प्रदेश के युवओं के लिए बड़ी खुशखबरी, पुलिस में होंगी बंपर भर्तियां, इतने पद की मिली मंजूरी

भोपाल  मध्य प्रदेश के युवाओं के लिए खुशखबरी है। जल्द ही करीब साढ़े 7 हजार पदों पर पुलिस जवानों की भर्ती का विज्ञापन आने वाला है। यह भर्ती कांस्टेबल पद के लिए होगी। आपको बता दें कि वर्तमान में भी साढ़े 7 हजार पदों पर भर्ती अंतिम चरण में है। अभी शारीरिक दक्षता परीक्षाएं चल रही हैं। इसके बाद इनकी फाइनल चयन सूची सामने आ जाएगी। इसके बाद फिर इतने ही पदों पर नई भर्तियां शुरू की जाएंगी। गौरतलब है कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पांच वर्ष पहले अपने अपने कार्यकाल के दौरान कहा था कि वे हर वर्ष 5000 पुलिस कॉन्स्टेबल की भर्ती करेंगे। लेकिन, सिर्फ एक बार ही 6000 आरक्षकों की भर्ती ही हो पाई है, जो अभी जारी है। मोहन यादव के पास है गृह विभाग अब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस भर्ती के बाद एक के बाद एक भर्ती कराने के मूड में हैं। दरअसल, मुख्यमंत्री के पास पास गृह विभाग भी है, मध्य प्रदेश पुलिस भी इसी विभाग का हिस्सा है। जानकारी के अनुसार पुलिस मुख्यालय एक-दो महीने बाद कर्मचारी चयन मंडल को भर्ती का प्रस्ताव भेजेगा, जिसके बाद मंडल अगले वर्ष मार्च के पहले भर्ती के लिए विज्ञापन जारी कर सकता है। ऐसी होगी चयन प्रक्रिया कांस्टेबल की भर्ती परीक्षा के लिए पहले लिखित परीक्षा होगी। उसके बाद शारीरिक दक्षता परीक्षा होगी। 50 प्रतिशत अंक लिखित परीक्षा के और इतने ही शारीरिक दक्षता परीक्षा के होंगे। अगर विज्ञापन वर्ष 2025 में जारी हुआ तो 2026 तक ही आरक्षकों की नियुक्ति हो पाएगी। सब इंस्पेक्टर का विज्ञापन भी आएगा पुलिस मुख्यालय के सूत्रों के अनुसार सरकार 500 पदों पर पुलिस सब इंस्पेक्टर की भर्ती करने का मन भी बना रही हे। पुलिस मुख्यालय ने एक प्रस्ताव भेजा है। गृह विभाग से अधिसूचना जारी होने के बाद कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर सकता है। 5 वर्ष पहले हुई थी सब इंस्पेक्टर की भर्ती आपको बता दें कि मध्य प्रदेश में आखिरी बार करीब 5 वर्ष पहले सब इंस्पेक्टर की भर्ती हुई थी। उसके बाद से अब तक इस भर्ती में ब्रेक लगा हुआ है। recent visitors 30

मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने उज्जैन पुलिस स्मृति दिवस पर वीर शहीदों को पुष्पचक्र अर्पित कर किया नमन

हिम्मत और पराक्रम से भरें हैं, मध्यप्रदेश पुलिस के सशक्त कदम हर मुसीबत से बड़े हैं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव देशभक्ति और जनसेवा के ध्येय वाक्य के साथ दिन-रात जनता की सेवा में तत्पर है पुलिस : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने उज्जैन पुलिस स्मृति दिवस पर वीर शहीदों को पुष्पचक्र अर्पित कर किया नमन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर पुलिस लाइन उज्जैन में कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक वर्ष 21 अक्टूबर को देश की आन्तरिक सुरक्षा, एकता, अखण्डता के लिये अपने प्राणों की आहुति देकर कर्त्तव्य-परायणता का अनूठा उदाहरण देने वाले शहीद पुलिसकर्मियों की स्मृति में पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है। पुलिस देशभक्ति और जनसेवा के ध्येय वाक्य के साथ दिन-रात जनता की सेवा में तत्पर रहते हुए अपने प्राणों का उत्सर्ग कर देती है। ऐसे सभी बलिदानी पुलिसकर्मियों को मैं सैल्यूट करता हूं। पुलिसकर्मी देश की सेवाओं के संचालन में मदद करते हैं और देश की आन्तरिक सुरक्षा में सर्वोच्च योगदान देते हैं। कार्यक्रम में सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, सतीश मालवीय, महापौर उज्जैन मुकेश टटवाल, नगर निगम सभापति उज्जैन श्रीमती कलावती यादव सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कोरोना काल में कर्त्तव्य की वेदी पर पुलिस के जवान मुस्तैदी से तैनात रहे। पुलिसकर्मियों के इस अद्वितीय योगदान का स्मरण करते हुए देश-प्रदेश गौरवान्वित महसूस करता है। कोरोना काल में पुलिसकर्मियों, स्वास्थ्यकर्मियों व सफाईकर्मियों के उत्कृष्ट कार्य से देश की आबादी सुरक्षित रही। आजादी से लेकर आज तक ऐसे कई कठिन मौकों पर पुलिसकर्मियों द्वारा अपनी भूमिका को सार्थक सिद्ध किया है। उन्होंने कहा कि “हिम्मत और पराक्रम से भरें हैं, आपके सशक्त कदम हर मुसीबत से बड़े हैं, आपके शौर्य को नमन, आपके प्रताप को प्रणाम है, आप हमारी शक्ति हैं, मध्यप्रदेश का अभिमान हैं।” कार्यक्रम में पुलिस जवानों द्वारा परेड प्रदर्शन कर वीर शहीदों को सलामी दी गई। परेड का नेतृत्व रक्षित निरीक्षक रणजीत सिंह ने किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव, जन-प्रतिनिधि और अधिकारियों ने पुष्प-चक्र अर्पित कर वीर शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजली अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस दौरान वीर शहीद स्व. लालबहादुर सिंह, स्व. बलराम के परिजन को शॉल, श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने परेड कमांडर से परिचय प्राप्त किया। आईजी संतोष कुमार सिंह ने कहा कि पुलिस स्मृति दिवस हमें उन वीर पुलिसकर्मियों की याद दिलाता है, जिन्होंने समाज और देश की रक्षार्थ प्राण न्यौछावर किये हैं। आज से 65 वर्ष पूर्व 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के बर्फीले क्षेत्र हॉटस्प्रिंग में 16 हजार फीट की ऊंचाई पर चीन की सशस्त्र सेना के साथ मुठभेड में केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल की पेट्रोलिंग पार्टी के 10 जवानों ने अपने प्राणों का बलिदान दिया था। तब से प्रतिवर्ष 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस के रूप में मनाया जाता है।   recent visitors 67

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का विजन राज्य में संतुलित और समान आर्थिक विकास को मजबूती प्रदान करना है

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दूरदर्शी नेतृत्व और उनके सतत प्रयासों से मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास को नई दिशा मिली है। चार संभागों में सफल आरआईसी के बाद 23 अक्टूबर 2024 को रीवा में 5वीं आरआईसी आयोजित की जा रही है, जिसमें "वाइब्रेंट विंध्य" बायर-सेलर मीट होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का विजन राज्य में संतुलित और समान आर्थिक विकास को मजबूती प्रदान करना है। आरआईसी के माध्यम से प्रदेश औद्योगिक हब के रूप में विकसित हो रहा है। रीवा में होने वाली आरआईसी इसमें महत्वपूर्ण योगदान देगी। रीवा में बायर-सेलर मीट: व्यापारिक अवसरों को नई दिशा रीवा में होने वाली बायर-सेलर मीट विंध्य क्षेत्र के औद्योगिक विकास को नई दिशा देगी। इस मीट में 2500 से अधिक उद्यमी शामिल होंगे। यह आयोजन न केवल व्यावसायिक साझेदारियों को बढ़ावा देने का मंच है, बल्कि विभिन्न राज्यों के उद्यमियों के बीच महत्वपूर्ण मंच साबित होगा। व्यावसायिक साझेदारियों के लिए बैठकें इस मीट का प्रमुख आकर्षण व्यावसायिक साझेदारियों के लिए बैठकें हैं। जहां विंध्य क्षेत्र के स्थानीय उद्यमी और बाहरी राज्यों के उद्यमी बिज़नेस अपॉर्चूनिटीज़ पर चर्चा कर करेंगे। इसमें विचारों का आदान-प्रदान होगा और व्यवसाय के नए रास्ते खुलेंगे। राज्य स्तर पर भागीदारी इस बायर-सेलर मीट में 10 से अधिक राज्य उत्तर प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और हरियाणा से उद्यमी शामिल होंगे। यह विविधता न केवल मौके को और रोचक बनाएगी, बल्कि व्यावसायिक नेटवर्क को भी मजबूत करेगी। स्थानीय उद्यमियों के लिए अवसर स्थानीय उद्यमियों को बाहरी राज्यों के उद्यमियों से सीधे मिलकर व्यापारिक अवसरों पर चर्चा करने का मौका मिलेगा। यह मंच न केवल नई व्यापारिक संभावनाओं को उजागर करेगा, बल्कि क्षेत्रीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में भी सहायक होगा। अपनी सांस्कृतिक धरोहर के लिए प्रसिद्ध विंध्य अब व्यावसायिक अवसरों का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। यह बायर-सेलर मीट स्थानीय उत्पादों और सेवाओं को नए बाजारों तक पहुँचाने का महत्वपूर्ण मंच साबित होगी, जिससे व्यापारिक संभावनाएँ और मजबूत होंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस पहल से क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी और नए निवेशकों को आकर्षित करने में सहायता मिलेगी।  मेहमान बघेलखंड के पारंपरिक व्यंजनों का लेंगे आनंद रीवा में 23 अक्टूबर को होने जा रही कॉन्क्लेव की एक विशेषता होगी, जिसमें विंध्य क्षेत्र की समृद्ध और पारंपरिक खाद्य संस्कृति से प्रतिनिधियों को परिचय कराया जायेगा। बघेलखंड के विशिष्ट व्यंजनों का स्वाद लेकर मेहमान स्थानीय स्वाद का आनंद उठाएंगे, जो न केवल स्वादिष्ट, बल्कि अत्यधिक पौष्टिक भी होंगे। बघेलखंड के प्रमुख व्यंजन      बगजा: बेसन से बनी जलेबी जैसी सेवई, जिसे दही के मट्ठे में डुबोकर तैयार किया जाता है, स्वाद और पौष्टिकता से भरपूर।      पनबुड़ा: चावल के आटे से बनी रोटी, जिसमें दाल का मिश्रण भरकर भाप में पकाया जाता है।      रिचमच की सब्जी: विभिन्न दालों से बने पकौड़ों को दही की करी में पकाया जाता है, जो एक अनोखा और पौष्टिक व्यंजन है।      रसाज की कढ़ी: हल्की और पाचक बेसन और दही से बनी कढ़ी, जो स्वाद और स्वास्थ्य का संतुलन बनाए रखने में मदद करती है।      महेरी: चावल और मट्ठे से तैयार एक हल्का और पौष्टिक व्यंजन, जो विंध्य क्षेत्र का विशेष भोजन है।      दरभरी पूरी और गुड़म: दरभरी पूरी के साथ गुड़ की पारंपरिक मिठाई, जो ठंड के मौसम में लाभकारी मानी जाती है।      खुरचन रोल: मलाई से बने इस मीठे रोल में कैल्शियम और प्रोटीन की भरपूर मात्रा होती है, जो इसे विशेष बनाती है।      लवंग लता: सूखे मेवों और घी से बनी यह मिठाई खास अवसरों पर बनाई जाती है।      लाटा: महुआ के फल और तिल से बना लड्डू, जो बघेलखंड की विशेष मिठाई के रूप में जाना जाता है। यह सभी व्यंजन स्वादिष्ट होने के साथ पोषक गुणों के कारण विंध्य क्षेत्र की खाद्य संस्कृति में खास स्थान रखते हैं। इनमें स्थानीय मसालों और शुद्ध सामग्रियों का उपयोग किया जाता है, जो स्वास्थ्यवर्धक होते हैं और शरीर को ऊर्जा प्रदान करते हैं। यह कॉन्क्लेव औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के साथ देश और विदेश से आए प्रतिनिधियों को बघेलखंड की समृद्ध खाद्य परंपरा से परिचित कराएगा, जो इस क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है।   recent visitors 64

रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव विंध्य क्षेत्र के औद्योगिक विकास को एक नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा- CM मोहन यादव

 रीवा /भोपाल  मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा है कि 23 अक्टूबर को रीवा में होने वाली प्रदेश की 5वीं रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव राज्य के साथ विंध्य क्षेत्र के औद्योगिक विकास को एक नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस मंच से उद्योग, व्यापार, पर्यटन, और कृषि क्षेत्रों को सशक्त बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। इससे राज्य एवं विशेष रूप से विंध्य क्षेत्र में औद्योगिक उन्नति और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, जो राज्य के समग्र आर्थिक विकास को सशक्त और सुदृढ़ करेगा। कॉन्क्लेव में बिजनेस प्रमोशन सेंटर रीवा इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में व्यापारिक और औद्योगिक हितधारकों के लिए बिज़नेस प्रमोशन सेंटर की स्थापना की जा रही है, जहां 16 से अधिक प्रमुख सरकारी और निजी विभाग अपने उत्पादों, सेवाओं और नीतियों को प्रदर्शित करेंगे। इसका उद्देश्य व्यापार को सरल बनाने के साथ निवेशकों और उद्यमियों के बीच संवाद को बढ़ावा देना है, जिससे औद्योगिक वातावरण को सुदृढ़ किया जा सके। कॉन्क्लेव में बिजनेस प्रमोशन सेंटर रीवा इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में व्यापारिक और औद्योगिक हितधारकों के लिए बिज़नेस प्रमोशन सेंटर की स्थापना की जा रही है, जहां 16 से अधिक प्रमुख सरकारी और निजी विभाग अपने उत्पादों, सेवाओं और नीतियों को प्रदर्शित करेंगे। इसका उद्देश्य व्यापार को सरल बनाने के साथ निवेशकों और उद्यमियों के बीच संवाद को बढ़ावा देना है, जिससे औद्योगिक वातावरण को सुदृढ़ किया जा सके। व्यापारिक सुगमता और औद्योगिक विकास पर ध्यान कॉन्क्लेव में एमपी इंडस्ट्रियल डेव्लपमेंट कॉरपोरेशन की प्रमुख भूमिका रहेगी, जो ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत व्यापारिक प्रक्रियाओं को सरल और सुगम बनाकर निवेशकों को व्यापार स्थापित करने में सहयोगी की भूमिका निभाएगा। एमपी स्टेट इलेक्ट्रॉनिक डेव्लपमेंट कॉर्पोरेशन राज्य के आईटी एवं ईएसडीएम उद्योग में विकास और निवेश के अवसरों को साझा करेगा। एमएसएमई विभाग सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए अपनी योजनाओं और सहायता कार्यक्रमों की जानकारी प्रदान करेगा, जिससे इन उद्यमों का राज्य के औद्योगिक ढांचे में और भी मजबूत योगदान हो सके। निर्यात और अंतरराष्‍ट्रीय व्यापार को मिलेगी रफ्तार अंतरराष्‍ट्रीय व्यापार और निर्यात को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने के उद्देश्य से डायरेक्टोरेट ऑफ फॉरेन ट्रेड निर्यात के अवसरों पर मार्गदर्शन प्रदान करेगा, जबकि कस्टम विभाग आयात-निर्यात प्रक्रियाओं और नियमों पर जानकारी देगा। इस दिशा में ईसीजीसी द्वारा निर्यातकों के लिए क्रेडिट बीमा और वित्तीय सेवाओं पर भी व्यापक जानकारी दी जाएगी, जिससे राज्य के निर्यातकों को वैश्विक स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करने का अवसर मिलेगा। पर्यटन और हस्तशिल्प उद्योग में निवेश के अवसर कॉन्क्लेव में मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा राज्य के पर्यटन स्थलों और उद्योग में निवेश की संभावनाओं पर विशेष जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा हस्तशिल्प विकास निगम राज्य के हस्तशिल्प उद्योग को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से अपने उत्पादों को बाजार में लाने के नए तरीकों पर जानकारी देगा। कृषि और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के लिए सुनहरे अवसर कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण द्वारा कृषि उत्पादों के निर्यात के अवसरों की जानकारी दी जाएगी, जो राज्य के कृषि उद्योग के लिए अंतरराष्‍ट्रीय बाजारों तक पहुंच को और अधिक सुगम बनाएगा। यह कॉन्‍क्लेव कृषि और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के उद्यमियों को वैश्विक निर्यात का हिस्सा बनने का सुनहरा मौका प्रदान करेगा। बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं का समर्थन बिजनेस और उद्योग को वित्तीय सहयोग प्रदान करने के लिए यूनियन बैंक एवं फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FICCI) बैंकिंग और वित्त पोषण से संबंधित सेवाओं की जानकारी देंगे। साथ ही इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट प्रमोशन कॉउंसिल (EEPC India) द्वारा इंजीनियरिंग उत्पादों के निर्यात और संबंधित सहायता कार्यक्रमों की जानकारी दी जाएगी। recent visitors 51

PM नरेंद्र मोदी ने सरकार में शिवराज सिंह चौहान का कद बढ़ाया, अब चौहान देशभर में सरकार की नई और जारी योजनाओं की समीक्षा करेंगे

भोपाल / नई दिल्ली NDA सरकार में कृषि मंत्री की भूमिका निभा रहे शिवराज सिंह चौहान का कद बढ़ता नजर आ रहा है। खबर है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें नई जिम्मेदारी सौंपी है, जिसके तहत वह देशभर में सरकार की नई और जारी योजनाओं की समीक्षा करेंगे। दरअसल, पीएम मोदी ने एक नई टीम गठित की है, जिसकी कमान चौहान को दी गई है। हाल ही में इस संबंध में एक उच्च स्तरीय बैठक हुई थी, जिसमें सचिव स्तर के कई बड़े अधिकारी शामिल हुए थे।टीम का क्या होगा काम हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, कृषि मंत्री बनने से पहले मध्य प्रदेश के तीन बार के मुख्यमंत्री रहे चौहान की अगुवाई में गठित समूह हर महीने समीक्षा बैठक करेगा। यह मीटिंग प्रधानमंत्री कार्यालय में होगी, जहां सभी सरकारी योजनाओं की रफ्तार बढ़ाने को लेकर चर्चा की जाएगी। बैठक में शामिल रहे अधिकारी बताते हैं कि पीएम मोदी ने चौहान को घोषणा किए गए सभी प्रोजेक्ट्स की प्रगति देखने की शक्तियां दे दी हैं। इसके तहत केंद्रीय मंत्री साल 2014 यानी पहली एनडीए सरकार के कार्यकाल से लेकर अब तक घोषित परियोजनाओं की समीक्षा करेंगे। हालांकि, सरकार ने इस समूह को लेकर जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।शिवराज सिंह चौहान को ये जिम्मा खबर है कि चौहान प्रधानमंत्री को पोर्टल पर प्रकाशित सभी योजनाओं, वो परियोजनाएं जिनकी आधारशिला पीएम मोदी की तरफ से रखी गई है, बजट में की गई घोषणाओं, ऐसे कानून जिनपर नियम बनाए जाने बाकी हैं और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की समीक्षा करेंगे। अगर किसी प्रोजेक्ट में देरी नजर आती है या वहां मंत्री स्तर पर किसी समर्थन की जरूरत होती है, तो इस संबंध में चौहान संबंधित सचिवों से संपर्क साधेंगे। पहली बैठक हुई खबर है कि 18 अक्टूबर को पीएम कार्यालय में इस समूह की पहली बैठक हो चुकी है, जहां सरकार के सभी सचिव शामिल हुए थे। कहा जा रहा है कि पीएम मोदी सरकारी योजनाओं के लागू होने में हो रही देरी को लेकर चिंतित हैं और बंद दरवाजों के पीछे होने वाली बैठकों में इस संबंध में सचिवों और PMO के अधिकारियों को बता भी चुके हैं। recent visitors 65

राज्यपाल पटेल ने शहीद परिजन से आत्मीय मुलाकात कर कहा – प्रदेश की जनता, सरकार, पुलिस और प्रशासन आपके साथ

आमजन के प्रति पुलिस सजग, संवेदनशील और विनम्र रहे : राज्यपाल पटेल राज्यपाल ने पुलिस स्मृति दिवस पर शहीद जवानों को दी श्रद्धांजलि राज्यपाल पटेल ने शहीद परिजन से आत्मीय मुलाकात कर कहा – प्रदेश की जनता, सरकार, पुलिस और प्रशासन आपके साथ भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में पुलिस, सशक्त समाज का आधार होती है। पुलिस की सक्रियता और उसका व्यवहार आम आदमी को सुरक्षित महसूस कराता है। आमजन के प्रति पुलिस सजग, संवेदनशील और विनम्र रहे। राज्यपाल पटेल पुलिस स्मृति दिवस पर भोपाल के लाल परेड ग्रांउड में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने शहीद स्मारक पर पुष्पाजंलि अर्पित कर शहीद पुलिस कर्मियों के परिजन से आत्मीय मुलाकात की। कार्यक्रम में मुख्य सचिव अनुराग जैन भी मौजूद थे। राज्यपाल पटेल ने कहा कि पुलिस, समाज का अभिन्न हिस्सा है। पुलिस की सक्रिय भागीदारी के बिना विकास की सोच को फलीभूत करना संभव नहीं है। विकास के लिए समाज में शांति, सद्भाव और भाईचारे का वातावरण बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि हम सब के लिए गर्व की बात है कि मध्यप्रदेश पुलिस की गणना देश के श्रेष्ठ बलों में की जाती है। प्रदेश पुलिस ने ‘देशभक्ति-जनसेवा’ के सूत्र वाक्य को सार्थक किया है। कर्त्तव्यनिष्ठा के उच्च प्रतिमान के साथ कीर्तिमान स्थापित किए हैं। बदलती परिस्थितियों में पुलिस स्वयं को निरंतर अपडेट रखे राज्यपाल पटेल ने कहा कि पुलिस की बड़ी जिम्मेदारी है कि कानून-व्यवस्था को सुनिश्चित करते हुए देश-प्रदेश की अखंडता, सामाजिक और सांस्कृतिक सद्भाव को बनाए रखें। जनता से समन्वय बनाए रखना भी पुलिस की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि बदलती परिस्थितियों के अनुरूप पुलिस स्वयं को निरंतर अपडेट रखे। राज्यपाल पटेल ने एक ही दिन में सवा लाख पौधे रोपने, सभी जिलों में पुलिस बैंड और महिला थाना की स्थापना, पुलिस परिवारों के लिए 25 हजार मकान बनाने के लक्ष्य एवं 950 महिला ऊर्जा डेस्क की स्थापना जैसे कार्यों के लिए प्रदेश पुलिस की सराहना की। राज्यपाल पटेल को कार्यक्रम में पाल-बेयरर पार्टी द्वारा शहीद जवानों की सम्मान सूची सौंपी गई। पार्टी द्वारा परेड सलामी की समस्त कार्यवाही की गई। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक सुधीर कुमार सक्सेना ने श्रद्धांजलि उद्बोधन दिया। उन्होंने 21 अक्तूबर 1959 को लद्दाख के दुर्गम इलाकों में हुई भारतीय जवानों के शौर्य और शहादत को नमन् किया। साथ ही मध्यप्रदेश पुलिस के शहीद जवानों को भी श्रद्धा-सुमन अर्पित किये। वरिष्ठ प्रशासनिक, पुलिस अधिकारियों और विशिष्टजनों ने शहीद स्मारक पर पुष्पाजंलि अर्पित की। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव एस.एन. मिश्रा, एडीजी शापू, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, सेनानिवृत्त पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारी और शहीद पुलिसकर्मियों के परिजन उपस्थित रहे।   recent visitors 56

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और अन्य चिकित्सा संस्थानों में पदोन्नति की प्रक्रिया की समीक्षा

ग्रामीण चिकित्सकीय सेवाओं को सशक्त करना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता : उप मुख्यमंत्री शुक्ल उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने स्वास्थ्य केंद्रों का सुदृढ़ीकरण कर विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिये  उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और अन्य चिकित्सा संस्थानों में पदोन्नति की प्रक्रिया की समीक्षा सीएचसी के सुदृढ़ीकरण के दिये निर्देश भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त करना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का सुदृढ़ीकरण कर फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) के रूप में विकसित करने के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और अन्य चिकित्सा संस्थानों में पदोन्नति की प्रक्रिया की समीक्षा की और नियमों के अनुसार प्रक्रिया को शीघ्रता से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के गुणवत्तापूर्ण प्रदाय के लिए चिकित्सकीय मैनपॉवर का मनोबल और उत्साहवर्धन अत्यंत आवश्यक है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मंत्रालय में विभिन्न विभागीय विषयों की समीक्षा करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए महत्वपूर्ण निर्देश दिये। ग्रामीण क्षेत्रों में रेडियोलॉजिस्ट सेवा प्रदाय की करें व्यवस्था उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने आईपीएचएस मानकों के अनुसार भर्ती प्रक्रिया की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की और समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिये। प्रशासनिक औपचारिकताओं की पूर्ति में कमी से प्रक्रिया में व्यवधान नहीं आये यह सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने कहा कि सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करने और मातृ मृत्यु दर तथा शिशु मृत्यु दर में सुधार के उद्देश्य से सोनोलॉजिस्ट की उपलब्धता आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में सोनोलॉजिस्ट (रेडियोग्राफर) की सेवा के लिए प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे चिकित्सा अधिकारियों की नियुक्ति प्रक्रिया के लिए तकनीकी समस्याओं का निदान कर प्रक्रिया पूर्ण की जाये। स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावी प्रदाय और प्रबंधन के लिए डिजिटल प्रौद्योगिकी का करें उपयोग उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावी प्रदाय और प्रबंधन के लिए डिजिटल प्रौद्योगिकी का उपयोग महत्वपूर्ण है। उन्होंने डिजिटल हस्तक्षेपों द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं के कुशल प्रबंधन के लिए एचआरएमएस और एचएमआईएस के त्वरित क्रियान्वयन के लिये आवश्यक कार्यवाही करने को भी कहा। प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव, आयुक्त स्वास्थ्य तरुण राठी उपस्थित थे।   recent visitors 65