देश में थोक मुद्रास्फीति अक्टूबर में चार महीने के उच्च स्तर 2.36 प्रतिशत पर

नई दिल्ली खाद्य उत्पादों और प्राथमिक वस्तुओं की कीमतों में तेजी के चलते थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रा स्फीति अक्टूबर 2024 में बढ़कर 2.36 प्रतिशत रही। सरकार द्वारा गुरुवार को जारी अक्टूबर माह के थोक मूल्य सूचकांक के अनुसार, अक्टूबर में, खाद्य उत्पादों की थोक कीमतों में सालाना आधार पर 11.59 प्रतिशत और प्राथमिक वस्तुओं की कीमतों में 1.09 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी। वाणिज्यों एवं उद्योग मंत्रालय की विज्ञप्ति के अनुसार, अक्टूबर माह में ईंधन और ऊर्जा के थोक भाव पिछले साल अक्टूबर की तुलना में 5.79 प्रतिशत नीचे रहे जबकि विनिर्मित उत्पादों की थोक कीमतों में सालाना आधार पर 1.50 प्रतिशत की तेजी रही। सितंबर में थोक मुद्रा स्फीति 1.84 प्रतिशत और अगस्त में 1.25 प्रतिशत रही। सब्जियों की कीमतों में लगी आग आंकड़ों के अनुसार, खाद्य पदार्थों की मुद्रास्फीति अक्टूबर में बढ़कर 13.54 प्रतिशत हो गई, जबकि सितंबर में यह 11.53 प्रतिशत थी। इसमें सब्जियों की मुद्रास्फीति 63.04 प्रतिशत रही, जबकि सितंबर में यह 48.73 प्रतिशत थी। अक्टूबर में आलू और प्याज की मुद्रास्फीति क्रमशः 78.73 प्रतिशत और 39.25 प्रतिशत पर उच्च स्तर पर रही। ईंधन और बिजली में दिखा ये बदलाव खबर के मुताबिक, ईंधन और बिजली श्रेणी में अक्टूबर में 5. 79 प्रतिशत की अपस्फीति देखी गई, जबकि सितंबर में 4. 05 प्रतिशत की अपस्फीति थी। विनिर्मित वस्तुओं में, मुद्रास्फीति अक्टूबर में 1. 50 प्रतिशत रही, जबकि पिछले महीने यह 1 प्रतिशत थी। अक्टूबर महीने में थोक मुद्रास्फीति में लगातार दूसरे महीने वृद्धि देखी गई। अक्टूबर के स्तर से अधिक WPI पिछली बार जून 2024 में दर्ज की गई थी, जब यह 3. 43 प्रतिशत थी। खुदरा मुद्रास्फीति 14 महीने के उच्च स्तर पर वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने गुरुवार को एक बयान में कहा कि अक्टूबर, 2024 में मुद्रास्फीति मुख्य रूप से खाद्य पदार्थों, खाद्य उत्पादों के निर्माण, अन्य विनिर्माण, मशीनरी और उपकरणों के निर्माण, मोटर वाहनों, ट्रेलरों और अर्ध-ट्रेलरों आदि के मूल्यों में बढ़ोतरी के चलते होगी। सप्ताह की शुरुआत में जारी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आंकड़ों से पता चलता है कि खाद्य पदार्थों की कीमतों में तेज वृद्धि के साथ खुदरा मुद्रास्फीति 14 महीने के उच्च स्तर 6. 21 प्रतिशत पर पहुंच गई। यह स्तर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ऊपरी सहनीय सीमा से अधिक है, जिससे दिसंबर में नीति समीक्षा बैठक में बेंचमार्क ब्याज दरों में कटौती करना मुश्किल हो सकता है। recent visitors 71

अफ्रीकी देश डोमिनिका PM मोदी को देगा अपना सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कार, अवार्ड देने के पीछे की वजह जान लीजिए

 नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अफ्रीका यात्रा से पहले अफ्रीकी देश डोमिनिका ने पीएम मोदी को देश का सबसे बड़ा सम्मान देने की घोषणा की है। कोविड-19 महामारी के दौरान डोमिनिका में उनके योगदान और भारत और डोमिनिका के बीच साझेदारी को मजबूत करने के लिए उनके समर्पण के सम्मान में डोमिनिका पीएम मोदी को अपना सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कार ‘डोमिनिका अवार्ड ऑफ ऑनर’ प्रदान करेगा। गुरुवार को एक विज्ञप्ति जारी कर यह ऐलान किया गया है कि डोमिनिका के राष्ट्रमंडल की अध्यक्ष सिल्वेनी बर्टन आगामी भारत-कैरिकॉम शिखर सम्मेलन के दौरान यह पुरस्कार प्रदान करेंगी। यह सम्मेलन 19 से 21 नवंबर तक गुयाना के जॉर्जटाउन में होने वाला है। गौरतलब है कि पीएम मोदी 16 से 21 नवंबर तक के लिए अफ्रीकी देशों के दौरे पर जा रहे हैं। डोमिनिका के प्रधानमंत्री स्केरिट ने पीएम मोदी की जमकर तारीफ भी की है। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी डोमिनिका के सच्चे साथी रहे हैं। खासकर वैश्विक स्वास्थ्य संकट के बीच हमारी जरूरत के समय में। उनके समर्थन के लिए हमारी कृतज्ञता के प्रतीक के रूप में और हमारे देशों के बीच मजबूत संबंधों के प्रतिबिंब के रूप में उन्हें डोमिनिका का सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान प्रदान करना सम्मान की बात है। हम इस साझेदारी को आगे बढ़ाने और अपने साझा दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के लिए तत्पर हैं।” भारत नें भिजवाईं थी वैक्सीन की 70,000 खुराकें कोरोना महामारी के दौरान फरवरी 2021 में भारत ने डोमिनिका को एस्ट्राजेनेका कोविड-19 वैक्सीन की 70,000 खुराकें भिजवाईं थी। डोमिनिका ने कहा है कि इससे उन्हें अपने साथ साथ पड़ोसी कैरेबियाई देशों की मदद का भी अवसर मिला। विज्ञप्ति में यह भी कहा गया है कि यह पुरस्कार प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में शिक्षा और सूचना प्रौद्योगिकी में डोमिनिका के लिए सतत विकास को बढ़ावा देने में उनकी भूमिका को भी मान्यता देता है। क्या है ये अवार्ड जानिए कॉमनवेल्थ ऑफ डोमिनिका ने अपने लिखे पत्र में कहा कि डोमिनिका का राष्ट्रमंडल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कार, डोमिनिका अवार्ड ऑफ ऑनर प्रदान करेगा। यह पुरस्कार कोविड-19 महामारी के दौरान डोमिनिका में उनके योगदान और भारत और डोमिनिका के बीच साझेदारी को मजबूत करने के लिए उनके समर्पण को मान्यता देता है। यह पुरस्कार गुयाना में आगामी भारत-कैरिकॉम शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति सिल्वानी बर्टन की ओर से प्रदान किया जाएगा। भारत ने दी थी वैक्सीन पत्र में आगे कहा बताया गया कि फरवरी 2021 में, भारत ने उदारतापूर्वक डोमिनिका को एस्ट्राजेनेका कोविड-19 वैक्सीन की 70,000 खुराक दी थी, जिससे डोमिनिका अपने कैरेबियाई पड़ोसियों को समर्थन देने में सक्षम हुआ था। यह पुरस्कार प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी और जलवायु लचीलापन-निर्माण पहल(Climate Resilience Building) में डोमिनिका के लिए भारत के समर्थन को भी स्वीकार करता है। कॉमनवेल्थ ऑफ डोमिनिका के पीएम ने जताया आभार प्रधानमंत्री स्केरिट ने वैश्विक स्वास्थ्य संकट के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के महत्वपूर्ण समर्थन पर प्रकाश डालते हुए उनकी एकजुटता के लिए डोमिनिका का आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह पुरस्कार दोनों देशों के बीच मजबूत संबंधों और इस साझेदारी को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। भारत-कैरिकॉम शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे पीएम पुरस्कार की पेशकश को स्वीकार करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने जलवायु परिवर्तन और भू-राजनीतिक संघर्षों जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने में सहयोग के महत्व पर जोर दिया है। उन्होंने इन मुद्दों को हल करने में डोमिनिका और कैरिबियन देशों के साथ मिलकर काम करने की भारत की प्रतिबद्धता की बात को दोहराया भी है। पीएम मोदी डोमिनिका के प्रधानमंत्री रूजवेल्ट स्केरिट के साथ भारत-कैरिकॉम शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे जो भारत और कैरिकॉम सदस्य देशों के बीच सहयोग के लिए एक मंच है। प्रधानमंत्री मोदी ने पुरस्कार स्वीकार करते हुए जलवायु परिवर्तन और भू-राजनीतिक संघर्ष जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने में सहयोग के महत्व को रेखांकित किया है। उन्होंने इन मुद्दों से निपटने में डोमिनिका और कैरेबियाई देशों के साथ मिलकर काम करने की भारत की प्रतिबद्धता की पुष्टि की। राष्ट्रपति सिल्वानी बर्टन और प्रधानमंत्री रूजवेल्ट स्केरिट दोनों साझा प्राथमिकताओं पर चर्चा करने और भारत और कैरिकॉम के सदस्य देशों के बीच सहयोग के नए रास्ते तलाशने के लिए भारत-कैरिकॉम शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। recent visitors 116

कांग्रेस के शहजादे विदेश में जाकर खुलेआम बयान देते हैं कि वो आरक्षण को खत्म कर देंगे: पीएम मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज महाराष्ट्र के दौरे पर हैं। उन्होंने छत्रपति संभाजी नगर में एक सार्वजनिक बैठक को संबोधित करते हुए कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। पीएम मोदी ने कहा, "पिछले 10 वर्षों से OBC समाज का प्रधानमंत्री इन्हें बर्दाश्त ही नहीं हो रहा है। कांग्रेस के शहजादे विदेश में जाकर खुलेआम बयान देते हैं कि वो आरक्षण को खत्म कर देंगे।" विकास पर नहीं बटवारे पर भरोसा करती है कांग्रेस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "कांग्रेस पार्टी सरकार बनाने के लिए विकास पर नहीं बटवारे पर भरोसा करती है। कांग्रेस दलितों, पिछड़ों और आदिवासियों को आगे बढ़ने से रोकती है ताकि सत्ता पर पीढ़ी दर पीढ़ी इनका कब्जा बना रहा है इसलिए कांग्रेस शुरू से ही आरक्षण के खिलाफ रही है।'' सूखे के खिलाफ ठोस प्रयास शुरू की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "महाविकास अघाड़ी वालों ने महाराष्ट्र के परेशानियों को बढ़ाने के अलावा कोई काम नहीं किया है। मराठवाड़ा में लंबे समय से पानी का संकट रहा है लेकिन कांग्रेस और अघाड़ी वाले हमेशा हाथ पर हाथ धरे रहें। हमारी सरकार में पहली बार सूखे के खिलाफ ठोस प्रयास शुरू की।'' 20 नवंबर को होंगे महाराष्ट्र में चुनाव महाराष्ट्र की 288 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव प्रचार तेज हो गया है और सत्तारूढ़ महायुति और विपक्षी महा विकास अघाड़ी (एमवीए) दोनों ही मतदाताओं को लुभाने के प्रयास कर रहे हैं। मतदान 20 नवंबर को होना है और मतगणना 23 नवंबर को होगी। 2019 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 105 सीटें जीतीं, शिवसेना ने 56 और कांग्रेस ने 44 सीटें जीतीं। 2024 के लोकसभा चुनाव में एमवीए ने 48 में से 30 सीटें जीतकर मजबूत प्रदर्शन किया, जबकि महायुति केवल 17 सीटें जीत सकी। recent visitors 60

शहडोल में बिरसा मुंडा जंयती पर जनजातीय कार्यक्रम की तैयारी पूर्ण, PM वर्चुअली संबोधित करेंगे

शहडोल भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर शुक्रवार 15 नवंबर को आयोजित कार्यक्रम शहडोल के बाणगंगा मेला मैदान में होना है। इस कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उपमुख्यमंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री राजेंद्र शुक्ला प्रमुख रूप से शिरकत करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कार्यक्रम को वर्चुअली संबोधित करेंगे। इसमें 50 हजार लोगों के पहुंचने की उम्मीद है, जिसके लिए कार्यक्रम स्थल पर टेंट और कुर्सियों की व्यापक व्यवस्था की गई है। बाणगंगा मेला मैदान में कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने लिया। उन्होंने अलग-अलग विभागों के अधिकारियों को बुलाकर स्थल का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं पर चर्चा की। इस दौरान पुलिस अधीक्षक कुमार प्रतीक भी मौजूद थे और उन्होंने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ स्थल का निरीक्षण किया। भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर आयोजित इस कार्यक्रम में राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सुरक्षा व्यवस्था के लिए 700 से अधिक सुरक्षा बलों की तैनाती की जाएगी। जिले में मौजूद 250 बलों के अलावा अन्य जिलों से 336 पुलिसकर्मी बुलाए गए हैं। इसके साथ ही दो कंपनियों और अनूपपुर एवं उमरिया जिलों से 40-40 बलों की व्यवस्था की गई है। बाहरी जिलों से एक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और चार डीएसपी स्तर के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। सुरक्षा बल हैलीपैड से लेकर पूरे मार्ग और मंच तक हर जगह तैनात रहेंगे। कार्यक्रम के दौरान यातायात को डायवर्ट कर दिया गया है। डीएसपी यातायात मुकेश दीक्षित ने बताया कि कटनी और अनूपपुर की ओर आने-जाने वाले वाहनों को बाहरी रास्ते से जाना पड़ेगा। वीआईपी कार्यक्रम के चलते शहर के वाहनों को भी बाहरी मार्ग से निकालने की व्यवस्था की गई है। वीआईपी आगमन के लिए चार स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस मनाने के लिए बिहार के जमुई का दौरा करेंगे. प्रधानमंत्री सुबह करीब 11 बजे भगवान बिरसा मुंडा के सम्मान में एक स्मारक सिक्का और डाक टिकट का अनावरण करेंगे. पीएम इस दौरान 6,640 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी करेंगे. प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान के तहत बने 11,000 आवास के गृह प्रवेश समारोह में भाग लेंगे. पीएम आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य देखभाल की पहुंच बढ़ाने के लिए पीएम-जनमन के तहत शुरू की गई 23 मोबाइल मेडिकल यूनिट और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत अतिरिक्त 30 एमएमयू का भी उद्घाटन करेंगे. 10 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों का उद्घाटन इसके अलावा प्रधानमंत्री आदिवासी उद्यमशीलता को बढ़ावा देने और आजीविका में मदद के लिए 300 वन धन विकास केंद्रों का उद्घाटन करेंगे. साथ ही आदिवासी छात्रों के लिए करीब 450 करोड़ रुपये की लागत से 10 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों का उद्घाटन करेंगे. वे मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा और जबलपुर में दो आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालयों और श्रीनगर, जम्मू और कश्मीर और गंगटोक, सिक्किम में दो आदिवासी शोध संस्थानों का भी उद्घाटन करेंगे, ताकि आदिवासी समुदायों के समृद्ध इतिहास और विरासत का दस्तावेजीकरण और संरक्षण किया जा सके. नई सड़कों और सामुदायिक केंद्रों का शिलान्यास प्रधानमंत्री मोदी जनजातीय क्षेत्रों में कनेक्टिविटी सुधारने के लिए 500 किलोमीटर नई सड़कों और सामुदायिक केंद्रों के रूप में काम करने वाले 100 बहुउद्देश्यीय केंद्रों की आधारशिला रखेंगे. वे जनजातीय बच्चों की शिक्षा के लिए 1,110 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले 25 अतिरिक्त एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों की आधारशिला भी रखेंगे. recent visitors 87

खाद्य मंत्री राजपूत ने प्रस्तावित मिलर्स नीति के संबंध में मिलर्स से की चर्चा

भोपाल अच्छी एवं समय पर मिलिंग करने वाले‍मिलर्स को प्रोत्साहित किया जायेगा, साथ ही गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जायेगा। गुणवत्ता के लिये जहां जरूरी होगा, वहां सख्ती भी की जायेगी। मिलर्स नीति के संबंध में आपके द्वारा दिये गये सुझावों पर सकारात्मक रूप से विचार करेंगे। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने यह बात खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 की प्रस्तावित मिलिंग नीति के संबंध में मिलर्स से चर्चा के दौरान कही। मंत्री राजपूत ने कहा कि मिलर्स की सुविधा के लिये वेयर हाउस, नॉन एवं खाद्य संचालनालय में नोडल अधिकारी बनाये जायेंगे। हमारी पूरी टीम आपका पूरा सहयोग करेगी। मिलर्स साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें। खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया कि इस वर्ष उपार्जन का कार्य नोडल एजेंसी नागरिक आपूर्ति निगम के साथ-साथ एनसीसीएफ एवं केन्‍द्रीय भण्‍डारण के द्वारा भी किया जाएगा। किसानों की सुविधा एवं अन्‍य समस्‍याओं के निराकरण के लिए तथा समन्‍वय के लिए मिलिंग नीति 2024-25 का प्रारूप खाद्य आयुक्त के देखरेख में तैयार किया जाएगा। इसके अलावा खाद्य आयुक्‍त समय सीमा में मिलिंग कार्य कराने की समस्‍त कार्रवाई अपनी निगरानी में पूर्ण करायेगें। उपार्जन केन्द्र में रखा जायेगा मॉयश्चर मीटर खाद्य मंत्री राजपूत ने कहा कि उपार्जन केन्द्रों में धान की नमी चेक करने के लिये मॉयश्चर मीटर रखा जायेगा। नमी चेक करने के बाद ही एफएक्यू के आधार पर धान की खरीदी की जायेगी। उन्होंने कहा कि मिलर्स उपार्जन केन्द्र से सीधे धान उठायें। इससे परिवहन एवं भण्डारण व्यय में कमी आयेगी। मिलर्स के लंबित भुगतान एवं अपग्रेडेशन राशि के संबंध में जल्द काईवाई की जायेगी। बैठक में खाद्य आयुक्‍त सिबी चक्रवर्ती ने बताया कि इस वर्ष गत वर्षो से दोगुनी मात्रा से अधिक मात्रा में चावल का परिदान भारतीय खाद्य निगम को किया जाना है। भारतीय खाद्य निगम को नियत समय सीमा में चावल का परिदान के लिये विभाग के पोर्टल पर पंजी‍कृत मिलर्स को उनकी मिलिंग क्षमता के अनुसार चावल परिदान की जानकारी दर्ज करनी होगी। इस आधार पर ही मिलर्स के लिये भारतीय खाद्य निगम में चावल परिदान की कार्य योजना तैयार की जाऐगी। एमडी नागरिक एवं आपूर्ति निगम पी.एन. यादव ने प्रस्तावित नीति 2024-25 के प्रावधानों के बारे में जानकारी दी। प्रस्तावित नीति के संबंध में मिलर्स ने महत्वपूर्ण सुझाव दिये। इस दौरान प्रमुख सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण श्रीमती रश्मि अरूण शमी, अन्य अधिकारी तथा मिलर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधि उपस्थित थे।   recent visitors 64

बीएमएचआरसी का एम्स में नहीं होगा विलय, हाई कोर्ट के निर्देश के बाद केंद्र ने दी जानकारी

भोपाल /जबलपुर  भोपाल गैस त्रासदी के संबंध में दायर याचिकाओं की सुनवाई करते हुए केन्द्र सरकार ने हाईकोर्ट के जस्टिस संजीव सचदेवा तथा जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ को बताया कि डिजिटाइजेशन के लिए टेंडर आमंत्रित किये गये थे. लेकिन सिर्फ एक कंपनी द्वारा निविदा प्रस्तुत किये जाने के कारण इसे रद्द कर दिया गया है. सरकार शीघ्र ही दूसरा टेंडर जारी करेगी. युगलपीठ ने याचिका पर अगली सुनवाई 9 दिसम्बर को निर्धारित की है. गैस पीड़ितों के उपचार व पुनर्वास के संबंध में 20 निर्देश गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने साल 2012 में भोपाल गैस पीड़ित महिला उद्योग संगठन की ओर से दायर याचिका की सुनवाई करते हुए भोपाल गैस पीड़ितों के उपचार व पुनर्वास के संबंध में 20 निर्देश जारी किए थे. इनका क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए मॉनिटरिंग कमेटी का गठन किया गया. कोर्ट के निर्देश थे कि मॉनिटरिंग कमेटी प्रत्येक 3 माह में अपनी रिपोर्ट हाईकोर्ट के समक्ष पेश करेगी. इसके बाद पेश रिपोर्ट के आधार पर हाईकोर्ट द्वारा केन्द्र व राज्य सरकार को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे. इसी मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई जारी है. बीएमएचआरसी में कितने मेडिकल स्टाफ की नियुक्ति इसी के साथ याचिका के लंबित रहने के दौरान मॉनिटरिंग कमेटी की अनुशंसाओं का परिपालन नहीं किए जाने के खिलाफ भी अवमानना याचिका 2015 में दायर की गई. याचिका पर पूर्व में हुई सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से बताया गया था कि बीएचएमआरसी में डॉक्टरों व पैरामेडिकल स्टाफ के निर्धारित पदों में 70 प्रतिशत से अधिक की नियुक्ति कर दी गयी है. बीएमएचआरसी को एम्स में मर्ज करने का मामला इसी दौरान याचिकाकर्ता की तरफ से मांग की गई कि बीएचएमआरसी को एम्स में मर्ज नहीं किया जाए. मर्ज की मांग को संसदीय बोर्ड में चर्चा के बाद उसे केन्द्र लोक स्वास्थ्य एव परिवार कल्याण विभाग को भेजा गया. केन्द्र लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने पूर्व में ही मर्ज नहीं किये जाने के संबंध में निर्णय लिया है. युगलपीठ ने बीएचएमआरसी को एम्स में मर्ज नहीं किये जाने के संबंध में लिखित जवाब पेश करने के निर्देश जारी किए हैं. सरकार की तरफ से अधिवक्ता विक्रम सिंह ने पैरवी की. हर तीन माह में रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट ने 2012 में भोपाल गैस पीड़ित महिला उद्योग संगठन सहित अन्य की ओर से दायर याचिका की सुनवाई करते हुए गैस पीड़ितों के उपचार व पुनर्वास के संबंध में 20 दिशा-निर्देश दिए थे। इनका क्रियान्वयन सुनिश्चित करने कमेटी भी गठित की थी। कोर्ट ने कमेटी को हर तीन माह में रिपोर्ट हाई कोर्ट में पेश करने कहा था।  दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने साल 2012 में भोपाल गैस पीड़ित महिला उद्योग संगठन सहित अन्य की ओर से प्रस्तुत जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए भोपाल गैस पीड़ितों के उपचार व पुनर्वास के संबंध में 20 दिशा निर्देश जारी किए थे। इन बिंदुओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए निगरानी समिति भी गठित की थी। कोर्ट ने निर्देश दिए थे कि निगरानी समिति प्रत्येक तीन माह में अपनी रिपोर्ट हाई कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करेगी। पेश रिपोर्ट के आधार पर हाई कोर्ट द्वारा केंद्र व राज्य सरकार को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। इस मामले के लंबित रहने के दौरान निगरानी समिति की अनुशंसाओं का परिपालन न किए जाने के विरुद्ध अवमानना याचिका 2015 में दायर की गई थी। पूर्व में हुई सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से बताया गया था कि बीएचएमआरसी में डॉक्टरों व पैरामेडिकल स्टाफ के निर्धारित पदों में 70 प्रतिशत से अधिक की नियुक्ति कर दी गई है। एक याचिकाकर्ता की ओर से आवेदन दायर करते हुए मांग की गई थी कि बीएचएमआरसी को एम्स में विलय नहीं किया जाए।   recent visitors 58

केंद्र सरकार का मणिपुर में हिंसा पर बड़ा फैसला, जिरीबाम समेत 6 पुलिस थाना क्षेत्रों में फिर लगा AFSPA

इंफाल केंद्र सरकार ने मणिपुर में हिंसा को लेकर बड़ा कदम उठाया है. हिंसा प्रभावित जिरीबाम समेत छह पुलिस थाना क्षेत्रों में केंद्र सरकार ने सशस्त्र बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम (AFSPA) को फिर से लागू कर दिया है. इस अधिनियम के तहत किसी क्षेत्र को अशांत घोषित किया जाता है और सुरक्षा बलों को विशेष सुविधाएं प्रदान की जाती हैं. केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से गुरुवार को अधिसूचना जारी की गई है. इस अधिसूचना में कहा गया है कि जातीय हिंसा के कारण वहां लगातार अस्थिर स्थिति है. केंद्र सरकार की ओर से इंफाल पश्चिम जिले में सेकमाई और लामसांग, इंफाल पूर्व जिले में लामलाई, जिरीबाम जिले में जिरीबाम, कांगपोकपी में लेइमाखोंग और बिष्णुपुर में मोइरांग के पुलिस थाना क्षेत्रों में AFSPA को फिर से लागू किया गया है. गृह मंत्रालय ने मणिपुर के पांच जिलों (इंफाल पश्चिम, इंफाल पूर्व, जिरीबाम, कांगपोकपी और बिष्णुपुर) के छह पुलिस स्टेशनों में सशस्त्र बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम, 1958 को तत्काल प्रभाव से 31 मार्च, 2025 तक बढ़ा दिया है. नया आदेश मणिपुर सरकार के फैसले के बाद आया है. राज्य सरकार ने 1 अक्टूबर को पूरे राज्य में AFSPA लागू किया था. उसके अनुसार इन छह सहित 19 पुलिस थाना क्षेत्रों को छोड़कर बाकी सभी शामिल हैं. एक अक्टूबर को मणिपुर सरकार ने जारी किया था आदेश मणिपुर सरकार के 1 अक्टूबर के AFSPA लगाने के आदेश से बाहर रखे गए पुलिस स्टेशन इम्फाल, नाम्बोल, मोइरंग, काकचिंग, लाम्फाल, सिटी, सिंगजामेई, लामलाई, इरिलबंग, सेकमाई, लामसांग, पटसोई, वांगोई, पोरोमपत, हेइंगंग, लेइमाखोंग, थौबल, बिष्णुपुर और जिरीबाम आदि शामिल हैं. मणिपुर के जिरीबाम जिले में एक पुलिस स्टेशन और एक निकटवर्ती सीआरपीएफ शिविर पर छद्म वर्दी पहने और अत्याधुनिक हथियारों से लैस उग्रवादियों द्वारा अंधाधुंध गोलीबारी करने के बाद सोमवार को सुरक्षा बलों के साथ भीषण मुठभेड़ में ग्यारह संदिग्ध उग्रवादी मारे गए थे. एक दिन बाद, उसी जिले से सशस्त्र उग्रवादियों ने महिलाओं और बच्चों सहित छह नागरिकों का अपहरण कर लिया था. इसके बाद सशस्त्र उग्रवादियों ने दो लोगों को जलाकर मार डाला था. मणिपुर हिंसा में 200 से अधिक लोगों की हुई है मौत एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी का कहना है कि जिन लोगों का अपहरण किया गया है, उनमें 13 मैतेई समुदाय से थे, और जून में अपने घरों से विस्थापित हो गए थे और अपनी सुरक्षा के लिए मुठभेड़ स्थल जकुरधोर और बोरोबेक्रा पुलिस स्टेशन में सीआरपीएफ कैंप के आसपास रह रहे थे. बता दें कि मई में पिछले साल मई से इम्फाल घाटी स्थित मैतेईस और आसपास के पहाड़ी इलाकों में रहने वाले कुकी-जो समूहों के बीच जातीय हिंसा में 200 से अधिक लोग मारे गए हैं और हजारों लोग बेघर हो गए हैं. जातीय रूप से विविधतापूर्ण जिरीबाम, जो इम्फाल घाटी और आसपास की पहाड़ियों में संघर्षों से काफी हद तक अछूता रहा है, इस साल जून में एक खेत में एक किसान का क्षत-विक्षत शव मिलने के बाद इस इलाके में भी हिंसा भड़क उठी है. recent visitors 59