Parliament Winter Session की तारीख का एलान, जानें कब से शुरू होगा?

नई दिल्ली संसद का शीतकालीन सत्र 25 नवंबर से शुरू होगा. यह 20 दिसंबर तक चलेगा. इस दौरान कई अहम बिलों पर चर्चा होगी. शीतकालीन सत्र के दौरान वन नेशन-वन इलेक्शन और वक्फ विधेयक बिल पर भारी हंगामा होने के आसार है. वन नेशन-वन इलेक्शन पर रिपोर्ट को कैबिनेट से मंजूरी के बाद बिल को शीतकालीन सत्र में पेश किया जाएगा. बता दें कि विपक्षी दल वन नेशन-वन इलेक्शन का विरोध कर रहे हैं और देश में एक साथ चुनाव के पक्ष में नहीं हैं. इसके अलावा वक्फ विधेयक पर गठित जेपीसी संसद के शीतकालीन सत्र में अपनी रिपोर्ट पेश कर सकती है. इस पर भी हंमामे के आसार हैं. बता दें कि हाल ही में गृहमंत्री अमित शाह ने वक्फ (संशोधन) विधेयक 2024 पर बोलते हुए कहा था कि यह विधेयक संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान पारित किया जाएगा. संसद के शीतकालीन सत्र में वन नेशन वन इलेक्शन और वक्फ विधेयक पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। इन दोनों मुद्दों को लेकर सत्र के काफी हंगामेदार रहने के आसार हैं। वन नेशन वन इलेक्शन पर कैबिनेट से मंजूरी मिल चुकी है, अब इस बिल को शीतकालीन सत्र में पेश किया जाएगा। हालांकि विपक्षी दल इसका विरोध कर रहे हैं। ऐसे में सरकार के लिए यह बिल पास कराना काफी मुश्किल होगा। शीतकालीन सत्र 25 नवंबर से शुरू होगा, जिसमें विशेष संयुक्त बैठक संविधान सदन (पुरानी संसद भवन) के केंद्रीय हॉल में आयोजित होने की सकती है. इसी स्थान पर 1949 में संविधान को अंगीकृत किया गया था. संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ था।पहले, 26 नवंबर को राष्ट्रीय कानून दिवस के रूप में मनाया जाता था, लेकिन 2015 में मोदी सरकार ने इसे संविधान दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की, जिसमें डॉ. भीमराव अंबेडकर की 125वीं जयंती को याद किया गया। सूत्रों ने बताया कि संविधान के महत्व को रेखांकित करने के लिए व्यापक योजना बनाई जा रही है, जिसमें डॉक्यूमेंट्री बनाना, संविधान सभा की बहसों का लगभग दो दर्जन भाषाओं में अनुवाद करना, और सार्वजनिक मार्च का आयोजन शामिल है।एनडीए और इंडी गठबंधन दोनों ही खुद को संविधान के “रक्षक और अनुयायी” के रूप में प्रस्तुत करने की राजनीति में लगे हुए हैं। कांग्रेस के नेतृत्व वाले इंडी गठबंधन ने बीजेपी के नेतृत्व वाले गठबंधन पर संविधान और संवैधानिक मूल्यों को “नष्ट” करने का आरोप लगाया है, जबकि बीजेपी और उसके सहयोगी कांग्रेस को निशाना बना रहे हैं. इस साल जुलाई में सरकार ने आपातकाल की याद में 25 जून को ‘संविधान हत्या दिवस’ के रूप में अधिसूचित किया था। recent visitors 88

हिंदुओं का बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस सरकार के खिलाफ फूटा गुस्सा , सड़कों पर उतरे हजारों, उठाई ये मांग

ढाका बांग्लादेश में लगातार हो रहे हमलों और उत्पीड़न के विरोध में एक बार फिर बड़ी संख्या में हिंदू सड़क पर उतरे। इस दौरान हिंदुओं ने बड़ी रैली निकाली। करीब 30 हजार से अधिक हिंदुओं ने चटगांव में एक चौराहे पर अधिकारों की मांग को लेकर नारेबाजी की। इस दौरान हिंदुओं ने कहा कि अंतरिम सरकार उनको सुरक्षा मुहैया नहीं करा पा रही है। बांग्लादेश हिंदू-बौद्ध-ईसाई एकता परिषद ने कहा कि चार अगस्त से हिंदुओं पर 2000 से अधिक हमले हुए हैं। हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों का कहना है कि अंतरिम सरकार ने उन्हें पर्याप्त रूप से सुरक्षा नहीं दी है। हसीना के सत्ता से हटने के बाद से कट्टरपंथी इस्लामवादी तेजी से प्रभावशाली होते जा रहे हैं। वहीं अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस का कहना है कि हमलों के आंकड़े को बढ़ा-चढ़ाकर बताया जा रहा है। बता दें कि देश की लगभग 17 करोड़ आबादी में हिंदू लगभग 8 प्रतिशत हैं, जबकि मुस्लिम लगभग 91% हैं। इससे पहले 26 अक्तूबर को  अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और अधिकारों की मांग को लेकर सनातन जागरण मंच ने चटगांव में एक विशाल रैली का आयोजन किया था। आठ प्रमुख मांगों को लेकर हिंदू अल्पसंख्यकों ने आवाज बुलंद की थी। कार्यकर्ताओं ने कहा कि जब तक बांग्लादेश की सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करेगी, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा। हिंदुओं पर 2000 से अधिक हमले देश के प्रभावशाली अल्पसंख्यक समूह ‘बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई यूनिटी काउंसिल’ ने कहा है कि चार अगस्त के बाद से हिंदुओं पर 2,000 से अधिक हमले हुए हैं। हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों का कहना है कि अंतरिम सरकार ने उनकी पर्याप्त सुरक्षा नहीं की है और हसीना के जाने के बाद कट्टरपंथी इस्लामवादी तेजी से प्रभावशाली होते जा रहे हैं। बांग्लादेश में क्या हुआ? नौकरियों में विवादास्पद कोटा प्रणाली को लेकर सरकार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया गया था, जो बाद में हिंसा में बदल गया। बढ़ती हिंसा को देखते हुए पांच अगस्त को हसीना ने इस्तीफा दे दिया था और भारत चली गई थीं। हसीना के नेतृत्व वाली सरकार को अंतरिम सरकार द्वारा प्रतिस्थापित किया गया और 84 वर्षीय नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस को इसका मुख्य सलाहकार नामित किया गया। हालांकि, अंतरिम सरकार बनने के बाद भी अल्पसंख्यकों के घरों और धर्मस्थलों को निशाना बनाया गया।   बांग्लादेश में हजारों हिंदू सड़कों पर उतरे हैं ढाका: बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के हजारों सदस्यों ने शनिवार को रैली निकालकर अंतरिम सरकार से सिलसिलेवार हमलों व उत्पीड़न से सुरक्षा देने और इस समुदाय के नेताओं के खिलाफ दर्ज राजद्रोह के मामलों को रद्द करने की मांग की। लगभग 30,000 हिंदुओं ने दक्षिण-पूर्वी शहर चटगांव के एक प्रमुख चौराहे पर रैली करते हुए नारे लगाए। देश में अन्य जगहों पर भी विरोध प्रदर्शन होने की सूचना मिली। हिंदू समूहों का कहना है कि अगस्त की शुरुआत में प्रधानमंत्री शेख हसीना की धर्मनिरपेक्ष सरकार के बेदखल होने और हसीना के देश छोड़कर चले जाने के बाद हिंदुओं के खिलाफ हजारों हमले हुए हैं। हसीना की सरकार के पतन के बाद नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार का गठन किया गया था। छात्रों का आंदोलन हिंसक होने के बाद शेख हसीना देश छोड़कर चली गई थीं। बांग्लदेश की आबादी लगभग 17 करोड़ है, जिनमें हिंदुओं की आबादी करीब आठ प्रतिशत है जबकि 91 प्रतिशत आबादी मुसलमान है। हिंदुओं पर 2000 से अधिक हमले देश के प्रभावशाली अल्पसंख्यक समूह ‘बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई यूनिटी काउंसिल’ ने कहा है कि चार अगस्त के बाद से हिंदुओं पर 2,000 से अधिक हमले हुए हैं। हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों का कहना है कि अंतरिम सरकार ने उनकी पर्याप्त सुरक्षा नहीं की है और हसीना के जाने के बाद कट्टरपंथी इस्लामवादी तेजी से प्रभावशाली होते जा रहे हैं। हिंदू नेताओं पर देशद्रोह का केस शहर में 25 अक्टूबर की रैली को लेकर प्रमुख पुजारी चंदन कुमार धर समेत 19 हिंदू नेताओं के खिलाफ बुधवार को राजद्रोह के आरोप में मामला दर्ज किया गया था। इसके खिलाफ शुक्रवार को चटगांव में विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। दो नेताओं की गिरफ्तारी से हिंदू समुदाय के लोग नाराज हैं।   recent visitors 77

अनंतनाग में सुरक्षाबलों के साथ हुई इस मुठभेड़ में दो आतंकवादी मारे गए, श्रीनगर में भी मुठभेड़ जारी

अनंतनाग जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच शनिवार को मठभेड़ में दो आतंकवादी मारे गए। पुलिस ने यह जानकारी दी है। अधिकारियों ने बताया कि दक्षिण कश्मीर जिले के शांगस-लारनू इलाके में हलकान गली के पास यह मुठभेड़ हुई। उन्होंने बताया कि सुरक्षाबलों के साथ हुई इस मुठभेड़ में दो आतंकवादी मारे गए हैं, जिनसें से एक स्थानीय और दूसरा विदेशी नागरिक है। अभी इस बात का पता नहीं चल पाया है कि वे किस आतंकवादी समूह के सदस्य थे। अधिकारी ने बताया कि इलाके में अब भी अभियान जारी है तथा आगे की जानकारी का इंतजार है।अधिकारियों के अनुसार, श्रीनगर के खानयार इलाके में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच एक और मुठभेड़ जारी है, अब तक दोनों ओर से किसी के हताहत होने की कोई जानकारी नहीं है। आधिकारिक प्रवक्ता के मुताबिक आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल ने पुराने श्रीनगर के खानयार इलाके में शुक्रवार की रात संयुक्त घेराबंदी और तलाश अभियान शुरू किया । इसी दोनों पक्षों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई। इसके अलावा बांदीपोरा जिले में कल रात गोलीबारी के बाद बड़े पैमाने पर तलाश अभियान जारी है।उन्होंने बताया कि बांदीपोरा के पनार इलाके में संदिग्ध गतिविधियां देखी गयी। जब आतंकवादियों को ललकारा गया तो उन्होंने अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी और जंगल में भाग गए। दिवाली के मौके पर आतंकवादी घाटी को दहलाने की साजिश कर रहे थे लेकिन खुफिया एजेंसियों और सुरक्षाबलों की सतर्कता की वजह से साजिश नाकाम हो गई। कश्मीर घाटी में सेना के अभियान की वजह से लगातार आतंकियों का सफाया किया जा रहा है। ऐसे में बौखलाए आतंकवादी अब प्रवासी मजदूरों को निशाना बना रहे हैं। शुक्रवार को आतंकियों ने यूपी के दो प्रवासी मजदूरों को गोली मार दी थी। उनका इलाज अस्पताल में चल रहा है। recent visitors 64

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने श्रमिकों और सफाईकर्मियों को मिठाईयां और उपहार देकर बांटी दीपोत्सव और राज्योत्सव की खुशियां

छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस पर 11 हजार दीपों से रौशन हुआ एकात्म पथ छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस पर रंग बिरंगी आतिशबाजी से आसमान हुआ सतरंगी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने श्रमिकों और सफाईकर्मियों को मिठाईयां और उपहार देकर बांटी दीपोत्सव और राज्योत्सव की खुशियां रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य की 24 वीं वर्षगांठ और दीपावली के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय नया रायपुर के एकात्म पथ पर आयोजित 11,000 दीपों के प्रज्ज्वलन कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने मंत्रोच्चार के बीच विधि विधान से दीप प्रज्ज्वलित कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की। यह आयोजन राज्य की सांस्कृतिक धरोहर और एकता का प्रतीक है, जिससे छत्तीसगढ़ की संस्कृति को प्रदर्शित किया गया । दीपों की रौशनी से नई ऊर्जा और उत्साह का संचार हुआ, जो राज्य के गौरव को बढ़ाएगा । इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री अरूण साव, विधायक पुरंदर मिश्रा, मोतीलाल साहू, गुरु खुशवंत साहेब, इंद्र कुमार साहू, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद और बसव राजू एस.सहित अनेक जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी, गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। इस मौके पर एकात्मपथ में 11 हजार दीप प्रज्ज्वलित किए गए। छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस पर नया रायपुर के कार्यक्रम में दीप प्रज्ज्वलन के साथ शानदार आतिशबाजी और रंग-बिरंगी लाइटों ने सभी को रोमांचित कर दिया। इस अवसर पर मधुर संगीत की धुनों ने माहौल को और भी मनोरम बना दिया। स्थल पर आकर्षक रंगोली सजाई गई थी, और स्थापना दिवस के प्रतीक चिन्हों के साथ सेल्फी पॉइंट पर लोगों ने सेल्फी लेकर खुशी जताई। इस अवसर पर नवा रायपुर में नवनिर्मित सीबीडी रेलवे स्टेशन के पास आयोजित कार्यक्रम में और एकात्मपथ पर श्रमिकों और सफाईकर्मियों को दीपावली के उपलक्ष्य में मिठाईयां वितरित कर शुभकामनाएं दीं। छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना 1 नवंबर 2000 को पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई के नेतृत्व में मध्य प्रदेश से अलग करके की गई थी, यह राज्य पुनर्गठन भारत के राजनीतिक और प्रशासनिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। छत्तीसगढ़ की स्थापना के पीछे का मुख्य उद्देश्य इस क्षेत्र में विकास की गति को तेज करने के साथ यहां की विशिष्ट सांस्कृतिक और भाषाई पहचान को मान्यता देना और लोगों को बेहतर प्रशासनिक सुविधा प्रदान करना था। आज, राज्य अपनी 24वीं स्थापना वर्षगांठ मना रहा है और अपनी समृद्ध संस्कृति और विविधता के साथ देश की विकास यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह दिन राज्य के लोगों के लिए गर्व और उत्सव का अवसर है।   recent visitors 75

सीएम मोहन बोले- पशुधन के प्रति कर्तव्यों की याद दिलाता है गोवर्धन पूजा पर्व

भोपाल  प्रदेश की मोहन सरकार गोवर्धन पूजा का पर्व पूरे उल्लास के साथ मना रही है। इस पर्व के मौके पर शनिवार को राजधानी के रवींद्र भवन में राज्यस्तरीय गोवर्धन पूजा कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के तौर पर मुख्यमंत्री मोहन यादव शामिल हुए। सीएम ने रवींद्र भवन परिसर में वैदिक मंत्रोच्‍चार के बीच विधि-विधान पूर्वक भगवान गोवर्धन की पूजा-अर्चना की। गोवर्धन पूजा कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के पशुपालन एवं डेयरी विकास मंत्री लखन पटेल ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को गोबर से निर्मित "राम दरबार" भेंट कर उनका अभिनंदन किया। कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा, प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग, कृष्णा गौर, लखन पटेल, सांसद आलोक शर्मा, विधायक रामेश्वर शर्मा, भगवान दास सबनानी, जिला अध्यक्ष सुमित पचौरी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम में स्वामी अच्युतानंद और गोसंरक्षण के क्षेत्र में विशेष कार्य करने वाले स्वामी हरिओमानंद भी विशेष रूप से उपस्थित थे।इस दौरान मुख्यमंत्री ने गोसेवा करने वाले 10 श्रेष्ठ गोपालकों का सम्मान भी किया। गोवर्धन पूजा से शुरू होती है किसानों की दिवाली इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम के मंच से अपने संबोधन में कहा कि गोवर्धन पूजा हमारी संस्कृति का प्रतीक है। हमारे किसानों की दीपावली तो गोवर्धन पूजा से ही प्रारंभ होती है। फसलों का उत्पादन करने के लिए तो किसानों को क्रेडिट कार्ड मिलता ही है, लेकिन अब गोवंश पालने वालों को भी क्रेडिट कार्ड दिया जाएगा, ताकि वह गोवंश के पालन के लिए धन का इंतजाम कर सकें। उन्होंने कहा कि 10 से ज्यादा गोवंश पालने वालों को विशेष अनुदान दिया जाएगा। हमने फैसला किया है कि नगर निगम क्षेत्र में 5 हजार से 10000 गोवंश के पालन के लिए जो भी खर्च आएगा, उसका प्रबंधन राज्य सरकार करेगी। दुग्ध उत्पादन बढ़ाने पर जोर सरकार ने यह भी तय किया है कि आने वाले समय में गोवंश का पालन करने और दुग्ध उत्पादन करने वालों को बोनस भी दिया जाएगा। इसके लिए सरकार ने गुजरात के अमूल संस्थान की गतिविधियों का परीक्षण कराया है और इसके साथ ही नेशनल डेयरी बोर्ड के साथ प्रदेश के सभी गांव में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने पर जोर दे रही है। पंचगव्य उत्पादों की प्रदर्शनी लगी कार्यक्रम स्थल पर गोवर्धन पर्व के सांस्कृतिक एवं आर्थिक महत्व पर केन्द्रित इस आयोजन में गोसंस्कृति, परिवेश के प्रदर्शन और स्वास्थ्य आधारित लाभों पर केन्द्रित प्रदर्शनी भी लगाई गई है। इस प्रदर्शनी में मुख्य रूप से पंचगव्य उत्पाद, गोशिल्प उत्पाद, कृषि आधारित उत्पाद और दैनिक उपयोग के उत्पाद के आर्थिक महत्व को प्रदर्शित किया गया है। सभी जिलों की किसी एक प्रमुख गोशाला में भी गोवर्धन पूजा के कार्यक्रम हो रहे हैं। सीएम ने की गोसेवा इससे पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज सीएम हाउस में विधिवत पूजा-अर्चना कर गौमाता की सेवा की और उनके प्रति अपने श्रद्धा-भाव को व्यक्त किया। इस मौके पर उन्होंने प्रदेशवासियों को संदेश देते हुए कहा कि हमारी संस्कृति 'उत्सव प्रधान' संस्कृति है। हमारे वेदों में कहा गया है "गावो विश्वस्य मातरः" अर्थात् गाय संसार की माता है। प्रदेश सरकार गौवंश के संरक्षण के लिए तेज गति से कार्य कर रही है। गोवर्धन पूजा का यह पर्व हमें प्रकृति और पशुधन के प्रति हमारे कर्तव्यों की याद दिलाता है। recent visitors 64

मुख्यमंत्री ने आगर-मालवा में 49 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का किया लोकार्पण/भूमि-पूजन

भारतीय संस्कृति गीता, गंगा, गौ-माता और गोविंद के बगैर नहीं चल सकती:मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारतीय संस्कृति के संरक्षण, संवर्धन के साथ हो रहा है जन-कल्याण :मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने आगर-मालवा में 49 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का किया लोकार्पण/भूमि-पूजन मुख्यमंत्री ने कामधेनु गौ-अभ्यारण्य सालरिया में की गोवर्धन पूजा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति गीता, गंगा, गौ-माता और गोविंद के बगैर नहीं चल सकती है। धरा पर गाय और गंगा ही हैं, जो ईश्वर को अत्यंत प्रिय हैं, इनके बिना भारतवर्ष के उत्कर्ष की कल्पना नहीं की जा सकती। गौ-वंश सम्पूर्ण मानव जाति के लिए पूज्यनीय है। यह पर्व भारतीय जनमानस को अपनी जड़ों से जोड़े रखता है और प्रकृति के प्रति सम्मान की भावना को प्रदर्शित करता है। यह हमारी संस्कृति और परंपरा के संवर्धन का प्रतीक भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार भारतीय संस्कृति का संरक्षण एवं संवर्धन कर जन-कल्याण का कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज शुक्रवार को कामधेनु गौ-अभ्यारण्य सालरिया जिला आगर-मालवा में एक वर्षीय वेदलक्षणा गौ-आराधना महोत्सव अन्तर्गत गोवर्धन पूजा कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा शासन की जन-कल्याणकारी योजनाओं में लाभान्वित हितग्राहियों को मंच से हितलाभ का वितरण भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधि-विधान, मंत्रोच्चार के साथ गोवर्धन पर्वत एवं गौ-माता का पूजन कर भगवान श्रीकृष्ण को छप्पन भोग लगाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आगर-मालवा जिले के लिये 49 करोड़ रूपये से अधिक के विकास कार्यो का लोकार्पण तथा भूमि-पूजन किया। उन्होंने मध्यप्रदेश स्थापना दिवस की सभी को बधाई भी दी। कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलन कर एवं कन्या-पूजन कर किया। इस अवसर पर पशु-पालन मंत्री लखनसिंह पटेल, राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार गौतम टेटवाल, सांसद सुसनेर रोडमल नागर, विधायक मधु गेहलोत, गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा के पूज्य परमहंस प्रज्ञानानंद जी महाराज,जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मुन्नाबाई चौहान मौजूद रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गौ-मूत्र से कैंसर जैसी बीमारी का उपचार पूरे संसार ने देखा है, गौ-माता के दूध से संसार के 200 से अधिक देशों में पूर्ति होती है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार भी गौ-सेवा के लिए सदैव प्रतिबद्ध है, त्यौहारों को लेकर शासकीय स्तर पर लगातार आयोजन हो रहे हैं। अब हम गौ-माता की पूजा कर रहे हैं, उन्होंने कहा कि सरकार ने महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए गौ-शाला में गाय के आहार के लिए निर्धारित अनुदान को भी बढ़ाकर दोगुना कर दिया है। सभी गौ-शालाओं को संरक्षण देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जो व्यक्ति 10 से अधिक गौ-माता का पालन करेगा, उसे भी सरकार अनुदान देकर घर-घर गौसेवा के संकल्प को पूरा करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जो गाय पाले वे सभी गोपाल, जिनके घर में गाय का कुल उनके घर गोकुल, हमें घर-घर गोकुल बनाना है, सरकार ने हर घर में गौ-वंश बढ़ाने का निर्णय लिया है। गौ-माता में हमारे 33 करोड़ देवी-देवता भी विराजमान है। शासकीय स्तर पर गौ-शालाएं खुलेगी, जिनमें बुढ़ी, निराश्रित, अशक्त गौ-वंशों को पालने की जवाबदारी सरकार की होगी और इस संकल्प को संत समाज के सहयोग से पूरा किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश में दुग्ध उत्पादन की लगभग 9 प्रतिशत आपूर्ति मध्यप्रदेश द्वारा की जाती है। सरकार का निर्णय है कि अगले पांच साल के अंदर नेशनल डेयरी डेवलेपमेंट बोर्ड के माध्यम से गौवंश की नस्ल सुधार कर दूध उत्पादन को बढ़ाकर देश में अग्रणी बनाना है। उन्होंने कहा कि हम प्रदेश में ऐसी व्यवस्था करना चाहते है कि गायों को पालने वाले गौ-पालक बिना दूध देने वाली गौ-माता को गौ-शालाओं में छोड़ जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज मैं गौ-अभयारण्य में चल रहे इतने वृहद स्तर पर पवित्र कार्य मे गौ-अभयारण्य में गौ-संवर्धन वर्ष को चरितार्थ किया है। शासन ने गुड़ी पडवा पर गौ-संवर्धन वर्ष मनाने की घोषणा की उसे सालरिया में चरितार्थ किया है। अभयारण्य में मालवी नस्ल की गायों को इतने अच्छे से पालने पर बहुत अच्छा लगा। उन्होंने कहा कि गौ-माता के लिए जल का प्रबंध जहाँ भी आवश्यक है, वहा करेंगे। उन्होंने कहा कि गोवर्धन पूजा के अवसर पर हम सभी मिलकर पर्यावरण-संरक्षण का संकल्प लें। वर्षा के लिए प्राकृतिक संतुलन का होना बेहद आवश्यक है, प्राकृतिक संसाधनों का सदुपयोग करते हुए, अपने आसपास की हरियाली को बढ़ाने का प्रयास करें।   recent visitors 110

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हाथियों की मृत्यु के संबंध में आपातकालीन बैठक ली, दोषियों के विरूद्ध होगी सख्त कार्यवाही

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हाथियों की मृत्यु की घटना पर उच्च स्तरीय दल उमरिया भेजने के दिए निर्देश वन राज्य मंत्री सहित तीन सदस्यीय दल लेगा घटना के सभी पहलुओं की जानकारी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हाथियों की मृत्यु के संबंध में आपातकालीन बैठक ली, दोषियों के विरूद्ध होगी सख्त कार्यवाही भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उमरिया जिले में हाल ही में हाथियों की मृत्यु के संबंध में गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए आज रात्रि मुख्यमंत्री निवास में आपातकालीन बैठक ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि इस घटना के सभी पहलुओं की जानकारी लेने के लिए एक उच्च स्तरीय दल तत्काल घटना स्थल पर रवाना हो। सभी पहलुओं की जानकारी प्राप्त कर 24 घंटे में विस्तृत प्रतिवेदन दिया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस घटना में दोषी लोगों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार वनों की रक्षा और वन्य प्राणियों की सुरक्षा के प्रति पूर्ण गंभीर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जैसा बताया गया है कि हाथियों की मृत्यु के बाद पोस्टमार्टम में हाथियों के पेट में बड़ी मात्रा में कोदो पाए जाने की जानकारी मिली है। जो सैंपल हाथियों के पेट से लिए गए हैं, उनकी वैज्ञानिक जाँच की जायेगी। उसमें यह स्पष्ट होगा कि किसी तरह का जहरीला पदार्थ तो नहीं है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चूंकि जाँच रिपोर्ट आने में चार दिन की अवधि संभावित है, इसके पूर्व वरिष्ठ स्तर से घटना की पूर्ण जानकारी प्राप्त की जाए। वन राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार, अपर मुख्य सचिव वन अशोक बर्णवाल और राज्य वन बल प्रमुख पीसीसीएफ असीम श्रीवास्तव दल में शामिल रहेंगे। दल के सदस्य शनिवार को उमरिया पहुंचकर घटना के बारे में समस्त विवरण प्राप्त करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस तरह की घटनाएं फिर न हो, इसके लिए वन विभाग, स्थानीय प्रशासन और सभी पक्ष सजग और संवदेनशील रहें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उमरिया में हाथियों की मृत्यु की घटना में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने और उपचार एवं अन्य प्रबंधन में विलंब की बात सिद्ध होने पर दोषी लोगों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन वर्चुअल रूप से शामिल हुए। मुख्यमंत्री निवास में हुई बैठक में अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा, पुलिस महानिदेशक सुधीर कुमार सक्सेना, अपर मुख्य सचिव वन अशोक वर्णवाल, आयुक्त जनसंपर्क डॉ. सुदाम खाड़े एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के हाथियों की मृत्यु के संबंध में निर्देश          मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घटना की संपूर्ण पहलुओं की जानकारी प्राप्त करने के लिए उच्चस्तरीय दल उमरिया जाए।          जांच की रिपोर्ट आने के पूर्व इस अवधि में घटना से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर जांच की जो कार्रवाई जारी है, उसमें विलंब न हो।          वन राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार और दो वरिष्ठ अधिकारी उमरिया जाएं।          उमरिया के दौरे की रिपोर्ट 24 घंटे में सौंपी जाए।          दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।   recent visitors 82