दीपक जोशी की घर वापसी, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह की मौजदूगी में BJP में शामिल

भोपाल मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश जोशी के पुत्र और पूर्व मंत्री दीपक जोशी ने घर वापसी कर ली, यानि वे फिर से भारतीय जनता पार्टी (BJP) शामिल हो गए हैं। आज उन्होंने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की उपस्थिति में बुधनी विधानसभा क्षेत्र के नांदनेर में भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। आपको बता  दें कि विधानसभा चुनाव से पहले दीपक जोशी कांग्रेस में शामिल हो गए थे और खातेगांव सीट से चुनाव लड़े थे जिसमें उन्हें 12,542 वोटों से हार का सामना करना पड़ा था। बता दें विधानसभा चुनाव के पहले दीपक जोशी कांग्रेस में शामिल हो गए थे। उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर खातेगांव सीट से चुनाव लड़ा था। जिसमें वे 12542 वोटों से हार गए थे। 8 महीने पहले टल गई थी दीपक जोशी की भाजपा वापसी 8 महीने पहले पूर्व मंत्री दीपक जोशी फिर से भाजपा जॉइन करने वाले थे। उनका भोपाल के बीजेपी दफ्तर आकर घर वापसी का कार्यक्रम लगभग तय हो गया था। लेकिन आखिरी समय में ये कार्यक्रम टल गया था। दरअसल उस समय दीपक जोशी की भाजपा में वापसी को लेकर सहमति नहीं बन पाई थी। उस समय दीपक जोशी ने खुद दैनिक भास्कर से टेलीफोन पर चर्चा में कहा था – मैं तो सुबह का भूला हूं, शाम को घर लौट रहा हूं। मार्च में कहा था- कुछ लोगों ने पर्सनल इश्यू बना लिया 8 महीने पहले जब भाजपा में वापसी टली थी तब दैनिक भास्कर से चर्चा में दीपक जोशी ने कहा था- 'कुछ लोगों ने मेरे मामले को पर्सनल इश्यू बना लिया है। मैं उन लोगों के नाम नहीं लेना चाहता, लेकिन इतना जरूर कहना चाहता हूं कि मैं कांग्रेस में हूं। मेरे पास 9 मार्च को बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का फोन आया था। उन्होंने 2 नेताओं के नाम लिए थे। कहा था कि आप इनसे माफी मांग लो। मैंने कहा कि पार्टी से माफी मांगनी हो, तो मैं तैयार हूं, लेकिन घर जाकर किसी व्यक्ति विशेष से माफी नहीं मांगूंगा। चूंकि मेरे ऊपर करीबियों की ओर से घरवापसी का दबाव था, इसलिए मैंने सहमति दे दी थी, लेकिन मैंने पहल नहीं की। पहल बीजेपी की ओर से की गई थी।' recent visitors 146

इंदौर की उड़ान बढ़ी, ACI की सर्विस क्वालिटी की तिमाही रिपोर्ट, चेन्नई नंबर वन, Indoreचौथे नंबर पर पहुंचा

 इंदौर सभी 31 पैरामीटर्स में बढ़े नंबर, चेन्नई नंबर वन, गोवा दूसरे व कोलकाता तीसरे नंबर पर एसीआई (एयरपोर्ट काउंसिल इंटरनेशनल) की सर्विस क्वालिटी की तीसरी तिमाही (जुलाई से सितंबर) की रैंकिंग रिपोर्ट बुधवार को जारी हुई। इसमें इंदौर एयरपोर्ट अपनी रैंकिंग में भारी सुधार किया चौथे नंबर पर पहुंचा। .इससे पहले इस साल की पहली तिमाही (जनवरी से मार्च) और दूसरी तिमाही (अप्रैल से जून) में इंदौर एयरपोर्ट 12वें नंबर पर था। वहीं, पिछले साल की आखिरी तिमाही (अक्टूबर से दिसंबर-2023) में हमारा एयरपोर्ट 7वें स्थान पर था। सर्वे में 31 प्रमुख बिंदु शामिल किए गए। इनमें एयरपोर्ट तक पहुंचने के साधन, टर्मिनल के साइन बोर्ड, शॉपिंग-डायनिंग, स्टाफ की शिष्टता, फ्लाइट की जानकारी, टर्मिनल में चलने की दूरी, वाई-फाई, यात्री सुविधाएं आदि शामिल हैं। सभी पैरामीटर्स में हमारे नंबर बढ़े हैं। इन सुविधाओं में हमारे नंबर बढ़े हैं, इसलिए रैंकिंग बेहतर हुई     एयरपोर्ट तक पहुंचने में आसानी।     टर्मिनस पर पहुंचने के लिए साइन बोर्ड।     एयरपोर्ट पर पहुंचने के लिए चयनित परिवहन।     चेक-इन को ढूंढने में आसानी।     सुरक्षा स्क्रीनिंग में आसानी।     सुरक्षा जांच बेहतर।     रेस्टोरेंट, कैफे की सुविधाएं।     गेट पर प्रतीक्षा की सुविधाएं।     उड़ान की जानकारी की उपलब्धता।     अन्य उड़ानों से कनेक्शन करने में आसानी।     वाईफाई, चार्जिंग स्टेशन।     वॉशरूम की स्वच्छता। एयरपोर्ट पर बढ़ाई सुविधाएं, यात्रियों को हुआ फील गुड, अब नंबर वन की तैयारी इंदौर एयरपोर्ट पर लगातार हमने यात्री सुविधाएं बढ़ाई हैं। यात्री सुविधाओं पर सारा फोकस रहा। जहां कमियां थीं, उन्हें दूर किया। जहां अच्छा था, उसे बेहतर किया गया। टर्मिनल में पेंटिग्स, सीनरी लगाई गईं। फूड जोन, शॉप की संख्या बढ़ाई। यात्रियों से सुविधाओं को लेकर लगातार फीडबैक लिया, उसी अनुसार हम चीजें बेहतर करते गए, जिसका फायदा रेटिंग में हमें मिला। इंदौर में डिजी यात्रा भी शुुरू हो चुकी है। इससे यात्रियों का समय भी बच रहा है। एयरपोर्ट के अंदर एेसी सुविधाएं की गईं, जिससे यात्रियों को फील गुड हो। अगले सर्वे में हम नंबर वन पर आएं, इस हिसाब से तैयारियां शुरू कर दी हैं।- वीके सेठ, डायरेक्टर, देवी अहिल्या बाई होल्कर एयरपोर्ट, इंदौर   recent visitors 136

भगवान राम के दर्शन के लिए आस्था का जन सैलाब उमड़ा, दीपोत्सव के बाद 5 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं पहुंचे

अयोध्या  भगवान राम की पावन नगरी अयोध्या में श्रद्धालुओं का आगमन दिन-प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है। भगवान राम के दर्शन के लिए आस्था का जन सैलाब उमड़ रहा है। अयोध्या में ऐतिहासिक दीपोत्सव के बाद से प्रतिदिन एक लाख से ज्याजा श्रद्धालु अयोध्या आ रहे हैं और भगवान राम के सामने शीश नवाते हैं। मंदिर की गणना के अनुसार दिवाली के एक दिन बाद अन्नकूट से 5 नवंबर तक लगभग पांच लाख श्रद्धालुओं ने भगवान राम के दर्शन पूजन किए। अयोध्या के भव्य मंदिर में प्रभु राम के विराजमान होने के बाद पहली दिवाली धूमधाम के साथ मनाई गई। इस दौरान काफी संख्या में श्रद्धालु रामलला के दर्शन करने अयोध्या पहुंचे। दिवाली के तीन दिन बाद भी भीड़ कम नहीं हुई। दूर-दराज से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की वजह से पुलिसकर्मियों को भी कड़ा परिश्रम करना पड़ा और जन्मभूमि पथ पर थोड़ी-थोड़ी देर में उन्हें रोकना पड़ा रहा है। राम मंदिर ट्रस्ट ने कहा- श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ेगी आंकड़ों के मुताबिक पिछले सप्ताह भर में लगभग 5 लाख से ज्यादा रामभक्तों ने प्रभु राम के दरबार में हाजिरी लगाई है। इसके अलावा 4 हजार से अधिक विशिष्ट जन भी राम मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे। श्री राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य गोपाल ने बताया कि अयोध्या में दीपोत्सव के बाद से लगातार श्रद्धालुओं में इजाफा हो रहा है। आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या में और इजाफा होने की संभावना है। recent visitors 61

हमेशा के लिए थमी जेट एयरवेज की उड़ान! सुप्रीम कोर्ट ने दिया लिक्विडेशन का ऑर्डर

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने बंद पड़ी एयरलाइन जेट एयरवेज के लिक्विडेशन का आदेश दे दिया है। कोर्ट का कहना है कि इस मामले में एनसीएलएटी का फैसला शीर्ष अदालत के जनवरी 2023 के फैसले की घोर अवहेलना है। कोर्ट के मुताबिक एनसीएलएटी ने जेट एयरवेज के रेजॉल्यूशन एप्लिकेंट जालान-कालरॉक कंसोर्टियम की 150 करोड़ रुपये की परफॉरमेंस बैंक गारंटी के समायोजन की अनुमति देकर न्यायालय के जनवरी 2023 के आदेश की अवहेलना की है। समाधान प्रस्ताव के मुताबिक एयरलाइन में 350 करोड़ रुपये के निवेश की जरूरत थी। एनसीएलएटी ने परफॉरमेंस बैंक गारंटी को इसके अगेंस्ट एडजस्ट करने की अनुमति दी थी। नरेश गोयल के नेतृत्व वाली एयरलाइन कभी भारत की प्रमुख एयरलाइन थी लेकिन 2019 से ही इसका परिचालन बंद है। एनसीएलएटी ने जेट का मालिकाना हक यूके की कंपनी कालरॉक कैपिटल और संयुक्त अरब अमीरात के कारोबारी मुरारी लाल जालान के कंसोर्टियम को ट्रांसफर करने को मंजूरी दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने आज कहा कि लिक्विडेशन इसके ऋणदाताओं और कर्मचारियों के सर्वोत्तम हित में होगा क्योंकि जालान-कालरॉक कंसोर्टियम मंजूरी के पांच साल बाद भी समाधान योजना को लागू करने में विफल रहा है। कोर्ट ने क्या कहा मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने एनसीएलटी, मुंबई को लिक्विडेटर की नियुक्ति के लिए कदम उठाने का निर्देश दिया। कोर्ट ने इस मामले में दाखिल कई अपीलों पर यह आदेश दिया। इनमें एक अपील बैंकों की भी थी जिन्होंने जेट एयरवेज को जालान-कालरॉक कंसोर्टियम को बेचने के एनसीएलटी के आदेश को चुनौती दी गई थी। एसबीआई की अगुवाई में बैंकों ने तर्क दिया है कि यह कंसोर्टियम एयरलाइन के अधिग्रहण के लिए शर्तों को पूरा करने में विफल रहा है और अब एयरलाइन को रिवाइव करने की स्थिति में नहीं है। न्यायमूर्ति पारदीवाला ने कहा कि एयरलाइन से जुड़ा मुकदमा आंखें खोलने वाला है। इसमें भारत के इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड के लिए कई सबक हैं। सुप्रीम कोर्ट ने एनसीएलएटी के फैसले को गलत करार दिया और कहा कि इसमें मटीरियल साक्ष्यों को गलत तरीके से पढ़ा गया है और कानूनी सिद्धांतों की अवहेलना की गई है। बैंक गारंटी का उद्देश्य दिवालियापन प्रक्रिया के समापन तक सक्रिय रहना था। बैंकों की दलील सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कंसोर्टियम ने एयरलाइन में 350 करोड़ रुपये का निवेश करने का वादा किया था लेकिन वह इसमें नाकाम रहा। यह जेट एयरवेज के लिक्विडेशन के लिए पर्याप्त आधार बनाता है। कोर्ट ने बैंकों को 150 करोड़ रुपये की गारंटी को भुनाने की भी अनुमति दे दी। शीर्ष अदालत को यह तय करना था कि जेट एयरवेज के अधिग्रहण को बरकरार रखा जाए या एयरलाइन को समाप्त कर दिया जाए। बैंकों ने इसे लिक्विडेट करने की अपील की थी। recent visitors 58

प्रदेश में वनाधिकार और पेसा कानून सटीक और प्रभावी तरीके से लागू होंगे, टॉस्क फोर्स गठित

भोपाल राज्य शासन द्वारा मध्यप्रदेश में वन अधिकार अधिनियम और पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में गठित टास्क फोर्स का पुनर्गठन किया गया है।        गठित टास्क फोर्स की शीर्ष समिति में जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद पटेल, वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री रामनिवास रावत को उपाध्यक्ष, मुख्य सचिव मध्यप्रदेश शासन को पदेन सचिव और प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य को पदेन सह सचिव नियुक्त किया गया है।        मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अध्यक्षता में कार्यकारी समिति भी गठित की गई है। इसमें मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास, अपर मुख्य सचिव वन और अपर आयुक्त जनजातीय अनुसंधान एवं विकास संस्थान को पदेन सदस्य नियुक्त किया गया है। डॉ. मिलिंद दांडेकर (विधि विशेषज्ञ), डॉ. शरद लेले (विषय विशेषज्ञ), श्री मिलिंद थत्ते (विषय विशेषज्ञ), श्री भगत सिंह नेताम पूर्व विधायक, श्री राम डांगोरे पूर्व विधायक, डॉ. रूपनारायण मांडवे और श्री कालू सिंह मुजाल्दा जनजातीय मंत्रणा परिषद मध्यप्रदेश को सदस्य नियुक्त किया गया है। प्रमुख सचिव, जनजातीय कार्य विभाग समिति के पदेन सदस्य सचिव होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशानुसार वर्ष में 2 बार शीर्ष समिति की बैठक होगी और कार्यकारी समिति की बैठक मुख्यमंत्री के निर्देश पर बुलाई जा सकेगी। समिति के प्रमुख दायित्व- टास्क फोर्स समिति राज्य में वर्तमान में चिन्हांकित वन अधिकार अधिनियम में सीएफआरआर प्रावधानों की संभावित क्षेत्रों के मेपिंग की जिलेवार सूची तैयार करना एवं अन्य संभावित क्षेत्रों के चिन्हांकन के लिये संस्तुति प्रदान करना। वन अधिकार अधिनियम में सीएफआरआर प्रावधानों के संभावित क्षेत्रों के लंबित प्रकरणों का जिलेवार आकलन करना। राज्य में पेसा और वन अधिकार अधिनियम के प्रावधानों के प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन के लिये राज्य शासन के संबंधित विभागों एवं एफआरए संबंधित विषयों के लिये डीएलसी और पेसा संबंधी विषयों के लिये जिला पंचायतों को संभावित रणनीतियों और कार्ययोजना के लिये अनुसंशाएं प्रदान करना। प्रस्तावित अनुशंसाओं के प्रशासकीय अनुमोदन के बाद कार्य-योजना एवं समय-सीमा के अनुसार बिन्दुवार क्रियान्वयनित कार्यों का मूल्यांकन और पर्यवेक्षण करना। राज्य में वन अधिकार अधिनियम और पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिये अन्य उपाय या अनुसंशाएं प्रस्तुत करना। टास्क फोर्स का कार्यकाल 2 वर्ष का होगा, जो अपनी प्रथम अनुसंशाओं का प्रतिवेदन 3 माह की अवधि या इसके पूर्व प्रस्तुत करेगा। *समिति के प्रमुख दायित्व* टास्क फोर्स समिति राज्य में वर्तमान में चिन्हांकित वन अधिकार अधिनियम में सीएफआरआर प्रावधानों की संभावित क्षेत्रों के मेपिंग की जिलेवार सूची तैयार करना एवं अन्य संभावित क्षेत्रों के चिन्हांकन के लिये संस्तुति प्रदान करना। वन अधिकार अधिनियम में सीएफआरआर प्रावधानों के संभावित क्षेत्रों के लंबित प्रकरणों का जिलेवार आकलन करना। राज्य में पेसा और वन अधिकार अधिनियम के प्रावधानों के प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन के लिये राज्य शासन के संबंधित विभागों एवं एफआरए संबंधित विषयों के लिये डीएलसी और पेसा संबंधी विषयों के लिये जिला पंचायतों को संभावित रणनीतियों और कार्ययोजना के लिये अनुसंशाएं प्रदान करना। प्रस्तावित अनुशंसाओं के प्रशासकीय अनुमोदन के बाद कार्य-योजना एवं समय-सीमा के अनुसार बिन्दुवार क्रियान्वयनित कार्यों का मूल्यांकन और पर्यवेक्षण करना। राज्य में वन अधिकार अधिनियम और पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिये अन्य उपाय या अनुसंशाएं प्रस्तुत करना। टास्क फोर्स का कार्यकाल 2 वर्ष का होगा, जो अपनी प्रथम अनुसंशाओं का प्रतिवेदन 3 माह की अवधि या इसके पूर्व प्रस्तुत करेगा।   recent visitors 58

शहर में प्रदूषण को नियंत्रित करने इंदौर नगर निगम ने नवाचार किया, अभियान के लिए निगम ने छह विशेष वाहन तैयार किए

इंदौर ठंड के मौसम में बढ़ने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए इंदौर नगर निगम ने नवाचार किया है। निगम ने अपनी वर्कशाप में छह गाड़ियां तैयार की हैं। इनकी मदद से रोजाना सुबह शहर में करीब 300 किमी क्षेत्र में पेड़ों पर जमी धूल पानी से साफ की जाएगी। पेड़ पौधों की सफाई के साथ-साथ सड़क पर परफ्यूम भी छोड़ा जाएगा। इससे हवा में उड़ने वाले धूल के कण तो बैठेंगे ही साथ ही मॉर्निंग वाक पर निकलने वालों को भीनी-भीनी खुशबू भी आएगी। शहर के प्रदूषण स्तर को सुधारने में मदद भी मिलेगी। नगर निगम ने शहर के हरे-भरे क्षेत्रों, मुख्य सड़कों के किनारे की हरियाली और पेड़ों की धूल साफ करने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। 6 विशेष वाहन तैयार किए गए हैं इंदौर नगर निगम अपर आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने बताया कि इस अभियान के लिए हमने छह विशेष वाहन तैयार किए हैं। ये वाहन रोजाना सुबह 4 से 6 बजे तक सड़क पर उतरेंगे ताकि यातायात में कोई बाधा न आए। इन वाहनों पर विशेष फव्वारा लगाया गया है जिसकी मदद से पेड़ों पर जमी धूल साफ की जाएगी। प्रदूषण भी नियंत्रित रहेगा हर वाहन प्रतिदिन लगभग 40-50 किलोमीटर की हरित पट्टी को कवर करेगा। मिश्रा ने कहा कि निगम की यह पहल न केवल शहर को स्वच्छ रखने का प्रयास है, बल्कि प्रदूषण को नियंत्रित करने के साथ पर्यावरण की सुरक्षा भी सुनिश्चित करेगी। वायु गुणवत्ता पर पड़ेगा सकारात्मक प्रभाव धूल को नियंत्रित करने से शहर की वायु गुणवत्ता पर सकारात्मक असर पडेगा। धूल हटने से पेड़-पौधे भी साफ नजर आएंगे। मिश्रा ने बताया कि नगर निगम इस पहल को शहर के अन्य हिस्सों में भी विस्तारित करने की योजना बना रहा है। आसपास के वातावरण को ताजगी से भरेगा मिश्रा ने बताया कि विशेष वाहनों से न केवल पानी का स्प्रे किया जाता है, बल्कि लेमनग्रास, एप्पल इत्यादि की सुगंध भी छोड़ी जाती है। इससे पेड़ के आस-पास का वातावरण ताजगी से भर जाता है और सुबह के वक्त घूमने निकलने वालों को ताजगी का अहसास कराता है। यह सुगंध तीन से पांच घंटे तक रहेगी। recent visitors 88

सलमान के बाद शाहरुख खान को मिली जान से मारने की धमकी, हुई FIR, छत्तीसगढ़ से है कनेक्शन!

मुंबई बॉलीवुड के सुपरस्टार सलमान खान के बाद अब बॉलीवुड के किंग खान यानी शाहरुख खान को जान से मारने की धमकी मिली है. शाहरुख खान की टीम ने बांद्रा पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. बाबा सिद्दिकी के मर्डर के बाद बॉलीवुड के दूसरे सुपरस्टार को धमकी मिली है. इस धमकी के बाद किंग खान की टीम तुरंत हरकत में आई और एफआईआर दर्ज कराई. मामला हाईप्रोफाइल देखते हुए बांद्रा पुलिस ने तुरंत एक्शन दिया और मामले की जांच शुरू कर दी है. मुंबई पुलिस इस मामले को गंभीरता से ले रही है. इस धमकी को शाहरुख खान को देने का मकसद क्या है इसका पता लगाया जा रहा है. मुंबई पुलिस की एक टीम रायपुर पहुंच चुकी है. वहां ये टीम मामले की जांच करेगी. बांद्रा पुलिस स्टेशन में शाहरुख खान के लिए धमकीभरा कॉल आया था. कॉल करने वाले शख्स ने कहा कि अगर शाहरुख खान अपनी जान बचाना चाहते हैं तो हमें करोड़ों रुपये दें. नहीं तो उन्हें अंजाम भुगतना पड़ेगा और फिर कॉल को काट दिया गया. आरोपी ने फोन बंद कर दिया है. उसकी लोकेशन का पता लगाने की कोशिश हो रही है. मुंबई पुलिस ने तुरंत ही इस मामले को दर्ज कर लिया था. आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता की 308(4) और 351(3)(4) धारा लगाई गई है. मुंबई पुलिस के वरिष्ठ अफसर ने बताया कि जल्द ही आरोपी को पकड़ लिया जाएगा. इस धमकी भारी कॉल के बाद इंडस्ट्री में इस बात को लेकर खौफ मचा हुआ है. सलमान खान से शाहरुख कुछ दिन पहले मिले भी थे और दोनों स्टार्स आसपास ही रहते हैं. पुलिस ने मन्नत के बाहर बैरिगेट लगाए हुए हैं. शाहरुख की सिक्योरिटी को बढ़ाया जाएगा. अभी एक्स्ट्रा सिक्योरिटी की मांग नहीं हुई है. बॉडीगार्ड हमेशा उनके साथ होते हैं. हो सकता है कि शाहरुख खान की सिक्योरिटी में भी इजाफा हो सकता है.   recent visitors 44