मध्य प्रदेश में अब गायों होगी GPS से निगरानी, बनेगी हाईटेक गौशाला, हर गाय का हेल्थ कार्ड

भोपाल मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार गौ रक्षा को लेकर बेहद संवेदनशील नजर आ रही है. रोज सड़क हादसों की शिकार होती गायों को बचाने के लिए प्रदेश में हाईटेक गौशाला और गौ वनविभाग जैसे एक्शन प्लान बनाए जा रहे हैं. हाईटेक गौशाला की शुरुआत राजधानी भोपाल से होगी. जल्द ही 10 हज़ार गायों की क्षमता वाली गौशाला बनेगी राजधानी भोपाल में 10000 गायों की क्षमता वाली हाईटेक गौशाला बनाए जाने को मंजूरी मिल गई है जिसमें शुरुआत में 2000 गायों को रखा जाएगा. भोपाल के कलेक्टर कौशल्या विक्रम सिंह ने कहा कि गौशाला का काम एक महीने में पूरा कर लिया जाएगा. काऊ हेल्थ कार्ड और रन एस्केलेटर से गायों सफाई की सुविधा 10 करोड़ रुपये की लागत से बन रही हाईटेक गौशाला में गायों के हेल्थ को मॉनिटर करने के लिए हर गए का हेल्थ कार्ड बनाया जाएगा, जिसे डॉक्टर की विशेष टीम मॉनिटर करेगी, इसके अलावा हाईटेक गौशाला में रनिंग एस्केलेटर के जरिए गायों को नहलाने और उनकी साफ सफाई का काम किया जाएगा. इस गौशाला में मशीनों द्वारा पशु आहार तैयार किया जाएगा . जीपीएस के जरिए गायों के घूमने की होगी मॉनिटरिंग गौशाला में रह रही गायों के घूमने की मॉनिटरिंग जीपीएस के जरिए की जाने की योजना है ताकि जाना जा सके कि गाय गौशाला के अंदर और बाहर कितना विचरण कर रही है. भोपाल में बन रही इस गौशाला में भोपाल और आस पास के क्षेत्रों की गायों को रखा जा सकता है. गौ अभयारण्य बनाने का भी है प्लान भोपाल के साथ-साथ प्रदेश के कुछ और शहरों में इसी तरह की हाईटेक गौशाला आने वाले दिनों में बनाई जाएगी. इसके अलावा गौ संरक्षण के लिए प्रदेश भर में 9 गौ अभयारण्य बनाने की भी सरकार की योजना है जिन जिनमें आवारा गायों के साथ-साथ ऐसी गायों को भी रखा जाएगा जो दुधारू नहीं है. recent visitors 101

ट्रंप ने अमेरिका में जासूसी से जुड़ी जिम्मेदारी के लिए तुलसी गबार्ड को चुना, US में पैदा हुईं तुलसी हिंदू और पूरी तरह शाकाहारी

वाशिंगटन अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव में डोनोल्ड ट्रंप को जीत हासिल हुई है। ट्रंप ने बुधवार को अपना ‘डायरेक्टर ऑफ नेशनल इंटेलिजेंस’ (DNI) चुना। उन्होंने डेमोक्रेटिक पार्टी की पूर्व सदस्य तुलसी गबार्ड को DNI बनाने का फैसला किया है। गबार्ड चार बार सांसद रह चुकी हैं और 2020 में वह राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए उम्मीदवार भी थीं। गबार्ड के पास पश्चिम एशिया और अफ्रीका के संघर्षग्रस्त क्षेत्रों में तीन बार तैनाती का अनुभव है। वह हाल ही में डेमोक्रेटिक पार्टी को छोड़कर रिपब्लिकन पार्टी में शामिल हुई थीं। ट्रंप ने घोषणा की, ‘मुझे यह ऐलान करते हुए काफी खुशी हो रही है कि पूर्व सांसद लेफ्टिनेंट कर्नल तुलसी गबार्ड डीएनआई के रूप में सेवाएं देंगी। दो दशकों से अधिक समय तक तुलसी ने हमारे देश और सभी अमेरिकियों की आजादी के लिए लड़ाई लड़ी है।’ उन्होंने कहा, ‘राष्ट्रपति पद के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी की पूर्व उम्मीदवार के रूप में उन्हें दोनों दलों में व्यापक समर्थन प्राप्त है, लेकिन अब वह रिपब्लिकन पार्टी की अहम सदस्य हैं…।’ कौन हैं तुलसी तुलसी अमेरिका की पहली हिंदू महिला सांसद हैं। उन्होंने अक्सर पाकिस्तान और बांग्लादेश में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों के खिलाफ अत्याचार की निंदा की है। गबार्ड अमेरिका में जन्मी थीं। उनकी मां ने हिंदू संस्कृति के अनुसार अपने बच्चों का पालन-पोषण किया। वह एक आजीवन शाकाहारी हैं। कांग्रेस की सदस्य होने की शपथ उन्होंने भगवद गीता पर हाथ रखकर ली। बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ उत्पीड़न का मुद्दा वह उठाती रही हैं। हिंदुओं का उठाया था मुद्दा साल 2021 में तुलसी गबार्ड ने बांग्लादेश में बार-बार अत्याचार के बाद हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए अमेरिकी कांग्रेस में एक प्रस्ताव पेश किया। 1971 में अल्पसंख्यक समूह के खिलाफ क्रूरता के लिए उन्होंने पाकिस्तानी सेना पर हमला बोला। अपने प्रस्ताव में उन्होंने उल्लेख किया कि कैसे 50 साल पहले पाकिस्तानी सेना ने बांग्लादेश में हजारों बंगाली हिंदुओं को मार डाला, प्रताड़ित किया और उनके घरों से निकाल दिया। उन्होंने पाकिस्तान की जमीन का आतंकियों की ओर से इस्तेमाल होने का मुद्दा उठाया था। recent visitors 73

राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिए प्रदेश में फिर चलेगा विशेष अभियान

भोपाल मध्य प्रदेश के 55 जिलों की 428 तहसीलों में लंबित राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिए 15 नवंबर से राजस्व महा अभियान 3.0 शुरू होने जा रहा है। यह अभियान 15 दिसंबर तक चलेगा। इसमें सबसे बड़ी चुनौती नामांतरण के विवादों का निपटारा है। 428 तहसीलों में कुल दो लाख 31 हजार 595 नामांतरण के प्रकरण अब भी लंबित हैं। राजस्व न्यायालयों में मामलों के लंबित रहने की वजह से हो रहे विवादों को रोकना प्रशासन की बड़ी चुनौती रही है। राजस्व मामलों के समय सीमा में निपटारे का प्रयास विफल रहने के बाद सरकार ने महा अभियान शुरू कराए थे। 15 जनवरी से चला था पहला महा अभियान इस साल पहला महा अभियान 15 जनवरी से 15 मार्च तक चला था। इसमें 30 लाख राजस्व मामलों का निपटारा हुआ। दूसरा महा अभियान 18 जुलाई से 31 अगस्त तक चला था। उस बार 50 लाख राजस्व मामलों का निपटारा हुआ। इन दोनों अभियानों में दो लाख 71 हजार 636 नामांतरण के मामलों का निराकरण हुआ। पिछले दो महा अभियानों की सफलता के बाद मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने राजस्व महा अभियान 3.0 शुरू करने का निर्देश दिया था। अब सभी जिलों के कलेक्टर और संभागायुक्तों को अभियान चलाकर लंबित राजस्व प्रकरणों का निराकरण करने के निर्देश दिए गए हैं। अब तक 18 लाख नामांतरणों का निराकरण प्रदेश की 428 तहसीलों में अब तक 18 लाख 95 हजार 239 नामांतरण के प्रकरणों का सफलतापूर्वक निराकरण किया जा चुका है। दरअसल, साइबर तहसीलों के गठन के बाद से नामांतरण की प्रक्रिया सरल हो गई है, जिसका यह परिणाम है कि अब 15 दिन में ही अधिकांश प्रकरण निराकृत हो जाते हैं। इनमें अविवादित सबसे अधिक 18 लाख 20 हजार 271 और विवादित कुल 74 हजार 968 प्रकरण शामिल हैं। मध्य प्रदेश की तहसीलों में नामांतरण के मामलों की स्थिति अविवादित नामांतरण     कुल मामले – 20,46,635     जिनका समाधान हो गया – 18,20,271     लंबित मामले – 2,26,364 विवादित नामांतरण     कुल मामले – 80,199     जिनका समाधान हो गया – 74,968     लंबित मामले – 5,231   recent visitors 71

पीएम मोदी बिरसा मुंडा की जयंती पर शहडोल में आयोजित राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल होंगे

भोपाल प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर शहडोल में आयोजित राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल होंगे। प्रधानमंत्री श्री मोदी छिंदवाड़ा के श्री बादल भोई जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय एवं जबलपुर के राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय, राष्ट्र को समर्पित करेंगे। मध्यप्रदेश के राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल, जनजाति कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह सहित जन-प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में जनजातीय समाज के लोग शामिल होंगे। राज्यपाल श्री पटेल और मुख्यमंत्री डॉ.यादव द्वारा शहडोल में जनजातीय गौरव दिवस शहडोल में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में विकास की अनेक सौगात दी जाएगी। इस दौरान 229.66 करोड़ रूपये की लागत के 76 विभिन्न विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण किया जायेगा। समारोह में लोक कलाकारों द्वारा पारंपरिक लोक नृत्य गुदुम्ब, शैला, करमा, रीना की प्रस्तुतियां दी जाएगी। साथ ही समारोह स्थल पर विभिन्न विभागों की विकास प्रदर्शनी भी लगाई जायेगी। धार और धरमपुरी विधानसभा क्षेत्र के विजन डॉक्यूमेंट का विमोचन राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में धार के प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस परिसर में दोपहर एक बजे भगवान बिरसा मुंडा जयंती पर जनजातीय गौरव दिवस मनाया जायेगा। राज्यपाल श्री पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव FRA एटलस के साथ धार और धरमपुरी विधानसभा क्षेत्र का विजन डॉक्यूमेंट का विमोचन करेंगे। कार्यक्रम में सिकल सेल उन्मूलन 2047 डाक टिकिट का विमोचन भी होगा। इस अवसर पर 334.36 करोड़ रूपए लागत के 57 विकास कार्यों भूमि-पूजन और लोकार्पण भी किया जायेगा। राज्यपाल और मुख्यमंत्री कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ और दिव्यांगजन को ट्राईसाइकिल वितरित की जायेगी। कार्यक्रम में जनजातीय गौरव सांस्कृतिक प्रदर्शनी एवं विभिन्न विभागों के स्टॉल भी लगाए जाएंगे।   recent visitors 83

आम आदमी पार्टी के महेश खींची बने महापौर, बीजेपी उम्मीदवार किशनलाल को 3 वोटों से हराया

नई दिल्ली आज दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के महापौर और उपमहापौर पद के लिए मतदान हुए। चुनाव में भाजपा और आप के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। आम आदमी पार्टी के महापौर पद के उम्मीदवार महेश खींची ने महापौर चुनाव जीत लिया है। उन्होंने बीजेपी उम्मीदवार किशनलाल को 3 वोटों से हरा दिया है। बीजेपी, कांग्रेस और आप के खाते में आए वोट आम आदमी पार्टी को कुल 143 वोट मिले। इसमें कुल 127 पार्षद वोट, 13 विधायक और 3 राज्य सभा सांसद के वोट मिले। वहीं भाजपा को कुल 122 वोट मिले। इसमें 114 पार्षद, 7 लोकसभा सांसद, 1 वोट विधायक का मिला। वहीं कांग्रेस को कुल 7 पार्षदों के वोट मिले और एक वोट निर्दलीय रहा। बीजेपी और आप के उम्मीदवार बीजेपी ने शकूरपुर वार्ड से 47 साल के किशन लाल को मेयर पद के लिए और सदातपुर वार्ड से 41 साल की नीता बिष्ट को डिप्टी मेयर पद के लिए मैदान में उतारा है। आप ने करोल बाग के देव नगर वार्ड से 45 साल के महेश कुमार खीची को मेयर पद के लिए और अमन विहार से रविंदर भारद्वाज को डिप्टी मेयर के लिए मैदान में उतारा है। पीठासीन अधिकारी और कांग्रेस का चुनाव में बहिष्कार दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने बीजेपी की पार्षद और पूर्वी दिल्ली की महापौर सत्या शर्मा को पीठासीन अधिकारी नियुक्त किया है। शर्मा इससे पहले भी दिसंबर 2022 में महापौर चुनाव की अध्यक्षता कर चुकी हैं। हालांकि इस बीच कांग्रेस के पार्षदों ने महापौर और उपमहापौर चुनाव का बहिष्कार किया था। इन लोगों ने सदन की कार्यवाई शुरू होने से पहले अपना विरोध जताया था। कांग्रेस पार्टी ने दलित मेयर के लिए प्रस्तावित छोटे कार्यकाल से असंतुष्ट होकर निगम चुनावों का बहिष्कार करने की घोषणा की थी। recent visitors 92

देशभर में जाट समाज किसान वर्ग का महत्वपूर्ण अंग है, कोई माई लाल पैदा नहीं हुआ है जो किसान में विभाजन कर सके: उपराष्ट्रपति

पुष्कर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने 105 वें राष्ट्रीय जाट अधिवेशन में अपने सम्बोधन में किसान समुदाय को बाँटने की साजिश करने के प्रयासों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि, “ कई लोग ये भी बात करे हैं, पता नहीं क्यों करे हैं। सही रास्ता नहीं है उनका, वो किसान वर्ग के ही लोग हैं कि हम तो 35 बनाम 1 कर देंगे। इस देश में कोई माई लाल पैदा नहीं हुआ है जो किसान में विभाजन कर सके।” धनखड़ ने कहा कि जाट समाज को किसान समाज का महत्वपूर्ण अंग और किसान समाज की आत्मा के समान बताते हुए उन्होंने कहा, “ जाट समाज किसान वर्ग का महत्वपूर्ण अंग है देशभर में। किसान को जातियों में बांटने की एक साजिश है ताकि एक विशेष वर्ग, और खुलकर कहूंगा , अपने [ जाटों ] को अलग कर दें। अरे कभी दिल शरीर से अलग नहीं हुआ है। पर हम तो दिल कहां है, हम तो आत्मा हैं, किसान वर्ग की आत्मा है। इस आत्मा का सृजन, इस आत्मा का संरक्षण, हमको करना है।” उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया की की जाट समाज एक किसान समाज है और उसमे भाईचारे की पहचान किसान है एवं जाट हमेशा किसान के नाम से ही जान जाता है एवं स्वयं उन्हें भी लोग किसान पुत्र के तौर पर ही जानते हैं। जाट और किसान समाज के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए धनखड़ ने कहा, “ किसानों के लिए मेरे घर के दरवाज़े 24 घंटे खुले हैं। जिस समाज ने मुझे इस पद पर भेजा है, उस समाज का मैं सबसे पहला सेवक हूँ, उस समाज की पूजा करने में कोई कमी नहीं आएगी और मेरा संकल्प है किसान वर्ग को खंडित करने की योजना करने वाले लोगों के नापाक इरादे कभी कामयाब नहीं हो सकते। किसान वर्ग के संगठित रहने पर ज़ोर देते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा, “ किसान वर्ग का संगठित रहना राष्ट्रवाद के लिए सबसे अच्छा है, किसान राष्ट्र का प्रतीक है, देश पर कोई भी संकट आएगा, किसान अपनी छाती पर झेलेगा। मैं जानता हूँ कुछ समस्याएं हैं, उन समस्याओं का निराकरण होना चाहिए। उसमें देरी हुई, वो हट सकती थीं। आज मैं यहां से आह्वान करता हूँ देश भर के किसानों को, पुष्कर की इस भूमि से, आपकी समस्याओं के समाधान के लिए मैं एक सिपाही हूँ। मेरे दरवाज़े चौबीसों घंटे खुले हैं, मिल बैठ कर बात करेंगे, समस्या का हल निकालेंगे, हम इस देश के हैं, यह देश हमारा है, हम वो लोग हैं, जो धरती से सोना पैदा करते हैं।” वीर तेजा जी, महाराजा सूरजमल , राजा महेंद्र प्रताप, पूजनीय नाथू राम मिर्धा जी की कीर्ति और यश का उल्लेख करते हुए उपराष्ट्रपति ने मौजूद लोगों से आग्रह किया कि वे आने वाली पीड़ी में नैतिक मूल्यों का सृजन करें और उन्हें सही रास्ता दिखाए। इसी के साथ उन्होंने अपने परिवार, कुटुंब, वातवरण का ख्याल रखने और अपने कर्तव्यों का पालन करने पर भी ज़ोर दिया। धनखड़ ने किसानों से कृषि उत्पादों के विपणन और व्यापार में भी अपनी साझेदारी बढ़ाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, “ किसान जो पैदा करे है, बड़ी मुश्किलों पैदा करे है। मैं के व्यापार में किसान क्यों नहीं। मेरा आग्रह है कि किसानों को बैठ कर चिंता करनी चाहिए, चिंतन करना चाहिए, मंथन करना चाहिए और जो खरबों का व्यापार है, उस चीज का व्यापार है जो उनके यहां पैदा होती है। उसका व्यापार वो खुद करे। ये बहुत बड़ा व्यापार है। इतने बड़े खजाने को हम अपने से दूर कर रहे हैं। अन्न पैदा हुआ, तुरंत बेच देते हैं। अपने बच्चों को सिखाएं कि ये व्यापार में लक्ष्मी पूरी तरह से मेहरबान है।” अपने पुष्कर दौरे के दौरान उपराष्ट्रपति ने ब्रह्मा मंदिर एवं जाट शिव मंदिर में भी दर्शन किए एवं वीर श्री तेजा जी और श्री एन.आर. मिर्धा जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। recent visitors 205

प्रदेश में तबादला नीति में हो सकता है बड़ा बदलाव, मंत्रियों को भी मिल सकते हैं अधिकार

भोपाल प्रदेश में दो वर्ष से तबादलों पर लगे प्रतिबंध को सरकार अभी पूरी तरह से नहीं हटाएगी। मंत्रियों को जिले के भीतर और विभाग में सीमित तबादले करने का अधिकार अवश्य दिया जा सकता है। दरअसल, अभी जितने भी तबादले हो रहे हैं, उसके लिए प्रस्ताव मुख्यमंत्री समन्वय में भेजने पड़ रहे हैं। मुख्यमंत्री की व्यस्तता के कारण प्रस्ताव काफी दिनों तक लंबित रह जाते हैं। इसका असर कामकाज पर पड़ रहा है। उधर, मुख्य सचिव अनुराग जैन ने भी तबादले के लिए पहुंची अधिकतर फाइलें वापस लौटा दी हैं। तत्कालीन शिवराज सरकार ने वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए तबादलों पर प्रतिबंध नहीं हटाया था। चुनाव के बाद मोहन सरकार ने भी इसे जारी रखा। लोकसभा चुनाव के बाद संभावना थी कि कुछ समय के लिए प्रतिबंध हटा दिया जाएगा पर इस बारे में निर्णय लगातार टलता रहा। मंत्रियों ने पिछले दिनों अनौपचारिक चर्चा में मुख्यमंत्री डा.मोहन यादव से तबादला नीति जारी करने की बात कही तो उन्होंने दीपावली के बाद देखने का आश्वासन दिया था। सूत्रों का कहना है कि सामान्य प्रशासन विभाग ने तबादला नीति का प्रारूप तैयार करके रखा है। मुख्यमंत्री की हरी झंडी मिलते ही इसे जारी कर दिया जाएगा। चूंकि, अब परीक्षाओं का समय आ गया है, इसलिए बड़ी संख्या में तबादले करने के पक्ष में कोई नहीं है। उसके बाद भी विभागों में प्रशासनिक व्यवस्था बनाने के लिए मंत्रियों को तबादले करने के कुछ अधिकार दिए जा सकते हैं। विधानसभा सत्र के पहले दिए जा सकते हैं अधिकार लोक निर्माण विभाग के कुछ कार्यपालन यंत्री अगले माह सेवानिवृत्त हो रहे हैं, तो कुछ को एक स्थान पर पदस्थ रहते लंबा समय हो गया है। सांसद और विधायकों ने भी कुछ अधिकारियों के स्थानांतरण के प्रस्ताव मुख्यमंत्री कार्यालय को दिए हैं। इन सभी स्थितियों को देखते हुए मंत्रियों को सीमित संख्या में तबादले करने के अधिकार विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिए जा सकते हैं। recent visitors 86