मंत्री अहिरवार ने कहा हमें जैव विविधता के महत्व को समझने और उसके संरक्षण के लिये प्रयास करने होंगे

जैव विविधता का संरक्षण जीवन के लिये अत्यंत महत्वपूर्ण : राज्य वन मंत्री अहिरवार  मंत्री दिलीप सिंह अहिरवार ने कहा कि जैव विविधता का संरक्षण हमारे जीवन के लिये अत्यंत महत्वपूर्ण  मंत्री अहिरवार ने कहा हमें जैव विविधता के महत्व को समझने और उसके संरक्षण के लिये प्रयास करने होंगे अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर कार्यशाला एवं संगोष्ठी हुई भोपाल वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री दिलीप सिंह अहिरवार ने कहा कि जैव विविधता का संरक्षण हमारे जीवन के लिये अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हमें जैव विविधता के महत्व को समझने और उसके संरक्षण के लिये प्रयास करने होंगे। मंत्री अहिरवार नरोन्हा प्रशासन अकादमी में अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जैव विविधता के संरक्षण के लिये सरकार के साथ मिलकर समाज को भी काम करना होगा। राज्य मंत्री अहिरवार ने कहा कि वन विभाग द्वारा संघर्ष एवं चुनौती के साथ प्रकृति और पेड़-पौधों को संरक्षित करने का सराहनीय कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पथरीली जमीन पर भी कठिन परिश्रम से पौधे लगाकर वन तैयार करने का प्रशंसनिय कार्य वन विभाग के अधिकारी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में विलुप्त हो रहे जीवों के संरक्षण का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हाल ही में विलुप्त हो रहे किंग कोबरा को वन विहार में बेंगलुरू (कर्नाटक) से लाया गया है। वन विभाग गिद्ध, घड़ियाल और मगरमच्छ के भी संरक्षण का कार्य कर रहा है। मंत्री अहिरवार ने अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर सभी को बधाई और शुभकामनाएं दीं। मंत्री अहिरवार ने अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर राज्य स्तरीय वार्षिक जैव विविधता पुरस्कार, राज्य स्तरीय वार्षिक जैव विविधता पुरस्कार 2023-24 और मध्यप्रदेश राज्य स्तरीय जैव विविधता क्विज प्रतियोगिता के पुरस्कारों का वितरण किया। उन्होंने इस अवसर पर जैव विविधता पर आधारित पोस्टर का विमोचन भी किया। मंत्री अहिरवार ने कार्यक्रम स्थल पर जैव विविधता वनस्पति स्टॉल प्रदर्शनी का अवलोकन किया। मंत्री अहिरवार ने कार्यक्रम में जैव विविधता आधारित नुक्कड़ नाटक भी देखा। अपर मुख्य सचिव वन अशोक वर्णवाल ने कहा कि जैव विविधता दिवस का उद्देश्य प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और उसके महत्व को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष की थीम "प्रकृति के साथ सामंजस्य और सतत् विकास" है, जो हमें प्रकृति के साथ संतुलन बनाने और उसके संरक्षण के लिये प्रेरित करती है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख असीम श्रीवास्तव ने कहा कि वन विभाग द्वारा जैव विविधता के क्षेत्र में कई नवाचार किये जा रहे हैं। विभाग द्वारा जंगलों के संरक्षण का कार्य प्राथमिकता के साथ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वनस्पति और जीव-जंतुओं का संरक्षण जैव विविधता के संरक्षण के लिये महत्वपूर्ण है। वन बल प्रमुख श्रीवास्तव ने कहा कि वन विभाग द्वारा वृक्षारोपण का कार्य किया जा रहा है, जिससे वन क्षेत्र में वृद्धि होगी और जैव विविधता का संरक्षण होगा। मुख्य वन संरक्षक एवं सदस्य सचिव मध्यप्रदेश राज्य जैव विविधता बोर्ड सुदीप सिंह ने जैव विविधता बोर्ड द्वारा की जा रही उपलब्धियों की जानकारी कार्यशाला में साझा की। उन्होंने कहा कि जैव विविधता बोर्ड द्वारा नये अभियान चलाकर जैव विविधता का संरक्षण का किया जा रहा है। अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता कार्यशाला एवं संगोष्ठी में तकनीकी एवं विचार विमर्श सत्र आयोजित किये गए। इन सत्रों में विषय विशेषज्ञों द्वारा जैव विविधता के बारे में जानकारी दी गई। कार्यशाला में जैव विविधता पर केन्द्रीत थीम सॉन्ग की प्रस्तुति भी की गई। इस अवसर पर वन विभाग के अधिकारी/कर्मचारी, प्रकृ‍ति प्रेमी एवं नागरिक उपस्थित रहे।   recent visitors 46

मोदी जी की डबल इंजन सरकार के साथ मध्यप्रदेश भी आगे बढ़ रहा है : सीएम यादव

भोपाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देशभर के 103 रेलवे स्टेशनों का वर्चुअली लोकार्पण किया। इनमें एमपी के 6 स्टेशन- नर्मदापुरम, श्रीधाम, कटनी साउथ, शाजापुर, सिवनी और ओरछा शामिल हैं। कार्यक्रम में एमपी के सीएम डॉ. मोहन यादव नर्मदापुरम से जुड़े। उन्होंने कहा कि ये बदलते दौर का बदलता भारत है। भोपाल के भेल में वंदे भारत और मेट्रो ट्रेन के कोच बनाए जाएंगे। स्वामी विवेकानंद ने 1904 में कहा था कि 21वीं सदी भारत की होगी, आज हम इस अवधारणा को साकार होता देख रहे हैं। मोदी जी की डबल इंजन सरकार के साथ मध्यप्रदेश भी आगे बढ़ रहा है। मोदी जी के नेतृत्व में देश एकजुट  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में प्रधानमंत्री ने भारत की ताकत दिखा दी है। ये मोदी जी की कूटनीति का ही नतीजा है कि पाकिस्तान को तीन देशों के अलावा कहीं समर्थन नहीं मिला। पहलगाम हमले के बाद आतंकियों का मकसद देश में दंगे भड़काना था लेकिन मोदी जी के नेतृत्व में देश एकजुट रहा। ये लोकतंत्र की जीत है। मोदी में विश्वास की जीत है। एमपी के 6 स्टेशन पर 86 करोड़ रुपए हुए खर्च  एमपी के 6 स्टेशन पर 86 करोड़ रुपए की लागत से हाईमास्ट लाइटिंग, मॉडर्न वेटिंग रूम, टिकट काउंटर, टॉयलेट और दिव्यांगों के लिए रैंप जैसी यात्री सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। प्लेटफॉर्म पर शेल्टर, कोच इंडिकेशन सिस्टम और सूचना के लिए डिजिटल डिस्प्ले लगाए गए हैं। हर स्टेशन पर मध्यप्रदेश की लोक कला, संस्कृति और परंपराओं की झलक भी देखने को मिल रही है। मध्य प्रदेश के 6 स्टेशनों की खासियत नर्मदापुरम 1- लागतः संस्कृति और 'नर्मदा थीम' पर आधारित है जिसकी लागत लागत – 26 करोड़ रुपए खासियतः यात्रियों के लिए 3100 वर्गमीटर क्षेत्र में सौंदर्गीकृत सर्कुलेटिंग एरिया, 1000 वर्गमीटर में आधुनिक एलईडी लाइटिंग की सुविधा, मां नर्मदा की पुण्यभूमि पर आधुनिकता और आस्था का संगम भी प्रस्तुत करेगा। सुविधाएं: भोपाल मंडल का पहला सबसे चौड़ा 12 मीटर का फुट ओवर ब्रिज, स्टेशन पर भव्य प्रवेश द्वार, नवनिर्मित प्रतीक्षालय, मॉर्डन टिकट काउंटर, दिव्यांगजन अनुकूल रैंप और शौचालय की व्यवस्था 2- श्रीधाम रेलवे स्टेशन लागतः      24 करोड़ रुपए खासियतः शंकराचार्य स्वरूपानंद की तस्वीरें लगाई गई हैं। वास्तुकला में मध्यप्रदेश की लोककला झलकती है। जो इसे केवल यात्रा का स्थान नहीं, बल्कि सांस्कृतिक अनुभव का केंद्र बनाती है। सुविधाएं: एयर कंडीशनर वेटिंग हॉल, एलईडी डिस्प्ले बोर्ड, स्वच्छ शौचालय, दिव्यांगों के लिए रैंप, पार्किंग और ठंडे पानी की सुविधा उपलब्ध कराई गई हैं। 3- सिवनी रेलवे स्टेशन लागतः जंगल बुक पर आधारित 14.46 करोड़ रुपए खासियत: पेंच टाइगर रिजर्व और 'जंगल बुक पर आधारित चित्रकारी, स्थानीय कला और भित्ति चित्र, वन स्टेशन वन प्रोडक्ट' के तहत स्थानीय उत्पादों का प्रोत्साहन । सुविधाएं: भव्य प्रवेश द्वार, सर्कुलेशन क्षेत्र का विस्तार, नई पार्किंग, लिफ्ट और एस्केलेटर, एयर कंडीशनर वेटिंग हॉल, भुवनेश्वर मॉडल पर आधारित शौचालय, हरित परिदृश्य और बगीचे, सीसीटीवी। 4- कटनी साउथ रेलवे स्टेशन लागतः 12.88 करोड़ खासियत: सर्कुलेटिंग एरिया में पार्क निर्माण व महाराणा प्रताप की प्रतिमा का निर्माण। प्लेटफॉर्म में शेल्टर व डिस्प्ले बोर्ड। सुविधाएं: स्टेशन भवन का निर्माण व भव्य प्रवेश द्वार, वीआईपी वेटिंग हॉल, पर्याप्त टिकट काउंटर, दिव्यांगों के लिए शौचालय व रैम्प, हाई लेवल प्लेटफॉर्म कवर शेड, सर्कुलेटिंग एरिया का सौंदर्याकरण। 5- शाजापुर रेलवे स्टेशन लागतः 13 करोड़ रुपए खासियत: 140 वर्ग मीटर में फैला 'आर्ट एंड कल्चर जोन' यात्रियों का ध्यान आकर्षित कर रहा है। यह शाजापुर की सांस्कृतिक विविधता को दर्शाता है। सुविधाएं: नया फुट ओवर ब्रिज, छायादार क्षेत्र, सर्कुलेटिंग एरिया, नया प्रवेश द्वार, टिकट काउंटर, आधुनिक वेटिंग हॉल, एलईडी, दिव्यांगों के लिए विशेष सुविधाएं, VIP वेटिंग हॉल, सेकंड क्लास वेटिंग हॉल और पार्किंग। 6- ओरछा रेलवे स्टेशन लागतः 6.5 करोड़ रुपए,रामराजा की थीम पर डिजाइन खासियत: रामराजा मंदिर की थीम पर स्टेशन को डिजाइन किया गया है। रामराजा सरकार और हनुमानजी की मूर्ति भी स्थापित की गई हैं। सुविधाएं: सर्कुलेटिंग एरिया का विस्तार किया गया है। बाउंड्री वॉल पर रामायण के दृश्य बनाए। अलग पार्किंग। टिकट के लिए काउंटर के अलावा एटीवीएम। तीन मीटर चौड़ा एफओबी बनाया है। पे एंड यूज टॉयलेट बनाए। recent visitors 39

मुख्यमंत्री यादव आज सिवनी मालवा में देश के वीर सैनिकों के सम्मान में आयोजित तिरंगा यात्रा में शामिल हुए शहर

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार को नर्मदापुरम जिले के सिवनी मालवा में देश के वीर सैनिकों के सम्मान में आयोजित "तिरंगा यात्रा" में शामिल हुए। अपार जोश और उल्लास के साथ तिरंगा यात्रा स्थानीय शासकीय कुसुम स्नातकोत्तर महाविद्यालय से प्रारंभ हुई और नर्मदापुरम मार्ग से होकर कृषि उपज मंडी प्रांगण में सम्पन्न हुई। तिरंगा यात्रा में मुख्यमंत्री डॉ. यादव तिरंगे फूलों से सजाए गए विशेष रथ में सवार थे। उन्होंने इस दौरान हाथ हिलाकर नागरिकों का अभिवादन किया। तिरंगा यात्रा के दौरान पूरा शहर राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत हो गया और आसमान "भारत माता की जय" और "वंदे-मातरम्" के उद्घोष से गुंजायमान हुआ। यात्रा में लोक निर्माण मंत्री एवं नर्मदापुरम जिले के प्रभारी मंत्री राकेश सिंह, क्षेत्रीय सांसद दर्शन सिंह चौधरी, राज्यसभा सांसद श्रीमती माया नारोलिया, सिवनी मालवा विधायक प्रेम शंकर वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए। हाथों में राष्ट्रध्वज तिरंगा लिए सभी समुदायों और सभी आयु वर्ग के नागरिक बड़ी संख्या में इस तिरंगा यात्रा में भरपूर उत्साह के साथ शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस दौरान "तिरंगा यात्रा" में शामिल नागरिकों पर पुष्प वर्षा कर अभिनंदन किया। विभिन्न सामाजिक एवं शैक्षिक संगठनो द्वारा आतिशबाजी की गई और तिरंगा यात्रा में शामिल नागरिकों पर पुष्प वर्षा भी की गई।   recent visitors 35

बांधवगढ़ में घास खाते बाघ को देखकर हैरान हुए लोग, Viral हुआ Video

उमरिया मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व (Bandhavgarh Tiger Reserve) में पर्यटक उस और वक्त टाइगर सफारी के दौरान रोमांचित हो उठे. जब एक बाघ को घास खाते हुए देखा गया. ये नजारा देख सफारी का लुत्फ उठा रहे पर्यटकों ने कहा- अरे वाह…ये कैसे..? इसके बाद पर्यटकों के समूह से एक पर्यटक ने अपना कैमरा ऑन किया. इस सुंदर दृश्य को अपने कैमरे में कैद कर लिया. खितौली जोन में दिखा है ये बाघ दरअसल, वीडियो में बाघ घास खाते हुए दिखाई दे रहा है. अब ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. यह वीडियो (Video Viral) उस समय का है, जब पर्यटक बांधवगढ़ के खितौली जोन में सफारी का लुत्फ उठा रहे थे. एक मिनट 40 सेकंड के इस वायरल हो रहे वीडियो में बाघ बड़े आराम से घास खाते हुए दिख रहा है. हालांकि, बाघ का घास खाने का यह मामला कोई असामान्य विषय नहीं है, कुत्ते, बिल्ली, बाघ समेत ऐसे कई जानवर होते हैं, जो कभी-कभी घास खाते हैं. वो ऐसा तब करते हैं जब उन्हें पाचन क्रिया में परेशानी होती है. डायरेक्टर अनुपम सहाय से ने  वीडियो की पुष्टि की  उमरिया के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में पदस्थ डायरेक्टर अनुपम सहाय से बात हुई थी तो उन्होंने इस वीडियो की पुष्टि की है और बाघ को हरी घास खाने पर कहा कि जब उन्हें पाचन क्रिया में समस्या होती है तो घास खाते हैं. बाघ भी खाता है घास वायरल हो रहा वीडियो पीलीभीत के टाइगर रिज़र्व का है. यहां पर आपको एक टाइगर दिखाई दे रहा है, ज सड़क के किनारे टहल रहा है. उसके ठीक सामने एक मरा हुआ अजगर पड़ा हुआ है. वो उसके पास से निकलकर सामने मौजूद घास खाने लगता है. उसे इस तरह से घास चलते हुए देखकर आप भी आश्चर्य में पड़ जाएंगे. आखिर बाघ खास कैसे खा सकता है, जबकि वो विशुद्ध तौर पर मांसाहारी जानवर है. अजगर ने कर दिया बुरा हाल इस वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर lucknowfeed नाम के अकाउंट से शेयर किया गया है. इसके साथ जानकारी दी गई है कि पीलीभीत टाइगर रिज़र्व के इस बाघ ने अजगर खा लिया था, जिसके बाद उसकी हालत खराब हो गई. उल्टी हुई लेकिन फिर भी ठीक नहीं लग रहा था. वीडियो पर कमेंट करते हुए कुछ लोगों ने बताया कि बाघ और कुत्ते भी कई बार पेट ठीक नहीं होने पर घास खाते हैं. वहीं कुछ यूज़र्स ने आश्चर्य जताया कि ये घास कैसे खा रहा है. घास चबाने से मिलता है राहत और पोषण विशेषज्ञों का कहना है कि घास में फाइबर और कुछ विशेष पोषक तत्व होते हैं जो शेर और बाघ जैसे जानवरों के पाचन को बेहतर बनाते हैं। घास चबाना केवल एक आदत नहीं बल्कि एक स्वास्थ्य लाभकारी प्रक्रिया है। यह आदत उनके पेट के स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए लाभकारी है। तनाव कम करने का प्राकृतिक तरीका विशेषज्ञों का मानना है कि घास चबाने का यह व्यवहार जानवरों को मानसिक राहत भी देता है। शेर और बाघ जैसे जानवरों का जीवन भी कई बार तनावपूर्ण हो सकता है खासकर जब वे अपने इलाके की सुरक्षा कर रहे होते हैं या अपने भोजन की तलाश में होते हैं। ऐसे में घास चबाना उनके लिए एक स्वाभाविक और कारगर तरीका है जिससे वे खुद को संतुलित और स्वस्थ महसूस करते हैं। बाघिन ने बहन के 3 शावकों को 4 साल पाला सीधी जिले के संजय दुबरी टाइगर रिजर्व की मौसी बाघिन T28 ने करीब चार साल बाद अपने पांच शावकों को खुद से अलग कर दिया है। 19 मई को इसके शावक दुबरी रेंज में अलग-अलग नजर आए। वैसे तो बाघ वंश की ये सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन T28 के मामले में ये बिल्कुल अलग है। recent visitors 56

मुख्यमंत्री साय बोले – अमृत स्टेशनों में दिखेगी विकसित भारत की झलक

6 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से विकसित किया गया अम्बिकापुर में अमृत स्टेशन छत्तीसगढ़ को मिली 5 अमृत स्टेशनों की सौगात रायपुर, प्रधानमंत्रीनरेंद्र मोदी ने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत आज देशभर के 103 स्टेशनों का वर्चुअल उद्घाटन किया। इनमें छत्तीसगढ़ के अम्बिकापुर सहित 5 रेल्वे स्टेशन शामिल हैं। इन रेल्वे स्टेशनों को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस किया गया है। यह भारतीय रेलवे के विकास की नई संस्कृति है, जिसमें चुनिंदा रेल्वे स्टेशनों को पुनर्विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय इस वर्चुअल कार्यक्रम में अम्बिकापुर रेल्वे स्टेशन से जुड़े। गौरतलब है कि भारतीय रेल और देश के प्रधानमंत्री  मोदी की दूरदृष्टि का परिणाम रहा है कि इन विकास कार्यों से स्थानीय यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी और क्षेत्र में पर्यटन एवं आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी। भारतीय रेलवे द्वारा 1337 स्टेशनों के कायाकल्प की शुरुआत की है, इनमें 103 स्टेशनों के पुनर्विकास का कार्य पूर्ण हो चुका है। उनमें छत्तीसगढ़ राज्य के पांच स्टेशन बिलासपुर मंडल का अम्बिकापुर, रायपुर मंडल का उरकुरा, भिलाई, भानुप्रतापपुर तथा नागपुर मंडल का डोंगरगढ़ रेलवे स्टेशन शामिल हैं।   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि सम्माननीय लरंग साय जी के प्रयासों के कारण ही अम्बिकापुर में रेलवे स्टेशन की स्थापना हुई है। देश के प्रधानमंत्री श्री मोदी 140 करोड़ देशवासियों को अपना परिवार मानते हुए काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले 2047 तक छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाना है। अमृत काल के तहत रेलवे स्टेशन का लगातार विकास किया जा रहा है। आज प्रदेश के जिन पांच स्थानों का लोकार्पण हुआ है, वह विकसित हो रहे भारत की झलक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब जशपुर जिले को भी रेल कनेक्टिविटी से जोड़ने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, वित्तमंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, सांसद श्री चिंतामणि महाराज, विधायक श्री राजेश अग्रवाल, श्रीमती शकुंतला पोर्ते, श्रीमती उद्देश्वरी पैकरा, श्री राम कुमार टोप्पो, श्री प्रबोध मिंज, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर, महापौर श्री मंजूषा भगत मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, सहित अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में सरगुजा अंचल के नागरिक शामिल हुए। अम्बिकापुर रेलवे स्टेशन छत्तीसगढ़ की आदिवासी सांस्कृतिक विरासत का केंद्र रहा अम्बिकापुर का रेलवे स्टेशन देश की जीवनरेखा भारतीय रेल का एक अभिन्न अंग है। इस रेलवे स्टेशन को अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। यात्रियों को पूरी तरह से सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से इस नए स्टेशन भवन में कई नए प्रावधान भी किए गए हैं। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत अम्बिकापुर रेलवे स्टेशन में 6 करोड़ 29 लाख रुपए की लागत से उन्नयन तथा आधुनिकीकरण के कार्य किए गये हैं, जिसमें सर्कुलेटिंग क्षेत्र को बेहतर बनाते हुए रोड का चौड़ीकरण, यात्रियों के स्वागत के लिए सुसज्जित प्रवेशद्वार, 3900 वर्गमीटर सड़क, 3677 वर्गमीटर पर  दोपहिया, तिपहिया एवं चारपहिया वाहनों के लिए पार्किंग व्यवस्था भी की गई है।  अम्बिकापुर रेलवे स्टेशन में उन्नत व आधुनिक सुविधाओं से युक्त द्वितीय श्रेणी, उच्च श्रेणी प्रतीक्षालय एवं वीआईपी कक्ष, 6 नए आधुनिक छायादार प्लेटफार्म शेड, महिलाओं, पुरुषों और दिव्यांगजनों हेतु आधुनिक शौचालय, वॉटर फाउंटेन, ट्रेन/कोच डिस्प्ले बोर्ड, सीसीटीवी कैमरे, रैम्प एवं टैक्टाइल टाइल्स, 300 मीटर स्टेनलेस स्टील रेलिंग, 58 स्ट्रीट लाइट्स, बेहतर प्रकाश व्यवस्था हेतु हाई मास्ट लाइट, नवीनतम पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम का लाभ यहाँ के यात्रियों को मिलेगा। रेलवे स्टेशन परिसर के बाहर एक बड़ा तिरंगा झंडा लगाया गया है साथ ही स्टेशन में यात्रियों के लिए सरगुजा की प्रसिद्ध सीताबेंगरा गुफा की तर्ज पर सेल्फी पॉइंट भी बनाया गया है। अम्बिकापुर रेलवे स्टेशन पर भव्य प्रवेश द्वार, आकर्षक फसाड, हाई मास्ट लाइटिंग, आधुनिक प्रतीक्षालय, टिकट काउंटर, मॉर्डन टॉयलेट और दिव्यांगजन के लिए सुगम रैंप जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। प्लेटफॉर्म पर शेल्टर, कोच इंडिकेशन सिस्टम और सूचना के लिए डिजिटल डिस्प्ले लगाए गए हैं। सभी सुविधाओं को दिव्यांगजन अनुकूल बनाया गया है। वहीं, हर स्टेशन पर स्थानीय लोक कला, संस्कृति और परंपराओं की झलक भी देखने को मिलेगी। recent visitors 37

कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित बयान देने वाले मंत्री शाह के खिलाफ स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम ने जांच शुरू कर दी

 मानपुर मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के डॉ. आंबेडकर नगर (महू) में कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विवादित बयान देने वाले कैबिनेट मंत्री विजय शाह के खिलाफ स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम (एसआइटी) ने जांच शुरू कर दी है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गठित एसआइटी  इंदौर पहुंची। एसआइटी ने जांच की शुरुआत करते हुए मानपुर थाने में दर्ज एफआइआर का ब्यौरा जुटाया और केस डायरी को अपने कब्जे में ले लिया है।  मानपुर पुलिस ने एफआईआर के बाद जांच के नाम पर ग्राम पंचायत छापरिया के सरपंच-सचिव को बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस जारी किया था। 11 मई को रायकुंडा गांव में हुए हलमा कार्यक्रम के मंच पर मौजूद लोगों की सूची भी तैयार की गई थी। यह सूची भी एसआइटी को सौंपी गई है। वीडियो साक्ष्य अहम, इसी आधार पर FIR मानपुर पुलिस ने वायरल वीडियो के आधार पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के स्वत: संज्ञान के बाद एफआईआर दर्ज की है। इसकी जांच एसआइटी को करना है, हाईकोर्ट ने एफआइआर के हिस्से को लेकर भी आपत्ति ली थी, हालांकि पुलिस ने जांच के दौरान हाईकोर्ट के आदेश के पालन की बात कही थी। अब एसआइटी पुलिस से वीडियो भी प्राप्त कर रही है, इसे मानपुर पुलिस तकनीकी जांच के लिए भेजने वाली थी। मानपुर थाने से जुटाया एफआइआर का ब्यौरा एसआइटी ने एफआईआर का ब्यौरा जुटाया है, एसपी इंदौर ग्रामीण हितिका वासल के साथ टीम मानपुर थाना पहुंची थी। मालूम हो कि, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सरकार ने आइपीएस आइजी सागर प्रमोद वर्मा, डीआइजी विशेष सशस्त्र बल कल्याण चक्रवर्ती और एसपी डिंडोरी वाहिनी सिंह को एसआइटी में शामिल किया है। एसआईटी जिले के मानपुर थाने में दर्ज एफआईआर की जांच कर अपनी रिपोर्ट 28 मई तक तैयार करेगी। केस डायरी हैंडओवर डीआइजी इंदौर ग्रामीण रेंज निमिष अग्रवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि, एसआइटी ने संबंधित केस में मानपुर पुलिस थाने पर दर्ज एफआईआर से जुड़ी केस डायरी हैंडओवर कर दी है, आगे की जांच अब सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित टीम करेगी। recent visitors 53

आतंक का फन कुचलने की यही नीति है, पाकिस्तान का असली चेहरा अब दुनिया देखेगी: प्रधानमंत्री मोदी

बीकानेर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीकानेर में आतंकवाद पर एक बार फिर जमकर प्रहार किया. उन्होंने कहा कि आतंकियों ने धर्म पूछकर हमारी बहनों की मांग का सिंदूर उजाड़ दिया था. वो गोलियां पहलगाम में चली थी लेकिन उन गोलियों से 140 करोड़ देशवासियों का सीना छलनी हुआ था. इसके बाद हर देशवासी ने एकजुट होकर संकल्प लिया था कि आतंकियों को मिट्टी में मिला देंगे. उन्हें कल्पना से भी बड़ी सजा देंगे. आज आपके आशीर्वाद से देश की सेना के शौर्य से हम सब उस प्रण पर खरे उतरे हैं. पीएम मोदी ने कहा कि हमारी सरकार ने तीनों सेनाओं को खुली छूट दे दी थी और तीनों सेनाओं ने मिलकर ऐसा चक्रव्यूह रचा कि पाकिस्तान को घुटने टेकने के लिए मजबूर कर दिया. ये वीर धरा हमें सिखाती है कि देश और देशवासियों से बड़ा और कुछ नहीं. 22 तारीख के हमले के जवाब में हमने 22 मिनट में आतंकियों के नौ सबसे बड़े ठिकाने तबाह कर दिए. उन्होंने कहा कि मैं देशवासियों से कहता हूं जो सिंदूर मिटाने निकले थे, उन्हें मिट्टी में मिलाया है. जो हिंदुस्तान का लहू बहाते थे, आज कतरे-कतरे का हिसाब चुकाया है. जो सोचते थे कि भारत चुप रहेगा. आज वो घरों में दुबके पड़े हैं. जो अपने हथियारों पर घमंड करते हैं, आज वो मलबे के ढेर में दबे हुए है. मेरे प्यारे देशवासियों, ये शोध-प्रतिशोध का खेल नहीं, ये न्याय का नया स्वरूप है. ये ऑपरेशन सिंदूर है. ये सिर्फ आक्रोश नहीं है. ये समस्त भारत का रौद्र रूप है. ये भारत का नया स्वरूप है. पहले घर में घुसकर किया था वार. अब सीधा सीने पर किया प्रहार है. आतंक का फन कुचलने की यही नीति है, यही रीति है. यही भारत है, नया भारत है. पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया ने और देश के दुश्मनों ने भी देख लिया कि जब सिंदूर, बारूद बन जाता है तो नतीजा क्या होता है. मैं जब एयरस्ट्राइक के बाद आया था, तब मैंने कहा था कि सौगंध मुझे इस मिट्टी की मैं देश नहीं मिटने दूंगा. मैं देश नहीं झुकने दूंगा. आज मैं राजस्थान की धरती से देशवासियों से बड़ी नम्रता के साथ कहना चाहता हूं कि देश के कोने-कोने में जो तिरंगा यात्राओं का हुजूम चल रहा है. पीएम मोदी ने कहा कि एटम बम की गीदड़ भभकियों से भारत डरने वाला नहीं है. हम आतंक के आकाओं और आतंकी सरपरस्त सरकार को अलग-अलग नहीं देखेंगे. उन्हें एक ही मानेंगे. पाकिस्तान का ये स्टेट और नॉन स्टेट एक्टर वाला खेल अब नहीं चलेगा. आपने देखा होगा, पूरी दुनिया में पाकिस्तान की पोल खोलने के लिए हमारे देश के सात अलग-अलग प्रतिनिधिमंडल विश्वभर में पहुंच रहे हैं. इसमें देश के समस्त राजनीतिक दलों के लोग हैं. अब पाकिस्तान का असली चेहरा पूरी दुनिया को दिखाया जाएगा. पाकिस्तान भारत से कभी सीधी लड़ाई जीत भी नहीं सकता. जब भी सीधी लड़ाई होती है, तो बार-बार पाकिस्तान को मुंह की खानी पड़ती है. इसलिए पाकिस्तान ने आतंकवाद को भारत के खिलाफ लड़ाई का हथियार बनाया है. आजादी के बाद पिछले कई दशकों से यही चला आ रहा है. पाकिस्तान आतंक फैलाता था, निर्दोष लोगों की हत्या करता था. भारत में डर का माहौल बनाता था लेकिन पाकिस्तान एक बात भूल गया. अब मां भारती का सेवक मोदी यहां सीना तानकर खड़ा है. मोदी का दिमाग ठंडा है, ठंडा रहता है लेकिन लहू गर्म बहता है. अब तो मोदी की नसों में लहू नहीं गर्म सिंदूर बह रहा है. उन्होंने कहा कि हर आतंकी हमले की पाकिस्तान को भारी कीमत चुकानी पडे़गी और ये कीमत पाकिस्तान की सेना चुकाएगी, पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था चुकाएगी. जब मैं दिल्ली से यहां आया तो बीकानेर के नाल एयरपोर्ट पर उतरा. पाकिस्तान ने इस एयरबेस को भी निशाना बनाने की कोशिश की थी लेकिन वो इस एयरबेस को रत्तीभर भी नुकसान नहीं पहुंचा पाया और वहीं यहां से कुछ ही दूर सीमापार पाकिस्तान का रहीमयार खान एयबेस है, पता नहीं कम खुलेगा. आईसीयू में पड़ा है. पाकिस्तान के साथ ना ट्रेड होगा, ना टॉक. अगर बात होगी तो पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर की. पाकिस्तान को भारत के हक का पानी मिलेगा. भारतीयों के खून से खेलना, पाकिस्तान को भारी पड़ेगा. ये भारत का संकल्प है कि दुनिया की कोई ताकत हमें इस संकल्प से डिगा नहीं सकती. मुख्य बिंदु  ‘PAK से ना ट्रेड, ना टॉक होगा’, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा  ‘मोदी का दिमाग ठंडा, लहू गर्म रहता है’, बोले प्रधानमंत्री मोदी ‘मोदी की रगों में लहू नहीं गर्म सिंदूर बह रहा है’, बोले PM मोदी ‘पाकिस्तान का असली चेहरा अब दुनिया देखेगी’, बीकानेर में PM मोदी ने कहा ‘आतंक का फन कुचलने की यही नीति है’, बीकानेर में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा ‘आतंकी और सरपरस्त सरकार को एक जैसा देखेंगे’, बीकानेर में बोले पीएम मोदी ये शोध प्रतिशोध नहीं न्याय का नया स्वरूप है- पीएम नरेंद्र मोदी सिंदूर मिटाने वाले मिट्टी में मिला दिए गए- पीएम नरेंद्र मोदी दुश्मनों ने सिंदूर को बारूद बनते देखा- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘हमने 22 मिनट में आतंक के ठिकाने तबाह किए’, पीएम मोदी ने कहा ‘आतंकियों ने धर्म पूछकर सिंदूर उजाड़े’, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा ‘आतंकियों ने धर्म पूछकर हमारे लोगों को मारा’, बोले पीएम मोदी ‘राजस्थान रिफाइनरी का काम अंतिम चरण में’, बोले प्रधानमंत्री मोदी  ‘विकसित भारत की दिशा में अग्रसर’, बोले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  अभी देश में 70 रूट पर वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं- पीएम मोदी       recent visitors 67