सरदार पटेल के प्रयासों से ही भारत का वर्तमान नक्शा कायम है : मुख्यमंत्री डॉ.यादव

सरदार पटेल के प्रयासों से ही भारत का वर्तमान नक्शा कायम है : मुख्यमंत्री डॉ.यादव मुख्यमंत्री ने वल्लभ भवन परिसर में लौह पुरुष सरदार पटेल की प्रतिमा पर अर्पित की पुष्पांजलि भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल के प्रयासों से ही भारत का वर्तमान नक्शा कायम है। सरदार पटेल ने 500 से अधिक रियासतों के विलय का महत्वपूर्ण कार्य किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव , गुरुवार को सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर वल्लभ भवन परिसर स्थित उद्यान में सरदार पटेल की प्रतिमा पर नमन कर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सरदार पटेल को पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कहा कि लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर गुजरात में हो रहे विभिन्न कार्यक्रमों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी हिस्सा ले रहे हैं। सरदार पटेल को देश की एकता और अखंडता के लिए किए गए कार्यों के लिए सदैव स्मरण किया जाएगा। सरदार पटेल ने जीवन में कई महत्वपूर्ण कार्यों के साथ आजादी के आंदोलन में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के साथ कदम से कदम मिलाकर कार्य किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरदार पटेल ने सहकारिता के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। मध्यप्रदेश सरकार सरदार वल्लभ भाई पटेल जैसे महापुरुषों के आदर्शों को अपनाकर निरन्तर आगे बढ़ रही है। इस अवसर पर सांसद विष्णु दत्त शर्मा, विधायक रामेश्वर शर्मा ,भगवान दास सबनानी सहित राहुल कोठारी, सुमित पचोरी एवं अनेक संस्थाओं के पदाधिकारी उपस्थित थे।   recent visitors 129

मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने दीपावली की मंगलकामनाओं के साथ मंत्री, जन-प्रतिनिधियों और नागरिकों से की भेंट

मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने दीपावली की मंगलकामनाओं के साथ मंत्री, जन-प्रतिनिधियों और नागरिकों से की भेंट आर्च बिशप डॉ. दुरईराज और इस्कॉन के प्रबंधक अच्युत कृष्ण दास ने की भेंट मुख्यमंत्री निवास में हुई दीपावली के पर्व पर भेंट भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीपावली पर्व पर मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में भेंट करने पहुँचे मंत्रीगण, जन-प्रतिनिधि, समाजसेवी, अधिकारी और जन-सामान्य को मंगलकामनाएं दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मंत्री विश्वास सारंग, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, विधायक रामेश्वर शर्मा, भगवान दास सबनानी, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी, महापौर श्रीमती मालती राय, आर्च बिशप डॉ. ए.ए.एस. दुरईराज, इस्कॉन भोपाल के प्रबंधक अच्युत कृष्ण दास, राहुल कोठारी सहित जन-प्रतिनिधियों समाजसेवियों, अधिकारियों और जन-सामान्य ने मंगलकामनाओं का आदान-प्रदान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संदेश में प्रदेशवासियों को दीपावली के पावन पर्व की मंगलकामनाएं प्रेषित करते हुए कहा है कि भगवान श्रीगणेश और माँ लक्ष्मी का आशीर्वाद सभी के जीवन में समृद्धि और खुशियां लाए। दीपोत्सव पर नए उत्साह और उमंग के साथ हम सबके आगे बढ़ने की कामना की। एक-दूसरे का साथ देने और समानता के आधार पर जीवन जीने का संदेश देता है दीपावली पर्व मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीगणेश और माँ लक्ष्मी की कृपा से गरीब से गरीब व्यक्ति के जीवन में बदलाव आए, लोगों के जीवन में आने वाली कठिनाइयों से उन्हें मुक्ति मिले, यही कामना है। दीपावली का त्यौहार एक-दूसरे का साथ देने, गरीब-अमीर की खाई पाटने, समानता के आधार पर जीवन जीने का संदेश देता है। इस शुभ पर्व पर ईश्वर से यही प्रार्थना है कि प्रत्येक व्यक्ति उत्साह के साथ हर परिस्थिति का सामना करने में समर्थ बने। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कठिनाई और चुनौती भरे समय में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व में आदर्श स्थापित कर रहा है, यह हम सबके लिए गर्व का विषय है।   recent visitors 32

बृजभूषण का पप्पू यादव पर तंज- बाहुबली बनते हैं और अब सुरक्षा मांग रहे, लॉरेंस पर क्यों बोले

कैसरगंज. यूपी में कैसरगंज के पूर्व बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने सांसद पप्पू यादव पर तंज किया है। बृजभूषण ने कहा कि बिहार के अंदर एक नेता बड़े बाहुबली बनते हैं और अब सुरक्षा मांग रहे हैं। ऐसा बयान क्यों देते है जो सुरक्षा मांगनी पड़े। दरअसल, संसाद पप्‍पू यादव ने कुछ दिनों पहले कहा था कि वह 24 घंटे में लॉरेंस बिश्‍नोई का नेटवर्क खत्‍म कर सकते हैं। इसके बाद उन्‍हें जान से मारने की धमकी मिलने लगी जिस पर पप्‍पू यादव ने सुरक्षा की मांग की है। पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने अपने पैतृक आवास पर समर्थकों से मुलाकात कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि कोई हैं बिहार के बड़े बह़ुबली नेता हैं जो हर विषय पर बोलते हैं। अब सुरक्षा मांग रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा बयान ही क्यों दिया था कि सुरक्षा मांगनी पड़े। आजकल जिसको देखो वही टिप्पणी करने लगता है। इनाम घोषित कर दे रहा है। उसके बाद सुरक्षा मांगने लगता है। बृजभूषण ने कहा कि मेरी सरकार से अपील है कि इन सब पर रोक लगना चाहिए। ऐसा करने वालों को सरकार कोई सुरक्षा ना दे। उन्होंने कहा कि देश, धर्म, समाज और व्यक्ति पर बोलने वालों पर रोक लगनी चाहिए। समाज में नफरत फैलाने वालों पर नकेल लगाना जरूरी है। पप्पू यादव के लिए जेड प्लस सुरक्षा की मांग आपको बता दें कि विश्नोई गैंग द्वारा सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को जान से मारने की धमकी की मिली है। सांसद कार्यालय के सचिव देवाशीष पासवान ने केन्द्र सरकार से आग्रह किया है कि सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को जेड प्लस सुरक्षा प्रदान की जाय। उन्होंने कहा कि सांसद को बार-बार माफियाओं द्वारा पहले भी कई बार धमकी मिल चुका है। गृह मंत्री से आग्रह किया कि सांसद पप्पू यादव को अविलंब जेड प्लस सुरक्षा मुहैया कराएं। पप्पू ने लॉरेंस बिश्नोई को दो टके का क्रिमिनल कहा था सांसद पप्पू यादव ने बाबा सिद्दीकी की हत्या के बाद लॉरेंस बिश्नोई को दो टके का क्रिमिनल कहा था और दावा कर दिया कि कानून इजाजत दे तो वो 24 घंटे में लॉरेंस का नेटवर्क खत्म कर देंगे। जेल में सुरक्षित बैठा लॉरेंस बिश्नोई कई चर्चित लोगों की हत्या सुपारी किलरों से करवा चुका है। लॉरेंस के घोषित टारगेट में सलमान खान सबसे ऊपर हैं। recent visitors 68

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन शहर में पैदल भ्रमण करके नागरिकों को दीपावली की शुभकामनाएं दी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन शहर में पैदल भ्रमण करके नागरिकों को दीपावली की शुभकामनाएं दी मुख्यमंत्री ने स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहित करने का संदेश दुकानदारों नागरिकों को दिया उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीपावली पर उज्जैन शहर में पैदल भ्रमण करके नागरिकों को दीपावली की शुभकामनाएं दी। उनके साथ दीपावली की खुशियां मनाई। मुख्यमंत्री ने नागरिकों को दीपावली की मिठाई खिलाई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शहर के फ्रीगंज शहीद पार्क टॉवर चौक आदि क्षेत्रों में पैदल भ्रमण करते हुए नागरिकों को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए उनके कुशल क्षेम पूछी। उनके साथ फोटो खिंचवाये। अपने भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दुकानदारों तथा नागरिकों को स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहित करने का संदेश भी दिया। उज्जैन शहर के नागरिक भी मुख्यमंत्री से आत्मीयता के साथ मिले मुख्यमंत्री से मिलकर उनकी खुशी देखते ही बनती थी। नागरिक आत्मीयता की उष्मा से सरोबार थे। कई स्थानों पर नागरिकों द्वारा मुख्यमंत्री पर पुष्प वर्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कई दुकानों के अंदर जाकर दुकान संचालकों से मुलाकात की। दुकानदारों के परिजनों से भी चर्चा की। इस दौरान फ्रीगंज में प्रकटेश्वर महादेव मंदिर तथा राम लक्ष्मण मंदिर में दर्शन किए , पूजा अर्चना की सबको दीपावली की शुभकामनाएं दी। उज्जैन के फ्रीगंज में राह में चलते हुए मुख्यमंत्री को देखकर दिव्यांग दंपत्ति परमानंद तथा रेखा प्रजापत ने मुख्यमंत्री से कार्तिक मेला क्षेत्र में अपने स्वरोजगार के लिए एक दुकान उपलब्ध कराने की मांग की। उनकी मांग पर मुख्यमंत्री ने तत्काल कलेक्टर नीरज कुमार सिंह को बुलवाया और दिव्यांग दंपति को उनकी मांग के अनुसार दुकान उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। दिव्यांग दंपति प्रसन्नचित् होकर अपने घर को रवाना हुए। फ्रीगंज क्षेत्र में भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री यादव ने गन्ने की चरखी चलाने वाले ललित पाटिल से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने स्वयं चरखी पर गन्ने का रस निकाल कर उपस्थित जनों को पिलाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सहजता सरलता देखकर नागरिक अभिभूत थे। इसके पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवास पर दीपावली के अवसर पर पूजा अर्चना की। इस दौरान विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा कलेक्टर नीरज कुमार सिंह पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा भी मौजूद रहे   recent visitors 81

न्यूजीलैंड ने जीता टॉस, लिया बल्लेबाजी का फैसला

मुंबई मुंबई में खेले जा रहे सीरीज के तीसरे और आखिरी टेस्ट में न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया है। इस मैच में भारतीय टीम में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। जसप्रीत बुमराह को आराम दिया गया है, और उनकी जगह मोहम्मद सिराज को वापस शामिल किया गया है। कीवी टीम पहले दो मैच जीतकर सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना चुकी है, जिससे भारतीय टीम के लिए यह मैच जीतना बेहद महत्वपूर्ण हो गया है। टीम इंडिया प्लेइंग XI यशस्वी जयसवाल, रोहित शर्मा (कप्तान), शुबमन गिल, विराट कोहली, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), सरफराज खान, रवींद्र जड़ेजा, वाशिंगटन सुंदर, रविचंद्रन अश्विन, आकाश दीप, मोहम्मद सिराज न्यूजीलैंड प्लेइंग XI ओम लैथम (सी), डेवोन कॉनवे, विल यंग, ​​रचिन रवींद्र, डेरिल मिशेल, टॉम ब्लंडेल (डब्ल्यू), ग्लेन फिलिप्स, ईश सोढ़ी, मैट हेनरी, अजाज पटेल, विलियम ओ'रूर्के recent visitors 84

13 करोड़ भारतीय बेहद गरीब, तमाम दावों के बीच आई विश्व बैंक रिपोर्ट

मुंबई करीब 12.9 करोड़ भारतीय वर्ष 2024 में अत्यधिक गरीबी में जीवन बसर कर रहे हैं। विश्व बैंक की रिपोर्ट के अनुसार, इन भारतीयों की प्रतिदिन की आमदनी 181 रुपये (2.15 डॉलर) से भी कम है। वर्ष 1990 में यह संख्या 43.1 करोड़ थी। रिपोर्ट के मुताबिक, मौजूदा रफ्तार से दुनिया में गरीबी खत्म करने में एक सदी से भी अधिक समय लग सकता है। विश्व बैंक की मंगलवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक, उच्च गरीबी मानक के साथ मध्य आय वाले देशों के लिए गरीबी की तय सीमा प्रतिदिन 576 रुपये (6.85 डॉलर) है, लेकिन जनसंख्या वृद्धि के चलते 1990 की तुलना में 2024 में अधिक भारतीय गरीबी रेखा से नीचे रह रहे हैं। इससे पहले विश्व बैंक ने कहा था कि भारत में अत्यधिक गरीबी पिछले दो वर्षों में बढ़ने के बाद 2021 में 3.8 करोड़ घटकर 16.74 करोड़ रह गई। भारत का योगदान वैश्विक चरम गरीबी में घटेगा विश्व बैंक के मुताबिक, अगले दशक में वैश्विक अत्यधिक गरीबी में भारत का योगदान काफी कम होने का अनुमान है। यह अनुमान अगले दशक में प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में वृद्धि के साथ-साथ ऐतिहासिक विकास दरों पर आधारित है। भारत में 2030 में चरम गरीबी दर शून्य करने पर भी इस अवधि में दुनियाभर में अत्यधिक गरीबी दर 7.31 फीसदी से गिरकर 6.72 फीसदी ही रहेगी जो अभी भी तीन फीसदी के लक्ष्य से काफी ऊपर है। दुनिया में 70 करोड़ लोग अत्यधिक गरीब गरीबी, समृद्धि और पृथ्वी : बहुसंकट से बाहर निकलने के रास्ते नामक रिपोर्ट में कहा गया है कि आज भी दुनिया की 44 फीसदी आबादी प्रतिदिन 576 रुपये से कम पर जीवनयापन करती है। जनसंख्या वृद्धि के कारण 1990 के बाद से इस गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले लोगों की संख्या में कोई खास बदलाव नहीं आया है। 2020-2030 एक खोया हुआ दशक होने वाला है। रिपोर्ट के अनुसार, प्रगति की मौजूदा रफ्तार के हिसाब से अत्यधिक गरीबी को मिटाने में दशकों लगेंगे और लोगों की प्रतिदिन की कमाई 576 रुपये से ऊपर लाने में एक सदी से अधिक समय लगेगा। वैश्विक आबादी का 8.5 फीसदी या 70 करोड़ लोग आज भी 181 रुपये से कम पर जीवनयापन कर रहे हैं। अनुमान है कि 2030 में 7.3 फीसदी आबादी अत्यधिक गरीबी में रह रही होगी। अफ्रीका में बढ़ेगी गरीबी: रिपोर्ट में कहा गया है कि इन नए डाटासेट को हाल ही में जारी 2022-23 के घरेलू उपभोग और व्यय सर्वेक्षण (एचसीईएस) में शामिल नहीं किया गया था, क्योंकि आवश्यक विश्लेषण समय पर पूरे नहीं किए जा सके। रिपोर्ट के प्रमुख निष्कर्ष मजबूत हैं जैसे उप-सहारा अफ्रीका और विकासशील देशों में अत्यधिक गरीबी का बढ़ना और 2030 तक अत्यधिक गरीबी के खात्मे का पहुंच से बाहर होना। recent visitors 112

राज्य वन्यजीव विभाग ने बरखेड़ा – बुधनी रेलवे लाइन के निर्माण को पर कई तरह की चिंता जताई

भोपाल मध्य प्रदेश में 2015 से अब तक 14 तेंदुए, सात बाघ और एक भालू की मौत हो चुकी है। अब राज्य वन्यजीव विभाग ने बरखेड़ा और बुधनी के बीच रेलवे लाइन परियोजना के निर्माण को लेकर कई तरह की चिंता जताई है। जिससे पता चलता है कि वन्यजीवों को दुर्घटनाओं से बचाने के लिए किए गए उपायों को ठीक से लागू नहीं किया गया है। 2011-12 में स्वीकृत बरखेड़ा-बुदनी खंड 26.50 किलोमीटर लंबा ट्रैक है जिसे 991.60 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। यह रातापानी वन्यजीव अभयारण्य और टाइगर रिजर्व में आता है। यह रेलवे लाइन तब जांच के घेरे में आई जब 14-15 जुलाई की रात को भोपाल से करीब 70 किलोमीटर दूर मिडघाट के एक फॉरेस्टेड एरिया में ट्रेन की चपेट में आने से तीन बाघ शावक घायल हो गए। चोट लगने की वजह से आखिरकार उनकी मौत हो गई। रिपोर्ट के अनुसार, रिकॉर्ड से पता चलता है कि वन्यजीव विभाग ने इस साल 6 सितंबर को एक समीक्षा बैठक में रेलवे लाइन के निर्माण के संबंध में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय और राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड द्वारा लगाई गई कुछ शर्तों के अनुपालन में खामियों को उजागर किया था। विभाग ने कहा कि 'भारत सरकार से प्राप्त सशर्त अनुमति के तहत लगाई गई शर्तों का एजेंसी (भारतीय रेलवे) द्वारा पूरी तरह से पालन नहीं किया गया।' बैठक के दौरान उठाया गया एक मुख्य मुद्दा अंडरपास का अनुचित निर्माण था, जिसका मकसद वन्यजीवों के लिए सुरक्षित मार्ग प्रदान करना था। विभाग ने कहा कि यह 'अंडरपास लोकल ड्रेनेज सिसटम्स के ऊपर बना हुआ है जो मॉनसून के दौरान पानी से भर जाते हैं, जिससे जानवरों को वैकल्पिक रास्ते तलाशने पड़ते हैं, जो अक्सर उन्हें रेलवे पटरियों पर ले जाते हैं।' रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 'खराब जल निकासी के कारण पटरियों के पास जलभराव वाले क्षेत्र पानी की तलाश में जानवरों को अपनी तरफ आकर्षित करते हैं', जिससे रेल से उनके टकराव का खतरा और बढ़ गया है। बैठक में रेलवे पटरियों से दूर वैकल्पिक जल स्रोतों को विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। बैठक में गति सीमा विवाद भी एक मुद्दा था। विभाग ने कहा कि वन क्षेत्रों से गुजरने वाली ट्रेनों के लिए स्वीकृत गति सीमा '60 किमी प्रति घंटा निर्धारित की गई थी, वहीं रेलवे अधिकारियों द्वारा लगाए गए बोर्ड 75 और 65 किमी प्रति घंटे की गति सीमा दर्शाते हैं', जो निर्धारित सुरक्षा उपायों का स्पष्ट उल्लंघन है। ट्रैक के रखरखाव के मुद्दे पर भी चर्चा की गई। फील्ड स्टाफ, वैज्ञानिकों और पशु चिकित्सकों द्वारा संयुक्त निरीक्षण से पता चला कि 'ट्रैक के बीच की घास विजिबिलिटी में बाधा डालती है, जिससे ट्रेन के पायलटों के लिए वन्यजीवों को देखना और जानवरों के लिए आने वाली ट्रेनों से बचना मुश्किल हो जाता है।' recent visitors 95