मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने धनतेरस पर्व पर निवास में धन्वंतरि पूजा कर दिन की शुरुआत की

धनतेरस सबके जीवन में खुशहाली और संपन्नता लेकर आए : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने सबके आरोग्य की कामना के साथ धन्वंतरि जयंती पर किया पूजन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने धनतेरस पर्व पर निवास में धन्वंतरि पूजा कर दिन की शुरुआत की भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने धनतेरस पर्व पर निवास में धन्वंतरि पूजा कर दिन की शुरुआत की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान धनवंतरि को समर्पित धनतेरस पर प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि, धन-धान्य एवं आरोग्य की कामना की तथा सभी को शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया पर जारी संदेश में लिखा है कि "यह पर्व सभी के जीवन में खुशहाली व संपन्नता लेकर आए तथा सबके यश एवं वैभव में निरंतर वृद्धि होती रहे, माता लक्ष्मी और भगवान धन्वन्तरि से यही प्रार्थना है।"   recent visitors 54

सरदार वल्लभभाई पटेल की विरासत को कमजोर करने की कोशिशें की गई हैं: अमित शाह

नई दिल्ली हर साल लौह पुरुष के नाम से मशहूर देश के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती 31 अक्टूबर को मनाई जाती है। लेकिन इस साल 31 अक्टूबर से दो दिन पहले, यानी 29 अक्टूबर को दिल्ली में 'रन फॉर यूनिटी' का आयोजन किया गया। इस खास कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भाग लिया। यह दौड़ सरदार पटेल की एकता और अखंडता के प्रति समर्पण को उजागर करने के लिए आयोजित की गई। इस कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों में राष्ट्रीय एकता का संदेश फैलाना और सरदार पटेल के योगदान को याद करना था। पटेल की विरासत को मिटाने का प्रयास किया… केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल की विरासत को कमजोर करने की कोशिशें की गई हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें लंबे समय तक भारत रत्न से वंचित रखा गया। पटेल की जयंती से पहले आयोजित 'रन फॉर यूनिटी' कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि देश के पहले गृह मंत्री की दूरदर्शिता के कारण 550 से अधिक रियासतों का भारत संघ में विलय हुआ। भारत रत्न से वंचित रहन अमित शाह ने दिल्ली के मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में कार्यक्रम के दौरान कहा, "सरदार पटेल की विरासत को मिटाने और कमजोर करने का प्रयास किया गया। उन्हें भारत रत्न से भी वंचित रखा गया।" हालाँकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के केवड़िया में पटेल की सबसे ऊँची प्रतिमा स्थापित की, जिससे उन्हें उचित सम्मान मिला। मरणोपरांत मिला भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल को 1950 में उनकी मृत्यु के 41 साल बाद, 1991 में मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया गया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस अवसर पर कहा कि आज लोग एकजुट हैं और उन्होंने 2047 तक भारत को एक पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है। उनका यह संकल्प देश की समृद्धि और विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। दीपावली के कारण समय परिवर्तन अमित शाह ने बताया कि 'रन फॉर यूनिटी' आमतौर पर सरदार पटेल की जयंती 31 अक्टूबर को मनाई जाती है। लेकिन इस साल, दीपावली के कारण यह कार्यक्रम दो दिन पहले, यानी 29 अक्टूबर को आयोजित किया गया है। यह बदलाव त्योहार की खुशी और एकता के संदेश को जोड़ने के लिए किया गया है। धनतेरस के अवसर पर दौड़ उन्होंने यह भी कहा कि आज धनतेरस है, और इस शुभ अवसर पर दौड़ का आयोजन किया जा रहा है। मोदी सरकार 2014 से 31 अक्टूबर को 'राष्ट्रीय एकता दिवस' के रूप में मनाती आ रही है, जिससे राष्ट्र की एकता और अखंडता को मजबूत किया जा सके। आपको बता दें कि सरदार पटेल का जन्म 31 अक्टूबर, 1875 को हुआ था। वे भारत के पहले गृह मंत्री और उप प्रधानमंत्री बने। उन्हें 550 से अधिक रियासतों को भारत संघ में विलय करने का श्रेय दिया जाता है। अमित शाह ने कहा कि 2047 तक भारत सभी मापदंडों में दुनिया का अग्रणी देश होगा। इस उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए, हम सरदार पटेल की विरासत को सहेजने और उनके योगदान को याद करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। इस तरह, सरदार पटेल की जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से उनकी भूमिका और योगदान को याद किया जा रहा है।   recent visitors 80

धनतेरस :ब्रह्म मुहूर्त में खुले महालक्ष्मी मंदिर के पट, भक्तों में बांटी जा रही समृद्धि की पोटली, आज तक एक रुपए का हेरफेर नहीं

रतलाम  दीपोत्सव के लिए भक्तों द्वारा दी गई नगदी, जेवर आदि से मध्य प्रदेश के रतलाम में माणकचौक स्थित श्री महालक्ष्मी मंदिर में श्रृंगार पूरा हो गया। धनतेरस पर मंगलवार सुबह करीब 4:30 बजे ब्रह्म मुहूर्त में मंदिर के पट खोले दिए गए। भक्त भाई दूज तक लगातार दर्शन कर सकेंगे। इससे पहले सोमवार देर रात तक श्रृंगार का कार्य चलता रहा। खास बात यह है कि मंदिर से चार साल बाद समृद्धि पोटली (कुबेर पोटली) का वितरण भी सुबह छह बजे से शुरू हो गया। भक्तों के दिए आभूषणों से होता है मां का श्रृंगार महालक्ष्मी मंदिर में हर साल श्रद्धालु अपनी ओर से श्रृंगार के लिए सामग्री देते हैं, जो भाई दूज के बाद वापस कर दी जाती है। नोटों, जेवरों, हीरे-मोती, रत्न आदि से होने वाले विशेष श्रृंगार को देखने देश भर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। इसके चलते मंदिर में सुरक्षा के भी विशेष इंतजाम किए जाते हैं।मंदिर परिसर में खास तौर पर गर्भगृह को विशेष रूप से सजाया जाता है। दीपावली पर्व के समापन पर भाईदूज के दिन प्रसादी के रुपए में भक्तों को उनके नोट और आभूषण लौटा दिए जाते हैं। अभी तक मंदिर में 1 करोड़ 47 लाख रुपए की गिनती हो चुकी है जबकि आभूषणों का अनुमान लगाया जा रहा है कि वह 3 करोड़ से ज्यादा के हैं। रतलाम के माणक चौक स्थित इस मंदिर में नोटों और आभूषणों से सजावट की शुरुआत इस बार शरद पूर्णिमा पर 14 अक्टूबर से हुई थी। मंदिर में भक्त निशुल्क सेवा भी देते हैं। कोई नोटों की लड़िया बनाता है तो कोई नोट लेकर आने वाले श्रद्धालुओं की इंट्री करता है। कुछ भक्त दिन से लेकर रात तक सजावट में लगे रहते हैं। 1 से लेकर 500 रुपए तक के नोटों से सजावट 1 रुपए से लेकर 20, 50, 100 और 500 रुपए के नए नोटों से मंदिर को सजाया जाता है। सजावट के लिए रतलाम के अलावा मंदसौर, नीमच, इंदौर, उज्जैन, नागदा, खंडवा, देवास समेत राजस्थान के कोटा से आए भक्तों ने अपनी श्रद्धानुसार राशि जमा कराई है। महालक्ष्मी के कई भक्त तो ऐसे भी हैं, जो एक साथ 5 लाख रुपए तक मंदिर में रखकर जाते हैं। श्रद्धालुओं द्वारा दिए जाने वाले नोटों से मंदिर के लिए वंदनवार बनाया जाता है। महालक्ष्मी का आकर्षक श्रृंगार कर गर्भगृह को खजाने के रूप में सजाया जाता है। मंदिर परिसर कुबेर के खजाने के रूप में दिखाई देता है। भक्त अपने घरों की तिजोरी तक मंदिर में सजावट के लिए रख जाते हैं। कैसे बनती हैं समृद्धि की पोटलियां मंदिर में समृद्धि पोटलियों को संतों व विद्ववत ब्राह्मणजन द्वारा गणेश अथर्वशीर्ष, श्री सुक्त का पाठ कर मंत्रोच्चार कर अभिमंत्रित किया गया। स्वामी देवस्वरूप महाराज (अखंड ज्ञान आश्रम) स्वामी सुजानजी महाराज, नीलभारतीजी महाराज, महर्षि संजयशिवशंकर दवे, स्वामी राजेन्द्रजी पुरोहित, पं. चेतन शर्मा, पं. जितेंद्र नागर , पं. प्रकाश शर्मा, पं. जीवन पाठक, पं. शैलेन्द्र ओझा, पं.संजय मिश्रा, पं.अशोक, पं.ओमप्रकाश शर्मा, पं.वशिष्ठ, पं.नारायण व्यास सहित गुरुकुल के बटुक विद्यार्थी मौजूद रहे। मंदिर समिति, व्यापारी समिति व श्रीमाली ब्राह्मणसमाजजन ने शृंगार सहित अन्य व्यवस्थाएं संभाली। श्रीमाली ब्राह्मणसमाज के सचिव कुलदीप त्रिवेदी ने बताया कि मंगलवार को ब्रह्ममुहूर्त में पट खुलने के बाद पौने छह बजे आरती होगी। आरती में कलेक्टर राजेश बाथम शामिल होंगे। इसके बाद छह बजे से समृद्धि पोटली का वितरण किया जाएगा। समृद्धि पोटली में यह सामग्री मान्यता है कि मंदिर से मिलने वाली समृद्धि पोटली (कुबेर पोटली) को तिजोरी में रखने से वर्षभर व्यापार, घर, परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है। श्रृंगार सामग्री भी इसी भाव से श्रद्धालु देते हैं। पोटली में एक सीपी, कोडी, एक रुपये का सिक्का, कमल गट्टा, छोटा शंख, अक्षत होते हैं जो लच्छे से बंधे लिफाफे में होते हैं। नहीं आएंगे सीएम धनतेरस के दिन मुख्यमंत्री मोहन यादव के रतलाम आने का कार्यक्रम तय हुआ था। इसके चलते सोमवार को दिन भर कलेेक्टर राजेश बाथम, एसपी अमित कुमार तैयारियों में लगे रहे। दोपहर में सीएम का दौरा निरस्त होने की जानकारी मिलने के बाद मंदिर में सजावट का क्रम भी बदला गया। रजिस्टर में एंट्री कर टोकन दिया जाता है मंदिर में सजावट के लिए दिए जाने वाले रुपयों में आज तक हेरफेर नहीं हुआ है। नगदी और आभूषण देने वाले भक्तों का नाम, पता और मोबाइल नंबर एक रजिस्टर में लिखा जाता है। देने वाले का पासपोर्ट फोटो नाम के आगे चिपकाया जाता है। राशि लिखकर एक टोकन दिया जाता है। इसी टोकन को देखकर रुपए या आभूषण लौटाए जाते हैं। पांच दिन तक संपदा माता लक्ष्मी के हवाले महालक्ष्मी मंदिर में गणेश, लक्ष्मी और सरस्वती माता की प्रतिमाएं हैं। लक्ष्मी की मूर्ति के हाथ में धन की थैली रखी है, जो वैभव का प्रतीक है। मान्यता है कि करीब 200 वर्ष पूर्व राजा रतन सिंह कुल देवी के रूप में माता का पूजन करते थे। राजा वैभव, निरोगी काया और प्रजा की खुशहाली के लिए पांच दिन तक अपनी संपदा मंदिर में रखकर आराधना कराते थे। तभी से ये परंपरा चली आ रही है। मंदिर में महालक्ष्मी के 8 रूप विराजमान रतलाम के महालक्ष्मी मंदिर में माता के 8 रूप अधी लक्ष्मी, धान्य लक्ष्मी, लक्ष्मीनारायण, धन लक्ष्मी, विजयालक्ष्मी, वीर लक्ष्मी, संतान लक्ष्मी और ऐश्वर्य लक्ष्मी मां विराजमान हैं। गर्भ गृह में महालक्ष्मी के साथ भगवान गणेश और मां सरस्वती की पूजा होती है। दीपावली के एक सप्ताह पहले से सजावट महालक्ष्मी मंदिर में हर साल दीपावली के एक सप्ताह पहले से सजावट की तैयारी शुरू हो जाती है। इस बार शरद पूर्णिमा से ही यहां रुपए और गहने पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। मान्यता है कि जिस व्यक्ति का धन महालक्ष्मी के श्रृंगार में इस्तेमाल होता है, उसके घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। 4 गार्ड और सीसीटीवी से निगरानी महालक्ष्मी के दरबार में सजने वाले कुबेर के खजाने की सुरक्षा के लिए 4 गार्ड तैनात रहते हैं। सीसीटीवी से भी निगरानी की जाती है। मंदिर के पीछे ही माणक चौक पुलिस थाना है। जहां 24 घंटे फोर्स तैनात रहती है। recent visitors 105

कई जगहों पर की छापेमारी, छत्तीसगढ़-रायपुर में शराब नीति मामले में ईडी की कार्रवाई

रायपुर. छत्तीसगढ़ और झारखंड में ईडी ने 17 ठिकानों पर छापेमारी की है, यह कार्रवाई कथित शराब घोटाले मामले में की गई है। बताया जा रहा है कि कई बड़े IAS अधिकारियों के खिलाफ भी एक्शन हुआ है। बताया जा रहा है कि ईडी ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विनय चौबे, उत्पाद विभाग के संयुक्त सचिव गजेंद्र सिंह और उनके करीबी रिश्तेदारों के ठिकारनों पर रेड डाली। बताया जा रहा है कि ईडी ने कई इनपुट मिलने के बाद अचानक से इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। जानकारी के लिए बता दें कि इस मामले में पहले ही छत्तीसगढ़ पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने एक केस दर्ज किया था। मामले में विनय कुमार चौबे और गजेंद्र सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई थी। उस शिकायत के लिए रांची के विकास कुमार ने ही आवेदन किया था। ऐसा आरोप है कि इस शराब घोटाले का एपीसेंटर रायपुर रहा है, यही पर आबकारी नीति में फरबदल हुआ था।   शराब घोटाले से जुड़ा है मामला छत्तीसगढ़ के शराब सिंडिकेट के द्वारा शराब नीति में बदलाव कर झारखंड और छत्तीसगढ़ में शराब कारोबार पर कब्जे को लेकर छत्तीसगढ़ एसीबी में भी एफआईआर दर्ज किया गया था. एफआईआर में झारखंड के तत्कालीन उत्पाद विभाग के सचिव विनय कुमार चौबे, उत्पाद विभाग के संयुक्त आयुक्त गजेंद्र सिंह समेत अन्य अधिकारियों, छत्तीसगढ़ के आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा के साथ साथ झारखंड में शराब की सप्लाई, मैन पावर और होलोग्राम बनाने वाली कंपनियों को भी आरोपी बनाया गया है. अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 2018, धारा 420, 120 बी के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी. इनपर दर्ज हुई है एफआईआर आईएएस विनय कुमार चौबे, तत्कालीन उत्पाद सचिव, जेएसबीसीएल के एमडी संयुक्त आयुक्त उत्पाद गजेंद्र सिंह व अन्य अधिकारी अनिल टुटेजा, तत्कालीन संयुक्त सचिव, वाणिज्य एवं उद्योग, छत्तीसगढ़ अरूणपति त्रिपाठी, तत्कालीन प्रबंध संचालक, छग स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड अनवर ढेबर, अरविंद सिंह मेसर्स सुमित फैसिलिटी के संचालक विधु गुप्ता, प्रिज्म होलोग्राफी एंड सिक्योरिटी प्राइवेट लिमिटेड मैन पावर सप्लाई एवं मदिरा सप्लाई करने वाली एजेंसियां एफआईआर में क्या है छत्तीसगढ़ एसीबी में दर्ज एफआईआर में यह बताया गया है कि छत्तीसगढ़ में शराब कारोबार के जरिए अवैध कमाई करने वाले सिंडिकेट के सदस्य आईएएस अनिल टुटेजा, अनवर ढबेर समेत अन्य ने झारखंड में भी अवैध कारोबार करने के उद्देश्य से जनवरी 2022 में विनय कुमार चौबे समेत झारखंड के आबकारी विभाग के अफसरों के साथ मिलकर ठेकेदारी प्रथा के स्थान पर छत्तीसगढ़ स्टेट की शराब कंपनी के जरिए शराब बिक्री का नियम बनवाया. इसके लिए दोनों राज्यों के आबकारी विभाग के अधिकारियों की रायपुर में मीटिंग की गई थी. इसके बाद विधानसभा में रिजॉल्यूशन लाया गया. छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन के एमडी अरूणपति त्रिपाठी को झारखंड में भी कंसल्टेंट बनाया गया. इसके लिए अरूणपति को 1.25करोड़ का भुगतान भी झारखंड सरकार के द्वारा किया गया. एफआईआर में बताया गया है कि विनय कुमार चौबे, गजेंद्र सिंह ने अनवर ढेबर और उसके सिंडिकेट के सदस्यों को लाभ दिखाने के लिए मदिरा सप्लाई एजेंसी और प्लेसमेंट एजेंसियों के लिए निविदा शर्त में 100 करोड़ के टर्नओवर की शर्त डाली गई. ऐसे में जहां झारखंड में ठेकेदारी प्रथा शराब कारोबार में लागू थी, यहां की कोई कंपनी निविदा में शामिल नहीं हो पायी. इसी तरह मैनपावर सप्लाई करने वाली प्लेसमेंट एजेंसी के लिए 310 दुकानों के लिए ईएमडी राशि 49.67 लाख एवं बैंक गारंटी के रूप में 11.28 करोड़ की राशि निविदा शर्त के तौर पर रखी गई. निविदा में भाग लेने के लिए कंपनियों के लिए शासकीय कार्य में दो साल में चार करोड़ रुपये के काम का अनुभव रखा गया. इस तरह झारखंड में छत्तीसगढ़ की कंपनियों सुमित फैसिलिटी, इगल हंटर सॉल्यूशंस, एटूजेड इंफ्रा को काम दिया गया.इसके बाद इन सभी कंपनियों के मालिकों के द्वारा सिद्धार्थ सिंघानिया को अपनी ओर से मैनपावर सप्लाई का काम दिया गया. सिंघानिया ने नए मैनपावर रखने के बजाय पुराने ठेकेदारों के अधीन शराब दुकानों में काम कर रहे लोगों को ही काम पर रखा. राजस्व का हुआ नुकसान एफआईआर में जिक्र है कि शराब सिंडिकेट की आपराधिक साजिश के कारण झारखंड में साल 2022- 23 में राजस्व का भारी नुकसान हुआ. एसीबी छत्तीसगढ़ में शिकायत मिलने पर की गई आरंभिक जांच में पाया है कि नियम में फेरबदल कर शराब कंपनियों के मालिक से करोड़ों का कमीशन लिया गया. recent visitors 76

मुख्यमंत्री ने किया “रन फॉर यूनिटी” का शुभारंभ, दिलाई एकता की शपथ…

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने टीटी नगर स्टेडियम भोपाल पहुंच गए है, वे राष्ट्रीय एकता दिवस की शपथ दिलाई । साथ ही "रन फॉर यूनिटी" को हरी झंडी दिखाई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने "मन की बात" कार्यक्रम में लौह पुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती "राष्ट्रीय एकता दिवस पर होने वाली रन फॉर यूनिटी" इस बार 29 अक्टूबर को आयोजित करने की घोषणा की है। टी.टी. नगर खेल स्टेडियम में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री, विश्वास कैलाश सारंग, विधायक भगवान दास सबनानी, महापौर मालती राय, अपर मुख्य सचिव श्रीमती स्मिता भारद्वाज घाटे आदि मौजूद है। टीटी नगर खेल स्टेडियम में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, अपर मुख्य सचिव स्मिता भारद्वाज घाटे सहित अन्य जन-प्रतिनिधि शामिल रहे । मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने मन की बात कार्यक्रम में लौह पुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती राष्ट्रीय एकता दिवस पर होने वाली रन फॉर यूनिटी इस बार 29 अक्टूबर को आयोजित करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को ज्यादा से ज्यादा संख्या में शामिल होने और देश की एकता के मंत्र के साथ ही फिटनेस के मंत्र को भी हर तरफ फैलाने की अपील की है। राष्ट्रीय एकता दिवस पर होने वाली शपथ और रन फॉर यूनिटी के संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जिलों में भी इन आयोजन को और आमजन की भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा है। जिन जिलों में विधानसभा उप चुनाव की प्रक्रिया चल रही है, वहाँ आदर्श आचरण संहिता का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये हैं। खेल संचालक रवि कुमार गुप्ता ने बताया कि रन फॉर यूनिटी खेल स्टेडियम से शुरू होकर कमला नेहरू स्कूल होकर टॉप एण्ड टाउन, रोशनपुरा चौराहा से वापस अपैक्स बैंक होते हुये खेल स्टेडियम पहुंचेगी, जहां उसका समापन होगा। रन फॉर यूनिटी में हजारों की संख्या में युवा, खिलाड़ी, कोच, स्कूली बच्चे, टीचर्स आदि शामिल होंगे। वहीं, मंत्रालय स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल पार्क में प्रात: 9 बजे एकता, अखंडता और सुरक्षा की भावना को मजबूती प्रदान करने के लिए '' राष्ट्रीय एकता दिवस'' की शपथ दिलाई जाएगी। मंत्रालय सहित सतपुड़ा, विंध्याचल के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहंगे। recent visitors 90

शासकीय कार्यों में लापरवाही बर्दाशत नहीं की जाएगी, विद्युत महाप्रबंधक सहित 11 अधिकारी और कर्मचारी निलंबित

विलम्ब या लापरवाही करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों पर की जाएगी कठोर कार्यवाही: मुख्यमंत्री डॉ. यादव हम सब जनता के प्रति जवाबदेह हैं, हमारा दयित्व तभी पूरा होता है जब हम अपने कर्त्तव्य का समय रहते निर्वहन करें: मुख्यमंत्री डॉ. यादव  शासकीय कार्यों में लापरवाही बर्दाशत नहीं की जाएगी, विद्युत महाप्रबंधक सहित 11 अधिकारी और कर्मचारी निलंबित विद्युत महाप्रबंधक सहित 11 अधिकारी और कर्मचारी निलंबित मुख्यमंत्री ने जनसामान्य समस्याओं का समाधान ऑनलाइन से किया निराकरण भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हम सब जनता के प्रति जवाबदेह हैं, हमारा दयित्व तभी पूरा होता है जब हम अपने कर्त्तव्य का समय रहते निर्वहन करें। शासकीय कार्यों में लापरवाही बर्दाशत नहीं की जाएगी, सभी जिलों में इस क्षेत्र में हुए कार्य की गहन समीक्षा करते हुए बेहतर कार्य करने वाले कर्मचारी-अधिकारियों को प्रोत्साहित किया जाएगा और जिन्होंने विलम्ब या लापरवाही की है उनके विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रालय से समाधान ऑनलाइन कार्यक्रम में यह बात कही। समधान ऑनलाइन में 12 जिलों की चयनित जन समस्याओं के संबंध में चर्चा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 11 अधिकारियों और कर्मचारियों को निलम्बित करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव अनुराग जैन सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। लंबित प्रकरणों को समय सीमा में अभियान चला कर निराकृत करें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जन समस्याओं के निराकरण के लिए प्रदेश स्तर पर सघन अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मैदानी स्तर ऐसा वातावरण निर्मित करने की आवश्यकता है जिससे लोग निर्भय होकर अपनी बात और शिकायत सक्षम अधिकारी के समक्ष रख सकें। विकास, जन कल्याण और मूलभूत सेवाओं से संबंधित लंबित प्रकरणों को जिला स्तर पर समय सीमा निर्धारित कर अभियान चला कर निपटाया जाए तथा अभियान की जिले के साथ राज्य स्तर पर मॉनिटरिंग की जाए। संवेदनशील प्रशासन की स्थापना को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जन समस्याओं के प्रभावी और सकारात्मक निराकरण के लिए मैदानी अमले का उत्तरदायित्व और उनकी संवेदनशीलता व सजगता सुनिश्चित की जाए। विभागीय स्तर पर की गई गलतियों को नजर अंदाज नहीं किया जाएगा। सभी जिले पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी एसओपी का पालन करें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रायसेन जिले से दुर्गा प्रसाद द्वारा बिजली के बिल में गड़बड़ी संबंधी शिकायत पर विद्युत कम्पनी के महाप्रबंधक को निलंबित करने के निर्देश दिए। शिकायत का निराकरण विभाग द्वारा किया जा चुका है। खण्डवा जिले से श्रीमती प्रेमपुरी द्वारा बेटी के गुम होने और एफआईआर दर्ज न होने तथा समय पर कार्यवाही न होने संबंधी शिकायत पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रोष प्रकट किया। जानकारी दी गई कि प्रकरण में लापरवाही करने पर उपनिरीक्षक को निलंबित किया गया है। एसडीओपी और टीआई को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है तथा मुख्यालय से कार्रवाई की जाएगी। प्रकरण की जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक द्वारा कराई जा रही है तथा बेटी को बरामद कर परिजनों को सौंप दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्पूर्ण प्रदेश में इस प्रकार के प्रकरणों के निराकरण के लिए अभियान चलाया जाए तथा पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी एसओपी का पालन किया जाए। झाबुआ जिले के अनिल डामोर ने कपिलधारा कूप निर्माण योजना के अंतर्गत भुगतान में विलंब संबंधी शिकायत में पंचायत सचिव को निलंबित किया गया तथा संबंधित मुख्य कार्यपालन अधिकारी व लेखाधिकारी को कारण बताओ नोटिस दिया गया। गरीब और वंचित वर्ग के प्रति संवेदनशील रहें शासकीय सेवक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अशोक नगर के विद्यार्थी अजय को अनुसूचित जाति कल्याण विभाग द्वारा दी जा रही छात्रवृत्ति में हुए विलंब संबंधी शिकायत में शाखा प्रभारी तथा लिपिक को निलंबित कर जिला समन्वयक को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गरीब और वंचित वर्ग के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति समय पर उपलब्ध कराने के लिए संवेदनशील होते हुए सक्रियता से कार्य करने को कहा। समाधान ऑनलाइन में अलीराजपुर के हरि सिंह को ऋण एवं अनुदान मिलने में विलंब, भोपाल के मानवेंद्र प्रताप के प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय संबंधी प्रकरण, सीधी के रामेश्वर के संबल योजना संबंधी प्रकरण, जबलपुर के जेलू सिंह को चने के उपार्जन का भुगतान न होने, भिण्ड के जगदीश के राष्ट्रीय निशक्त पेंशन योजना, बड़वानी के भारत सिंह के वन्य जीव द्वारा हानि के मुआवजे और छतरपुर के कुलदीप के नगरीय विकास विभाग संबंधी प्रकरण में भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बेहतर प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को सराहा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जन समस्या निवारण में बेहतर प्रदर्शन वाले अधिकारियों की सराहना की। उत्कृष्ट प्रदर्शन वाले जिलों क्रमश: कटनी,विदिशा, सीहोर, सिंगरौली व सागर की भी सराहना की गई। इसी प्रकार उत्कृष्ट प्रदर्शन वाले विभागों के अंतर्गत ऊर्जा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय विकास एवं आवास, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी तथा गृह विभाग को भी सराहा गया।   recent visitors 70

‘सोनेरी भोग’ मिठाई का क्या आप चखना चाहेंगे स्वाद, एक किलो मिठाई का भाव जानकर रह जाएंगे दंग

जयपुर देश के सबसे बड़े त्योहार दिवाली को लेकर जहां कुछ दिन बाकी हैं वहीं बाजार सजने लगे है ।वहीं मिठाइयां दुकानों में खुशबू बिखेर रही है यानी एक से बढ़कर एक मिठाइयां बाजार की रौनक बनी हुई हैं। इन मिठाइयों के भाव भी बढ़े हुए हैं हाल ही में एक मिठाई चर्चा में आई है जिसका भाव सुनकर हर कोई दंग रह जाएगा। चलिए जानते हैं मिठाई के बारे में। यहां मिल रही हैं सोनेरी भोग मिठाई आपको बताते चलें कि, यह खास तरह की मिठाई सोनेरी भोग को दरअसल महाराष्ट्र के अमरावती में एक दुकानदार ने अपनी दुकान में पेश किया है। जिस मिठाई को 24 कैरेट के सोने के वर्क से सजाया गया है तो यह मिठाई काजू, बादाम, पिस्ता और किशमिश से तैयार की गई हैं। इस मिठाई की खासियत केवल राज्य ही नहीं अन्य राज्य के लिए भी है। एक पीस मिठाई की कीमत 1550 रुपये इस दीवाली सोने-चांदी की बढ़ी कीमतों ने भले ही आपके होश उड़ा दिए हों, लेकिन जयपुर के 'त्यौहार' आउटलेट ने तो सोने-चांदी से 'स्वर्ण भस्म पाक' और 'चांदी भस्म पाक' की मिठाई बना सबको हैरत में डाल दिया है. भले ही सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीदने के लिए आपको सौ बार सोचना पड़ा हो, लेकिन इस मिठाई को खूब खरीदा जा रहा है. हालांकि स्वर्ण भस्म से बनी मिठाई के एक पीस की कीमत 1550 रुपए है और चांदी की भस्म से बनने वाली मिठाई के एक पीस की कीमत 750 रुपये है. लेकिन फिर भी इनकी डिमांड है. खासतौर पर दीवाली त्यौहार पर लोग गिफ्ट के तौर पर इन मिठाइयों का उपयोग कर रहें हैं. सोने-चांदी की यह मिठाई जितनी प्रीमियम है, उसका बॉक्स भी उतना ही प्रीमियम रखा है. इन मिठाइयों के डिब्बे भी सोने चांदी की ज्वेलरी बॉक्स बनाने वाले वेंडर से ही स्पेशल तौर पर तैयार किए गए हैं. यही वजह है कि मिठाई का सिंगल पीस भी रिंग ज्वेलरी रखने वाले छोटे बॉक्स में दिया जाता है. इन जगहों से मंगवाए जाते हैं मटेरियल शॉप की ऑनर अंजलि जैन बताती हैं कि 1 किलो स्वर्ण भस्म पाक मिठाई में करीब 40 पीस आते हैं, जिसकी कीमत 45,000 रुपए रखी गई है. वहीं 1 किलो चांदी भस्म पाक मिठाई की कीमत 30 हजार रुपए है. इस मिठाई की रेसिपी को कई महीनों की रिसर्च करने के बाद तैयार किया गया है, यही वजह है कि सोने से तैयार होने वाली स्वर्ण भस्म और चांदी से तैयार होने वाली चांदी भस्म मिठाई इम्यूनिटी, मेंटल और फिजिकल हेल्थ के लिए भी यह काफी फायदेमंद है. यहीं नहीं इस मिठाई में इस्तेमाल होने वाले रॉ मटेरियल कश्मीर, अफगानिस्तान और हिमाचल प्रदेश से मंगवाए जाते है. ऐसे तैयार की जाती है मिठाई अनोखी मिठाई की रेसिपी को लेकर शॉप के को-फाउंडर कुणाल जैन ने बताया कि मामरा क्वालिटी के बादाम को गर्म पानी में उबालकर उसे ग्रेट करते हैं और फिर मिक्सचर को देसी घी रोस्ट किया जाता है. इससे इसमें घी की खुशबू आते ही इसे ठंडा कर मिठास के लिए बहुत ही सीमित मात्रा में शुगर की चाशनी तैयार करके मिक्स कर देते हैं. इसके बाद इसमें पानी में भिगोए केसर मिश्रण को दो अलग-अलग बर्तन में बांट लेते हैं. जिसके एक मिश्रण में स्वर्ण और दूसरे में चांदी की भस्म मिलाते हैं. खास बात यह है कि एक किलो मिठाई में 1.25 से 1.5 ग्राम गोल्ड से तैयार भस्म मिलाते हैं, जिसकी लागत 30,000 रुपए से ज्यादा है. इसके बाद चांदी भस्म पाक में चांदी का वर्क और स्वर्ण भस्म पाक पर सोने का वर्क लगाकर सबसे आखिरी में चिलगोजा से गार्निश कर दोनों ही मिठाइयों को बर्फी की शेप में सर्व किया जाता है. लेकिन इस मिठाई को पकाने की विधि हलवा जैसी है और इसी कारण से दोनों मिठाइयों के नाम में भी पाक का इस्तेमाल किया गया है.   recent visitors 83