छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में 30 नक्सली ढेर, सुरक्षा बलों के साथ जारी है मुठभेड़

बीजापुर  छत्तीसगढ़ के बीजापुर इलाके में बड़ा एनकाउंटर हो रहा है. अबूझमाड़ में डीआरजी के जवान लगातार ऑपरेशन चल रहा है. एनकाउंटर में अब तक 31 नक्सलियों के मारे जाने की खबर है. बताया जा रहा है कि मारे गए नक्सलियों की संख्या और बढ़ सकती है. नारायणपुर, बीजापुर और दंतेवाड़ा डीआरजी के जवानों से नक्सलियों की मुठभेड़ जारी है. माड़ के इलाके में सुबह से फायरिंग हो रही है. बताया ज रहा है कि DRG के जवानों ने बड़े नक्सली लीडर्स को घेर लिया है. मिली जानकारी के मुताबिक मुठभेड़ में नक्सल संगठन के जनरल सेक्रेटरी वसवा राजू के मारे जाने की भी खबर सामने आ रही है. वसवा राजू काफी उम्रदराज नक्सली लीडर है. ये दंडकारण्य में नक्सल संगठन की बुनियाद रखने वालों में से एक है. पिछले कई सालों से माड़ में पनाह लिया हुआ था. इस पर इंटरस्टेट 1 करोड़ का इनाम है. बताया जा रहा है कि नक्सलियों के सबसे गोपनीय ठिकाने पर जवानों ने अटैक किया है. माना जा रहा है कि अगर वसवा मारा जाता है तो जवानों की नक्सलियों पर अब तक की सबसे बड़ी फतह होगी. बताया जा रहा है इस मुठभेड़ में एक जवान भी शहीद हो गया है। मुठभेड़ अबूझमाड़ के जाटलूर इलाके में चल रही है। अभी मुठभेड़ की शुरुआती जानकारी ही सामने आई है। सुरक्षाबलों को इसमें बड़ी सफलता मिल सकती है। नारायणपुर एसपी प्रभात कुमार के मुताबिक माओवादियों के के माड़ डिवीजन के बड़े कैडर की सूचना मिलने पर डीआरजी नारायणपुर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और कोंडागांव का अबूझमाड़ में ऑपरेशन चलाया है। बुधवार सुबह से मुठभेड़ जारी है। फिलहाल घटना की जांच जारी है बीजापुर में 5 नक्सली मारे गए वहीं इससे कुछ दिन पहले छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर बीजापुर जिले के कर्रेगुट्टा के जंगल में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में 5 नक्सली मारे गए थे। सुरक्षा बलों ने सबसे बड़ा नक्सल विरोधी अभियान शुरू किया था।तलाशी अभियान और मुठभेड़ जारी है। पुलिस अधिकारियों ने ये जानकारी दी है। तेलंगाना, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ इन तीनों राज्यों के हजारों की संख्या में जवान ऑपरेशन पर हैं। इससे पूर्व छत्तीसगढ़ में 20 मार्च गुरुवार की दोपहर तक 30 नक्सली ढेर हुए हैं। इनमें बीजापुर जिले के गंगालुर थाना क्षेत्र में पुलिस नक्सल मुठभेड़ में 26  और कांकेर सीमा पर हुई मुठभेड़ में 4 नक्सली मारे गये हैं। दो अलग-अलग मुठभेड़ में कुल 30  नक्सली मारे जा चुके हैं। मारे गए सभी नक्सलियों के शव बरामद कर लिए गए हैं। मौके से हथियार और गोला-बारूद बरामद हुए हैं। इससे पहले 9 फरवरी 2025 को छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र बॉर्डर पर बीजापुर जिले के इंद्रावती नेशनल पार्क इलाके में 31 नक्सली ढेर हुए थे। विज्ञापन छत्तीसगढ़ में इस साल अब तक 71 नक्सली मारे जा चुके हैं। साल 2024 में अलग-अलग एनकाउंटर में जवानों ने करीब 300 नक्सलियों को मार गिराया है। वहीं 290 ने हथियार जब्त किये गये हैं। साल 2025 में हुई नक्सली मुठभेड़-     5 जनवरी 2025 को अबूझमाड़ के जंगल में एक महिला नक्सली समेत पांच नक्सली ढेर।     12 जनवरी 2025 को बीजापुर के मद्देड़ इलाके में एनकाउंटर में दो महिला समेत पांच नक्सली मारे गये थे।     16 जनवरी 2025 को बीजापुर जिले के उसूर ब्लॉक के पुजारी कांकेर और मारुड़बाका के जंगल में गुरुवार को सुरक्षाकर्मियों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। इसमें फोर्स ने 18 नक्सलियों को मार गिराया था।     21 जनवरी 2025 को गरियांबद जिले में 14 नक्सली मारे गये थे।     2 फरवरी 2025 को बीजापुर जिले के गंगालुर थाना क्षेत्र के तोड़का जंगल में मुठभेड़ में जवानों ने आठ नक्सलियों को मार गिराया था।     9 फरवरी 2025 को छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र बॉर्डर पर बीजापुर जिले के इंद्रावती नेशनल पार्क इलाके में 31 नक्सली ढेर।     20 मार्च को बीजापुर में पुलिस नक्सल मुठभेड़ में 26 और कांकेर मुठभेड़ में 4 नक्सली मारे गये हैं। इस तरह 20 मार्च को कुल 30 नक्सली मारे गये।   साल 2024 के नक्सली मुठभेड़- 16 अप्रैल 2024 को कांकेर में पुलिस नक्सली मुठभेड़ में 33 नक्सली मारे गये थे। यह साल 2024 की देश की सबसे बड़ी नक्सली मुठभेड़ थी, जिससे नक्सली डर के भय से कांप उठे थे। 30 अप्रैल को 9 घंटे तक चली मुठभेड़ जवानों ने 10 नक्सलियों को मार गिराया था। बूझमाड़ के टेकामेटा के जंगलों में डीआरजी और एसटीएफ के जवानों का सामना नक्सलियों से हुआ था। मारे गए नक्सलियों में 3 महिला और 7 पुरुष माओवादी शामिल थे। प्राथमिक तौर पर मुठभेड़ में मारे गये माओवादियों में से 2 की शिनाख्तगी डीवीसीएम जोगन्ना और डीवीसीएम विनय उर्फ अशोक के रूप में हुई थी। इस साल बस्तर रेंज में 141 माओवादी ढेर हो चुके हैं। पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज सुन्दरराज पी ने बताया कि वर्ष 2024 में अब तक प्रतिबंधित एवं गैर कानूनी सीपीआई नक्सली संगठन के विरूद्ध चले अभियानों में बस्तर रेंज के तहत कुल 141 नक्सलियों के शव बरामद करने के साथ ही अत्याधुनिक हथियारों में दो एलएमजी, चार एके-47- 04, एक एसएलआर, तीन इंसास, चार  303 रायफल और चार 9एमएम पिस्टल सहित बड़ी संख्या में अन्य विस्फोटक सामग्री बरामद हुई हैं। 27 मार्च 2024 को नक्सल डिप्टी कमांडर समेत 6 नक्सलियों का किया एनकाउंटर 27 मार्च को छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के चिपुरभट्टी-पुसबाका के पास वन क्षेत्र में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ जवानों ने एक नक्सली डिप्टी कमांडर समेत छह नक्सलियों को मार गिराया था। घटना स्थल से नक्सलियों के शव समेत हथियार बरामद हुए थे। मारे गए नक्सलियों में एक महिला नक्सली भी शामिल थी। मामला बासागुड़ा थाने क्षेत्र का था। 2 अप्रैल 2024 को 13 नक्सली ढेर दो अप्रैल को बीजापुर के गंगालूर थाना क्षेत्र के कोरचोली और लेंड्रा के जंगल में हुई जबरदस्त मुठभेड़ में पुलिस ने तीन महिला नक्सली समेत 13 नक्सलियों को मार गिराया था। घटनास्थल से पुलिस ने कई अत्याधुनिक हथियार बरामद किये थे। इनमें 1 नग 7.62 एलएमजी -58 राउंड, 1 नग 303 रायफल -39 राउंड, 12 बोर सिंगल शॉट 1 नग, बीजीएल लांचर 3 नग – 17 सेल, एयर गन 2 नग, विस्फोटक – हेंड ग्रेनेड 1, यूबीजीएल सेल 1, टिफिन बम 7 नग, जिलेटिन स्टीक कार्डेक्स वायर, सेफ्टी फ्यूज, डेटोनेटर, इलेक्ट्रिक वायर, उपकरण -लेपटॉप, डीव्हीडी … Read more

विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए टीम वर्क के साथ करें काम:मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर : हमारी सरकार की योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंच रहा: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय हमारी सरकार की योजनाओं का लाभ कलेक्टरों को राजस्व न्यायालयों का नियमित संचालन करने के निर्देश विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए टीम वर्क के साथ करें काम मुख्यमंत्री ने तीन जिलों के अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आम लोगों की राजस्व संबंधी समस्याओं के तेजी से निराकरण करने के निर्देश कलेक्टरों को दिए हैं। मुख्यमंत्री ने राजस्व मामलों के निराकरण के लिए कलेक्टरों को नियमित रूप से राजस्व न्यायालयों का संचालन करने और इसके लिए दिन भी निर्धारित करने को कहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार का जायजा लेने के लिए अब तक 19 जिलों का औचक निरीक्षक और समाधान शिविर में शामिल हो चुके हैं। जनता से मिले फीडबैक से इस बात का गर्व है कि हमारी सरकार की योजनाओं और कार्यक्रमों का लाभ उन लोगों तक पहुंच रहा है, जिनके लिए सरकार ने योजनाएं बनाई है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए टीम वर्क के साथ काम करना ही हमारी प्रतिबद्धता होनी चाहिए। मुख्यमंत्री आज दुर्ग जिले में आकस्मिक निरीक्षण, समाधान शिविर में शामिल होने के बाद दुर्ग जिला मुख्यालय में कवर्धा, बेमेतरा और दुर्ग जिले के अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी ने सुशासन तिहार में सक्रिय भागीदारी और परिश्रम से अच्छा कार्य किया है। आप सभी ने संकल्प लेकर नागरिकों की समस्याओं के समाधान हेतु कार्य किया है, यह अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि आम जनता की समस्याओं और शिकायतों के समाधान का प्रतिशत बेहतर है, जिससे यह स्पष्ट है कि हम सुशासन और आम जनता की बेहतरी के लिए काम कर रहे हैं। पिछले डेढ़ वर्ष में हमने अनेक अच्छे कार्य किए हैं, जिसका अच्छा फीडबैक जनता से मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी समस्त योजनाएं आमजनता को केंद्र में रखकर बनाई गई हैं। साय ने कहा कि जनहित में किए गए अच्छे कार्यों की हमेशा प्रशंसा होती है और जो अधिकारी अच्छा कार्य करेंगे उन्हें हम पुरस्कृत भी करेंगे। वहीं यदि योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही पाई गई, तो संबंधित अधिकारियों पर जवाबदेही तय कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि जहां कहीं भी पेयजल की समस्या हो, इसको दूर करने का पुख्ता प्रबंध किया जाए। उन्होंने बरसात की मौसमी बीमारियों को ध्यान में रखते हुए अभी से तैयारी करने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण हेतु किसानों को फसल चक्र अपनाने के लिए प्रेरित किया जाए तथा कम पानी वाली फसलों जैसे दलहन एवं तिलहन की खेती को बढ़ावा देने विशेष रूप से प्रयास हो। साय ने कहा कि राजस्व से जुड़े लंबित मामलों के शीघ्र समाधान के लिए शिविरों का आयोजन आगे भी नियमित रूप से किया जाए।  मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों के आधार कार्ड और ई-केवाईसी के कारण होने वाली दिक्कतों को भी तेजी से दूर किया जाए। उन्होंने कहा कि अविवादित नामांतरण के प्रकरण तेजी से निपटाएं और प्राकृतिक आपदा से पीड़ित लोगों को तत्काल राहत दें। उन्होंने बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना की विस्तार से समीक्षा की और सुशासन तिहार के अंतर्गत आवास के संबंध में प्राप्त आवेदनों के निराकरण के संबंध में दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों से अंतर विभागीय  समन्वय स्थापित कर निर्माणाधीन सड़कों और शासकीय भवनों लंबित निर्माण कार्यों को समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में स्वामित्व योजना की भी समीक्षा की गई। साथ ही राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत आय सृजन गतिविधियों और ड्रोन दीदियों के प्रशिक्षण की व्यवस्थाओं पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्रोन दीदियों के प्रशिक्षण की पुख्ता व्यवस्था की जाए ताकि महिलाएं तकनीक से जुड़कर आत्मनिर्भर बन सकें। मुख्यमंत्री कहा कि बड़ी संख्या में प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत होने से महिलाओं के लिए रोजगार के रास्ते खुले है। कंस्ट्रक्शन के लिए सेटरिंग प्लेट को किराए में देकर समूह की महिलाएं अच्छी आय प्राप्त कर रही है। उन्होंने कहा कि हमें महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए ऐसी सभी संभावनाओं पर लगातार काम करना है। बैठक में आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत कार्ड वितरण की प्रगति, संस्थागत प्रसव की स्थिति, स्किल्ड बर्थ अटेंडेंट्स की तैनाती, और सिकलसेल स्क्रीनिंग की वर्तमान स्थिति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार और ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा तालाबों और छोटे जल स्रोतों के इनलेट मार्ग अवरुद्ध न हों, ताकि वर्षा जल का संचयन सुचारु रूप से हो सके और भूजल स्तर बना रहे। मुख्यमंत्री ने भारतीय न्याय संहिता के कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए ताकि न्याय की संकल्पना पूर्ण रूप से साकार हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि नए कानूनों में जो तकनीक आधारित प्रावधान शामिल किए गए हैं, उनका समुचित और पूर्ण उपयोग सुनिश्चित किया जाए, जिससे न्याय प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, त्वरित और प्रभावी हो। उन्होंने कहा कि नशे के कारण अपराध में वृद्धि हो रही है, इसके खिलाफ लगातार कड़े कदम उठाएं। शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर उन्होंने कड़ी कार्रवाई के भी निर्देश अधिकारियों को दिए। साय ने कहा कि सभी किरायेदार की सूचना पुलिस के पास हो और मकान मालिकों को इसके लिए विशेष निर्देश दिए जाए। यदि मकान मालिक जानकारी नहीं देंगे तो उन पर कार्यवाही की जाएगी। मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों को विलेज लेवल रजिस्टर को अनिवार्य रूप से मेंटेन करने के निर्देश दिए ताकि अधिकारियों के स्थानांतरण होने पर नए अधिकारियों को भी आपराधिक गतिविधियों और संदिग्धों की जानकारी प्राप्त हो सके। बैठक में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, विधायक सर्व डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, ललित चंद्राकर, गजेन्द्र यादव, रिकेश सेन एवं ईश्वर साहू, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी दयानंद, संभागायुक्त एस. एन राठौर, आईजी आर जी गर्ग, तीनों जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। recent visitors 65

वर्षा जल का संचय और संरक्षण भू-जल स्रोतों को रिचार्ज करने में बेहद अहम – उप मुख्यमंत्री अरुण साव

जल संवर्धन की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा भू-जल संवर्धन मिशन – विष्णु देव साय मुख्यमंत्री ने भू-जल संवर्धन मिशन का किया शुभारंभ, भू-जल और वर्षा जल संरक्षण पर शहरों में होंगे प्रभावी काम हाइड्रोलॉजिस्ट्स, कॉलोनाइजर्स, उद्योग समूह, राज्य शासन के विभिन्न विभागों और विशेषज्ञों ने जल संरक्षण पर किया मंथन वर्षा जल का संचय और संरक्षण भू-जल स्रोतों को रिचार्ज करने में बेहद अहम – उप मुख्यमंत्री अरुण साव रायपुर   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज पंडित दीनदयाल उपाध्याय भू-जल संवर्धन मिशन (शहरी) का शुभारंभ किया। इसके तहत प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में भू-जल और वर्षा जल के संरक्षण-संवर्धन के लिए मिशन मोड पर काम किए जाएंगे। मुख्यमंत्री साय ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित शुभारंभ कार्यक्रम में मिशन के ब्रोशर का विमोचन और इस पर तैयार वीडियो भी लॉन्च किया। उन्होंने राज्य के नौ नगरीय निकायों में सेवाकाल के दौरान दिवंगत 18 कर्मचारियों के परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति पत्र भी सौंपा। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव, जल संसाधन तथा रायपुर जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप, विधायकगण सर्वराजेश मूणत, सुनील सोनी, मोती लाल साहू, पुरन्दर मिश्रा, गुरू खुशवंत साहेब, इन्द्र कुमार साहू, रायपुर नगर निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे और वाटरमैन के नाम से मशहूर राजेन्द्र सिंह भी विशिष्ट अतिथि के रूप में शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल हुए। भू-जल संवर्धन मिशन के शुभारंभ के मौके पर आयोजित कार्यशाला में हाइड्रोलॉजिस्ट्स, कॉलोनाइजर्स, उद्योग समूह, वन विभाग, लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग तथा जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने जल संरक्षण, इसके उपायों और परिणामों पर मंथन किया। उप मुख्यमंत्री अरुण साव और भारत के वाटरमैन के नाम से प्रसिद्ध राजेन्द्र सिंह ने भी कार्यशाला में अपने विचार रखे तथा प्रतिभागियों के सवालों के जवाब भी दिए। गुजरात के सूरत म्युनिसिपल कार्पोरेशन की टीम ने वहां वर्षा जल के संचय और भू-जल रिचार्ज के लिए किए जा रहे कार्यों को साझा किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय भू-जल संवर्धन मिशन (शहरी) के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि जल के बिना जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती। जल की पर्याप्त उपलब्धता की चिंता करते हुए नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा इस महत्वाकांक्षी मिशन की शुरूआत की जा रही है। इसके लिए मैं उप मुख्यमंत्री अरुण साव और नगरीय प्रशासन विभाग को धन्यवाद देता हूं। उन्होंने उम्मीद जताई कि वर्षा जल और भू-जल के संरक्षण व संवर्धन में यह मिशन मील का पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में जल संरक्षण के लिए कई उपाय किए जा रहे हैं। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा ग्रामीणों की सहभागिता से ‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दोनों अभियानों का मकसद एक है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर जल संरक्षण के लिए पूरे देश में अमृत सरोवरों के रूप में नए तालाबों का निर्माण और पुराने तालाबों का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। आज मिशन के शुभारंभ के मौके पर चार घंटों तक विशेषज्ञों ने इसके प्रभावी क्रियान्वयन पर संवाद किया है। साय ने कहा कि जल को लेकर यदि हम अभी सचेत और सावधान नहीं होंगे तो आने वाला समय मुश्किल होगा। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने शुभारंभ कार्यक्रम में कहा कि वर्षा जल के संचय, संरक्षण और भू-जल को रिचार्ज करने के उपायों पर विशेषज्ञों ने अभी चार घंटे तक चर्चा की है। वाटरमैन राजेन्द्र सिंह और सूरत नगर निगम के विशेषज्ञों का मार्गदर्शन भी प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि इस संवाद के दौरान जल के संरक्षण और संवर्धन के कार्यों को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने और राज्य में वर्षा के पैटर्न के अनुरूप फसल चक्र अपनाने की बातें प्रमुखता से आई हैं। साव ने कहा कि आने वाले समय में शहरों में पेयजल और अन्य जरूरतों के लिए पानी की व्यवस्था की चुनौतियों को देखते हुए नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा इस मिशन को प्रारंभ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में पर्याप्त बारिश होती है। इसके सावधानीपूर्वक संचय और संवर्धन से हम पानी की दिक्कतों को दूर कर सकते हैं। जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप ने भू-जल संवर्धन मिशन के शुभारंभ पर खुशी जताते हुए कार्यक्रम में कहा कि इस मिशन के तहत अनुकरणीय काम होंगे, ऐसी उन्हें उम्मीद है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जनभागीदारी से जल संचय करने में छत्तीसगढ़ को पूरे देश में प्रथम स्थान मिला है। जल के महत्व को देखते हुए इसके स्रोतों के पुनर्भरण और रिचार्ज करने के लिए गंभीरता से काम करने की जरूरत है। जल संसाधन विभाग भी इस पर गंभीरता से काम कर रहा है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस., संचालक आर. एक्का और राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के सीईओ शशांक पाण्डेय सहित सभी नगर निगमों के महापौर, सभापति और आयुक्त, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के अध्यक्ष एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नगरीय निकायों के अभियंता, जल विशेषज्ञ, समाजसेवी, स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधि, नगरीय प्रशासन विभाग और सुडा के अधिकारी बड़ी संख्या में शुभारंभ कार्यक्रम में मौजूद थे। recent visitors 57

भारत ने एक हजार साल की गुलामी देखी , इससे हमारी संस्कृति, परम्पराओं और शिक्षा पद्धति को क्षति हुई : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जिस तरह ईश्वर को पाने के लिए कठिन मार्ग से गुजरना होता है। उसी तरह पत्रकारिता का भी क्षेत्र है। इसमें विचारों की अभिव्यक्ति सहजता से होना चाहिए और देश सेवा की भावना निहित होना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर में निजी समाचार समूह द्वारा ‘नए भारत में स्वतंत्र पत्रकारिता की भूमिका, चुनौती और संभावना’ विषय पर आयोजित कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार, प्रदेश शासन के जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, वरिष्ठ पत्रकार और लेखक गुलाब कोठारी, क्रिकेटर अमय खुरासिया, शिक्षाविद सुधरा पांडे एवं जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे देश ने एक हजार साल की गुलामी देखी है। इससे हमारी संस्कृति, परम्पराओं और शिक्षा पद्धति को क्षति पहुंची है। हमारी संस्कृति दुनिया में सबसे अलग है। इस संस्कृति को बचाए रखने के लिए जड़ों से जुड़कर काम करने की आवश्यकता है। नए भारत में स्वतंत्र पत्रकारिता के लिए हमारे आचार-विचार और शैली में नैतिकता के साथ व्यक्ति का मन भी पवित्र होना चाहिये। पत्रकारिता, समाज सेवा, व्यापार आदि में देश सेवा की भावना होना चाहिए। स्वतंत्र पत्रकारिता के लिए जड़ों से जुड़कर कार्य करने और अपनी विश्वसनीयता बनाए रखने की आवश्यकता है।   recent visitors 31

प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी-2.0 सबके लिये आवास मिशन शुरू, वर्ष 2029 तक बनेंगे 10 लाख आवास

भोपाल प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी-2.0 सबके लिये आवास मिशन शुरू किया जा चुका है। यह मिशन वर्ष 2029 तक 5 वर्ष की अवधि के लिये क्रियान्वित किया जायेगा। देश भर में एक करोड़ और मध्यप्रदेश में 10 लाख नवीन आवासों के निर्माण का कार्यक्रम तैयार किया गया है। योजना का उद्देश्य सभी पात्र शहरी गरीब एवं आवासहीन परिवारों को सुरक्षित स्थायी और किफायती आवास उपलब्ध कराना है। प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी-1.0 (पीएमएवाई) में अब तक 8 लाख 50 हजार आवासों का कार्य पूरा किया जा चुका है। इस पर अब तक 22 हजार 975 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जा चुकी है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अधिकारियों को पीएमएवाई-यू-2.0 के लक्ष्य को समय-सीमा में हासिल करने के लिये निर्देश जारी किये गये हैं। आवास योजना में लाभार्थी को 4 घटकों में दी जायेगी मदद प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी-2.0 में पात्र लाभार्थी को 4 प्रमुख घटकों के माध्यम से लाभ दिया जायेगा। योजना के अंतर्गत आवेदन प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया गया है। इच्छुक हितग्राही आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा विकसित यूनिफाइड वेब पोर्टल (https://pmay-urban.gov.in/) के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिये हितग्राही अपने संबंधित नगरीय निकाय कार्यालय में भी सम्पर्क कर सकते हैं। केन्द्र और राज्य सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र परिवार आवास के अभाव में न रहे। स्पेशल फोकस ग्रुप पीएमएवाई-यू-2.0 विभिन्न वर्गों के लिये समानता सुनिश्चित करता है, जिसमें कल्याणी, अकेली महिलाएँ, दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिक, ट्रांसजेंडर, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यक और अन्य कमजोर वंचित वर्गों की आवास आवश्यकता को ध्यान में रखा गया है। इस योजना में विशेष रूप से सफाईकर्मियों, पीएम स्वनिधि योजना के तहत चिन्हित स्ट्रीट वेण्डर्स, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत विभिन्न कारीगरों, आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिकों, झुग्गी-बस्तियों और चालों के निवासियों और अन्य पात्र समूहों को प्राथमिकता दी जायेगी।   recent visitors 34

पीएम आवास योजना में अब 75,000 सैलरी वालों को भी सरकार से सब्सिडी, शहरों में बन रहे एक करोड़ नए घर

भोपाल शहरों में रहने वालों के लिए अच्छी खबर है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के बाद अब केंद्र सरकार ने पीएम आवास योजना-शहरी (PMAY-U) की डेडलाइन भी बढ़ा दी है। केंद्र सरकार ने एक करोड़ नए घरों के लिए आवेदन लेने शुरू कर दिए हैं। केंद्र सरकार ने इस योजना को 31 मार्च, 2022 तक रखा था। PMAYU 2.0 के तहत सरकार का लक्ष्य शहरों में रहने वाले ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंद लोगों को पक्का घर मुहैया कराना है। खास बात यह है कि इस योजना का लाभ गरीब मजदूर से लेकर मध्यम वर्ग के लोगों तक मिलेगा। मध्यम वर्ग के लोग अगर पहला घर खरीदते हैं तो पीएम आवास योजना शहरी 2.0 के तहत होम लोन के ब्याज में सरकार की ओर से सब्सिडी मिलती है। केंद्र सरकार ने 25 जून, 2015 को प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी को लॉन्च किया था। 'हाउसिंग फॉर ऑल' मिशन के साथ शुरू हुई इस योजना का उद्देश्य शहरों में रहने वाले परिवारों को सस्ते घर मुहैया कराना था। इस योजना के तहत घर लेने पर सरकार की ओर से सब्सिडी दी जाती है। पीएम आवास योजना शहरी के लिए कम से कम 30 वर्ग मीटर का घर होना चाहिए। केंद्र सरकार न सिर्फ घर बनाने में मदद करती है बल्कि होम लोन पर 2.67 लाख रुपये तक की सब्सिडी भी देती है। इसके अलावा किराए का घर मुहैया कराने में भी मदद की जाती है। इन 4 तरीकों से सरकार दे रही मदद पीएम आवास योजना शहरी के अंतर्गत EWS, LIG और MIG श्रेणी में आने वाले उन लोगों को लाभ दिया जाता है, जिनके पास पक्का मकान नहीं है। सरकार चार तरीकों से इनकी मदद करती है।     खुद का घर तैयार करने में आर्थिक मदद करना     हाउसिंग प्रोजेक्ट के लिए पब्लिक या प्राइवेट सेक्टर के साथ पार्टनरशिप करना     होम लोन पर लगने वाले ब्याज में सब्सिडी देना     किराए का घर मुहैया कराना 31 मई तक पहले खाते में जरूर रखें 456 रुपये, नहीं तो मुश्किल वक्त में गंवा देंगे ये 2 बड़े लाभ 1.5 लाख का मुफ्त इलाज, एक्सीडेंट में घायल लोगों के लिए संजीवनी बनेगी मोदी सरकार की नई योजना पीएम आवास योजना के फायदे     EWS कैटेगरी में आने वाले परिवारों को घर बनाने के लिए 2.5 लाख रुपये की मदद     ऐसे प्रोजेक्ट जहां 35% घर EWS कैटेगरी के लिए हैं और 250 से ज्यादा घर हैं, वहां प्रति घर 2.5 लाख रुपये की मदद     होम लोन पर लगने वाले ब्याज में सब्सिडी: EWS/LIG/MIG परिवारों को 3 से 6.5% तक ब्याज में सब्सिडी क्या आपको मिलेगा PMAY-U का फायदा     EWS कैटेगरी: वो परिवार जिनकी सालाना आय 3 लाख रुपये तक है     LIG : ऐसे परिवार जिनकी आय 3 लाख से 6 लाख रुपये के बीच है     MIG: वे परिवार जिनकी आय 6 लाख से 9 लाख के बीच है     आवेदक के पास देश के किसी भी राज्य में अपने नाम से पक्का घर नहीं होना चाहिए     आप जिस राज्य या शहर में रह रहे हों, वहां यह योजना लागू होनी चाहिए     अगर आपने पहले सरकार से ऐसी किसी भी योजना का फायदा नहीं लिया हो इन्हें मिलेगी प्राथमिकता पीएम आवास योजना शहरी में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यकों, सिंगल महिलाओं, विधवाओं, दिव्यांगजनों, वरिष्ठ नागरिकों, ट्रांसजेंडर्स को इस योजना के तहत आवेदन करने पर प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा पीएम स्वनिधि योजना के तहत चुने गए स्ट्रीट वेंडर्स, सफाई कर्मियों और पीएम विश्वकर्मा के तहत रजिस्टर्ड कारीगरों पर भी फोकस किया जा रहा है। recent visitors 27

मध्यप्रदेश में सड़क हादसे में घायलों की मदद पर मिलेगा ₹25000 का इनाम – जानिए कैसे!

भोपाल मध्यप्रदेश में डॉ. मोहन यादव की कैबिनेट ने 'राहवीर योजना' के तहत घायल को अस्पताल पहुंचाने पर ₹25,000 इनाम देने की घोषणा की। पीएम मोदी करेंगे इंदौर मेट्रो और दतिया-सतना एयरपोर्ट का उद्घाटन। जानें कैबिनेट बैठक के सभी बड़े फैसले। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अगुवाई में इंदौर के ऐतिहासिक राजवाड़ा गणेश हॉल में हुई कैबिनेट बैठक कई बड़े फैसलों की गवाह बनी। इस दौरान मंत्रियों ने परंपरागत धोती-कुर्ता और भगवा साफा पहनकर देवी अहिल्या को पुष्पांजलि अर्पित की। इस ऐतिहासिक बैठक में घायल को अस्पताल पहुंचाने पर इनाम से लेकर मेट्रो-एयरपोर्ट, महिला सुरक्षा और पर्यटन विकास तक कई अहम घोषणाएं हुईं। लोगों को इनाम देने की योजना पुरस्कार पाने की सबसे अहम शर्त यह होगी कि गंभीर घायल(Road Accident) को गोल्डन ऑवर में अस्पताल पहुंचाना होगा। बता दें, आमतौर पर घायलों की मदद के लिए आगे आने वालों से ही कुछ मामलों में कई सवाल पूछे जाते हैं, इस वजह से कई बार घायलों की मदद के लिए लोग आगे आने से भय खाते हैं। इस परोपकार से जोड़ने लोगों को इनाम देने की योजना बनाई है। ऐसे मिलेगा पुरस्कार सड़क दुर्घटना में घायल होने वाले व्यक्ति का चोटे की वजह से ऑपरेशन करना पड़े, कम से कम तीन दिन तक अस्पताल में भर्ती की आवश्यकता हो, सिर या रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोटें हो। घायल के साथ इनमें से कोई भी स्थिति निर्मित होने की स्थिति में बचाने वाले नागरिक पुरस्कार के हकदार होंगे।  घायल को अस्पताल पहुंचाने पर ₹25 हजार का इनाम मध्यप्रदेश सरकार ने 'राहवीर योजना' की घोषणा की है। इसके तहत सड़क हादसे में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने वाले नागरिक को ₹25,000 का इनाम दिया जाएगा। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया है कि उस व्यक्ति को पुलिस या प्रशासन द्वारा कोई परेशानी नहीं दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने इस योजना को "मानवता की नई मिसाल" बताया है। गेहूं खरीदी में रचा इतिहास, किसानों को मिला ₹20 हजार करोड़ का भुगतान सरकार ने इस वर्ष गेहूं का समर्थन मूल्य ₹2600 प्रति क्विंटल तय कर 30 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा की खरीदी की है। इसके तहत प्रदेश के किसानों को ₹20 हजार करोड़ का भुगतान किया गया, जो अब तक की सबसे बड़ी राशि है। recent visitors 145