पेशियों की न दें बार-बार तारीख, फील्ड में दिखे सक्रियता: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सुशासन तिहार के अंतर्गत अम्बिकापुर में सरगुजा, बलरामपुर-रामानुजगंज और जशपुर जिलों में योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि जनहितकारी शासकीय योजनाओं को बेहतर तरीके से अमलीजामा पहनाने वाले जिलों को पुरस्कृत किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों से टीम भावना से कार्य करते हुए वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में योगदान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के पहले चरण में प्रदेशभर से लगभग 40 लाख आवेदन प्राप्त हुए, जिनका समाधान दूसरे चरण में किया गया। अब तीसरे चरण में वे स्वयं जिलों का दौरा कर आम जनता से सीधा संवाद कर रहे हैं। जनता के प्रति जवाबदेह बनें अधिकारी मुख्यमंत्री ने तीनों जिलों के कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों और अन्य अधिकारियों से कहा कि वे जनता के सेवक हैं, उनकी जिम्मेदारी है कि समस्याओं का समयबद्ध तरीके से समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे नियमित रूप से फील्ड का दौरा करें, जनता के सुख-दुख में शामिल हों और शिकायतों के निपटारे में पेशियों की अनावश्यक तारीखें देना बंद करें। उन्होंने कहा कि राजस्व से संबंधित प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही अवैध रेत खनन के मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाए। बुनियादी जरूरतों पर विशेष ध्यान मुख्यमंत्री ने कहा कि पीने के पानी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। यदि कहीं पेयजल संकट की स्थिति बनती है, तो इसका तत्काल समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि तालाबों को सूखने से बचाने और ग्रामीण क्षेत्रों में जलस्रोतों की सुरक्षा की व्यवस्था की जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि बारिश शुरू होने से पहले किसानों को खाद-बीज की कमी न हो, इसके लिए विशेष निगरानी रखी जाए। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत बनने वाली सड़कों, पीएम आवासों तथा जिलों में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यो की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने और उनकी नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारियों के निर्देश गर्मी और बरसात के मौसम में मौसमी बीमारियों और सांप काटने की घटनाओं की संभावना को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में दवाइयों और एंटी-स्नेक वेनम की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। वनाधिकार और अतिक्रमण के मामलों में सख्त कार्रवाई के निर्देश मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वनाधिकार पट्टों की समीक्षा राजस्व, आदिवासी विकास और वन विभाग संयुक्त रूप से करें और केवल पात्र हितग्राहियों को ही पट्टा प्रदान किया जाए। उन्होंने अवैध पट्टा धारकों और अतिक्रमणकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही सीमावर्ती जिलों में अवैध रूप से निवास कर रहे लोगों की पहचान कर उनके विरुद्ध कार्रवाई करने को कहा। समीक्षा बैठक में कृषि मंत्री राम विचार नेताम, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, सरगुज़ा सांसद चिंतामणि महाराज, विधायक राजेश अग्रवाल, प्रबोध मिंज, राम कुमार टोप्पो, भैयालाल राजवाड़े, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, सरगुजा कमिश्नर नरेंद्र दुग्गा, सरगुजा आईजी दीपक झा सहित सरगुज़ा, बलरामपुर-रामानुजगंज एवं जशपुर जिले के अधिकारीगण उपस्थित रहे। recent visitors 59

सौभाग्य है कि महान शासिका देवी अहिल्याबाई के जीवन के विभिन्न प्रसंगों को नाट्य मंचन के माध्यम से परिचित होने का अवसर मिल रहा -CM

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह हम सब का सौभाग्य है कि मध्यप्रदेश की ऐसी महान शासिका देवी अहिल्याबाई के जीवन के विभिन्न प्रसंगों को नाट्य मंचन के माध्यम से परिचित होने का अवसर मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को कालिदास संस्कृत अकादमी के पण्डित सुर्यनारायण व्यास संकुल सभा गृह में देवी अहिल्या बाई की 300वीं जयंती वर्ष के अवसर पर अहिल्या बाई होलकर महानाटय – जीवन, अवदान और वैभव का गान के मंचन कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डॉ. साधना बलवटे की लिखी पुस्तक ‘’अहिल्या रूपेण संस्थिता’’ का विमोचन किया गया। इस अवसर पर प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, विधायक अनिल जैन कालुहेड़ा, महापौर मुकेश टटवाल, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, संजय अग्रवाल, संस्कार भारती के सह कोषाअध्यक्ष श्रीपाद जोशी, विशाल राजोरिया, जगदीश अग्रवाल, देवी अहिल्या बाई जयंती समारोह के जिला संयोजक उमेश सेंगर, जगदीश पांचाल एवं अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे। अतिथियों द्वारा मां सरस्वती और देवी अहिल्या बाई के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। संस्कृति संचलनालय के संचालक एन.पी. नामदेव और कालिदास संस्कृत अकादमी के निदेशक ड़ॉ. गोविंद गंधे ने अतिथियों का स्वागत किया। केन्द्र और राज्य सरकार देवी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती वर्ष के दौरान विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करा रही हैं। देवी अहिल्याबाई ऐसी बेटी थीं, जो विवाह के बाद सास-ससुर की भी बेटी ही बन कर रहीं। बचपन में देवी अहिल्याबाई ने बाजीराव जी की सवारी निकलने पर अपने स्थान से हटने से मना कर दिया था, क्योंकि वे उस समय भगवान शिव की पूजा कर रही थीं, यह प्रसंग उनके साहस को दर्शाता है। देवी अहिल्या बाई सदगुणों की खान थीं। उन्हें शास्त्रों के साथ शस्त्रों की भी शिक्षा प्रदान की गई थी। पति द्वारा युद्ध में जीती गई धन राशि को उन्होनें शासकीय खजाने में जमा करने के लिए कहा था, जो कि उनकी उदारता को दर्शाता है। देवी अहिल्याबाई ने प्राचीन सोमनाथ मंदिर और काशी विश्वनाथ मंदिर का जीर्णोद्धार कराया था। उन्होंने सनातन धर्म की ध्वजा को धारण करके एक आदर्श जीवन जिया है, जो सबके लिए अनुकरणीय है। उन्होंने कष्ट सहकर भी सुशासन की मिसाल पेश की। देवी अहिल्याबाई ने आमजन के लिये रोजगार के अवसर और उनकी बेहतरी के लिए महेश्वर में दक्षिण भारत के कारीगर बुलाकर हाथ से बुनी हुई साड़ी बुनने की कला से स्थानीय लोगों को परिचित करवाया। आज महेश्वर की साडि़यां विश्व भर में प्रसिद्ध हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश शासन ने महेश्वर और इन्दौर के राजवाड़ा में कैबिनेट बैठक का आयोजन देवी अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में ही किया है। उन्होंने कहा कि आगामी 31 मई को शासन द्वारा भोपाल में नारी सशक्तिकरण पर आधारित कार्यक्रम का भव्य स्तर पर आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपनी ओर सभी कलाकारों को शुभकामनाएं दीं और उनका सम्मान किया। मुख्यमंत्री निधि से कलाकारों को 5 लाख रूपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान करने की भी घोषणा की गई। कार्यक्रम में जानकारी दी गई कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा देवी अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती वर्ष के अवसर पर प्रदेश के पांच प्रमुख शहरों में देवी अहिल्या बाई पर केंद्रित नाटयों का मंचन किया जा रहा है। कालिदास संस्कृत अकादमी में महानाट्य की प्रस्तुति नागपुर के कलाकारों द्वारा सुप्रियंका ठाकुर के निर्देशन में दी गई।   recent visitors 47

लखनऊ ने गुजरात टाइटंस को उसके ही घर में हराया, टॉप 2 की राह हुई मुश्किल

अहमदाबाद इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2025 के मैच नंबर-64 में गुजरात टाइटन्स (GT) का सामना लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) से हुआ. 22 मई (गुरुवार) को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में आयोजित इस मुकाबले में लखनऊ सुपर जायंट्स ने 33 रनों से जीत हासिल की. मुकाबले में गुजरात टाइटन्स को जीत के लिए 236 रनों का टारगेट मिला था, लेकिन वो 9 विकेट पर 202 रन बना सकी. लखनऊ की ओर से मिचेल मार्श ने शतकीय पारी (117 रन) खेली, जबकि तेज गेंदबाज विलियम ओरोर्के ने 3 विकेट लिए. मौजूदा सीजन में गुजरात टाइटन्स की ये 13 मैचों में चौथी हार रही. हालांकि गुजरात टाइटन्स पहले ही प्लेऑफ में पहुंच चुकी है और वो अंकतालिका में पहले नंबर पर कायम है. दूसरी ओर लखनऊ सुपर जायंट्स की 13 मैचों में ये छठी जीत रही. अंकतालिका में छठे स्थान पर काबिज लखनऊ सुपर जायंट्स का प्लेऑफ से पत्ता कट चुका है. टारगेट का पीछा करते हुए गुजरात टाइटन्स की शुरुआत अच्छी रही. 'इम्पैक्ट सब' साई सुदर्शन और शुभमन गिल ने मिलकर 27 गेंदों पर 46 रनों की पार्टनरशिप की. तेज गेंदबाज विलियम ओरोर्के ने सुदर्शन (21 रन, 16 गेंद, 4 चौके) को आउट करके इस पार्टनरशिप को ब्रेक किया. सुदर्शन के आउट होने के बाद जोस बटलर संग शुभमन गिल की 39 रनों की साझेदारी हुई. शुभमन ने सात चौके की मदद से 20 बॉल पर 37 रन बनाए और उनका विकेट आवेश खान ने लिया. शुभमन के बाद जोस बटलर भी चलते बने, जिन्हें 'इम्पैक्ट सब' आकाश सिंह ने एक बेहतरीन इनस्विंगर पर बोल्ड किया. जोस बटलर ने 18 बॉल पर 33 रन बनाए, जिसमें तीन चौके और दो छक्के शामिल रहे. बटलर के आउट होने के बाद शेरफेन रदरफोर्ड और शाहरुख खान के बीच चौथे विकेट के लिए 86 रनों की पार्टनरशिप हुई, जिसने गुजरात टाइटन्स की मैच में वापसी कराई. इस पार्टनरशिप को विलियम ओरोर्के ने तोड़ा, जिन्होंने 17वें ओवर की पहली गेंद पर रदरफोर्ड को आउट किया. रदरफोर्ड ने 3 छक्के और एक चौके की मदद से 22 गेंदों पर 38 रन बनाए. रदरफोर्ड के आउट होने के बाद विकेटों की झड़ी लग गई. 17वें ही ओवर में विलियम ओरोर्के ने राहुल तेवतिया (2 रन) को भी पवेलियन रवाना कर दिया. फिर 18वें ओवर में अरशद खान (1) को शाहबाज अहमद ने चलता किया. इसी बीच शाहरुख खान क्रीज पर डटे रहे और उन्होंने 22 गेंदों पर अपनी फिफ्टी पूरी की. शाहरुख खान को 19वें ओवर में आवेश खान ने आउट किया. शाहरुख ने 29 गेंदों पर 57 रन बनाए, जिसमें 5 चौके और तीन छक्के शामिल रहे. पारी के आखिरी ओवर में आयुष बदोनी ने कगिसो रबाडा (2 रन) और आर. साई किशोर (1 रन) को आउट करके लखनऊ को शानदार जीत दिलाने में मदद की. recent visitors 65

आज आरसीबी हैदराबाद के खिलाफ भिड़ेगी, RCB जीत के साथ लीग चरण में शीर्ष दो में बनाना चाहेगी जगह

नई दिल्ली आईपीएल 2025 के प्लेऑफ में जगह बना चुकी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु आज सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मुकाबला जीतकर नौ साल में पहली बार लीग चरण में शीर्ष दो में जगह बनाना चाहेगी। आरसीबी 2016 सत्र में उप विजेता रही थी लेकिन इसके बाद से शीर्ष दो में नहीं पहुंची है। अभी टीम 12 मैच में 17 अंक के साथ तालिका में दूसरे स्थान पर है और अपने बचे हुए दो मैचों में जीत शीर्ष दो स्थान को सुरक्षित कर सकती है। शुक्रवार का मैच मूल रूप से बेंगलुरु की टीम का घरेलू मैच था लेकिन मानसून की शुरुआत के कारण इसे स्थानांतरित कर दिया गया।   भारत-पाकिस्तान सैन्य संघर्ष के कारण लीग के हुए व्यवधान से पहले आरसीबी शानदार फॉर्म में थी और टीम ने लगातार चार जीत हासिल की थी। लेकिन लीग के फिर शुरू होने के बाद पहले मैच के बारिश से धुलने के कारण उसकी लय में बाधा आ गई। 20 दिन के ब्रेक के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि टीम अपनी लय और प्रतिस्पर्धी बढ़त बरकरार रख पाती है या नहीं। आईपीएल खिताब जीतने की दौड़ में शामिल आरसीबी ने हाल के दिनों में अपना बेहतरीन प्रदर्शन किया है। हमेशा की तरह टीम के भरोसेमंद खिलाड़ी विराट कोहली शानदार फॉर्म में हैं, उन्होंने 11 पारियों में सात अर्धशतक बनाए हैं। कप्तान रजत पाटीदार, टिम डेविड और रोमारियो शेफर्ड ने समय-समय पर पावरहिटिंग करके उनका अच्छा साथ दिया है। हालांकि ब्रेक से ठीक पहले पाटीदार की फॉर्म में गिरावट आई। वह अपने पहले पांच मैचों में 37.2 की औसत के बाद अगले पांच मैचों में 10.6 के औसत से सिर्फ 53 रन ही बना पाए। चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ मैच के दौरान लगी उंगली की चोट से उबरने के बाद अब वह फिर नेट्स पर खुलकर बल्लेबाजी कर रहे हैं जो आरसीबी के लिए अच्छा संकेत है। क्रुणाल पंड्या और सुयश शर्मा की स्पिन जोड़ी बहुत प्रभावी रही है जबकि जोश हेजलवुड और यश दयाल ने तेज गेंदबाजी विभाग में मुश्किल ओवरों को आसानी से पूरा किया है। हेजलवुड हालांकि अपने कंधे की चोट से उबरने की वजह से मैच के लिए उपलब्ध नहीं होंगे। आरसीबी के अधिकांश विदेशी खिलाड़ी इस मैच और उसके बाद के लिए उपलब्ध हैं। पिछले साल फाइनल तक पहुंची सनराइजर्स हैदराबाद की टीम लखनऊ सुपर जायंट्स पर छह विकेट की जीत के बाद इस मुकाबले में उतरेगी। टीम इसी लय को जारी रखने और इस सत्र को जीत से समाप्त करने की कोशिश करेगी। एसआरएच के अभियान में विस्फोटक सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा और ट्रैविस हेड ने बीच बीच में अच्छी पारियां खेली लेकिन लगातार अच्छा नहीं कर सके जिसके कारण टीम तालिका में आठवें स्थान पर पहुंच गई है। कप्तान पैट कमिंस और भारत के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी जैसे खिलाड़ियों की मौजूदगी के बावजूद उनकी गेंदबाजी इकाई संघर्ष करती दिखी है। टीम इस प्रकार हैं : रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु: फिल साल्ट, विराट कोहली, रजत पाटीदार (कप्तान), मयंक अग्रवाल, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), टिम डेविड, क्रुणाल पंड्या, रोमारियो शेफर्ड, भुवनेश्वर कुमार, सुयश शर्मा, जोश हेजलवुड, यश दयाल, रसिख दार सलाम, मनोज भंडागे, जैकब बेथेल, स्वप्निल सिंह, लियाम लिविंगस्टोन, नुवान तुषारा, लुंगी एनगिडी, मोहित राठी, स्वास्तिक चिकारा, अभिनंदन सिंह। सनराइजर्स हैदराबाद: पैट कमिंस (कप्तान), ईशान किशन (विकेटकीपर), अथर्व तायडे, अभिनव मनोहर, अनिकेत वर्मा, सचिन बेबी, स्मरण रविचंद्रन, हेनरिक क्लासेन (विकेटकीपर), ट्रेविस हेड, हर्षल पटेल, कामिंडु मेंडिस, वियान मुल्डर, अभिषेक शर्मा, नीतिश कुमार रेड्डी, मोहम्मद शमी, राहुल चाहर, सिमरजीत सिंह, जीशान अंसारी, जयदेव उनादकट, ईशान मलिंगा।   recent visitors 54

एशिया में कोविड का नया वेरिएंट JN.1 से खतरे की घंटी? पिछले 1 साल में सबसे ज्यादा एक्टिव केस, डॉक्टर ने कही ये बात

नई दिल्ली कोरोना वायरस कहें या कोविड-19 साल 2020 के बाद से इसका खौफ लोगों के बीच खूब देखने को मिला. इस महामारी से दुनियाभर में सैंकड़ों लोगों ने जान गवाईं. अभी लोग ढंग से कोविड-19 द्वारा मचाई गई तबाही को भूले भी नहीं थे के इस बीच एशिया के कुछ देशों में कोरोना के केस फिर से बढ़ने लगे हैं. सिंगापुर, हांगकांग और थाईलैंड में संक्रमित लोगों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. इसकी वजह है ओमिक्रॉन का JN.1 वैरिएंट है जो बहुत जल्दी फैलता है और अब इसका असर दुनिया के कई हिस्सों में देखा जा रहा है. सिंगापुर में 3 मई तक के हफ्ते में 14,200 नए कोरोना केस मिले, जबकि पिछले हफ्ते यह संख्या 11,100 थी. वहां अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या में भी 30% बढ़ोतरी हुई है. इस वजह से वहां के हेल्थ ऑफिसर ज्यादा सतर्क हो गए हैं. हांगकांग में भी हालात अच्छे नहीं हैं. वहां कोरोना का फैलाव काफी ज्यादा बताया जा रहा है. हेल्थ ऑफिसर अल्बर्ट औ के मुताबिक, इस साल अब तक सबसे ज्यादा कोरोना पॉजिटिव केस सामने आए हैं. एक ही हफ्ते में 31 लोगों की मौत भी हुई है, जो एक साल में सबसे ज्यादा है. कई लोग गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हैं. भारत में अभी कोरोना के मामले कम हैं, लेकिन थोड़ी बढ़त जरूर हुई है. 19 मई तक 257 एक्टिव केस सामने आए हैं. आसपास के देशों में मामले बढ़ने की वजह से भारत के डॉक्टर और हेल्थ ऑफिर्स अलर्ट पर हैं और हालात पर नजर रख रहे हैं ताकि समय रहते कोई जरूरी कदम उठाया जा सके. लेकिन सवाल ये उठता है कि आखिर ओमिक्रॉन का ये नया वेरिएंट JN.1 क्या है? इसके लक्षण क्या हैं और ये कैसे फैलता है? चलिए जानते हैं. JN.1 वैरिएंट क्या है? JN.1 कोरोना वायरस का एक नया रूप है, जो ओमिक्रॉन से जुड़ा है. यह BA.2.86 नाम के पुराने वेरिएंट से निकला है, जिसे पिरोला भी कहा जाता है. इस वेरिएंट की पहचान सबसे पहले 2023 के आखिरी में हुई थी. इसके बाद यह अमेरिका, यूके, भारत, सिंगापुर और हांगकांग जैसे देशों में तेजी से फैल गया. इस वेरिएंट में स्पाइक प्रोटीन (वायरस का वो हिस्सा जिससे वह शरीर की सेल्स से चिपकता है) में एक खास बदलाव (म्यूटेशन) हुआ है. इस बदलाव की वजह से यह वायरस ज्यादा तेजी से फैल सकता है. यह शरीर की उस इम्युनिटी को भी बेद सकता है, जो वैक्सीन लगवाने या पहले कोविड होने के बाद बनी थी. कितना खतरनाक है JN.1? फिलहाल के आंकड़ों के मुताबिक, JN.1 वेरिएंट ओमिक्रॉन के पुराने वेरिएंट्स की तरह ही है और इससे गंभीर बीमारी होने का खतरा बहुत कम है. अधिकतर लोगों में इसके लक्षण हल्के से मध्यम लेवल के ही देखे गए हैं. इनमें गले में खराश, बहती नाक, हल्का बुखार, थकान और खांसी जैसे लक्षण शामिल हैं. ये लक्षण पहले वाले ओमिक्रॉन वायरस से बहुत मिलते-जुलते हैं. हालांकि, JN.1 की सबसे बड़ी चिंता इसकी तेजी से फैलने की क्षमता है. यह वेरिएंट बहुत आसानी से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है, इसलिए इसके केस तेजी से बढ़ सकते हैं. अभी तक डॉस्पिटल में एडमिट होने वालों की संख्या में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं देखी गई है, लेकिन फिर भी बुज़ुर्ग लोगों, पहले से बीमार लोगों और जिनकी इम्युनिटी कमजोर है उन्हें सतर्क रहने की जरूरत है. इस वेरिएंट को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सावधानी और सतर्कता बहुत जरूरी है, ताकि वायरस को फैलने से रोका जा सके. कोविड का नया वेरिएंट JN.1 क्या खतरे की घंटी कोरोना एक बार फिर एशिया के कुछ हिस्सों में दस्तक दे रहा है। भारत में पिछले एक साल में सबसे अधिक 257 सक्रिय केस दर्ज किए गए हैं, जिससे लोगों में हलचल तेज हो गई है। हालांकि, AIIMS के एक्सपर्ट डॉ संजय रॉय का कहना है कि JN-1 एक साल पुराना वेरिएंट है, कोई नया वायरस नहीं है। न ही यह कोई नया स्ट्रेन है। पॉजिटिव केस इसलिए सामने आ रहे हैं क्योंकि टेस्ट किए जा रहे हैं। मौजूदा हालात में JN.1 को लेकर घबराने वाली बात नहीं है। अभी तक इसको लेकर साइंस यही कहता है कि यह कॉमन कोल्ड है, इससे ज्यादा कुछ नहीं। स्वास्थ्य मंत्रालय का भी कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है। एम्स के कम्युनिटी मेडिसिन के एक्सपर्ट और कोरोना वैक्सीन ट्रायल के प्रमुख रहे डॉक्टर संजय रॉय ने बताया कि कोरोना फैमिली के हजार से भी ज्यादा वेरिएंट हैं। लेकिन, मुख्य रूप से सात ऐसे वायरस हैं जो इंसानों को प्रभावित करते हैं। 2002 तक कोरोना वायरस (CoV) इंसानों के लिए मामूली वायरस माना जाता था। लेकिन पिछले 20 से 25 सालों में इसके इफेक्ट को देखें तो कोरोना परिवार का 5वां वायरस सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम (SARS) आया। इसके बाद इस परिवार का छठा वायरस मिडिल ईस्ट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम कोरोना वायरस (MERS-CoV) आया। अब इसका 7वां वायरस कोविड-19 है। जहां तक वर्तमान हालात की बात है तो अब यह कॉमन कोल्ड है। इसके ज्यादा खतरनाक होने का कोई एविडेंस अभी नहीं है। वैज्ञानिक समझ के आधार पर करनी होगी बात डॉक्टर संजय ने कहा कि साइंस की बातें तो साइंस के आधार पर ही होनी चाहिए। वट्सऐप से जानकारी लेकर बातें नहीं करनी चाहिए। JN.1 वेरिएंट में नया कुछ नहीं है। एक साल पुराना है। इसको लेकर इतनी बातें करने के पीछे कोई साइंस तो नहीं दिख रहा है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर किसी का कमर्शियल इंट्रेस्ट हो तो यह अलग बात है, लेकिन यह भी बहुत दिनों तक नहीं चलता है। अमेरिका जैसे देश ने अपने यहां छह महीने तक के बच्चों का भी कोविड वैक्सीनेशन करा दिया, जबकि हमने साइंस की बात की। हमारी सरकार ने भी इसे तवज्जो दिया और 12 साल से कम उम्र के बच्चों को एक भी वैक्सीन नहीं लगी और वायरस का उनपर असर भी कुछ नहीं हुआ। हमें समझना होगा और वैज्ञानिक समझ के आधार पर ही बात करनी होगी। सिक्वेंसिंग में पहले भी मिला था वेरिएंट JN.1 दिल्ली में कोरोना वायरस पर नजर रखने के लिए जीनोम सिक्वेंसिंग की जाती थी, लेकिन सूत्रों का कहना है … Read more

तीन जून को राम मंदिर में दूसरी प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी, अयोध्या उत्सव की तैयारी में जुटी

अयोध्या  राम नगरी अयोध्या में इस समय तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। तीन जून को अयोध्या एक बार फिर भव्य उत्सव मनाने की तैयारी में जुटा हुआ है। तीन जून को राम मंदिर में दूसरी प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। इस बार राम दरबार समेत अन्य मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। संबंधित निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक होगी। बैठक में समिति चेयरमैन नृपेंद्र मिश्रा शामिल होंगे। राम मंदिर निर्माण को लेकर शुरू हो रही तीन दिवसीय समीक्षा बैठक में पहले और दूसरे तल समेत परकोटा के छह मंदिरों के निर्माण की प्रगति की समीक्षा होगी। सप्त मंडपम के मंदिरों की समीक्षा की जाएगी। राम मंदिर की लाइटिंग की भी समीक्षा की जाएगी। इसके अलावा राम मंदिर में आवागमन के लिए लगाई गई सीढ़ियों पर लगी रेलिंग के अतिरिक्त कुछ स्थानों पर पत्थरों को रिप्लेसमेंट करने को लेकर भी समीक्षा होगी। राम मंदिर में दूसरी बार प्राण-प्रतिष्ठा के लिए साधु-संतों को निमंत्रण दिया जा रहा है। उत्तराखंड के संतों को निमंत्रण देने के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपतराय के अलावा अन्य पदाधिकारी हरिद्वार पहुंचे हैं। महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि और योग गुरु बाबा रामदेव के अलावा अन्य संतों को निमंत्रण देंगे। नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि राम मंदिर का निर्माण 5 जून तक पूरा कर लिया जाएगा। राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा समारोह तीन जून से शुरू होगा। यह पांच जून तक चलेगा। पांच जून के बाद एक सप्ताह के अंदर सभी मंदिर दर्शन के लिए खोल दिए जाएंगे। इस बार अतिथि अलग होंगे। बता दें कि पिछले साल 22 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राम लला की प्राण प्रतिष्ठा भव्य राम मंदिर में हुई थी। इसमें खेल, बिजनेस और राजनीति से जुड़ी हस्तियों को आमंत्रित किया गया था।   recent visitors 58

इंदौर शहर साइबर क्राइम के लिए हॉट स्पॉट बन गया है, जहां फर्जी खाते और सिमकार्ड आसानी से उपलब्ध

इंदौर मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर साइबर स्कैम का नया गढ़ बन गई है। यहां फर्जी खाते-सिमकार्ड और एटीएम आसानी से मिल जाते हैं। इसी वजह से केंद्र सरकार ने इंदौर को हॉट स्पॉट घोषित कर दिया है। भारतीय साइबर क्राइम समन्वय केंद्र (आई4सी) की बैठक में इस मुद्दे पर गहन चिंतन हुआ। बैठक में जोन-2 के डीसीपी अभिनय विश्वकर्मा को भी बुलाया गया। दिल्ली में हाल ही में भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र में देशभर की बैंक सेक्टर, साइबर पुलिस, राष्ट्रीय जांच एजेंसी व साइबर अपराध से जुड़े अधिकारियों की बैठक हुई। गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश पर होम सेक्रेटरी के नेतृत्व में हुई बैठक में साइबर अपराध से जुड़े कई विषयों पर चर्चा हुई।  इसमें बताया गया कि देशभर के 35 साइबर क्राइम हॉटस्पॉट में एमपी के इंदौर शहर का नाम भी सामने आ रहा है। बीते कुछ समय में यहां डिजिटल अरेस्ट से लेकर अन्य साइबर अपराध हुए हैं। बैठक में उन राज्यों पर भी बात हुई जहां के कुछ क्षेत्र में विशेष रूप से साइबर अपराध हो रहे हैं। इन अपराधों पर कैसे रोक लगाई जाए और एनसीआरपी (नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल ) में शिकायत दर्ज होने के बाद कैसे कार्रवाई हो सके, इस पर भी चर्चा हुई। भोपाल, इंदौर से भी अधिकारी बैठक में शामिल हुए थे। इंदौर में फर्जी अकाउंट और सिमकार्ड आसानी से मिल जाते हैं केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सभी डीजीपी को इसके नियंत्रण के निर्देश दिए। शनिवार को दिल्ली में आई4सी की बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता गृह मंत्रालय में पदस्थ सचिव गोविंद मोहन द्वारा की गई। प्रदेश से इंटेलिजेंस एडीजी ए. साईं मनोहर, साइबर डीआइजी मोहम्मद यूसुफ कुरैशी और इंदौर से डीसीपी अभिनय विश्वकर्मा को बुलाया गया। इसमें बताया गया कि इंदौर में म्यू खाते, सिमकार्ड आसानी से मिल जाते हैं। इंदौर में यहां होती है ठगों की डील फर्जी एडवाइजरी फर्म और एटीएम विड्राल के लिए भी सुरक्षित माना गया है। दुबई, लाओस, कंबोडिया जैसे शहरों में बैठे साइबर अपराधी पैडलर के माध्यम से फ्रॉड करते हैं। इंदौर के विजयनगर, तुकोगंज, तिलकनगर, पलासिया, एरोड्रम, अन्नपूर्णा, भंवरकुआं, खजराना, लसूड़िया, कनाड़िया जैसे क्षेत्रों में होटल, रेस्त्रां, कैफे पर ही डील हो जाती है। इसी तरह उत्तमनगर (दिल्ली), नुहू(हरियाणा), भरतपुर (राजस्थान), नालंदा (बिहार), देवगढ़ (झारखंड) भी कुख्यात हैं। बगैर सत्यापन के करंट खाते खोल रहे बैंक अफसर बैठक में सीबीआइ, आरबीआइ, ट्राई, साइबर सेल, ईडी सहित तमाम एजेंसियों के अफसर शामिल हुए। बैंक अफसरों की भूमिका पर चर्चा की गई। अफसरों ने कहा कि साइबर अपराधी किराए का अनुबंध करवा कर कंपनी रजिस्टर्ड करवा लेते हैं। उससे करंट खाता खुल जाता है। बैंक अफसर भौतिक सत्यापन नहीं करते। इसी तरह कैनोपी लगाकर चौराहों पर सिमकार्ड इशू करने वालों के लिए गाइड लाइन तैयार होना चाहिए। सिमकार्ड पोर्ट करने और नई सिम इशू करवाने पर दो-तीन कार्ड जारी हो जाते हैं। अफसरों ने कहा साइबर अपराधियों को पकड़ने और विवेचना के लिए भी प्रशिक्षण की आवश्यकता है। खाते फ्रीज करने, सिमकार्ड ब्लाक करने और बैंक से जानकारी लेने के अधिकार और ज्यादा मजबूत करने की आवश्यकता है। दुकानदार, मजदूरों के नाम से खुल रहे करंट खाते शहर में कई गिरोह सक्रिय हैं, जो धड़ल्ले से फर्जी सिमकार्ड और फर्जी करंट खाते मुहैया करवा रहे हैं। इस गिरोह द्वारा दुकानदार, मजदूर, सब्जी बिक्रेताओं के नाम से भी खाते और सिम खरीदे गए हैं। लसूड़िया थाना क्षेत्र में तो कई होटलों में अपराधियों के रूम बुक रहते हैं। साठ फीट रोड पर तो कैफे हाउस में ही डील हो जाती है। साइबर अपराध के सेंटर पर इस तरह हुई चर्चा -इंदौर की बात की जाए तो यहां डिजिटल अरेस्ट, बैंक खातों से ठगी कर पैसा निकालने व अन्य साइबर फ्रॉड होते हैं। इंदौर को फर्जी सिम और फर्जी बैंक खाते का हॉटस्पॉट माना गया। ये भी चर्चा हुई कि मल्टीपल लेयर में खातों में पैसा ट्रांसफर होने पर पुलिस जांच धीमी हो जाती है। इस वजह से अपराधी तक पहुंचने में समय लगता है। झारखंड, पश्चिम बंगाल की गैंग की घेराबंदी में मुश्किलें आती हैं। -सवाल उठे कि किराए के व्यापार पर गुमाश्ता बनाकर करंट अकाउंट खुल जाते है। बैंक अपने स्तर पर ऐसे खाताधारकों को वेरिफाई नहीं कर पाती। यही वजह है कि करंट खाते का साइबर ठगी में सबसे अधिक इस्तेमाल हो रहा है। -फर्जी सिम का खेल भी जारी है। लोगों को पता नहीं चलता और ठग उनसे तीन-तीन बार फिंगरप्रिंट लेते हैं। एक ही व्यक्ति के नाम कई सिम अलॉट हो जाती हैं। इसे बाद में साइबर ठग इस्तेमाल करते हैं। –मध्यप्रदेश में भोपाल भी साइबर ठगी के मामले में आगे हैं। उन शहरों पर भी चर्चा हुई जो राजस्थान और उप्र की बॉर्डर से लगे हैं। यहां भी साइबर फ्रॉड हो रहा है। किस राज्य में किस तरह का साइबर फ्रॉड गुजरात और केरल : यहां के कुछ स्थान से साइबर फ्रॉड हो रहे हैं। ठगी के बाद एटीएम से ठगी का पैसा निकाला जा रहा है। पश्चिम बंगाल, राजस्थान, दिल्ली : यहां के कुछ इलाकों से फर्जी बैंक खाते तैयार कर उसे ठगी में इस्तेमाल कर रहे हैं। ठगी में विदेशी कनेक्शन डिजिटल अरेस्ट में विदेशी नेटवर्क की बात सामने आई। लाओस, कंबोडिया से ऐसे बैंक खाते संचालित हो रहे हैं, जिनमें चेन सिस्टम में ठगी का पैसा ट्रांसफर हो रहा है। recent visitors 42