रेल मंत्रालय की 7,927 करोड़ रुपये लागत की 3 मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी

रेलवे लाईन के विस्तार से प्रदेश के नागरिकों को सुविधा और पर्यटन को मिलेगा प्रोत्साहन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने रेलवे की तीन मल्टी ट्रैकिंग परियोजना को मिली मंजूरी के लिए प्रधानमंत्री मोदी और केन्द्रीय कैबिनेट का माना आभार रेल मंत्रालय की 7,927 करोड़ रुपये लागत की 3 मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय कैबिनेट द्वारा रेल मंत्रालय की 7 हजार 927 करोड़ रुपये लागत की 3 मल्टी ट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान करने पर प्रधानमंत्री मोदी और केन्द्रीय कैबिनेट का आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के कुशल नेतृत्व में प्रदेश में रेलवे के बढ़ते नेटवर्क से प्रदेश विकास पथ पर तीव्र गति से अग्रसर है, प्रदेशवासियों के लिए आवागमन भी तीव्र गति से सुगम हुआ है। प्रदेश को मिल रही नित नई सौगातों के लिए प्रदेशवासी प्रधानमंत्री मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के आभारी हैं। उन्होंने कहा कि रेल लाइन के विस्तार से धार्मिक, सांस्कृतिक एवं इको पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा। इस पहल से प्रदेश में ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग (खंडवा), खजुराहो यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल, असीरगढ़ किला और रीवा किला जैसे विभिन्न आकर्षणों तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित होगी, जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुविधा मिलेगी। मध्यप्रदेश सहित महाराष्ट्र और उत्तरप्रदेश के 7 जिलें होंगे कवर उल्लेखनीय है कि केंद्रीय मंत्री-मंडल ने रेल मंत्रालय की 3 परियोजनाओं को मंजूरी दी, जिनकी लागत 7 हजार 927 करोड़ रुपये है। इनमें जलगांव-मनमाड चौथी लाइन (160 किमी), भुसावल-खंडवा तीसरी और चौथी लाइन (131 किमी) तथा प्रयागराज (इरादतगंज) मानिकपुर तीसरी लाइन (84 किमी) शामिल हैं। ये परियोजनाएँ 3 राज्यों अर्थात महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के 7 जिलों को कवर करेंगी। इससे भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क में लगभग 639 किलोमीटर की वृद्धि होगी। निर्माण अवधि के दौरान लगभग एक लाख मानव-दिनों के लिए प्रत्यक्ष रोजगार उत्पन्न होंगे। इससे कोयला परिवहन और यात्री ट्रेनों के लिए निर्बाध कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी और मालगाड़ी के यात्रा समय में कमी करने में भी मदद मिलेगी। तीर्थ यात्रियों, प्रकृति प्रेमियों को मिलेगा लाभ स्वीकृत परियोजना खंडवा और चित्रकूट जैसे 2 आकांक्षी जिलों में कनेक्टिविटी बढ़ाएगी, जिससे लगभग एक हजार 319 गांवों और लगभग 38 लाख आबादी को सेवा मिलेगी। मुंबई-प्रयागराज-वाराणसी रूट पर अतिरिक्त यात्री ट्रेनों के संचालन को सक्षम करके कनेक्टिविटी को बढ़ाएगा। नासिक (त्र्यंबकेश्वर) और वाराणसी (काशी विश्वनाथ) के ज्योतिर्लिंग के साथ प्रयागराज, चित्रकूट, गया और शिरडी जैसे धार्मिक स्थलों की यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों को लाभ होगा। अजंता और एलोरा गुफाएँ यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल, देवगिरी किला, यावल वन्यजीव अभयारण्य, केवटी फॉल्स और पुरवा फॉल्स आदि जैसे विभिन्न आकर्षणों तक बेहतर पहुँच के माध्यम से प्रकृति प्रेमियों और इतिहास में रूचि रखने वाले पर्यटकों को भी सुविधा होगी और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। recent visitors 42

संभल पर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा अभी तो ये 20% हैं तो पत्थरबाजी, 50 हुए तो उठा ले जाएंगे बेटियां

छतरपुर मध्य प्रदेश में इन दिनों 'हिंदू एकता यात्रा' पर निकले बाबा बागेश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने उत्तर प्रदेश के संभल में हुई घटना को लेकर मुसलमानों पर विवादित बयान दिया है। बाबा बागेश्वर ने कहा कि अभी वे 20 फीसदी हैं तो पत्थरबाजी कर रहे हैं, 50 पर्सेंट हो गए तो बेटियों को उठा ले जाएंगे। उन्होंने हिंदुओं से एकजुट होने की अपील की। यात्रा के दौरान   बाबा बागेश्वर से जब संभल की घटना को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, 'अभी तो हमारी एकता पर फोकस है। यदि तो हम हिंदुओं को बताना चाहते हैं कि 20 पर्सेंट में वो पत्थरबाजी कर रहे हैं 50 हो जाएंगे तो तुम्हारे घरों की बेटियों को उठा ले जाएंगे।' उन्होंने कहा कि संभल के उपद्रवियों को जेलर के हाथ सौंपने की आवश्यकता है। बाबा ने यह भी कहा कि देश में 100 करोड़ हिंदू हैं, एक करोड़ को सड़क पर आना चाहिए नहीं तो आने वाले समय में वे घरों में कब्जा कर लेंगे। जाति का भेदभाव मिटाने के उद्देश्य से निकाली जा रही यात्रा के दौरान सोमवार को उन्होंने कहा कि भारत को बांग्लादेश नहीं बनाना चाहते तो तो जात-पात से ऊपर उठ जाओ। बॉलिवुड अभिनेता संजय दत्त भी उनकी यात्रा में शामिल हुए। बाबा बागेश्वर की यह यात्रा 29 नवंबर को पूरी होगी। छतरपुर के अपने आश्रम से वह ओरछा के राम राजा दरबार तक यह यात्रा निकाल रहे हैं। बागेश्वर बाबा की यात्रा में भारी भीड़ उमड़ रही है। क्या हुआ संभल में? एक स्थानीय अदालत के आदेश पर पिछले मंगलवार को जामा मस्जिद का सर्वेक्षण किया गया था जिसके बाद से संभल में पिछले कुछ दिनों से तनाव व्याप्त था। रविवार को दोबारा टीम सर्वेक्षण के लिए पहुंची तो हिंसा भड़क उठी। पत्थराव और गोलीबारी में 4 लोगों की मौत हो गई तो कई लोग जख्मी हो गए। हिंदू पक्ष का दावा है कि यह मस्जिद पूर्व में हरिहर मंदिर था। recent visitors 36

उप मुख्यमंत्री “हम होंगे कामयाब” अभियान अंतर्गत राज्य स्तरीय “महिला सुरक्षा संवाद” में हुए शामिल

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि "यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते, रमंते तत्र देवता" के आदर्श वाक्य को साकार करने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। "लाड़ली लक्ष्मी योजना," "बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ," और "वन स्टॉप सेंटर" जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि यह एक पवित्र मिशन है। केवल शासकीय प्रयास ही पर्याप्त नहीं हैं, इसे एक जन आंदोलन बनाना होगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल भोपाल में कुशाभाऊ इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में "हम होंगे कामयाब" अभियान अंतर्गत राज्य स्तरीय "महिला सुरक्षा संवाद" कार्यक्रम में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के गौरवशाली नेतृत्व में देश तेज गति से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि विकास के साथ आने वाली चुनौतियों के प्रति हमें सतर्क रहना होगा। विकास को सार्थक बनाने के लिए एकजुट होकर महिलाओं को सशक्त और समाज को सुरक्षित बनाना ज़रूरी है। समाज को नशा-मुक्त बनाकर युवाओं की ऊर्जा को सही राह में लगाकर देश को विश्व गुरु बनाना है तो हम सबको मिलकर इस मिशन को सफल बनाना होगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि महिलाओं का सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक सशक्तीकरण आवश्यक है। यह हमारी गौरवशाली परंपरा रही है, विकृतियों को दूर करने के लिए सभी को प्रयास करने होंगे। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने डॉ. रामधारी सिंह दिनकर की प्रसिद्ध कविता का उल्लेख करते हुए कहा कि "समर शेष है, नहीं पाप का भागी केवल व्याध, जो तटस्थ हैं, समय लिखेगा उनके भी अपराध।" उन्होंने कहा कि नारी सशक्तिकरण और सामाजिक परिवर्तन के इस संग्राम में किसी को भी तटस्थ रहने का अधिकार नहीं है। यह लड़ाई हर व्यक्ति की है, और इसमें सबकी भागीदारी जरूरी है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने नशे के दुष्प्रभावों को रेखांकित करते हुए कहा कि जेंडर आधारित हिंसा का एक बड़ा कारण नशा भी है। नशे के कारोबार में लिप्त लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। नशा मुक्ति केंद्रों के माध्यम से समाज को इस बुराई से मुक्त करने के प्रयास तेज किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह प्रयास समाज में जेंडर समानता और महिलाओं के प्रति सम्मान को बढ़ावा देने में मील का पत्थर साबित होगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कार्यक्रम सह आयोजक "स्काई सोशल" के प्रयास की सराहना की। 25 नवंबर से 10 दिसंबर तक "हम होंगे कामयाब" अभियान से प्रदेशवासियों को किया जाएगा जागरूक "हम होंगे कामयाब" पखवाड़ा 25 नवंबर से 10 दिसंबर तक आयोजित किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य न केवल बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा पर केंद्रित है, बल्कि पुरुषों की मानसिकता में बदलाव लाकर एक नए समाज की नींव रखना भी है। पखवाड़े के दौरान विभिन्न जिलों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसमें विभिन्न विभागों के समन्वय से गतिविधियां निर्धारित की गई हैं। आयुक्त महिला एवं बाल विकास विभाग श्रीमती सूफिया फारूकी वली, "स्काई सोशल" की फाउंडर सुसृष्टि प्रगट सहित विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।   recent visitors 81

सत्ता व संगठन के सामने नए सिरे से जोर-आजमाइश शुरू, रामनिवास रावत का इस्तीफा सरकार ने होल्ड पर रखा

भोपाल विजयपुर उपचुनाव हारने के बाद वनमंत्री रामनिवास रावत द्वारा दिया गया इस्तीफा सरकार ने होल्ड पर रख लिया है। अब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विदेश से लौटने के बाद इस्तीफे पर निर्णय होगा। उसके पहले रावत के पास मौजूद वन एवं पर्यावरण विभाग पर मौजूदा चार मंत्रियों और 12 से अधिक विधायकों की नजर है। इन्होंने सत्ता व संगठन के सामने नए सिरे से जोर-आजमाइश शुरू कर दी है।  हालांकि रावत जनवरी 2025 के पहले सप्ताह तक मंत्री बने रह सकते हैं, क्योंकि कानूनी रूप से रावत को शपथ के छह महीने के भीतर चुनाव जीतकर आना था। इस अवधि के पहले चुनाव हुए और वह हार गए। तब भी छह महीने की अवधि पूरी होनी बाकी है, इसके पूरे होने तक उनके इस्तीफे के बावजूद भी सरकार चाहे तो उन्हें मंत्री रख सकती है। सरकार के पास विभाग बंटवारे के ये तीन विकल्प 1.विदेश से लौटने के बाद सीएम यदि रावत का इस्तीफा मंजूर करते हैं तो वन और पर्यावरण विभाग के बंटवारे को लेकर सरकार दो विकल्प में से किसी एक को अपना सकती है। जानकारों के मुताबिक जो विभाग किसी के पास नहीं होते वे स्वत: राज्य के मुख्यमंत्री के हो जाते हैं, इसी तरह वन व पर्यावरण विभाग भी मुख्यमंत्री के पास चले जाएंगे। 2.सीएम चाहें तो ये दोनों विभाग मंत्रिमंडल का विस्तार किए बिना किसी भी मौजूदा मंत्रियों को दे सकते हैं। 3.सरकार चाहे तो किसी नए विधायक को विभाग दे सकती है, लेकिन इस प्रक्रिया के लिए सरकार को राज्यपाल को मंत्रिमंडल विस्तार की सूचना देनी होगी। चर्चा… ये मंत्री रावत के विभाग पाने के इच्छुक नागर सिंह चौहान: अनुसूचित जाति कल्याण विभाग है। पूर्व में वन व पर्यावरण इन्हीं के पास था। इन्हीं से लेकर रावत को दिया था। राकेश शुक्ला: नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग है। चर्चा है कि ये बड़ा विभाग चाहते हैं। गौतम टेटवाल, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हैं। मुख्यमंत्री के गृह जिले के प्रभारी मंत्री हैं। कृष्णा गौर: राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार गौर के पास  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण व विमुक्त घुमन्तु और अद्र्धघुमंतु कल्याण विभाग है। राजधानी में रहने वाली एकमात्र महिला राज्यमंत्री हैं। ‘मैं भाजपा छोड़कर कहीं नहीं जाने वाला’ भोपाल. मंत्री रामनिवास रावत के विजयपुर से चुनाव हारने के बाद से तरह-तरह के कयास लगाए जाने लगे हैं। सोमवार को चर्चा रही कि रावत भाजपा छोड़ सकते है। पत्रिका से बातचीत में उन्होंने अपनी हार के पीछे जनता का फैसला और खुद की किस्मत को बताया। भाजपा छोडऩे के सवाल पर कहा, मुझे नहीं पता ये अफवाह कौन उड़ा रहा है। मैं भाजपा छोड़कर कहीं नहीं जाने वाला हूं। वहीं इस्तीफे को लेकर कहा कि चुनाव हारते ही मैंने सीएम को इस्तीफा सौंप दिया था। भितरघात को लेकर इतना ही कहा कि अभी तक सत्ता और संगठन की ओर से कोई रिपोर्ट नहीं मांगी गई है। अगर पूछा जाता है तो मैं जरूर रिपोर्ट दूंगा। recent visitors 124

राज्यमंत्री टेटवाल भाषण देते-देते रुक गए , लोगों में मचा कौतुहल… वजह पता चली तो तालियों से गूंज गया हॉल

राजगढ़  मध्यप्रदेश की मोहन यादव सरकार में कौशल विकास एवं रोजगार विभाग राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल का एक विडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। इस विडियो में मंत्री गौतम टेटवाल ने अजान के लिए अपना भाषण रोक दिया। राज्य मंत्री का ये विडियो रविवार को उप स्वास्थ्य केन्द्र के भूमि पूजन कार्यक्रम का बताया जा रहा है। दरअसल राज्य मंत्री गौतम टेटवाल रविवार को अपने ग्रह नगर राजगढ़ जिले के सारंगपुर विधानसभा क्षेत्र के म‌ऊ गांव में 55 लाख रुपए की लागत से बनने वाले उपस्वास्थ्य केंद्र और 49 लाख की लागत से होने वाले अन्य विकास कार्यों का भूमिपूजन करने गए थे। मंत्री बोले- वसधैव कुटुंबकम हमारी संस्कृति मंत्री कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। शाम 7.15 बजे (ईशा) की अजान शुरू होने पर उन्होंने अपना भाषण बीच में रोक दिया। फिर मंच से ही कहा- उससे डरो, वह एक है। नेक काम करो। सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामया। सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चित् दुःखभाग् भवेत्। संपूर्ण भूमि गोपाल की है। वसुधैव कुटुंबकम हमारी संस्कृति है। हमारी संस्कृति का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे मंत्री गौतम टेटवाल ने बाद में कहा- गौ माता का सम्मान करें। गंगा जी का सम्मान करें। सनातन हिंदू समाज के स्वाभिमान के मान बिंदु हैं, उनका सम्मान करें। हमारी उपासना पद्धति का सम्मान करें। मंत्री ने कहा- अगर हम मुस्लिम धर्म का सम्मान करते हैं। अजान का हमने इसलिए सम्मान किया, ठीक है, अजान हो रही है, तुम पांच टाइम नमाज पढ़ों, लेकिन उसका मतलब यह नहीं कि तुम हमारे मान बिंदु, हमारी संस्कृति के बिंदुओं को अपमानित करो। इसको हम बर्दाश्त नहीं करेंगे। हम सब धर्म का सम्मान करते हैं। मंत्री ने कहा- सबका ईश्वर एक है। सभी नदियां और नाले मिलकर समुद्र में विलीन हो जाते हैं, फिर भी उसमें पवित्रता होती है। इसी तरह ईश्वर एक है, इसी तरह सारे धर्म मिलकर सनातन धर्म में विलीन हो जाते हैं। क्या है पूरा मामला जब वह कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे, तभी राज्य मंत्री को मस्जिद में होने वाली नमाज की आवाज सुनाई दी। इसके बाद मंत्री गौतम टेटवाल ने अपना भाषण रोक दिया। कुछ देर तक तो‌ लोगों को कुछ समझ नहीं आया लेकिन जब लोगों को अजान की आवाज सुनाई दी तो वह मामला समझ ग‌ए। इसके बाद मंत्री गौतम टेटवाल ने अजान पूरी होने बाद वापस अपना भाषण शुरू किया। भाषण में क्या बोले मंत्री टेटवाल इस दौरान मंत्री ने कहा कि उससे डरो वो एक है, नेक काम करो, और संस्कृत में सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामया, सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चित् दुःखभाग् भवेत श्लोक का उच्चारण किया। उन्होंने कहा कि दुनिया में सब लोग सुखी रहें, निरोगी रहें, शांति से रहे, ये वो भी कह रहा है और हम भी कह रहे हैं। लेकिन सुनने वाले सुन नहीं रहे हैं। राज्यमंत्री गौतम टेटवाल का अजान को‌ लेकर भाषण रोकने का ये विडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा। recent visitors 55

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने शुरूआत में पहले यात्रियों को सौपें बोर्डिंग पास

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि रीवा एयरपोर्ट से भोपाल की सीधी कनेक्टिविटी विंध्य क्षेत्र के व्यापार, पर्यटन और उद्योग को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। यह सेवा क्षेत्र के नागरिकों के लिए समय की बचत के साथ-साथ सुविधाजनक यात्रा का माध्यम बनेगी। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए कहा कि यह सरकार प्रदेश के हर क्षेत्र को प्रगति और विकास से जोड़ने के लिए सतत प्रयासरत है। विंध्य क्षेत्र को हवाई कनेक्टिविटी प्रदान करना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि यह हवाई सेवा रीवा को राज्य और देश के अन्य प्रमुख शहरों से जोड़ने की एक महत्वपूर्ण कड़ी होगी। इससे व्यापार और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, साथ ही यह क्षेत्र के सांस्कृतिक और प्राकृतिक सौंदर्य को देश और विदेश के पर्यटकों तक पहुंचाने में भी सहायक होगी। उप मुख्यमंत्री ने भोपाल के राजा भोज अंतरराष्ट्रीय विमानतल पर "फ्लाई बिग" कंपनी के टिकट काउंटर का उद्घाटन किया। उन्होंने भोपाल से रीवा एयरपोर्ट की पहली फ्लाइट सेवा की शुरुआत करते हुए यात्रियों को बोर्डिंग पास सौंपे गए। भोपाल सांसद आलोक शर्मा, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण भोपाल के निदेशक रामजी अवस्थी, "फ्लाई बिग" कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे। इस ऐतिहासिक पहल का हिस्सा बनते हुए यात्रियों ने अपनी खुशी और उत्साह व्यक्त किया। रीवा और भोपाल के बीच "फ्लाई बिग" कंपनी की उड़ान सेवा सप्ताह में 4 दिन रहेगी उपलब्ध एयरपोर्ट निदेशक अवस्थी ने बताया कि रीवा और भोपाल के बीच निर्धारित उड़ान सेवाएं (शेड्यूअल्ड फ्लाइट सर्विस) मंगलवार से शुरू हो गई हैं, जो क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को एक नई दिशा प्रदान करेंगी। कुछ सीटें 999 रुपये में उड़ान योजना अन्तर्गत आरक्षित हैं, जबकि शेष सीटों की कीमतें डायनेमिक प्रॉइसिंग मॉडल के तहत तय की जाएंगी। यह पहल अधिकतम लोगों को सस्ती और सुविधाजनक हवाई यात्रा का लाभ प्रदान करने के उद्देश्य से की गई है। हमें विश्वास है कि यह सेवा क्षेत्र के यात्रियों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी। रीवा और भोपाल के बीच "फ्लाई बिग" कंपनी की उड़ान सेवा सप्ताह में 4 दिन उपलब्ध रहेगी। भोपाल से रीवा की उड़ान (फ्लाइट नंबर S9-514) मंगलवार, बुधवार, गुरुवार, और शुक्रवार को उपलब्ध होगी। भोपाल एयरपोर्ट से फ्लाइट सुबह 8:15 बजे प्रस्थान करेगी और रीवा एयरपोर्ट पर सुबह 10:20 बजे पहुंचेगी। रीवा से भोपाल की उड़ान (फ्लाइट नंबर S9-515) सोमवार, मंगलवार, बुधवार, और गुरुवार को संचालित होगी। रीवा एयरपोर्ट से यह फ्लाइट दोपहर 1:40 बजे प्रस्थान करेगी और भोपाल एयरपोर्ट पर 3:45 बजे पहुंचेगी। भोपाल से रीवा के लिए फ्लाइट शुरू हो गई है। सप्ताह में 4 दिन फ्लाइट उड़ेगी। प्रत्येक मंगलवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार को सुबह 8.15 बजे भोपाल से फ्लाइट टेक ऑफ यानी, उड़ान भरेगी, जबकि 2 घंटे में सुबह 10.20 बजे रीवा लैंड करेगी। भी पीएमश्री पर्यटन वायु सेवा के तहत सप्ताह में 6 दिन उड़ान जरूर भरी जा रही है, लेकिन प्लेन सिर्फ छह सीटर है। वहीं, किराया भी अधिक है। इसलिए पूरे यात्री नहीं मिल पा रहे हैं। अब नियमित फ्लाइट शुरू की गई है। मंगलवार सुबह डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल, भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने भोपाल से रीवा एयरपोर्ट की पहली फ्लाइट सेवा की शुरुआत करते हुए यात्रियों को बोर्डिंग पास सौंपे। व्यापार, पर्यटन-उद्योग को ऊंचाई तक ले जाएगा डिप्टी सीएम शुक्ल ने कहा कि, रीवा एयरपोर्ट से भोपाल की सीधी कनेक्टिविटी विंध्य क्षेत्र के व्यापार, पर्यटन और उद्योग को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। यह सेवा क्षेत्र के नागरिकों के लिए समय की बचत के साथ-साथ सुविधाजनक यात्रा का माध्यम बनेगी। शेड्यूअल्ड फ्लाइट सर्विस शुरू एयरपोर्ट डायरेक्टर अवस्थी ने बताया, रीवा और भोपाल के बीच निर्धारित उड़ान सेवाएं (शेड्यूअल्ड फ्लाइट सर्विस) आज से शुरू हो गई हैं, जो क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को एक नई दिशा प्रदान करेंगी। कुछ सीटें 999 रुपए में उड़ान योजना अंतर्गत आरक्षित हैं, जबकि शेष सीटों की कीमतें डायनेमिक प्राइसिंग मॉडल के तहत तय की जाएंगी। यह पहल अधिकतम लोगों को सस्ती और सुविधाजनक हवाई यात्रा का लाभ प्रदान करने के उद्देश्य से की गई है। यह सेवा क्षेत्र के यात्रियों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी।   recent visitors 48

निगम कर्मचारियों के लिए एक बहुत अच्छी खबर, एक जनवरी से सातवें वेतनमान पर महंगाई भत्ता में वृद्धि होगी

ग्वालियर 1 जनवरी से कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले होने वाली है। बीते दिन मेयर इन काउंसिल (एमआईसी) की बैठक महापौर डॉ. शोभा सिकरवार की अध्यक्षता में बाल भवन र्हुई।बैठक में एमआईसी सदस्यों ने राज्य शासन के कर्मचारियों की भांति निगम कर्मचारियों को एक जनवरी से सातवें वेतनमान पर महंगाई भत्ता में वृद्धि मिलेगी। साथ ही छठवें वेतनमान में वेतन प्राप्त कर रहे शासकीय सेवकों के महंगाई भत्ता में वृद्धि और मध्य प्रदेश राज्य के पेंशनरों को पेंशन पर महंगाई राहत स्वीकृत किए जाने के प्रस्तावों पर मंजूरी दी। दिया गया था प्रस्ताव साथ ही 16 नवंबर से एक दिन छोड़कर पानी की आपूर्ति शुरू करने के मामले में एमआईसी से स्वीकृति नहीं लेने पर आपत्ति जताई। इस पर आयुक्त ने कहा कि जलसंसाधन विभाग ने पूर्व में ही प्रस्ताव दिया था और जिला जल उपयोगिता समिति की अध्यक्ष कलेक्टर हैं और पानी को लेकर महापौर से फोन पर भी चर्चा कर ली गई थी। बैठक में मेयर इन काउंसिल सदस्य अवधेश कौरव, अपर आयुक्त विजय राज, मुनीष सिंह सिकरवार, वित्त रजनी शुक्ला सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में इन बिंदुओं को दी गई स्वीकृति -आउटसोर्स मैन पावर उपलब्ध कराने वाली एजेंसी राज सिक्योरिटी फोर्स भोपाल की कार्य अवधि एक नवंबर से आगामी चार माह या नवीन निविदा स्वीकृत होने तक की अवधि वृद्धि के साथ-साथ उस पर होने वाले व्यय की स्वीकृति के प्रस्ताव को परिषद की ओर भेज दिया गया। -आउटसोर्स अकुशल सफाई श्रमिक उपलब्ध कराने जाने वाली एजेंसी सेंगर सिक्योरिटी प्राइवेट लिमिटेड की कार्य अवधि 30 सितंबर से अगले तीन माह या नवीन निविदा स्वीकृत होने तक की अवधि वृद्धि के साथ-साथ उस पर होने वाले व्यय की स्वीकृति के प्रतिवेदन पर चर्चा के बाद इसे 28 फरवरी 2025 या निविदा प्रक्रिया पूर्ण होने तक की स्वीकृति प्रदान की। recent visitors 44