चीनियों ने जिनपिंग से कहा उन्‍हें सुरक्षा के लिए अब पाकिस्‍तानी सैनिकों पर भरोसा नहीं

इस्‍लामाबाद पाकिस्‍तान और चीन के बीच बलूचों के हमलों को लेकर तनाव बढ़ता जा रहा है। बलूच व‍िद्रोही चाइना पाकिस्‍तान आर्थिक कॉरिडोर (CPEC) को बनाने में लगे चीनी इंजीनियरों पर लगातार खूनी हमले कर रहे हैं। यही नहीं चीनी बिजनसमैन को भी पाकिस्‍तान के पंजाब प्रांत के अंदर न‍िशाना बनाया जा रहा है। इससे उनके अंदर दहशत का माहौल है। चीनियों ने साफ तौर पर शी जिनपिंग की सरकार को बोल दिया है कि उन्‍हें सुरक्षा के लिए अब पाकिस्‍तानी सैनिकों पर भरोसा नहीं है। हम चीनी सैनिकों को प्राथमिकता देंगे। इन हमलों की वजह से कई चीनी बिजनसमैन पाकिस्‍तान छोड़ना चाहते हैं और उन्‍हें पाकिस्‍तान के अंदर अपना कोई भविष्‍य नहीं दिख रहा है। इससे राष्‍ट्रपति जिनपिंग अब चीनी सेना को तैनात करने को लेकर भारी दबाव में हैं। चीन अगर पाकिस्‍तान में सेना को तैनात करता है तो इसका पाकिस्‍तान और भारत पर क्‍या असर होगा? आइए समझते हैं चीन सरकार पर यह दबाव तब बढ़ गया है जब पिछले महीने दोनों चीनी इंजीनियरों की बलूचों के हमले में मौत हो गई। चीन ने सीपीईसी परियोजना पर अब तक 62 अरब डॉलर का निवेश किया है। सीपीईसी चीन के बीआरआई के सबसे बड़े प्राजेक्‍ट में से एक है। बीआरआई चीनी राष्‍ट्रपति का ड्रीम प्राजेक्‍ट है और सीपीईसी को इसका मुखौटा करार दिया जाता है। चीन के इस प्राजेक्‍ट का बलूच‍िस्‍तान में कड़ा विरोध हो रहा है और बलूचिस्‍तान लिबरेशन आर्मी ने चीनी लोगों को वापस जाने के लिए अल्‍टीमेटम दे रखा है। चीनियों की सुरक्षा में तैनात हैं 15 हजार पाक‍िस्‍तानी सैनिक चीनी निवेशकों को अब तक पाकिस्‍तानी सेना और चीन की निजी सुरक्षा एजेंसियों से सुरक्षा मिली हुई है। हालांकि बाद में पाकिस्‍तान ने विदेशी सुरक्षा एजेंसियों पर प्रतिबंध लगा दिया। बीआरआई मामलों के विशेषज्ञ अलेसांद्रो अरदुइनो ने फाइनेंशियल टाइम्‍स से कहा कि मैं समझता हूं कि यह मुद्दा अब अहम मोड़ पर पहुंच चुका है और सुरक्षा मुहैया कराने के मुद्दे पर चीन पाकिस्‍तान से और ज्‍यादा डिमांड कर रहा है। पाकिस्‍तान में चीनी सुरक्षा एजेंसियां करेंगी, वह पूरी दुनिया के लिए एक लिटमस टेस्‍ट होगा। इससे पता चलेगा कि चीन अपने नागरिकों की पूरी दुनिया में कैसे सुरक्षा करेगा। पाकिस्‍तानी सेना ने चीनियों की सुरक्षा के लिए करीब 15 हजार जवानों को तैनात किया है, इसके अलावा एक नौसैनिक यूनिट को ग्‍वादर में रखा है जहां चीन नौसैनिक अड्डा बना रहा है। इन सैनिकों की तैनाती का पूरा खर्च चीन के रक्षा मंत्रालय को वहन करना पड़ रहा है। बलूच विद्रोहियों ने ग्‍वादर पोर्ट को भी निशाना बनाने का प्रयास किया था जहां बड़ी संख्‍या में चीनी नागरिक काम करते हैं। बलूच 26 मार्च को पाकिस्‍तानी वायुसेना के पीएनएस सिद्दीक एयरबेस को भी निशाना बना चुके हैं। इन हमलों को रोकने में पाकिस्‍तानी सेना को काफी नुकसान पहुंचा है। पाकिस्‍तानी सेना की दुनिया में उड़ेगी खिल्‍ली चीनियों में खौफ की वजह एक यह है कि हाल ही में पाकिस्‍तानी सुरक्षा गार्ड ने दो चीनी वर्कर्स को गोली मार दी थी जिसमें वे बुरी तरह से घायल हो गए थे। इन सब वजहों से चीन पाकिस्‍तान में अपने सुरक्षाकर्मी तैनात करना चाहता है। चीन के सैनिक तैनात होना पाकिस्‍तान की संप्रभुता का खुला उल्‍लंघन होगा और दुनियाभर में पाकिस्‍तानी सेना की जो खिल्‍ली उड़ेगी, वह अलग से होगी। इसी वजह से पाकिस्‍तानी सेना चाह रही है कि चीन जासूसी और निगरानी करने में मदद करे। वहीं चीन के आर्थिक गुलाम बन चुके पाकिस्‍तान में अगर चीनी सेना आती है तो इसका भारत पर भी असर होगा। चीन की सेना पाकिस्‍तान पहुंची तो भारत को खतरा! यह वजह है कि भारत इस पूरे घटनाक्रम पर कड़ी नजर बनाए हुए है। चीन अगर पाकिस्‍तान में अपनी सेना को तैनात करता है तो वे पीओके में भी आएंगे। पीओके से ही होकर सीपीईसी परियोजना जाती है। भारत इसका कड़ा विरोध करता रहा है। भारत ने साफ कहा है कि पीओके उसका हिस्‍सा है और मानता है कि अगर कोई भी विदेशी मौजूदगी नई दिल्‍ली की संप्रभुता का उल्‍लंघन है। भारत ने बार-बार पड़ोसी देशों श्रीलंका, नेपाल और बांग्‍लादेश को चेतावनी दी है कि वे बीआरआई से पैदा होने वाले खतरे से सजग रहें। बीआरआई आज दुनिया में कर्ज के जाल के रूप में देखा जा रहा है। वहीं अगर चीनी सेना पीओके में मौजूदगी बनाने में कामयाब हो जाती है तो इससे भारत के उत्‍तरी सीमा पर उसका प्रभाव काफी बढ़ जाएगा। इससे दोनों देशों से एक साथ निपटने की भारत की रणनीति और जटिल हो जाएगी। recent visitors 72

अब तक 38 हजार 118 महिला यात्रियों को मेरी सहेली ने सुरक्षित यात्रा के लिए सहायता प्रदान कराई

भोपाल मध्य प्रदेश में स्टेशनों और ट्रेनों में महिला यात्रियों के लिए रेलवे विभाग की ओर से 'मेरी सहेली ऑपरेशन' चलाया जा रहा है. रेलवे की ओर से इस अभियान का उद्देश्य महिला यात्रियों को बेहतर सुविधाएं और सहायता पहुंचाना है. ऑपरेशन मेरी सहेली से अभी तक रेलवे ने 38 हजार 188 महिला यात्रियों की सहायता की है. पश्चिम मध्य रेल भोपाल जनसंपर्क अधिकारी के मुताबिक, महिला यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रेलवे बल ने ऑपरेशन मेरी सहेली की पहल की है. इस ऑपरेशन का उद्देश्य महिला यात्रियों को सुरक्षित यात्रा का अनुभव प्रदान करता है और किसी भी तरह की मुसीबत से उनकी रक्षा करनी है. इस अभियान के तहत रेलवे सुरक्षा बल ने कई तरह के विशेष प्रबंध भी किए हैं, ताकि महिला यात्री यात्रा के दौरान किसी भी तरह से असहज महसूस न करें. इसके अतिरिक्त आरपीएफ ने महिला यात्रियों को सुरक्षा के उपायों और जागरूकता के बारे में भी जानकारी दी है, ताकि उनपर किसी भी तरह का कोई संकट न आए. 38 हजार महिला यात्रियों की मदद ऑपरेशन मेरी सहेली अभियान से लगातार महिला यात्रियों को जागरूक किया जा रहा है. कोई भी महिला किसी भी संकट से बचने के लिए इस अभियान का में हिस्सा ले सकती है. यही कारण है कि इस अभियान के जरिए महिला यात्री जागरूक हुई हैं और अब तक 38 हजार 118 महिला यात्रियों को मेरी सहेली ने सुरक्षित यात्रा के लिए सहायता प्रदान कराई है. मददगार है 'मेरी सहेली ऑपरेशन'     विशेष सुरक्षा प्रबंध- रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में महिला यात्रियों को विशेष सुरक्षा व्यवस्था प्रदान की गई है. रेलवे स्टेशनों पर महिला यात्रियों के लिए महिला आरपीएफ कर्मी भी तैनात किए गए हैं और ट्रेन में महिला गार्ड की व्यवस्था की गई है.     जागरूकता और प्रशिक्षण- महिला यात्री को सुरक्षा से जुड़े सभी पहलुओं को बताया जा रहा है. इसके अलावा आरपीएफ कर्मी महिलाओं को सुरक्षा उपायों, जैसे कि चोरी, छेड़छाड़ और आपातकालीन स्थिति में किस तरह से मदद प्राप्त करनी है, इन सभी पहलुओं के बारे में जानकारी दी जा रही है.     तत्काल समाधान और सहायता- महिला यात्रियों को किसी भी तरह की मुसीबत में तत्काल और त्वरित समाधान सुनिश्चित कराई जाती है. आरपीएफ ने यात्रियों की मदद के लिए 24 घंटे उपलब्ध रहने वाला एक विशेष नंबर भी जारी किया है, ताकि कोई भी यात्री किसी भी तरह की मुसीबत में हेल्पलाइन नंबर पर सहायता मांगे.     आपातकालीन संपर्क- आरपीएफ की ओर से महिला यात्रियों के लिए एक टोल फ्री नंबर भी जारी किया है. जिसमें यात्री किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्थिति में तुरंत संपर्क कर सकें.     परिवार को सूचना देना- महिला यात्री को इस अभियान में यह भी सलाह दी जाती है कि किसी भी यात्रा के दौरान यात्रा की जानकारी परिवार के सदस्य के साथ भी साझा करनी चाहिए, ताकि अप्रत्याशित स्थिति में घरवालों से सूचित किया जा सके. आरपीएफ की अपील रेलवे सुरक्षा बल ने महिला यात्रियों से अपील की है वे अपनी सुरक्षा के लिए हमेशा सतर्क रहें और किसी भी समस्या में आरपीएफ से तुरंत संपर्क करें. आरपीएफ की विशेष हेल्पलाइन और सुरक्षा उपायों का सही उपयोग करके महिला यात्री अपनी यात्रा को सुरक्षित करें और किसी भी तरह की स्थिति में अपना आत्मविश्वास न खोएं. पश्चिम मध्य रेल भोपाल जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि यात्रा के दौरान महिला यात्री अपने सामान और स्वयं की सुरक्षा का भी ध्यान दें. किसी भी संदिग्ध व्यक्ति से सावधान रहें. किसी भी तरह की समस्या होने पर आरपीएफ या हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके जानकारी दें. recent visitors 147

गरीबों एवं मध्यम वर्ग के बीच जोखिम लेने की संस्कृति को पुनर्जीवित किया है जो भारत में बड़े बदलाव ला रही : PM मोदी

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज कहा कि उनकी सरकार ने अच्छी आर्थिक नीतियों एवं सुशासन के बल पर जनता का आत्म विश्वास बढ़ाया है और गरीबों एवं मध्यम वर्ग के बीच जोखिम लेने की संस्कृति को पुनर्जीवित किया है जो भारत में बड़े बदलाव ला रही है। मोदी ने यहां देश के प्रतिष्ठित समाचार पत्र हिन्दुस्तान टाइम्स के 100 वर्ष पूरे होने के मौके पर यहां आयोजित एक कार्यक्रम में यह भी कहा कि उनकी सरकार ने निवेश से रोज़गार, विकास से गरिमा का जो मंत्र दिया है, उससे लोगों का जीवन आसान हुआ और उनमें सम्मान एवं स्वाभिमान का भाव पैदा हुआ जिसने देश एवं समाज के विकास को भी गति दी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि जिन लोगों ने लंबे समय तक भारत की राजनीति और नीतियों को देखा है। उन्हें पहले एक जुमला अक्सर सुनाई देता था- अच्छी आर्थिकी इज बुरी राजनीति। विशेषज्ञ कहे जाने वाले लोग इसे खूब बढ़ावा देते थे। लेकिन इससे पहले की सरकारों को हाथ पर हाथ रख कर बैठे रहने का बहाना मिल जाता था। यह एक तरह से कुशासन को, अक्षमता को छिपाने का माध्यम बन गया था। पहले सरकार इसलिए चलाई जाती थी कि बस अगला चुनाव जीत लिया जाए। चुनाव जीतने के लिए एक वोट बैंक बनाया जाता था और फिर उस वोट बैंक को खुश करने के लिए योजनाएं बनती थी। इस प्रकार की राजनीति ने सबसे बड़ा नुकसान यह किया कि देश में असंतुलित असमानता इसका दायरा बहुत बढ़ता गया। कहने को विकास बोर्ड लग जाता था दिखता नहीं था। असंतुलित अवस्था ने, इस मॉडल ने जनता का सरकारों के प्रति विश्वास तोड़ दिया। उन्होंने कहा, “हम आज इस विश्वास को वापस लाए हैं। हमने सरकार का एक उद्देश्य तय किया है। ये उद्देश्य वोटबैंक वाली जो राजनीति होती है ना उससे हजारों मील दूर है। हमारी सरकार का उद्देश्य एक बड़ा है, विराट है, व्यापक है। हम, जनता का विकास, जनता द्वारा विकास एवं जनता के लिए विकास के मंत्र को लेकर चल रहे हैं। हमारा उद्देश्य नया भारत बनाने का है, भारत को विकसित बनाने का है। और जब हम इस विराट लक्ष्य को लेकर निकल पड़े हैं तो भारत की जनता ने भी हमें अपने विश्वास की पूंजी सौंपी है। आप कल्पना कर सकते हैं सोशल मीडिया के इस जमाने में भ्रामक प्रचार दुष्प्रचार सब कुछ चारों तरफ अपने पैर जमा करके बैठा है। इतने सारे अखबार हैं, इतने सारे चैनल हैं, उस दौर में भारत के नागरिक का विश्वास हम पर है, हमारी सरकार पर है।” उन्होंने कहा कि जब जनता का विश्वास बढ़ता है, आत्मविश्वास बढ़ता है तो देश के विकास पर एक अलग ही प्रभाव दिखता है। पुरानी विकसित सभ्यताओं से लेकर आज के विकसित देशों तक एक चीज हमेशा से आम रही है, ये आम चीज है जोखिम उठाने की संस्कृति। एक समय था जब हमारा देश पूरे विश्व के कारोबार और संस्कृति का हॉटस्पॉट था। हमारे व्यापारी एवं नाविक एक तरफ दक्षिण पूर्वी एशिया के साथ काम कर रहे थे, तो दूसरी ओर अरब, अफ्रीका और रोमन साम्राज्य से भी उनका गहरा नाता जुड़ता था। उस समय के लोगों ने जोखिम लिया और इसलिए भारत के उत्पाद एवं सेवाएं सागर के दूसरे छोर तक पहुंच पाए। आजादी के बाद हमें जोखिम लेने की इस संस्कृति को और आगे बढ़ाना था। लेकिन आजादी के बाद की सरकारों ने तब के नागरिकों को वो हौसला ही नहीं दिया, इसका परिणाम ये हुआ कि कई पीढ़ियां एक कदम आगे बढ़ाने और दो कदम पीछे खींचने में ही गुजर गई। अब बीते 10 सालों में देश में जो परिवर्तन आए हैं उन्होंने भारत के नागरिकों में जोखिम उठाने की संस्कृति को फिर से नई ऊर्जा दी है। उन्होंने कहा, “आज हमारा युवा हर क्षेत्र में जोखिम उठाने लगा है। कभी एक कंपनी शुरू करना जोखिम माना जाता था, 10 साल पहले तक मुश्किल से किसी स्टार्टअप का नाम सुनते थे…आज देश में रजिस्टर्ड स्टार्टअप्स की संख्या सवा लाख से ज्यादा हो गई है। एक जमाना था कि खेलों में और खेलों को पेशे के रूप में अपनाने में भी जोखिम था, लेकिन आज हमारे छोटे शहरों के नौजवान भी ये जोखिम उठाकर दुनिया में देश का नाम रोशन कर रहे हैं। स्वसहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं का भी उदाहरण है। आज देश में करीब एक करोड़ लखपति दीदी बनी हैं। ये गांव-गांव में उद्यमी बनकर अपना कुछ बिजनेस चला रही हैं। मुझे कुछ समय पहले एक ग्रामीण महिला से संवाद करने का अवसर आया, उस महिला ने मुझे बताया था कि कैसे उसने एक ट्रैक्टर खरीदा और अपनी कमाई से पूरे परिवार की आय बढ़ा दी। एक महिला ने एक जोखिम लिया और अपने पूरे परिवार का जीवन बदल डाला। जब देश के गरीब और मध्य वर्ग के लोग जोखिम लेना शुरू कर दें तब बदलाव सही मायने में दिखने लगता है। यही हम भारत में आज होते देख रहे हैं।” प्रधानमंत्री ने कहा, “आज भारत का समाज अभूतपूर्व आकांक्षाओं से भरा हुआ है। इन आकांक्षाओं को हमने अपनी नीतियों का बड़ा आधार बनाया है। हमारी सरकार ने देशवासियों को एक बहुत अनूठा पैकेज दिया है…ये कॉम्बो, निवेश से रोज़गार, विकास से गरिमा का है। हम विकास का ऐसा मॉडल लेकर चल रहे हैं जहां निवेश हो, निवेश से रोज़गार सृजित हो, विकास हो और वो विकास भारत के नागरिकों की गरिमा बढ़ाएं, गरिमा सुनिश्चित करें। अब जैसे देश में शाैचालय बनाने का एक उदाहरण है। मैं छोटी चीजें इसलिए बता रहा हूं कि कभी-कभी हमें लगता है इसका कोई मूल्य ही नहीं है…लेकिन इसकी कितनी बड़ी ताकत होती है, इसका एक उदाहरण है कि हमारे देश में हमने एक मिशन लिया शाैचालय बनाने का, देश की बहुत बड़ी आबादी के लिए ये सुविधा के साथ-साथ सुरक्षा और गरिमा का भी माध्यम है।” उन्होंने कहा कि इस योजना की जब बात होती है तो अक्सर कहा जाता है कि इतने करोड़ शौचालय बने हैं… ठीक है बन गए होंगे। लेकिन ये जो शौचालय बने हैं ना उनको बनाने में ईटें लगी हैं, लोहा लगा है, सीमेंट लगा है, काम करने वाले लोग हैं। और ये सारा सामान किसी दुकान से … Read more

इसरो अगले सप्ताह जीसैट-20 की लॉन्चिंग करेगा, इसमें स्पेसएक्स के रॉकेट का इस्तेमाल होगा

नई दिल्ली एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के साथ बड़ी डील की है। दोनों मिलकर GSAT-20 कम्युनिकेशन सैटलाइट लॉन्च करने वाले हैं। अगले सप्ताह स्पेसएक्स के Falcom 9 रॉकेट की लॉन्चिग हो सकती है। पहली बार है जब कि इसरो और स्पेसएक्स आपसी सहयोग से इस तरह की लॉन्चिंग कर रहा है। बता दें कि यह डील इसलिए भी खास है क्योंकि डोनाल्ड ट्रंप एलन मस्क के खास दोस्त हैं। वह हाल ही में अमेरिका के राष्ट्रपति निर्वाचित हुए हैं। इसके बाद ही इस डील को भी अंतिम रूप मिला है। GSAT-20 सैटलाइट 4700 किलो का है और भारत के रॉकेट के लिए इसे ले जाना काफी मुश्किल है। ऐसे में इस लॉन्चिंग के लिए स्पेसएक्स का सहारा लिया जा रहा है। यह लॉन्चिंग अमेरिका केप कैनावराल से होगी। यह सैटलाइट अगले 14 साल तक काम करता रहेगा। इससे पहले लॉन्चिंग सर्विस के लिए इसरो फ्रांस की कमर्शल लॉन्च कंपनी का सहारा लेता था। भारी सैटलाइट्स की लॉन्चिंग के लिए इसकी जरूरत पड़ती थी। हालांकि कंपनी के पास अब कोई भी ऑपरेशनल रॉकेट नहीं है। यूक्रेन से चल रहे संघर्ष के बीच रूस लॉन्चिंग नहीं कर पा रहा है। ऐसे में स्पेसएक्स फायदा भी उठा रहा है। यह सैटलाइट पूरे भारत में सेवा देगा। रिमोट इलाकों में इंटरनेट के लिए सैटलाइट उपलब्ध रहेगा। इसरो के चेयरमैन राधाकृष्णन दुराइराज ने कहा, इस लॉन्चिंग की लगभग लागत 60 से 70 मिलियन डॉलर है। बता दें कि कम कीमत में लॉन्चिंग के मामले में भारत और स्पेसएक्स की स्पर्धा भी चल रही है। वहीं एलन मस्क यह भी चाहते हैं कि भारत में उनकी स्पेसएक्स स्टारलिंक सैटलाइट सर्विस के इस्तेमाल को भी मंजूरी मिल जाए। अभी सुरक्षा कारणों से भारत में इसे इजाजत नहीं मिली है। भारत ने अंतरिक्षयात्रियों को आईएसएस तक भेजने के लिए भी स्पेसएक्स के साथ डील की है। राष्ट्रपति चुनाव से पहले की डील अंतरिक्ष प्रक्षेपण की दृष्टि और समय बिल्कुल सही है। हालांकि, संयोग से ये डील अमेरिकी चुनाव रिजल्ट से पहले की है। इसलिए वाशिंगटन डीसी या नई दिल्ली के आलोचक 'क्रोनी कैपिटलिज्म' का मुद्दा नहीं उठा सकते हैं। यह स्पेसएक्स के साथ भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के कई वाणिज्यिक जुड़ावों में से पहला है। जबकि कुछ लोग कहते हैं कि इसरो और स्पेसएक्स कम लागत वाले प्रक्षेपणों के लिए प्रतिस्पर्धी हैं। हालांकि ग्लोबल कमर्शियल स्पेस मार्केट में किसी को भी संदेह नहीं है कि स्पेसएक्स बहुत आगे है। यह सभी जानते है कि डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच बहुत अच्छा रिश्ता है। दोनों नेता एक दूसरे को 'अपना दोस्त' कहते हैं। अमेरिका से क्यों हो रही लॉन्चिंग जीसैट-एन2 को अमेरिका के केप कैनावेरल से प्रक्षेपित किया जाएगा। इसरो की तरफ से निर्मित 4,700 किलोग्राम का यह उपग्रह भारतीय रॉकेटों के लिए बहुत भारी था। इसलिए इसे विदेशी कमर्शियल प्रक्षेपण के लिए भेजा गया। भारत का अपना रॉकेट 'बाहुबली' या लॉन्च व्हीकल मार्क-3 अधिकतम 4,000-4,100 किलोग्राम वजन को भूस्थिर स्थानांतरण कक्षा में ले जा सकता था। इस मिशन की लाइफ 14 साल है। भारत अब तक अपने भारी उपग्रहों को प्रक्षेपित करने के लिए एरियनस्पेस पर निर्भर था। हालांकि, वर्तमान में उसके पास कोई भी चालू रॉकेट नहीं है। भारत के पास एकमात्र विश्वसनीय विकल्प स्पेसएक्स के साथ जाना था। चीनी रॉकेट भारत के लिए अनुपयुक्त हैं। वहीं, यूक्रेन में संघर्ष के कारण रूस कमर्शियल लॉन्चिंग के लिए अपने रॉकेट की पेशकश करने में सक्षम नहीं है। क्या कह रहा इसरो इसरो की बेंगलुरु स्थित कमर्शियल ब्रांच न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष और एमडी राधाकृष्णन दुरईराज ने एक टीवी चैनल से बातचीत में कहा कि स्पेसएक्स के साथ इस पहली लॉन्चिंग पर हमें अच्छी डील मिली। उन्होंने कहा कि इस स्पेशल सैटेलाइट को लॉन्च करने की कीमत… टेक्निकल अनुकूलता और कमर्शियल डील… मैं कहूंगा कि स्पेसएक्स के फाल्कन 9 रॉकेट पर इतने भारी उपग्रह को लॉन्च करना हमारे लिए अच्छा सौदा था। recent visitors 68

ग्वालियर निगम ने पानी सप्लाई की व्यवस्था में बड़ा बदलाव, 50 दिन बाद तिघरा जलाशय का पानी एक दिन छोड़कर दिया जाएगा

ग्वालियर ग्वालियर शहर के लोगों को अब एक दिन छोड़कर ही जल प्रदाय होगा। इसकी शुरुआत शनिवार (16 नवंबर) से हो गई है। शनिवार को आधे शहर में पानी नहीं आया है। जबकि इस बार अच्छी बारिश से ग्वालियर की लाइफ लाइन तिघरा लबालब हो गया था। जानकारी के अनुसार ग्वालियर नगर निगम ने रोज पानी सप्लाई की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। 50 दिन बाद अब शहर वासियों को तिघरा जलाशय का पानी एक दिन छोड़कर दिया जाएगा। निगम के जिम्मेदारों का दावा है कि सर्दी के मौसम में पानी की बचत कर मई-जून में रोज सप्लाई की जाएगी। 16 नवंबर को 58 पानी की टंकियों से 36 वार्डों के विभिन्न मोहल्ले-कॉलोनियों में सप्लाई की गई है। इसमें पांच स्थानों पर डायरेक्ट पानी सप्लाई भी शामिल है। दूसरे दिन 17 नवंबर को 56 पानी की टंकियों से सप्लाई होगी। 33 वार्डों के कॉलोनी मोहल्लों में पानी की सप्लाई का दिन रहेगा। इसी तरह एक दिन छोड़कर पानी सप्लाई होगा। अच्छी बारिश के दौरान तिघरा जलाशय लबालब भर गया था। उस दौरान जल संसाधन विभाग ने 15 नवंबर तक रोज पानी सप्लाई देने का फैसला लिया था। उस फैसले के तहत रोज पानी सप्लाई हो रहा था। अब नई व्यवस्था के तहत 16 नवंबर से 30 अप्रैल 2025 तक एक दिन छोड़कर पानी मिलेगा और 1 मई 2025 से 31 अगस्त तक फिर से रोज पानी सप्लाई होगी। आज (शनिवार) यहां हुई पेयजल सप्लाई रक्कास टैंक, सागर ताल डायरेक्ट सप्लाई, लक्ष्मीबाई कालोनी, लक्ष्मण तलैया, शिंदे की छावनी क्षेत्र खल्लासीपुरा में डायरेक्ट, दाल बाजार-लोहिया बाजार-नया बाजार और ओल्ड हाईकोर्ट क्षेत्र में डायरेक्ट सप्लाई, बीएसएफ कालोनी टंकी, शताब्दीपुरम टंकी, पिंटो पार्क टंकी, महाराजपुरा पहाड़ी, महाराजा काम्पलेक्स डीडी नगर, डीडी नगर के सेक्टर-1, सेक्टर-जी की टंकी, रेलवे कालोनी, एमिटी पहाड़ी, जड़ेरूआ पानी की टंकी, कुंज विहार, अमलताश कालोनी, शिव कालोनी, नारायण विहार, थाटीपुर बजरिया, शारदा विहार, कर्मचारी आवास कालोनी, दर्पण कालोनी, डाइट, तुलसी नगर, न्यू कलेक्ट्रेट, आरकेबीएम, हुरावली, गुप्तेश्वर पहाड़ी, हनुमान पहाड़ी पुरानी टंकी, हेम सिंह की परेड, समाधिया कॉलोनी, गुड़ी पाएगा, जवाहर कालोनी, सिकंदर कंपू, डांग वाले बाबा, अवाड़ापुरा पार्क, अवाड़पुरा पहाड़ी टंकी से क्षेत्रों सप्लाई की गई है। रविवार (17 नवंबर) को यहां आएगा पानी ट्रांसपोर्ट नगर लक्ष्मीपुरम, रक्कास टैंक, इस्लामपुरा, शंकरपुर, हीरा भूमिया- 1, हीरा भूमिया-2, माता मंदिर, सत्यनारायण की टेकरी, विनय नगर सेक्टर-3 और 4, 12 बीघा मोहित गार्डन, 24 बीघा चंदन नगर, इंद्रा कालोनी, आनंद नगर ए और बी ब्लॉक की टंकी, जगनापुरा, पीएचई कालोनी, झलकारी बाई, कोटेश्वर टैंक, एवीएम कॉन्वेंट स्कूल किलागेट, तानसेन नगर, नूरगंज, रेशम मिल, कांच मिल, साकेत नगर, गांधी नगर, द्वारकापुरी, हुजरात कोतवाली, जेएएच अस्पताल, मांढरे की माता संपवै, आम खो पानी की टंकी, मुड़िया पहाड़, इंदरगंज, पंचवटी वस्त्र नगर, चेतकपुरी, माधव नगर, मानसिंह कालेज, गड्ढेवाला मोहल्ला, कृष्णा पहाड़ी मोतीझील, गोला का मंदिर, न्यू शांति नगर, निंबा जी की खो, गोरखी न्यू, गोरखी पुरानी, गजराराजा टैंक, संजय नगर, राजा गैस गोदाम, ब्रिगेड लक्कड़खाना, हाथी खाना, पंचमुखी हनुमान संपवेल आदि शामिल है। नई व्यवस्था से 31 अगस्त तक का पानी तिघरा जलाशय से रोज पानी की सप्लाई व्यवस्था के तहत 12-13 एमसीएफटी पानी लिया जा रहा है। अब एक दिन छोड़कर पानी सप्लाई व्यवस्था में 8 एमसीएफटी पानी लिया जाएगा। इससे रोज 4-5 एमसीएफटी पानी की बचत होगी। इससे तिघरा में 31 अगस्त तक पानी का स्टोरेज रहेगा। recent visitors 57

अब आतंकवादी अपने घरों में भी सुरक्षित नहीं हैं, यह भारत की सुरक्षा में आई मजबूती का प्रतीक है: पीएम मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान का नाम लिए बगैर चुनौती देते हुए कहा कि भारत अब बदल चुका है। आतंकवादी अब अपने घरों में भी सुरक्षित नहीं रह पाते हैं। आज प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद, विकास और उनकी सरकार की नीतियों पर विस्तार से चर्चा की। अपने उद्घाटन भाषण में उन्होंने कहा कि अब आतंकवादी अपने घरों में भी सुरक्षित नहीं हैं, यह भारत की सुरक्षा में आई मजबूती का प्रतीक है। प्रधानमंत्री मोदी ने मुंबई के 26/11 आतंकवादी हमले की रिपोर्टों का उल्लेख करते हुए कहा, "आज मैंने एक प्रदर्शनी में 26/11 के हमले से जुड़ी रिपोर्टें देखीं। उस समय आतंकवाद भारतवासियों के लिए एक बड़ा खतरा था और लोग खुद को असुरक्षित महसूस करते थे।" उन्होंने यह भी कहा कि अब स्थितियां बदल चुकी हैं, "अब आतंकवादी अपने घरों में भी सुरक्षित महसूस नहीं करते।" वोट-बैंक राजनीति से दूर, विकास के लिए प्रतिबद्ध प्रधानमंत्री ने अपनी सरकार की नीतियों को स्पष्ट करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने हमेशा विकास को प्राथमिकता दी है और वोट-बैंक राजनीति से दूर रही है। उन्होंने कहा, "हमारी सरकार का स्पष्ट उद्देश्य है'लोगों के लिए, लोगों द्वारा विकास'। हम केवल जनहित की दिशा में काम कर रहे हैं।" भारत को विकसित बनाने का संकल्प प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि उनका उद्देश्य भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना है। उन्होंने कहा, "हमारा लक्ष्य भारत को एक समृद्ध और विकसित राष्ट्र बनाना है। भारतीयों ने हमें अपना विश्वास दिया है और हम उस विश्वास को पूरी ईमानदारी से निभा रहे हैं।" उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए फैल रही गलत जानकारी और अफवाहों का भी जिक्र किया और कहा कि उनकी सरकार दृढ़ और अडिग है। युवाओं में जोखिम उठाने की क्षमता का विकास प्रधानमंत्री मोदी ने यह स्वीकार किया कि स्वतंत्रता के बाद भारत में युवाओं में जोखिम उठाने की भावना का अभाव था, लेकिन पिछले 10 वर्षों में यह पूरी तरह से बदल चुका है। उन्होंने कहा, "आज भारत में 1.25 लाख से अधिक रजिस्टर्ड स्टार्टअप्स हैं और हमारे युवा देश को गर्व महसूस कराने के लिए तत्पर हैं।" रोजगार सृजन में सरकार की योजनाएं प्रधानमंत्री ने अपनी सरकार की स्वच्छता और रोजगार सृजन योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, "हमारे देश में शौचालय बनाने का अभियान शुरू किया गया था। यह योजना केवल स्वच्छता सुधारने में नहीं, बल्कि रोजगार सृजन और अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा देने में मददगार रही है। यह योजना सम्मान और सुरक्षा प्रदान करती है।" गैस कनेक्शन से लेकर टॉयलेट निर्माण तक प्रधानमंत्री मोदी ने एलपीजी गैस कनेक्शन के महत्व को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा, "कभी गैस कनेक्शन सिर्फ एक सपना था। इस पर बहस होती थी। लेकिन हमारी सरकार ने हर घर में गैस कनेक्शन देने का कार्य प्राथमिकता से किया। 2014 में 14 करोड़ गैस कनेक्शन थे आज 30 करोड़ से अधिक गैस कनेक्शन हैं। अब कभी गैस की कमी की बात नहीं सुनाई देती।" प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में यह भी कहा कि उनकी सरकार ने देश को मजबूत, आत्मनिर्भर और प्रौद्योगिकी-सक्षम राष्ट्र बनाने के लिए कई योजनाओं की शुरुआत की है। आने वाले समय में इन योजनाओं का और प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन किया जाएगा। recent visitors 113

जनजाति समाज की सेकडीबाई को बाग प्रिंट के लिए मिला सम्मान

कुक्षी जनजाति समाज के विगत  2011  से बाग प्रिंट का कार्य मध्यप्रदेश जनअभियान परिषद के सहयोग से कर रही है सेेकडी बाई पति अमन मुजाल्दा ग्राम रामपुरा विकासखंड कुक्षी में बाग प्रिंट का कार्य स्वयं द्वारा किया जाता है तथा विभिन्न मेलों में एवं है बाजारों में अपने बाग प्रिंट शिल्प कला के वस्त्रों को विक्रय हेतु एवं निशुल्क बाग प्रिंट का प्रशिक्षण देने वाली जनजाति महिला सेकडी बाई को सम्मान मिलने से कुक्षी क्षेत्र का गौरव बढ़ाया उनके पति अमन मुजाल्दा  को 2013,को भोपाल मे मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा आयोजित सृजन मेले मे सम्मानित किया जा चुका है इस कार्य मे पुरा परिवार अपना व कई परिवारो को ग्राम मे ही रोजगार उपलब्ध करा रहा है जनजाति गौरव  दिवस धार मे  महामहिम राज्यपाल मंगूभाई जी पटेल  व माननीय मुख्यमंत्री डाक्टर मोहन यादव केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर द्वारा सम्मानित किया गया। पहली बार बाग हस्तकला प्रिंट को लेकर जनजाति महिला को मिला सम्मान यूं तो बाग प्रिंट हस्त कला विश्व भर में प्रसिद्ध है जो मूल रूप से इस कला में पारंगत हैं वर्षों से इस कार्य को कर है वे शासन के सम्मान से दुर थे किंतू एक लंबे समय बाद ही सही जनजाति गौरव दिवस पर बाग प्रिंट के लिए वास्तविक कार्य करने वाली जनजाति महिला का सम्मान करना ही जनजाति गौरव दिवस मनाने का कार्य सार्थक हुआ recent visitors 76