अंतर्राज्यीय केन-बेतवा लिंक और पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजनाएं से तीव्र होगी विकास की रफ्तार : मुख्यमंत्री डॉ यादव

जन-कल्याण में राज्यों की सीमाएं बाधक नहीं : मुख्यमंत्री डॉ यादव प्रधानमंत्री मोदी का तीव्र विकास का संकल्प पूरा करने कोई कसर नहीं छोड़ेंगे : मुख्यमंत्री डॉ यादव अंतर्राज्यीय केन-बेतवा लिंक और पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजनाएं से तीव्र होगी विकास की रफ्तार : मुख्यमंत्री डॉ यादव रवीन्द्र सभागम में मध्यप्रदेश के 69 वें स्थापना दिवस का हुआ आयोजन पार्श्व गायक अंकित तिवारी के गीतों की हुई प्रस्तुति भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आम नागरिकों के कल्याण में राज्यों की सीमा बाधा नहीं बनना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का भी यही संकल्प है। उन्होंने प्रधानमंत्री के संकल्प को पूरा करने के लिये महत्वपूर्ण केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना और पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना के लिए समाधान का मार्ग प्रशस्त किया। अंतर्राज्यीय केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना भारत की प्रथम नदी जोड़ो परियोजना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश और राजस्थान के मध्य 20 वर्ष से पार्वती चंबल कालीसिंध परियोजना की स्वीकृति के लंबित मामलों में अब स्वीकृति हो गई है। केंद्र सरकार द्वारा दी गई इन मंजूरियों से प्रदेश के बड़े अंचल में विकास की गति तीव्र हो जाएगी। प्रधानमंत्री मोदी के तीव्र विकास का संकल्प पूरा करने में मध्यप्रदेश सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेंगी। केन-बेतवा परियोजना से बुंदेलखंड में सिंचाई और पानी की सुविधा व्यापक स्तर पर नागरिकों और किसानों को मिलेगी। यह परियोजना एक इतिहास रचने का कार्य करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज रवींद्र सभागम में मध्यप्रदेश के 69 वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्थापना वर्ष 1956 से लेकर अब तक एक लंबी यात्रा तय हुई है। इस वर्ष राज्योत्सव और दीपोत्सव एक साथ आए हैं। प्रदेश में चार दिन का स्थापना दिवस समारोह और 5 दिन का दीपोत्सव हो रहा है। मध्यप्रदेश इस मामले में सौभाग्यशाली है कि यहॉ मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम ने चित्रकूट में सर्वाधिक समय व्यतीत किया। भगवान श्रीकृष्ण ने भी मध्यप्रदेश की धरती पर उज्जैन आकर शिक्षा ग्रहण की। मध्यप्रदेश पर प्रकृति का भी वरदान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हिमालय से गंगा के उद्गम और अन्य नदियों की जल राशि को देखें तो उससे कहीं अधिक जल राशि नर्मदा के साथ सोन, चंबल, ताप्ती आदि से प्रवाहित होती है। मध्यप्रदेश नदियों के मायके की तरह है। यह देश के लिए अजूबा और वरदान दोनों है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा प्रदेश में खनिजों की प्रचुरता है। प्रदेश में 55 जिलों की सीमाओं का पुनर्निर्धारण होगा। जिलों की सीमाओं के साथ ही संभागों की सीमा भी बदलेंगे। प्रदेश में 68 वर्ष में पुनर्गठन संबंधी कार्य इस स्तर पर नहीं हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार विकास के मामले में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में वर्ष 2005 तक 5 मेडिकल कॉलेज ही थे, जिनकी संख्या वर्तमान में 20 हो गई है। प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में प्रदेश में 3 नए मेडिकल कॉलेज लोकार्पित किए हैं। आने वाले 2 वर्ष में मेडिकल कॉलेज की संख्या 28 हो जाएगी। उन्होंने कहा कि पीपीपी मॉडल पर भी कार्य हो रहा है, जिससे प्रदेश में 40 मेडिकल कॉलेज होंगे। आने वाले समय में प्रत्येक जिले में मेडिकल कॉलेज होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उपस्थित नागरिकों को मध्यप्रदेश की स्थापना दिवस और दीपोत्सव की बधाई दी और पार्श्व गायक अंकित तिवारी, मुंबई के निर्देशन में हो रहे गीत संगीत कार्यक्रम का आनंद लेने का आह्वान किया। गायिका सुसुहासिनी जोशी ने मध्यप्रदेश गान प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पर्यटन विभाग द्वारा मध्यप्रदेश पर केंद्रित फिल्म का रिमोट से बटन दबाकर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गायक अंकित तिवारी का शॉल और श्रीफल द्वारा सम्मान किया। प्रमुख सचिव शिव शेखर शुक्ला ने नागरिकों का अभिनंदन करते हुए कार्यक्रम में उत्साह से भागीदारी के लिए उनका आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण, सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर, पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल, सांसद वी.डी. शर्मा, सांसद आलोक शर्मा, विधायक भगवानदास सबनानी, विधायक रामेश्वर शर्मा, विधायक विष्णु खत्री, भोपाल की महापौर श्रीमती मालती राय, पूर्व मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी, सुमित पचौरी, अपर मुख्य सचिव एस.एन. मिश्रा सहित जन-प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे। पार्श्व गायक अंकित तिवारी ने गीतों से किया आनंदित स्थापना दिवस समारोह की इस विशेष शाम पर सुप्रसिद्ध पार्श्व गायक अंकित तिवारी ने मंच पर आते ही श्रोताओं का अभिवादन स्वीकार करते हुए दीपावली और मध्यप्रदेश स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं। अंकित ने सबसे पहले "लगता है दिल तेरी शामत आई है…." गीत प्रस्तुत किया। इसके बाद लोकप्रिय गीत "तू जो है तो मैं हूं…. और तुम से ही….की" प्रस्तुति से सभागार में सुरीला संसार रच दिया। प्रस्तुति में आगे "सनम तेरी कसम….और जुगनी…." प्रस्तुत करते हुए श्रोताओं पर जादू सा कर दिया। इसके बाद तो अंकित और श्रोताओं के बीच सुरीला रिश्ता कायम हो गया और गीतों का सिलसिला चलता गया। बत्तमीज…., साडा हक…., खैरियत…., तू ही हकीकत…., बूंद बूंद…., तो फिर आओ…., तू है कि नहीं…. जैसे लोकप्रिय गीतों से शाम को शानदार बना दिया। अगली प्रस्तुति सबसे लोकप्रिय गीत सुन रहा है न तू…. प्रस्तुत कर स्थापना दिवस की शाम में चार चांद लगा दिए। उन्होंने इसके बाद सय्योनी…., अंखियां उडीक…., पठान…. प्रस्तुत करते हुए प्रस्तुति का समापन तेरी गलियां….गीत प्रस्तुत कर किया।   recent visitors 83

इंडस्ट्री कॉन्क्लेव अब नीमच-मंदसौर में होगी, औषधि उद्योग पर रहेगा फोकस

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंदसौर में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के 81 लाख किसानों के खातों में मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना में 1624 करोड़ रुपए की राशि सिंगल क्लिक से ट्रांसफर की। सीएम ने घोषणा की कि अगली इंडस्ट्री कॉन्क्लेव मंदसौर-नीमच में होगी यादव ने कहा कि मंदसौर, नीमच जिले औषधि की खेती के लिए जाने जाते है। यहां की जरूरतों के हिसाब से औषधि उद्योगों को यहां बढ़ावा दिया जाएगा। स्थानीय युवाओं के लिए भी औषधि उद्योग के क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा किए जाएंगे। इस दौरान सीएम ने मंदसौर को दी 167 करोड़ के 11 विकास कार्यों के लोकार्पण और भूमिपूजन भी किए। स्थानीय विधायकों की मांग पर मंदसौर, सीतामऊ, सुवासरा तक फोरलेन सड़क का निर्माण की भी घोषणा कर दी। इस अवसर पर सीएम ने मन से मंदसौर वेबसाइट भी लांच की। इस वेबसाइट से मंदसौर जिले का कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति जुड़कर मदद ले सकता है। पतंजलि से जुड़ेगा औषधीय फसलों का कारोबार सीएम ने नीमच में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि नीमच एशिया में औषधीय फसलों की सबसे बडी मंडी है। यहां की औषधीय फसलों को योग गुरू बाबा रामदेव के पतंजलि योग पीठ से जोड़ा जा रहा है। सीएम ने नीमच में शुरू हो रहे मेडिकल कॉलेज का नाम पूर्व सीएम वीरेंद्र कुमार सखलेचा के नाम पर रखने की भी घोषणा की। इस दौरान सीएम ने नीमच मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राओं से संवाद भी किया।   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को कहा कि अंग्रेज भारत में गृह युद्ध कराना चाहते थे। सरदार वल्लभ भाई पटेल के जन्मदिवस के अवसर पर आयोजित ‘रन फॉर यूनिटी’ का शुभारंभ करते हुए सीएम ने कहा कि ‘अंग्रेजों ने भारत के अंदर गृह युद्ध कराने कोई कसर नहीं छोड़ी. उन्होंने तो देश की आजादी के एक दिन पहले 14 अगस्त को भारत से अलग कर पाकिस्तान बना दिया। अंग्रेजों ने देश कि रियासतों कि बीच फूट डाली, उस दौर में सरदार वल्लभ भाई पटेल ने 2 साल के अंदर देश की सारी रियासतों को एक कर दिया। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा कि सरदार वल्लभ भाई पटेल ने अपनी कार्य कुशलता के कारण पूरे देश को एक सूत्र में पिरोया, लेकिन जम्मू कश्मीर में धारा 370 के कारण देश कि एकता अधूरी थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धारा 370 हटाई। टीटी नगर स्टेडियम में हुए इस कार्यक्रम में खेल मंत्री विश्वास सारंग और मुख्य सचिव अनुराग जैन मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने रन फॉर यूनिटी में शामिल सभी युवाओं को एकता दिवस की शपथ भी दिलाई।   recent visitors 101

दो विधानसभा में उपचुनाव की प्रशासनिक तैयारी जारी, नामांकन सूची से हटाए साढ़े 6 लाख मतदाताओं के नाम, 7.47 लाख मतदाताओं के नाम जोड़े

भोपाल मध्यप्रदेश में दो विधानसभा में उपचुनाव की प्रशासनिक तैयारी चल रही है। प्रदेश के बुधनी और विजयपुर विधानसभा में उपचुनाव के लिए 13 नवंबर को मतदान है। इसी बीच मध्यप्रदेश निवार्चन आयोग की ओर से प्रदेश के मतदाताओं के आंकड़े जारी किए हैं। जारी आंकड़े के अनुसार एमपी में साढ़े 6 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए और 7.47 लाख मतदाताओं के नाम जोड़े है। मतदाताओं ने नए पते अपडेट करवाए है। नए मतदाताओं को जोड़ने और जरूरत के अनुसार नाम हटाए जाने की प्रक्रिया तेज हुई है। अब दावे-आपत्तियां आमंत्रित की गईं है। 228 विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या 5,60,63,645 है। उपचुनाव के कारण बुधनी और विजयपुर विधानसभा क्षेत्र में पुनरीक्षण नहीं होगा। दावे आपत्ति लेने का काम शुरू हो गया है। प्रक्रिया 28 नवंबर तक चलेगी। recent visitors 60

देश में इस साल 7.3 करोड़ लोगों ने आईटीआर फाइल किया, मार्च 2025 तक यह संख्या 9 करोड़ को पार ……

8 लाख रुपये तक की इनकम हो सकती है टैक्स फ्री, 9 करोड़ लोग भर सकते हैं आईटीआर  सरकार का 8 लाख रुपये तक की सालाना इनकम को टैक्स फ्री करने का फैसला! देश में इस साल  7.3 करोड़ लोगों ने आईटीआर फाइल किया, मार्च 2025 तक यह संख्या 9 करोड़ को पार …… नई दिल्ली हर साल इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) भरने वालों की संख्या में इजाफा हो रहा है। इस साल करीब 7.3 करोड़ लोगों ने आईटीआर फाइल किया है और मार्च 2025 तक यह संख्या 9 करोड़ को पार कर सकती है। यदि सरकार 8 लाख रुपये तक की सालाना इनकम को टैक्स फ्री करने का फैसला लेती है, तो यह आंकड़ा और भी तेजी से बढ़ सकता है। एक रिपोर्ट के अनुसार, इस छूट की मांग जोर पकड़ रही है और ऐसी संभावना है कि सरकार 60 से 80 साल के वरिष्ठ नागरिकों को यह राहत दे सकती है। 2 करोड़ ज्यादा आईटीआर फाइल होने की संभावना स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) के आर्थिक विभाग की रिसर्च रिपोर्ट में बताया गया है कि अगर सरकार असेसमेंट ईयर 2024-25 में आईटीआर की संख्या बढ़ाना चाहती है, तो उसे ऐसे कदम उठाने की जरूरत है। रिपोर्ट में कहा गया है कि वरिष्ठ नागरिकों को यह छूट दी जाती है, तो रिटर्न फाइल करने वालों की संख्या में काफी बढ़ोतरी होगी। अनुमान है कि इस साल करीब 2 करोड़ और आईटीआर फाइल होंगे, जिससे वित्तीय वर्ष के अंत तक यह संख्या 9 करोड़ को पार कर सकती है। अगले साल यह आंकड़ा 10 करोड़ के पार भी पहुंच सकता है। टीडीएस कटौती और सर्टिफिकेट में बदलाव की सिफारिश रिपोर्ट के अनुसार, असेसमेंट ईयर 2022 में कुल 7.3 करोड़ आईटीआर फाइल किए गए थे, जो असेसमेंट ईयर 2024 में बढ़कर 8.6 करोड़ हो गए। तय तारीख के बाद आईटीआर भरने वालों की संख्या में गिरावट आ रही है, जिससे यह स्पष्ट है कि लोग समय पर आईटीआर फाइल करने के अनुशासन का पालन कर रहे हैं। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने भी प्रक्रिया और फॉर्म को आसान बना दिया है, जिससे आईटीआर भरना सरल हो गया है। रिपोर्ट में यह भी सुझाव दिया गया है कि सरकार को टीडीएस कटौती के दायरे में सुधार करना चाहिए और टीडीएस सर्टिफिकेट में भी बदलाव करने चाहिए।   recent visitors 123

आईआईसीटी निदेशक ने बताया- भारत अंतरराष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव 2024 का आयोजन गुवाहाटी में होगा

हैदराबाद भारत अंतरराष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव (आईआईएसएफ) 2024 का आयोजन असम के गुवाहाटी में किया जाएगा। सीएसआईआर-भारतीय रासायनिक प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईसीटी) के निदेशक डॉ. श्रीनिवास रेड्डी ने यह जानकारी दी। उन्होंने मंगलवार को यहां आईआईएसएफ के कर्टेन रेज़र कार्यक्रम के साथ-साथ 9वें आयुर्वेद दिवस के अवसर पर अपने स्वागत भाषण में कहा कि कर्टेन रेज़र कार्यक्रम ने 30 नवंबर से 03 दिसंबर तक आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम के लिए मंच तैयार किया है। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव वैज्ञानिक और गैर-वैज्ञानिक पृष्ठभूमि वाले लोगों को विज्ञान के साथ गहराई से जुड़ने और इसे सभी के लिए सुलभ बनाने के लिए एक साथ लाता है। उन्होंने कहा कि 2016 से, आयुर्वेद को हमारी स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली के एक अभिन्न अंग के रूप में बढ़ावा देने के लिए यह दिन पूरे देश में मनाया जाता है। इस वर्ष का थीम 'वैश्विक स्वास्थ्य एवं नवाचार के लिए आयुर्वेद' है। उन्होंने कहा कि अगर भारत को वैश्विक मान्यता चाहिए तो उसे आयुर्वेद पद्धतियों की क्षमता को मान्य करने के लिए साक्ष्य आधारित डेटा प्राप्त करने की दिशा में काम करना चाहिए। डॉ. श्रीनिवास ने कहा कि यह विज्ञान को आकर्षक रूप से लोगों के सामने लाने की एक कोशिश है। उन्होंने स्वस्थ जीवन जीने के लिए हमारे पूर्वजों की समग्र जीवन शैली को अपनाने पर भी बल दिया। सीएसआईआर- सेलुलर एवं आणविक जीवविज्ञान केंद्र (सीएसआईआर-सीसीएमबी) के वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक डॉ. मंदरा देशमुख ने आईआईएसएफ के संदर्भ में अपने संबोधन में आईआईएसएफ के आयोजन में शामिल विभिन्न संगठनों के बारे में बातचीत की, जबकि वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक डॉ. सैबल दास ने आईआईएसएफ और इस वर्ष के विषयगत आयोजनों का परिचय दिया। सीएसआईआर-आईआईसीटी में आयुर्वेद दिवस 2024 समारोह छात्रों के बीच आयुर्वेद को बढ़ावा देने और वैश्विक स्वास्थ्य एवं नवाचार के लिए इसे आधुनिक प्रथाओं के साथ एकीकृत करने पर ध्यान केंद्रित करने की दिशा में एक कदम है।   recent visitors 118

हमीदिया अस्पताल में नवंबर माह पहला बोनमैरो प्रत्यारोपण भी हो सकता है, पांच लाख रुपये में हो सकेगा

भोपाल हमीदिया अस्पताल में किडनी के बाद बोनमैरो प्रत्यारोपण नवंबर माह तक शुरू करने की उम्मीद है। अगले माह तक यहां पहला बोनमैरो प्रत्यारोपण भी हो सकता है। इसके शुरू होने पर इंदौर के बाद हमीदिया प्रदेश का दूसरा सरकारी अस्पताल होगा, जहां यह सुविधा उपलब्ध मरीजों की दी जाएगी। इसके लिए बकायदा अस्पताल के एच-1 ब्लाक की चौथी मंजिल पर 12 कमरों की स्वीकृति भी मिल गई है। जिसमें मरीजों के लिए 24 बिस्तर का वार्ड तैयार किया जाएगा। यह सुविधा शुरू होने से ब्लड कैंसर और खून की कमी से होने वाली बीमारियों-थैलेसीमिया, सिकल सेल एनीमिया का स्थायी इलाज किया जा सकेगा। करीब 16 करोड़ रुपये की आएगी लागत जानकारी अनुसार इस यूनिट को जमाने के लिए प्रबंधन को करीब 16 करोड़ खर्च करने होंगे। निजी अस्पतालों में बोनमैरो प्रत्यारापेण पर करीब 24 लाख तक खर्च आता है। यहां करीब पांच लाख तक आएगा। अमेरिका के कोलंबिया विवि के बोनमैरो ट्रांसप्लांट एक्सपर्ट डा. प्रकाश सतवानी से इसके लिए एमओयू हो गया है। आठ महीने बाद फिर शुरू होगा किडनी प्रत्यारोपण वहीं हमीदिया अस्पताल में करीब आठ महीने बाद दोबारा किडनी प्रत्यारोपण करने की तैयारी भी की जा रही है। इसके लिए तैयारियां की जा रही हैं। बतादें कि हमीदिया प्रदेश का पहला सरकारी अस्पताल है, जहां सात किडनी प्रत्यारोपण हो चुके हैं। गांधी मेडिकल कालेज के यूरोलाजी विभाग के डा. अमित जैन ने बताया कि दो मरीजों के किडनी ट्रांसप्लांट होने हैं। इसके लिए अंगदान समिति ने मंजूरी दे दी है।   recent visitors 99

महाकुंभ: मेला प्रशासन और जिला प्रशासन दोनों ने क्राउड मैनेजमेंट की तैयारी पर विशेष फोकस

प्रयागराज महाकुंभ 2025 को सभी के लिए सुगम बनाने हेतु सरकार लगातार कार्य कर रही है। इस महाआयोजन के दौरान 40 करोड़ से अधिक लोगों के प्रयागराज आने का अनुमान है। इसको लेकर मेला प्रशासन और जिला प्रशासन दोनों ने क्राउड मैनेजमेंट की तैयारी की है। खासतौर पर पीक डेज (प्रमुख स्नान) के दौरान अत्यधिक भीड़ के कारण कहीं कोई अव्यवस्था न हो, इसके लिए कार्ययोजना तैयार की गई है। आने-जाने के अलग-अलग रास्ते निर्धारित किए गए हैं, जबकि मोबिलिटी जारी रहे, इसकी भी व्यवस्था की गई है। रास्ता जाम न हो, इसके लिए भी विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं। कुल मिलाकर जो योजना बनी है, उसके अनुसार, श्रद्धालुओं को पीक डेज में एक से 5 किमी. और सामान्य दिनों में एक किमी. से ज्यादा पैदल यात्रा नहीं करनी होगी। प्रयागराज के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने बताया कि इस सबसे बड़े धार्मिक आयोजन में सिर्फ प्रदेश और देश से ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया से श्रद्धालुओं का बड़ा जत्था प्रयागराज पहुंचने वाला है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया है कि किसी भी श्रद्धालु को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। ऐसे में क्राउड मैनेजमेंट को लेकर एक कार्ययोजना बनाई गई है, जिसके अनुरूप व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने बताया कि महाकुंभ के दौरान सर्वाधिक श्रृद्धालु सड़क मार्ग से प्रयागराज पहुंचेंगे। प्रशासन की ओर से सभी शहर के दिशाओं में पार्किंग की व्यवस्था की गई है, जहां वाहन खड़ा कर श्रद्धालु आगे का रास्ता तय करेंगे। मेला क्षेत्र में हमने आने और जाने के अलग-अलग रास्ते निर्धारित किए हैं। आस्था की डुबकी लगाने वाले जिस रास्ते से जाएंगे, उस रास्ते से वापस नहीं लौटेंगे। उन्हें दूसरे रास्ते से होकर जाना होगा, ताकि कहीं भी श्रद्धालु आमने-सामने नहीं आ सकें। मंडलायुक्त ने बताया कि ऐसी व्यवस्था की जा रही है कि श्रद्धालु कहीं एक साथ रुकें नहीं, वो चलते रहें। कहीं भी जाम की स्थिति नहीं बनने दी जाएगी। हमारा उद्देश्य है कि मेला क्षेत्र के साथ-साथ शहर में भी श्रद्धालुओं की मोबिलिटी को बरकरार रखा जाए, ताकि स्नान और दर्शन आदि करने के बाद वो सीधे पार्किंग स्थल पहुंचें और अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान करें। इसी तरह, रेलवे से भी रिक्वेस्ट की गई है कि वो समय पर और अधिक स्पेशल ट्रेनें संचालित करें, ताकि श्रद्धालु अपना समय गंवाए बिना यात्रा को बरकरार रख सकें। रेलवे की ओर से पॉजिटिव रिस्पॉन्स भी मिला है और उन्होंने कई अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनें संचालित करने की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि यदि श्रद्धालु कुछ देर विश्राम करना चाहेंगे, तो उनके लिए कुछ होल्डिंग एरियाज भी चिह्नित किए गए हैं। महाकुंभ की शुरुआत के साथ ही प्रयागराज में श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो जाएगा। प्रमुख स्नान के दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या कई करोड़ तक होगी। अनुमान है कि मौनी अमावस्या को सर्वाधिक 4 से 5 करोड़ श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाने के लिए संगम नगरी आ सकते हैं। इसकी भी तैयारी की गई है। विजय विश्वास पंत ने बताया कि मौनी अमावस्या सबसे डेंसिटी वाला दिन होने की संभावना है। इसमें भी सुबह 3 से दोपहर 12 बजे का समय बहुत क्रिटिकल होगा, जब श्रद्धालु संगम का रुख करेंगे। वहीं 12 बजे के बाद उनका लौटना शुरू हो जाएगा। हमारी कोशिश उन्हें सुगमता से संगम क्षेत्र तक पहुंचाने और फिर पार्किंग स्थल तक वापस आने की सुविधा प्रदान करने की है। संगम में पवित्र डुबकी लगाने के बाद उन्हें तुरंत वापस भेजने की व्यवस्था की जाएगी, ताकि जाम की स्थिति न बने। उन्हें पार्किंग स्थल तक पहुंचाने के बाद गंतव्य की ओर रवाना किया जाएगा। हमारी विभिन्न ट्रैफिक स्कीम तैयार है, इससे न ही श्रद्धालुओं को अव्यवस्था का सामना करना पड़ेगा और न ही मेला और शहर क्षेत्र में ट्रैफिक पैनिक की स्थिति होगी। मंडलायुक्त ने बताया कि इस महाकुंभ को स्वच्छ कुंभ बनाने के मुख्यमंत्री के संकल्प को पूरा करने के लिए विभिन्न प्रयास किए जा रहे हैं। हमारा प्रयास है कि पूरे मेला क्षेत्र में किसी भी तरह की प्लास्टिक का उपयोग नहीं किया जाएगा। इनके रिप्लेसमेंट ऑप्शन पर विचार किया जा रहा है। खासतौर पर इंदौर की बायो फ्रेंडली थैलियों का इस्तेमाल किया जाएगा। इसको लेकर हम व्यापारियों से भी संवाद करने वाले हैं। साथ ही लोगों और अधिकारियों को प्लास्टिक की बजाय, विभिन्न प्रकार के झोलों का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।   recent visitors 84