नेशनल सैंपल सर्वे के अनुसार मप्र के 22 फीसदी लोग जोड़ घटाव ही नहीं, बेसिक पढ़ाई लिखाई में भी कमजोर

भोपाल  मध्य प्रदेश के लोगों का गणित कमजोर है। नेशनल सैंपल सर्वे में यह खुलासा हुआ है कि एमपी में 22 फीसदी लोग जोड़ घटाव भी नहीं कर पाते हैं। यह सर्वे 2022-23 के बीच हुआ है। वही, मध्य प्रदेश के ज्यादा स्थिति राजस्थान की खराब है, 27 फीसदी लोग ऐसा नहीं कर पाते हैं। नेशनल सैंपल सर्वे में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि जोड़ घटाव ही नहीं, बेसिक पढ़ाई लिखाई में भी दोनों कमजोर हैं। 22 फीसदी लोगों को जोड़ घटाव नहीं आता दरअसल, व्यापक वार्षिक मॉड्यूलर सर्वे 2022-23 की यह तस्वीर सामने आई है। इसके मुताबिक, एमपी के 22 फीसदी लोग साधारण जोड़-घटाव में सक्षम में नहीं हैं। ऐसे लोगों की उम्र हालांकि 24 साल से अधिक है। इसकी वजह है कि बेसिक एजुकेशन सिस्टम कमजोर है। इससे साफ है कि मध्य प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था कमजोर है। हाल के दिनों दसवीं और 12वीं बोर्ड के जो रिजल्ट आते रहे हैं, उसके नतीजों से भी यह साफ दिखता है कि सरकारी शिक्षा व्यवस्था कमजोर है। बोर्ड परीक्षा में भी छात्र अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते हैं। हालांकि शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए मध्य प्रदेश की सरकार कई कदम उठा रही है। महाराष्ट्र की है सबसे बेहतर स्थिति वहीं, इस सर्वे में महाराष्ट्र की स्थिति सबसे बेहतर है। महाराष्ट्र में सिर्फ 11.8 फीसदी, हरियाणा में 15.1 फीसदी, गुजरात में 15.8 फीसदी, पंजाब में 16.5 फीसदी, छत्तीसगढ़ में 19.9 फीसदी, झारखंड में 21.2 फीसदी, मध्य प्रदेश में 22 फीसदी, बिहार में 23.6 फीसदी और यूपी में 25.4 फीसदी लोग जोड़ घटाव भी नहीं कर पाते हैं। केंद्र और राज्य राज्य लगातार ऐसे लोगों को साक्षर करने के लिए अभियान भी चला रही है। ऐसे में उम्मीद है कि आने वाले दिनों में स्थिति बेहतर हो सकती है। recent visitors 73

हम सब मुसलमान जिन्ना के साथ नहीं गए, ये एहसान तो हमारा हुकूमत को मानना चाहिए. नहीं तो पाकिस्तान लाहौर तक नहीं लखनऊ तक बनता.” : मोहम्मद अदीब

नईदिल्ली वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक मीटिंग बुलाई गई थी. इस बैठक में राज्यसभा के पूर्व सांसद ने मोहम्मद अदीब (Mohammad Adeeb) भी शामिल हुए. इस दौरान मंच पर अपने संबोधन में उन्होंने कुछ ऐसा कह दिया, जिससे विवाद हो गया है. मोहम्मद अदीब ने दावा किया, "ये मुसलमानों का एहसान है कि उन्होंने जिन्ना को मना किया, जिसके चलते पाकिस्तान का बॉर्डर लाहौर तक रह गया, नहीं तो ये लखनऊ तक होता." उन्होंने आगे कहा कि मैं जिंदगी के तकरीबन अस्सी साल पूरे कर रहा हूं. पचास साल से ज्यादा सियासी गलियारों में घूमा हूं. आज हम अपने इलाके में एक गुनहगार की तरह बसर कर रहे हैं. अब तो देशद्रोही भी हो गए हैं, हमने ऐसे ऐसे लोगों को देखा, जो हमारे साथ थे और फिर अपनी सियासी जिंदगी बनाने के लिए हमको किस्मत के हवाले कर गए. जो लोग पाकिस्तान चले गए, उसका इल्जाम हमें दिया गया. 'हमने गांधी-नेहरू को माना…' मोहम्मद अदीब ने आगे कहा, "हम मानते हैं, जो पाकिस्तान गए वो महावीर हो गए, लेकिन हमने तो अपना खून बांटा था, हमने तो जिन्ना को मना किया था और ठुकराया था. हमने लियाकत अली खान को नहीं माना था, हमने नेहरू गांधी और आजाद को माना था. हम सब मुसलमान जिन्ना के साथ नहीं गए, ये एहसान तो हमारा हुकूमत को मानना चाहिए. नहीं तो पाकिस्तान लाहौर तक नहीं लखनऊ तक बनता." उन्होंने आगे कहा कि हमने पाकिस्तान को मुक्तसर कर दिया और तुम हमें सजा देते हो, हम पर जुल्म करते हो. अब तक जितने भी हमारे ऊपर हमले हुए हैं, सबसे बड़ा हमला आपकी औकात का है. हम पर फसाद हुए, हमारे घरों पर बुलडोजर चले, हम इसलिए नहीं बोले कि मेरा घर तो महफूज है क्योंकि हम अपनी जिंदगी के लिए जीते हैं. मोहम्मद अदीब ने आगे कहा, "आज हमारे पास कुछ भी नहीं बचा. आप लोग हमारी कूवत है. हमने सबसे ज्यादा जो मुसीबत झेली है, वो ये है कि अब हमारी हैसियत नहीं रह गई. हम जब अलीगढ़ में पढ़ते थे, तो उस वक्त सियासी जमातें कहती थीं कि कहीं मियां नाराज न हो जाएं. मोहम्मद अदीब ने दिल्ली में आयोजित मुस्लिम कॉन्फ्रेंस में ये बाते कहीं. उनकी स्पीच के वक्त मंच पर  ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के अध्यक्ष खालिद सैफुल्लाह रहमानी और जनरल सेक्रेटरी फजलुर्रहीम मुजद्दिदी भी मौजूद थे. इसके अलावा कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी, अमरैन महफूज रहमानी, समाजवादी पार्टी के नेता और रामपुर से सांसद मौलाना मोहिबुल्लाह नदवी और कर्नाटक से राज्यसभा सांसद सैय्यद नसीर हुसैन भी मौजूद थे. recent visitors 201

मेगा जॉब फेयर/अप्रेंटिसशिप मेला के माध्यम से 669 युवाओं का हुआ प्रारंभिक चयन

युवाओं को मेला के माध्यम से रोजगार, स्वरोजगार उपलब्ध कराने के प्रयास सराहनीय-कुटीर एवं ग्रामोद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल कौशल उन्नयन के माध्यम से सरकार युवाओं का संवार रही भविष्य-कुटीर एवं ग्रामोद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल मेगा जॉब फेयर/अप्रेंटिसशिप मेला के माध्यम से 669 युवाओं का हुआ प्रारंभिक चयन अनूपपुर मध्यप्रदेश शासन के कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल ने कहा है कि कौशल उन्नयन के माध्यम से युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने का कार्य प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा किया जा रहा है। किताबी ज्ञान के साथ ही युवाओं का कौशल उन्नयन भी आवश्यक है। सरकार द्वारा लगातार इस दिशा में कार्य किया जा रहा है। मध्यप्रदेश शासन के कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल शासकीय आईटीआई अनूपपुर परिसर में आयोजित प्रधानमंत्री नेशनल अप्रेन्टिश मेला मेगा जॉब फेयर 2024-25 कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर विंध्य विकास प्राधिकरण के पूर्व उपाध्यक्ष रामदास पुरी, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तन्मय वशिष्ठ शर्मा, एनआरएलएम के जिला परियोजना प्रबंधक शशांक प्रताप सिंह, आईटीआई के प्राचार्य वेद प्रकाश, जिला अग्रणी प्रबंधक सेन्ट्रल बैंक ऑफ इण्डिया अजीत नाम्बियार, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक आर.एस. डावर, उद्यान विभाग के सहायक संचालक सुभाष चन्द्र श्रीवास्तव, नगर निरीक्षक पुलिस अरविन्द जैन सहित बड़ी संख्या में युवा तथा विभिन्न कम्पनियों के अधिकारी तथा जिले के विभिन्न विभागों के जिला प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे। मध्यप्रदेश शासन के कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल ने कहा कि मध्यप्रदेश के अंतिम छोर के जिले अनूपपुर में 21 कम्पनियों द्वारा जिले के युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए जो प्रारम्भिक चयन किया गया है। वह युवाओं के भविष्य को गढ़ेगा। उन्होंने शासन के इस प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार प्रदेश एवं देश को स्वर्णिम बनाने तथा दुनिया का नम्बर एक राष्ट्र बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि जब हमारा देश आजादी का 100 वाँ वर्ष मनाए, तो हम विकसित राष्ट्र की श्रेणी में हों, इस संकल्प के साथ सरकार द्वारा कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हर हाथ को काम, हर खेत को पानी तथा स्वास्थ्य एवं अन्य सुविधाएं सरल, सुलभ हों इस दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने मेगा जॉब फेयर/अप्रेंटिसशिप मेला के आयोजन के लिए जिला प्रशासन को भी धन्यवाद देते हुए युवाओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कार्यक्रम में खादी ग्रामोद्योग विभाग द्वारा संचालित स्वरोजगार योजनाओं की जानकारी देते हुए युवाओं का आव्हान किया कि वह विभाग अंतर्गत संचालित योजनाओं का लाभ उठाएं तथा 8 से 50 लाख तक के स्वरोजगार प्रकरण तैयार कर उद्यमशील बनें। उन्होंने युवाओं से खादी ग्रामोद्योग विभाग की योजनाओं का लाभ के लिए जिला पंचायत कार्यालय में स्थापित ग्रामोद्योग प्रकोष्ठ से सम्पर्क करने की अपील की। उन्होंने बताया कि खादी ग्रामोद्योग विभाग अंतर्गत संचालित योजनाओं में 30 से 35 प्रतिशत तक के अनुदान उपलब्ध कराने का प्रावधान रखा गया है। इस अवसर पर विंध्य विकास प्राधिकरण के पूर्व उपाध्यक्ष रामदास पुरी ने कहा कि केन्द्र एवं राज्य की सरकार लोककल्याणकारी कार्यक्रमों के माध्यम से हर जरूरतमंद को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के संबंध में भी प्रकाश डाला तथा केन्द्र एवं राज्य सरकार के सद्प्रयासों की सराहना की। मेले में 21 कंपनियों के अंतर्गत रोजगार हेतु इच्छुक 1234 युवक-युवतियों ने अपना पंजीयन कराया, जिनमें से 669 युवक-युवतियों को प्रारंभिक चयन का जॉब आफर लेटर प्रदान किया गया। कार्यक्रम का संचालन एनआरएलएम के जिला प्रबंधक दीपक मोदनवाल द्वारा किया गया। मंत्री ने मौके पर वितरित किए हितलाभ व जॉब ऑफर लेटर   प्रधानमंत्री नेशनल अप्रेन्टिश मेला मेगा जॉब फेयर 2024-25 कार्यक्रम के अवसर पर मध्यप्रदेश शासन के कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल ने हितलाभ का वितरण किया। जिसमें लर्नेट स्किल्स अनूपपुर के लिए श्यामकली सिंह, पूनम चावले, एसआईएस अनूपपुर के लिए रोहित कुमार सिंह, गणेश सिंह, शिवशंकर सिंह, धर्मेन्द्र सिंह, न्यूट्रीएन्टी क्राप प्राईवेट लिमि. बिलासपुर के लिए विपांशु महरा, पीएमकेयूवाई अनूपपुर के लिए नीतीश कुमार सिंह, संदीप भगाड़े, टाटा मोटर्स के लिए 8 लोगों को, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए 3, मदर्सन गुजरात के लिए 3, निवास कम्पनी के लिए 3, एफआईएटी के लिए 01, सागर मैन्यूफैक्चुरर के लिए 01 युवा को प्रारंभिक चयन के प्रमाण पत्र दिए गए। इसी तरह आजीविका मिशन के स्वसहायता समूह फुनगा, आमाडांड़, बिजुरी, बसनिहा, वेंकटनगर, जैतहरी, अनूपपुर के 48 प्रकरणों में सीसीएल राशि 01 करोड़ 22 लाख का चेक प्रदान किया गया। कार्यक्रम में उद्योग विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के रिटेल ट्रेड हेतु पुष्पेन्द्र त्रिपाठी अनूपपुर, संजय सोनकर अनूपपुर को चेक प्रदान किया गया। पशुपालन विभाग दीनदयाल राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। recent visitors 102

उज्जैन में 66वें अखिल भारतीय कालिदास समारोह का शुभारंभ उप राष्ट्रपति जगदीश धनखड़ ने किया

उज्जैन उज्जैन में 66वें अखिल भारतीय कालिदास समारोह का शुभारंभ उप राष्ट्रपति जगदीश धनखड़ ने किया। उन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों के कलाकारों को कालिदास राष्ट्रीय अलंकरण सम्मान दिए। उन्होंने जय महाकाल ने अपने भाषण की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि भारत जैसा कोई दूसरा देश नहीं है, जहां ऐसी सांस्कृतिक विरासत हो। जो देश और समाज अपनी संस्कृति और सांस्कृतिक धरोहर को संभालकर नहीं रखता, वो ज्यादा दिन नहीं टिकता है। उपराष्ट्रपति ने जय महाकाल कहकर ही भाषण समाप्त किया। अखिल भारतीय कालिदास समारोह के शुभारंभ से पहले बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुति दी।मंच पर उनके साथ राज्यपाल मंगूभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव , संस्कृति, पर्यटन एवं धार्मिक न्यास राज्य मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री व उज्जैन जिले के प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल मौजूद हैं। सारस्वत अतिथि रामजन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास अयोध्या के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंददेव गिरी जी महाराज भी आए हुए है।। इन लोगों को दिया गया राष्ट्रीय अलंकरण सम्मान     शास्त्रीय संगीत: पुणे के पं. उदय भवालकर, मुंबई के पं. अरविंद पारीख     शास्त्रीय नृत्य: मुंबई की डॉ. संध्या पुरेचा, मणिपुर की गुरु कलावती देवी     रूपंकर कला: दिल्ली के पीआर दारोच, मैसूर के रघुपति भट्ट     रंगकर्म: राजस्थान के भानु भारती, कोलकाता के रुद्र प्रसाद सेनगुप्ता     राष्ट्रीय कालिदास श्रेष्ठ कृति अलंकरण: इंदौर के आचार्य मिथिलाप्रसाद त्रिपाठी     प्रादेशिक भोज श्रेष्ठ कृति अलंकरण: ग्वालियर के आचार्य बालकृण शर्मा 7 दिन तक चलेगा समारोह 7 दिन तक चलने वाले समारोह का समापन 18 नवंबर को होगा। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। राष्ट्रीय स्तर की कालिदास चित्र और मूर्तिकला प्रदर्शनी लगाई गई है। प्रदर्शनी सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक देख सकेंगे। recent visitors 208

यूपी से लेकर दिल्ली तक यूपीएससी के स्टूडेंट्स सड़कों पर हल्ला बोलने को मजबूर , ‘वन डे-वन शिफ्ट’ पर भिड़े स्टूडेंट्स

प्रयागराज उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के बाहर पिछले कुछ दिनों से सैकड़ों स्टूडेंट्स प्रदर्शन कर रहे हैं. दिल्ली के मुर्खजी नगर में भी छात्रों का प्रदर्शन जारी है. प्रदर्शन करने वाले स्टूडेंट्स "एक दिन, एक शिफ्ट, नॉर्मलाइजेशन नहीं" की मांग कर रहे हैं. धीरे-धीरे यह प्रदर्शन दूसरे शहरों में भी पहुंचता दिख रहा है. अब बड़ा सवाल ये उठ रहा है कि आखिर छात्र जिस मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं वो क्या है, क्यों यूपी से लेकर दिल्ली तक यूपीएससी के स्टूडेंट्स सड़कों पर हल्ला बोलने को मजबूर हो रहे हैं, आखिर छात्र आयोग के फैसले के खिलाफ क्यों हैं. यहां से शुरू हुई स्टूडेंट्स का गुस्सा दरअसल, यह पूरा विवाद 1 जनवरी 2024 से तब शुरू हुआ, जब UPPSC ने अपर सब-ऑर्डिनेट सर्विस (PCS) प्रीलिम्स एग्जाम का नोटिफिकेशन जारी किया था. इसमें कहा गया था कि 17 मार्च 2024 को परीक्षा होगी, लेकिन यह परीक्षा स्थगित हो गई. कुछ दिन बाद यानी 3 जून 2024 को आयोग ने एक और नोटिफिकेशन जारी करते हुए कहा कि अब 27 अक्टूबर को परीक्षा होगी, लेकिन फिर से तय तारीख पर परीक्षा नहीं हो सकी. अब 5 नवंबर को UPPSC ने एक बार फिर नोटिफिकेशन जारी किया है. इससे छात्रों में काफी गुस्सा है. RO/ARO भर्ती परीक्षा के बाद खोलने लगे मोर्चा स्टूडेंट्स के सड़कों पर उतरने की दूसरी वजह RO/ARO भर्ती परीक्षा भी है. दरअसल, 11 फरवरी को उत्तर प्रदेश में समीक्षा अधिकारी और सहायक समीक्षा अधिकारी की परीक्षा हुई थी. इसमें सैंकड़ों अभ्यर्थी शामिल हुए थे लेकिन परीक्षा के दौरान ही खबर आई कि कुछ छात्रों के पास पहले से ही परीक्षा का प्रश्न पत्र था. इसके बाद सेंटर पर हंगामा हुआ. STF ने मामले की जांच शुरू की. बाद में उत्तर प्रदेश सरकार ने एग्जाम कैंसिल करने का फैसला किया. 2 मार्च को सीएम योगी आदित्यनाथ ने आदेश दिया कि 11 फरवरी को हुए एग्जाम को रद्द करके छह महीने में परीक्षा दोबारा कराई जाए. सीएम के दखल की वजह से अभ्यर्थियों को लगा कि 6 महीने में RO/ARO एग्जाम दोबारा हो जाएगा. लेकिन अब तक पेपर नहीं हुआ है… मामले की जांच जारी है. इस बीच 3 जून को पीसीएस एग्जाम करवाने को लेकर फिर से नोटिफिकेशन आया जिसमें 27 अक्टूबर को प्रीलिम्स की परीक्षा की डेट दी गई. लेकिन एग्जाम से कुछ दिन पहले फिर 16 अक्टूबर को आयोग ने फिर से परीक्षा स्थगित करने की सूचना दी. नोटिस में कहा गया कि दिसंबर के पहले पखवाड़े तक परीक्षा करवाई जा सकती है. आयोग की घोषणा से स्टूडेंट्स ने शुरू किया हल्लाबोल   आयोग ने दो शिफ्ट परीक्षा कराने के साथ-साथ नॉर्मलाइजेशन को लेकर भी एक नोटिस जारी किया था. आयोग ने छात्रों को बताया कि दो या अधिक दिनों में होने वाली परीक्षाओं के मूल्यांकन के लिए परसेंटाइल विधि यूज करेंगे. पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा 2024 और आरओ-एआरओ 2023 भर्ती परीक्षाओं में नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया अपनाई जाएगी. साथ ही, लोक सेवा आयोग ने यह भी बताया कि उम्मीदवारों का प्रतिशत स्कोर निकालने के लिए जो फॉर्मूला इस्तेमाल होगा, उसे भी सार्वजनिक कर दिया गया है. आयोग के परीक्षा कराने के इस तरीके को लेकर अभ्यर्थिय़ों के बीच नाराजगी है. क्या है नॉर्मलाइजेशन पैटर्न ? अब कई लोगों के मन में सवाल उठ रहा होगा कि आखिर ये नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया क्या है. यहां बता दें कि इस फॉर्मूले के अनुसार, किसी उम्मीदवार का प्रतिशत स्कोर जानने के लिए उसके प्राप्त अंकों के बराबर या उससे कम अंक पाने वाले सभी उम्मीदवारों की संख्या को उस शिफ्ट में उपस्थित कुल उम्मीदवारों की संख्या से विभाजित किया जाता है और फिर इसे 100 से गुणा किया जाता है. नई प्रक्रिया में ऐसे निकलेगा पर्सेंटाइल उदाहरण के लिए मान लीजिए किसी छात्र को परीक्षा में सबसे ज्यादा 70 प्रतिशत अंक मिले हैं और 70 फीसदी या उससे कम मार्क्स लाने वाले छात्रों की कुल संख्या 15000 है जबकि ग्रुप में कुल छात्रों की संख्या 18000 थी तो पर्सेंटाइल ऐसे निकालेंगे- 100×15000/18000=83.33% (यह प्रतिशत ही उस छात्र का पर्सेंटाइल होगा जिसने 70% अंक प्राप्त किए हैं.) दो शिफ्ट में एग्जाम नहीं देना चाहते छात्र मान लीजिए दो शिफ्ट A और B हैं. शिफ्ट A का पेपर थोड़ा आसान है, जबकि शिफ्ट B का पेपर थोड़ा कठिन है. शिफ्ट A में औसतन उम्मीदवारों ने 150 में से 120 अंक प्राप्त किए हैं और शिफ्ट B में औसतन उम्मीदवारों ने 150 में से 100 अंक प्राप्त किए तो यहां नॉर्मलाइजेशन का उपयोग करके शिफ्ट B के उम्मीदवारों के अंकों को बढ़ाया जाएगा ताकि दोनों शिफ्टों के अंकों को एक समान पैमाने पर लाया जा सके. नॉर्मलाइजेशन के बाद, सभी उम्मीदवारों के अंक एक नए पैमाने पर तब्दील हो जाते हैं. अब, शिफ्ट A और शिफ्ट B के उम्मीदवारों के अंकों की तुलना एक ही पैमाने पर की जा सकती है. recent visitors 96

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘अगर आप एक नहीं रहे, आपकी एकजुटता टूटी तो सबसे पहले कांग्रेस आपका रिजर्वेशन छीन लेगी

मुंबई  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र के चिमूर में बीजेपी की चुनावी सभा को संबोधित करते हुए विपक्ष के गठबंधन महाविकास आघाडी (एमवीए) पर बड़ा हमला बोला। पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस और अघाड़ी वाले देश को पीछे करने का, देश को कमजोर करने का कोई मौका नहीं छोड़ते। उन्होंने कहा कि ये भ्रष्टाचार के सबसे बड़े खिलाड़ी हैं। पीएम मोदी ने चिमूर की रैली आई भीड़ को संबोधित करते हुए केहा कि महाराष्ट्र में चुनाव के क्या नतीजे आने वाले हैं, ये आप लोगों ने आज ही दिखा दिया है। ये जनसैलाब बता रहा है कि महाराष्ट्र में महायुति की भारी बहुमत से सरकार बनने जा रही है। पीएम मोदी ने सभा में कांग्रेस के 1984 के विवादित विज्ञापन के मुद्दे को भी उठाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने 1984 के एक विज्ञापन को कोटा की आवश्यकता पर सवाल उठाया गया था। संकल्प पत्र की तारीफ की पीएम मोदी ने कहा कि मैं आज महाराष्ट्र बीजेपी को भी बधाई दूंगा, जिसने बहुत ही शानदार संकल्प पत्र जारी किया है। इस संकल्प पत्र में लाड़की बहनों के लिए, हमारे किसान भाई-बहनों के लिए, युवाशक्ति के लिए, महाराष्ट्र के विकास के लिए एक से बढ़कर एक शानदार संकल्प लिए गए हैं। पीएम मोदी ने कहा कि महायुति के साथ-साथ केंद्र में NDA की सरकार यानी महाराष्ट्र में डबल इंजन की सरकार, यानी विकास की डबल रफ्तार। महाराष्ट्र के लोगों पिछले 2.5 वर्षों में विकास की इस डबल रफ्तार को देखा है। आज महाराष्ट्र देश का वो राज्य है, जहां सबसे ज्यादा विदेशी निवेश हो रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि महाराष्ट्र का तेज विकास, अघाड़ी वालों के बस की बात नहीं है। अघाड़ी वालों ने केवल विकास पर ब्रेक लगाने में ही पीएचडी की है। कामों को अटकाने, लटकाने और भटकाने में कांग्रेस वाले तो डबल पीएचडी हैं। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, 'अगर आप एक नहीं रहे, आपकी एकजुटता टूटी तो सबसे पहले कांग्रेस आपका रिजर्वेशन छीन लेगी।' उन्होंने कहा कि देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस लोगों को जाति के आधार पर बांट रही है। हमें एक रहना होगा ताकि समृद्धि बनी रहे। उन्होंने कहा कि इस देश में 10 फीसदी आबादी आदिवासियों की है, जबकि कांग्रेस इन्हें जातियों में बांटना चाहती है ताकि उन्हें कमजोर कर सके। उन्होंने कहा कि यदि आदिवासी समुदाय बंट गया तो फिर ये लोग उनकी पहचान को ही खत्म कर देंगे। कांग्रेस के युवराज ने विदेश में यह बात कही थी। हमें कांग्रेस की साजिश से बचना है और एकजुट रहना होगा। इस तरह बंटोगे तो कटोगे और एक हैं तो सेफ हैं का नारा देने के बाद भाजपा ने एक और गियर चेंज किया है। अब भाजपा ने एकजुटता की बात करते हुए आरक्षण वाला कार्ड चल दिया है कि यदि एकजुटता टूटी तो फिर कोटा ही छिन जाएगा। माना जा रहा है कि महाराष्ट्र के दलित और आदिवासी समुदाय को लुभाने के लिए भाजपा ने यह फैसला लिया है। इससे पहले हरियाणा में भाजपा को जीत मिल चुकी है और इसके पीछे दलित वर्ग का समर्थन माना जा रहा है। ऐसे में वही रणनीति अब भाजपा महाराष्ट्र में चलने की कोशिश में है। गौरतलब है कि महाराष्ट्र में अब लगभग एक सप्ताह का ही चुनाव प्रचार है। ऐसे में पीएम नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ की सक्रियता बढ़ गई है और भाजपा के रणनीतिकारों का कहना है कि एकता के नारे का असर भी दिख रहा है। इस बीच आरएसएस के कार्यकर्ताओं को भी साथ लेने की कोशिश की गई है। धारा 370 कांग्रेस की देन थी पीएम मोदी ने कहा कि हमारा जम्मू-कश्मीर दशकों तक अलगाववाद और आतंकवाद में जलता रहा। महाराष्ट्र के कितने ही वीर जवान मातृभूमि की रक्षा करते करते जम्मू-कश्मीर की धरती पर शहीद हो गए। जिस कानून की आड़ में, जिस धारा की आड़ में ये सब हुआ, वो धारा थी 370. ये धारा 370 कांग्रेस की देन थी। पीएम मोदी ने कहा कि हमारे चंद्रपुर के इस क्षेत्र ने भी दशकों तक नक्सलवाद की आग को झेला है। यहां नक्सलवाद के कुचक्र में कितने ही युवाओं का जीवन बर्बाद हो गया। हिंसा का खूनी खेल चलता रहा, औधोगिक संभावनाओं ने यहां दम तोड़ दिया। कांग्रेस बांटना चाहती है पीएम मोदी ने कहा कि आज मैं आपको कांग्रेस और उसके साथियों की एक बड़ी साजिश से भी सावधान कर रहा हूं। हमारे देश में आदिवासी समाज की जनसंख्या करीब 10 फीसदी के आसपास है। कांग्रेस अब आदिवासी समाज को जातियों में बांटकर कमजोर करना चाहती है। कांग्रेस चाहती है कि हमारे आदिवासी भाई ST के रूप में अपनी पहचान खो दें, उनकी ताकत से उनकी जो पहचान बनी है वो बिखर जाए। आपकी एकता टूट जाए, ये कांग्रेस का खतरनाक खेल है। एक रहेंगे तो सेफ रहेंगे पीएम मोदी ने कहा कि आदिवासी समाज जातियों में बंटेगा, तो उसकी पहचान और ताकत खत्म हो जाएगी। कांग्रेस के शहजादे विदेश में जाकर खुद ये ऐलान कर चुके हैं। इसलिए मैं कहता हूं कि हमें कांग्रेस के इस षड्यंत्र का शिकार नहीं होना है, हमें एकजुट रहना है। इसलिए मेरा आपसे आग्रह है कि हम एक रहेंगे तो सेफ रहेंगे। recent visitors 80

मध्यप्रदेश में दिसंबर-जनवरी में कड़ाके की ठंड का दौर आएगा, 2 दिन चल सकती है कोल्ड वेव

भोपाल मध्यप्रदेश में इस बार दिसंबर-जनवरी में कड़ाके की ठंड का दौर आएगा। इन दो महीनों में 20 से 22 दिन कोल्ड वेव की स्थिति रह सकती है। नवंबर के 10 दिन में प्रदेश का इकलौता हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा है। यहां टेम्प्रेचर 10.6 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है मौसम विभाग का अनुमान है कि पहाड़ों पर होने वाली बर्फबारी से आने वाले दिनों में ठिठुरन बढ़ेगी, धुंध और कोहरे का असर भी दिखाई देगा। आज मंगलवार को मौसम में ज्यादा बदलाव की उम्मीद नहीं है। अभी हवाएं पूर्वी और उत्तर-पूर्वी चल रही हैं, जिससे दिन और रात के तापमान में बढ़ोतरी हो रही है। हालांकि नवंबर के आखिरी सप्ताह में ग्वालियर-चंबल संभाग में बादल छाने के साथ हल्की बारिश के आसार है।इस दौरान भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, जबलपुर, सागर, रीवा और शहडोल संभाग में मौसम खुला रहेगा लेकिन दिन गर्म और रातें ठंडी रहेंगी।अगले हफ्ते से तापमान के 15 डिग्री से नीचे पहुंचने का अनुमान है। एमपी मौसम विभाग का ताजा पूर्वानुमान एमपी मौसम विभाग की मानें तो इस बार दिसंबर-जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ेगी, इन दो महीनों में 20 से 22 दिन कोल्ड वेव की स्थिति रहने का अनुमान है।दिसंबर की शुरुआत में पूरे प्रदेश में न्यूनतम तापमान में 11 से 12 डिग्री की रेंज में गिरावट होने लगेगी। 20 दिसंबर के बाद से कड़ाके की ठंड पड़ने लगेगी।खास करके निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मंडला, डिंडोरी, झाबुआ, धार, उज्जैन, सीहोर, विदिशा, राजगढ़ और ग्वालियर चंबल में कड़ाके की ठंड पड़ेगी। दिसंबर-जनवरी में ही कड़ाके की ठंड क्यों? मानसून के चार महीने (जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर) में से दो महीने जुलाई-अगस्त महत्वपूर्ण रहते हैं। इन्हीं में 60 प्रतिशत या इससे अधिक बारिश हो जाती है। ठीक उसी तरह दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। इन्हीं दो महीने में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं इसलिए टेम्प्रेचर में गिरावट आती है। वहीं, सर्द हवाएं भी चलती हैं। पिछले 24 घंटे का मौसम का हाल     प्रदेश के अधिकांश जिलों में रात का तापमान 10 से 20 डिग्री और दिन का पारा 30 से 35 डिग्री के बीच दर्ज किया गया।     पचमढ़ी, शाजापुर-राजगढ़ में रात का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से कम रहा।     इंदौर जबलपुर में दिन का अधिकतम तापमान सबसे कम 30.8 डिग्री दर्ज किया गया।     सागर, ग्वालियर, शहडोल संभाग के जिलों में तापमान सामान्य से अधिक रहे।     भोपाल में 31.7 डिग्री, उज्जैन में 32.2 डिग्री और ग्वालियर में सबसे ज्यादा 33.1 डिग्री दर्ज हुआ है। दिसंबर में टेम्प्रेचर में गिरावट, कोल्ड वेव चलेगी डॉ. सिंह ने बताया कि दिसंबर की शुरुआत से ला नीना की स्थिति बनना शुरू हो जाएगी। इससे ग्वालियर-चंबल और बुंदेलखंड में ठंड जोर पकड़ेगी। हालांकि, कड़ाके की ठंड का दौर 20 दिसंबर से शुरू होगा। इन जिलों में सबसे ज्यादा सर्दी रहेगी     ग्वालियर, चंबल और उज्जैन संभाग के सभी जिलों में कड़ाके की ठंड पड़ेगी।     भोपाल संभाग के सीहोर-विदिशा में ठंड का जोर रहेगा।     सागर संभाग के निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़-पन्ना, रीवा संभाग के मऊगंज, सीधी-सिंगरौली में तेज ठंड पड़ेगी।     जबलपुर संभाग के मंडला-डिंडौरी, इंदौर संभाग के इंदौर, धार और झाबुआ में कड़ाके की ठंड रहेगी। 20-22 दिन तक चल सकती है कोल्ड वेव मौसम वैज्ञानिक डॉ. सिंह ने बताया कि दिसंबर के आखिरी सप्ताह में प्रदेश के कई शहरों में कोल्ड वेव यानी सर्द हवाएं चलेंगी। जनवरी में यह 20 से 22 दिन तक चल सकती है। recent visitors 68