जून 2026 तक 1 लाख का हो जाएगा सेंसेक्स- मॉर्गन स्टेनली

मुंबई भारतीय शेयर बाजार में आज बुधवार को जबरदस्त खरीदारी देखी गई। सेंसेक्स और निफ्टी में पिछले सेशन में भारी गिरावट के बाद बुधवार को शुरुआती सौदों के बाद इनमें तेजी देखने को मिली। बीएसई सेंसेक्स कारोबार के दौरान 800 से अंकों तक उछल गया था। इस बीच, ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टेनली की दिल खुश करने वाली एक रिपोर्ट सामने आई है। मॉर्गन स्टेनली ने की लेटेस्ट रिपोर्ट के मुताबिक, अगले एक साल में सेंसेक्स 1 लाख के एतिहासिक आंकड़े को टच कर सकता है। जून 2026 तक 1 लाख का हो जाएगा सेंसेक्स! मॉर्गन स्टेनली की रिपोर्ट के अनुसार, शेयर बाजार हाल में आई की गिरावट लंबी अवधि में निवेश करने का एक आकर्षक अवसर लेकर आया है। मॉर्गन स्टेनली ने जून 2026 के लिए अपने बेस केस सेंसेक्स टारगेट को रिवाइज किया है। लेटेस्ट रिपोर्ट में ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म ने भविष्यवाणी की है कि बुल केस आउटलुक के तहत इंडेक्स 1,00,000 अंक तक पहुंच जाएगा। जून 2026 तक सेंसेक्स बेस केस टारगेट 89,000 तय किया है, जो वर्तमान स्तरों से 8% की बढ़ोतरी को दिखाता है। ब्रोकरेज फर्म ने क्या कहा? बुल केस में मॉर्गन स्टेनली ने अधिक अनुकूल मैक्रो और नीतिगत माहौल की कल्पना की है, जिससे जून 2026 तक सेंसेक्स 1,00,000 तक पहुंच जाएगा। वहीं, बेस केस आउटलुक में, ब्रोकरेज का अनुमान है कि जून 2026 तक सेंसेक्स 89,000 तक पहुंच जाएगा।मॉर्गन स्टेनली के इक्विटी स्ट्रैटेजिस्ट रिधम देसाई और नयनत पारेख ने कहा, "सेंसेक्स के लिए हमारा नया टारगेट जून 2026 तक 89,000 (8% अपसाइड) है, जो हमारे नए आय अनुमानों में शामिल है और दिसंबर 2025 के टारगेट 82,000 से भी आगे है।" यह स्तर बताता है कि बीएसई सेंसेक्स 23.5x के ट्रेलिंग पी/ई मल्टीपल पर कारोबार करेगा, जो 25 साल के औसत 21x से आगे है। 70,000 तक गिरेगा बाजार? इसके अलावा, मॉर्गन स्टेनली ने अपने मंदी के मामले में 20% संभावना बताई है, जिसमें जून 2026 तक सेंसेक्स 70,000 तक गिर जाएगा। इस आउटलुक में कच्चे तेल की कीमतों में 100 डॉलर प्रति बैरल से अधिक की तेज बढ़ोतरी मानी गई है, जिसके कारण आरबीआई द्वारा आर्थिक स्थिरता बनाए रखने के लिए मौद्रिक सख्ती की जाएगी। इसमें अमेरिका में मंदी सहित वैश्विक विकास में महत्वपूर्ण मंदी को भी शामिल किया गया है। इन परिस्थितियों में, वित्त वर्ष 28 तक आय वृद्धि में सालाना 15% की कमी आने की उम्मीद है, जिसमें वित्त वर्ष 26 में गिरावट आएगी। बिगड़ते मैक्रो फंडामेंटल के जवाब में इक्विटी वैल्यूएशन में भी कमी आने की संभावना है। recent visitors 62

PM के आगमन की तैयारी का जायजा लेने पहुंचे सीएम, अधिकारियों को प्रबंध के लिए दिए दिशा-निर्देश

भोपाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 31 मई को भोपाल आएंगे। एमपी सरकार कार्यक्रम को भव्य बनाने में जुटी हुई है। सीएम डॉ. मोहन यादव और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने पीएम मोदी के आगमन की तैयारियों का जायजा लिया। दोनों नेताओं ने जंबूरी मैदान का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को उत्तम प्रबंध के लिए दिशा-निर्देश दिए हैं। ऐतिहासिक स्थल पर नया रिकॉर्ड बनाया जाएगा  इस दौरान सीएम ने कहा कि इस ऐतिहासिक स्थल पर नया रिकॉर्ड बनाया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आ रहे हैं। अंग्रेजी तिथि के अनुसार देवी अहिल्याबाई की जन्म तिथि है। हमारे भारत सरकार मध्य प्रदेश सरकार मिलकर अहिल्या उत्सव का कैलेंडर जारी किया है। उन्होंने कहा कि हम सब ने भी निर्णय किया है कि देवी अहिल्या के सुशासन के साथ नारी सशक्तिकरण के लिए है। नारियों के स्वावलंबन और उनके जीवन में बेहतर आ सके रोजगार आ सके। आमदनी बढ़ घर में आर्थिक रूप से उनका सम्मान बड़े स्वयं सहायता समूह को भी बढ़ावा मिले। बहन बेटियां लखपति बने, 300 से अधिक समूहों के साथ बुलाया गया है। उधमाशीलता में अलग-अलग तरीके से बहन बेटियां आगे बढ़े, उनके अपने कामों का भी प्रशिक्षण हो। 2 लाख से अधिक महिलाएं कार्यक्रम में होंगी शामिल मुख्यमंत्री डॉ मोहन ने कहा कि एक बड़ी संख्या में आयोजन होगा। 2 लाख से अधिक महिलाएं जंबूरी मैदान में आएंगी। महिला गरीब युवा के साथ जो बातचीत की है उस पर भी ध्यान दिया जाएगा। सरकार बहन बेटियों को लेकर संवेदनशील है। सरकार ने अपने कामों के बलबूते पर यह विश्वास बनाया है कि नर और नारी में सनातन पद्धति को आगे रखा है, अंतर महसूस किया है इसी प्रकार का कार्यक्रम रखा गया है। बहनों को हर स्तर में रोजगार मिले इसी दिशा में कर रहे काम मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने भोपाल में एक बड़ा आयोजन किया था। ग्लोबल इन्वेस्टर समिति इसमें भी बड़ी संख्या में लोग आए हैं। आज के दिन होने वाले कार्यक्रम की तैयारी को लेकर समीक्षा की है। अधिकारियों के साथ बैठक की है। यहां पर बड़ा आयोजन होगा। सरकार बहुत सारे स्तर पर काम कर रही है। हर क्षेत्र में बहनों के लिए रोजगार का अवसर मिल सके, इसके लिए काम कर रहे है, उनकी आर्थिक स्थिति बेहतर करने के लिए सरकार काम कर रही है। पीएम मोदी 31 मई को आएंगे भोपाल जानकारी के लिए बता दें कि देवी अहिल्या की 300वीं जयंती समारोह के अंतर्गत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 मई को भोपाल आएंगे। वे दो लाख से अधिक महिलाओं को संबोधित करेंगे। इस दौरान महिला सशक्तिकरण से जुड़ी कई योजनाओं का ऐलान और कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।   recent visitors 46

मध्य प्रदेश के वेटरनरी डॉक्टरों की बढ़ी रिटायरमेंट सीमा, हाईकोर्ट ने मोहन सरकार को दिया आदेश

जबलपुर  मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सुरेश कुमार कैत व न्यायमूर्ति विवेक जैन की युगलपीठ ने अपने महत्वपूर्ण आदेश में कहा है कि एलोपैथी व आयुष चिकित्सकों की तरह वेटरनरी डॉक्टरों को भी 65 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्ति दी जाए। कोर्ट ने सरकार को इस संबंध में आवश्यक संशोधन करने के निर्देश दिए हैं। इसी के साथ कोर्ट ने उस गजट नोटिफिकेशन के पूर्व में किए गए संशोधन को असंवैधानिक घोषित कर दिया, जिसमें केवल एलोपैथी व आयुष चिकित्सकों की सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष की थी। सरकार भेदभाव नहीं कर सकती याचिकाकर्ता राजधानी भोपाल निवासी डॉ. केदार सिंह तोमर व अन्य जिलों में कार्यरत वेटरनरी सर्जनों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता केसी घिल्डियाल व सुयश मोहन गुरु ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि एलोपैथी व आयुष डॉक्टरों की तरह वेटनरी चिकित्सकों की सेवाएं एक समान हैं, इसलिए सरकार इस तरह का भेदभाव नहीं कर सकती। याचिकाकर्ताओं ने 1983 से 1988 के बीच वेटरनरी सेवा ज्वाइन की है। एलोपैथी व आयुष डॉक्टर मध्य प्रदेश लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में कार्यरत हैं, जबकि याचिकाकर्ता पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अंतर्गत कार्यरत हैं। सरकार ने छह मई, 2011 के गजट नोटिफिकेशन में संशोधन करते हुए एलोपैथिक डॉक्टर और आयुष डॉक्टर की सेवानिवृत्ति आयु 62 से बढ़ाकर 65 वर्ष कर दी गई है। पशु चिकित्सकों ने लगाई थी रिट याचिका बता दें कि मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के ऐतिहासिक निर्णय से पशु चिकित्सा विभाग के डॉक्टरों को बड़ी राहत मिली है. हाईकोर्ट ने अपने महत्वपूर्ण निर्णय में पशु चिकित्सकों की सेवानिवृत्ति की आयु 62 वर्ष से बढ़ाकर 65 वर्ष करने का निर्देश दिया है. इस मामले में उच्च न्यायालय में रिट याचिका क्रमांक 9935/2022 डॉ केएस तोमर अध्यक्ष सपाक्स और अन्य कर्मचारी संगठनों और सहयोगी चिकित्सकों ने लगाई थी. जिसमें एलोपैथी डॉक्टर की तरह पशु चिकित्सकों के रिटायरमेंट की उम्र सीमा भी 65 वर्ष करने की मांग की गई थी. हाईकोर्ट के आदेश से ये होगा बदलाव पशु चिकित्सक अब एलोपैथी डॉक्टरों की तरह 65 वर्ष तक सेवाएं दे सकेंगे. एलोपैथिक डॉक्टरों और आयुष डॉक्टरों के समान पशु चिकित्सा डॉक्टरों को भी सेवानिवृत्ति की आयु वृद्धि का लाभ मिलेगा. हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को यह भी आदेश दिया है कि वह पशु चिकित्सा डॉक्टरों की सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष तक निर्धारित करने के लिए उचित प्रावधान और नियम भी बनाए. मध्य प्रदेश में पशु चिकित्सकों के 406 पद स्वीकृत बता दें कि मध्य प्रदेश में पशु चिकित्सकों के 406 पद स्वीकृत हैं. जिनमें 365 पदों पर डॉक्टर काम कर रहे हैं. सपाक्स अध्यक्ष डॉ. केएस तोमर ने उच्च न्यायालय के इस निर्णय के लिए आभार व्यक्त किया है और राज्य सरकार से इस निर्णय को जल्द से जल्द लागू करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि "इस निर्णय से पशु चिकित्सा डॉक्टरों को अपनी सेवाएं और अधिक समय तक प्रदान करने का अवसर मिलेगा, जिससे पशु स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा और पशुपालकों को लाभ होगा." recent visitors 61

22 मई को पीएम मोदी का राजस्थान दौरा, 26,000 करोड़ रुपए की लागत वाली परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे

बीकानेर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 मई को राजस्थान के दौरे पर रहेंगे। सबसे पहले पीएम मोदी बीकानेर जाएंगे और सुबह करीब 11 बजे देशनोक स्थित करणी माता मंदिर में दर्शन करेंगे। इसके अलावा, पीएम मोदी सुबह करीब 11:30 बजे अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकसित देशनोक स्टेशन का उद्घाटन करेंगे और बीकानेर-मुंबई एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। इसके बाद वह 26,000 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे और पलाना में एक सार्वजनिक समारोह को भी संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री देश में रेल अवसंरचना को निरंतर बेहतर बनाने की अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप, 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 86 जिलों में 1,100 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से 103 पुनर्विकसित अमृत स्टेशनों का उद्घाटन करेंगे। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 1,300 से अधिक स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं के साथ पुनर्विकसित किया जा रहा है, जिन्हें क्षेत्रीय वास्तुकला को प्रतिबिंबित करने और यात्री सुविधाओं को बढ़ाने के लिए डिजाइन किया गया है। करणी माता मंदिर में आने वाले तीर्थयात्रियों और पर्यटकों की सेवा करने वाला देशनोक रेलवे स्टेशन मंदिर वास्तुकला, मेहराब और स्तंभ विषयवस्तु से प्रेरित है। तेलंगाना में बेगमपेट रेलवे स्टेशन काकतीय साम्राज्य की वास्तुकला से प्रेरित है। बिहार में थावे स्टेशन में 52 शक्तिपीठों में से एक मां थावेवाली का प्रतिनिधित्व करने वाले विभिन्न भित्ति चित्र और कलाकृतियां शामिल हैं और मधुबनी पेंटिंग को भी दर्शाया गया है। गुजरात का डाकोर स्टेशन रणछोड़राय जी महाराज से प्रेरित है। देशभर में पुनर्विकसित अमृत स्टेशनों में सांस्कृतिक विरासत के साथ आधुनिक बुनियादी ढांचे, दिव्यांगजनों के लिए यात्री-केंद्रित सुविधाओं और यात्रा के अनुभव को बेहतर करने के लिए टिकाऊ प्रथाओं को एकीकृत किया गया है। भारतीय रेलवे अपने नेटवर्क के 100 प्रतिशत विद्युतीकरण की ओर अग्रसर है, जिससे रेलवे संचालन अधिक कुशल और पर्यावरण अनुकूल बन रहा है। इसी क्रम में, प्रधानमंत्री चूरू-सादुलपुर रेल लाइन (58 किमी) की आधारशिला रखेंगे और सूरतगढ़-फलोदी (336 किमी), फुलेरा-डेगाना (109 किमी), उदयपुर-हिम्मतनगर (210 किमी), फलोदी-जैसलमेर (157 किमी) और समदड़ी-बाड़मेर (129 किमी) रेल लाइन विद्युतीकरण को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। राजस्थान में सड़क अवसंरचना को बढ़ावा देने के लिए पीएम मोदी तीन वाहन अंडरपास के निर्माण, राष्ट्रीय राजमार्गों के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण की आधारशिला रखेंगे। वह राजस्थान में सात सड़क परियोजनाओं को भी समर्पित करेंगे। 4,850 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाली ये सड़क परियोजनाएं माल और लोगों की सुगम आवाजाही की सुविधा प्रदान करेंगी। राजमार्ग भारत-पाक सीमा तक फैले हुए हैं, जो सुरक्षा बलों के लिए आवाजाही में सुगमता को बढ़ाते हैं और भारत के रक्षा अवसंरचना को मजबूत करते हैं। सभी के लिए बिजली तथा हरित और स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराने के विजन को आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री बीकानेर और नावा, डीडवाना, कुचामन में सौर परियोजनाओं सहित बिजली परियोजनाओं और पार्ट-बी पावर ग्रिड सिरोही ट्रांसमिशन लिमिटेड और पार्ट-ई पावर ग्रिड मेवाड़ ट्रांसमिशन लिमिटेड के विद्युत निकासी के लिए पारेषण प्रणालियों की आधारशिला रखेंगे। वह बीकानेर में सौर परियोजना, पावर ग्रिड नीमच और बीकानेर परिसर से निकासी के लिए पारेषण प्रणाली, फतेहगढ़-II पावर स्टेशन में परिवर्तन क्षमता के विस्तार सहित बिजली परियोजनाओं का भी उद्घाटन करेंगे, जो स्वच्छ ऊर्जा प्रदान करेंगे और कार्बन उत्सर्जन को कम करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी राजस्थान में बुनियादी ढांचे, कनेक्टिविटी, बिजली आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवाओं और पानी की उपलब्धता को बढ़ाने के लिए राजस्थान में राज्य सरकार की 25 महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन कर राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इनमें 3,240 करोड़ रुपए से अधिक की लागत के 750 किलोमीटर से अधिक लंबाई के 12 राज्य राजमार्गों के उन्नयन और रखरखाव के लिए परियोजनाओं का शिलान्यास और राष्ट्र को समर्पित करना शामिल है। इसमें अतिरिक्त 900 किलोमीटर नए राजमार्ग भी शामिल हैं। प्रधानमंत्री बीकानेर और उदयपुर में बिजली परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। वह राजसमंद, प्रतापगढ़, भीलवाड़ा, धौलपुर में नर्सिंग कॉलेजों का भी उद्घाटन करेंगे, जो राज्य में स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। वह झुंझुनूं जिले में ग्रामीण जलापूर्ति और फ्लोरोसिस शमन परियोजना, अमृत 2.0 के तहत पाली जिले के 7 शहरों में शहरी जलापूर्ति योजनाओं के पुनर्गठन सहित क्षेत्र में विभिन्न जल बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का शिलान्यास और राष्ट्र को समर्पित करेंगे। recent visitors 68

विजन 2047 की दिशा में मध्यप्रदेश का निर्णायक कदम, जिला विकास योजनाओं को मिलेगा डाटा का आधार

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में आत्मनिर्भर जिला विकसित मध्य प्रदेश के संकल्प को अब मूर्त-रूप देते हुए जिला घरेलू उत्पाद रिपोर्ट तैयार की गई है। यह रिपोर्ट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस सोच को साकार करने की दिशा में ठोस पहल है जिसके अनुसार विकसित भारत का संकल्प देश के हर जिले में लिया जाएगा। यह पहल पूरे देश में अभिनव है। योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग द्वारा आज भोपाल में अटल बिहारी वाजपेई सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान में जिला घरेलू उत्पाद रिपोर्ट 2022-23 का विमोचन किया गया। अपर मुख्य सचिव संजय कुमार शुक्ला ने कहा कि डाटा आधारित नीति निर्माण के लिए जिला स्तर पर आर्थिक आंकड़ों का यह प्रयास अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने इसे मध्यप्रदेश के विजन 2047 की दिशा में एक निर्णायक कदम बताया। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य जिलों को आर्थिक विकास की धुरी बनाते हुए बॉटम अप दृष्टिकोण को प्रोत्साहित करना है। यह रिपोर्ट राज्य के सभी जिलों की आर्थिक गतिविधियों का विश्लेषण प्रस्तुत करती है जो न केवल नीति निर्माण को डाटा आधारित बनाएगा साथ ही राज्य के विजन 2047 को जमीन पर भी उतारेगा। रिपोर्ट के अनुसार 2022-23 में इंदौर, भोपाल, जबलपुर और उज्जैन जैसे जिलों ने राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में सर्वाधिक योगदान दिया है। प्रति व्यक्ति आय के आंकड़ों में भी यही जिले शीर्ष पर रहे हैं। प्राथमिक क्षेत्र यानी कृषि वानिकी, पशुपालन, मछली पालन में राज्य का जीव्हीए में 45% का योगदान है जबकि द्वितीय क्षेत्र निर्माण और विनिर्माण तथा तृतीय क्षेत्र सेवाएं, व्यापार वित्त में क्रमशः 19% और 36% का योगदान दर्ज किया गया है। छिंदवाड़ा, धार, बालाघाट इंदौर और भोपाल जैसे जिलों ने विभिन्न क्षेत्रों में अग्रणी प्रदर्शन किया है। इससे पहले इंडिया फाउंडेशन और मध्यप्रदेश योजना एवं सांख्यिकी विभाग तथा राज्य नीति आयोग के बीच दो औपचारिक समझौते पर हस्ताक्षर हुए। यह साझेदारी भविष्य में डाटा इन्नोवेशन हब और रिसर्च एनालिसिस यूनिट की स्थापना की दिशा में एक ठोस पहल होगी जिससे नीति निर्माण की प्रक्रिया अधिक सशक्त, स्थानीयकृत और विश्लेषणात्मक हो सकेगी। पूर्व उपाध्यक्ष नीति आयोग एवं पहले इंडिया फाउंडेशन के अध्यक्ष राजीव कुमार, अपर मुख्य सचिव संजय कुमार शुक्ला, राज्य सांख्यिकी आयोग के अध्यक्ष प्रवीण श्रीवास्तव एवं वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि राजीव कुमार की कार्यक्रम के पहले मुख्य सचिव के साथ औपचारिक मुलाकात और चर्चा हुई। इंडिया फाउंडेशन के सहयोग से राज्‍य नीति आयोग ने एम एण्ड ई की स्थापना तथा संरचनात्मक सुधार पर सहयोग की चर्चा हुई। अपर मुख्य सचिव संजय कुमार शुक्ला ने डीडीपी रिपोर्ट की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। आयुक्त आर्थिक एवं सांख्यिकी ऋषि गर्ग ने स्वागत भाषण दिया। संयुक्त संचालक आर्थिक एवं सांख्यिकी विश्वजीत रैकवार ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। कार्यक्रम में सभी जिलों से अनुरोध किया गया कि वह इस रिपोर्ट को अपनी विकास योजनाओ का आधार बनाएं और राज्य को आत्मनिर्भर और समावेशी अर्थव्यवस्था की ओर ले जाए।   recent visitors 50

भोपाल में लड़कियों को मतांतरण के लिए मजबूर किया गया, NCW की रिपोर्ट में चौंका देने वाले खुलासे

भोपाल भोपाल में हिंदू लड़कियों को लव जिहाद का शिकार बनाकर उनसे दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग के बहुचर्चित मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग की जांच में बड़ा राजफाश हुआ है।मध्यप्रदेश के भोपाल में कॉलेज में पढ़ने वाली हिंदू छात्राओं से रेप और ब्लैकमेलिंग केस में NCW यानी नेशनल कमीशन फॉर वूमेन की जांच समिति ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. इस मामले में महिला आयोग की फैक्ट फाइंडिंग कमेटी का कहना है कि आरोपियों ने छात्राओं को महंगे गिफ्ट और लग्जरी गाड़ियों का लालच देकर फंसाया था. पीड़ित लड़कियों को मतांतरण के लिए मजबूर किया गया भोपाल में तीन से पांच मई के बीच आए आयोग के जांच दल ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि पीड़ित लड़कियों को मतांतरण के लिए मजबूर किया जाता था। इस अपराध के पीछे बड़े संगठित नेटवर्क की आशंका व्यक्त करते हुए आयोग ने कहा है कि आरोपितों ने छात्राओं को महंगे उपहार, वस्त्र और मोटर साइकिलों के माध्यम से आकर्षित कर प्रेमजाल में फंसाया। आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो बनाए उन्हें नशीला पदार्थ खिलाकर उनकी आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो बनाए। इनके माध्यम से ब्लैकमेल किया। आयोग ने राज्य सरकार से इस संबंध में गहन जांच कराने की सिफारिश की है। बता दें कि मामले को स्वत: संज्ञान लेते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने तीन सदस्यीय जांच दल गठित किया था। इस प्रकरण में अभी तक छह पीड़ित लड़कियां सामने आ चुकी हैं, इनमें दो सगी बहनें हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, आरोपियों ने पीड़ित छात्राओं पर दबाव डाला कि वे अपनी परिचित अन्य लड़कियों को भी उनसे दोस्ती करने के लिए लाएं, अन्यथा वीडियो को वायरल कर दिया जाएगा. मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्षा विजया रहाटकर ने एक तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की. इस समिति ने बीती 3 मई से 5 मई तक भोपाल में पीड़ित छात्राओं, उनके परिजनों, पुलिस अधिकारियों और शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर जांच की. समिति ने उन स्थानों का भी दौरा किया जहां पीड़िताओं को नशीली दवाएं देकर उनके साथ अमानवीय कृत्य किए गए. जांच समिति में निर्मल कौर, आईपीएस (सेवानिवृत्त), पूर्व पुलिस महानिदेशक, झारखंड (अध्यक्ष),   निर्मला नायक, अधिवक्ता, उच्च न्यायालय, जबलपुर (सदस्य), और  आशुतोष पांडे, अवर सचिव, राष्ट्रीय महिला आयोग (सदस्य) शामिल थे. कमेटी के प्रमुख निष्कर्षों में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने छात्राओं को महंगे गिफ्ट, कपड़ों और घुमाने का लालच देकर प्रेमजाल में फंसाया. उन्हें नशीले पदार्थ देकर आपत्तिजनक तस्वीरें खींची गईं और ब्लैकमेल किया गया. पीड़िताएं मानसिक और सामाजिक दबाव में हैं, फिर भी उन्होंने साहस दिखाकर FIR दर्ज कराई. आरोपियों की सामान्य पारिवारिक स्थिति के बावजूद उनकी विलासितापूर्ण जीवनशैली ड्रग तस्करी जैसे संगठित अपराध की संभावना को दर्शाती है. कमेटी ने पाया कि आरोपियों ने पीड़िताओं पर धर्मांतरण के लिए दबाव डाला, जो एक साजिशपूर्ण नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है. कमेटी ने सुझाव दिया कि इसकी राज्यव्यापी जांच की जाए और यह पता लगाया जाए कि क्या आरोपियों को किसी संगठन से वित्तीय सहायता मिल रही थी. मुख्य आरोपित फरहान खान सहित पांच को पुलिस ने गिरफ्तार किया मुख्य आरोपित फरहान खान सहित पांच को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक फरार है। इसके बाद प्रदेश के अन्य जिलों में भी लव जिहाद के मामले सामने आए हैं। आयोग ने झारखंड की पूर्व डीजीपी निर्मल कौर के नेतृत्व में टीम बनाई थी। टीम ने पीड़ित छात्राओं, उनके स्वजन, संबंधित थाना क्षेत्रों के पुलिस अधिकारियों और शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर जांच की। समिति ने उन स्थानों का भी दौरा किया, जहां आरोपितों ने पीडि़ताओं को नशीली दवाएं खिलाकर उनके साथ गलत काम किया। राज्यव्यापी जांच के लिए आयोग ने कहा राष्ट्रीय महिला आयोग ने रिपोर्ट में कहा है कि आरोपितों का तरीका सुनियोजित है और गिरोह बनाकर अपराध किया गया। उनके द्वारा पीडि़त छात्राओं पर मतांतरण के लिए भी दबाव डाला जाता रहा। ऐसे मामलों का पता लगाने के लिए राज्यव्यापी जांच की जा सकती है। किसी संगठन द्वारा वित्त पोषित जा रहा? यह भी पता लगाया जा सकता है कि क्या इन्हें किसी संगठन द्वारा वित्त पोषित किया जाता है। आरोपितों की पारिवारिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं है परंतु उनकी जीवनशैली अत्यधिक विलासितापूर्ण है, जिस कारण ड्रग्स तस्करी जैसे संगठित अपराध की आशंकाओं की जांच की भी आवश्यकता दिखती है। वीडियो वायरल करने की दी धमकी आरोपियों ने लालच देकर छात्राओं को फंसाया. इसके बाद नशा देकर उनके साथ दुष्कर्म किया और अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया. इसके बाद आरोपियों ने पीड़िताओं को धमकाया भी कि वे दूसरी छात्राओं को इनके चंगुल में फंसाए, अगर ऐसा नहीं किया तो उनके वीडियो सोशल मीडिया पर डाल दिए जाएंगे. सीएम को सौंपी रिपोर्ट महिला आयोग का कहना है कि इस मामले में सिर्फ यौन अपराध ही नहीं, बल्कि जबरन धर्म परिवर्तन और संगठित आपराधिक नेटवर्क की भी भूमिका सामने आ रही है. जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट सीएम मोहन यादव और राज्यपाल मंगुभाई पटेल को सौंपी है. इसमें पीड़िताओं को न्याय दिलाने के लिए कठोर कार्रवाई की मांग की है. ॉ बड़े नेटवर्क की आशंका जांच समिति ने रिपोर्ट में कहा है कि कुछ मामलों में पीड़िताओं पर धर्म परिवर्तन का दबाव भी डाला गया है. इसके साथ ही यह भी पाया गया कि आरोपी सामान्य आर्थिक स्थिति से थे, लेकिन उनकी जीवन-शैली इशारा करती है कि उनके तार ड्रग तस्करी या फिर किसी बड़े आपराधिक नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं. बता दें कि NCW की टीम 3 से 5 मई तक भोपाल दौरे पर रही. टीम ने इस दौरान पीड़ित छात्राओं, उनके परिवारों, पुलिस अधिकारियों और कॉलेज प्रशासन से मुलाकात की थी. बाहरी फंडिंग की जांच की सिफारिश महिला आयोग ने यह भी सिफारिश की है कि राज्य सरकार इस पूरे मामले की गहराई से जांच कराए, जिसमें बाहरी फंडिंग, वैचारिक प्रभाव और प्राइवेट संस्थानों द्वारा सरकारी योजनाओं, जमीन और शिक्षा निधियों के दुरुपयोग की संभावना को भी शामिल किया जाए.   recent visitors 34

इंदौर में विरोधी देशों का व्यापार रुकेगा, देश के उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा

इंदौर  अंग्रेजों को सबक सिखाने के लिए महात्मा गांधी ने असहयोग आंदोलन के तहत 22 अगस्त 1921 को विदेशी वस्त्रों के बहिष्कार का आंदोलन चलाया था। उन्होंने विदेशी वस्त्रों की होली जलाई थी। अब एक बार फिर विदेशी वस्त्रों के बहिष्कार की एक मुहिम इंदौर में शुरू हुई है। इस बार निशाने पर चीन और बांग्लादेश हैं। इंदौर रेडीमेड गारमेंट व्यापारी एसोसिएशन ने चीन और बांग्लादेश के कपड़ों के बहिष्कार का निर्णय लिया है। नियम बनाकर एसोसिएशन के व्यापारी सदस्यों पर लागू भी कर दिया है। एसोसिएशन के सदस्य व्यापारी यदि चीन या बांग्लादेश निर्मित वस्त्र व एसेसरीज बेचते पाए गए तो उन पर भारी जुर्माना भी लगा दिया जाएगा। दोनों देशों के कपड़ों के बहिष्कार का निर्णय  इंदौर रिटेल रेडीमेड गारमेंट व्यापारी एसोसिएशन की बैठक में यह निर्णय लिया गया। बीते दिनों पाकिस्तान से हुए संघर्ष में चीन का दुश्मन देश की मदद करना और बांग्लादेश में बढ़ी भारत विरोधी भावना व्यापारियों के इस निर्णय का कारण बनी है। दोनों देशों के वस्त्रों के बहिष्कार के निर्णय को तुरंत लागू कर दिया गया है। एसोसिएशन के सदस्य व्यापारियों को सूचना दी गई है कि जो इन देशों में निर्मित, आयातित वस्त्र या एसेसरीज बेचता पाया जाएगा, उस पर एक लाख 11 हजार रुपये का जुर्माना एसोसिएशन लगाएगा। इस निर्णय का असर सबसे पहले राजवाड़ा और मध्य क्षेत्र के पुराने परंपरागत बाजार में नजर आएगा। अन्य एसोसिएशनों को लिखेंगे पत्र इंदौर रिटेल रेडीमेड गारमेंट शहर के अन्य बाजारों के वस्त्र व्यापारी व संगठनों को भी बुधवार से पत्र लिखना शुरू करेगा। एसोसिएशन के अनुसार मध्य क्षेत्र में प्रतिबंध लागू होने के बाद अन्य व्यापारियों से अपील की जाएगी कि वे भी दोनों देशों में निर्मित कपड़ों को न बेचें। व्यापारी एसोसिएशन के अनुसार इससे दुश्मन देशों का व्यापार तो प्रभावित होगा ही, दूसरा लाभ यह कि भारतीय वस्त्र उद्योग को प्रोत्साहन मिलेगा। 50 अन्य एसोसिएशनों को लिखेंगे पत्र चीन और बांग्लादेश में निर्मित गारमेंट का शहर के रिटेल काउंटरों खासतौर पर मध्य क्षेत्र के काउंटरों से ही सालाना करीब 50 करोड़ का कारोबार होता है। यह कहना है इंदौर रिटेल रेडीमेड गारमेंट व्यापारी एसोसिएशन के अध्यक्ष अक्षय जैन का। इसमें 70 प्रतिशत हिस्सेदारी महिला वस्त्रों, 30 प्रतिशत पुरुष वस्त्रों की और शेष किड्स गारमेंट व अन्य सामग्री होती है। जैन कहते हैं बड़े व्यापारी कारोबार बंद करेंगे तो सीधे आयातकों पर असर होगा और इन देशों से आने वाले वस्त्रों पर लगाम लगेगी। वस्त्रों से जुड़ी एसेसरीज क्लिप, बेल्ट, टैग आदि भी इन देशों में बनी हुई न हो, इसका परहेज भी किया जाएगा। इसका अभियान शुरू किया है। recent visitors 29