पीथमपुर में 8.31 हेक्टेयर में 100 बिस्तर का अस्पताल बनाने की शुरुआत आज से, PM करेंगे भूमि पूजन

पीथमपुर / धार  औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर से लेकर धार जिले के निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए अब तक कर्मचारी राज्य बीमा निगम अस्पताल (ESIC Hospital) की सुविधा नहीं थी। पीथमपुर में लगभग 8.31 हेक्टेयर में 100 बिस्तर का अस्पताल बनाने की शुरुआत आज 29 अक्टूबर को होने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका वर्चुअल शुभारंभ करेंगे। निर्माण के लिए सभी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। अस्पताल के निर्माण पर लगभग 125 करोड़ रुपये खर्च होंगे, और इसका कार्य अक्टूबर 2026 में पूरा होने की संभावना है। धार विधायक नीना वर्मा ने की थी पहल     इससे पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र के मजदूरों और संगठित क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों को राहत मिलेगी, साथ ही जिले के अन्य लोगों को भी बुरे वक्त में मदद की उम्मीद रहेगी।     धार विधायक नीना वर्मा ने इस अस्पताल के लिए मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी और इसके लिए लगातार प्रयास किए गए। इसी के परिणामस्वरूप इसकी स्वीकृति संभव हो पाई।     सरकार की ओर से इसी साल मार्च में 125 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई, और इसके बाद निविदा प्रक्रिया के तहत केंद्रीय लोक निर्माण विभाग को एजेंसी बनाया गया है। 2017 में अधिग्रहित की गई थी जमीन इसके लिए वर्ष 2017 में ही जमीन अधिग्रहित कर ली गई थी। पीथमपुर क्षेत्र में 8.5 हेक्टेयर जमीन अधिकृत की गई थी, और तभी से यहां निर्माण की उम्मीद की जा रही थी। अब यह सपना पूरा होने की उम्मीद बनी है, क्योंकि जल्द ही भूमि पूजन की स्थिति बन रही है। संभवतः 29 अक्टूबर को धनतेरस के दिन यह सौगात मिल सकेगी। अस्पताल बनने से किनको होगा लाभ 100 बिस्तर का अस्पताल इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र के संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों को राहत प्रदान करेगा। धार जिले के पीथमपुर और पूरे जिले के संगठित क्षेत्र के 136,950 से अधिक निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए यह एक महत्वपूर्ण सुविधा होगी। इसके अलावा, इससे जिले के 531,336 लोगों को भी लाभ होगा, जिन्हें सस्ते इलाज के लिए अभी यहां-वहां भटकना पड़ता है। कर्मचारियों के परिवारों को भी इससे राहत मिलेगी। इस तरह, यह 100 बिस्तर का अस्पताल पीथमपुर क्षेत्र में कर्मचारी वर्ग के लिए एक बड़ी राहत ला सकता है, हालांकि इसके लिए 2 साल इंतजार करना पड़ेगा, क्योंकि केंद्रीय लोक निर्माण विभाग भवन को अक्टूबर 2026 में ही पूरा कर सकेगा। recent visitors 68

सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल सिम्स का प्रधानमंत्री ने आज करेंगे वर्चुअली लोकार्पण

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय छत्तीसगढ़ के चतुमुर्खी विकास के लिए लगातार काम कर रहे हैं। राज्य की स्वास्थ्य सुविधाओं में विस्तार मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं में सर्वोपरि कार्य हैं। छत्तीसगढ़ राज्य के पहले डिटिजल बजट में भी राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के सुदृढिकरण की बडी झलक दिखी थी जो वास्तविकता का रूप लेती जा रही है। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल स्वास्थ्य के क्षेत्र में नए प्रयोग और राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों को खोलने के लिए केंद्रीय स्तर पर लगातार प्रयास कर रहे हैं। इसी क्रम में आज राज्य के बिलासपुर में 200 करोड़ रूपए की लागत से तैयार सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल सिम्स का लोकार्पण होने जा रहा है। देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी वचुअल माध्यम से इस अस्पताल का लोकार्पण करेंगे। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय भी उपस्थित रहेंगे। यह अस्पताल तीन चरणों में प्रारंभ होगा। पहले चरण में ओपीडी, दूसरे चरण में वार्ड और आईसीसीयू, डायलिसिस यूनिट व लैब तीसरे चरण में कैथ लैब, ओटी, हार्ट व लंब की मशीनें शुरू होंगी और चौथे चरण में अस्पताल पूरी तरह से काम करने लगेगा। बिलासपुर में इस सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के शुरू हो जाने से सरगुजा और बिलासपुर संभाग के मरीजों को रायपुर आने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और उन्हें पास में ही इलाज की बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी। इसी तरह से 29 अक्टूबर को ही प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी वर्चुअल माध्यम से रायपुर में 100 बिस्तरों वाले केंद्रीय योग और प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान संस्थान का शिलान्यास करेंगे। इस बारे में जानकारी देते हुए स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बताया है कि 90 करोड़ रूपए की लागत से इस संस्थान का निर्माण 24 माह में पूरा होगा। राज्य सरकार ने इस संस्थान के लिए 10 एकड़ की भूमि आयुष विभाग को उपलब्ध करा दी है। यह छत्तीसगढ़ का पहला योग और प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान केंद्र और अस्पताल होगा जो गैर संचारी रोगों के उपचार की सुविधा प्रदान करेगा। केंद्र में वेलनेस थिरेपी में प्रशिक्षण प्रमाणन पाठ्यक्रम और अनुसंधान में फेलोशिप पाठ्यक्रम का भी संचालन होगा। इस संस्थान के शुरू होने से योग और प्राकृतिक चिकित्सा के प्रभावों के बारे में नए ज्ञान और अंतदृष्टि का विकास होगा। recent visitors 86

किसानों की दीपावली से पहले दीपावली, 81 लाख को बड़ा तोहफा देंगे PM मोदी, सीधे खाते में भेजेंगे 1624 करोड़ रुपये

भोपाल दीपावली के पहले सरकार किसानों को बड़ा उपहार देने जा रही है। 29 अक्टूबर को 81 लाख किसानों के खाते में एक हजार 624 करोड़ रुपये किसान सम्मान निधि डाली जाएगी। मंदसौर में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सिंगल क्लिक से वर्चुअल यह राशि डालेंगे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नीमच, मंदसौर और सिवनी में चिकित्सा महाविद्यालयों का वर्चुअल लोकार्पण भी करेंगे। वह मप्र लोक सेवा आयोग से चयनित 512 आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारियों को नियुक्ति-पत्र का वितरण भी करेंगे। हर जिले में खुलेगा मेडिकल कॉलेज मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी, मध्य प्रदेश समेत नीमच, मंदसौर और सिवनी जिले को दीपावली पर यह बड़ा उपहार देंगे। आने वाले समय में हर जिले में चिकित्सा महाविद्यालय खोलने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। कभी बीमारू राज्य कहलाने वाला मध्य प्रदेश आज विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल हो चुका है। आज मध्य प्रदेश के हर क्षेत्र में विकास की गति तीव्र हो गई है। सुशासन के साथ औद्योगिक क्षेत्र, शिक्षा, उच्च शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य, कृषि और स्व-रोजगार सहित अन्य क्षेत्र में बड़े पैमाने पर कार्य हो रहे है। उज्जैन-इंदौर के बीच वंदे मेट्रो सेवा प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह भी जानकारी दी है कि उज्जैन और इंदौर के बीच वंदे मेट्रो की सुविधा शुरू होगी। सरकार ने परियोजना की सैद्धांतिक स्वीकृति दे दी है। सीएम ने जानकारी दी कि उज्जैन, देवास, फतेहाबाद और इंदौर के मध्य सर्किल ट्रेन का निर्माण भी होगा। इस रूट पर भी वंदे मेट्रो को चलाने की बात चल रही है। सीएम कहना है कि मेट्रो की तुलना में वंदे मेट्रो की स्पीड अधिक होती है। खास बात यह है कि इसे ब्राड गेज लाइन पर चलाया सकता है। यही वजह है कि सर्किल रूट पर भी वंदे मेट्रो चलाने की योजना है।   recent visitors 72

धन्वंतरि जयंती पर 12850 करोड़ की परियोजनाओं का शुभारंभ, उद्घाटन और शिलान्यास

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मंगलवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में धन्वंतरि जयंती और नौवें आयुर्वेद दिवस पर स्वास्थ्य क्षेत्र से संबंधित 12 हजार 850 करोड़ रुपये से अधिक की कई परियोजनाओं का शुभारंभ, उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इसके अलावा प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत पीएम-जेएवाई के तहत 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों के लिए स्वास्थ्य दायरे कवरेज के विस्तार का शुभारंभ करेंगे। मोदी देश के पहले अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान के चरण- द्वितीय का उद्घाटन करेंगे। स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में प्रौद्योगिकी के प्रयोग को बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री 11 तृतीयक स्वास्थ्य संस्थानों में ड्रोन सेवाओं का शुभारंभ करेंगे। स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिए डिजिटल पहलों को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री यू-विन पोर्टल का शुभारंभ करेंगे, जो गर्भवती महिलाओं और शिशुओं को लाभान्वित करने वाली टीकाकरण प्रक्रिया को डिजिटल बनाता है। मेक इन इंडिया के अनुरूप प्रधानमंत्री चिकित्सा उपकरणों और थोक दवाओं के लिए पीएलआई योजना के तहत पांच परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास और परीक्षण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई पहलों का भी शुभारंभ भी हाेगा। प्रधानमंत्री एक राष्ट्रव्यापी अभियान, “देश का प्रकृति परीक्षण अभियान” भी शुरू करेंगे, जिसका उद्देश्य नागरिकों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। वह प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश के लिए जलवायु परिवर्तन और मानव स्वास्थ्य पर राज्य-विशिष्ट कार्य योजना भी शुरू करेंगे, जिसमें जलवायु परिवर्तन के अनुकूल स्वास्थ्य सेवाओं के विकास के लिए अनुकूलन रणनीति तैयार की जाएगी। प्रधानमंत्री यू-विन पोर्टल का शुभारंभ करेंगे। यह टीकाकरण प्रक्रिया को पूरी तरह से डिजिटल बनाकर गर्भवती महिलाओं और शिशुओं को लाभान्वित करेगा। यह गर्भवती महिलाओं और बच्चों (जन्म से 16 वर्ष तक) को बीमारियों के खिलाफ जीवन रक्षक टीकों काे समय लगाया जा सकेगा। इसके अलावा, प्रधानमंत्री संबद्ध और स्वास्थ्य पेशेवरों और संस्थानों के लिए एक पोर्टल भी जारी करेंगे। यह मौजूदा स्वास्थ्य पेशेवरों और संस्थानों के केंद्रीकृत डेटाबेस के रूप में कार्य करेगा। मोदी देश के पहले अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान के दूसरे चरण का उद्घाटन करेंगे। इसमें एक पंचकर्म अस्पताल, औषधि निर्माण के लिए एक आयुर्वेदिक फार्मेसी, एक खेल चिकित्सा इकाई, एक केंद्रीय पुस्तकालय, एक आईटी और स्टार्ट-अप इनक्यूबेशन सेंटर और 500 सीटों वाला एक ऑडिटोरियम शामिल है। वह मध्य प्रदेश के मंदसौर, नीमच और सिवनी में तीन मेडिकल कॉलेजों का भी उद्घाटन करेंगे। इसके अलावा, वह हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर, पश्चिम बंगाल के कल्याणी, बिहार के पटना, उत्तर प्रदेश के गोरखपुर, मध्य प्रदेश के भोपाल, असम के गुवाहाटी और नयी दिल्ली में विभिन्न एम्स में सुविधा और सेवा विस्तार का उद्घाटन करेंगे, जिसमें एक जन औषधि केंद्र भी शामिल होगा। प्रधानमंत्री छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में सरकारी मेडिकल कॉलेज में एक सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक और ओडिशा के बरगढ़ में एक क्रिटिकल केयर ब्लॉक का भी उद्घाटन करेंगे। वह मध्य प्रदेश के शिवपुरी, रतलाम, खंडवा, राजगढ़ और मंदसौर में पांच नर्सिंग कॉलेजों, आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (पीएम-एबीएचआईएम) के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, मणिपुर, तमिलनाडु और राजस्थान में 21 क्रिटिकल केयर ब्लॉकों और नयी दिल्ली के एम्स तथा हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में अनेक सुविधाओं और सेवा विस्तारों की आधारशिला भी रखेंगे। मोदी मध्य प्रदेश के इंदौर में एक ईएसआईसी अस्पताल का उद्घाटन करेंगे और हरियाणा के फरीदाबाद, कर्नाटक के बोम्मासंद्रा और नरसापुर, मध्य प्रदेश के इंदौर, उत्तर प्रदेश के मेरठ और आंध्र प्रदेश के अचुतापुरम में कर्मचारी राज्य बीमा निगम – ईएसआईसी अस्पतालों की आधारशिला रखेंगे। इन परियोजनाओं से करीब 55 लाख ईएसआई लाभार्थियों को स्वास्थ्य सेवा का लाभ मिलेगा। स्वास्थ्य सेवा को और अधिक सुलभ बनाने के लिए सेवा वितरण को बढ़ाने के लिए ड्रोन प्रौद्योगिकी के अभिनव उपयोग में प्रधानमंत्री 11 तृतीयक स्वास्थ्य सेवा संस्थानों में ड्रोन सेवाओं का शुभारंभ करेंगे। ये संस्थान उत्तराखंड में एम्स ऋषिकेश, तेलंगाना में एम्स बीबीनगर, असम में एम्स गुवाहाटी, मध्य प्रदेश में एम्स भोपाल, राजस्थान में एम्स जोधपुर, बिहार में एम्स पटना, हिमाचल प्रदेश में एम्स बिलासपुर, उत्तर प्रदेश में एम्स रायबरेली, छत्तीसगढ़ में एम्स रायपुर, आंध्र प्रदेश में एम्स मंगलगिरी और मणिपुर में रिम्स इंफाल है। वह एम्स ऋषिकेश से हेलिकॉप्टर आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं का भी शुभारंभ करेंगे, जो तेजी से चिकित्सा देखभाल प्रदान करने में मदद करेगी। प्रधानमंत्री देश में स्वास्थ्य सेवा पारिस्थितिकी तंत्र को बेहतर बनाने के लिए अनुसंधान एवं विकास तथा परीक्षण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई पहलों की भी शुरुआत करेंगे। प्रधानमंत्री ओडिशा के भुवनेश्वर के गोथापटना में एक केंद्रीय औषधि परीक्षण प्रयोगशाला का उद्घाटन करेंगे। वह ओडिशा के खोरधा और छत्तीसगढ़ के रायपुर में योग और प्राकृतिक चिकित्सा के दो केंद्रीय अनुसंधान संस्थानों की आधारशिला रखेंगे। वह चिकित्सा उपकरणों के लिए गुजरात के एनआईपीईआर अहमदाबाद, थोक दवाओं के लिए तेलंगाना के एनआईपीईआर हैदराबाद, फाइटोफार्मास्युटिकल्स के लिए असम के एनआईपीईआर गुवाहाटी और एंटी-बैक्टीरियल एंटी-वायरल दवा खोज और विकास के लिए पंजाब के एनआईपीईआर मोहाली में चार उत्कृष्टता केंद्रों की आधारशिला भी रखेंगे। प्रधानमंत्री चार आयुष उत्कृष्टता केंद्रों का शुभारंभ करेंगे, जिनमें भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु में मधुमेह और चयापचय विकारों के लिए उत्कृष्टता केंद्र; आईआईटी दिल्ली में रस औषधियों के लिए उन्नत तकनीकी समाधान, स्टार्ट-अप समर्थन और टिकाऊ समाधान के लिए टिकाऊ आयुष में उत्कृष्टता केंद्र, केंद्रीय औषधि अनुसंधान संस्थान, लखनऊ में आयुर्वेद में मौलिक और अनुवाद संबंधी अनुसंधान के लिए उत्कृष्टता केंद्र; और जवाहर लाल नेहरु विश्विवद्यालय नयी दिल्ली में आयुर्वेद और प्रणाली चिकित्सा पर उत्कृष्टता केंद्र शामिल हैं। स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में मेक इन इंडिया पहल को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री गुजरात के वापी, तेलंगाना के हैदराबाद, कर्नाटक के बेंगलुरु, आंध्र प्रदेश के काकीनाडा और हिमाचल प्रदेश के नालागढ़ में चिकित्सा उपकरणों और दवाओं के लिए उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के तहत पांच परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। ये इकाइयां महत्वपूर्ण दवाओं के साथ-साथ बॉडी इम्प्लांट और क्रिटिकल केयर उपकरण जैसे उच्च-स्तरीय चिकित्सा उपकरणों का निर्माण करेंगी।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में एक नए जन औषधि केंद्र का उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी के साथ इस अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा भी मौजूद रहेंगे। यह नया केंद्र 1,724 वर्ग फुट में फैला है और यहां 2,047 से अधिक उच्च गुणवत्ता की जेनेरिक दवाएं और 300 से ज्यादा सर्जिकल उपकरण बहुत कम कीमत पर उपलब्ध होंगे। एम्स … Read more

प्रयागराज महाकुंभ 2025 को पुलिस द्वारा कम्युनिटी पुलिसिंग पर भी जोर दिया जा रहा

प्रयागराज  योगी सरकार महाकुंभ 2025 को भव्य और दिव्य बनाने के साथ ही इसे सभी के लिए सुरक्षित बनाने पर भी जोर दे रही है। इसके लिए विभिन्न कार्ययोजना बनाई गई हैं। महाकुंभ पुलिस की ओर से भी तमाम व्यवस्थाएं की जा रही हैं। इसी क्रम में महाकुंभ पुलिस द्वारा कम्युनिटी पुलिसिंग पर भी जोर दिया जा रहा है। खासतौर पर युवा वर्ग को प्रोत्साहित किया जा रहा है कि वह आसपास होने वाली गतिविधियों पर पैनी नजर रखें और अगर उन्हें कहीं कोई गड़बड़ी दिखाई दे तो वह तत्काल पुलिस को सूचित करें। इसका मतलब ये है कि सुरक्षा की जिम्मेदारी सिर्फ पुलिस की ही नहीं है, बल्कि प्रयागराज के युवा भी अब पुलिस के आंख और कान बनकर काम करेंगे। महाकुंभ के आयोजन को लेकर यूपी पुलिस की ओर से व्यापक तैयारियां की गई हैं। पूरे महाकुंभ को सात स्तरीय सुरक्षा चक्र में विभाजित किया गया है। इसके अलावा आईसीसीसी के माध्यम से एआई से लैस सीसीटीवी कैमरों द्वारा संदिग्धों की निगरानी किए जाने की व्यवस्था की गई है। तो वहीं मेला क्षेत्र में 10 प्रकार के सुरक्षा ऑपरेशन भी चलाने की तैयारी है। इसी क्रम में सुरक्षा व्यवस्था को फूल प्रूफ बनाने के लिए कम्युनिटी पुलिसिंग का भी सहारा लिया जा रहा है। सोशल मीडिया और अन्य साधनों से प्रयागराज के जनमानस के साथ संवाद स्थापित किया जा रहा है कि उन्हें कहीं भी किसी तरह की संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो वह तुरंत पुलिस को सूचित करें। इसमें युवाओं को खासतौर पर सम्मिलित किया जा रहा है, क्योंकि बड़ी संख्या में युवाओं का मूवमेंट स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी के साथ-साथ प्रयागराज के विभिन्न स्थानों पर होता है। एसएसपी महाकुंभ राजेश द्विवेदी ने बताया कि महाकुंभ के आयोजन में युवाओं का भी बहुत बड़ा योगदान होगा। वे डिजिटल मीडिया के माध्यम से महाकुंभ को प्रोजेक्ट करने के लिए स्वयंसेवकों के रूप में हमारे साथ जुड़ेंगे और तीर्थयात्रियों व पर्यटकों की आवाजाही समेत भीड़ प्रबंधन में भी पुलिस की सहायता करेंगे। इसके लिए कार्ययोजना बन चुकी है और जल्द ही इसे अमल में लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी बड़े आयोजन में कम्युनिटी का सहयोग सुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण होता है। दुनिया के सबसे बड़े सामूहिक आयोजन महाकुंभ को भी सुरक्षित बनाने के लिए पुलिस को जनपद के नागरिकों का सहयोग चाहिए। खासतौर पर युवा शक्ति का, जो हर कहीं पर सक्रिय है। सोशल मीडिया से लेकर जनपद के किसी भी हिस्से में उन्हें कुछ संदिग्ध नजर आता है तो वह पुलिस को सूचित कर सकते हैं। इसके लिए युवाओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है, उन्हें अपनी और आने वाले श्रद्धालुओं, पर्यटकों की सुरक्षा के प्रति किन किन मूल बातों को ध्यान में रखना है, इसके लिए जागरूक किया जा रहा है। विभिन्न निजी संगठन और संस्थाएं भी इसमें पुलिस का सहयोग कर रही हैं। स्थानीय स्तर पर सेमिनार और नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से युवाओं को इसमें पुलिस का सहयोग करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।     recent visitors 120

दमोह रेलवे स्टेशन पर रिटायरिंग रूम में यात्रियों के ठहरने और विश्राम की बेहतरीन सुविधा उपलब्ध होगी

 दमोह दमोह रेलवे स्टेशन पर अब यात्रियों के लिए होटल जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। इसके लिए तैयारियां की जा रही हैं। रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर यात्रियों की सुविधा के लिए रिटायरिंग रूम बनाने की योजना है। अधिकारियों ने स्थल का मुआयना कर लिया है। जल्द ही इसके टेंडर जारी होंगे और दो मंजिला भवन का निर्माण किया जाएगा। इस प्रकार से दमोह स्टेशन का स्वरूप भी बदल जाएगा। इसके साथ ही 50 और रेलवे स्टेशनों पर भी होटलों जैसी सुविधाएं यात्रियों को मिलने लगेंगी। यह सुविधा उन यात्रियों के लिए है, जो लंबी यात्रा करके यहां पहुंचते हैं और उन्हें विश्राम की आवश्यकता होती है। इसी को देखते हुए रिटायरिंग रूम बनाने का निर्णय लिया गया है। इसके निर्माण में करीब 17 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। हालांकि अभी इसकी ड्राइंग और डिजाइन तैयार नहीं हुई है। विश्राम की बेहतरीन सुविधा उपलब्ध होगी दो मंजिला रिटायरिंग रूम में ऊपर के हिस्से में यात्रियों के ठहरने और विश्राम की बेहतरीन सुविधा उपलब्ध होगी। हर रिटायरिंग रूम में एसी, फ्रिज, एलईडी टीवी, डबल बेड, सोफा सेट एवं कुर्सी, ड्रेसिंग टेबल, अलमारी और अटैच्ड वॉशरूम की सुविधा होगी। इसका किराया होटलों की तुलना में सस्ता होगा। इसी भवन के निचले हिस्से में ऑफिस संचालित होगा, जिसमें स्टाफ बैठेंगे। यात्रियों को होटल नहीं जाना पड़ेगा दमोह रेलवे स्टेशन के आईओडब्ल्यू भूपेंद्र सिंह ने बताया कि रेलवे के अधिकारियों ने दौरा कर जमीन का चयन कर लिया है। फिलहाल मंजूरी नहीं मिली है, लेकिन जबलपुर से जल्द ही निर्णय होने की संभावना है। दमोह स्टेशन पर इस प्रकार की सुविधा नहीं है। रूम बनने के बाद यात्रियों को होटल जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी; स्टेशन में ही होटलों जैसी सुविधाओं वाले रिटायरिंग रूम मिल जाएंगे। एयरपोर्ट की तरह बन रहा रेलवे स्टेशन दमोह रेलवे स्टेशन का सौंदर्यीकरण अमृत भारत योजना के तहत किया जा रहा है। नए स्टेशन का स्वरूप एयरपोर्ट की तरह होगा, जहां यात्रियों को एक्सलेटर की सुविधा भी उपलब्ध होगी।  डिजिटल हुआ दमोह रेलवे स्टेशन, 40 साल पुराने इस सिस्टम से मिलेगा छुटकारा अमृत भारत योजना, जो भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, के अंतर्गत देशभर के रेलवे स्टेशनों के आधारभूत ढांचे को सुधारने और आधुनिक बनाने का कार्य किया जा रहा है. इस योजना के तहत, दमोह रेलवे स्टेशन के उन्नति कार्य अंतिम चरण में हैं. दमोह रेलवे स्टेशन पर जीआरपी चौकी के पास नया दो मंजिला कंट्रोल रूम भवन बनकर तैयार हो गया है. इस भवन में कंट्रोल रूम को कुछ ही दिनों में शिफ्ट कर दिया जाएगा. नए कंट्रोल रूम के शिफ्ट होने से रेल यात्रियों को ट्रेनों की स्थिति जानने में काफी सुविधा होगी. भवन में कंट्रोल रूम पैनल रूम, रिले रूम, और सिंगल रूम भी शिफ्ट किए जाएंगे. जिससे स्टेशन पर सभी ट्रेनों का संचालन एक ही जगह से किया जा सकेगा. इसमें आधुनिक डिजिटल मशीनरी और वीडियो सिस्टम भी स्थापित की जा रही है. जिससे ट्रेनों की संचालन स्थिति को कंप्यूटर स्क्रीन पर देख सकेंगे. पूरी तरह से होगा डिजिटल सिस्टम यह स्टेशन 40 साल पुराने सिस्टम से काम कर रहा था, लेकिन अब इसे पूरी तरह से डिजिटल सिस्टम में परिवर्तित किया जा रहा है. योजना के तहत, साफ-सफाई, वेटिंग हॉल, टिकट काउंटर, शौचालय और अन्य सुविधाओं में भी सुधार होगा. डिजिटल टिकटिंग, वाई-फाई और आधुनिक सूचना प्रणालियों की भी स्थापना की जाएगी. नए प्लेटफार्म, फुट ओवरब्रिज और सुरंगों का निर्माण भी किया जाएगा, जिससे यात्रियों को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा अनुभव प्राप्त होगा. बन चुका है नया आरक्षण केंद्र स्टेशन प्रबंधक मुकेश कुमार जैन ने Local 18 को बताया कि अमृत भारत योजना के पहले चरण का काम अब अंतिम दौर में है. पुराने पार्किंग स्टैंड के पास के जर्जर भवन को तोड़कर नया आरक्षण केंद्र बन चुका हैं. अगले माह तक आरक्षण केंद्र व बिजली कार्यालय को नए भवन में शिफ्ट कर दिया जाएगा. recent visitors 78

आज इंदौर के ESICअस्पताल का लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मोहन यादव वर्चुअली करेंगे

इंदौर इंदौर में ईएसआईसी के सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल की सौगात इंदौर संभाग के लाखों कर्मचारियों को मिलने जा रही है। मंगलवार को अस्पताल का लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी औरर मुख्यमंत्री मोहन यादव वर्चुअली करेंगे। साढ़े तीन सौ करोड़ की लागत से अस्प्ताल बनकर तैयार हो चुका है। सोमवार को अलग अलग विभागों ने अेापीडी शुरू कर दी।  500 बिस्तर के अस्पताल में आधुनिक मशीनें नंदानगर स्थित परिसर में तीन साल पहले अस्पताल की बिल्डिंग का निर्माण शुरू हुआ था। कोविडकाल के कारण काम थोड़ा धीमा रहा, लेकिन तीन माह पहले बिल्डिंग बनकर तैयार हो गई थी। अस्पताल में मशीनों व उपकरणों को लगाने का काम चल रहा था। पहले 30 साल पुरानी बिल्डिंग मेें अस्पताल संचालित होता था, लेकिन कई तरह की जांचे व आपरेशन की सुविधा वहां नहीं थी। मरीजों को दूसरे अस्पतालों में रेफर किया जाता था,लेकिन अब इस अस्पताल में ही सुविधाएं मिल जाएगी। इंदौर के अलावा पीथमपुर की कई कंपनियां ईएसआईसी अस्पताल से जुड़ी है। उनके श्रमिकों को एक ही अस्पताल मेें सुविधाएं मिल जाएगी। छह लाख वर्गफीट में बनी नई बिल्डिंग अस्पताल की नई बिल्डिंग छह लाख वर्गफीट में बनी हैै। छह मंजिला बिल्डिंग में दो आपरेशन थिएटर 10 से ज्यादा अेापीडी के अलावा मरीजों के लिए खाना बनाने की सुविधा और परिजनों के रहने की सुविधा भी रहेगी। मंगलवार को होने वाले लोकार्पण की तैयारियों का जायजा लेने सोमवार को सांसद शंकर लालवानी और विधायक रमेेश मेंदोला अस्पताल पहुंचे। लोकार्पण के बाद अस्पताल पुरी तरह शुरू हो जाएगा। एक्सरेे, एमआरआई, सोनोग्राफी जैसी जांचें यहां कम दामों में होगी। यहां आधुनिक लैब भी बनाई गई है। इसके अलावा एमबीबीएस कर चुके जूनियर डाक्टरों को बांड के तहत एक साल के लिए यहां इंटर्नशीप के लिए सरकार ने भेजा है।  मिलेंगी आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं बता दें कि अस्पताल का काम तेजी से चल रहा है। वर्षा के दिनों में भी इसका निर्माण कार्य रोका नहीं गया। इस अस्पताल को सुपर स्पेशिएलिटी की तर्ज पर बनाया जा रहा है। इसमें आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के तमाम साधन और सुविधाएं मरीजों को मिलेगी। अस्पताल में मरीजों की एमआरआइ, सीटी स्कैन जैसी अन्य महंगी जांचें भी हो सकेंगी। अभी तक कई जांच निजी अस्पतालों में बीमा अस्पताल द्वारा करवाई जाती थी। इसके चलते लाखों रुपये का भुगतान निजी अस्पतालों को करना पड़ता था, वहीं अस्पताल बन जाने के बाद जांच के साथ ही गंभीर बीमारियों का इलाज भी मिल सकेगा। छह मंजिला होगा अस्पताल करीब छह लाख वर्गफीट में निर्माण किया जा रहा अस्पताल छह मंजिला होगा। अस्पताल में मरीजों के इलाज के दौरान उनके स्वजन भी ठहर सकेंगे। मरीजों के साथ स्वजन को भी भोजन की सुविधा मिलेगी। इसके लिए माडर्न किचन भी तैयार किया जा रहा है। recent visitors 105