मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में कई प्रस्ताव को मिली मंजूरी

भोपाल प्रदेश में 30 जून और 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को एक वेतनवृद्धि का लाभ दिया जाएगा। इसके आधार पर ही उनकी पेंशन का निर्धारण भी होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। गौरतलब है कि अभी तक 30 जून और 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को जुलाई और जनवरी में मिलने वाले वार्षिक वेतनवृद्धि का लाभ नहीं मिलता था। हाईकोर्ट ने कुछ प्रकरणों में कर्मचारियों के पक्ष में निर्णय दिया तो वित्त विभाग ने यह आदेश जारी कर दिया कि जिन मामलों में कोर्ट का निर्णय होगा, उन्हें ही लाभ दिया जाएगा। इसे अव्यवहारिक माना गया। मुख्य सचिव अनुराग जैन के समक्ष जब यह विषय आया तो उन्होंने एक जैसी व्यवस्था बनाने की बात कही, जिस पर वित्त विभाग ने यह प्रस्ताव तैयार किया कि जो कर्मचारियों 30 जून या 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त होंगे, उन्हें भी वार्षिक वेतनवृद्धि का लाभ दिया जाएगा और उसके हिसाब से पेंशन का निर्धारण होगा। इन प्रस्तावों पर भी लगी मुहर कैबिनेट में नर्मदापुरम के बाबई मोहासा में नवकरणीय ऊर्जा के लिए भूमि की आवंटित करने का निर्णय लिया गया। मुरैना में बनेगा सोलर एनर्जी स्टोरेज का प्लांट। भोपाल के भंवरी में अतिरिक्त भूमि की आवंटित। 15 नवंबर को बिरसा मुंडा की जन्म जयंती पर धार और शहडोल में होंगे राज्य स्तरीय कार्यक्रम। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वर्चुअली जुड़ेंगे।   recent visitors 78

रायपुर दक्षिण उपचुनाव: 10 बूथ संभालेंगी महिलाएं, एक दिव्यांगों के भरोसे, पांच रहेंगे युवा प्रबंधित

रायपुर रायपुर दक्षिण के लिए मतदान 13 नवंबर को किया जाएगा। इसके लिए चुनाव आयोग तैयारियाें में लगा हुआ है। रायपुर दक्षिण के लिए 266 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। जिसमें से 253 मुख्य सामान्य मतदान केंद्र, जबकि 13 उप मतदान केंद्र बनाए गए हैं। वहीं, कुछ आदर्श मतदान केंद्र बनाए गए हैं। जिनमें से 10 संगवारी बूथ बनाए गए हैं, इन मतदान केंद्रों में सिर्फ महिलाएं ही रहेंगी और पूरा प्रबंधन देखेंगी। जिसमें पीठासीन अधिकारी से लेकर अन्य सभी सहायक स्टाफ महिलाएं ही रहेंगी। वहीं, एक मतदान केंद्र दिव्यांगों के भरोसे संचालित किया जाएगा। इसमें सभी स्टाफ दिव्यांग ही रहेंगे। वहीं, पांच बूथ युवा प्रबंधित रहेंगे। इन मतदान केंद्रों में 30-35 वर्ष के युवा कर्मचारियों की टीम इनका प्रबंधन देखेगी। इस पूरी चुनाव प्रक्रिया में 1500 कर्मचारियों की टीम रहेगी, जो कि सुबह सात बजे से लेकर शाम छह बजे तक मतदान प्रक्रिया करवाएगी। इस उपचुनाव में पिछली बार की तुलना में 10 हजार से ज्यादा मतदाता नए बने हैं और इस बार 2,71,169 मतदाता मतदान करेंगे। मतदान दलों को बांटेंगे सामग्री मतदान दलों की टीमों को मतदान सामग्रियों का वितरण मंगलवार सुबह सेजबहार से किया गया। इसके लिए कलेक्ट्रेट कार्यालय से सुबह सात बजे से बसों की व्यवस्था की गई। वहां मतदान दल अपनी-अपनी सामग्रियां लेने के बाद सीधे निर्धारित मतदान केंद्र पहुंचे और व्यवस्था संभाला। दाे हजार जवान संभालेंगे मोर्चा दक्षिण के चुनाव के लिए बनाए गए मतदान केंद्रों में सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद करने के लिए दो हजार जवानों की ड्यूटी लगाई गई है। जिसमें सीआरपीएफ और पुलिस की टीम शामिल है। इन्होंने एक दिन पहले से ही मोर्चा संभाल लिया है और मतदान केंद्रों में व्यवस्था संभाल रहे हैं। शाम छह बजे तक मतदान, रिजल्ट 23 को मतदान के लिए इस बार सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक मतदान की सुविधा दी जा रही है। मतदान के बाद सभी दल सेजबहार स्थित स्ट्रांग रूम में देर रात तक अपनी सामग्रियां जमा करेंगे। वहीं, उपचुनाव के परिणाम 23 नवंबर को सामने आएंगे। फैक्ट फाइल 2,71,169 कुल मतदाता 1,33,800 पुरुष मतदाता 1,37,317 महिला मतदाता 52 तृतीय लिंगी मतदाता recent visitors 86

भगवान बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवम्बर को, धार और शहडोल में होंगे राज्य स्तरीय कार्यक्रम – मुख्यमंत्री डॉ. यादव

विजन डॉक्यूमेंट @ 2047 होगा विकसित मध्यप्रदेश का आधार – मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक से पहले किया सदस्यों को संबोधित कहा – शहरी विकास और प्लानिंग पर मंत्रीगण दें अपने सुझाव भगवान बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवम्बर को, धार और शहडोल में होंगे राज्य स्तरीय कार्यक्रम – मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में वंदे-मातरम गान के साथ आरंभ हुई मंत्रि-परिषद की बैठक भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विजन डॉक्यूमेंट @ 2047 विकसित मध्यप्रदेश का आधार होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। वर्ष 2047 तक मध्यप्रदेश को विकसित राज्य बनाने के उद्देश्य से 'विकसित मध्यप्रदेश @ 2047 विज़न डॉक्यूमेंट' तैयार किया जा रहा है। पिछले सप्ताह इस संबंध में नीति आयोग के सीईओ बी.वी. आर. सुब्रमण्यम ने राज्य के प्रमुख अधिकारियों के साथ विस्तृत बैठक की थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण को अपने-अपने विभागों में विजन डॉक्यूमेंट की तैयारी की समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आगामी तीन माह में डॉक्यूमेंट का प्रारूप मंत्रि-परिषद के समक्ष प्रस्तुत किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में वंदे-मातरम् के गान साथ आरंभ हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद के सहयोगियों को प्रदेश में शहरी विकास और शहरी प्लानिंग के संबंध में अपने सुझाव नगरीय विकास एवं आवास विभाग से साझा करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि प्रदेश के शहरों को झुग्गी मुक्त किए जाने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी सहित अन्य घटकों में कार्य जारी है। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी में 9 लाख 50 हजार हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा सितम्बर 2024 में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 लागू की गई,‍जिसमें पहले की तरह स्वयं की भूमि पर 2 लाख 50 हजार रूपए तक का अनुदान प्राप्त करना प्रमुख घटक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 15 नवम्बर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाई जाने वाली भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर धार और शहडोल में राज्य स्तरीय कार्यक्रम होंगे,‍जिन्हें प्रधानमंत्री मोदी वर्चुअली संबोधित करेंगे।   recent visitors 126

फर्जी कॉल में हो रही बढ़ोतरी, TRAI ने उठाय बड़ा कदम, 1.77 करोड़ Sim Cards को किया बंद

नई दिल्ली सरकारी टेलीकॉम विभाग अब फर्जी कॉल को लेकर अलर्ट मोड़ में नजर आ रहा है। दरअसल विभाग द्वारा हर दिन तकरीबन 1.35 करोड़ फर्जी कॉल्स ब्लॉक किए जा रहे हैं। हालांकि इसके बाबजूद भी साइबर ठग फ्रॉड के नए-नए तरीके निकल रहे हैं। इसी को देखते हुए अब टेलीकॉम विभाग ने बड़ा कदम उठाते हुए 1.77 करोड़ Sim Cards को ब्लॉक कर दिया है। यानी अब ये Sim Cards कॉल या मैसेज नहीं कर सकेंगे। दरअसल विभाग ने जिन सिम कार्ड्स को ब्लॉक किया है। इन नंबरों का उपयोग फर्जी कॉल करने के लिए किया जा रहा था। इन नंबरों से सायबर ठग लोगों को निशाना बना रहे थे। जिसे देखते हुए विभाग द्वारा यह बड़ा कदम उठाया गया है और टेलीकॉम विभाग ने TRAI के साथ मिलकर इन नंबरों को ब्लॉक किया है। 1.35 करोड़ फर्जी कॉल्स को ब्लॉक किया दरअसल पिछले महीने ट्राई ने अपने नियमों में बड़ा बदलाव किया था, नए नियमों के मुताबिक अब ऑपरेटरों को खुद ही मार्केटिंग और फर्जी कॉल्स को रोकना होगा। ऐसे में इन नए नियमों से कॉलर की व्हाइटलिस्टिंग की जरूरत भी नहीं पड़ेगी। वहीं ट्राई के मुताबिक लोगों के द्वारा की गई शिकायतों को देखते हुए विभाग ने लगभग 1.35 करोड़ फर्जी कॉल्स को ब्लॉक किया हैं। इसके साथ ही लगभग 1.77 करोड़ मोबाइल नंबर को बंद कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो महज 5 दिनों में लगभग 7 करोड़ कॉल्स को विभाग द्वारा रोका गया हैं। एक बार फिर टेलीकॉम विभाग ने सख्ती दिखाई वहीं विभाग ने आगे और भी ज्यादा सख्ती करने के संदेश दिए हैं। टेलीकॉम विभाग अब फर्जी कॉल्स पर लगाम लगाने के लिए कड़ी करवाई कर रहा है। इससे पहले भी विभाग द्वारा लाखों सिम कार्ड ब्लॉक किए गए थे। वहीं अब एक बार फिर विभाग ने सख्ती दिखाई है। दरअसल हाल ही में संचार विभाग ने एक बयान दिया था और कहा था कि ‘बैंकों और पेमेंट वॉलेट की तरफ से लगभग 11 लाख अकाउंट को फ्रीज किया गया है। वहीं आने वाले समय में और भी सिम कार्ड्स को ब्लॉक किए जाएंगे। अभी सिर्फ यह शुरुआत है।’ डेली ब्लॉक हो रहे 1.53 करोड़ फर्जी कॉल दूरसंचार विभाग (DoT) ने अपने आधिकारिक X हैंडल से जानकारी शेयर करते हुए कहा कि 1.35 करोड़ फर्जी कॉल रोज ब्लॉक किए जा रहे हैं। वहीं, फर्जी टेलीमार्केटिंग कॉल करने वाले 1.77 करोड़ मोबाइल नंबर बंद कर दिए हैं। फर्जी कॉल करने में इस्तेमाल किए जाने वाले 14 से 15 लाख मोबाइल फोन को भी ट्रेस किया गया है। दूरसंचार विभाग ने बताया कि यूजर्स की परेशानी को समझते हुए पिछले 5 दिन में डेली 1.35 करोड़ फर्जी कॉल्स ब्लॉक किए गए हैं। इसका मतलब है कि सरकार ने करीब 7 करोड़ कॉल्स को ब्लॉक किया है। इसके अलावा दूरसंचार विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फाइनेंशियल फ्रॉड के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले 1.77 करोड़ मोबाइल नंबर बंद किए गए हैं। यही नहीं, दूरसंचार विभाग ने चोरी हो चुके 14 से 15 लाख मोबाइल नंबर को भी बंद कर दिया है। DoT ने बताया कि यह तो बस शुरुआत है। टेक्नोलॉजी हमारे जीवन में कई तरह के फायदे लेकर आई है लेकिन कई लोग इसका गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। यही कारण है कि टेक्नोलॉजी के लिए रेगुलेटरी सिस्टम को लाया गया है। पहले भी लाखों मोबाइल नंबर हो चुके ब्लॉक पहले भी DoT ने करोड़ों सिम कार्ड को ब्लॉक करने का काम किया है। दूरसंचार विभाग ने लोगों के मोबाइल पर आने वाले फर्जी कॉल्स को रोकने के लिए नियमों में बदलाव किया है। अब यूजर्स को केवल व्हाइटलिस्ट किए गए टेलीमार्केटिंग कॉल्स ही आएंगे। साथ ही, मैसेज में URL या APK लिंक होने पर उसे नेटवर्क लेवल पर ही ब्लॉक कर दिया जाएगा। हालांकि, अगर, मैसेज व्हाइटलिस्टेड है, तो उसे फर्जी कॉल्स नहीं समझा जाएगा। recent visitors 104

CJI बनते ही ऐक्शन में जस्टिस संजीव खन्ना, तत्काल सुनवाई पर बदल डाली जस्टिस चंद्रचूड़ वाली व्यवस्था

नई दिल्ली देश के नए नवेले मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव खन्ना बतौर CJI अपने कार्यकाल के दूसरे दिन यानी मंगलवार को ऐक्शन में दिखे। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में मामलों की तत्काल सुनवाई पर नई व्यवस्था करने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि मामलों को तत्काल सूचीबद्ध करने और उन पर सुनवाई के लिए मौखिक उल्लेख करने की अनुमति अब नहीं दी जाएगी। उन्होंने वकीलों से इसके लिए ई-मेल या लिखित पत्र भेजने का आग्रह किया। आमतौर पर वकील दिन की कार्यवाही की शुरुआत में CJI की अगुवाई वाली पीठ के समक्ष अपने मामलों पर तत्काल सुनवाई के लिए उनका मौखिक उल्लेख करते रहे हैं। चीफ जस्टिस खन्ना ने इस पुरानी परंपरा को बदलते हुए कहा, “अब कोई मौखिक उल्लेख नहीं होगा। केवल ई-मेल या लिखित पर्ची/पत्र के जरिए ही तत्काल सुनवाई के लिए अनुरोध स्वीकार किया जाएगा। बस, उस पत्राचार में वकीलों को तत्काल सुनवाई की आवश्यकता के कारण बताने होंगे।” बता दें कि पूर्व सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ के कार्यकाल के दौरान मौखिक उल्लेख की परंपरा ने वकीलों को मौखिक रूप से तत्काल केस की लिस्टिंग का अनुरोध करने की अनुमति दी थी। हालांकि, इस व्यवस्था का इस्तेमाल आमतौर पर आसन्न गिरफ्तारी के मामलों या पुलिसिया कार्रवाई में अक्सर विध्वंस के मामलों में राहत पाने के लिए किया जाता था। नए चीफ जस्टिस खन्ना ने न्यायिक सुधारों के लिए नागरिक-केंद्रित एजेंडे की रूपरेखा तैयार की है और कहा है कि न्याय तक आसान पहुंच सुनिश्चित करना और नागरिकों के साथ उनकी स्थिति की परवाह किए बिना समान व्यवहार करना न्यायपालिका का संवैधानिक कर्तव्य है। जस्टिस खन्ना ने एक दिन पहले ही मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ ली है। 10 नवंबर को जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ का कार्यकाल खत्म हो गया था। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को राष्ट्रपति भवन में 51वें प्रधान न्यायाधीश के रूप में जस्टिस खन्ना को शपथ दिलाई थी। प्रधान न्यायाधीश ने सोमवार को अपने पहले बयान में कहा, ‘‘न्यायपालिका शासन प्रणाली का अभिन्न, फिर भी अलग और स्वतंत्र हिस्सा है। संविधान हमें संवैधानिक संरक्षक, मौलिक अधिकारों के रक्षक और न्याय के सेवा प्रदाता होने के महत्वपूर्ण कार्य को पूरा करने की जिम्मेदारी सौंपता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘समान व्यवहार के मामले में न्याय वितरण ढांचे में सभी को सफल होने का उचित अवसर प्रदान करना आवश्यक है, चाहे उनकी स्थिति, धन या शक्ति कुछ भी हो, और ये न्यायपूर्ण और निष्पक्ष निर्णय हो। ये हमारे मूल सिद्धांतों को चिह्नित करते हैं।’’ प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘‘हमें सौंपी गई जिम्मेदारी नागरिकों के अधिकारों के रक्षक और विवाद समाधानकर्ता के रूप में हमारी प्रतिबद्धता की पुष्टि करती है। हमारे महान राष्ट्र के सभी नागरिकों के लिए न्याय तक आसान पहुंच सुनिश्चित करना हमारा संवैधानिक कर्तव्य है।’’जस्टिस खन्ना ने न्यायपालिका के सामने आने वाली चुनौतियों का उल्लेख किया जिनमें लंबित मामलों की संख्या कम करना, मुकदमेबाजी को किफायती बनाना और जटिल कानूनी प्रक्रियाओं को सरल बनाने की आवश्यकता शामिल है। उन्होंने कहा कि न्याय प्रणाली को सभी नागरिकों की जरूरतों को पूरा करना चाहिए। उन्होंने अदालतों को अधिक सुलभ और उपयोगकर्ता के अनुकूल बनाने के लिए एक दृष्टिकोण की रूपरेखा भी प्रस्तुत की। उच्चतम न्यायालय ने एक बयान में कहा कि प्रधान न्यायाधीश का उद्देश्य एक आत्म-मूल्यांकन दृष्टिकोण अपनाना है जो अपने कामकाज में फीडबैक के प्रति ग्रहणशील और उत्तरदायी हो।इसमें कहा गया है, ‘‘नागरिकों के लिए फैसलों को समझने योग्य बनाना और मध्यस्थता को बढ़ावा देना भी प्राथमिकता में होगा।’’ recent visitors 119

भारत को एक करने के लिए, जाति-पात, भेदभाव, छुआछूत, ऊंच-नीच, अगड़े और पिछड़े की लड़ाई को मिटाने के लिए मैं पदयात्रा करने वाला हूं : धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री

छतरपुर मध्य प्रदेश में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर और कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री हमेशा अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रहते हैं. इस बीच उन्होंने एक और बयान दिया है, जो चर्चा का विषय बना हुआ है. उन्होंने कहा है कि 'जिस दिन ये (मुस्लिम) 50 पर्सेंट हो जाएंगे, हर मंदिर में मस्जिद बन जाएगी, तब हिंदुओं को पता चलेगा.' पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने  में ये बात कही है. एक दूसरे इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि वह भारत में हिंदू समाज के बीच एकजुटता का संदेश लेकर जल्द ही पूरे देश में पद यात्रा निकालेंगे. उन्होंने कहा, "भारत को एक करने के लिए, जाति-पात, भेदभाव, छुआछूत, ऊंच-नीच, अगड़े और पिछड़े की लड़ाई को मिटाने के लिए मैं पदयात्रा करने वाला हूं." धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, "मंदिरों के बाहर ये तो लिखा है कि चप्पल बाहर उतारें, लेकिन जाति-पात बाहर उतारकर आएं ये नहीं लिखा है. मेरी विचारधारा बहुत अलग है, मुझे भारत को बचाना है." महाकुंभ में गैर सनातनियों को लेकर क्या कहा? वहीं इससे पहले बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की 'महाकुंभ में गैर सनातनियों को खाने पीने की दुकानें नहीं लगाने देना चाहिए' जैसी मांग का समर्थन किया है. उन्होंने कहा, "क्या मक्का-मदीना में हमारे गरीब हिंदू भाइयों को दुकान मिल सकती है, नहीं ना. क्या किसी चर्च के सामने कोई हिंदू कैंडल की दुकान लगा सकता है, नहीं ना." उन्होंने कहा, "अगर आप को हमारे धर्म के बारे में नहीं पता है. अगर आप को संगम के बारे में नहीं पता है, आप को सत्संग के बारे में नहीं पता है तो आप वहां बिजनेस करके क्या करोगे? क्या आप हमारी पवित्रता को बरकरार रख पाएंगे? हमने इसमें क्या गलत कह दिया था. लोगों ने इस बात पर बवाल कर दिया कि हमने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद का समर्थन कर दिया." recent visitors 130

खुदरा महंगाई में तेज उछाल के आसार, सब्जी और खाद्य तेल ने डाला जेब पर डाका

नईदिल्ली खाने-पीने की चीजों के दामों में तेज बढ़ोतरी के चलते अक्टूबर महीने में खुदरा महंगाई दर 6 फीसदी को पार करते हुए 6.21 फीसदी पर जा पहुंची है. सितंबर 2024 में खुदरा महंगाई दर 5.49 फीसदी रही थी. अक्टूबर महीने में खुदरा महंगाई दर  (Retail Inflation Rate) आरबीआई (Reserve Bank Of India) के टोलरेंस बैंड 6 फीसदी के भी पार जा पहुंची है. अक्टूबर महीने में खाद्य महंगाई दर में भी तेज उछाल देखने को मिला है और ये डबल डिजिट को पार करते हुए 10.87 फीसदी पर जा पहुंची है. डबल डिजिट में खाद्य महंगाई दर सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने खुदरा महंगाई के आंकड़े जारी किए हैं उसके मुताबिक अक्टूबर 2024 में रिटेल इंफ्लेशन रेट 6.21 फीसदी पर जा पहुंची है. एक साल पहले अक्टूबर 2023 में खुदरा महंगाई दर 4.23 फीसदी रही थी. ग्रामीण इलाकों में खुदरा महंगाई दर 6.68 फीसदी और शहरी इलाकों में 5.62 फीसदी रही है. मंत्रालय ने बताया कि खुदरा महंगाई दर में ये तेज उछाल, सब्जियों, फलों, ऑयल और फैट्स की कीमतों में तेज उछाल के चलते देखने को मिला है. अक्टूबर 2024 में खाद्य महंगाई दर डबल डिजिट में चला गया है और ये 10.87 फीसदी रही है जो सितंबर में 9.24 फीसदी रही थी. ग्रामीण इलाकों में खाद्य महंगाई दर 10.69 फीसदी तो शहरी इलाकों में 11.09 फीसदी रही है. महंगी सब्जियों ने बढ़ाई महंगाई खुदरा महंगाई दर का जो आंकड़ा जारी किया गया है उसके मुताबिक अक्टूबर में सब्जियों की महंगाई दर में भारी बढ़ोतरी आई है. सब्जियों की महंगाई दर 42.18 फीसदी रही है जो सितंबर में 35.99 फीसदी रही थी. दूध और उससे जुड़े प्रोडक्ट्स की महंगाई दर 2.97 फीसदी रही है. दालों की महंगाई में कमी आई है और घटकर 7.43 फीसदी रही है जो सितंबर में 9.81 फीसदी रही थी. अनाज और उससे जुड़े प्रोडक्ट्स की महंगाई दर 6.94 फीसदी रही है जो सितंबर में 6.84 फीसदी रही थी. चीनी की महंगाई दर घटकर 2.57 फीसदी, अंडों की महंगाई दर में घटकर 4.87 फीसदी रही है. मीट और मछली की महंगाई दर बढ़कर 3.17 फीसदी रही है.   महंगी EMI से राहत के आसार नहीं खुदरा महंगाई दर आरबीआई के टोलरेंस बैंड की अपर लिमिट 6 फीसदी से बहुत ऊपर 6.21 फीसदी पर जा पहुंची है. जबकि खाद्य महंगाई दर 11 फीसदी के करीब है.  ऐसे में सस्ते कर्ज की उम्मीदों पर अब पानी फिरता नजर आ रहा है क्योंकि सब्जियों की कीमतों में कमी आने का नाम नहीं ले रही है. दिसंबर 2024 में आरबीआई की मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी की बैठक होगी. और अब ये तय है कि आरबीआई रेपो रेट को मौजूदा लेवल पर फिलहाल स्ठिर रखेगा. 10 फीसदी का आंकड़ा छू सकती है खाद्य महंगाई सब्जियों, दालों की कीमतों में उछाल के चलते अक्टूबर महीने में खाद्य महंगाई दर के बढ़ने की आशंकाओं को बल दे दिया है. सांख्यिकी मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार सितंबर 2024 में खाद्य महंगाई दर असामान्य रूप से बढ़कर 9.24 फीसदी पहुंच गई. जबकि, अगस्त 2024 में खाद्य महंगाई दर 5.66 फीसदी दर्ज की गई थी और उससे पहले जुलाई में 5.42 फीसदी थी. अब अक्टूबर में खाद्य महंगाई दर के थोड़ा और ऊपर जाने पर दबाव बना हुआ है. खाद्य महंगाई दर से कब मिलेगी राहत? भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बीते सप्ताह के बुधवार को मुद्रास्फीति के ऊपर की ओर बढ़ने के जोखिमों पर प्रकाश डाला था. इससे पहले सितंबर 2024 में आई आरबीआई की रिपोर्ट में बेहतर खरीफ फसलों की आवक और अच्छे रबी सीजन की बढ़ती संभावनाओं के मद्देनजर वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही तक भारत की खाद्य महंगाई दर में कमी आने की उम्मीद जताई गई है.  recent visitors 103