अब 30 हजार रुपये लगेगा पराली जलाने पर जुर्माना, SC की सख्ती के बाद केंद्र ने दोगनी की पेनाल्टी

नईदिल्ली केंद्र ने पराली जलाने पर जुर्माने को दोगुना कर दिया है. नए लिए गए सख्त फैसले के मुताबिक, दो एकड़ से कम जमीन वाले किसानों को 5,000 रुपये, 2 से 5 एकड़ जमीन वाले किसानों को 10,000 रुपये और पांच एकड़ से अधिक जमीन वाले किसानों को पराली जलाने पर 30,000 रुपये जुर्माना देना होगा. बता दें कि बीते महीने के आखिरी में सुप्रीम कोर्ट ने भी पराली जलाने से प्रभावित राज्य सरकारों को कम जुर्माने के लिए फटकारा था, इसके बाद केंद्र ने जुर्माने की राशि बढ़ाई है. दरअसल केंद्र सरकार ने पराली जलाने वाले किसानों पर जुर्माने की राशि बढ़ाकर दोगुनी कर दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दो एकड़ से कम जमीन की पराली जलाने पर जुर्माने की राशि पांच हजार रुपये रहेगी। वहीं दो से पांच एकड़ जमीन पर यह जुर्माना बढ़ाकर दो गुना यानी 10 हजार रुपये कर दिया गया है। वहीं पांच एकड़ से ज्यादा जमीन पर पराली जलाने पर जुर्माने की राशि बढ़ाकर 30 हजार रुपये कर दी गई है।   केंद्र सरकार ने पराली जलाने पर सख्त रुख अपनाते हुए जुर्माने की राशि में दोगुना वृद्धि की है. नए नियमों के अनुसार, अब दो एकड़ से कम जमीन वाले किसानों को पराली जलाने पर 5,000 रुपये का जुर्माना भरना होगा. वहीं, 2 से 5 एकड़ वाले किसानों को 10,000 रुपये और पांच एकड़ से ज्यादा जमीन वाले किसानों पर 30,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा. ये नियम राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग अधिनियम, 2021 (Commission for Air Quality Management in National Capital Region and Adjoining Areas Act, 2021 (29 of 2021) के तहत संशोधित किए गए हैं. अधिनियम की धारा 25 की उप-धारा (2) के खंड (h) का हवाला देते हुए, केंद्र सरकार ने इन नियमों को संशोधित करते हुए "राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (पराली जलाने के लिए पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति का अधिरोपण, संग्रहण और उपयोग) संशोधन नियम, 2024" के रूप में पारित किया है.   recent visitors 85

साध्वी Pragya Thakur की बढ़ी मुश्किलें, जारी हो गया वारंट, कहा कि जिंदा रहूंगी तो कोर्ट जरूर आऊंगी

भोपाल  मालेगांव ब्लास्ट मामले में पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को वारंट मिला है। एनआईए कोर्ट ने उन्हें 13 नवंबर को पेश होने का आदेश दिया है। पूर्व में भी साध्वी प्रज्ञा कई बार कोर्ट में पेश नहीं हुई हैं। कोर्ट से वारंट मिलने के बाद सोशल मीडिया पर साध्वी प्रज्ञा ने अपनी एक तस्वीर शेयर की है। इसमें दिख रही है कि साध्वी प्रज्ञा बीमार हैं। कोर्ट में रहना जरूरी कोर्ट ने कहा है कि उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है। इसके साथ ही एनआईए कोर्ट ने कहा कि इस केस में आखिरी बहस चल रही है। ऐसे में प्रज्ञा ठाकुर का कोर्ट में मौजूद रहना ज़रूरी है। हालांकि, प्रज्ञा ठाकुर ने अपनी तबीयत खराब होने का हवाला देते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है कि अगर वो जिंदा रहीं तो कोर्ट जरूर जाएंगी। वारंट जारी किया मुंबई की स्पेशल NIA कोर्ट 2008 के मालेगांव ब्लास्ट मामले में आखिरी बहस कर रही है। कोर्ट का कहना है कि इस मामले में साध्वी प्रज्ञा ठाकुर का मौजूद रहना बेहद जरूरी है। लेकिन प्रज्ञा ठाकुर कोर्ट नहीं पहुंच रही थीं, जिसके चलते स्पेशल जज एके लाहौती ने उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी कर दिया। कोर्ट ने प्रज्ञा ठाकुर को 13 नवंबर को पेश होने का आदेश दिया है। अपनी हाल बताया इस बीच साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर कर अपनी खराब तबीयत का हवाला दिया है। उन्होंने लिखा कि कांग्रेस_का_टॉर्चर सिर्फ ATS कस्टडी तक ही नहीं, मेरे जीवन भर के लिए मृत्यु दाई कष्ट का कारण हो गया। ब्रेन में सूजन, आंखों से कम दिखना, कानों से कम सुनना, बोलने में असंतुलन, स्टेरॉयड और न्यूरो की दवाओं से पूरे शरीर में सूजन. एक हॉस्पिटल में उपचार चल रहा है, जिंदा रही तो कोर्ट अवश्य जाऊंगी। गौरतलब है कि साध्वी प्रज्ञा ने जो तस्वीर शेयर की है, उसमें साफ सूजन दिख रहा है। साध्वी प्रज्ञा भोपाल से सांसद रही हैं। अपने बयानों से वह कई बार पार्टी को मुश्किल में डालती रही हैं। 2024 लोकसभा चुनाव में पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया। साथ ही सार्वजनिक कार्यक्रमों से भी वह दूर रहती हैं। मालेगांव विस्फोट में साध्वी को बनाया गया था आरोपी 29 सितंबर 2008 को महाराष्ट्र के मालेगांव शहर के नासिक शहर में एक मोटरसाइकिल पर रखे विस्फोटक उपकरण के फटने से 6 लोग मारे गए और 100 से अधिक अन्य घायल हो गए थे। मामले में साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर का नाम आरोपियों में शामिल था। साध्वी प्रज्ञा ठाकुर बार-बार दावा करती रही हैं कि कस्टडी के दौरान उन पर काफी अत्याचार हुआ। तभी से वो फिजिकली ठीक नहीं रही हैं। इसके लिए वो कांग्रेस की सरकार और एटीएस की प्रताड़ना को जिम्मेदार मानती रही हैं। NIA कोर्ट ने प्रज्ञा के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया साध्वी प्रज्ञा ने कुछ समय पहले अपनी खराब हेल्थ के चलते 2008 में हुए मालेगांव ब्लास्ट मामले में अदालत में उनकी उपस्थिति से छूट के लिए आवेदन दायर किया था। अदालत ने सिर्फ मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर उन्हें छूट भी दी थी। हालांकि हाल ही में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) अदालत ने साध्वी प्रज्ञा को 2008 के मालेगांव विस्फोट मामले के सिलसिले में जमानती वारंट जारी किया है। मामले में आरोपी ठाकुर अदालत की कार्यवाही के लिए उपस्थित नहीं हुईं, जिसके बाद अदालत ने उनकी उपस्थिति की मांग की। वारंट 13 नवंबर तक 'वापस करने योग्य' है, जिसका अर्थ है कि वारंट रद्द करने के लिए ठाकुर को उस तिथि तक अदालत में उपस्थित होना चाहिए।   recent visitors 208

रेलवे का बड़ा तोहफा : साउथ के फेमस मंदिरों के कम दाम में कराएगा दर्शन

इंदौर भारतीय रेलवे मध्य प्रदेश के इंदौर से आगामी 16 दिसंबर को दक्षिण दर्शन यात्रा की शुरुआत करने जा रहा है। यह पूरी यात्रा 9 रात और 10 दिनों के लिए होगी। जिसमें रेलवे की तरफ से दक्षिण के सभी प्रमुख स्थलों के दर्शन कराए जाएंगे। इस दौरान यात्रियों के ठहरने खाने-पीने और दर्शन के लिए आने जाने की व्यवस्थाएं भी रेलवे की तरफ से ही कराई जाएगी। आइए जानते है इसका किराया कितना होगा… यह यात्रा इंदौर से शुरू होकर इंदौर में ही खत्म होगी। इस यात्रा के लिए ट्रेन में विशेष सर्व सुविधा युक्त एलएचबी कोच लगाए गए है। यात्रा तीन श्रेणियों में यात्रियों को सुविधा प्राप्त प्रदान करेगी। प्रथम श्रेणी स्लीपर क्लास में 18 हजार रुपए प्रति व्यक्ति के मान से यह पूरी यात्रा करवाई जाएगी। थर्ड एसी श्रेणी के लिए 29 हजार 500 और सेकंड एसी श्रेणी के लिए 39 हजार प्रति व्यक्ति का पैकेज रेलवे के द्वारा तय किया गया है। इस टूर पैकेज की शुरुआत इंदौर से होगी। इस स्पेशल ट्रेन में सफर करने वाले यात्री इंदौर, उज्जैन, देवास, सीहोर, शुजालपुर, संत हिरदाराम नगर, रानी कमलापति, इटारसी, बैतूल और नागपुर स्टेशनों से बोर्डिंग/डिबोर्डिंग कर सकेंगे। इस यात्रा में तिरुपति, रामेश्वरम, मदुरै, कन्याकुमारी और तिरुवनंतपुरम के मशहूर मंदिरों के दर्शन कराए जाएंगे। यात्री इस टूर पैकेज के लिए बुकिंग आईआरसीटीसी की वेबसाइट irctctourism.com पर ऑनलाइन जाकर कर सकते हैं। recent visitors 63

राज्योत्सव 2024 में अनोखी पहल : किसानों और आमजनों ने ग्रामोद्योग विकास विभाग की योजनाओं की विस्तृत जानकारियां

रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के मौके पर राज्योत्सव-2024 में ग्रामोद्योग विकास विभाग द्वारा शिल्पग्राम में लगाए गए स्टॉल में रेशम उत्पादन की प्रक्रिया समझने और रेशम की खेती के लिए किसानों और आमनागरिक बड़ी संख्या में ठहर रहे। विभागीय स्टॉल में प्राकृतिक स्वरुप में रेशम के कीड़ों को देखने के लिए हर वर्ग के लोगों में विशेषकर बच्चे विशेष रूचि दिखा रहे| इस अवसर पर स्टॉल में तरह-तरह के रेशम बीजों का भी प्रदर्शन किया गया है, जिनमें विशेष रूप से मलबरी सफेद कोया, मलबरी रंगीन कोया, मलबरी पीला मैसूर, मलबरी सफेद रिल्ड, टसर स्पन धागा, टसर बाना धागा, डाबा पालित कोसा एवं रैली साबू बीजों को प्रदर्शित किया गया है| जिनसे कोसा सिल्क, मलबरी सिल्क, बनारसी, कांजीवरम की साड़ियां बनाई जाती हैं। विभागीय स्टाल में आए किसानों और आमजनों ने ग्रामोद्योग विकास विभाग की योजनाओं के बारे में भी विस्तृत जानकारियां ली| गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ कोसा उत्पादन एवं कोसा वस्त्र निर्माण के क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में प्रगति कर रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में वन आधारित ग्रामोद्योग को बढ़ावा देने के संकल्प को पूरा करते हुए छत्तीसगढ़ टसर उत्पादन के क्षेत्र में परम्परागत रूप से विशिष्ट स्थान रखता है। रेशम प्रभाग के योजनाओं के जरिए ग्रामीण अंचल में निवासरत जरूरतमंद परिवारों को रोजगार, स्व-रोजगार उपलब्ध हो रहे हैं। टसर रेशम विकास एवं विस्तार कार्यक्रम, पालित डाबा टसर ककून उत्पादन योजना, नैसर्गिक बीज प्रगुणन एवं कोसा उत्पादन योजना, टसर धागाकरण जैसी योजनाओं का संचालन कर मलबरी रेशम विकास एवं विस्तार कार्यक्रम लघु निर्माण अंतर्गत रेशम एवं टसर केंद्र में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। इस अवसर पर स्टॉल में आए लोगों ने निजी क्षेत्र में एक एकड़ शहतूत पौधरोपण एवं कीटपालन को बढ़ावा देने के लिए संचालित नवीन शहतूत रेशम बाड़ी योजना के बारे में भी जाना। प्रदेश में शहतूत रेशम को बढ़ावा देने एवं ग्रामीण क्षेत्र में रेशम पालन के जरिए स्थायी रोजगार सृजन करने के उद्देश्य से निजी क्षेत्र के लघु एवं सीमांत किसानों के लिए एक एकड़ शहतूत पौधरोपण एवं कीटपालन के लिए नवीन योजना शहतूत रेशम बाड़ी योजना चलाई जा रही है। इस योजना के तहत शहतूत का पौधरोपण एवं संधारण, कीटपालन भवन एवं उपकरण और सिंचाई सुविधा के अंतर्गत उपकरण के लिए सहायता राशि प्रदान किया जाएगा, जिससे कृषक शहतूती रेशम उद्योग की स्थापना कर एवं अपने जीविकोपार्जन के लिए स्थायी रोजगार कर सके। इस योजना से जुड़े कृषकों को उनके निजी भूमि में पौधरोपण के उपरांत उन्हें पौधरोपण एवं रेशम कीटपालन से संबंधित सभी तकनीक की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए एक माह का निःशुल्क प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इस योजना में प्रवधानित राशि लगभग 5 लाख रुपए है, जिन्हें मदवार प्रदान किया जाता है। इस तरह से छत्तीसगढ़ सरकार की योजनाएं सुदूर वनांचल से शहरी क्षेत्रों तक आम जनजीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं और उन्हें आर्थिक और सामाजिक स्तर पर मजबूत बना रहे हैं।   recent visitors 72

आयुष्मान योजना में कैंसर पीड़ितों को राहत, देश में अबतक 25 लाख रोगियों ने करवाया उपचार

भोपाल  सितंबर 2018 में प्रारंभ आयुष्मान भारत योजना के छह साल पूरे हो गए हैं। इसी कड़ी में केंद्र सरकार ने 29 अक्टूबर को 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों को पांच लाख रुपये प्रतिवर्ष का अतिरिक्त बीमा कवर देना शुरू किया है। योजना के पिछले छह वर्ष के आंकड़े देखें तो कैंसर रोगियों के लिए यह योजना बड़ा संबल बनी है। देशभर में अभी तक सात करोड़ से अधिक लोगों का उपचार इस योजना के अंतर्गत हुआ है, इनमें 25 लाख कैंसर के हैं। स्पेशियलिटी के हिसाब से उपचार कराने वाला का यह चौथा बड़ा आंकड़ा है। रेडिएशन ऑन्कोलॉजी यानी सिकाई कराने वाले रोगियों को मिला लें तो यह संख्या और अधिक होगी। गुजरात में तो आयुष्मान योजना का लाभ लेने वाले में ही सर्वाधिक कैंसर रोगी हैं। मप्र में एक लाख 62 हजार रोगियों ने कैंसर का उपचार कराया है। 'पीएमजय' डैशबोर्ड से मिली जानकारी     मप्र में जनरल मेडिसिन के बाद योजना का लाभ लेने वालों की सर्वाधिक संख्या कैंसर रोगियों की है। उप्र में 88 हजार कैंसर रोगियों ने योजना से उपचार कराया है।     यहां योजना का लाभ लेने वाले रोगियों की सर्वाधिक संख्या के मामले में कैंसर चौथे नंबर पर है। यह जानकारी 'पीएमजय' डैशबोर्ड के अनुसार है।     सामान्य तौर पर निजी और सरकारी अस्पतालों में मेडिसिन के बाद आर्थोपेडिक्स, स्त्री एवं प्रसूति रोग, शिशु रोग आदि के रोगी अधिक रहते हैं।     जब आयुष्मान योजना से उपचार लेने वालों की संख्या बात आती है तो मेडिकल आंकोलाजी किसी राज्य में पहले तो कहीं दूसरे, तीसरे और चौथे नंबर पर है।     देश में सबसे ऊपर क्रमश: मेडिसिन, संक्रामक रोग और सर्जरी है। अब प्रोसीजर के आंकड़े देखें तो रोगियों ने सबसे अधिक लाभ हीमोडायलिसिस का लिया है।     देश भर में 64 रोगियों ने अभी तक आयुष्मान योजना से डायलिसिस कराई है, जिसमें मध्य प्रदेश के पांच लाख 43 हजार हैं।     दूसरे नंबर पर मल्टीपल पैकेज यानी जिसमें कई तरह प्रोसीजर शामिल हैं, तीसरे क्रम में 57 हजार मामलों के साथ सीजर डिलीवरी है। मप्र में किस बीमारी के कितने रोगियों ने उपचार कराया     मेडिसिन 10 लाख     मेडिकल ऑन्कोलॉजी (कैंसर, जिसमें सर्जरी शामिल नहीं ) 1.62     आर्थोपेडिक 1. 62     स्त्री एवं प्रसूति रोग 1.33     हड्डी रोग 1.04 एक्सपर्ट ने बताया कारण प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना के जीएम ऑपरेशन रहे सेवानिवृत्त अधिकारी डॉ. ओपी तिवारी का कहना है कि कैंसर का उपचार एक तो महंगा है। दूसरा यह कि इसका उपचार दो से तीन वर्ष और कुछ का तो इससे भी अधिक समय तक चलता है। यही कारण है कि अधिकतर रोगी आयुष्मान भारत योजना से ही उपचार कराते हैं। वह कहते हैं कि यह बात भी सही है सरकारी अस्पतालों की तुलना में योजना के अंतर्गत अनुबंधित निजी अस्पतालों और निजी मेडिकल कॉलेजों में इसके उपचार की अच्छी सुविधाएं हैं। प्रोसीजर के मामले में रेडिएशन ओंकोलॉजी और कीमोथेरेपी का लाभ लेने वाले रोगियों की संख्या भी अन्य प्रोसीजर की तुलना अधिक है। recent visitors 75

प्रदेश में 15 नवंबर से बढ़ जाएगी ठंड, कई शहरों का तापमान लुढ़का

भोपाल मध्य प्रदेश में अब धीरे धीरे ठंड की दस्तक होने लगी है। हवाओं का रुख बार बार बदलने से तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है।  उत्तरी हवाओं के चलने से 15 नवंबर से राजधानी भोपाल समेत प्रदेशभर में तेज ठंड पड़ने की उम्मीद है। नवंबर के दूसरे सप्ताह में शहरों का अधिकतम तापमान 29-30 डिसे तो न्यूनतम तापमान 15 से 19 डिग्री के बीच हो सकता है। नवंबर के तीसरे हफ्ते में ग्वालियर-चंबल के कुछ जिलों में तापमान 6 डिग्री तक गिर सकता है। अगले 3-4 दिनों तक राजधानी भोपाल, जबलपुर, इंदौर व ग्वालियर में  अधिकतम तापमान 31-32 व न्यूनतम तापमान 18-19 डिसे के बीच आ सकता है।आमतौर पर नवंबर में दिन का तापमान 30 डिसे तो रात का तापमान 15 डिसे से कम हो जाता है। अगले हफ्ते से बढ़ेगी ठिठुरन आज  प्रदेश में ठंडी हवाएं चलेंगी जिससे ग्वालियर, भोपाल, इंदौर , जबलपुर सहित कई शहरों में ठंड बढ़ेगी, ।आने वाले दिनों में उत्तरी हवाओं की वजह से पचमढ़ी, मलाजखंड, अमर कंटक, सहित कई जिलों के मौसम में परिवर्तन होगा और रात के तापमान में गिरावट आते ही ठिठुरन बढ़ेगी। अबतक नवंबर महीने में ट्रेंड रहा है कि दूसरे सप्ताह से ही सर्दी जोर पकड़ती है और तापमान में गिरावट दर्ज की जाती है।इस दौरान कुछ जिलों में मावठे की हल्की वर्षा भी होती है, जिसके बाद सर्दी का असर तेज होता है। 15 नवंबर से बढ़ जाएगी ठंड मौसम विभाग की मानें तो 15 नवंबर से ठंड का असर और तेज देखने को मिल सकता है। पिछले 10 वर्षों से तापमान ने ऐसा ही माहौल बना रखा है। बताया गया है कि दिन में गर्मी का असर दूसरे सप्ताह तक बना रहेगा। इसके बाद पारा तेजी से नीचे आने की संभावना है। बताया जा रहा है कि उत्तरी हवाओं की वजह से मौसम में तेजी से गिरावट आ रही है। इन शहरो में तेजी से नीचे आ रहा पारा बदलते मौसम के बीच कई जिलो में ठंड का असर तेज देखने को मिल रहा है। यहां तेजी से पारा नीचे आया है, जिनमें मंडला में 15.6 डिग्री टेम्प्रेचर मापा गया, तो वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर समेत प्रदेश के करीब 20 से 25 शहरों में रात का तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा है। वहीं पचमढ़ी में टेम्प्रेचर 13.4 डिग्री, राजगढ़-उमरिया में 16.4 डिग्री, मंडला में 15.6 डिग्री, रीवा में 16.6 डिग्री के अलावा बैतूल-मलाजखंड में तापमान 16.8 डिग्री रहा। recent visitors 90

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का एक हिस्सा खुलने से मथुरा रोड पर लगने वाले जाम से राहत मिलेगी

नई दिल्ली दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का दिल्ली वाला हिस्सा 12 नवंबर को आम जनता के लिए खुल सकता है। इससे मथुरा रोड पर लगने वाले जाम से राहत मिलेगी। दक्षिणी दिल्ली के सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने बताया कि एक्सप्रेसवे पर छह लेन हैं और आगरा नहर व गुड़गांव नहर पर दो नए पुल भी बने हैं। जाम से मिलेगा छुटकारा बिधूड़ी ने बताया कि एक्सप्रेसवे और पुलों के खुलने से मथुरा रोड पर जाम से पूरी तरह से छुटकारा मिल जाएगा। उन्होंने कहा यह सिर्फ एक वैकल्पिक मार्ग नहीं है, बल्कि मथुरा रोड पर लगने वाले भारी जाम की समस्या का स्थायी समाधान है।यह नया एक्सप्रेसवे यमुना नदी के किनारे यमुना खादर, ओखला विहार और बतला हाउस जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों से होकर गुजरता है। इसका निचला हिस्सा महारानी बाग के पास बना है और यह DND फ्लाईओवर के आश्रम एंट्री के पास सड़क को पार करेगा। ढाई घंटे का सफर 25 मिनट में सासंद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने बताया कि इन महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर 5500 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इस सड़क का इस्तेमाल फरीदाबाद, पलवल और सोहना जाने के लिए किया जा सकेगा।इससे लोगों का समय भी बचेगा। अभी महारानी बाग से सोहना पहुंचने में 2.5 घंटे लगते हैं लेकिन एक्सप्रेसवे के खुलने के बाद यह समय घटकर केवल 25 मिनट रह जाएगा। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे भारत का आधुनिक सड़क मार्ग है। इस एक्सप्रेसवे पर वाहनों की अधिकतम गति सीमा 120 किलोमीटर प्रति घंटा है, जो इसे देश के सबसे तेज़ सड़कों में से एक बनाता है। इस एक्सप्रेसवे पर पशुओं और पैदल चलने वालों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित है। इस एक्सप्रेसवे पर बाइक और धीमी गति वाले वाहनों का प्रवेश वर्जित है। बता दें कि 12 फरवरी 2023 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस-वे के सोहना-दौसा खंड का उद्घाटन किया था। recent visitors 140