सीजेआई चंद्रचूड़ ने सुनाया भावुक किस्सा, ‘पिता ने रिटायरमेंट तक पुणे का फ्लैट बेचने से किया था मना’

नई दिल्ली/पुणे. मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) डीवाई चंद्रचूड़ ने सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन द्वारा आयोजित किए गए विदाई समारोह में शिरकत की। इस दौरान सीजेआई ने अपने पिता से जुड़ा एक किस्सा सुनाया और बताया कि किस तरह से उनके पिता और देश के पूर्व मुख्य न्यायाधीश वाईवी चंद्रचूड़ ने उन्हें पुणे का एक फ्लैट रिटायरमेंट तक बेचने से मना किया था और इसकी वजह क्या थी। मुख्य न्यायाधीश ने विदाई समारोह के दौरान अपने संबोधन में उनके और उनके पिता के बीच हुई बातचीत का जिक्र करते हुए कहा कि 'उन्होंने (पिता वाईवी चंद्रचूड़) पुणे में एक छोटा सा फ्लैट खरीदा था। मैंने उनसे पूछा कि आपने पुणे में फ्लैट क्यों लिया? जबकि आप इसमें रहेंगे भी नहीं। इस पर उन्होंने मुझे कहा कि मुझे पता है कि मैं उसमें नहीं रह पाऊंगा और मुझे ये भी नहीं पता कि मैं कब तक तुम लोगों के साथ रहूंगा, लेकिन इस फ्लैट को तब तक अपने पास रखना, जब तक तुम बतौर जज सेवानिवृत्त न हो जाओ।' सीजेआई ने कहा कि इस पर मैंने अपने पिता से इसकी वजह पूछी तो उन्होंने कहा कि 'अगर तुम्हें कभी लगे कि तुम्हारी नैतिक और बौद्धिक ईमानदारी से समझौता हो रहा है। तो मैं चाहता हूं कि तुम्हें ये पता रहे कि तुम्हारे सिर पर एक छत है। कभी भी बतौर वकील या न्यायाधीश इसलिए समझौता मत करना कि तुम्हे लगे कि तुम्हारे पास रहने के लिए अपनी कोई जगह नहीं है।' recent visitors 86

मध्य प्रदेश में बंदियों को अब जेलों में मिलेगा दूध, दही और सलाद भी, नए साल से लागू हो सकती है व्यवस्था

भोपाल मध्य प्रदेश की जेलों में बंदियों को अब दूध, दही, छाछ और सलाद भी मिल सकेगा। एक जनवरी 2025 से प्रभावी होने जा रहे 'मध्य प्रदेश सुधारात्मक सेवाएं एवं बंदीगृह अधिनियम' में इसका प्रविधान किया जा रहा है। बंदियों को मिलेगा बेहतर भोजन वित्त विभाग इस प्रस्ताव का परीक्षण कर रहा है। शासन से अनुमति मिलने के बाद अधिनियम प्रभावी होने के साथ ही खान-पान की व्यवस्थाएं और बेहतर हो जाएंगी। जेल में बंदी टीबी के मरीजों को पहले की तरह अंडा भी दिया जाएगा। इसके साथ ही राष्ट्रीय त्योहार और सप्ताहांत में मिष्ठान्न देने की व्यवस्था भी जारी रहेगी। पुराने कानून में व्यापक बदलाव अंग्रेजों के जमाने में बंदियों के साथ कैसा व्यवहार किया जाता था, यह किसी से छिपा नहीं है। उन्हीं के जमाने का (वर्ष 1894) कानून भी अभी तक चलन में है। अब केंद्र और राज्य सरकार मिलकर जेलों में सुधारात्मक सेवाएं बढ़ाने के प्रयास में हैं। इसी कड़ी में पुराने कानून को बदला जा रहा है। प्रदेश में नए अधिनियम में लगभग एक हजार तरह के नियम शामिल किए गए हैं। प्रदेश में 45 हजार बंदी उल्लेखनीय है कि प्रदेश की जेलों में लगभग 45 हजार बंदी हैं। खतरनाक बंदियों को अलग अंडा सेल में रखा जा रहा है, लेकिन अब इसे नियम में भी उल्लेखित किया जाएगा। इसके साथ ही पुराने कई प्रविधान हटा दिए गए हैं, जो अब अप्रासंगिक हो गए हैं। जेल में खाना बनाने के लिए बंदियों को उनकी रुचि के अनुसार लगाया जाएगा। इस पर कोई बंदी आपत्ति नहीं कर सकेगा। अधिकारियों का कहना है के मप्र संभवत: पहला राज्य बन सकता है, जहां जेलों में बंदियों को दूध, दही और छाछ दिया जाएगा। बंदियों के खानपान की व्यवस्था बेहतर करने के लिए नियमों में कई प्रविधान किए जा रहे हैं। वित्त विभाग इसका अध्ययन कर रहा है कि खर्च कितना आएगा। सहमति मिलने पर व्यवस्था लागू होगी। – जीपी सिंह, जेल महानिदेशक, मप्र   recent visitors 64

किश्तवाड़ में आतंकियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ शुरू, 2 ग्रामीणों के हत्या में शामिल थे यही दहशतगर्द

किश्तवाड़ किश्तवाड़ में दो विलेज डिफेंस गार्ड्स की अगवा कर हत्या कर दी गयी थी. इसके बाद इलाके में अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती कर दी गई थी. जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में आतंकियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गया है. बताया जा रहा है कि इस इलाके में 3 से 4 आतंकवादी छिपे हैं. यह आतंकियों का वही ग्रुप है जिसने दो निर्दोष ग्रामीणों की हत्या कर दी थी. विलेज डिफेंस गार्ड्स को अगवा कर मारा इससे पहले किश्तवाड़ में गुरुवार (7 नवंबर 2024) को दो विलेज डिफेंस गार्ड्स की अगवा कर हत्या कर दी गयी थी. मृतकों की पहचान नसीर अहमद और कुलदीप कुमार के रूप में हुई थी. दोनों का शव 12 घंटे के गहन तलाशी अभियान के बाद शुक्रवार को कुंतवाड़ा जंगल के अंदर एक नाले के पास मिला. शवों का पोस्टमार्टम किया गया तो इस बात की पुष्टि हुई कि उनके सिर में पीछे से गोली मारी गई थी. अधिकारी ने बताया कि पीड़ितों की आंखों पर पट्टी बंधी हुई थी और उनके हाथ उनकी पीठ पर बंधे हुए थे. घटना के बाद सेना ने बढ़ाई घेराबंदी लोगों ने सड़कों पर उतरकर इस घटना पर विरोध प्रदर्शन किया था. जम्मू में पाकिस्तान से सटे अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तैनात ग्राम रक्षा गार्ड रोजाना की तरह सुरक्षा बलों के साथ ड्यूटी करते हैं. इस घटना के बाद थलसेना की व्हाइट नाइट कोर के कमांडर ने हत्या के लिए जिम्मेदार आतंकवादियों का पता लगाने के लिए जारी अभियानों की समीक्षा की. इस जघन्य वारदात को अंजाम देने वाले आतंकवादियों की तलाश के लिए सेना की ओर से घेराबंदी बढ़ाने के लिए शनिवार (9 नवंबर 2024) को इलाके में अतिरिक्त सुरक्षाबलों को तैनात किया गया था. मृतक नजीर अहमद के परिवार में उनकी पत्नी, तीन बेटे और एक बेटी के अलावा एक दिव्यांग भाई है, जबकि कुलदीप कुमार के परिवार में उनकी पत्नी, दो बेटे और एक बेटी है. जब दोनों अपने मवेशियों को चराने के लिए वन क्षेत्र में गए तभी आतंकियों ने उन्हें निशाना बनाया. recent visitors 73

भाजपा बोली-कानून बनाकर क्रूरता खत्म करेंगे, केरल में 400 एकड़ जमीन पर वक्फ का दावा

तिरुवनंतपुरम. कर्नाटक में किसानों की जमीन पर वक्फ बोर्ड के दावे का विवाद अभी खत्म भी नहीं हुआ है कि अब केरल में भी 400 एकड़ से ज्यादा जमीन पर वक्फ बोर्ड ने दावा कर दिया है। वक्फ बोर्ड के इस दावे से केरल की राजनीति में घमासान शुरू हो गया है। भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी ने कहा है कि उनकी सरकार वक्फ विधेयक को संसद में पास कराकर इस क्रूरता को खत्म करेगी। केरल के कोचि के नजदीक मुनांबम इलाके में वक्फ बोर्ड ने 400 एकड़ से ज्यादा जमीन पर दावा कर दिया है। यह जमीन करीब 600 परिवारों के पास हैं, जिनमें से अधिकतर ईसाई समुदाय के हैं। केरल में उपचुनाव में वक्फ का यह मामला चर्चा में है। वायनाड में चुनाव प्रचार के दौरान केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी ने कहा कि 'यह सिर्फ मुनांबम की बात नहीं है…यह क्रूरता पूरे भारत में खत्म होगी। कड़े फैसले लिए जाएंगे और सच्चे संविधान को लागू किया जाएगा। यह विधेयक (वक्फ विधेयक) संसद में पास कराया जाएगा।' सुरेश गोपी ने कहा कि 'कल तो सबरीमाला भी वक्फ की संपत्ति हो जाएगा। भगवान अयप्पा को भी जगह खाली करनी पड़ेगी! क्या हम इसकी इजाजत दे सकते हैं? तमिलनाडु में वेलानकन्नी चर्च ईसाइयों के लिए बेहद अहम है, अगर वक्फ उस जमीन पर दावा कर दे तो वह चर्च भी वक्फ का हो जाएगा। हम इसके खिलाफ विधेयक लाए हैं। एलडीएफ और यूडीएफ गठबंधन ने इस विधेयक के खिलाफ विधानसभा में विधेयक पारित किया है। अगर आप नहीं चाहते कि सबरीमाला और वेलानकन्नी वक्फ के पास न जाएं तो भाजपा को वोट दें।' recent visitors 93

आज ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर एक भीषण सड़क हादसे में एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत हो गई

ग्रेटर नोएडा ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर रविवार सुबह हुए एक भीषण सड़क हादसे में एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में तीन महिलाएं और दो पुरुष शामिल हैं। पुलिस ने सभी मृतकों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। हादसा इतना भीषण था कि काफी देर तक एक्सप्रेसवे पर यातायात बाधित रहा। जानकारी के अनुसार, रविवार को सुबह करीब 6 बजे ग्रेटर नोएडा के थाना नॉलेज पार्क के अंतर्गत एक वैगनआर कार नंबर HR 51BY 1774 जिसमें 5 लोग सवार थे, उसने सेक्टर-146 मेट्रो स्टेशन के पास रोड के किनारे खराब खड़े ट्रक नंबर UP 85 CT 8591 में पीछे से तेज गति से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वैगनआर कार चालक की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची थाना नॉलेज पार्क पुलिस ने तत्काल राहत-बचाव कार्य करते हुए अन्य चार घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने उन सभी व्यक्तियों को मृत घोषित कर दिया। पांचों मृतकों में 3 महिलाएं और 2 पुरुष शामिल हैं। मृतकों की पहचान अमन पुत्र देवी सिंह उम्र करीब 27 साल; देवी सिंह पुत्र रामशाह उम्र करीब 60 साल; राजकुमारी पत्नी देवी सिंह उम्र करीब 50 साल; विमलेश पत्नी ज्ञानी सिंह उम्र करीब 40 साल और कमलेश पत्नी जीवन उम्र करीब 40 साल के रूप में हुई है। सभी मृतक दादरी के पास काशीराम कॉलोनी घोड़ी बछेड़ा के रहने वाले थे और हादसे के दौरान अपने घर वापस लौट रहे थे। हादसे की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अफसरों ने भी घटनास्थल पर जाकर स्थिति का जायजा लिय। हादसे के बाद दोनों वाहनों को एक्सप्रेसवे से हटा दिया गया है। फिलहाल यातायात सुचारू रूप से चल रहा है। वहीं परिवार के पांच सदस्यों की मौत के बाद घोड़ी बछेड़ा की काशीराम कॉलोनी में मृतकों के घर में कोहराम मचा हुआ है। पुलिस हादसे की जांच के लिए अग्रिम वैधानिक कार्रवाई कर रही है। recent visitors 89

भारत को दूसरे टी20 में जीत दर्ज करके अपना विजय अभियान जारी रखना है तो शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों को अपने प्रदर्शन में निरंतरता लानी होगी

गकेबरहा  संजू सैमसन अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखना चाहेंगे लेकिन भारत को अगर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ रविवार को यहां होने वाले दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में जीत दर्ज करके अपना विजय अभियान जारी रखना है तो उसके शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों को अपने प्रदर्शन में निरंतरता लानी होगी। सैमसन ने डरबन में खेले गए पहले मैच में 50 गेंद पर 107 रन की शानदार पारी खेली थी जिससे भारत ने यह मैच 61 रन से जीता। भारत के अन्य बल्लेबाज हालांकि पर्याप्त योगदान नहीं दे पाए थे जो टीम प्रबंधन के लिए चिंता का विषय होगा।  सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा कई मौके मिलने के बावजूद उनका फायदा नहीं उठा पाए जो टीम प्रबंधन के लिए बड़ी चिंता है। वह इस साल के शुरू में जिंबॉब्वे के खिलाफ शतक बनाने के बाद रन बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। भारत की अंतिम एकादश में बदलाव की संभावना नहीं है लेकिन टीम प्रबंधन अभिषेक के प्रदर्शन में निरंतरता का अभाव को देखकर निराश होगा। विशेषकर तब जबकि वह रोहित शर्मा के टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद इस छोटे प्रारूप में सलामी बल्लेबाज के अन्य विकल्पों की तलाश कर रहा है। तिलक वर्मा ने 18 गेंद पर 33 रन की तूफानी पारी खेली लेकिन उन्हें इस तरह की शुरुआत को बड़े स्कोर में बदलने की जरूरत है। भारतीय मध्य क्रम में एक स्थान के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा है और अगर वर्मा को अपनी जगह पक्की करनी है तो उन्हें लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा। भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव भी पहले मैच में अच्छी शुरुआत का फायदा नहीं उठा पाए जबकि ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या भी उम्मीद पर खरे नहीं उतरे। भारतीय मध्यक्रम कागजों पर मजबूत नजर आता है लेकिन पहले मैच में वे साझेदारी निभाने के लिए संघर्ष करते हुए नजर आए। भारत ने 36 रन के अंदर छह विकेट गवाएं जिससे एक समय बेहद मजबूत स्थिति में होने के बावजूद वह आठ विकेट पर 202 रन तक ही पहुंच पाया। इससे भारत के मध्य और निचले क्रम की कमजोरी भी उजागर हुई। भारत को दूसरे मैच में इस क्षेत्र में सुधार करना होगा। भारत के गेंदबाजों ने हालांकि अच्छा प्रदर्शन किया तथा दक्षिण अफ्रीका को पहले मैच में 17.5 ओवर में 141 रन पर आउट कर दिया। वरुण चक्रवर्ती ने तीन विकेट लेकर अपना अच्छा प्रदर्शन जारी रखा जबकि उनके स्पिन जोड़ीदार रवि बिश्नोई ने भी प्रभावशाली प्रदर्शन किया। तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह और आवेश खान ने भी अपनी भूमिका अच्छी तरह से निभाई। जहां तक दक्षिण अफ्रीका का सवाल है तो वह इस साल जून में भारत के हाथों टी20 विश्व कप के फाइनल में मिली हार का बदला चुकता करने में असफल रहा। उसे अपने कई सीनियर खिलाड़ियों की कमी खल रही है। दक्षिण अफ्रीका को अगर भारत का विजय अभियान रोकना है तो उसके युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के अनुरूप प्रदर्शन करना होगा। टीम इस प्रकार हैं: भारत: सूर्यकुमार यादव (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), रिंकू सिंह, तिलक वर्मा, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), हार्दिक पंड्या, अक्षर पटेल, रमनदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती, रवि बिश्नोई, अर्शदीप सिंह, विजयकुमार विशक। आवेश खान, यश दयाल. दक्षिण अफ्रीका: एडेन मारक्रम (कप्तान), ओटनील बार्टमैन, गेराल्ड कोएत्जी, डोनोवन फरेरा, रीजा हेंड्रिक्स, मार्को जानसन, हेनरिक क्लासेन, पैट्रिक क्रुगर, केशव महाराज, डेविड मिलर, मिहलाली मपोंगवाना, नकाबा पीटर, रयान रिकेलटन, एंडिले सिमलेन, ट्रिस्टन स्टब्स। मैच भारतीय समयानुसार शाम 7:30 बजे शुरू होगा।   recent visitors 76

अमेरिका थिंक टैंक प्यू रिसर्च सेंटर के अनुसा वैध आप्रवासियों की संख्या 2000 में 24.1 मिलियन से बढ़कर 2022 में 36.9 मिलियन हो गई

वाशिंगटन डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में जनवरी 2025 में शपथ लेंगे। ट्रंप को जीत तो मिल गई लेकिन उनके सामने अब चुनौतियां मुंह बाए खड़ी हैं। इसमें सबसे बड़ी समस्या अवैध प्रवासियों की अमेरिका में एंट्री है। नए आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका में हर चौथा प्रवासी अवैध है। भारतीयों सहित अधिक से अधिक लोग अमेरिका में घुसने की कोशिश कर रहे हैं। आइए इसे आंकड़ों के साथ विस्तार से समझते हैं। अवैध अप्रवासियों की संख्या बढ़ी है अवैध आप्रवासन को लेकर राष्ट्रपति जो बिडेन पर हमला करते हुए, ट्रम्प ने अक्टूबर में कहा था कि उनके राष्ट्रपति रहते पिछले तीन वर्षों में 2 करोड़ 10 लाख लोग आए। यूएस डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी के आंकड़ों से पता चलता है कि 2020 के बाद से देश में अवैध प्रवासियों की संख्या में वृद्धि हुई है, लेकिन यह आंकड़ा ट्रम्प के विचार के करीब नहीं है। हर चौथा प्रवासी अवैध है अमेरिका स्थित थिंक टैंक प्यू रिसर्च सेंटर के अनुसार, पूर्ण संख्या में, वैध आप्रवासियों की संख्या 2000 में 24.1 मिलियन से बढ़कर 2022 में 36.9 मिलियन हो गई। सीमाओं पर बड़ा ढेर प्यू ने जुलाई 2024 की एक रिपोर्ट में कहा कि अवैध अप्रवासी आबादी संभवतः पिछले दो वर्षों में बढ़ी है। उस दृष्टिकोण के लिए उद्धृत कारकों में से एक 2022-23 में अमेरिकी सीमाओं पर प्रवासियों के साथ मुठभेड़ों का रिकॉर्ड स्तर है। अधिक भारतीय छिपने की कोशिश कर रहे हैं अक्टूबर 2023 और सितंबर 2024 के बीच, 90,000 से अधिक भारतीय मेक्सिको या कनाडा के साथ इसकी भूमि सीमाओं के पार अमेरिका में घुसने की कोशिश करते हुए पकड़े गए थे। तथाकथित डंकी रूट, जिसमें भूमि सीमा का उपयोग करके अवैध रूप से टार्गेट के उद्देश्य से कई देशों से गुजरना शामिल है। यह भारतीयों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। अमेरिकी सीमा अधिकारियों की ओर से गिरफ्तार किए गए भारतीयों की संख्या 2021 और 2024 के बीच तीन गुना बढ़ गई है।   recent visitors 183