भोपाल डिप्टी कलेक्टर पर दुष्कर्म का आरोप, महिला का कहना शादी का झांसा देकर किया रेप, देर रात हुई एफआईआर

भोपाल राजधानी भोपाल में पदस्थ डेप्युटी कलेक्टर पर रेप का केस दर्ज हुआ है। उन्होंने राजगढ़ जिले में पदस्थ एक महिला कर्मचारी के साथ शादी के नाम पर रेप किया है। डेप्युटी कलेक्टर पर आरोप है कि शादी का झांसा देकर दो साल तक महिला के साथ संबंध बनाते रहे। इस दौरान महिला को डेप्युटी कलेक्टर ने भोपाल भी बुलवाया है। भोपाल स्थित गेस्ट हाउस में महिला को रुकवाया। बाद में डेप्युटी कलेक्टर शादी से मुकर गए। रात 11 बजे के करीब दर्ज हुआ केस महिला की शिकायत पर डेप्युटी कलेक्टर से करीब 13 घंटे तक पूछताछ हुई है। इसके बाद रात 11 बजे डेप्युटी कलेक्टर राजेश सोरते पर एफआईआर दर्ज की गई है। जांच के बाद डेप्युटी कलेक्टर की गिरफ्तारी भी हो सकती है। आरोप है कि डेप्युटी कलेक्टर राजेश सोरते जब राजगढ़ जिले में तहसीलदार के पद पर पदस्थ थे तो महिला कर्मचारी से शादी का वादा कर संबंध बनाए थे। शादी से मुकर गए दो सालों तक रिश्ते में रहने के बाद डेप्युटी कलेक्टर राजेश सोरते शादी से मुकर गए। इसके बाद महिला कर्मचारी आरपार के मूड में आ गई। महिला कर्मचारी ने पुलिस में शिकायत दी थी। शिकायत करने के बाद 15 दिन डेप्युटी कलेक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने में लग गए। यह केस पचोर थाने में दर्ज हुआ, यह राजगढ़ जिले में है। बताया जा रहा है कि पचोर थाने में महिला को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। इसके बाद देर रात डेप्युटी कलेक्टर पर केस दर्ज हुआ है। महिला कर्मी ने कहा कि डेप्युटी कलेक्टर दो साल तक अलग-अलग जगहों पर संबंध बनाते रहे हैं। भोपाल स्थित बंगले पर भी बुलाया। इसके साथ ही सर्किट हाउस भी बुक करवाया था। शादी की बात आने पर उन्होंने दूरी बना ली। तहसीलदार अपने चैंबर में बार-बार बुलाते थे पीड़ित महिला ने बताया कि 24 साल पहले शादी हुई थी। एक बेटा भी है। साल 2014 में पति की मौत के छह साल बाद अनुकंपा नियुक्ति मिली। 2022 में राजेश सोरते ने बतौर तहसीलदार जाॅइन किया। कुछ दिन तो ठीक-ठाक चला। बाद में तहसीलदार अपने चैंबर में मुझे बार-बार बुलाते थे। वह बुलाने का बहाना ढूंढते थे। एक रात में मुझे कॉल किया। मैं घबरा गई। सोचा कि ऐसी क्या गलती हो गई, जो इतने समय साहब का कॉल आया है। फिर उन्होंने हालचाल पूछा। सामान्य बातचीत के बाद कॉल कट कर दिया। कुछ दिन बाद तहसीलदार काम करने सरकारी बंगले पर बुला लेते। यहां साफ-सफाई, खाना पकाने का काम करती थी। प्रेम जाल में फंसाया, फिर डेढ़ साल तक रेप एक दिन वह रसोई में आ गए। मुझे हाथ लगाने लगे। मैं घबराकर रोने लगी। कहा कि यह गलत है। उन्होंने कहा- मेरा भी दुनिया में कोई नहीं है। मैं तुम्हारा बुरा नहीं चाहूंगा। तलाकशुदा हूं। बीवी-बच्चे नहीं हैं। परेशान हूं। मुझे तुम्हारी मदद चाहिए। मैं भी तुम्हारी मदद करूंगा। बिना जवाब दिए मैं चली गई। दो–चार दिन तक टालती रही। फिर बोलने लगे कि तुम्हारी अनुकंपा नियुक्ति है। काम ज्यादा दे देंगे। छुटि्टयां नहीं मिलेंगी। नौकरी से निकलवा दूंगा। जैसा मैं कहता हूं, वैसा करो। मेरे सामने दूसरी महिलाकर्मियों को बुरी तरह डांटा। यह देखकर मैं डर गई। सोचा, काम से निकाल दिया, तो क्या करूंगी। दबाव में फिर काम करने लगी। बोलचाल बढ़ने लगी। घर से परेशान थी। अकेली भी थी, तो बातों में आ गई।’   recent visitors 66

सीएम मोहन यादव ने कहा गुरु नानक जीवन भर सच्चाई और बराबरी के लिए काम करते रहे

भोपाल  सीएम मोहन यादव ने गुरु नानक जयंती पर भोपाल के अरेरा कॉलोनी स्थित गुरुद्वारे में मत्था टेका है। साथ ही प्रदेश के लोगों को गुरु पर्व की बधाई दी है। सीएम मोहन यादव ने इस मौके पर लोगों को संबोधित भी किया है। उन्होंने कहा कि गुरु महाराज अखंड भारत के प्रणेता थे। सीएम मोहन यादव ने कहा कि वह जीवन भर सच्चाई और बराबरी के लिए काम करते रहे हैं। अखंड भारत में हुआ उनका जन्म सीएम मोहन यादव ने कहा कि वह पूरी दुनिया के लिए आदर्श हैं। उनका जन्म अखंड भारत में हुआ। वह अखंड भारत के प्रणेता थे। इसके साथ ही 17 नवंबर को सीएम हाउस में प्रकाश पर्व का बड़ा कार्यक्रम आयोजित होगा। उन्होंने कहा कि गुरु नानक देव की शिक्षाएं एवं आदर्श जीवन मानव सेवा के लिए हमें सर्वदा प्रेरित और हमारा पथ प्रदर्शित करती रहेंगी। ''सतनाम श्री वाहेगुरु'' मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिख धर्म के संस्थापक, परम श्रद्धेय श्री गुरु नानक देव जी की जयंती पर अरेरा कॉलोनी, भोपाल स्थित गुरुद्वारे पहुंचकर मत्था टेका और सबके मंगल के लिए प्रार्थना की।@DrMohanYadav51 #CMMadhyaPradesh #गुरु_नानक_जयंती pic.twitter.com/6UaUQQ0Iev — Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) November 15, 2024 recent visitors 78

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वृहद परियोजना नियंत्रण मंडल की बैठक ली

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि माँ क्षिप्रा के पावन स्नान का सौभाग्य सभी संतो और श्रद्धालुओं को वर्ष भर मिलना चाहिए। इसके लिए वर्षाकाल में क्षिप्रा नदी के मूल पानी को संचित करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में वृहद परियोजना नियंत्रण मंडल की बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि क्षिप्रा नदी में स्नान करने का विशेष धार्मिक महत्व है। सिंहस्थ के शुरू होने से पहले सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी सिंचाई परियोजना का निर्माण कार्य पूर्ण कराएं। उज्जैन के लोगों को पेयजल की आपूर्ति पूर्ण रूप से हो इसका विशेष ध्यान रखा जाए। विक्रम उद्योगपुरी में पानी की आपूर्ति के लिए अन्य स्रोत की योजना बनाएं। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री एवं जल संसाधन तथा नर्मदा घाटी विकास डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव वित्त मनीष रस्तोगी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी सिंचाई परियोजना क्षिप्रा नदी को निरंतर प्रवाहमान बनाए जाने के लिए निर्मित की जा रही है। परियोजना के अंतर्गत 614 करोड़ 53 लाख रुपए की लागत से ग्राम सेवरखेड़ी में बांध बनाया जाएगा, जिसमें वर्षाकाल के क्षिप्रा नदी के जल का उद्वहन करके ग्राम सिलारखेड़ी में स्थित सिलारखेड़ी तालाब में संचित किया जाएगा। सिलारखेड़ी तालाब से संग्रहित जल को वर्षाकाल के बाद क्षिप्रा नदी में पुन: प्रवाहित किया जाएगा।   recent visitors 59

पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वालों को अब नहीं करना पड़ेगा शहरों से अपडाउन, बनेगी विशाल टाउनशिप

पीथमपुर  पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारी-अफसरों को इंदौर और आसपास के शहरों से अपडाउन न करना पड़े, इसलिए मप्र औद्योगिक विकास निगम (एमपीआईडीसी) उद्योगों के समीप ही आवासीय टाउनशिप तैयार करने की योजना पर काम कर रहा है। दरअसल केंद्र सरकार की मंशा है कि औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए उसी क्षेत्र में आवासीय सुविधाएं विकसित की जाए ताकि उन्हें कार्यस्थल तक जाने में परेशानी न हो। टाउनशिप विकसित की जाएगी इसलिए एमपीआईडीसी ने दो प्रोजेक्ट का प्रस्ताव बनाकर केंद्र सरकार के आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय को भेजा है। जिसमें इंदौर जैसी अत्याधुनिक सुविधाओं वाली आवासीय सोसायटियों की तर्ज पर पीथमपुर में टाउनशिप विकसित की जाएगी। पीथमपुर के सेक्टर-1 और 6 में दो टाउनशिप में बनने वाली 22 इमारतों में 1362 फ्लैट तैयार किए जाएंगे। टाउनशिप परिसर में गार्डन, सीसीटीवी सर्विलांस, पार्किंग, चौड़ी सड़कें, प्ले जोन, लिफ्ट, फायर सेफ्टी आदि सुविधाएं मिलेंगी। पीथमपुर में पायलट प्रोजेक्ट के तहत टाउनशिप विकसित की जाएंगी। प्रयोग सफल होने पर प्रदेश के अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में भी इसे लागू किया जाएगा। लोग रोज अपडाउन करते हैं पीथमपुर में एक हजार से अधिक उद्योग संचालित किए जा रहे हैं। इन उद्योगों में मप्र सहित अन्य प्रदेशों से आए लाखों कर्मचारी काम करते हैं। इनमें से एक लाख से अधिक लोग इंदौर, राऊ और महू से अपडाउन करते हैं। हर वर्ष इस औद्योगिक क्षेत्र में सात फीसद की दर से कर्मचारियों की बढ़ोतरी हो रही है। एमपीआईडीसी ने इन्हीं बिंदुओं को लेकर कुछ समय पहले सर्वे किया था, जिसमें पता चला कि पीथमपुर में इन कर्मचारियों के लिए किफायती बजट में 15 से 20 हजार घरों की जरूरत है। इधर पीथमपुर के आसपास निजी कॉलोनियों में जमीन के दाम आसमान छू रहे हैं। आवासीय टाउनशिप की प्लानिंग श्रमिकों को मलिन बस्तियों और अवैध बस्तियों में अस्वच्छ परिस्थितियों में रहने के लिए मजबूर होना पड़ता है। इसलिए एमपीआईडीसी ने पीथमपुर के सेक्टर-1 और 6 में आवासीय टाउनशिप की प्लानिंग की है। हाल ही में इन दोनों टाउनशिप का मसौदा तैयार कर स्वीकृति के लिए मुख्यालय भेजा गया है। संभवत: आगामी वर्ष में इन प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो जाएगा। दोनों टाउनशिप में गार्डन, सीसीटीवी सर्विलांस, पार्किंग, प्ले जोन, लिफ्ट, फायर सेफ्टी जैसी अनेक सुविधाएं रहेंगी। recent visitors 49

इस वर्ष पड़ेगी कड़ाके की ठंड, IMD की भविष्याणी ने बढ़ा दी टेंशन, ला नीना के एक्टिव होने की संभावना

नई दिल्ली भारत में इस साल ठंड के तेवर कैसे रहेंगे इसको लेकर मौसम विभाग की चेतावनी आ गई है। आईएमडी के मुताबिक इस साल देश में कड़ाके की ठंड पड़ने के आसार हैं। इसके मुताबिक इस दौरान हालात बहुत चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। मौसम विभाग के मुताबिक हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में सर्दी काफी ज्यादा सता सकती है। गौरतलब है कि मौसम ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। उत्तर भारत के शहरों में सुबह धुंध की चादर में लिपटी नजर आ रही है। इसके अलावा दिन और रात के तापमान में ठीक-ठाक अंतर महसूस होने लगा है। क्यों कहा जा रहा कि पड़ेगी कड़ाके की ठंड इसकी वजह है अक्टूबर-नवंबर के दौरान ला नीना के एक्टिव होने की संभावना। IMD के अनुसार अक्टूबर-नवंबर में ला नीना की स्थिति बनने की 71% संभावना है। हालांकि मौसम विभाग का यह भी कहना है कि ठंड कितनी पड़ेगी इसका सटीक पूर्वानुमान नवंबर में ही लग पाएगा। ला नीना के इसी महीने एक्टिव होने पर दिसंबर और जनवरी के महीने में कड़ाके की ठंड पड़ सकती है। ला नीना की वजह से आमतौर पर तापमान में गिरावट आती है। सर्दियों में भी इसकी वजह से अधिक बारिश होती है। ला नीना का प्रभाव कितना ला नीना के दौरान पूर्वी हवाएं समुद्र के पानी को पश्चिम की ओर धकेलती हैं। इस वजह से समुद्र की सतह ठंडी हो जाती है। आईएमडी के अनुमान के मुताबिक ला नीना अक्टूबर और नवंबर के बीच एक्टिव होने की संभावना 71 प्रतिशत है। IMD के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र के अनुसार अक्टूबर-नवंबर में ला नीना की स्थिति बनने की 71% संभावना है। जब ला नीना होता है, तो उत्तर भारत, खासकर उत्तर-पश्चिमी भारत और आसपास के मध्य क्षेत्र में तापमान सामान्य से कम हो जाता है। क्यों पड़ेगी अधिक ठंड मौसम विभाग के मुताबिक भारत में अधिक ठंड का संबंध ला-नीना से है। ला-नीना मौसम की एक खास अवस्था है। अगर ला-नीना बनता है तो भारत के उत्तरी, उत्तर-पश्चिमी और दिल्ली-एनसीआर समेत मध्य क्षेत्र में आमतौर पर ठंड का प्रकोप देखने को मिलता है। हालांकि ला-नीना का पूरा प्रभाव आने वाले महीने में समझ में आएगा। क्या है ला-नीना स्पेनिश में ला-नीना का मतलब होता है छोटी लड़की, यह अल-नीनो का उलटा होता है। जब ला-नीना बनता है तो यह काफी ज्यादा ठंड ले आता है। यह प्रशांत महासागर की सतह पर ठंड को बढ़ाता है। इस दौरान बारिश खूब होती है और तापमान में कमी आती है। ला-नीना विभिन्न वैश्विक जलवायु परिवर्तनों से जुड़ा हुआ है। जैसे-अटलांटिक में अधिक तूफान, दक्षिण अमेरिका में सूखा, और दक्षिण पूर्व एशिया और ऑस्ट्रेलिया में गीला मौसम। यह अप्रैल और जून के बीच शुरू होता है, अक्टूबर से फरवरी तक मजबूत होता है। यह 9 महीने से लेकर 2 साल तक कहीं भी रह सकता है। भारत पर कितना असर सितंबर में आईएमडी ने भविष्यवाणी की थी कि ला नीना के चलते भारत में कड़ाके की सर्दी पड़ सकती है। यह उम्मीद की जाती है कि उत्तरी क्षेत्रों, विशेष रूप से हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू और कश्मीर को ठंड के तापमान का सामना करना पड़ेगा, जो संभावित रूप से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। तेज बरसात के साथ खतरनाक ठंड सर्दियों की फसल को भी नुकसान पहुंचा सकती है। फिलहाल भारत में फॉग शुरू हो चुका है। उत्तरी भारत, जिसमें जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली में सुबह धुंध भरी हो रही है। इसके अलावा आने वाले कुछ दिनों में देश के उत्तर और मध्य हिस्सों में मिनिमम टेम्प्रेचर में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। वहीं, अगले दो दिन में पूर्वी भारत में तापमान में तीन से चार डिग्री की गिरावट आ सकती है। वहीं, अगले कुछ दिन के अंदर तापमान में काफी बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। recent visitors 72

साय सरकार किसानों को धान खरीदी का भुगतान मात्र 72 घंटे के अंदर सुनिश्चित करेगी

रायपुर  छत्तीसगढ़ में  14 नवंबर से धान खरीदी शुरू हो गई है. इस दौरान साय सरकार 27 लाख से अधिक किसानों से धान की खरीद समर्थन मूल्य पर करेगी. किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सरकार की ओर से 2739 उपार्जन केंद्रों के माध्यम से धान खरीदी की व्यवस्था की गई है. वहीं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ऐलान किया है कि उनकी सरकार किसानों को भुगतान भी 72 घंटे के अंदर सुनिश्चित करेगी. विधानसभा चुनाव के दौरान बीजेपी ने अपने घोषमा पत्र ‘मोदी की गारंटी' में 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी का वादा किया था. सीएम साय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स में लिखा, “मोदी की गारंटी के अनुरूप हमारी सरकार ने किसानों के हित में 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी का अपना वादा पूरा किया है. इस बार भी 27 लाख से अधिक किसान भाईयों को इसका लाभ मिलेगा.” 72 घंटे के अंदर… सीएम साय ने एक्स पर पोस्ट किया, “प्रदेश के मेरे किसान साथियों आप सभी को जय जोहार… आज से छत्तीसगढ़ में धान खरीदी की शुरुआत हो रही है, जिसके तहत हमारी सरकार ने आप सभी की सुविधा के लिए सारी तैयारियां पूरी कर ली हैं.  अन्नदाता साथियों के धान का एक-एक दाना खरीदना हमारा लक्ष्य है, जिसके तहत इस बार 27 लाख से अधिक किसानों का धान हमारी सरकार खरीदेगी और भुगतान भी 72 घंटे के अंदर सुनिश्चित करेंगे.” उन्होंने आगे लिखा कि किसानों को धान खरीदी के लिए अधिक दूरी तय न करना पड़े, इसका भी हमने विशेष ख्याल रखा है और 2739 उपार्जन केंद्रों के माध्यम से पूरी पारदर्शिता के साथ धान खरीदी की व्यवस्था की गई है, ‘हमारा गर्व- धान खरीदी का पर्व' सीएम साय ने कहा, “अन्नदाता हमारे छत्तीसगढ़ की आत्मा हैं, उनकी मेहनत को पूरा दाम और सम्मान मिले, इसके लिए हमारी सरकार तत्पर है. हमने किसानों से उनके पूरी उपज को खरीदने, खरीदी में पूरी पारदर्शिता बरतने और तय समयसीमा में भुगतान करने पर विशेष ध्यान दिया है. हमारा गर्व – धान खरीदी का पर्व. जम्मो किसान साथी मनला गाड़ा-गाड़ा बधई अउ शुभकामना…” सीएम साय ने किसानों को धान खरीदी की दी शुभकामनाएं: धान खरीदी की शुरुआत को लेकर सीएम विष्णुदेव साय ने एक्स पर पोस्ट किया. उन्होंने लिखा "प्रदेश के मेरे किसान साथियों आप सभी को जय जोहार…  छत्तीसगढ़ में धान खरीदी की शुरुआत हो रही है, जिसके तहत हमारी सरकार ने आप सभी की सुविधा के लिए सारी तैयारियां पूरी कर ली हैं. अन्नदाता साथियों के धान का एक-एक दाना खरीदना हमारा लक्ष्य है."     धान खरीदी का पर्व जम्मो किसान साथी मनला गाड़ा-गाड़ा बधई अउ शुभकामना: विष्णुदेव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ 27 लाख से ज्यादा किसानों से धान खरीदी: सीएम विष्णुदेव साय ने बताया कि प्रदेश में इस बार 27 लाख से ज्यादा किसानों का धान सरकार खरीद रही है. इसका भुगतान भी 72 घंटे के अंदर किया जाएगा. सीएम ने बताया कि किसानों को धान खरीदी के लिए ज्यादा दूरी तय न करना पड़े, इसके लिए पूरे प्रदेश में 2739 उपार्जन केंद्र बनाए गए हैं. पूरी पारदर्शिता के साथ धान खरीदी की व्यवस्था की गई है.   recent visitors 66

प्रदेश के मालवा क्षेत्र में जल्द ही रोजगार के नए अवसर खुलने वाले हैं, तीन नए इंडस्ट्रियल एरिया का होगा निर्माण

इंदौर  मध्य प्रदेश के मालवा क्षेत्र में जल्द ही रोजगार के नए अवसर खुलने वाले हैं। ये तीन नए इंडस्ट्रियल एरिया पीथमपुर, धार और बदनावर में बनने वाले हैं। इससे मालवा क्षेत्र में रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही पीथमपुर में पहले से मौजूद सेक्टरों का भी विकास किया जाएगा। इन प्रोजेक्ट्स के लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट यानी डीपीआर भी तैयार की जा रही है। धार जिले में धामनोद के पास जैतापुरा में भी जमीनों का आवंटन लगभग पूरा हो चुका है। इसके अलावा तारापुर और लालबाग-बसवी में भी नए प्रोजेक्ट प्रस्तावित हैं। इन जगहों पर जमीन उद्योग विभाग के पास ही है, जिससे प्रोजेक्ट्स शुरू करने में आसानी होगी। पुरानी जमीन का नए सिरे से विकास होगा पुराने औद्योगिक क्षेत्रों में खाली पड़ी जमीन को भी नए सिरे से विकसित करने की योजना है। अभी तक कुल 1716 हेक्टेयर जमीन चिह्नित की जा चुकी है। इन्वेस्टर्स समिट से पहले इनसे जुड़ी सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएंगी। ऐसा होगा धार इंडस्ट्रियल एरिया धार जिले के तारापुर में करीब 256 हेक्टेयर में नया औद्योगिक क्षेत्र बनाया जाएगा। वहीं लालबाग-बसवी में करीब 216 हेक्टेयर जमीन पर नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित होगा। पीथमपुर इंडस्ट्रियल एरिया पीथमपुर सेक्टर 8 यानि बरदारी में 450 हेक्टेयर और सेक्टर-9 यानि भाटखेड़ी में 538 हेक्टेयर में नए प्रोजेक्ट विकसित किए जाएंगे। इन प्रोजेक्ट्स पर अनुमानित लागत 1000 करोड़ रुपये आएगी। इन प्रोजेक्ट्स से करीब 3500 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। पीथमपुर सेक्टर 6 के फेज-2 का भी विस्तार होगा, जिसके लिए 74.853 हेक्टेयर जमीन चिह्नित की गई है। इस प्रोजेक्ट पर करीब 80 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इससे करीब 2500 लोगों को रोजगार मिल सकेगा। बदनावर औद्योगिक क्षेत्र बदनावर के भेंसोला में 205 हेक्टेयर में नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 207 करोड़ रुपये है और इससे लगभग 3000 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। माचल में 23.35 हेक्टेयर में एक लॉजिस्टिक पार्क बनाने का प्रस्ताव है, जिसकी लागत करीब 25 करोड़ रुपये आएगी। इस प्रोजेक्ट से करीब 1 हजार लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। एमपीआईडीसी भी कर रही मदद एमपीआईडीसी भी कंपनियों की मदद के लिए तत्परता से काम कर रही है। ताकि उन्हे अपना काम शुरू करने में दिक्कतों का सामना न करना पड़े। इस विषय पर बात करते हुए एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि इंदौर-धार रीजन में पहले से ही कई बड़े इन्वेस्टर अपने प्रोजेक्ट को लेकर जुड़ रहे हैं। उन्हे जमीन से लेकर अन्य चीजों में समस्या न हो इसके लिए काम किया जा रहा है। recent visitors 91