हाल में हरियाणा में भाजपा की लगातार दूसरी सफलता से स्थिरता का यह संदेश और मजबूत हुआ: मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्थिरता, निरंतरता और समाधान को दुनिया के लिए आज के युग की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए सोमवार को कहा कि केंद्र में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की लगातार तीसरी जीत भारत में स्थिरता का संदेश है। श्री मोदी ने कहा कि हाल में हरियाणा विधानसभा के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की लगातार दूसरी सफलता से स्थिरता का यह संदेश और मजबूत हुआ है। वह राजधानी में एनडीटीवी वर्ल्ड समिट 2024 के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि देश ने पिछले 10 साल में उपलब्धियाें के जो आयाम तय किए हैं,उसको देखते हुए आज दुनिया भविष्य के समाधानों के लिए भारत की ओर देख रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार के हर कार्यक्रम के केंद्र में देश की जनता के विकास के साथ-साथ ‘निरंतरता’ (स्वस्थ और टिकाऊ विकास) का उद्देश्य स्पष्ट रूप से आगे रखा गया है। इस सत्र में देश विदेश के नामी उद्यमियों और निवेश को संबोधित करते हुए श्री मोदी ने कहा, ‘‘छह दशक में पहली बार देश के लोगों ने लगातार तीसरी बार किसी सरकार को अपना जनादेश दिया है, यह स्टेबिलिटी (स्थिरता) का संदेश है। अभी हरियाणा में हुए चुनाव में भी भारत की जनता ने स्टेबिलिटी के इस भाव को मजबूती दी है।” प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों को देश की जनता का पूरा समर्थन है और 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य भारत की 140 करोड़ जनता का लक्ष्य बन गया है । अब जनता इस लक्ष्य को आगे बढ़ा रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी का यह समय मानव इतिहास का सबसे महत्वपूर्ण समय है। ऐसे में आज के युग की बड़ी ज़रूरतें हैं, स्टेबिलिटी, सस्टेनेबिलिटी और सॉल्यूशंस (स्थिरता, निरंतरता और समस्याओं के समाधान)। यह मानव के भविष्य के लिए सबसे जरूरी शर्तें हैं और भारत आज यही हासिल करने का प्रयास कर रहा है। इसमें भारत की जनता का एक निश्चित समाधान है।” श्री मोदी ने कहा कि आज भारत आकांक्षाओं से परिपूर्ण देश है। उन्होंने इसे एस्पिरेशनल इंडिया (एआई) बताते हुए कहा कि जब एस्पिरेशनल इंडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की ताकत मिल जाती है, तब विकास की गति भी तेज होने स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि चुनौतियों के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था का प्रदर्शन शानदार रहा है और वैश्विक एजेंसियों ने भारत की वृद्धि दर के अनुमानों में सुधार किए हैं। श्री मोदी ने कहा कि भारत भविष्य की सोच के साथ आगे बढ़ रहा है और 2047 तक विकसित भारत का संकल्प भी इसी सोच को दिखाता है। उन्होंने कहा, ‘‘आज भारत दुनिया के सबसे युवा देशों में से एक है। इस युवा देश का पोटेंशियल (संभावनाएं) हमें आसमान की ऊंचाई पर पहुंचा सकती हैं । इसके लिए हमें अभी बहुत कुछ करना है और बहुत तेजी से करना है।” प्रधानमंत्री ने अपने 10 साल के कार्यकाल की कुछ उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि पिछले 10 साल में भारत में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं। इस दौरान करीब 12 करोड़ शौचालय बने, 16 करोड लोगों को रसोई गैस कनेक्शन मिले । पिछले 10 साल में भारत में 350 से ज्यादा मेडिकल कॉलेज और 15 से ज्यादा अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान बने । इन्हीं 10 साल में भारत में डेढ़ लाख से ज्यादा नए स्टार्टअप बने और आठ करोड़ युवाओं ने मुद्रा लोन लेकर पहली बार अपना काम शुरू किया।” प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘सफलता का मापदंड सिर्फ यह नहीं है कि हमने क्या पाया? अब हम देख रहे हैं कि हमारा आगे का क्या लक्ष्य है, हमें कहां पहुंचना है।” श्री मोदी ने कहा कि भारत अपनी प्रगति में पूरी मानवता की प्रगति देखता है और दुनिया भारत में विश्वास भी करती है। उन्होंने कहा, ‘‘भारत की उपलब्धियाें से दुनिया को खुशी होती है, दुनिया जानती है कि भारत की आर्थिक वृद्धि और विकास से हर किसी को फायदा होगा। भारत हमेशा से विश्व की आर्थिक समृद्धि में सहायक शक्ति रहा है।” प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रौद्योगिकी के लोकतंत्रीकरण के माध्यम से भारत ने दुनिया के सामने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (सार्वजनिक डिजिटल अवसंरचना यानी डीपीआई) का एक नया मॉडल दिया। जनधन आधार कार्ड और मोबाइल फोन (जैम) के संगम ने सार्वजनिक सुविधाओं के वितरण में गति सुनिश्चित की और उसमें छीजन खत्म हुई। सार्वजनिक डिजिटल अवसंरचना का ही फल है कि भारत में आज हर रोज यूपीआई के जरिए 50 करोड़ से अधिक लेनदेन हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन सुधारों का फायदा खुदरा दुकानदारों और रेहड़ी- पटरी वालों तक को मिल रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने यह दर्शाया है कि डिजिटल कायाकल्प और लोकतांत्रिक मूल्य साथ-साथ चल सकते हैं। भारत ने यह भी दर्शाया है की प्रौद्योगिकी नियंत्रण और विवेक पैदा करने का हथियार नहीं बल्कि समावेशन, पारदर्शिता और सशक्तीकरण का औजार बन सकती है। उन्होंने कहा कि भारत के लिए विकसित भारत का लक्ष्य ऐसी दुनिया का भी लक्ष्य है, जिसमें पूरी मानवता के लिए विकास के अवसर उपलब्ध हों और विश्व में शांति हो।   recent visitors 79

पुलिस और सुरक्षाबलों के कारण देश में कायम है कानून और शांति व्यवस्था: मुख्यमंत्री साय

रायपुर राज्यपाल श्री रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज चौथी वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल माना रायपुर के प्रांगण में पुुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित परेड कार्यक्रम में शामिल हुए। राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेशवासियों की ओर से पुलिस के शहीद वीर जवानों को नमन करते हुए शहीद स्मारक में पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने शहीद पुलिस अधिकारियों एवं जवानों के परिजनों से मुलाकात कर अपनी संवेदना व्यक्त की और उनके साथ सदैव खड़े रहने का विश्वास दिलाया। उन्हें शाल, श्रीफल व स्मृति चिन्ह भेंट किए। इस अवसर पर राज्यपाल श्री डेका ने अपने श्रद्धांजलि उद्बोधन में कहा कि पुलिस का काम अत्यंत जवाबदेही का होता है। आम जनों से आग्रह है कि पुलिस कर्मियों के प्रति मानवीय दृष्टिकोण रखें और उनके कार्यो में मदद करें। उन्होंने कहा कि एक तरफ वे कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए शासन के निदेर्शों के अनुरूप कार्य करते हैं। दूसरी तरफ उनकी जिम्मेदारी होती है कि समाज में व्यवस्था बनी रहें और नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। राज्यपाल ने कहा कि पुलिस के जवान भी अपने परिवार को छोड़ कर कार्य कर रहे हैं। उनसे परिवार के एक सदस्य की भांति व्यवहार करें, उन्हें सम्मान दें। आपके दो मीठे बोल, उनके व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन लाएगा। यह सद्व्यवहार उनकी सारी थकान दूर कर देगी और वे अपनी ड्यूटी भी दोगुने जोश से करेंगे। राज्यपाल ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में जहां नक्सली समस्या एक गंभीर चुनौती रही है, वहां हमारी पुलिस ने जिस प्रकार से साहस, धैर्य और निष्ठा के साथ इस समस्या का सामना किया, वह सराहनीय है। पुलिस की तत्परता और कर्त्तव्यनिष्ठा के कारण आज नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा और शांति के लिए एक सकारात्मक बदलाव देखा जा रहा है। नक्सली गतिविधियों से निपटने के लिए पुलिस और सशस्त्र बलों ने न केवल सख्त रणनीति अपनाई बल्कि स्थानीय समुदायों के साथ बेहतर समन्वय और संवाद स्थापित किया है। जिससे उन क्षेत्रों में विश्वास और सुरक्षा की भावना बढ़ी है और आने वाले समय में नक्सल समस्या का पूर्ण रूप से उन्मूलन होगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि पुलिस और सुरक्षा बलों के योगदान का स्मरण करने और उन्हें नमन करने का दिन है। यह पुलिस और सुरक्षा बलों की महान परंपराओं को आगे बढ़ाते रहने का संकल्प लेने का भी दिन है। उन्होंने कहा कि पुलिस स्मृति दिवस हमारे पुलिस बलों के शौर्य, पराक्रम, बलिदान, देश-प्रेम, सजगता और इतिहास की याद दिलाता है। इनके चौकन्नेपन के कारण ही देश में कानून व्यवस्था कायम रहती है और विकास के नए आयाम स्थापित होते है। श्री साय ने कहा कि पुलिस जवान नक्सल पीड़ित क्षेत्रों के विकास और दुर्गम क्षेत्रों तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने में अपना योगदान दें रहें है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पुलिस और सुरक्षा बल के जवानों को अधिक से अधिक संसाधन और सुविधाएं उपलब्ध कराने के हमारे प्रयासों में भारत सरकार का भरपूर सहयोग और समर्थन मिल रहा है । हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी तथा गृह मंत्री श्री अमित शाह के ऊजार्वान नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई बहुत मजबूती के साथ आगे बढ़ रही है। छत्तीसगढ़ ने आने वाले दो वर्षों के भीतर प्रदेश से नक्सलवाद के पूर्ण उन्मूलन का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे विश्वास है कि हमारे पुलिस और सुरक्षा बल के जवानों के शौर्य, पराक्रम और कौशल से हम निर्धारित समय में इस लक्ष्य को प्राप्त कर लेंगे। पुलिस महानिदेशक श्री अशोक जुनेजा ने भी श्रद्धांजलि उद्बोधन दिया। उन्होंने कहा कि अपराध एवं अपराधियों की रोकथाम के लिए पुलिस सदैव तत्पर है। वीर जवानों का बलिदान कभी व्यर्थ नहीं जायेगा। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव श्री मनोज पिंगुआ, श्री अरूण देव गौतम, महानिदेशक होमगार्ड, नागरिक सुरक्षा एवं फायर ब्रिगेड सेवा, श्री हिमांशु गुप्ता, महानिदेशक जेल एवं सुधारात्मक सेवाएं एवं पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, पुलिसकर्मी व शहीद जवानों के परिजन उपस्थित थे। recent visitors 83

दीपावली पर विद्युत सुरक्षा एवं सावधानियां रखकर सुरक्षित दीपावली मनाएं – ऊर्जा मंत्री तोमर

भोपाल ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने विद्युत उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे दीपावली पर विद्युत सुरक्षा एवं सावधानियां रखकर सुरक्षित दीपावली मनाएं। कंपनी ने सभी पटाखा व्यवसायियों से अपील की है कि वे बिजली लाइन के नीचे, ट्रांसफार्मर के नीचे या उससे सटाकर दुकान न लगाएं। ट्रांसफर्मर के नीचे दूकान लगने से दुर्घटना होने की संभावना बनी रहती है और छोटी सी असावधानी बड़ी दुर्घटना का रूप ले सकती है। उन्होंने नागरिकों से भी अनुरोध किया है कि पटाखे व आतिशबाजी का प्रदर्शन बिजली लाइनों के नीचे व आसपास न करें। मंत्री तोमर ने दीपावली पर्व पर प्रकाशीय साज-सज्जा के लिये उपभोक्ता अपने परिसर में विद्यमान बिजली कनेक्शन से स्वीकृत भार के अनुसार ही बिजली का उपयोग करें। बिना स्वीकृति के अतिरिक्त भार की वृद्धि एवं सीधे तार डालकर विद्युत अनधिकृत उपयोग नहीं करें। बिजली चोरी अथवा बिना स्वीकृति के संयोजित भार में वृद्धि अवैधानिक है और इसके लिए बिजली अधिनियम 2003 में जुर्माने का प्रावधान है। बिजली कंपनी ने मिठाई, मूर्तियां, साज-सज्जा, बर्तन व्यापारी, पटाखों की दुकाने एवं दीपावली पर्व से जुड़ी अन्य सामग्री के विक्रय के लिये लगाए जाने वाली अस्थाई दुकानों के प्रकाश व्यवस्था के संबंध में व्यापारी बंधुओं से अनुरोध किया है कि वे नियमानुसार अस्थाई कनेक्शन लेकर ही बिजली का उपयोग करें।   recent visitors 86

पीएम मोदी क लक्ष्य अगले 30 सालों का, 2047 तक विकासशील भारत को विकसित भारत बनाना

नईदिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पब्लिक लाइफ में कई बार लोग सवाल करते हैं कि जब तीन बार सरकार बन गई, इतने सुधार कर लिए तो इतनी दौड़ धूप क्यों करते हैं? उन्होंने कहा, हमने जो सपने देखे हैं, उनको पूरा किए बिना ना चैन है ना आराम।  वर्ल्ड समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीसरे कार्यकाल में 125 दिन में किए गए कामों की लिस्ट गिनाई। इसके अलावा उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य अगले 30 सालों का है 2047 तक विकासशील भारत को विकसित भारत बनाना है। पीएम मोदी ने कहा, हमने 70 साल से अधिक के बुजुर्गों के लिए 5 लाख तक के मुफ्त इलाज की व्यवस्था की है। 125 दिनों में 5 लाख घरों में रूफटॉप सोलर प्लांट लगाए गए। एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत 90 करोड़ से अधिक पेड़ लगाए गए हैं। 125 दिनों में 12 नए इंडस्ट्रियल नॉट्स को मंजूरी दी है। निफ्टी और सेंसेक्स में ग्रोथ हुई है। हमारी विदेशी मुद्रा बढ़ी है। भारत की उपलब्धियों की लिस्ट बहुत लंबी है। मैं सिर्फ 125 दिनों की बात कर रहा हूं। 125 दिनों में दुनिया भारत में किन विषयों पर चर्चा करने आई, कौन से ग्लोबल इवेंट हुए। उन्होंने कहा, भारत में टेलिकॉम और डिजिटल फ्यूचर पर अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम हुआ। भारत मे सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम पर चर्चा हुई। नवीकरणीय ऊर्जा पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन भारत में हुआ। यह भारत के साथ जुड़ी उम्मीदों की लिस्ट है। इससे भारत की दिशा और दुनिया की आशा दोनों समझ में आती हैं। ये वो विष्य हैं जो आने वाले समय में दुनिया का भविष्य तय करेगी। इसी लिए आज दुनिया भारत आ रही है। आज भारत में इतना कुछ हो रहा है कि तीसरे टर्म में जो गति भारत ने पकड़ी है उसे देखकर बहुत सी रेटिंग एजेंसियों ने भारत का ग्रोथ फोरकास्ट बढ़ा दिया है। भारत को सबसे ज्यादा जो प्यार करते हैं, ऐसे पारखी एक्सपर्ट यहां मौजूद हैं। वे जिस प्रकार भारत के निवेश को लेकर उत्साहित हैं, उसका बहुत महत्व है। वे ग्लोबल फंड्स् को कहते हैं कि 50 पर्सेंट फंड भारत के शेयर मार्केट में इनवेस्ट करें तो इसका बहुत बड़ा मतलब है। भारत एक विकासशील देश भी है और उभरती हुई शक्ति भी है। हम गरीबी की चुनौतियां भी समझते हैं और प्रगति का रास्ता भी जानते हैं। हमारी सरकार तेजी से नीतियां बना रही है। निर्णय ले रही है और नए सुधार कर रही है। प्रधानमंत्री ने कहा, पब्लिक लाइफ में भांति-भांति के लोग मिलते हैं। कुछ लोग कहते हैं क मोदी जी तीन बार सरकार तो बना ली तो इतनी दौड़-धूप क्यों करते रहते हो। दुनिया की पांचवीं बड़ी अर्थव्यवस्था बन गए। इतने सुधार कर लिए। अब इतने मेहनत की जरूरत क्या है। लेकिन जो सपने हमने देखे हैं, जो संकल्प लेकर हम चले हैं उसमें ना चैन है ना आराम है। पिछले 10 साल में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले, 12 करोड़ शौचालय बने. 16 करोड़ लोगों को गैस कनेक्शन बने। मेडिकल कॉलेज और नए एम्स बने। पिछले 10 साल में भारत में डेढ़ लाख से ज्यादा नए स्टार्टअप बने। 8 करोड़ युवाओं ने मुद्रा लोन लेकर अपना काम शुरू किया। इतना पूरा नहीं है। आज भारत दुनिया के सबसे युवा देशों में से एक है। इस युवा देश का पोटेंशियल हमें आसमान की ऊंचाई पर पहुंचा सकता है। इसके लिए हमें बहुत कुछ बहुत तेजी से करना है। आज भारत की सोच और अप्रोच में जो बदलाव आया है। उसे आप भी देख रहे होंगे। 2047 तक विकसित भारत का संकल्प पीएम ने कहा, आम तौर पर परंपरा रही है और स्वाभाविक भी है कि हर सराकर, पिछली सरकार के काम से तुलना करती है। इससे संतोष भी मान लेती है कि पिछली सरकार से बेहतर किया। हम भी कभी इस रास्ते पर चलते थे। लेकिन अब हमें वह रास्ता रास नहीं आ रहा है। अब हम बीते हुए कल और आज की तुलना करके आराम फरमाने वाले लोग नहीं हैं। अब सफलता का मापदंड ये नहीं कि हमने क्या पाया। अब आगे का लक्ष्य है कि हमें कहां पहुंचना है। हम उस ओर देख रहे हैं कि कितना बाकी है और कब तक पहुंचेंगे। मैं नया अप्रोच लेकर पूरी सरकारी मशीनरी से काम ले रहा हूं। 2047 तक विकसित भारत का संकल्प भी इसी सोच को दिखाता है। हम देखते हैं कि विकसित भारत का हमारा संकल्प, उसकी सिद्धि के लिए कहां तक पहुंचे हैं। हमें और कितना करना है। ऐसा नहीं है कि यह सरकार ने तय कर दिया और टारगेट सेट हो गया। विकसित भारत के संकल्प से आज 140 करोड़ लोग जुड़ गए हैं। यह जनभागेदारी का अभियान ही नहीं बल्कि भारक के आत्मविश्वास का आंदोलन बन चुका है। जब सरकार ने विकसित भारत के विजन डॉक्युमेंट पर काम करना शुरू किया तो लाखों लोगों ने अपने सुझाव भेजे। उनके आधार पर भारत ने अगले तीस साल के लक्ष्य तय किए। इस विषय पर चर्चा हमारी चैतन्य का हिस्सा बन चुका है। जन शक्ति से राष्ट्र शक्ति के निर्माण का सबसे बड़ा उदाहरण है। हमारे पास डबल एआईः पीएम मोदी प्रधानमंत्री ने जोर देते हुए कहा, भारत को एक चीज का और फायदा मिल रहा। आप जानते हैं कि यह एआई का दौर है। दुनिया का वर्तमान और भविष्य एआई से जुड़ा है। लेकिन भारत के पास डबल एआई की शक्ति है। अब लोग सोचते हैं कि मोदी के पास दो एआई कहां से है। दुनिया के पास एक ही एआई है वह है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस लेकिन हमारे पास दूसरी एआई है ऐस्पिरेशनल इंडिया। जब इनकी ताकत मिलती है तब विकास की गति भी तेज होनी स्वाभाविक है। हमारे लिए यह कोई तकनीक नहीं है बल्कि भारत के युवाओं के लिए अवसरों का नया द्वार है। इसी साल भारत ने इंडिया एआई मिशन शुरू किया है। भारत हर सेक्टर में एआई का उपयोग बढ़ा रहा है। हम दुनिया को भी बेहतर एआई सल्यूशन देने में भी जुटे हैं। वॉर के स्तर पर भी भारत ने भी कई कदम उठाए हैं। भारत दूसरे एआई को लेकर भी उतना ही गंभीर है। भारत के सामान्य जन, क्वालिटी ऑफ लाइफ, छोटे उद्यमी, … Read more

ED का खुलासा PFI ने कैंप में हथियार चलाना सिखाया, हवाला के पैसे से भारत में फैला रहा था आतंक

 नई दिल्ली  प्रतिबंधित पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के सिंगापुर और खाड़ी देशों जैसे कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और यूएई में 13 हजार से अधिक सक्रिय सदस्य हैं। ईडी ने बताया कि पीएफआई ने खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासी मुस्लिमों के लिए जिला कार्यकारी समितियां (डीईसी) बनाई हैं। इन समितियों को फंड जुटाने का काम सौंपा गया है। प्रत्येक डीईसी को कई करोड़ रुपये फंड जुटाने का लक्ष्य दिया गया है। विदेश से जुटाए गए फंड को गई धनराशि को बैंकिंग चैनलों के साथ-साथ हवाला चैनलों के माध्यम से भारत में ट्रांसफर किया गया था, ताकि उनके स्त्रोत का पता न लगाया जा सके। पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के नेटवर्क को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। ईडी समेत विभिन्न एजेंसियों की जांच में सामने आया है कि पीएफआई की जड़ें भारत के कई राज्यों के साथ-साथ विदेशों तक फैली हुई हैं। इसके अलावा इसके पैसे के स्रोत को लेकर भी बड़ी जानकारियां सामने आई हैं। इस संगठन के खिलाफ जांच 2022 में शुरू हुई थी। इसका सिलसिला शुरू हुआ था दिसंबर 2020 से। तब ईडी ने कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया के महासचिव केए रऊफ शेरिफ को गिरफ्तार किया था। इस गिरफ्तारी के बाद पीएफआई के नेटवर्क के बारे में कई जानकारियां सामने आईं। यह संगठन भारत और विदेशों में धन इकट्ठा कर रहा है और देश में आतंकी गतिविधियों के लिए इसका इस्तेमाल कर रहा है। चार साल की जांच के बाद ईडी द्वारा तैयार डोजियर में कई जानकारियां सामने आई हैं। इसमें केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, दिल्ली, राजस्थान, महाराष्ट्र, बिहार, पश्चिम बंगाल, असम, जम्मू कश्मीर और मणिपुर में इसके सदस्य और ऑफिस होने की बात सामने आई है। ईडी के डोजियर के अनुसार, 2022 की जुलाई में संगठन द्वारा पीएम मोदी पर हमले का असफल प्रयास हुआ। इसके बाद इस पर गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत प्रतिबंधित कर दिया गया। इस सिंगापुर और पांच खाड़ी देशों में कम से कम 13,000 सदस्य हैं। यहां से अज्ञात लोगों से कैश लिया जाता है और हवाला के जरिए से भारत भेजा जाता है। इन पैसों को ट्रस्टों और संबद्ध संस्थाओं के 29 बैंक खातों में जमा किया गया। पिछले कुछ साल में ईडी ने भारत से पीएफआई के 26 शीर्ष पदाधिकारियों को गिरफ्तार किया। इसके बाद उनकी संपत्ति और बैंक खातों को सीज कर दिया गया है। ईडी के डोजियर के मुताबिक पीएफआई ने दिल्ली दंगों और हाथरस में अशांति फैलाने में भूमिका निभाई थी। 2020 के बाद से गिरफ्तार किए गए लोगों में प्रमुख शामिल हैं रऊफ शेरिफ, सीएफआई के राष्ट्रीय महासचिव शफीक पायथ, कतर में स्थित एक पीएफआई सदस्य परवेज अहमद, दिल्ली पीएफआई के अध्यक्ष और साहुल हमीद शामिल हैं। साहुल हमीद सिंगापुर से पीएफआई के लिए हवाला का कारोबार कर रहे हैं। एजेंसी के मुताबिक केरल के कन्नूर जिले के नारथ में एक हथियार प्रशिक्षण शिविर पाया गया। यहां पर फिजिकल एजुकेशन क्लास के नाम पर पीएफआई कैडरों को विस्फोटकों और हथियारों के इस्तेमाल की ट्रेनिंग दी जा रही थी। पीएफआई और उसके सहयोगियों द्वारा अब तक 94 करोड़ से अधिक रुपए जुटाने की बात सामने आई है। ईडी ने 57 करोड़ रुपये की 35 संपत्तियों को आपराधिक आय बताया है। यह संगठन कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में सक्रिय पाया गया है। इसे इन्हीं जगहों से सबसे ज्यादा पैसा पाया गया है। ईडी के मुताबिक पीएफआई का वास्तविक उद्देश्य जिहाद के माध्यम से भारत में इस्लामी आंदोलन को आगे बढ़ाना शामिल है। हालांकि पीएफआई खुद को एक सामाजिक आंदोलन के रूप में पेश करता है। साक्ष्य बताते हैं कि विरोध प्रदर्शनों का हिंसक तरीके से समर्थन करता है। ईडी ने बताया है कि पीएफआई ने खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासी मुस्लिम प्रवासियों के लिए जिला कार्यकारी समितियां बनाई हैं। ED ने पीएमएलए के तहत पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के स्वामित्व वाली 56.56 करोड़ रुपये की 35 संपत्तियां जब्त की हैं. 16 अक्टूबर 2024 को 35.43 करोड़ रुपये की 19 संपत्तियां जब्त की गईं, जबकि 16 अप्रैल 2024 को 21.13 करोड़ रुपये की 16 संपत्तियां जब्त की गईं. ईडी की जांच एनआईए और अन्य एजेंसियों द्वारा दर्ज एफआईआर पर आधारित है, जिसमें पीएफआई के पदाधिकारी और सदस्य शामिल हैं. पीएफआई ने आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए भारत और विदेश में बैंकिंग चैनलों, हवाला और दान के माध्यम से पैसे जुटाए. कई राज्यों में 29 पीएफआई बैंक खातों में 94 करोड़ रुपये जमा किए गए. इस बीच 26 पीएफआई सदस्य गिरफ्तार हुए. फरवरी 2021 और मई 2024 के बीच 9 अभियोजन शिकायतें दर्ज की गईं. हाल ही में दिल्ली हाई कोर्ट ने पीएफआई के पूर्व नेशनल कॉओर्डिनेटर इब्राहिम पुथनाथनी की जमानत याचिका पर एनआईए को नोटिस जारी किया. अदालत ने उनकी जमानत याचिका पर एनआईए से जवाब मांगा है. कोर्ट इस मामले की अगली सुनवाई 11 नवंबर को करेगी. ट्रायल कोर्ट द्वारा उनकी याचिका खारिज करने और उन्हें जमानत देने से इनकार करने के बाद इब्राहिम पुथानाथनी ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. एनआईए ने दाखिल की थी चार्जशीट एनआईए ने इब्राहिम पुथनाथनी और कुछ अन्य पीएफआई नेताओं के खिलाफ यूएपीए के तहत एक आतंकी मामले में चार्जशीट दायर की है. उन्हें 2022 में एनआईए ने गिरफ्तार किया था. एनआईए ने आरोप लगाया था कि ये लोग कई राज्यों में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए भारत और विदेशों से फंड इकट्ठा कर रहे थे और साजिश रच रहे थे. PFI को बॉम्बे हाई कोर्ट से लगा झटका इससे पहले PFI के तीन कथित सदस्यों को बॉम्बे हाई कोर्ट से झटका लगा था. कोर्ट ने उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया था. अदालत ने कहा कि उन्होंने 2047 तक भारत को इस्लामिक देश में बदलने की साजिश रची थी. जस्टिस अजय गडकरी और जस्टिस श्याम चांडक की बेंच ने रजी अहमद खान, उनैस उमर खैय्याम पटेल और कय्यूम अब्दुल शेख की जमानत याचिका खारिज कर दी.   recent visitors 96

आबकारी विभाग को 16 हजार करोड़ रूपये का राजस्व लक्ष्य – उप मुख्यमंत्री देवड़ा

भोपाल उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि मध्यप्रदेश में शराब की अवैध बिक्री सख्ती से रोक लगाई जाए साथ संगठित अपराध पर कड़ी कारवाई की जानी चाहिए। देवड़ा ने सोमवार को भोपाल स्थित पर्यावरण अध्ययन संस्थान (इप्को) में आयोजित नवीन आबकारी नीति/आबकारी व्यवस्था वर्ष 2025-26 के निर्धारण के संबंध में मदिरा की फुटकर बिक्री की दुकानों के लायसेंसियों की कार्यशाला में कही। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने आसवक एवं देशी/विदेशी मदिरा विनिर्माताओं एवं बार-लायसेंसियों के साथ भी बैठक की। देवड़ा ने वाणिज्यक कर विभाग की उपलब्धियों को लेकर भी चर्चा की। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये कि उनका कर्तव्य है कि अधिकारी अपने मुख्यालय पर रहकर अवैध कार्यो के प्रति सजग रहें। उन्होने कहा कि किसी भी परिस्थिति में मदिरा का अवैध परिवहन ना हो तथा संगठित अपराधियों के विरूद्व कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। प्रदेश में शराब के अवैध कारोबार पर पैनी नजर रखी जाएगी और जहां भी अवैध कारोबार या कालाबाजारी की सूचना मिलती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार को राजस्व देने में वाणिज्यकर विभाग का महत्वपूर्ण योगदान है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में आबकारी विभाग का राजस्व लक्ष्य 16 हजार करोड़ रूपये है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप सभी के समन्वित प्रयास से यह लक्ष्य भी हम प्राप्त कर लेगें। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा निरंन्तर नए-नए नवाचार किये जा रहें हैं। विभिन्न राज्यों की आबकारी नीति का अध्ययन किया जा रहा है। उनकी अच्छाईयों को प्रदेश की आबकारी नीति में संम्मिलित किया जाएगा। उन्होने कहा कि नीति तभी ठीक होगी जब अनुभवी लोगो से बात की जायेगी। कार्यशाला में प्रदेश के मदिरा व्यावसायियों एंव ठेकेदारों द्वारा उप मुख्यमंत्री को अपनी समस्या से भी अवगत कराया गया। उप मुख्यमंत्री देवडा ने कहा कि अगर समस्या है तो उसका समाधान भी सरकार करेगी। कठिनाईयों को दूर किया जायेगा। सरकार बहुत सजग है। उन्होनें विभागीय अधिकारियों का निर्देश दिये कि प्रदेश के शराब व्यावसायियों की समस्या को हल करने का प्रयास करे। देवड़ा ने कहा कि प्रदेश के राजस्व प्राप्ति में आबकारी विभाग का अहम भागीदारी रहती है। कार्यशाला में उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि आबकारी विभाग के द्वारा ई-आबकारी पोर्टल के माध्यम से लायसेंसियों को अनेक सुविधाऐं प्रदान की गई हैं, जिससे अधिक पारदर्शिता के साथ कार्य संम्पादित किये जा रहें हैं तथा राजस्व में निरंन्तर वृद्धि हो रही है। लायसेंसी भी नियमानुसार अपनी दुकान एवं बार का संचालन करें, विभाग द्वारा किसी प्रकार की गड़बड़ी होने पर लायसेंसियों के विरूद्ध भी कार्यवाही की जावेगी। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि विभागीय अधिकारियों से अपेक्षा है कि आप सभी जनप्रतिनिधियों/मंत्रियों/विधायकों के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का त्वरित निराकरण करें एवं निराकरण के बाद संबंधित को अवगत भी कराया जाए। आबकारी अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन कर आबकारी अपराधों पर रोक लगाना हम सभी का दायित्व है। सभी के समन्वित प्रयास से वर्ष 2025-26 के लिए संतुलित आबकारी नीति बनाना ही विभाग का लक्ष्य है। आशा करता हूं कि हम इसमें पूरी तरह सफल होगें। कार्यक्रम में प्रमुख सचिव वाणिज्यिक कर अमित राठौर ने कहा कि प्रदेश के राजस्व में मदिरा व्यावसायियों का बड़ा योगदान रहता है। उन्होने अपेक्षा कि जनता के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा का ध्यान रखा जाना चाहिए। आबकारी आयुक्त अभिजीत अग्रवाल ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विभागीय अधिकारी एवं मदिरा व्यावसायियों/लाइसेंसियों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।   recent visitors 83

लेह-लद्दाख में तबियत बिगड़ने से हुई मौत, सैनिक सम्मान के साथ किया शहीद जवान का अंतिम संस्कार

दुर्ग छत्तीसगढ़ के दुर्ग ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के ग्राम कोड़िया के निवासी और भारतीय सेना के 19 महार रेजीमेंट के वीर जवान लांस हवलदार उमेश कुमार साहू 19 अक्टूबर को लेह-लद्दाख के बर्फीले पहाड़ी क्षेत्र में मां भारती की रक्षा करते हुए शहीद हो गए। उनका पार्थिव शरीर सोमवार को दुर्ग जिले के पैतृक गांव कोड़िया लाया गया। इस अवसर पर उनके बलिदान को श्रद्धांजलि देने के लिए दुर्ग से कोरिया तक एक रैली निकाली गई। इस रैली में शहीद के पार्थिव शरीर को लेकर चल रहे सेना के वाहन के आगे और पीछे युवा बाइक पर सवार होकर श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे थे और वीर जवान के सम्मान में नारे लगा रहे थे। नम आंखों से शहीद को दी गई अंतिम विदाई गांव पहुंचने पर शहीद उमेश के स्वजन, ग्रामीण और जनप्रतिनिधियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान नम आंखों से शहीद को अंतिम विदाई दी गई। सैनिक सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने भी पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। ग्रामीणों ने बताया कि शहीद उमेश कुमार साहू मध्यम वर्गीय परिवार से थे। उन्होंने कुछ वर्षों में अपने बड़े भाई और मां को खोया, और हाल ही में जून माह में छोटे भाई का भी निधन हुआ। भाई के दशगात्र कार्यक्रम के बाद वह ड्यूटी पर लौटने वाले थे, लेकिन अपने बीमार पिता की देखभाल के कारण छुट्टी बढ़ानी पड़ी। उन्होंने 30 अगस्त को फिर से ड्यूटी जॉइन की और अपने देश की रक्षा करते हुए अपने प्राणों का बलिदान दे दिया। उनके घर में अब अस्वस्थ और आश्रित पिता, पत्नी और छोटे बच्चे हैं, जिनकी जिम्मेदारी वे निभा रहे थे। मौत से एक दिन पहले पत्‍नी से हुई थी बात उमेश की पत्नी ने बताया कि वे ड्यूटी से वापस लौटने के बाद रोज बात करते थे। घटना से एक रात पहले भी उनकी बात हुई थी, जब वे पूरी तरह स्वस्थ थे। शनिवार को आर्मी के अधिकारियों ने बताया कि वह अस्वस्थ हैं और शाम को स्थिति गंभीर बताई गई। रात 9 बजे उन्हें शहीद होने की सूचना मिली। शहीद उमेश साहू के मामा ने बताया कि उन्होंने कोटा जाकर 22 सितंबर 2009 में ड्यूटी जॉइन की थी। उनकी ट्रेनिंग सागर, जम्मू के अनंतनाग, हिमाचल प्रदेश, ग्वालियर (MP) और मेघालय में हुई थी, और हाल ही में वह लेह में ड्यूटी कर रहे थे। उनके दो बच्चे हैं, जिसमें 6 साल की बेटी और 3 साल का बेटा शामिल हैं। recent visitors 92