मोहन भागवत ने कहा हिंदुओं के त्योहारों को लेकर ही क्यों प्रतिबंध लगाए जाते हैं

 नई दिल्ली दिल्ली में दिवाली पर पटाखा बैन को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि इसमें हिंदू-मुसलमान वाली कोई बात नहीं है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक ने कहा कि दिवाली रोशनी का त्योहार है और आतिशबाजी से जो प्रदूषण होता है उसका खामियाजा हमारे ही बच्चों को भुगतना होता है। उन्होंने यह जवाब आरएसएस प्रमुख की उस टिप्पणी को लेकर दिया जिसमें मोहन भागवत ने कहा था कि हिंदुओं के त्योहारों को लेकर ही क्यों प्रतिबंध लगाए जाते हैं। अरविंद केजरीवाल से बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मोहन भागवत की टिप्पणी को लेकर सवाल किया गया। केजरीवाल ने हाई कोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक का हवाला देते हुए जवाब दिया और इसमें हिंदू-मुस्लिम को कारण मानने से इनकार किया। उन्होंने कहा, 'सुप्रीम कोर्ट का भी कहना है, हाई कोर्ट का भी कहना है कि प्रदूषण के मद्देनजर हमें पटाखे नहीं दिये जलाने चाहिए। यह रोशनी का त्योहार है। हम दीये और मोमबत्ती जलाकर हम त्योहार मनाएं ना कि पटाखे जलाएं। पटाखों से प्रदूषण होता है।' केजरीवाल ने आगे कहा, 'ऐसा नहीं है कि हम किसी पर अहसान कर रहे हैं, हम अपने ऊपर भी अहसान कर रहे हैं। जो प्रदूषण होगा उसे हम और हमारे छोटे-छोटे बच्चे ही भुगतेंगे। इसमें कोई हिंदू और मुसलमान नहीं है, सबकी सांसें जरूरी है, सबकी जिंदगी जरूरी है।' गौरतलब है कि मोहन भागवत ने पलूशन की वजह से दिवाली पर पटाखा बैन के फैसले पर सवाल खड़े करते हुए कहा है कि केवल हिंदुओं के त्योहारों पर क्यों, सबका परीक्षण ऐसा करो। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि देश काल परिस्थिति के अनुसार बदला जा सकता है। कर्म-कांड कोई ध्रुव रेखा नहीं वह बदलते रहता है, इसमें हिंदुओं में मनाही नहीं है। उन्होंने कहा कि पहले शुद्ध बारूद के पटाखे बनते थे और इनके धुएं से खेतों में कीट का नियंत्रण भी होता था। आज उसका (पटाखों) का उपद्रव है तो बदल सकते हैं। recent visitors 99

प्रदेश सरकार प्रत्येक प्रदेशवासी के जीवन को खुशहाल बनाने के लिए प्रतिबद्ध – मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मध्यप्रदेश अपनी गौरवशाली परंपराओं को सहेजते हुए विकास और प्रगति के पथ पर अग्रसर – मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में प्रदेश अपने दायित्वों के निर्वहन के लिए सदैव तत्पर दीपोत्सव की शुभ बेला में मनाया जा रहा है मध्यप्रदेश का 69वां स्थापना दिवस प्रदेश सरकार प्रत्येक प्रदेशवासी के जीवन को खुशहाल बनाने के लिए प्रतिबद्ध मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के समारोह को किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश अपनी गौरवशाली परंपराओं को सहेजते हुए विकास और प्रगति के पथ पर निरंतर अग्रसर है। राज्य शासन द्वारा दशहरे पर शस्त्र-पूजन और दीपावली के बाद गोवर्धन पूजा का आयोजन इस बात का प्रतीक है। प्रदेश की स्थापना दिवस पर परम्परागत मलखंब कला का प्रदर्शन भी इस भाव का प्रकटीकरण है। अतीत को सहेज कर समय के साथ चलने की यह विशेषता प्रदेश को विश्व में वैशिष्टय प्रदान करती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में अपने दायित्वों के निर्वहन के लिए मध्यप्रदेश सदैव तत्पर है। यह प्रदेश के लिए गर्व और सौभाग्य का विषय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा धन्वंतरि जयंती पर देश को दी गई सौगातो में सर्वाधिक मध्यप्रदेश को प्राप्त हुई हैं। प्रधानमंत्री मोदी के कर-कमलों से 3 शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय क्रमशः मंदसौर, नीमच और सिवनी का लोकार्पण हुआ है। प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं नए दौर में हैं, 20 से अधिक मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पतालों में जांच और इलाज सुविधा, मेडिकल और पैरामेडिकल स्टॉफ की बढ़ती संख्या, आरोग्य मंदिर और आयुर्वेद अस्पतालों ने जन सामान्य को बड़ा संबल प्रदान किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर लाल परेड ग्राउंड से प्रदेशवासियों को संबोधित कर रहे थे। सैन्य व युद्ध उपकरणों पर केंद्रित प्रदर्शनी का किया अवलोकन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश स्थापना दिवस समरोह का ध्वजारोहण कर शुभारंभ किया। इस अवसर पर राष्ट्रगान व मध्यप्रदेश गान प्रस्तुत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेना द्वारा लगाई गई सैन्य व युद्ध उपकरणों पर केंद्रित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ यादव के सम्मुख आर्मी बैंड द्वारा सुमधुर धुनों की प्रस्तुति दी गई। प्रदेश के राज्यीय खेल मलखंब का प्रदर्शन भी किया गया। कथक नृत्य के रूप में गणेश वंदना से सांस्कृतिक प्रस्तुतियां का क्रम आरंभ हुआ। 3 ईएमई सेंटर भोपाल के मिलिट्री बैंड द्वारा प्रस्तुत देश भक्ति गीतों की धुनों ने कार्यक्रम में उत्साह ,उमंग और जोश का संचार कर दिया। मध्यप्रदेश ने विश्व को साहित्य और संगीत की अमूल्य विरासत सौंपी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्थापना दिवस की प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सौभाग्य का विषय है कि दीपोत्सव की शुभ बेला में मध्यप्रदेश का 69वां राज्योत्सव मनाया जा रहा है। बुंदेलखंड, बघेलखंड, निमाड़, मालवा और महाकौशल रूपी पांचो अंचलों ने प्रदेश को अविस्मरणीय इतिहास, अद्भुत कला, अनुपम संस्कृति, अद्वितीय परंपरा और अनंत सामर्थय का पंचामृत दिया है। धर्म-अध्यात्म और ज्ञान की त्रिवेणी, विंध्याचल और सतपुड़ा की गोद में विद्यमान मध्यप्रदेश ने विश्व को साहित्य और संगीत की अमूल्य विरासत सौंपी है। लोक संस्कृति और जनजातीयां प्रदेश का आधार हैं। यह भूमि भगवान श्रीराम के वनवास, भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा, सम्राट विक्रमादित्य के पराक्रम और सृजनशीलता की साक्षी रही है। मध्यप्रदेश के खाते में है कई उपलब्धियां मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ने कई उपलब्धियां अर्जित की है। यह देश की फूड बॉस्केट, सोयाबीन प्रदेश, हीरा प्रदेश, बिजली प्रदेश, जनजातियों का घर, बाघ प्रदेश और चीता स्टेट के नाम से विख्यात है। स्वच्छता के क्षेत्र में इंदौर और भोपाल ने कीर्तिमान स्थापित किए हैं। किसान भाइयों के सामर्थ्य से प्रदेश ने 7 बार कृषि को कर्मण पुरस्कार जीता। प्रदेश के शरबती गेहूं, सोयाबीन और चिन्नौर चावल का कोई मुकाबला नहीं है। प्राकृतिक औषधि और श्रीअन्न के उत्पादन में भी प्रदेश अग्रणी है। भारतीय सेना ने प्रत्येक मोर्चे पर अपनी दक्षता सिद्ध की मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत विश्व में एकमात्र ऐसा देश है जिसने मानवता के लिए सदैव अपनी सकारात्मक भूमिका निभाई है प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में तीनों सेनाओं ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अपनी दक्षता को सिद्ध कर भारत का मान बढ़ाया और देश की सीमाओं की रक्षा की है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत "जियो और जीने दो" के सिद्धांत को व्यवहार में लाते हुए सभी दिशाओं में प्रगति कर रहा है। केन्द्र एवं प्रदेश की डबल इंजन सरकार भी प्रत्येक प्रदेशवासी के जीवन को खुशहाल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, सांसद आलोक शर्मा, भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय, विधायक भगवान दास सबनानी, विधायक रामेश्वर शर्मा, मुख्य सचिव अनुराग जैन, पुलिस महानिदेशक सुधीर कुमार सक्सेना, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव संस्कृति शिव शेखर शुक्ला तथा अन्य वरिष्ठ जनप्रतिनिधि व अधिकारी उपस्थित थे।   recent visitors 79

मध्यप्रदेश में अब कोई भी पटवारी गृह तहसील में पदस्थ नहीं होगा, अभी 50 फीसदी पटवारी, RI गृह तहसील में पदस्थ है

 भोपाल  मध्य प्रदेश में पटवारियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है, अब कोई भी भी पटवारी उसी तहसील में पदस्थ नहीं रहेंगे जिस तहसील में उनका पैतृक निवास है। ऐसी ही स्थिति प्रदेश में पदस्थ राजस्व विभाग के राजस्व निरीक्षकों के मामले में भी प्रभावी होगी। इसके लिए आयुक्त भू अभिलेख ने सभी कलेक्टर को पत्र लिखा है। अब तक करीब 50 फीसदी पटवारी, आरआई गृह तहसील में पदस्थ है। आदेश के बाद प्रदेश में पदस्थ करीब 25 हजार पटवारियों और 1300 राजस्व निरीक्षकों के बीच खलबली मच गई है।   आयुक्त भू-अभिलेख ने प्रदेश के सभी कलेक्टरों को पत्र लिखकर कहा है कि पटवारी के गृह तहसील और राजस्व निरीक्षकों के गृह अनुविभाग में पदस्थ होने की जानकारी भेजें। इसमें कहा है कि पटवारी और राजस्व निरीक्षक को गृह तहसील और गृह अनुविभाग में पदस्थ नहीं करने के शासन के निर्देश हैं। वहीं इस मामले में पटवारी संघ के अध्यक्ष उपेंद्र सिंह ने कहा कि अभी इस तरह का कोई आदेश ही जारी नहीं हुआ है कि पटवारी को गृह तहसील में पदस्थ नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूर्व में एक आदेश हुआ था जिसे निरस्त करा दिया गया था। अब यह नया आदेश कब जारी हुआ है, सरकार को इसकी जानकारी देनी चाहिए। फिलहाल तो सरकार के इस आदेश के बाद से पटवारियों के बीच खलबली मची हुई है। पटवारी संघ अध्यक्ष बोले, कोई आदेश ही जारी नहीं इस मामले में एमपी पटवारी संघ के अध्यक्ष उपेंद्र सिंह का कहना है कि इस तरह का कोई आदेश ही जारी नहीं हुआ है कि पटवारी को गृह तहसील में पदस्थ नहीं किया जाएगा। पूर्व में एक आदेश हुआ था जिसे निरस्त करा दिया गया था। अब यह नया आदेश कब जारी हुआ है, सरकार को इसकी जानकारी देना चाहिए। सरकार पटवारियों को सुविधा नहीं दे रही लेकिन शोषण में कोई कमी नहीं रखी जा रही है। दीपावली पर नहीं दी पांच हजार 300 रुपए भत्ता की राशि पटवारी संघ के अध्यक्ष सिंह ने कहा कि सरकार पटवारियों की पदस्थापना की जानकारी मांग रही है लेकिन उन्हें मिलने वाली राशि में कटौती की जा रही है। इसी माह दीपावली के पहले वेतन तो दे दिया गया है लेकिन हर माह अलग-अलग भत्तों के रूप में दी जाने वाली 5300 रुपए की रकम नहीं दी गई है। यह राशि पटवारियों को स्टेशनरी, फिक्स डीए, एग्रीस्टेट के रूप में दी जाती है। बताया जा रहा है कि बजट नहीं होने से भत्ते की राशि का भुगतान नहीं किया गया है। recent visitors 71

राज्य स्थापना दिवस: मुख्यमंत्री साय रायपुर में मुख्य अतिथि के रूप में होंगे शामिल

रायपुर राज्य स्थापना दिवस, 2024 के अवसर पर 05 नवम्बर को जिला मुख्यालयों में होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों में छत्तीसगढ़ के प्रत्येक जिले में मुख्य अतिथिगण शामिल होंगे। इस क्रम में रायपुर जिले में होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों में मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री देव साय उपस्थित रहेंगे। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, बिलासपुर में उप मुख्यमंत्री अरूण साव, बस्तर में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, राजनांदगांव से विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, सरगुजा में मंत्री रामविचार नेताम, महासमुंद में मंत्री दयालदास बघेल, दुर्ग में मंत्री केदार कश्यप, कोरबा में मंत्री लखन लाल देवांगन, बलौदाबाजार-भाटापारा में मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। इसी प्रकार जांजगीर-चांपा जिले के कार्यक्रम में मंत्री ओ.पी. चौधरी, बलरामपुर-रामानुजगंज में मंत्री लक्ष्मी राजवाडे़, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में मंत्री टंकराम राम वर्मा, गरियाबंद में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, बालोद में सांसद विजय बघेल, खैरागढ़-गंडई-छुईखदान में सांसद संतोष पाण्डेय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। जशपुर जिले के कार्यक्रम में सांसद चिंतामणी महाराज, बेमेतरा में सांसद रूप कुमारी चौधरी, रायगढ़ में सांसद राधेश्याम राठिया, सक्ति में सांसद कमलेश जांगडे़, दंतेवाड़ा में सांसद महेश कश्यप, कांकेर में सांसद भोजराज नाग, नारायणपुर में सांसद श्री देवेन्द्र प्रताप सिंह, मुंगली में विधायक पुन्नु लाल मोहले, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में विधायक धरमलाल कौशिक उपस्थित रहेंगे। इसी प्रकार कबीरधाम में विधायक अमर अग्रवाल, धमतरी में विधायक अजय चन्द्राकर, कोरिया में विधायक रेणुका सिंह, सूरजपुर में विधायक भैया लाल राजवाडे़, कोण्डागांव में विधायक लता उसेंडी, बीजापुर में विधायक विक्रम उसेंडी, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में विधायक राजेश मूणत तथा सुकमा जिले में विधायक किरण देव राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्र में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।   recent visitors 71

दीवाली की पूजा में उचित मुहूर्त में विधि-विधान से स्थिर लग्न, प्रदोषकाल एवं अमावस्या में करें पूजन

इंदौर दीपावली पर सुख-समृद्धि प्रदान करने वाली देवी महालक्ष्मी का पूजन 31 अक्टूबर गुरुवार को होगा। इस मौके पर घर-घर माता का आह्वान विधि-विधान से किया जाएगा। यह पूजन केवल घर-परिवारों में ही नहीं बल्कि व्यवसायिक स्थल, कार्यालयों और कारखानों में भी होगा। दीवाली पूजा उचित मुहूर्त में विधि-विधान से स्थिर लग्न, प्रदोषकाल एवं अमावस्या तिथि पर विचार किया जाता है। इस वर्ष गुरुवार को दोपहर 03.53 से अमावस तिथि लगेगी, जो कि दूसरे दिन एक नवंबर शुक्रवार की शाम 06.17 मिनट तक रहेगी। दीपावली पर्व के लिए सबसे महत्वपूर्ण प्रदोष वेला एवं महानिशीथ काल 31 को ही मिल रहे हैं। अतः इस वर्ष दीपावली पर्व उदया चतुर्दशी तिथि में 31 को ही मनाया जाएगा। पर्व काल होने से संपूर्ण दिवस पर्यंत पूजन कर सकते हैं। यदि संभव हो, तो करें रात्रि जागरण इंदौर के ज्योतिषाचार्य पंडित गिरीश व्यास के अनुसार, उपरोक्त पूजा सम्पूर्ण विधि-विधान से की जाती है। संपूर्ण दीवाली पूजा संपन्न करने में कुछ घंटों का समय लग सकता है। पूजन के बाद श्री सूक्त, लक्ष्मी सूक्त तथा देवी लक्ष्मी की अन्य स्तुतियों का पाठ करना चाहिए। यदि संभव हो, तो देवी लक्ष्मी की स्तुति के लिए जागरण करना चाहिए। कहते हैं कि दीवाली की रात में माता लक्ष्मी घर में आती हैं और जो लोग उनकी पूजा-आराधना करते हैं, उनकों आशीर्वाद देती हैं। घर को दीपकों और रंगोली से जरूर सजाएं। चौघड़ियानुसार पूजन मुहूर्त प्रात: 06.32.21 से 07.56.14 तक (शुभ) प्रात: 10.44.00 से दोप. 12.07.54 तक (चर) दोप: 12.07.55 से 01.31.47 तक (लाभ) सांय: 04.19.33 से सांयः 05.43.27 तक (शुभ) सांयः 05.43.28 से 07.19.38 तक (अमृत) सांयः 07.19.39 से रात्रि 08.55.49 तक (चर) रात्रि: 12.08.11 से 01.44.22 तक (लाभ) शुभ स्थिर लग्न में पूजन वृश्चिक: प्रातः 07.47.01 से 10.02.47 तक कुंभ: दोप. 01.54.54 से 03.28.11 तक वृषभ: सांय 06.39.40 से रात्रि 08.37.59 तक सिंह: रात्रि 01.07.07 से 03.18.32 तक शुभ अभिजित मुहूर्त – प्रातः 11.43.54 से दोप. 12.31.54 तक शुभ प्रदोष वेला – सांय 05.43.27 से 07.51.41 तक शुभ महानिशीथ काल – रात्रि 11.44.11 से 12.32.11 तक   recent visitors 119

राम मंदिर में पहली बार मनाया दीपोत्सव मनाया जाएगा, अयोध्या में वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया जाएगा

अयोध्या राम नगरी अयोध्या में दीपोत्सव की तैयारी धूमधाम से चल रही है. इस बार अयोध्या में दीपोत्सव (Ayodhya Deepotsav 2024) बेहद खास होगा. अयोध्या में भव्य मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद होने के बाद पहला दीपोत्सव मनाया जाएगा. ये दीपोत्सव कई मायनों में ख़ास होगा. अयोध्या नगरी तो लाखों दीपों से रोशन होगी ही साथ ही श्रीराम जन्मभूमि (Shri Ram Janm Bhumi) पर बने भव्य मंदिर की दीपावली भी यादगार होगी. इसके लिए तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है. इस साल एक तरफ अयोध्या के सरयू तट पर 25 से 28 लाख दीपक जलाकर विश्व रिकॉर्ड बनाने की योजना है. वहीं दीपोत्सव पर श्रीराम मंदिर में विशेष प्रकार के दीपक जलाए जाएंगे। दीपोत्सव पर श्रीराम मंदिर के लिए खास दीपकों की व्यवस्था की गई है. इससे मंदिर परिसर और भवन सुरक्षित रहेगा. मंदिर भवन को दाग-धब्बों और कालिख से सुरक्षित रखने के लिए इन खास दीपकों की व्यवस्था की गई है. साथ ही ये दीये लंबे समय तक जलते रहेंगे. अयोध्या नगरी को दीपों से रोशन करने और श्रीरामजन्मभूमि पर बने नव्य और भव्य मंदिर में पहली दीपावली को अविस्मरणीय बनाने की तैयारियां जोरों पर हैं। इस वर्ष सरयू तट पर जहां 25 से 28 लाख दीपक प्रज्वलित कर विश्व रिकॉर्ड बनाने की योजना है,वहीं श्रीराम मंदिर में विशेष प्रकार के दीपक जलाए जाएंगे। मंदिर भवन को दाग-धब्बों और कालिख से सुरक्षित रखने के लिए विशिष्ट दीपकों की व्यवस्था की है, जो लंबे समय तक प्रकाशमान रहेंगे। श्रीरामजन्मभूमि मंदिर को आकर्षक फूलों से सजाने की भी विशेष योजना है। मंदिर परिसर को कई खंडों और उपखंडों में विभाजित कर सजावट का दायित्व सौंपा गया है। मंदिर के प्रत्येक कोने को व्यवस्थित रूप से रोशन करने, सभी प्रवेश द्वारों को तोरण से सजाने, साफ-सफाई और सजावट की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे श्रद्धालु मनोहारी फूलों और दीपों से सजे मंदिर का दिव्य दर्शन कर सकेंगे। पर्यावरण संरक्षण का भी रखा गया ध्यान इस दीपोत्सव में पर्यावरण संरक्षण का भी विशेष ध्यान रखा गया है। मंदिर भवन के ढांचे को धुएं की कालिख से बचाने के लिए परिसर में विशेष मोम के दीपक जलाए जाएंगे, जिनसे कार्बन उत्सर्जन न्यूनतम होगा। मंदिर ट्रस्ट का प्रयास है कि इस दीपावली में अयोध्या न केवल धर्म और आस्था का केंद्र बने, बल्कि स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश दे। दीपोत्सव की भव्यता को श्रद्धालुओं के लिए अविस्मरणीय बनाने के लिए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने मंदिर को 29 अक्टूबर से 1 नवम्बर तक रात 12 बजे तक बाहर से भवन दर्शन के लिए खुला रखने का निर्णय लिया है। गेट संख्या चार बी (लगेज स्कैनर प्वाइंट) से श्रद्धालु आधी रात तक मंदिर की भव्य सजावट का आनंद ले सकेंगे। स्वयं सहायता समूह से खरीदे मोम का दीये स्वयं सहायता महिला समूह की समन्वयक सरिता वर्मा ने बताया कि तीर्थ क्षेत्र ने पांच हजार मोम के दीयों का आर्डर दिया था। बताया गया कि यह मोम के धीरे से कार्बन उत्सर्जन नहीं होगा और न ही धुआं उठेगा। बताया गया कि मिट्टी के धीरे में मधुमक्खी के मोम को पिघला कर फैला दिया गया है और इसमें बाती भी लगी है। इस धीरे को बिना घी-तेल के सीधे जलाया जाएगा। इससे फर्श पर दाग-धब्बे भी नहीं पड़ेंगे और यह करीब आधे घंटे तक जलता रहेगा। राम मंदिर के लिए ही पर्यटन विभाग ने भी एक लाख मिट्टी के दीए का भी आर्डर दिया गया था। इन्हें भी राम मंदिर परिसर में पहुंचा दिया है। इन दीयों का निर्माण पूरा बाजार, मसौधा व मिल्कीपुर ब्लाक की महिलाओं ने किया है। recent visitors 64

विधान सभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने प्रदेशवासियों को दी दीपावली पर्व बधाई एवं शुभकामनाएँ

रायपुर छत्तीसगढ़ विधान सभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने प्रदेशवासियों को दीपावली पर्व पर अपनी बधाई एवं शुभकामनाएं दी है । अपने शुभकामना संदेश में विधान सभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि-धनतेरस से लेकर भाई दूज तक चलने वाला ये पांच दिन का पावन पर्व हमारी सभ्यता और संस्कृति की गौरव-गाथा है । दीपावली का पर्व भारतीय संस्कृति का गौरव है, यह प्रकाश का पर्व है और तमस (अंधकार) को दूर करता है, इसलिए यह पर्व ज्ञान का प्रकाश पंहुचाने के संकल्प का पर्व भी कहलाता है। डॉ. रमन ने गोवर्धन पूजा को छत्तीसगढ़ का लोक पर्व बताते हुए प्रदेश के कृषक बंधुओं को इस अवसर पर बधाई देते हुए कहा कि-पशुधन हमारी कृषि का आधार है, इसलिए इसके संरक्षण और संवर्धन की दिशा में और अधिक प्रयास करने होंगे।  डॉ. रमन ने कहा कि-दीपावली मनाने की सार्थकता तभी है, जब भीतर का अंधकार दूर हो । डॉ. रमन ने ईश्वर से कामना करते हुए कहा कि-छत्तीसगढ़ राज्य के प्रत्येक नागरिक को सुख, सम्पन्नता और समृद्धि का अपूर्व भण्डार प्राप्त हो तथा दीपावली पर्व समस्त नागरिकों के जीवन में नया सबेरा लेकर आये। recent visitors 56