सेना ने आतंकियों की एक बड़ी साजिश को नाकाम किया, एक को मार गिराया, गोला-बारूद और हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद

 बारामुला जम्मू कश्मीर के बारामुला में सेना की एक संयुक्त टीम ने हथियारों से लैस आतंकी को मार गिराया। इसके साथ ही सेना ने एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है। इस दौरान यहां पर गोला-बारूद और हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद किया गया है। सेना के बयान में कहा गया है कि इस जखीरे को देखकर ऐसा लग रहा था जैसे किसी युद्ध की तैयारी के लिए सामान जुटाया जा रहा है। मारे गए आतंकी के पास एक एके 47 राइफल, दो एके मैगजीन, 57 एके राउंड, दो पिस्टल मैगजीन के अलावा कई अन्य खतरनाक हथियार थे। इससे पहले आर्मी के चिनार कोर ने बताया कि घुसपैठ के खिलाफ इलाके में संयुक्त ऑपरेशन चलाया गया था। बयान के मुताबिक घुसपैठ को लेकर मिली खुफिया जानकारी के आधार पर भारतीय सेना, जम्मू कश्मीर पुलिस ने एलओसी के करीब स्थित उरी और बारामुला में यह अभियान चलाया। संदिग्ध गतिविधि नजर आने के बाद सेना की चौकन्नी टुकड़ी ने चुनौती दी। इसके बाद सामने से फायरिंग होने लगे। जवाब में जवानों ने भी गोलियां बरसाईं। इससे पहले गांदरबल इलाके में आतंकी हमले में दो मजदूरों की हत्या कर दी गई। अधिकारियों के मुताबिक यह घटना रविवार शाम को हुई। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इन हमलों की निंदा की है और इन्हें कायराना कृत्य बताया है। उमर अब्दुल्ला ने एक्स पर लिखा कि गैर-स्थानीय मजदूरों पर सोनमर्ग इलाके के गगनगीर इलाके में कायराना हमला हुआ है। यह लोग इलाके में एक बेहद अहम प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे। आतंकी हमले में दो की हत्या की गई है, दो-तीन घायल हैं। अब्दुल्ला ने लिखा कि मैं इस हमले की निंदा करता हूं और मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी सहानुभूति प्रेषित करता हूं। गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले में रविवार शाम को हुए आतंकी हमले में एक स्थानीय डॉक्टर सहित सात लोगों की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए। अधिकारियों ने बताया कि यह हमला श्रीनगर-लेह राजमार्ग पर गगनगीर के पास एक शिविर में हुआ जहां स्थानीय और गैर-स्थानीय मजदूर 6.5 किलोमीटर लंबी जेड-मोड़ सुरंग परियोजना के निर्माण पर काम कर रहे थे। अधिकारियों के अनुसार दो आतंकवादियों ने मजदूरों पर अंधाधुंध गोलीबारी की जिसके कारण दो गैर-स्थानीय मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई। हमले में एक स्थानीय डॉक्टर सहित नौ अन्य घायल हो गए। डॉक्टर सहित पांच घायलों ने बाद में दम तोड़ दिया। recent visitors 75

रोहिणी ब्लास्ट पर दिल्ली पुलिस एक्शन में, टेलीग्राम ऐप को लिखा लेटर, मांगी ये जानकारी

नई दिल्ली दिल्ली पुलिस ने Telegram को एक पत्र लिखकर 'Justice League India' नामक चैनल से संबंधित जानकारी मांगी है. यह कार्रवाई रोहिणी में हुए ब्लास्ट के बाद की गई है. कल शाम, इस टेलीग्राम चैनल पर धमाके का सीसीटीवी फुटेज अपलोड किया गया, जिसमें इस विस्फोट की जिम्मेदारी ली गई थी. हालांकि, Telegram की तरफ से अभी तक दिल्ली पुलिस को कोई जवाब नहीं मिला है. रोहिणी ब्लास्ट की जांच जारी है, लेकिन अभी तक किसी संगठन का नाम सामने नहीं आया है. पुलिस इस मामले की तह तक पहुंचने के लिए हर एंगल से जांच कर रही है. रविवार सुबह साढ़े सात बजे हुआ था ब्लास्ट बता दें कि रविवार सुबह साढ़े सात बजे के करीब जब दिल्ली के रोहिणी स्थित प्रशांत विहार में ब्लास्ट की आवाज सुनाई दी तो इससे इलाके में दहशत फैल गई. इसके लगभग 20 मिनट बाद ही जैसे-जैसे एरिया में बड़ी-बड़ी जांच एजेंसियों का पहुंचना शुरू हुआ तो फिर इस मामले ने और भी चिंता बढ़ा दी. हालांकि अभी तक ये सामने नहीं आया है कि ब्लास्ट कैसे हुआ? क्यों हुआ? किसने किया? मकसद क्या था? लेकिन इस ब्लास्ट ने त्योहारी सीजन में माथे पर बल ला दिए हैं. 2 किमी दूर तक सुनाई दी ब्लास्ट की आवाज धमाका इतना तेज था कि इसकी आवाज दो किलोमीटर दूर तक सुनाई दी थी, लेकिन इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ. घटनास्थल से 'व्हाइट पाउडर' बरामद किया गया है, और जांच के लिए पहुंची जांच एजेंसियों ने इस धमाके को 'मिस्टीरियस ब्लास्ट' यानी 'रहस्यमयी धमाका' करार दिया है. जांच एजेंसियों ने धमाके को इसलिए 'मिस्टीरियस ब्लास्ट' कहा है, क्योंकि मौके से किसी तरह का टाइमर, डेटोनेटर या कोई मेटल या फिर कोई इनेक्ट्रॉनिक डिवाइस नहीं मिला है. अब सवाल ये है कि फिर विस्फोटक में ऐसा क्या ट्रिगर हुआ कि जोरदार धमाका हुआ? इसकी जांच की जा रही है. CCTV फुटेज खंगाल रही दिल्ली पुलिस दिल्ली पुलिस ब्लास्ट साइट के आस-पास के कई किलोमीटर तक के CCTV फुटेज को खंगाल रही है, जिससे जानकारी मिल सके कि बम किसने रखा था. ब्लास्ट के आस-पास का मोबाइल का डंप डेटा भी कलेक्ट किया जा रहा है, जिसके जरिए ब्लास्ट पर संदिग्ध फोन नंबर जो एक्टिव थे उसका पता लगाया जा सके.   recent visitors 87

एक नवंबर को होगी घोषणा! प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों का बढ़ेगा महंगाई भत्ता

 भोपाल  भारत सरकार ने अपने कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 50 से बढ़ाकर 53 प्रतिशत कर दिया है। प्रदेश के कर्मचारियों को अभी 46 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता मिल रहा है। इसे बढ़ाने की मांग सभी कर्मचारी संगठन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डा.मोहन यादव प्रदेश के स्थापना दिवस (एक नवंबर) पर इसे बढ़ाने की घोषणा कर सकते हैं। वित्त विभाग ने इसकी तैयारी भी शुरू कर दी है। अभी 46 प्रतिशत महंगाई भत्ता प्रदेश में सात लाख से अधिक नियमित के साथ निगम, मंडल के कर्मचारियों को जुलाई 2023 से 46 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता दिया जा रहा है। पांचवें और छठवें वेतनमान वाले कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में भी इसी दर से वृद्धि की गई। जुलाई 2023 से फरवरी 2024 के बीच का एरियर तीन समान किस्तों में दिया गया। जबकि, पेंशनरों की महंगाई राहत मार्च 2024 से बढ़ाई गई। एरियर भी नहीं दिया गया। लंबे समय से हो रही थी DA हाइक की मांग दरअसल, मध्य प्रदेश के कर्मचारी लंबे समय से महंगई भत्ते में बढ़ोतरी किए जाने की मांग कर रहे हैं. कई संगठनों ने हड़ताल की भी चेतावनी दे दी थी. इस बीच मोहन यादव सरकार द्वारा डीए बढ़ाने का फैसला कर्मचारियों में खुशी की लहर लेकर आया है. मध्य प्रदेश में सात लाख से ज्यादा नियमित सरकारी कर्मचारी हैं. इसके अलावा, मंडल के कर्मचारियों को भी साल 2023 से 46 फीसदी की दर से महंगाई भत्ता दिया जा रहा है.  एक नवंबर को हो सकती है घोषणा प्रदेश के स्थापना दिवस (1 नवंबर) के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव महंगाई भत्ता बढ़ाने की घोषणा कर सकते हैं। हालांकि, इसका लाभ जनवरी 2024 से दिया जाएगा या अक्टूबर से, यह फैसला होना बाकी है। वित्त विभाग के अधिकारियों के अनुसार पिछली बार की तरह इस बार भी एरियर तीन किस्तों में दिया जा सकता है। पेंशनरों को लेकर स्थिति अभी भी अस्पष्ट है। पिछली बार का एरियर देने पर अब तक कोई निर्णय नहीं हुआ है। माना जा रहा है कि पेंशनरों का महंगाई भत्ता चार प्रतिशत बढ़ाकर 50 प्रतिशत की दर से दिया जाएगा, लेकिन यह अक्टूबर से लागू होगा या जनवरी 2024 से, इसका फैसला बाद में किया जाएगा। 58 प्रतिशत की दर से बजट में प्रविधान प्रदेश सरकार ने वर्ष 2024-25 के बजट में महंगाई भत्ते और राहत के लिए 58 प्रतिशत की दर से प्रविधान किया है। वर्तमान में 46 प्रतिशत की दर से भुगतान हो रहा है, जिससे यदि 12 प्रतिशत की वृद्धि भी होती है तो इसके लिए अलग से बजट प्रविधान की आवश्यकता नहीं होगी। अगले बजट वर्ष 2025-26 के लिए यह प्रविधान 64 प्रतिशत के हिसाब से किया जाएगा, जिसके लिए सभी विभागों को अपने स्थापना व्यय में राशि प्रस्तावित करने के निर्देश दिए गए हैं। डीए बढ़ोतरी के लिए बजट में प्रावधान मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने साल 2024-25 के बजट में महंगाई भत्ते और राहत के लिए 58 प्रतिशत की दर से प्रावधान रखा है. अगर 46 प्रतिशत की दर से भुगतान किया जाता है, तो 12 प्रतिशत की वृद्धि के लिए अलग से बजट प्रावधान की जरूरत नहीं होनी चाहिए. साल 2025-26 के बजट में इसे 64 प्रतिशत के हिसाब से प्रस्तावित करने की योजना है. एक नवंबर को मध्य प्रदेश का स्थापना दिवस है. इसी दिन मुख्यमंत्री महंगाई भत्ता बढ़ाने की घोषणा कर सकते हैं. या तो इसका फायदा जनवरी 2024 से दिया जाएगा या फिर अक्टूबर से ही वृद्धि लागू होगी, अभी इस पर फैसला नहीं लिया गया है. हालांकि, माना जा रहा है कि पिछली बार की तरह इस बार भी एरियर दिया जा सकता है. recent visitors 84

इंदौर में चलेगी डबल डेकर इलेक्ट्रिक बस, 60 यात्री कर सकेंगे आलीशान सफर, जल्द ही ट्रायल रन पूरा कर शुरू किया जाएगा

इंदौर इंदौर में यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और नागरिकों को सुविधा दिलाने के लिए लंबे समय से डबल डेकर बस चलाने का प्रयास हो रहा था. इस प्रयास को अब सफलता मिली है. इंदौर के महापौर पुष्पमित्र भार्गव ने बताया कि डबल डेकर बस का इंतजार खत्म हो गया है. डबल डेकर बस इंदौर पहुंच गई है, जिसे जल्द ही ट्रायल रन पूरा कर शुरू किया जाएगा. यात्रियों की संख्या में हुई बढ़ोतरी महापौर के मुताबिक, इंदौर की आबादी लगातार बढ़ती जा रही है. इसके अलावा, बसों में सफर करने वाले यात्रियों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है. डबल डेकर बस से दो बसों की सवारी एक ही वाहन में सफर करेगी, जिससे यातायात का दबाव भी कम होगा. इसी बात को ध्यान में रखते हुए डबल डेकर बस चलाने के प्रयास लंबे समय से किए जा रहे थे. महापौर पुष्पमित्र भार्गव ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार की मदद से इंदौर के लोगों को बड़ी सौगात मिलने जा रही है. अभी तक महानगरों में ही डबल डेकर बस का चलन था. इंदौर प्रदेश का पहला ऐसा शहर होगा जहां डबल डेकर बस सड़कों पर चलेगी. बस की ऊंचाई 15 फीट इंदौर को समर्पित होने वाली डबल डेकर बस की लंबाई चौड़ाई भी आम बसों की तुलना में अधिक है. बस की लंबाई की बात की जाए तो यह 9 मीटर है जबकि ऊंचाई लगभग 15 फीट के आसपास है. इस बस में एक साथ 60 यात्रियों के बैठने की क्षमता है.   recent visitors 62

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की राशि प्रसूताओं को एक वर्ष से नहीं मिली है,लगभग एक लाख महिलाएं कर रही इंतजार

भोपाल केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की राशि प्रसूताओं को एक वर्ष से नहीं मिली है। लगभग एक लाख महिलाएं राशि की प्रतीक्षा कर रही हैं। राशि नहीं मिलने की 25 हजार से अधिक शिकायतें सीएम हेल्पलाइन में पहुंच चुकी हैं। हर दिन 70 से 100 शिकायतें हो रही हैं। योजना के अंतर्गत महिलाओं को पहले प्रसव में पांच हजार रुपये तीन किस्तों में देने का प्रविधान है। तकनीकी समस्या से नहीं मिली राशि बताया जा रहा है कि योजना में कुछ बदलाव के साथ ही एनआईसी को इसका साफ्टवेयर संचालन करने के लिए दिया गया था। एनआइसी ने नया साफ्टवेयर तैयार किया, जिसमें नए हितग्राहियों को जोड़कर उन्हें लाभ दिया जा रहा है, लेकिन तकनीकी दिक्कत के चलते पुराने हितग्राहियों को पहले संचालित साफ्टवेयर से एनआइसी में शिफ्ट नहीं किया जा सका है। इस कारण उन्हें राशि नहीं मिल पा रही है। पुराने हितग्राहियों में कुछ की एक, कुछ को दोनों या फिर तीनों किस्त रुकी हुई हैं। दरअसल, भारत सरकार ने योजना में पात्रता की शर्तों में कुछ बदलाव किया था। पूर्व में यह प्रविधान था का पहले बच्चे में ही योजना का लाभ दिया जाएगा, बाद में यह जोड़ा गया कि दूसरी संतान बालिका है तो भी योजना का लाभ दिया जाएगा। दूसरा, पहले प्रसूता के परिवार की आय का कोई बंधन पात्रता के लिए नहीं था, पर बाद में आठ लाख रुपये की सीमा निर्धारित कर दी गई। इन बदलावों के साथ नए हितग्राहियों को जोड़कर लाभ दिया जा रहा है, पुराने हितग्राहियों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। प्रसूति सहायता योजना की राशि भी तीन माह से नहीं मिली मुख्यमंत्री श्रमिक सेवा प्रसूति सहायता योजना के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं को तीन माह से राशि नहीं मिली है। यह स्थिति पूरे प्रदेश की है। बताया जा रहा है बजट की कमी के चलते राशि नहीं मिल पा रही है। योजना के अंतर्गत असंगठित कामगार महिला श्रमिक को 16 हजार रुपये अलग-अलग किस्त में मिलते हैं। recent visitors 104

मुख्यमंत्री ने कहा- 23 अक्टूबर को रीवा में होगी अगली रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव, विकास को एक नई दिशा मिलेगी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि 23 अक्टूबर को रीवा में होने वाली प्रदेश की 5वीं रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव राज्य के साथ विंध्य क्षेत्र के औद्योगिक विकास को एक नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस मंच से उद्योग, व्यापार, पर्यटन, और कृषि क्षेत्रों को सशक्त बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। इससे राज्य एवं विशेष रूप से विंध्य क्षेत्र में औद्योगिक उन्नति और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, जो राज्य के समग्र आर्थिक विकास को सशक्त और सुदृढ़ करेगा। कॉन्क्लेव में बिजनेस प्रमोशन सेंटर रीवा इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में व्यापारिक और औद्योगिक हितधारकों के लिए बिज़नेस प्रमोशन सेंटर की स्थापना की जा रही है, जहाँ 16 से अधिक प्रमुख सरकारी और निजी विभाग अपने उत्पादों, सेवाओं और नीतियों को प्रदर्शित करेंगे। इसका उद्देश्य व्यापार को सरल बनाने के साथ निवेशकों और उद्यमियों के बीच संवाद को बढ़ावा देना है, जिससे औद्योगिक वातावरण को सुदृढ़ किया जा सके। व्यापारिक सुगमता और औद्योगिक विकास पर ध्यान कॉन्क्लेव में एमपी इंडस्ट्रियल डेव्लपमेंट कॉरपोरेशन की प्रमुख भूमिका रहेगी, जो "ईज ऑफ डूइंग बिजनेस" के तहत व्यापारिक प्रक्रियाओं को सरल और सुगम बनाकर निवेशकों को व्यापार स्थापित करने में सहयोगी की भूमिका निभाएगा। एमपी स्टेट इलेक्ट्रॉनिक डेव्लपमेंट कॉरपोरेशन राज्य के आईटी एवं ईएसडीएम उद्योग में विकास और निवेश के अवसरों को साझा करेगा। एमएसएमई विभाग सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए अपनी योजनाओं और सहायता कार्यक्रमों की जानकारी प्रदान करेगा, जिससे इन उद्यमों का राज्य के औद्योगिक ढाँचे में और भी मजबूत योगदान हो सके। निर्यात और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को मिलेगी रफ्तार अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और निर्यात को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाने के उद्देश्य से डायरेक्टोरेट ऑफ फॉरेन ट्रेड निर्यात के अवसरों पर मार्गदर्शन प्रदान करेगा, जबकि कस्टम विभाग आयात-निर्यात प्रक्रियाओं और नियमों पर जानकारी देगा। इस दिशा में ईसीजीसी द्वारा निर्यातकों के लिए क्रेडिट बीमा और वित्तीय सेवाओं पर भी व्यापक जानकारी दी जाएगी, जिससे राज्य के निर्यातकों को वैश्विक स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करने का अवसर मिलेगा। पर्यटन और हस्तशिल्प उद्योग में निवेश के अवसर कॉन्क्लेव में मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा राज्य के पर्यटन स्थलों और उद्योग में निवेश की संभावनाओं पर विशेष जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा, हस्तशिल्प विकास निगम राज्य के हस्तशिल्प उद्योग को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से अपने उत्पादों को बाजार में लाने के नए तरीकों पर जानकारी देगा। कृषि और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के लिए सुनहरे अवसर कृषि और प्र-संस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण द्वारा कृषि उत्पादों के निर्यात के अवसरों की जानकारी दी जाएगी, जो राज्य के कृषि उद्योग के लिए अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक पहुँच को और अधिक सुगम बनायेगा। यह कॉनक्लेव कृषि और खाद्य प्र-संस्करण क्षेत्र के उद्यमियों को वैश्विक निर्यात का हिस्सा बनने का सुनहरा मौका प्रदान करेगा। बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं का समर्थन बिजनेस और उद्योग को वित्तीय सहयोग प्रदान करने के लिए यूनियन बैंक एवं फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FICCI) बैंकिंग और वित्तपोषण से संबंधित सेवाओं की जानकारी देंगे। साथ ही इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट प्रमोशन कॉउंसिल (EEPC India) द्वारा इंजीनियरिंग उत्पादों के निर्यात और संबंधित सहायता कार्यक्रमों की जानकारी दी जाएगी।   recent visitors 71

आदिवासी महिला ने पीएम मोदी के कामों के लिए अपनी खुशी और कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए 100 रुपये देने की इच्छा जताई

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति देश के अलग-अलग हिस्सों में लोगों का गहरा प्रेम देखने को मिलता है। हाल ही में ओडिशा के सुंदरगढ़ में एक खास घटना घटी, जिसने पीएम मोदी को इमोशनल कर दिया। इस घटना को देखकर खुद पीएम मोदी ने ट्वीट कर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। यह घटना इस बात का प्रतीक है कि कैसे लोग उनके कार्यों और प्रयासों को सराहते हैं। वहीं पीएम मोदी का भी यह इमोशनल रिस्पांस उनकी जनता के प्रति लगाव और कृतज्ञता को दर्शाता है। आदिवासी महिला का प्यार भरा उपहार भाजपा के सांसद बैजयंत जय पांडा ने इस घटना को साझा करते हुए बताया कि कैसे एक आदिवासी महिला ने पीएम मोदी के कामों के लिए अपनी खुशी और कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए 100 रुपये देने की इच्छा जताई। यह महिला इतनी भावुक थी कि उसने यह भेंट देने में कोई झिझक नहीं दिखाई। बैजयंत जय पांडा का ट्वीट बैजयंत जय पांडा ने 'एक्स' पर एक पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि यह घटना उस समय हुई जब वे पार्टी के सदस्यता अभियान में शामिल थे। उन्होंने लिखा, “जब मैंने महिला को बताया कि यह आवश्यक नहीं है, तब भी वह अपनी बात पर अड़ी रही। अंत में, मैंने उनकी इच्छा का सम्मान करते हुए 100 रुपये स्वीकार कर लिए। यह उस परिवर्तन का प्रतीक है, जो ओडिशा और पूरे भारत में हो रहा है।” पीएम मोदी की भावनाएं बैजयंत जय पांडा के ट्वीट और महिला की भावनाओं को देखकर पीएम मोदी भी इमोशनल हो गए। उन्होंने ट्वीट में लिखा, “इस स्नेह से मैं बहुत अभिभूत हूं। मैं हमारी नारी शक्ति को नमन करता हूं। उनका आशीर्वाद मुझे विकसित भारत के निर्माण के लिए काम करते रहने के लिए प्रेरित करता है।” यह घटना सिर्फ एक महिला के प्यार का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह दर्शाती है कि पीएम मोदी के कार्यों से लोग कितने प्रभावित हैं। यह ओडिशा और पूरे देश में हो रहे सकारात्मक बदलावों की एक झलक है।   recent visitors 87