‘500 साल बाद योध्या मंदिर में राम लला की यह पहली दिवाली’, दीपोत्सव पर PM मोदी का खास संदेश

अयोध्या  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने  कहा कि प्रभु श्रीराम के बाल अवतार राम लला 500 साल के इंतजार के बाद अयोध्या स्थित अपने मंदिर में पहली बार दिवाली मनाएंगे। इसलिए यह दिवाली इस बार खास है। धनतेरस की शुभकामनाएं देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज से दो दिन बाद देशवासी दिवाली मनाएंगे और इस वर्ष यह दीपावली खास है। क्योंकि 500 साल के बाद राम लला अपने भव्य एवं दिव्य मंदिर में विराजे हैं। इस भव्य मंदिर में यह पहली दिवाली होगी। हम सौभाग्यशाली हैं कि इस खास एवं दिव्य दिवाली को देख पा रहे हैं। अयोध्या इस बार 28 लाख दीपों से जगमग होगी और इसके लिए तैयारियां चरम पर हैं। मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ के कार्यालय ने  सुबह सोशल मीडिया मंच 'एक्‍स' पर ''सबका उत्सव-अयोध्‍या दीपोत्‍सव'' नारे के साथ एक पोस्ट में कहा ''दीपोत्सव की तैयारियां अंतिम चरण में हैं… दीये लगाए जा रहे हैं… कलाकारों के लेजर, साउंड, ड्रोन शो का ट्रायल जारी है।'' अयोध्या में सुरक्षा के चाक चौबंद इंतजाम किए गए हैं और राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) प्रशांत कुमार स्वयं इसकी निगरानी कर रहे हैं। अयोध्या में दीपोत्सव-2024 का यह आठवां साल है। इसकी शुरुआत 2017 में उप्र में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद हुई। इस बार अयोध्या में सरयू तट के घाटों पर 28 लाख दीप जलाने का लक्ष्य रखा गया है। मोम के दीपक जलाए जाएंगे इसी वर्ष 22 जनवरी को अयोध्या में भव्य नवनिर्मित मंदिर में भगवान श्री रामलला की प्रतिष्ठा की गयी। रामलला के मंदिर में इस बार एक खास तरह का दीपक जलाने की योजना है। नवनिर्मित श्री राम जन्मभूमि मंदिर में पहली दीपावली के लिए भव्य और "पर्यावरण के अनुकूल" तैयारियां चल रही हैं। राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि श्री राम जन्मभूमि मंदिर को आकर्षक फूलों से सजाया जाएगा। उन्होंने बताया कि पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए मंदिर भवन के परिसर में विशेष मोम के दीपक जलाए जाएंगे, जिनसे कार्बन का कम से कम उत्सर्जन होगा। छह देशों के कलाकार करेंगे रामलीला का मंचन आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस दीपोत्सव में राम नगरी में अध्यात्म, परंपरा व संस्कृति का संगम दिखेगा। 30 अक्टूबर को रामकथा पार्क स्थित मुख्य मंच पर उत्तराखंड की रामलीला के साथ छह देशों… म्यांमा, नेपाल, थाईलैंड, मलेशिया, कंबोडिया और इंडोनेशिया के कलाकार रामलीला का मंचन करेंगे। दीपोत्सव पर अन्य राज्यों के कलाकारों की भी प्रस्तुति होगी। इसमें मध्य प्रदेश की निधि चौरसिया की टीम बधावा पर, असम की सनहल देवी बीहू पर, महाराष्ट्र की श्रद्धा लावणी पर, तेलंगाना के श्रीधर विश्वकर्मा गुसादी पर, झारखंड के सृष्टिधर महतो व टीम छाऊ नृत्य पर, बिहार की महिमा झिझिंया पर, राजस्थान की ममता देवी कालबेलिया/घूमर लोक नृत्य पर, जम्मू के मोहम्मद यसीन और उनकी टीम रउफ लोकनृत्य पर प्रस्तुति देंगे। 55 घाटों पर जलेंगे 28 लाख दीप एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि पशुधन विभाग अयोध्या में दीपोत्सव के अवसर पर डेढ़ लाख गो दीप जलाएगा। सोमवार शाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने प्रतीकात्मक रूप से गो दीप और अन्य गो उत्पाद भेंट किए। 28 लाख दीये सरयू नदी के 55 घाटों पर जलाए जाएंगे, जिसे विश्व कीर्तिमान के रूप में स्थापित किया जाएगा। इन दीयों को सजाने के लिए 30 हजार से ज्यादा स्वयंसेवक तैनात किए गए हैं। राज्य सरकार के एक प्रवक्ता के मुताबिक, ये खास दीपक मंदिर भवन को दाग-धब्बों और कालिख से सुरक्षित रखेंगे और इनसे लम्बे वक्त तक रोशनी भी मिलेगी। सीधे प्रसारण की व्यवस्था राज्‍य के सूचना विभाग ने इस पूरे आयोजन के सीधे प्रसारण की व्यवस्था की है। दीपोत्सव के दिन राम की पैड़ी पर होने वाले सभी कार्यक्रमों को दूरदर्शन व सोशल मीडिया के प्लेटफॉर्म पर लाइव दिखाया जाएगा। अयोध्‍या के जिला सूचना अधिकारी संतोष द्विवेदी ने बताया कि नगर में 20 जगहों पर एलईडी वाल और एलईडी वैन की व्यवस्था कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि अयोध्या कोतवाली, हनुमानगढ़ी, वाल्मीकि भवन, पोस्ट आफिस, तुलसी स्मारक भवन, कारसेवकपुरम, मीडिया सेन्टर, टेढ़ी बाजार चौराहा, रेलवे स्टेशन, विद्या कुंड, साकेत पेट्रोल पंप, दीनबन्धु नेत्रालय कार्यशाला, हनुमान गुफा के पास एलईडी वाल लग चुकी हैं। सुरक्षा के निर्देश दिये उनके अनुसार बस स्टैंड, सहादतगंज, नाका, देवकाली बाईपास, साकेत, उदया सहित अन्य स्थानों पर एलईडी वैन को खड़ा कराया जाएगा। शहर के मार्गों को फूलों की लड़ियों और आकर्षक लाइट से सजाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) प्रशांत कुमार ने त्योहारों के संबंध में वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये एक बैठक की और खास तौर से अयोध्या की चाक चौबंद सुरक्षा के निर्देश दिये। डीजीपी ने अयोध्या के सभी धर्मशालाओं, होटल, ढाबों आदि पर सतर्क दृष्टि बनाए रखने तथा संदिग्ध व्यक्तियों और सभी प्रमुख स्थानों की सघन जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं। अयोध्या में भव्य दीपोत्सव आयोजन की सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने सरयू नदी पर राम की पैड़ी की ओर जाने वाले 17 मार्ग बंद कर दिए हैं। recent visitors 88

ट्रूडो सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने भारत के खिलाफ संवेदनशील जानकारी अमेरिकी अखबार में लीक करने की बात कुबूल कर ली

नईदिल्ली कनाडा की जस्टिन ट्रूडो सरकार के दो वरिष्ठ अधिकारियों ने भारत के खिलाफ खुफिया और संवेदनशील जानकारी अमेरिकी अखबार वॉशिंगटन पोस्ट को लीक करने की बात कुबूल कर ली है. द ग्लोब की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रूडो के राष्ट्रीय सुरक्षा और खुफिया विभाग की सलाहकार नताली ड्रोविन ने संसदीय समिति को बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार का एक शीर्ष अधिकारी कनाडा में निज्जर पर हमले की साजिश में शामिल था. ड्रोविन ने कहा कि उन्हें ये गोपनीय जानकारी लीक करने के लिए प्रधानमंत्री की मंजूरी की अनुमति नहीं दी थी. दरअसल गोपनीय जानकारी लीक करना कम्युनिकेशन स्ट्रैटेजी का हिस्सा थे. उन्होंने और कनाडा के उपविदेश मंत्री डेविड मॉरिसन ने यह सुनिश्चित किया कि अमेरिका के एक बड़े अखबार को भारत और कनाडा के बीच चल रहे इस राजनयिक विवाद को लेकर ओटावा का वर्जन पता चले. उन्होंने कहा कि इस कम्युनिकेशन स्ट्रैटेजी पर प्रधानमंत्री ऑफिस की पूरी नजर थी. इस बीच 13 अक्तूबर को वॉशिंगटन पोस्ट में पब्लिश एक रिपोर्ट में कहा गया था कि भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की सिंगापुर में कनाडा के एनएसए के साथ एक सीक्रेट मीटिंग हुई थी. संसदीय समिति ने ड्रोविन और मॉरीशन को फटकार लगाते हुए कहा कि ट्रूडो और उनकी कैबिनेट के मंत्रियों और आरसीएमपी ने इस जानकारी को अखबार को सौंपने के बजाए इसे सार्वजनिक क्यों नहीं किया? ट्रूडो ने पिछले साल संसद में पहली बार लगाए थे भारत पर आरोप पिछले साल संसद में बोलते हुए जस्टिन ट्रूडो ने खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का इल्जाम भारत पर लगाया था. इसके बाद भारत और कनाडा के बीच राजनयिक तनाव बढ़ गया था. तब से ही भारत और कनाडा के बीच रिश्ते उतार-चढ़ाव भरे रहे हैं. भारत ने भी ट्रूडो और उनकी पार्टी पर खालिस्तानियों को लुभाने के लिए वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाया था. इसी साल जनवरी में कनाडा के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जोडी थॉमस ने कहा था कि भारत निज्जर की हत्या की जांच में कनाडा के साथ सहयोग कर रहा है. पिछले साल हुई थी निज्जर की हत्या पिछले साल जून में कनाडा के सरे में एक गुरुद्वारे के बाहर गोली मारकर निज्जर की हत्या कर दी गई थी. निज्जर खालिस्तानी आतंकी था. खालिस्तान टाइगर फोर्स का चीफ था. वह बीते कई सालों से कनाडा में रह रहा था और वहां से भारत के खिलाफ खालिस्तानी आतंकवाद को हवा दे रहा था. खुफिया सूत्रों के मुताबिक, निज्जर भारतीय जांच एजेंसियों के लिए पिछले एक साल में इसलिए और भी ज्यादा बड़ा सिरदर्द बन गया था क्योंकि उसने लॉरेंस बिश्नोई गैंग के गुर्गों को विदेशों में लॉजिस्टिक और पैसा मुहैया करवाना शुरू कर दिया था. ट्रूडो जब 2018 में भारत दौरे पर आए थे. उस समय उन्हें पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने खालिस्तानी आतंकियों की एक सूची सौंपी थी, जिसमें निज्जर का भी नाम शामिल था. केंद्रीय गृहमंत्रालय ने 2020 में निज्जर को आतंकी घोषित कर दिया था. 2010 में पटियाला के एक मंदिर के बाहर हुए बम विस्फोट में उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी. उस पर हिंसा भड़काने, आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने सहित कई मामलों में पुलिस को तलाश थी. भारत ने हरदीप सिंह निज्जर को डेजिग्नेटिड टेरेरिस्ट यानी आतंकवादी घोषित किया था. NIA ने उस पर 10 लाख का इनाम भी घोषित कर रखा था.   recent visitors 74

कांग्रेस न्याय यात्रा से दिल्ली फतह करने की तैयारी में, जाने नई रणनीति

नई दिल्ली  दिल्ली में आने वाले विधानसभा चुनावों के लिए कांग्रेस पार्टी ने अपनी तैयारी तेज कर दी है। दिल्ली के लोगों से जुड़ने और उनकी समस्याओं को समझने के लिए अगले महीने 'दिल्ली न्याय यात्रा' का आयोजन किया जाएगा। यह यात्रा राहुल गांधी की 'भारत जोड़ो यात्रा' की तर्ज पर होगी। 8 नवंबर को राजघाट से शुरू होकर यह यात्रा सभी विधानसभा क्षेत्रों को कवर करेगी और 4 दिसंबर को समाप्त होगी। दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव इस यात्रा का नेतृत्व करेंगे। पार्टी सूत्रों का कहना है कि राहुल गांधी इसके पहले चरण में शामिल हो सकते हैं। 'दिल्ली न्याय यात्रा' के चार चरण संविधान क्लब में आयोजित एक कार्यक्रम में देवेंद्र यादव ने बताया कि 'दिल्ली न्याय यात्रा' के चार चरण होंगे। "इस यात्रा के दौरान हम दिल्ली के लोगों से बातचीत करेंगे और पिछले 10 सालों से वे किन समस्याओं का सामना कर रहे हैं, उसे समझेंगे। पहले चरण में हम चांदनी चौक से शुरू होकर 16 विधानसभा क्षेत्रों को कवर करेंगे। दूसरे चरण में 15 से 20 नवंबर तक 18 विधानसभा क्षेत्रों को कवर करेंगे। तीसरे चरण में 22 से 27 नवंबर तक 16 और चौथे चरण में 29 नवंबर से 4 दिसंबर तक 20 विधानसभा क्षेत्रों को कवर करेंगे। यात्रा का समापन तिमारपुर में होगा। यादव ने यह भी बताया कि प्रत्येक चरण में लगभग 250-300 कांग्रेस कार्यकर्ता चौबीसों घंटे भाग लेंगे और प्रत्येक चरण में रात में रुकने की व्यवस्था होगी। पूर्व सांसद जय प्रकाश अग्रवाल ने 'न्याय यात्रा' का लोगो और पूर्व दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा ने यात्रा की टी-शर्ट लॉन्च की। आप-बीजेपी पर बरसी कांग्रेस देवेंद्र यादव ने AAP सरकार पर दिल्ली को बर्बाद करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि शीला दीक्षित के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार ने दिल्ली को "एक हरे-भरे और स्वच्छ विश्व स्तरीय शहर" के रूप में विकसित किया था। दिल्ली BJP प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि दिल्ली कांग्रेस अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता खो चुकी है। कपूर ने कहा, "जिन लोगों ने AAP सरकार के खिलाफ 'न्याय यात्रा' शुरू की है, उन्होंने छह महीने पहले ही कांग्रेस-AAP गठबंधन का जमकर समर्थन किया था। दिल्ली की जनता अब अच्छी तरह जानती है कि कांग्रेस AAP की 'बी-टीम' बन गई है।" recent visitors 77

मंदी की चपेट में आया ड्रैगन! $1.07 ट्रिलियन के पैकेज का नहीं दिखा असर

बीजिंग चीन ने अपनी इकॉनमी में जान फूंकने के लिए हाल में $1.07 ट्रिलियन के भारी-भरकम पैकेज की घोषणा की थी। इसके बाद उसके शेयर बाजारों में काफी तेजी देखने को मिली। कुछ विदेशी निवेशक भारत जैसे देशों से अपना पैसा निकालकर चीन के बाजार में डाल रहे हैं। लेकिन कुछ निवेशकों ने चीन के इस पैकेज की सफलता पर संदेह जताया था और उनकी आशंका सही होने जा रही है। अब तक इस पैकेज का जमीन पर कोई असर होता नहीं दिख रहा है। देश में तीसरी तिमाही में कंज्यूमर प्राइस में गिरावट आई है। लगातार छठी तिमाही में ऐसा हुआ है और यह साल 1999 के बाद इस गिरावट का सबसे लंबा दौर है। माना जा रहा है कि चीन की इकॉनमी पहले ही मंदी में फंस चुकी है और इससे बाहर निकलने के लिए उसे लंबा समय लग सकता है। चीन में डिफ्लेशन की स्थिति बनी हुई है। 2008 में देश में लगतार पांच तिमाहियों तक डिफ्लेशन की स्थिति रही थी लेकिन इस बार यह उससे भी आगे निकल गया है। पूरी दुनिया महंगाई से त्रस्त है लेकिन चीन में उल्टी गंगा बह रही है। दिक्कत यह है कि डिफ्लेशन को इनफ्लेशन भी बदतर माना जाता है। इसमें चीजों की कीमत में गिरावट आती है। यह इकॉनमी में धन की आपूर्ति और क्रेडिट में गिरावट से जुड़ी होती है। इकॉनमी की परेशानी डिफ्लेशन को इकॉनमी के लिए अच्छा संकेत नहीं माना जाता है। अगर आपको पता है कि कल चीजों की कीमत गिरनी है तो आप आज क्यों खरीदारी करेंगे? इस तरह एक प्रकार से इकॉनमी फ्रीज हो जाती है। जापान के साथ 1990 के दशक में यही हुआ था। आज भी जापान उस स्थिति से बाहर नहीं निकल पाया है। चीन की इकॉनमी कई मोर्चों पर संघर्ष कर रही है। बेरोजगारी कई दशक के चरम पर पहुंच गई है, मैन्युफैक्चरिंग में गिरावट आई है और रियल एस्टेट सेक्टर संघर्ष कर रहा है। कंज्यूमर डिमांड कमजोर है। चीन के ग्राहक इस तरह व्यवहार कर रहे हैं जैसे कि देश मंदी में है। दुनिया के लिए खतरे की घंटी अमेरिका और चीन के बीच रिश्ते पिछले कुछ साल से ठीक नहीं चल रहे हैं। दोनों देश एकदूसरे की कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई करने में लगे हैं। अमेरिका ने चीन से आयात होने वाली कई वस्तुओं पर ड्यूटी बढ़ा दी है जो अगले चरणों में लागू होगी। चीन में मंदी आने से पूरी दुनिया प्रभावित होगी। इसकी वजह यह है कि पिछले करीब तीन दशक से चीन ग्लोबल इकॉनमी का इंजन बना हुआ है। यही वजह है कि चीन में मंदी की आशंका ग्लोबल इकॉनमी के लिए खतरे की घंटी है। recent visitors 65

सरकार ने चार प्रतिशत महंगाई भत्ते के तौर पर दीपावली का तोहफा, चार किस्तों में मिलेगा महंगाई भत्ते का एरियर

भोपाल मध्य प्रदेश के कर्मचारियों को सरकार ने चार प्रतिशत महंगाई भत्ते के तौर पर दीपावली का तोहफा देते हुए एरियर का भुगतान चार किस्तों में करने का फैसला लिया है। राज्य सरकार ने कर्मचारियों को एक अक्टूबर से बढ़े हुए महंगाई भत्ते के भुगतान के आदेश जारी कर दिए हैं। भुगतान नवंबर में होगा। राज्य के कर्मचारियों को महंगाई भत्ता 1 जनवरी से लागू किया गया है और नौ माह का एरियर कर्मचारियों को चार किस्तों में दिया जाएगा। कर्मचारियों को यह किश्त दिसंबर 2024 के अलावा जनवरी, फरवरी और मार्च 2025 मिलेगी। राज्य के कर्मचारियों को वर्तमान में 46 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिल रहा था जिसमें चार प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। इस तरह कर्मचारियों को 50 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा। वित्त विभाग की ओर से जारी किए गए आदेश के अनुसार जिन कर्मचारियों की 1 जनवरी 2024 से 30 सितंबर 2024 की अवधि में सेवानिवृत्ति हुई है या उनकी मौत हुई है, उनके नामित सदस्य को एरियर की राशि का एक मश्त भुगतान किया जाएगा। राज्य में कर्मचारियों को 1 जुलाई 2023 में सातवें वेतनमान के अंतर्गत पूर्व से प्रचलित महंगाई भत्ते की दर 42 प्रतिशत में 4 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई थी और महंगाई भत्ता बढ़ाकर 46 प्रतिशत हो गया था। राज्य के कर्मचारी सरकार से लगातार केंद्र सरकार के कर्मचारियों के समान महंगाई भत्ता दिए जाने की मांग करते आ रहे हैं। राज्य के कर्मचारियों को अब 50 फ़ीसदी महंगाई भत्ता मिलेगा। वहीं केंद्र के कर्मचारियों को 53 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलने लगा है। ज्ञात हो कि कर्मचारियों ने महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी न किए जाने के खिलाफ आंदोलन शुरू कर दिया था और यहां तक चेतावनी दी थी कि अगर दीपावली से पहले महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी नहीं की गई तो वे तालाबंदी तक के लिए तैयार है। सरकार ने कर्मचारियों की मांग को स्वीकार किया और महंगाई भत्ते में चार प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी है और अब इसके आदेश भी जारी हो गए हैं। बता दें राज्य सरकार पर कर्ज लगातार बढ़ता जा रहा है और वित्त विभाग के आदेश में भी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते के भुगतान में इस बात का ध्यान रखने को कहा गया है कि महंगाई भत्ते के भुगतान पर किया गया व्यय संबंधित विभाग के चालू वर्ष के स्वीकृत बजट प्रावधान से अधिक न हो।   recent visitors 82

इटली की एक कंपनी ने चीन को नजरअंदाज करते हुए भारत में पहला डिजिटल बुटीक लॉन्च किया

नई दिल्ली  चीन की धीमी अर्थव्यवस्था से अब दुनिया की कई बड़ी-बड़ी कंपनियां मुंह मोड़ रही हैं। वहीं ये भारत में अब अपना भविष्य देख रही हैं। यही कारण है कि इटली की एक कंपनी ने चीन को छोड़ भारत का रुख किया है। लग्जरी प्रोडक्ट बनाने वाली इस कंपनी ने टाटा के साथ मिलकर भारत में अपना पहला डिजिटल बुटीक लॉन्च करने की घोषणा की है। दरअसल, पिछले कुछ समय से लग्जरी चीजों को लेकर भारत का मार्केट लगातार बढ़ रहा है। कई नामी-गिरामी ब्रांड अपना बेहतर भविष्य अब भारत में देख रहे हैं। देश की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था भी इस कंपनी के लिए भारत में नए रास्ते खोल रही है। शायद इसी को ध्यान में रखते हुए इटली के लग्जरी ब्रांड बुल्गारी (Bvlgari) ने भारत को चुना है। टाटा क्लिक के साथ लॉन्चिंग बुल्गारी के चीफ एग्जीक्यूटिव जीन-क्रिस्टोफ बेबिन ने कहा कि उनकी प्राथमिकता अभी भारत है। बुल्गारी ने टाटा क्लिक लग्जरी के साथ पार्टनरशिप में भारत में अपना पहला डिजिटल बुटीक लॉन्च करने की घोषणा की। बेबिन ने एक इंटरव्यू में कहा कि लग्जरी प्रोडक्ट के लिए भारत तेजी से उभर रहा है। भारत का आकार और क्षमता वेस्टर्न लग्जरी चीजों के लिए परफेक्ट है। 'चीन में अब वह बात नहीं रही' बेबिन ने कहा कि पिछले दशक में लग्जरी मार्केट में काफी वृद्धि हुई है। इसमें चीन का भी अहम योगदान रहा है। लेकिन अब चीन में वह बात नहीं रही। वहां मार्केट लगभग खत्म हो चुकी है। यह मंदी से गुजर रहा है। उन्होंने कहा वे अब इससे बाहर निकल जाएंगे। भारत को बताया इकनॉमिक बूस्टर बेबिन ने इंटरव्यू में भारत को इकनॉमी का बूस्टर बताया। उन्होंने कहा कि उनकी कंपनी को इंजन बूस्टर की जरूरत है ताकि ग्लोबल लेवल पर ग्रोथ दोहरे अंकों में हो। उन्होंने कहा कि भारत उनके लिए वह बूस्टर है। बेबिन ने कहा कि उनके लिए भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ता बाजार है। उन्होंने कहा कि यहां लोगों की आय बढ़ रही है। ऐसे में भारत में लग्जरी ईकॉमर्स की संभावना चीन की तुलना में कहीं अधिक आशाजनक हो सकती है। कई प्रोडक्ट बेचेगी बुल्गारी बुल्गारी डिजिटल बुटीक टाटा क्लिक लक्जरी प्लेटफॉर्म पर कई लग्जरी प्रोडक्ट बेचेगी। इनमें बी.जीरो1 कड़ा ब्रेसलेट, बुल्गारी मंगलसूत्र, सर्पेंटी वाइपर ब्रेसलेट, बी.जीरो1 रिंग्स, ऑक्टो रोमा घड़ियां आदि शामिल हैं। recent visitors 70

2030 तक चीन के पास 1000 पार करेगी परमाणु हथियारों की संख्या: रिपोर्ट

बीजिंग  चीन तेजी से अपने परमाणु हथियारों को बढ़ा रहा है और अगले छह साल में इनकी संख्या एक हजार को पार कर जाएगी। अमेरिकी रक्षा खुफिया एजेंसी की रिपोर्ट में ये दावा किया गया है। अमेरिकी एजेंसी की 'परमाणु चुनौतियां: रणनीतिक प्रतिस्पर्धियों और क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्वियों की बढ़ती क्षमताएं' शीर्षक से आई इस रिपोर्ट कहा गया है कि चीन नई परमाणु क्षमताओं की पूरी सीरीज विकसित कर रहा है। इसमें परमाणु मिसाइल साइलो का सबसे बड़ा निर्माण भी शामिल है। द वीक की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन अपनी रणनीतिक महत्वाकांक्षाएं और सुरक्षा हित के लिए परमाणु हथियारों का आधुनिकीकरण कर रहा हैं। चीन जिन हथियारों पर काम कर रहा है, उनमें न्यूक्लियर मिसाइलों पर खास ध्यान है। इसमें ग्राउंडमोबाइल, पनडुब्बी-प्रक्षेपित हथियार: परमाणु-सक्षम हाइपरसोनिक ग्लाइड वाहन (एचजीवी) क्षमताएं शामिल हैं। चीन के परमाणु हथियार चिंता का सबब रिपोर्ट कहती है कि चीन तेजी से अपने परमाणु हथियार भंडार का विस्तार कर रहा है। ये अगले दशक में यथास्थिति को अस्थिर करने की क्षमता रखता है क्योंकि यह नई प्रणालियों के उपयोग के लिए अवधारणाओं को विकसित करता है। अमेरिकी रक्षा विभाग के अनुसार, चीन का अनुमानित परमाणु हथियार भंडार 2030 तकदोगुना होने की उम्मीद है। बीजिंग के परमाणु भंडार में फिलहाल 500 से ज्यादा परिचालन परमाणु हथियार हैं। रिपोर्ट में अनुमान जाहिर किया गया है कि 2030 तक चीन के पास 1,000 से अधिक परिचालन परमाणु हथियार होंगे, जिनमें से अधिकांश महाद्वीपीय अमेरिका तक पहुंचने में सक्षम प्रणालियों पर तैनात किए जाएंगे। रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन अपने शस्त्रागार में आईसीबीएम-रेंज परमाणु-सशस्त्र एचजीवी सहित पूरी तरह से नई परमाणु क्षमताओं को पेश करने के लिए भी काम कर रहा है, जिनमें से कुछ को निकट भविष्य में मैदान में उतारा जाएगा, अगर पहले से ही मैदान में नहीं उतारा गया है। किस देश के पास कितने परमाणु हथियार स्वीडिश थिंक टैंक स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट यानी सिपरी (SIPRI) की इस साल जून में आई रिपोर्ट में चीन के पास 500 न्यूक्लियर वॉरहेड होने की बात कही गई थी। जनवरी 2023 में चीन के पास 410 न्यूक्लियर वॉरहेड का जखीरा था लेकिन एक साल यानी जनवरी 2024 तक इनकी संख्या 500 हो गई। रिपोर्ट कहती है कि अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस, चीन, भारत, पाकिस्तान, उत्तर कोरिया और इजरायल लगातार अपने परमाणु हथियार भंडारों का आधुनिकीकरण कर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक जनवरी 2024 में पूरी दुनिया में 12,221 वॉरहेड थे। इनमें से 9585 संभावित इस्तेमाल के लिए हथियार भंडार में रखे गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक रूस और अमेरिका के पास दुनिया के कुल परमाणु हथियारों का 90 फीसदी स्टॉक है। दोनों के परमाणु हथियारों की संख्या पांच-पांच हजार के ऊपर हैं। रूस और अमेरिका के बाद चीन का नंबर आता है। हालांकि रूस और अमेरिका की तुलना में चीन के हथियारों का भंडार काफी छोटा है। recent visitors 129