औंधे मुंह गिरा शेयर बाजार, चौथे दिन गिरावट, निवेशकों को हुआ नुकसान

मुंबई  हफ्ते के आखिरी कारोबारी सत्र में एक बार फिर भारतीय शेयर बाजार में तेज गिरावट देखने को मिली रही है. सुबह तेजी के साथ खुलने के बाद बाजार में अचानक मुनाफावसूली लौटने के चलते तेज गिरावट आ गई. सेंसेक्स दिन के हाई से 600 प्वाइँट और निफ्टी 200 अंकों से ज्यादा नीचे जा लुढ़का. आज के सत्र में एक बार फिर बिकवाली का बड़ा खामियाजा मिडकैप और स्मॉलकैप स्टॉक्स पर देखने को मिला है. निफअटी का मिडकैप इंडेक्स दिन के हाई से 1300 और स्मॉल कैप 400 अंक नीचे जा फिसला है. बाजार खुलने के एक घंटे के भीतर ही निवेशकों को 5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान झेलना पड़ा है. निवेशकों को भारी नुकसान शेयर बाजार में आई तेज गिरावट के चलते निवेशकों को भारी नुकसान हुआ है. बीएसई पर लिस्टेड स्टॉक्स का मार्केट कैप घटकर 438 लाख करोड़ रुपये पर गिरकर आ गया है जो पिछले सत्र में 444 लाख करोड़ रुपये रहा था. यानि आज के सत्र में निवेशकों को 6 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. recent visitors 87

पांच दशक तक मुंबई पर राज करने वाली ठाकरे फैमिली चुनाव नहीं लड़ी, अब तीन उम्मीदवार मैदान में

मुंबई  आदित्य ठाकरे के बाद ठाकरे फैमिली की तीसरी पीढ़ी का एक और सदस्य ने चुनावी राजनीति में डेब्यू किया है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने अपने बेटे अमित ठाकरे को शिवसेना के गढ़ माने जाने वाले माहिम सीट से टिकट दिया है। एक्सपर्ट मानते हैं कि चुनावी इम्तिहान में अमित ठाकरे को उतारकर राज ठाकरे अपनी ताकत की आजमाइश करेंगे। शिवसेना के यूथ विंग के प्रमुख के तौर पर राज ठाकरे ने मुंबई को शिवसेना का किला बनाया था। उद्धव ठाकरे के सक्रिय होने से पहले राज ही मुंबई में पार्टी को डील करते थे। आज भी मनसे का जनाधार मुंबई में है। यह भी तय है कि अगर अमित जीत जाते हैं तो वह न सिर्फ मनसे पार्टी और राज के उत्तराधिकारी के तौर पर स्थापित हो जाएंगे। आदित्य को मनसे ने दिया था वॉकओवर, मगर … अमित ठाकरे के लिए यह चुनाव आसान नहीं होगा, क्योंकि इस सीट पर शिंदे सेना और उद्धव सेना के उम्मीदवारों से उनका मुकाबला होगा। बीजेपी के करीबी होने के बाद भी शिवसेना (शिंदे) ने मौजूदा विधायक सदा सरवणकर को टिकट दिया है। शिवसेना (यूबीटी) ने भी महेश सावंत को अमित ठाकरे के खिलाफ मैदान में उतार दिया है। पिछले विधानसभा चुनाव में आदित्य ठाकरे ने मुंबई की वर्ली सीट से चुनाव में पदार्पण किया था, तब राज ठाकरे ने उनके खिलाफ मनसे उम्मीदवार नहीं उतारे थे। यूबीटी नेता संजय राउत ने कहा कि दादर-माहिम सीट शिवसेना का गढ़ रही है। इस सीट पर यूबीटी के चुनाव नहीं लड़ने का तो सवाल ही पैदा नहीं होता है। हालांकि अमित ठाकरे इससे चिंतित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि मुझे चुनाव लड़ने का मौका मेरे पिता ने दिया है और लोग मेरे भाग्य का फैसला करेंगे। उम्मीदवारों का ऐलान भी होने लगा है. सत्ताधारी महायुति में शामिल भारतीय जनता पार्टी ने 99, शिवसेना (शिंदे) ने 45 और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार) ने 38 सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है. उम्मीदवारों की एक लिस्ट महाविकास अघाड़ी (एमवीए) में शामिल उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना (यूबीटी) ने भी जारी कर दी है. उद्धव ठाकरे की पार्टी ने 65 उम्मीदवारों की अपनी पहली लिस्ट जारी कर दी है. इस लिस्ट में उद्धव की पार्टी ने ठाकरे परिवार की एक रवायत तोड़ दी है. उद्धव ठाकरे ने अपने चचेरे भाई राज ठाकरे के बेटे अमित ठाकरे के खिलाफ भी उम्मीदवार उतार दिया है. ऐसा तब है जब पिछले चुनाव में आदित्य ठाकरे की उम्मीदवारी के ऐलान के बाद राज ठाकरे ने बड़ा दिल् दिखाते हुए वर्ली सीट से उम्मीदवार नहीं उतारा था. राज ठाकरे ने तमाम विरोधाभास के बावजूद आदित्य ठाकरे को बिना किसी शर्त के समर्थन दिया था. ठाकरे परिवार की एक-दूसरे के खिलाफ उम्मीदवार नहीं उतारने की जो रवायत पिछले चुनाव में राज ठाकरे ने शुरू की थी, उद्धव ने इस बार उसे तोड़ दिया है. गौरतलब है कि अमित ठाकरे मध्य मुंबई की माहिम सीट से महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं. इस सीट से शिवसेना (शिंदे) ने मौजूदा विधायक सदा सरवणकर को उम्मीदवार बनाया है. ऐसे कयास थे कि उद्धव ठाकरे की पार्टी अमित के खिलाफ उम्मीदवार उतारने से परहेज कर सकती है लेकिन ऐसा हुआ नहीं. उद्धव की अगुवाई वाली शिवसेना (यूबीटी) ने महेश सावंत को टिकट दे दिया है. गौरतलब है कि अमित ठाकरे के चचेरे भाई आदित्य ठाकरे साल 2019 के चुनाव में माहिम से सटी वर्ली सीट से चुनाव मैदान में उतरे और जीते थे. आदित्य ठाकरे, ठाकरे परिवार से चुनावी रणभूमि में उतरने वाले पहले सदस्य थे. आदित्य ठाकरे के बाद उद्धव ठाकरे भी बतौर विधान परिषद सदस्य एक्टिव पॉलिटिक्स में आए. हालांकि, उद्धव ठाकरे ने चुनाव मैदान से दूरी बनाए रखी है. राज ठाकरे ने भी कभी कोई चुनाव नहीं लड़ा है. राज ठाकरे कभी नहीं लड़े चुनाव, अब बेटे को उतारा मुंबई में ठाकरे परिवार 58 साल से सक्रिय राजनीति एक्टिव है। 1966 में बाल ठाकरे ने अपने पिता केशव सीताराम ठाकरे के सुझाव पर शिवसेना बनाई। पांच दशक तक ठाकरे परिवार मातोश्री से मुंबई और महाराष्ट्र की राजनीति में हस्तक्षेप करता रहा, मगर चुनाव मैदान से दूर ही रहे। बाल ठाकरे कभी चुनाव नहीं लड़े। शिवसेना से निकलकर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना बनाने वाले राज ठाकरे भी चुनावी राजनीति करते रहे, मगर कभी खुद किस्मत नहीं आजमाया। वह चुनाव नहीं लड़ने की ठाकरे परंपरा पर कायम रहे। 2019 में आदित्य ठाकरे अपने परिवार के पहले शख्स थे, जो सीधे मैदान में उतरे और विधायक बन गए। उद्धव ठाकरे ने सीएम बनने के बाद विधान परिषद में एंट्री ली। वह लोकसभा या विधानसभा चुनाव नहीं लड़े। अब राज ठाकरे ने अपने बेटे अमित ठाकरे को महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में मध्य मुंबई की माहिम सीट से उतारा है। जीत गए तो विधानसभा में दिखेगा ठाकरे वर्सेज ठाकरे पिछले विधानसभा चुनाव में हाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) को सिर्फ एक सीट पर जीत मिली थी। 2006 में गठन के बाद से मनसे को चुनावों में कोई खास सफलता नहीं मिली। राज ठाकरे शिवसेना से अलग हुए तो उद्धव ठाकरे का पार्टी पर वर्चस्व हो गया। 2019 में वह खुद मुख्यमंत्री बने और बेटे आदित्य को कैबिनेट मंत्री बनाकर महाराष्ट्र की राजनीति में स्थापित कर दिया। राज ठाकरे चुनाव न लड़कर राजनीति में पीछे खिसकते चले गए। अब बेटे अमित ठाकरे को मुंबई से चुनाव लड़ाकर अपना पुराना बकाया वसूलने की तैयारी कर रहे हैं। चुनाव में जीत के बाद अगर महायुति की सरकार बनती है तो अमित ठाकरे भी कैबिनेट मंत्री के दावेदार होंगे। विधानसभा के सदन में ठाकरे के मुकाबले में एक और ठाकरे होगा। मनसे खुले तौर पर नरेंद्र मोदी और बीजेपी को समर्थन देने की घोषणा करती रही है। recent visitors 110

प्रशासन अकादमी के स्वर्ण जंयती सभागार में होगा समारोह, 14 शिक्षकों को प्रदान करेंगे राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार

भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में 14 शिक्षकों को सम्मानित करेंगे। समारोह में नि:शुल्क गणवेश योजना अंतर्गत प्रदेश के शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत 54 लाख विद्यार्थियों के बैंक खातों में करीब 324 करोड़ रूपये की राशि सिंगल क्लिक से अंतरित की जायेगी। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह भी उपस्थित रहेंगे। इस वर्ष का राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह 25 अक्टूबर को भोपाल के आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन अकादमी के स्वर्ण जयंती हॉल में प्रात: 10:30 बजे आयोजित किया जा रहा है। राज्य स्तरीय सम्मान से विभूषित सभी शिक्षकों को समारोह में सम्मान राशि 25 हजार रूपये, शॉल, श्रीफल एवं प्रशस्ति-पत्र से सम्मानित किया जाएगा। वहीं विगत वर्ष के राष्ट्रीय शिक्षक पुरूस्कार विजेता शिक्षकों को विशेष सम्मान राशि 11 हजार रूपये, शॉल, श्रीफल एवं प्रशस्ति-पत्र से सम्मानित किया जाएगा। समारोह में अतिथियों द्वारा राष्ट्रीय इंस्पायर अवार्ड प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले भिंड जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय उद्योतगढ़ के कक्षा 10वीं के विद्यार्थी दीपक वर्मा को 25 हजार रूपये की विशेष सम्मान निधि राष्ट्रीय स्तर पर पाँचवे स्थान पर रहीं बालाघाट जिले के शासकीय उत्कृष्ट उ.मा.वि लांजी की छात्रा सुश्री शिरोमणी दहीकर तथा 31वाँ स्थान प्राप्त करने वाले भोपाल जिले के कक्षा 7वीं के विद्यार्थी श्री आरूष नाग को 15-15 हज़ार रूपयों की विशेष सम्मान निधि प्रदान की जायेगी। इन विद्यार्थियों के साथ ही उनके गाइड शिक्षकों को भी सम्मानित किया जायेगा। अंतर्राष्ट्रीय संस्था T-4 ऐजूकेशन के द्वारा नवाचार श्रेणी में विश्व में प्रथम स्थान प्राप्त विद्यालय सी.एम. राइज विनोवा रतलाम के शिक्षकों का सम्मान किया जाएगा। राज्य स्तर की शैक्षिक संगोष्ठी से चयनित प्रथम प्रतिभागी को 11 हजार रूपये, द्वितीय प्रतिभागी को 7 हजार एवं तृतीय को 5 हजार रूपये राशि के साथ शॉल, श्रीफल, प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा। राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्राप्त शिक्षक भी होंगे सम्मानित शिक्षक सम्मान समारोह में पिछले वर्ष के राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2023 से सम्मानित प्रदेश के चयनित शिक्षकों का भी सम्मान किया जायेगा। इनमें सुश्री सारिका घारू माध्यमिक शिक्षक शासकीय हाई स्कूल सांडिया, होशंगाबाद और रतलाम की श्रीमती सीमा अग्निहोत्री शिक्षक सीएम राइज स्कूल विनोबा हायर सेकेण्डरी स्कूल शामिल हैं। समारोह में इन शिक्षकों को विशेष सम्मान राशि 11 हजार रुपये, शॉल, श्रीफल एवं प्रशस्ति-पत्र से सम्मानित किया जायेगा। स्कूल शिक्षा मंत्री ने सम्मानित होने वाले शिक्षकों को दी बधाई स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में सम्मानित होने वाले शिक्षकों को बधाई दी है। उन्होंने कहा है कि शिक्षक में वह ताकत होती है, जो आदर्श राष्ट्र का निर्माण करने में सहायक होती है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षक भविष्य की आदर्श पीढ़ियों की निर्माता है। सम्मानित होने वाले शिक्षकों एवं उनके उल्लेखनीय कार्यों पर हम सब को गर्व है। recent visitors 94

भोपाल के प्रशासन अकादमी के स्वर्ण जंयती सभागार में राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह समारोह

राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह राज्यपाल और मुख्यमंत्री 14 शिक्षकों को प्रदान करेंगे राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह : 54 लाख विद्यार्थियों के खातों में सीधे अंतरित होगी 324 करोड़ रूपये की गणवेश राशि भोपाल के प्रशासन अकादमी के स्वर्ण जंयती सभागार में राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह समारोह भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में 14 शिक्षकों को सम्मानित करेंगे। समारोह में नि:शुल्क गणवेश योजना अंतर्गत प्रदेश के शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत 54 लाख विद्यार्थियों के बैंक खातों में करीब 324 करोड़ रूपये की राशि सिंगल क्लिक से अंतरित की जायेगी। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह भी उपस्थित रहेंगे। इस वर्ष का राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह 25 अक्टूबर को भोपाल के आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन अकादमी के स्वर्ण जयंती हॉल में प्रात: 10:30 बजे आयोजित किया जा रहा है। राज्य स्तरीय सम्मान से विभूषित सभी शिक्षकों को समारोह में सम्मान राशि 25 हजार रूपये, शॉल, श्रीफल एवं प्रशस्ति-पत्र से सम्मानित किया जाएगा। वहीं विगत वर्ष के राष्ट्रीय शिक्षक पुरूस्कार विजेता शिक्षकों को विशेष सम्मान राशि 11 हजार रूपये, शॉल, श्रीफल एवं प्रशस्ति-पत्र से सम्मानित किया जाएगा। समारोह में अतिथियों द्वारा राष्ट्रीय इंस्पायर अवार्ड प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले भिंड जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय उद्योतगढ़ के कक्षा 10वीं के विद्यार्थी दीपक वर्मा को 25 हजार रूपये की विशेष सम्मान निधि राष्ट्रीय स्तर पर पाँचवे स्थान पर रहीं बालाघाट जिले के शासकीय उत्कृष्ट उ.मा.वि लांजी की छात्रा सुशिरोमणी दहीकर तथा 31वाँ स्थान प्राप्त करने वाले भोपाल जिले के कक्षा 7वीं के विद्यार्थी आरूष नाग को 15-15 हज़ार रूपयों की विशेष सम्मान निधि प्रदान की जायेगी। इन विद्यार्थियों के साथ ही उनके गाइड शिक्षकों को भी सम्मानित किया जायेगा। अंतर्राष्ट्रीय संस्था T-4 ऐजूकेशन के द्वारा नवाचार श्रेणी में विश्व में प्रथम स्थान प्राप्त विद्यालय सी.एम. राइज विनोवा रतलाम के शिक्षकों का सम्मान किया जाएगा। राज्य स्तर की शैक्षिक संगोष्ठी से चयनित प्रथम प्रतिभागी को 11 हजार रूपये, द्वितीय प्रतिभागी को 7 हजार एवं तृतीय को 5 हजार रूपये राशि के साथ शॉल, श्रीफल, प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा। राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्राप्त शिक्षक भी होंगे सम्मानित शिक्षक सम्मान समारोह में पिछले वर्ष के राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2023 से सम्मानित प्रदेश के चयनित शिक्षकों का भी सम्मान किया जायेगा। इनमें श्रीमती सारिका घारू माध्यमिक शिक्षक शासकीय हाई स्कूल सांडिया, होशंगाबाद और रतलाम की श्रीमती सीमा अग्निहोत्री शिक्षक सीएम राइज स्कूल विनोबा हायर सेकेण्डरी स्कूल शामिल हैं। समारोह में इन शिक्षकों को विशेष सम्मान राशि 11 हजार रुपये, शॉल, श्रीफल एवं प्रशस्ति-पत्र से सम्मानित किया जायेगा। स्कूल शिक्षा मंत्री ने सम्मानित होने वाले शिक्षकों को दी बधाई स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में सम्मानित होने वाले शिक्षकों को बधाई दी है। उन्होंने कहा है कि शिक्षक में वह ताकत होती है, जो आदर्श राष्ट्र का निर्माण करने में सहायक होती है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षक भविष्य की आदर्श पीढ़ियों की निर्माता है। सम्मानित होने वाले शिक्षकों एवं उनके उल्लेखनीय कार्यों पर हम सब को गर्व है।   recent visitors 95

BMHRC में सिकल सेल के मरीजों को समस्त उपचार सुविधाएं निश्शुल्क, विशेष वार्ड तैयार

भोपाल  राजधानी के करोंद इलाके में स्थित भोपाल स्मारक अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र (बीएमएचआरसी) में अब सिकल सेल बीमारी की जांच से लेकर पूरा उपचार हो सकेगा। इसके लिए केंद्र सरकार ने बीएमएचआरसी को सिकल सेल एनीमिया सक्षमता केंद्र का दर्जा दिया है। इस तरह का यह मध्य प्रदेश का पहला संस्थान है। केंद्र सरकार की पहल पर हो रहा काम केंद्र सरकार ने 27 जून 2023 को मध्यप्रदेश के शहडोल जिले में राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन की शुरुआत की थी। इस मिशन के तहत केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय ने बीएमएचआरसी में सिकल सेल एनीमिया सक्षमता केंद्र बनाने का फैसला किया। सिकल सेल के मरीजों के लिए यह सक्षमता केंद्र निश्शुल्क होगा। ये उपचार सुविधाएं उपलब्ध केंद्र में सिकल सेल की स्क्रीनिंग का काम शुरू हो गया है। इसके लिए अस्पताल में सभी आवश्यक मशीनें आ गई हैं। जल्द ही सिकल सेल के मरीजों के लिए अलग ओपीडी होगी, जहां ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग के डाक्टर मरीजों को परामर्श देंगे। मरीजों एवं उनके स्वजनों के लिए क्लीनिकल हेमेटोलाजिस्ट व बाल्य रोग विशेषज्ञ उपस्थित होंगे। मरीजों की काउंसलिंग की जाएगी। दर्द से जूझ रहे सिकल सेल के मरीजों का पेन क्लिनिक में उपचार होगा। हाथ-पैरों में जकड़न की समस्या से ग्रस्त मरीजों को फिजियोथैरेपी की सुविधा मिलेगी। जरूरत पड़ने पर मरीजों को अस्पताल में भर्ती भी किया जाएगा। सिकल सेल बीमारी के लिए यह प्रदेश के 12 जिलों के लिए रेफरल सेंटर की तरह काम करेगा। इन जिलों में स्थित स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पताल मरीजों को जांच व उपचार के लिए यहीं भेजेंगे। स्पेशल वार्ड तैयार इसके लिए अलग छह बिस्तरों का सिकल सेल वार्ड तैयार किया गया है। मरीजों को निशुल्क दवा भी उपलब्ध कराई जाएगी। सिकल सेल एनीमिया सक्षमता केंद्र में जल्द ही एक टेलिमेडिसिन सेंटर भी शुरू किया जाएगा। इसके तहत एक फोन नंबर जारी किया जाएगा। सिकल सेल से प्रभावित कोई भी व्यक्ति इस नंबर पर फोन करके बीमारी के बारे में सलाह ले सकता है। 17 राज्यों के प्रतिनिधियों ने किया दौरा राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन का प्रशिक्षण लेने भोपाल आए 17 राज्यों के नोडल अधिकारियों ने बुधवार को बीएमएचआरसी के सिकल सेल एनीमिया सक्षमता केंद्र का दौरा किया। यहां उन्होंने बारीकियों को जाना। प्रतिनिधिमंडल ने मालिक्यूलर लैब एवं आनुवांशिक लैब, सिकल सेल वार्ड, फिजियोथैरेपी विभाग व अन्य स्थानों का दौरा भी किया। इनका कहना है यह हमारे लिए गर्व की बात है कि केंद्र सरकार ने बीएमएचआरसी को सिकल सेल जैसी बीमारी के लिए सक्षमता केंद्र बनाया है। यहां मरीजों के लिए निश्शुल्क उपचार सुविधाएं दी जाएंगी। – डा. मनीषा श्रीवास्तव, सक्षमता केंद्र की प्रभारी व बीएमएचआरसी की प्रभारी निदेशक recent visitors 64

भारत का इंकार के आगे चीन और रूस का समर्थन भी फेल, पाकिस्तान को ब्रिक्स समूह में एंट्री नहीं मिली

नई दिल्ली ब्रिक्स (BRICS) बैठक खत्म होने के साथ ही इस संगठन में शामिल होने की कोशिश में लगे पाकिस्तान का सपना चकनाचूर हो गया है. चीन और रूस के समर्थन के बावजूद पाकिस्तान को ब्रिक्स समूह में एंट्री नहीं मिली है. यहां तक कि पाकिस्तान को ब्रिक्स संगठन के नए पार्टनर देशों की लिस्ट में भी जगह नहीं मिली है. वहीं, तुर्की को पार्टनर देशों में शामिल किया गया है. पाकिस्तान ने पिछले साल ब्रिक्स की सदस्यता के लिए औपचारिक तौर पर आवेदन किया था. चीन ने पाकिस्तान से किया था वादा चीन और रूस ने पाकिस्तान को ब्रिक्स में शामिल करने का समर्थन किया था. ऐसा कहा जा रहा है कि भारत ब्रिक्स में पाकिस्तान की एंट्री को लेकर बहुत ज्यादा संतुष्ट नहीं था. तेजी से बढ़ती इकॉनमी और दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा देश भारत इस समूह का संस्थापक सदस्य है जिसमें शुरू में ब्राजील (B), रूस (R), भारत (I), चीन (C) शामिल था और बाद में इसमें दक्षिण अफ्रीका जुड़ गया जिसके बाद दक्षिण अफ्रीका के नाम से उसके नाम का पहला अक्षर एस लिया गया है जिसके बाद संगठन ब्रिक्स कहलाने लगा. चीन ने पाकिस्तान को ब्रिक्स में शामिल करने का भरोसा दिया था लेकिन पाकिस्तान को ब्रिक्स तो क्या उसके पार्टनर देशों की सूची में भी जगह नहीं मिली. चीन के अलावा रूस ने भी कहा था कि वह ब्रिक्स में पाकिस्तान की सदस्यता का समर्थन करता है. पीएम मोदी ने पाकिस्तान को लेकर रूस-चीन को दिया संदेश? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत ब्रिक्स में अधिक 'पार्टनर देशों' का स्वागत करने के लिए तैयार है लेकिन इस संबंध में फैसले सर्वसम्मति से लिए जाने चाहिए. 16वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी ने इशारों-इशारों में 9 सदस्यीय समूह में पाकिस्तान के प्रवेश के लिए रूस और चीन के समर्थन को लेकर भी अपना संदेश दे दिया. पीएम मोदी ने कहा कि ब्रिक्स के संस्थापक सदस्यों के विचारों का सम्मान किया जाना चाहिए. रूस और चीन के अलावा ब्रिक्स के दो अन्य संस्थापक देश भारत और ब्राजील हैं. ब्रिक्स की बैठक में पीएम मोदी ने ब्रिक्स सदस्यों से आतंकवाद और आतंकियों को पालन-पोषण करने वाली ताकतों से निपटने पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान भी किया और कहा कि इस मुद्दे पर दोहरे मानदंड की कोई जगह नहीं है. ब्रिक्स में नए सदस्यों को केवल आम सहमति से ही शामिल किया जाता है, इसलिए यह साफ था कि पाकिस्तान की सदस्यता के लिए भारत का विरोध समूह में शामिल होने की उसकी कोशिश को नाकाम कर सकता है, भले ही कुछ अन्य संस्थापक सदस्य इसके पक्ष में हों. जैसा कि उम्मीद थी कि भारत इस समूह में पाकिस्तान को शामिल करने को लेकर राजी नहीं हुआ. अधिकांश पाकिस्तानी नेताओं को उम्मीद थी कि रूस और चीन की मदद से पाकिस्तान ब्रिक्स में प्रवेश पाने में सफल हो जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हो सका. पाकिस्तान ने दी थी ब्रिक्स से जुड़ने की अर्जी पाकिस्तान ने पिछले साल ब्रिक्स की सदस्यता के लिए औपचारिक तौर पर आवेदन किया था. ब्रिक्स में शामिल होने के लिए पाकिस्तान के कुछ शीर्ष राजनयिकों ने समर्थन हासिल करने के लिए कई ब्रिक्स देशों का दौरा भी किया था. पाकिस्तान ब्रिक्स में शामिल होकर दुनिया की प्रभावशाली अर्थव्यवस्थाओं के साथ अपना गठजोड़ करना चाहता है. ब्रिक्स में शामिल होने से पाकिस्तान को आर्थिक और कूटनीतिक दोनों तरह से बहुत कुछ हासिल होगा. लेकिन भारत के लिए यह किसी भी लिहाज से फायदेमंद नहीं होता क्योंकि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध कम से कम पिछले पांच वर्षों से अपने सबसे खराब दौर से गुजर रहे हैं. पाकिस्तान की तरफ से आतंकवाद से जूझ रहा भारत इस मोर्चे पर उसके साथ कोई संबंध नहीं चाहता है और ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए कजान में भारत के रुख ने यह साफ कर दिया. पाकिस्तान ने लगाया था आरोप पिछले साल जून में पाकिस्तानी विदेश विभाग ने कहा था कि चीन में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान आयोजित वार्ता में उसकी भागीदारी को 'एक सदस्य' द्वारा खारिज कर दिया गया था. हालांकि पाकिस्तान ने इस दौरान भारत का नाम नहीं लिया लेकिन उसने यह जरूर कहा था कि ब्रिक्स ब्लॉक को भविष्य में विकासशील दुनिया के हितों पर आधारित फैसले लेने चाहिए. लेकिन इस बार पाकिस्तान को पूरी उम्मीद थी कि भारत के विरोध के बावजूद रूस और चीन के समर्थन से उसके लिए ब्रिक्स के दरवाजे खुलेंगे. ऐसा भी कहा जा रहा था कि भारत भी पाकिस्तान की ब्रिक्स सदस्यता का शायद समर्थन कर सकता है. आपको बता दें कि सितंबर के महीने में जब रूस के उप प्रधानमंत्री एलेक्सी ओवरचुक ने पाकिस्तान की यात्रा की तो उन्होंने अपनी यात्रा के दौरान ऐलान किया था कि रूस ब्रिक्स सदस्यता के लिए पाकिस्तान के आवेदन का स्वागत करता है. कई विश्लेषकों ने ब्रिक्स में पाकिस्तान की सदस्यता के लिए रूस के समर्थन को भारत-अमेरिका की करीबी के जवाब के तौर पर भी देखा. कैसे बना ब्रिक्स इस गठबंधन की शुरुआत केवल पांच देशों (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) के साथ हुई थी लेकिन पिछले साल ब्रिक्स समूह ने चार नए सदस्यों मिस्र, इथियोपिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) को शामिल किया था जिसके बाद इसे ब्रिक्स प्लस के नाम से जाना जाने लगा. कई देश ब्रिक्स में शामिल होना चाहते हैं. पाकिस्तान भी इन देशों में से एक था. एक समूह के रूप में ब्रिक्स आज दुनिया की लगभग आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करता है. कई रिपोर्टों के अनुसार, जीडीपी के हिसाब से ब्रिक्स गुट के देश दुनिया भर की जीडीपी का लगभग 30 प्रतिशत हैं.   recent visitors 157

पर्यटन को बढ़ावा देने अब अंतरप्रांतीय जलमार्ग बनेगा, चार करोड़ के कार्यों की डीपीआर तैयार

धार  मध्य प्रदेश में धार जिले के नर्मदा किनारे चंदनखेड़ी मेघनाद घाट अब नदी पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनेगा। यहां से गुजरात की स्टैच्यू ऑफ यूनिटी तक क्रूज संचालन के लिए पर्यटन विभाग चार करोड़ के कार्यों की डीपीआर तैयार कर रहा है। विभाग क्रूज संचालन के पूर्व अन्य सभी सुविधाएं मेघनाद घाट पर उपलब्ध करवाने की योजना पर कार्य कर रहा है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नर्मदा नदी पर मेघनाद घाट से गुजरात की स्टेच्यू ऑफ यूनिटी केवड़िया तक 120 किमी में प्रदेश का पहला अंतरप्रांतीय जलमार्ग बनेगा। क्रूज संचालन के लिए मध्यप्रदेश टूरिज्म और गुजरात सरकार में एमओयू पर हस्ताक्षर हो गए हैं। मेघनाद घाट पर खड़े हैं दो पोंटून इस 120 किमी के जल मार्ग पर मध्यप्रदेश और गुजरात सरकार को दो-दो फ्लोटिंग जेटी (पोंटून) क्रूज के टर्मिनल के रूप में कार्य करेगी। इसके लिए मध्यप्रदेश को दो पोंटून मिल गए हैं, जो मेघनाद घाट पर खड़े हैं। जल्द ही गुजरात को भी दो पोंटून मिल जाएंगे। प्रदेश के पर्यटन विभाग द्वारा नर्मदा किनारे रिसोर्ट बनाने के लिए धार जिले के मेघनाद घाट के समीप और आलीराजपुर जिले के ककराना में जमीन उपलब्ध करवाने की निविदा आमंत्रित की गई। इसके बाद एक कंपनी की टीम ने मेघनाद घाट का दौरा किया। टीम के अमित महाजन ने बताया कि नर्मदा किनारे रिसोर्ट बनाने को लेकर हमारी मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग से चर्चा चल रही है। स्टेशन के लिए बन रही डीपीआर मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग भोपाल के सलाहकार अनिमेष श्रीवास्तव ने बताया कि मेघनाद घाट पर क्रूज संचालन के लिए विभाग ने चार करोड़ की लागत से डीपीआर तैयार कर ली है। इसमें जेटी तक जाने के लिए फ्लोटिंग पुल, क्रूज को खड़े रहने के स्थान के साथ अन्य आवश्यक सुविधाएं की जाएंगी। इसके लिए पहले चरण की डीपीआर बनाई है। पर्यटन विभाग द्वारा क्रूज संचालन के लिए कंपनियों से चर्चा की जा रही है। यह है खास     गुजरात की स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को मध्य प्रदेश के स्टैच्यू आफ वननेस ओंकारेश्वर से जोड़ा जाएगा।     गुजरात के केवड़िया से प्रदेश के मेघनाद तक 120 किमी की यात्रा जलमार्ग क्रूज से होगी।     मेघनाद घाट से ओंकारेश्वर तक की यात्रा बस द्वारा पर्यटकों को करवाई जाएगी।     120 किमी जल मार्ग में तीन स्थानों पर पर्यटकों को क्रूज से उतारकर आदिवासी संस्कृति से रूबरू कराने की योजना।     मध्य प्रदेश में मेघनाद घाट से ओंकारेश्वर तक सड़क मार्ग के मध्य बाग गुफा, डायनासोर पार्क, मांडू और महेश्वर जैसे पर्यटन स्थल का भ्रमण कराने की योजना है।     गुजरात के साथ मध्यप्रदेश से भी क्रूज संचालन किया जाएगा। इसमें गुजरात पर्यटन विभाग स्टैच्यू आफ यूनिटी के आसपास के पर्यटन स्थल जोड़ने की योजना पर कार्य कर रहा है।   recent visitors 69