 5000 करोड़ रुपए का नया कर्ज ई-ऑक्शन के जरिए स्टॉक गिरवी रखकर लिया जाएगा

भोपाल  पिछले एक वर्ष में 49000 करोड़ रुपए का कर्ज ले चुकी मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार एक बार फिर 5 हजार करोड़ रुपए का कर्ज लेने जा रही है. नए कर्ज को मिलाकर एक वर्ष मोहन सरकार कुल 54,000 करोड़ का कर्ज ले चुकी है, जिस पर अब विपक्षी पार्टियों से सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं. मध्य प्रदेश सरकार 5000 करोड़ रुपए का नया कर्ज ई-ऑक्शन के जरिए स्टॉक गिरवी रखकर लिया जाएगा. सरकार 26 नवंबर को 5000 करोड़ कर्ज की राशि दो चरणों में क्रमशः 2500-2500 रुपए में लेगी. सूचना के मुताबिक यह राशि 27 नवंबर को सरकार के खाते में पहुंच जाएगी.    गौरतलब है मध्य प्रदेश सरकार एक साल में 54000 करोड़ रुपए कर्ज लेने पर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने सवाल उठाए है. कांग्रेस के पूर्व विधायक शैलेंद्र पटेल ने कहा कि सरकार किसानों का कर्ज क्यों नहीं माफ कर रही, लाडली बहनों को 3000 देने का वादा था उन्हें भी नहीं दिया जा रहा. सरकार विकास की बात करती हैं लेकिन विकास हो कहां रहा है. एक साल में पांच बार 5000 करोड़ रुपए का कर्ज ले चुकी सरकार अगर पिछले 11 महीनों में नजर डालें, तो मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार ने कुल 49,000 करोड़ रुपए का कर्ज लिया है. सरकार का कहना है कि धनराशि राज्य की विकास योजनाओं व अन्य खर्चों के लिए इस्तेमाल की गई. हालांकि इससे जनता पर कर्ज का भार लगातार बढ़ता गया है, जो बढ़कर करीब 4 लाख करोड़ हो चुका है. पिछली बार अक्टूबर में दो किश्तों में लिया था 5000 करोड़ रुपए मध्य प्रदेश सरकार चौथी बार 5000 करोड़ रुपए का कर्ज RBI से 2500-2500 करोड़ रुपए के दो किश्तों में लेगी. 5000 करोड़ रुपए का कर्ज सरकार 11 और 19 साल के लिए लेगी. सरकार यह कर्ज प्रदेश में चल रहे विकास कार्य और अन्य योजनाओं को गति देने के लिए सरकार ले रही है.  पिछले 11 महीनों में मोहन सरकार कुल 49,000 करोड़ रुपए का कर्ज लिया है. सरकार का कहना है कि धनराशि राज्य की विकास योजनाओं व अन्य खर्चों के लिए इस्तेमाल की गई. हालांकि इससे जनता पर कर्ज का भार लगातार बढ़ता गया है, जो बढ़कर करीब 4 लाख करोड़ हो चुका है.  साल में 54, 000 करोड़ का कर्ज ले चुकी है मध्य प्रदेश सरकार उल्लेखनीय है अगस्त और सितंबर के महीने में सरकार द्वारा लिए जाने वाले कर्ज का आंकड़ा 20 हजार करोड़ तक पहुंच गया था. अगस्त महीने में सरकार ने 10 हजार करोड़ रुपए का कर्ज लिया था, फिर 31 मार्च 2024 को खत्म हुए वित्त वर्ष में 3,75,578 करोड़ का कर्ज लिया था.अप्रैल 2023 से 31 मार्च 2024 तक सरकार ने 44 हजार करोड़ रुपए कर्ज लिया था. मध्य प्रदेश सरकार पर है करीब 4 लाख करोड़ रुपए का कर्ज     अगस्त 2024 के शुरुआत में मध्य प्रदेश सरकार ने 2500-2500 करोड़ रुपए का कर्ज दो किश्तों में मध्य प्रदेश सरकार ने     5000 करोड़ का कर्ज लिया था. यह कर्ज भी 11 साल और 21 साल की अवधि के लिए लिया गया था.     22 अगस्त 2024 को 2500-2500 करोड़ रुपए के दो किश्तों में 5 हज़ार रुपए का कर्ज 14 और 21 साल की अवधि के लिए फिर लिया गया…     24 सितंबर को 2500-2500 करोड़ रुपए का कुल 5 हज़ार करोड़ का कर्ज सरकार ने लिया,यह कर्ज 12 साल और 19 साल की अवधि के लिए लिया गया.     अक्टूबर माह में सरकार ने आरबीआई से दो किश्तों में क्रमशः 2500-25000 करोड़ रुपए का कर्ज लिया था. recent visitors 85