हर हाथ में इंटरनेट के साथ बढ़ा है ठगी का नया मायाजाल, 5,463 केस केवल साइबर सेल में दर्ज हुए बीते 10 महीनों में

 भोपाल डिजिटल दुनिया के विस्तार ने अपराधियों के हाथ में ठगी का नया मायाजाल दे दिया है। अब ठग वेश बदलकर आपसे मिलने का जोखिम नहीं लेते। वे इंटरनेट मीडिया, ई-मेल और स्मार्टफोन के एप के जरिए चारा डालते हैं और एक क्लिक कर आपका खाता खाली कर देते हैं। हालात कितने भयावह हैं, इसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि अकेले भोपाल के थानों में इस साल जितनी एफआईआर हुई हैं, उनमें 27% केवल साइबर ठगी की शिकायतों पर हुई हैं। राजधानी के 34 पुलिस थानों में इस वर्ष 15 नवंबर तक जहां अपराध के 14 हजार 454 आपराधिक मामले दर्ज हुई हैं। कुल अपराधों का 27% ऑनलाइन फ्रॉड वहीं, अकेले साइबर क्राइम सेल में इसी दौरान पांच हजार 463 केस दर्ज हो चुकी हैं। यह कुल अपराधों का 27% है। यह स्थिति तब है, जब हर साइबर अपराध थाने तक नहीं पहुंच पाता है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस साल दर्ज 14 हजार से अधिक मामलों में चोरी, ठगी, छिनैती, जेबकतरी जैसे वित्तीय अपराधों के मामले केवल एक हजार के करीब हैं। मगर, साइबर क्राइम सेल में जो पांच हजार से अधिक केस आए हैं, उनमें चार हजार मामलों में तो पीड़ित के खातों से रकम उड़ा ली गई है। चोरी, ठगी और छिनैती जैसे वित्तीय अपराधों की तुलना में साइबर ठगों ने सैकड़ों गुना अधिक रकम चुराई है। यह ठगी कितनी तेजी से बढ़ी है, इसका अंदाजा आप ऐसे लगाइए कि 2019 में भोपाल में दो हजार 792 एफआईआर दर्ज हुई थी, जिसमें एक करोड़ 48 लाख रुपये की ठगी का ब्यौरा था। इस साल के 10 महीनों में ही पांच हजार 491 केस दर्ज हो चुके, जिसमें 55 करोड़ 88 लाख रुपयों की ठगी हुई है। इस साल ठगी जा चुकी रकम 2019 की तुलना में 3800% ज्यादा है। ठगों ने इन तरीकों से दिया झांसा     ओएलएक्स पर बाइक बेचने का एड डाला था। एक व्यक्ति ने मैसेज कर बाइक खरीदने की इच्छा जाहिर की। अगले दिन बाइक लेने के लिए आने से पहले उसने फोन पर भुगतान करने को कहा। उसने पेटीएम के माध्यम से दो रुपये मेरे खाते में भेजे। इसके बाद 50 हजार रुपये की राशि भेजी। साथ ही मुझे पेमेंट स्वीकार करने के लिए पिन डालने का बोला। मैंने पिन डाला तो खाते से रुपये गायब हो गए। पता चला कि उसने मुझे रुपये नहीं भेजे, बल्कि पेमेंट की रिक्वेस्ट भेजी थी। -रवि दुबे, रेलवे कर्मचारी     फेसबुक लिंक के माध्यम से ट्रेडिंग एप डाउनलोड किया था। ऐसा दावा था कि वे हर कंपनी के आइपीओ दिलवाते हैं। एप पर नए आइपीओ की जानकारी ठीक उसी तरह दिखती थी, जैसे किसी अन्य एप या वेबसाइट पर नजर आती है। मैंने एक आइपीओ के लिए आठ लाख रुपये का भुगतान किया, लेकिन तय समय पर आइपीओ नहीं मिला, जिसके बाद ठगी का एहसास हुआ। – अरुण पारिख, डॉक्टर, एम्स     आईसीआईसीआइ बैंक के प्रतिनिधि का फोन आया। उसने बताया कि क्रेडिट कार्ड के 600 रिवार्ड प्वाइंट्स हैं, उसे रिडीम कर लीजिए। उसने रिडीम करने का तरीका भी बताया। रिडीम की प्रकिया के दौरान उसने ओटीपी भेजा। मेरे नंबर पर ओटीपी बैंक के नाम से आया था, विश्वास कर मैंने उसे बता दिया। फोन कटने के कुछ देर बाद क्रेडिट कार्ड से तीन लाख रुपये कटने का मैसेज आया। – सोनम जैन, व्यापारी     किसी व्यक्ति ने मेरे बैंक खाते में 1800 रुपये भेजे थे। अगले दिन फोन कर उसने कहा कि आपने 1800 रुपये का लोन लिया था, उसे 3200 रुपये भरकर चुकाएं। इन्कार किया तो छेड़छाड़ कर मेरे अश्लील फोटो बहुप्रसारित करने की धमकी दी। डरकर मैंने उन्हें रुपये भेज दिए। इसके बाद खाते में पांच हजार रुपये भेजे गए और दस हजार की मांग की। इसके बाद मांग लगातार बढ़ती गई। बाद में दोस्तों और परिवार को बात बताई तथा साइबर पुलिस से शिकायत की। -विजेंद्र यादव, व्यापारी वर्ष     शिकायतें               ठगी राशि 2019     2792          1 करोड़ 48 लाख (लगभग) 2020    3643           3 करोड़ 20 लाख (लगभग) 2021   3915           4 करोड़ 18 लाख 2022   5491       17 करोड़ 15 लाख 2023 6087 24 करोड़ 35 लाख 2024 5463 55 करोड़ 88 लाख 2019 से 2024 तक ठगी की राशि में वृद्धि (प्रतिशत में) 2019 से 20     212 2020 से 21     130 2021 से 22     410 2022 से 23     142 2023 से 24     229 इस साल के साइबर अपराध पर भी नजर डालिए     भोपाल साइबर क्राइम सेल में दर्ज कुल शिकायतें (15 नवंबर 2024 तक)- 5463।     पारंपरिक अपराध की तुलना में 38 प्रतिशत अपराध सिर्फ साइबर क्राइम के हुए।     1073 मामले साइबर बुलिंग और इंटरनेट मीडिया पर उत्पीड़न के सामने आए हैं।     ऑनलाइन फ्रॉड के 4370 मामलों में हुई है 55 करोड़ 88 लाख रुपये की ठगी।     विभिन्न थानों में पारंपरिक अपराध के लिए एक हजार दर्ज की गई एफआईआर। प्रदेश से इस साल 290 करोड़ चुरा लिए वर्ष     राशि रुपये में 2021     11 करोड़ 2022     45 करोड़ 2023     200 करोड़ 2024     290 करोड़ कैसे बढ़ा डिजिटल दुनिया में अपराध का ग्राफ स्मार्ट फोन का बढ़ता उपयोग– पांच वर्षों में मोबाइल धारकों की संख्या डेढ़ गुना बढ़ गई है। वे इंटरनेट पर विभिन्न एप का उपयोग करते हैं, जहां उपभोक्ता का डाटा मौजूद होता है। सस्ता और हाइ स्पीड इंटरनेट- भारत में इंटरनेट काफी किफायती दरों पर उपलब्ध है। साथ ही उसकी स्पीड भी बीते वर्षों में काफी तेज हुई है। इसने इंटरनेट उपभोक्ताओं की संख्या बढ़ाई है। डिजिटल ट्रांसफार्मेशन- डिजिटल परिवर्तन के अंतर्गत सरकारी सेवाओं से लेकर निजी व्यवसाय सब कुछ आनलाइन हो गया है। डिजिटल पेमेंट व्यवस्था ने इसे नया रूप दिया है। जागरूकता का अभाव- 90 प्रतिशत से अधिक मोबाइल व इंटरनेट उपभोक्ता अब भी साइबर सुरक्षा के बुनियादी ज्ञान से वंचित हैं। वे साइबर ठगों का सबसे आसान शिकार होते हैं। साइबर सुरक्षा के बुनियादी ढांचे में कमी- साइबर सुरक्षा के लिए देश में मजबूत ढांचा तैयार नहीं किया जा सका है। जो नियम-कानून बने हैं, वे भी कमजोर हैं। पुलिस के पास भी साइबर अपराधियों को पकड़ने का तंत्र कमजोर है। recent visitors 69

रूस – यूक्रेन युद्ध नई दिशा में बढ़ा, रूसी सहयोगियों के उतरने के साथ ही तीसरा विश्व युद्ध शुरू हो गया : पूर्व कमांडर

मॉस्को/कीव रूस और यूक्रेन के बीच 33 महीने से जारी युद्ध अब नए दौर में प्रवेश करता दिखाई दे रहा है। रूस ने यूक्रेन पर 21 नवम्बर गुरुवार को मध्यम दूरी की नई हाइपरसोनिक मिसाइल दागी थी, जो अपनी तरह का पहला हमला है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि मॉस्को ने यूक्रेन पर मध्यम दूरी की नई हाइपरसोनिक बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया है। इसके साथ ही चेतावनी दी कि नई मिसाइलों से और भी हमले हो सकते हैं। रूस ने ये हमला यूक्रेन के अमेरिकी ATACMS और ब्रिटिश स्टॉर्म शैडो मिसाइलों को दागने के बाद किया है। हाल ही में अमेरिका ने यूक्रेन को रूस पर हमला करने के लिए ATACMS मिसाइलों के इस्तेमाल की मंजूरी दी थी, जिसके बाद रूस ने तीसरे विश्व युद्ध की चेतावनी दी थी। अब नए घटनाक्रम से युद्ध नई दिशा में बढ़ता दिख रहा है। रिपोर्ट बताती हैं कि हजारों उत्तर कोरियाई सैनिक रूस में मौजूद हैं और पुतिन की सेना के साथ लड़ रहे हैं। अब संकेत हैं कि इन्हें यूक्रेन में तैनात किया जा सकता है। तो क्या ये घटनाक्रम तीसरे विश्वयुद्ध की शुरुआत है? यूक्रेन के पूर्व कमांडर इन चीफ का दावा यूक्रेन के पूर्व कमांडर इन चीफ और ब्रिटेन में वर्तमान राजदूत वेलेरी जालुज्नी ने दावा किया है कि रूसे सहयोगियों के उतरने के साथ ही तीसरा विश्व युद्ध शुरू हो गया है। कीव इंडिपेंडेंट ने जालुज्नी के हवाले से कहा कि यूक्रेन पर अकेले रूस से नहीं लड़ रहा है। यह उत्तर कोरिया के सैनिकों का सामना कर रहा है। ईरान निर्मित शाहेद ड्रोन यूक्रेन में नागरिकों को खुलेआम मार रहे हैं। उत्तर कोरिया में बनी मिसाइलें यूक्रेन पर दागी जा रही हैं। कौन हैं रूस के साथ? रूस ने मध्य पूर्व लेकर अफ्रीका तक और पूर्वी यूरोप में पुराने और नए सहयोगियों के साथ नजदीकी संबंध बनाने की कोशिश की है। रिपोर्ट बताती हैं कि किम जोंग ने अपने हजारों सैनिकों को पुतिन की मदद के लिए रूस में भेजा है। कुर्स्क क्षेत्र में उत्तर कोरियाई सैनिक रूसी सैनिकों के साथ लड़ रहे हैं। इसके साथ ही रूसी सेना तोपखाने और बैलिस्टिक मिसाइलों के लिए भी तेजी से उत्तर कोरिया पर निर्भर हो रही है। उत्तर कोरिया के अलावा चीन भी रूस के साथ है। चीन ने रूस के इस दावे का समर्थन किया है कि उसने पश्चिमी उकसावे के कारण 2022 में यूक्रेन पर हमला किया। मध्य पूर्व में अमेरिका का कट्टर विरोधी ईरान भी रूस का साथ दे रहा है। ईरान ने रूस को बड़ी मात्रा में ड्रोन उपलब्ध कराए हैं, जिनका इस्तेमाल यूक्रेन के खिलाफ किया गया है। इसके अलावा रूस का सबसे करीबी सहयोगी बेलारूस और ईरान का सहयोगी सीरिया भी रूस के साथ है। यूक्रेन के साथ कौन-कौन? युद्ध शुरू होने के बाद से ही अमेरिका यूक्रेन को सैन्य सहायता देने वाला सबसे बड़ा देश है। अमेरिका के जो बाइडन प्रशासन ने सैन्य सहायता को कुल स्तर 61 अरब डॉलर का है। अमेरिका ने हाल ही में लंबी दूरी की मिसाइलों के इस्तेमाल की भी मंजूरी दी है। अमेरिका के अलावा जर्मनी और ब्रिटेन भी यूक्रेन को सबसे ज्यादा मदद देने वाले देशों में शामिल हैं। ब्रिटेन ने 7.8 अरब पाउंड सैन्य सहायता के लिए दिए हैं। इसके साथ ही ब्रिटेन टैंक और लंबी दूरी की मिसाइलें भी मुहैया करा रहा है। यूक्रेन ने इसी सप्ताह ब्रिटेश स्टॉर्म शैडो मिसाइलों का इस्तेमाल किया है। भारत का क्या है रुख? इसी साल अगस्त में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूक्रेन की यात्रा की थी। उस दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा था कि यूक्रेन युद्ध में भारत का रुख कभी भी तटस्थ नहीं रहा है। उन्होंने कहा, 'भारत का मानना है कि दोनों पक्षों को समाधान खोजने के लिए एक-दूसरे के साथ बातचीत करने की जरूरत है।' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति पुतिन के साथ कई मुलाकातों में कहा है कि यह युद्ध का दौर नहीं है और भारत शांति के पक्ष में है। हालांकि, पश्चिमी देशों ने भारत को मॉस्को की तरफ झुकाव वाले नजरिए से देखा है, क्योंकि उसके रूस से ऐतिहासिक संबंध और ऊर्जा निर्भरताएं हैं। recent visitors 126

इजरायल की डिफेंस कंपनी इल्बिट सिस्‍टम को मिला ड्रोन का बड़ा ऑर्डर, अडानी डिफेंस कंपनी बनाने जा रही

तेलअवीव  गाजा और लेबनान युद्ध के बीच इजरायल को बड़ी सफलता मिली है। इजरायल की डिफेंस कंपनी इल्बिट सिस्‍टम लिम‍िटेड ने ऐलान किया है कि उसे एक अनाम यूरोपीय देश से 33 करोड़ 50 लाख डॉलर का ऑर्डर मिला है। इजरायल की यह दिग्‍गज हथियार निर्माता कंपनी अत्‍याधुनिक रॉकेट लॉन्‍चर पल्‍स और हर्मेस 900 किलर ड्रोन सप्‍लाई करने जा रही है। यह वही हर्मेस 900 ड्रोन है जिसका इस्‍तेमाल इजरायली सेना गाजा से लेकर लेबनान तक तबाही मचाने में कर रही है। इस ड्रोन और रॉकेट की मदद से यह यूरोपीय देश अपनी रक्षा क्षमता को कई गुना बढ़ा सकेगा। वहीं इस करोड़ों डॉलर की डील से भारत की हथियार निर्माता कंपनी अडानी डिफेंस को भी बड़ा फायदा होने जा रहा है। इजरायल का पल्‍स भारत के पिनाका की तरह से ही एक बेहद कम कीमत वाला सिस्‍टम है जो रॉकेट से लेकर सटीक हमला करने वाली मिसाइलों को दाग सकता है। वहीं हर्मेस 900 की बात करें तो यह इल्बिट कंपनी का सबसे बड़ा ड्रोन विमान है। यह किलर ड्रोन मध्‍यम ऊंचाई और लंबे समय तक हवा में उड़ान भरने के लिहाज से बेहद फायदेमंद है। यह ड्रोन विमान जमीन से लेकर समुद्र तक जासूसी, निगरानी और लक्ष्‍य को तबाह करने की क्षमता से लैस है। इस ड्रोन विमान को साल 2011 में दुनिया के सामने इजरायली कंपनी ने पेश किया था। भारत में बनेगा हर्मेस 900 ड्रोन भारत समेत दुनिया के करीब 20 देश हर्मेस 900 ड्रोन का इस्‍तेमाल करते हैं। इल्बिट के सीईओ बेझालेल मचलिस ने एक बयान में कहा कि इन हथियारों की डील से हमें यूरोपीय ग्राहक को सपोर्ट करके गर्व महसूस हो रहा है जो काफी प्रभावी हैं और कहीं भी इसका इस्‍तेमाल किया जा सकता है। उन्‍होंने कहा कि हर्मेस 900 ड्रोन कई तरह के मिशन जरूरतों को पूरा करने के लिए डिजाइन किया गया है। कंपनी ने जोर देकर कहा है कि वह इस विश्‍वसनीय ड्रोन की आपूर्ति करने के लिए प्रतिबद्ध है। इजरायल और यूरोपीय देश के बीच इस हर्मेस 900 ड्रोन डील से भारत को बड़ा फायदा होने जा रहा है जो अब हथियार निर्माण के बड़े हब के रूप में उभर रहा है। इससे भारत की दिग्‍गज कंपनी अडानी डिफेंस की बल्‍ले-बल्‍ले होने जा रही है। आईडीआरडब्‍ल्‍यू की रिपोर्ट के मुताबिक हर्मेस 900 ड्रोन को भारत में हैदराबाद स्थित अडानी डिफेंस की कंपनी में बनाया जाएगा और यही से इसका निर्यात यूरोपीय देश को किया जाएगा। इस ताजा डील से वैश्विक हथियार बाजार में भारत की भूमिका काफी बढ़ने जा रही है। जानें कितना खास है हर्मेस 900 अडानी डिफंस ने इल्बिट के साथ मिलकर इस ड्रोन को भारत में बना रही है। इस ड्रोन को भारतीय सेनाओं को सौंपा गया है और गाजा युद्ध के बीच इजरायल ने भी भारत से यह ड्रोन लिया है। यही नहीं हर्मेस 900 ड्रोन के कई कलपुर्जों को भारत में मौजूद अन्‍य कंपनियों से भी खरीदा जाएगा जिससे उन्‍हें भी फायदा होने जा रहा है। हर्मेस 900 ड्रोन हाई क्‍वालिटी की तस्‍वीरें खींचने में माहिर है जिससे खरीदने वाले देश को अपना फैसला लेने में आसानी होगी। हर्मेस 900 ड्रोन करीब 30 घंटे तक हवा में रह सकता है और करीब 30 हजार फुट की ऊंचाई पर उड़ान भर सकता है। इसका वजन 970 किलोग्राम है। यह 300 किलो पेलोड ले जा सकता है। इसमें कई तरह के सेंसर लगे हैं जो भागते हुए लक्ष्‍य की भी पहचान कर लेते हैं। recent visitors 51

पायलट प्रोजेक्ट के तहत 21 जिलों में 41 सड़कें और नई तकनीक से बनेंगी

 भोपाल मध्य प्रदेश में सड़कों की गुणवत्ता को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग ने एक पायलट प्रोजेक्ट तैयार किया है। इसके तहत राज्य के 21 जिलों में 41 मार्गों का निर्माण नई तकनीक से होगा। इन मार्गों की कुल लंबाई 109.31 किलोमीटर है और इन्हें चार महीने में पूरा किया जाएगा। मध्य प्रदेश लोक निर्माण विभाग ने अब सड़क निर्माण की नई तकनीक व्हाइट टॉपिंग को अपनाने का निर्णय लिया है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार इस दिशा में पायलट प्रोजेक्ट के तहत 21 जिलों में चयनित 41 सड़कों पर इस तकनीक को लागू किया जाएगा। इन मार्गों की कुल लंबाई 109.31 किलोमीटर है। योजना को नवंबर के अंत तक शुरू करने की तैयारी है और इसे अगले 4 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस परियोजना के तहत सबसे अधिक 14 सड़कों पर कार्य भोपाल में किया जाएगा। अन्य जिलों में इंदौर और ग्वालियर में तीन-तीन सड़कें, बुरहानपुर, मंदसौर और सागर में दो-दो सड़कें, आगर मालवा, उमरिया, खंडवा, गुना, छतरपुर, देवास, नर्मदापुरम, नीमच, बैतूल, मुरैना, रतलाम, रायसेन, रीवा, सतना और हरदा में एक-एक सड़क पर वाइट टॉपिंग तकनीक लागू की जाएगी। क्या है वाइट टॉपिंग तकनीक वाइट टॉपिंग सड़क निर्माण की एक आधुनिक तकनीक है। इसमें पुरानी सड़कों पर कंक्रीट की मोटी परत चढ़ाई जाती है। यह प्रक्रिया सड़कों को न केवल मजबूत और टिकाऊ बनाती है, बल्कि उनकी आयु भी 20 से 25 साल तक बढ़ा देती है। इस तकनीक में सबसे पहले पुरानी सड़क की सतह को साफ किया जाता है। उसके बाद 6 से 8 इंच मोटी कंक्रीट की परत डाली जाती है, जो भारी यातायात और खराब मौसम का सामना करने में सक्षम होती है। recent visitors 130

मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा- ऐतिहासिक और रिकॉर्ड जीत के लिए हम जनता के आभारी हैं जिन्होंने हमें अपना आशीर्वाद दिया

महाराष्ट्र महाराष्ट्र में हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में महायुति (BJP, शिवसेना-शिंदे गुट, और अन्य सहयोगी दलों) ने शानदार जीत दर्ज की है। इस जीत के बाद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार ने राज्य के मीडिया के सामने आकर अपनी प्रतिक्रिया दी और जनता का धन्यवाद किया। महायुति के नेताओं ने विक्ट्री साइन दिखाते हुए यह स्पष्ट किया कि यह जीत राज्य की जनता की जीत है और अब उनकी जिम्मेदारी पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गई है। सीएम शिंदे: "यह जनता की सरकार है" प्रेस कॉन्फ्रेंस में सबसे पहले मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने संबोधित किया। उन्होंने कहा, "यह महायुति के लिए ऐतिहासिक और रिकॉर्ड जीत है। हम महाराष्ट्र की जनता के आभारी हैं जिन्होंने हमें अपना आशीर्वाद दिया और हमें विश्वास में लिया। हम उन सभी बाधाओं को हटाने में सफल रहे हैं, जो महाविकास अघाड़ी (MVA) सरकार के दौरान राज्य में उत्पन्न हुई थीं। जनता ने यह चुनाव अपने हाथों में लिया और हमारे ऊपर अपना विश्वास जताया।" शिंदे ने आगे कहा, "हमारी सरकार आम जनता की सरकार है। मेरे लिए मुख्यमंत्री का मतलब 'चीफ मिनिस्टर' नहीं, बल्कि 'कॉमन मैन' है। हम आम लोगों की समस्याओं को समझते हुए, उनके लिए काम करेंगे। हमारी सरकार महिलाओं, बच्चों और किसानों के कल्याण के लिए समर्पित रहेगी। हम चाहते हैं कि हर आम आदमी को सुपरमैन जैसा महसूस हो, ताकि उनका जीवन बेहतर हो।" फडणवीस ने जताया आभार डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा, "यह जीत सिर्फ महायुति की नहीं, बल्कि महाराष्ट्र की जनता की जीत है। हमें यह जीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मिली है और यह जनता के विश्वास का प्रतीक है। हम महाराष्ट्र की जनता के आगे नतमस्तक हैं। इस जीत ने हमारी जिम्मेदारी और भी बढ़ा दी है। हम राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं।" फडणवीस ने राज्य की जनता का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह चुनाव यह साबित करता है कि महाराष्ट्र के लोग अच्छे शासन की ओर देख रहे हैं और उनकी उम्मीदों पर महायुति खरा उतरेगी। "हम सभी दायित्वों को पूरी जिम्मेदारी से निभाएंगे," उन्होंने कहा। अजित पवार का बयान: "विरोधियों को जवाब मिला" डिप्टी सीएम और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेता अजित पवार ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, "यह जीत महायुति के लिए गर्व का पल है। हमें इस जीत के लिए अपनी जिम्मेदारी और भी बढ़ी हुई महसूस हो रही है। हम महाराष्ट्र में वित्तीय अनुशासन लाएंगे, ताकि विकास के सभी वादे पूरे हो सकें।" अजित पवार ने 'लड़की हूं, लड़ सकती हूं' योजना को 'गेम चेंजर' बताया और कहा, "यह योजना महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए अहम साबित हुई और इसने हमारी कठिनाइयों को दूर किया।" उन्होंने कहा, "कई लोग जो ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) के मुद्दे पर सवाल उठा रहे थे, उन्हें यह याद रखना चाहिए कि हमें लोकसभा चुनाव में भी ईवीएम से ही हार का सामना करना पड़ा था। ऐसे लोग अब शून्य हो गए हैं और उन्हें अपनी हार का जवाब मिल चुका है।" महायुति का गठबंधन अगले पांच साल तक होगा मजबूत अजित पवार ने आगे कहा, "यह महायुति सिर्फ एक चुनावी गठबंधन नहीं है, बल्कि हम अगले पांच साल तक महाराष्ट्र के सर्वांगीण विकास के लिए मिलकर काम करेंगे। हम सभी पार्टियों के बीच समन्वय बनाए रखेंगे और राज्य की प्रगति के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे।" महायुति की जीत का कारण महायुति की इस ऐतिहासिक जीत के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। इन कारणों में प्रमुख हैं: 1. विकास के मुद्दे पर ध्यान: महायुति ने अपने चुनावी प्रचार में विकास को प्राथमिकता दी थी, और खासतौर पर महिला सशक्तिकरण और किसानों की समस्याओं को प्रमुख मुद्दा बनाया था। 2. लड़की हूं, लड़ सकती हूं योजना: यह योजना महिलाओं के लिए एक अहम बदलाव साबित हुई और महिलाओं का व्यापक समर्थन हासिल किया। 3. विरोधियों की नकारात्मक राजनीति का जवाब: महायुति ने विरोधियों के आरोपों का डटकर सामना किया और उनका जवाब दिया, जिससे जनता के बीच महायुति की छवि मजबूत हुई। recent visitors 98

महाराष्ट्र की जीत को बताया ऐतिहासिक, झारखंड में जीत पर पीएम ने हेमंत सोरेन और गठबंधन को बधाई दी: पीएम मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र विधानसभा में महायुति की प्रचंड जीत को ऐतिहासिक बताते हुए कहा है कि यह विकास और सुशासन की जीत है। वहीं झारखंड में जीत पर पीएम ने हेमंत सोरेन और JMM के नेतृत्व वाले गठबंधन को बधाई दी है। पीएम ने महाराष्ट्र के नतीजों पर एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, 'विकास की जीत! सुशासन की जीत! एकजुट होकर हम और भी ऊंचे उठेंगे। एनडीए को ऐतिहासिक जनादेश देने के लिए महाराष्ट्र के मेरे भाई-बहनों, खासकर राज्य के युवाओं और महिलाओं का हार्दिक आभार। यह स्नेह और गर्मजोशी अद्वितीय है। मैं लोगों को आश्वस्त करता हूं कि हमारा गठबंधन महाराष्ट्र की प्रगति के लिए काम करता रहेगा। जय महाराष्ट्र।' झारखंड में जेएमएम गठबंधन को दी बधाई वहीं पीएम मोदी ने झारखंड विधानसभा चुनाव के नतीजों पर कहा, 'मैं झारखंड के लोगों को हमारे प्रति उनके समर्थन के लिए धन्यवाद देता हूं। हम लोगों के मुद्दों को उठाने और राज्य के लिए काम करने में हमेशा सबसे आगे रहेंगे। मैं राज्य में उनके प्रदर्शन के लिए JMM के नेतृत्व वाले गठबंधन को भी बधाई देता हूं।' इसके अलावा प्रधानमंत्री ने अन्य राज्यों के उपचुनावों में एनडीए उम्मीदवारों को मिली जीत पर कहा है कि एनडीए के जनहितैषी प्रयासों की गूंज हर जगह सुनाई दे रही है। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'मैं विभिन्न राज्यों के लोगों को विभिन्न उपचुनावों में एनडीए उम्मीदवारों को आशीर्वाद देने के लिए धन्यवाद देता हूं। हम उनके सपनों और आकांक्षाओं को पूरा करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। मुझे एनडीए के हर कार्यकर्ता पर गर्व है, जिन्होंने जमीनी स्तर पर काम किया। उन्होंने कड़ी मेहनत की, लोगों के बीच गए और हमारे सुशासन के एजेंडे पर विस्तार से बात की।' यह जीत हर महाराष्ट्रवासी की जीत: शाह वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने महाराष्ट्र की जीत पर कह है कि प्रचंड जनादेश ने झूठ के सहारे संविधान के नकली हितैषी बनने वालों की दुकान पर ताला लगाने का काम किया है। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'जय महाराष्ट्र। इस ऐतिहासिक जनादेश के लिए महाराष्ट्र की जनता का कोटि-कोटि वंदन। छत्रपति शिवाजी महाराज, बाबासाहेब आंबेडकर जी, ज्योतिबा फुले जी और वीर सावरकर जी की पुण्यभूमि महाराष्ट्र ने विकास के साथ-साथ संस्कृति और राष्ट्र को सर्वोपरि रखने वाले महायुति गठबंधन को इतना प्रचंड जनादेश देकर भ्रम और झूठ के सहारे संविधान के नकली हितैषी बनने वालों की दुकान पर ताला लगाने का काम किया है। यह जीत हर एक महाराष्ट्रवासी की जीत है।' झारखंड की जनता का व्यक्त किया आभार वहीं अमित शाह ने झारखंड में भाजपा को सबसे अधिक मत प्रतिशत का आशीर्वाद देने के लिए प्रदेश वासियों का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि वह झारखंड भाजपा के सभी कार्यकर्ताओं को उनके अथक परिश्रम के लिए शुभकामनाएं देते हैं। गृह मंत्री ने लिखा, 'भाजपा के लिए जनजातीय समाज की आकांक्षाओं की पूर्ति और उनकी अस्मिता की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। NDA की केंद्र सरकार झारखंड वासियों की उन्नति, प्रगति और जनजातीय विरासतों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और मोदी जी के नेतृत्व में हम निरंतर इस दिशा में कार्य करते रहेंगे। भाजपा झारखंड में एक सकारात्मक विपक्ष की भूमिका निभाएगी।' recent visitors 71

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- शहीद पुलिसकर्मियों ने देशभक्ति-जन सेवा के संदेश ध्येय वाक्य को सचमुच जिया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि कोरोना काल में जब इस बीमारी से अनजान बड़े-बड़े डॉक्टर्स ने अपने क्लीनिक बंद कर दिए थे, तब उन परिस्थितियों में भी पुलिस ने अपनी जान की परवाह न करते हुए मोर्चा संभाला। कोरोना काल में ड्यूटी करते हुए 155 पुलिसकर्मी शहीद हुए। उन्होंने सच्चे मायने में "देशभक्ति-जन सेवा" के संदेश को जिया और कर्त्तव्य की बलिवेदी पर प्राण न्यौछावर कर दिये। मैं सैल्यूट करता हूँ, ऐसे जांबाज योद्धाओं को। पुलिस जितनी सजगता और कर्तव्य परायणता के साथ काम करती है, उससे, उनके प्रति सम्मान और आदर में ओर अधिक वृद्धि हो जाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को भोपाल में अत्याधुनिक सर्व-सुविधायुक्त पुलिस चिकित्सालय 'स्वस्ति' के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मैदानी पुलिसकर्मियों को अपराध एवं अपराधियों पर नियंत्रण करने की दृष्टि से निर्मित डिजिटल एप ई-रक्षक और दिशा लर्निंग ऐप को भी लोकार्पित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लगभग साढ़े बारह करोड़ की लागत से बने इस अत्याधुनिक अस्पताल 'स्वस्ति' में सारी सुविधाएं उपलब्ध हैं। पुलिस विभाग के वित्तीय प्रबंधन और अनुशासन की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि अस्पताल को देखकर लगता है कि इसकी लागत और अधिक होनी चाहिए थी। कार्यक्रम के प्रारंभ में पुलिसकर्मियों की बेटियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का तिलक लगाकर स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पुलिस बैंड के साथ हर्ष फायर कर सलामी दी गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अस्पताल का निरीक्षण कर विजिटर बुक में अपने विचार अंकित किए। 40 हजार पुलिसकर्मियों को कर्मवीर योद्धा पदक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने म.प्र. पुलिस के 40 हजार पुलिसकर्मियों को कोरोना काल में अदम्य साहस और सराहनीय कार्य के लिए कर्मवीर योद्धा पदक से सम्मानित करते हुए प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सांकेतिक रूप से 5 पुलिसकर्मियों को पदक एवं प्रमाण पत्र प्रदान किए। कार्यवाहक निरीक्षक श्री मुनेंद्र गौतम, उप निरीक्षक सुश्री प्रियम्वदा सिंह, श्री गुलजार सिंह मार्को, आरक्षक श्री अजय पाल सिंह और आरक्षक श्री निशांत छारी को पदक एवं प्रशंसा पत्र प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिस महानिदेशक श्री सुधीर कुमार सक्सेना की सराहना करते हुए कहा कि विभाग का मुखिया ऐसा ही होना चाहिए है, जिस प्रकार से उन्होंने पुलिसकर्मियों के हित में स्वयं आगे होकर काम किए हैं।  डेटा से काम करेगी पुलिस, डंडे से नहीं पुलिस महानिदेशक ने "ई-रक्षक ऐप" के संबंध में बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा कॉन्फ्रेंस में अपने संबोधन में कहा था कि "इस इलेक्ट्रानिक युग में पुलिस को डंडे के बजाय डेटा से काम करने की आवश्यकता है।" उनकी मंशा अनुरूप एमपी ई-रक्षक ऐप के द्वारा पुलिसकर्मियों को आदतन अपराधियों की जानकारी एक क्लिक पर उपलब्ध हो जाएगी। पुलिसकर्मी अपने ड्यूटी क्षेत्र में रहने वाले आदतन अपराधियों की जानकारी एक साथ देख सकेंगे। गश्त के दौरान संदिग्ध व्यक्ति के नाम को अपराधी के डेटाबेस में सर्च किया जा सकेगा। इसके साथ ही फेस रिकग्नाइजेशन मॉड्यूल के अंतर्गत आरोपी का फोटो अपलोड कर उसे संबंधित जानकारी प्राप्त की जा सकती है। इसके साथ ही व्हीकल सर्च विंडो में जाकर गाड़ी का रजिस्ट्रेशन, ईंजन या चेसिस नंबर के द्वारा वाहन से संबंधित जानकारी प्राप्त की जा सकती है। चोरी एवं जप्ती हुए वाहन की जानकारी भी प्राप्त हो सकेगी। अन्य सुविधाओं से युक्त इस ऐप का भोपाल, इंदौर तथा अन्य जिलों में चरणबद्ध तरीके से ट्रॉयल रन प्रारंभ किया गया है। दिशा लर्निंग ऐप पुलिस महानिदेशक श्री सक्सेना ने कहा कि पुलिसकर्मी अपने कार्य के स्वरूप के कारण अपने व्यस्तताओं और मुख्यालय से बाहर ड्यूटी पर रहने के कारण बच्चों की शिक्षा पर ध्यान नहीं दे पाते हैं। इस दृष्टि से पुलिसकर्मियों के बच्चों को अत्याधुनिक शिक्षा की दृष्टि से शैक्षणिक माहौल प्रदान करने के लिए दिशा लर्निंग ऐप सेंटर स्थापित किए गए हैं। ये सेंटर जिलों एवं बटालियन में प्रारंभ किए गए हैं। इन सेंटर्स में पुलिसकर्मियों के बच्चे शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। ऐप से विद्यार्थियों को व्यापक सूचनाएं एवं मार्गदर्शन प्राप्त हो सकेगा। इसके साथ ही उन्हें कॅरियर गाइडेंस भी प्रदान किया जाएगा। यह ऐप 8वीं और उसके बाद की कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए बनाया गया है। यह ऐप विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई और रोजगार से संबंधित दिशा निर्धारित करने में सहायक होगा। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, महापौर श्रीमती मालती राय, भोपाल सांसद श्री आलोक शर्मा, विधायक श्री भगवानदास सबनानी, अपर मुख्य सचिव गृह श्री एस.एन. मिश्रा, पुलिस महानिदेशक श्री सुधीर कुमार सक्सेना, अपर पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना, अपर पुलिस महानिदेशक श्री उपेन्द्र जैन एवं अन्य पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।   recent visitors 61