हरियाणा में आज नई सरकार का शपथ ग्रहण, नायब सिंह सैनी लेंगे CM पद की शपथ…

चण्डीगढ़ नायब सिंह सैनी दूसरी बार आज हरियाणा के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित भाजपा के कई दिग्गज नेता इस कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं। सैनी के अलावा कई विधायकों को मंत्री पद की शपथ भी दिलाई जा सकती है। सैनी के सियासी सफर पर एक नजर डालें तो 2009 के विधानसभा चुनाव में नारायण गढ़ सीट पर उनका जमानत जब्त हो गया था। करीब 15 वर्षों के बाद वह हरियाणा की दूसरी बार कमान संभालने जा रहे हैं। नायब सिंह सैनी 54 साल के हैं। 2014 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने नारायणगढ़ सीट से ही 24,361 के अंतर से जीत हासिल की थी। वह अपने मिलनसार व्यवहार के लिए जाने जाते हैं। किस्मत ने उन्हें मुख्यमंत्री पद पर बिठा दिया है। वह पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के शिष्य भी हैं। सैनी भाजपा के लिए हरियाणा में एक ओबीसी चेहरा हैं। वह भाजपा के जाट-गैर जाट समीकरण में पूरी तरह से फिट बैठते हैं। इस चुनाव में भाजपा का यह दांव आखिरकार कामयाब रहा। उनके नेतृत्व में 90 में से 48 सीटें जीतकर अभूतपूर्व तीसरी बार सत्ता में वापसी की। खट्टर के करीबी होने के कारण उन्हें 2014-19 के खट्टर के कार्यकाल में राज्य मंत्री के रूप में नियुक्त किया गया। 2019 के लोकसभा चुनाव में सैनी ने कुरुक्षेत्र सीट पर भारी अंतर से जीत हासिल कर राष्ट्रीय राजनीति में कदम रखा। सैनी को 27 अक्टूबर 2023 को भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया। उन्होंने भाजपा के जाट चेहरा ओम प्रकाश धनखड़ की जगह ली थी। हरियाणा के अंबाला के पास एक गांव मिजापुर माजरा में 25 जनवरी, 1970 को सैनी का जन्म हुआ था। उन्होंने 1996 में आरएसएस के प्रचारक से राजनेता बने खट्टर के नीचे अपनी राजनीति शुरू की। उन्हें 2002 में भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) का अंबाला जिला सचिव नियुक्त किया गया। बाद में उन्हें अंबाला जिला अध्यक् बनाया गया। आरएसएस से जुड़े नायब सिंह की संपत्ति करोड़ों में है। उन्होंने अपनी संपत्ति का ब्योरा चुनाव आयोग में जमा कराए गए हलफनामे में दिया था। मुख्यमंत्री ने अपने चुनावी हलफनामे में अपनी चल और अचल संपत्ति क्रमशः 72.68 लाख रुपये और 4.85 करोड़ रुपये घोषित की थी। नायब सिंह सैनी के नामांकन पत्र के अनुसार, सैनी के पास 1.75 लाख रुपये नकद हैं, जबकि उनकी पत्नी के पास 1.40 लाख रुपये हैं। सैनी के पास तीन टोयोटा कारें भी हैं, जिनमें दो इनोवा कार भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री के पास अपने पैतृक गांव में कृषि भूमि का एक टुकड़ा और एक आवासीय भवन है, जबकि उनकी देनदारियां 74.82 लाख रुपये हैं। शपथ ग्रहण में शामिल होंगी पीएम बता दें कि नायब सिंह सैनी शपथ समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के शीर्ष नेतृत्व के अलावा अन्य लोग भी शामिल होंगे। सैनी (54) ने बुधवार को राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय से मुलाकात की और पंचकूला में पार्टी कार्यालय में आयोजित एक बैठक में भाजपा विधायक दल के नेता के रूप में सर्वसम्मति से चुने जाने के बाद अगली सरकार बनाने का दावा पेश किया था। बीजेपी ने 48 सीटें जीत लगाई हैट्रिक हरियाणा में पांच अक्टूबर को हुए चुनावों में भाजपा ने 90 सदस्यीय विधानसभा में 48 सीट जीतकर राज्य में ऐतिहासिक तीसरा कार्यकाल हासिल किया। वहीं कांग्रेस ने 37 सीट पर जीत दर्ज की। हरियाणा में लगातार तीसरी बार भाजपा की सरकार बनने के साथ-साथ सैनी दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। पार्टी नेताओं ने कहा कि इस बड़े कार्यक्रम में लगभग 50,000 लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। recent visitors 78

अमेरिका में साल 2024 में अब तक 512 बड़ी कंपनियां बंद हुई, भीषण वित्तीय संकट से जूझ रहा US

न्यूयॉर्क  दुनिया की सबसे बड़ी इकॉनमी वाले देश अमेरिका में छोटी कंपनियों का बुरा हाल है। रसेल 2000 इंडेक्स में शामिल कंपनियों में से 43% घाटे में चल रही हैं। यह साल 2020 की महामारी के बाद सबसे अधिक है। यह 2008 के वित्तीय संकट से भी अधिक है। तब 41 फीसदी छोटी कंपनियां घाटे में चल रही थीं। इतना ही नहीं इन कंपनियों का ब्याज के भुगतान पर भारी रकम खर्च करनी पड़ रही है। यह 2003 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है। उच्च ब्याज दरों के कारण इन कंपनियों के लिए ब्याज चुकाना भी मुश्किल हो रहा है। अमेरिका में छोटी कंपनियां ही नहीं बल्कि बड़ी कंपनियां भी मुश्किल में हैं। इस साल अब तक 512 बड़ी कंपनियां खुद को दिवालिया घोषित कर चुकी हैं। यह 2020 की महामारी के दौरान से बस 6 कम है। महामारी के दौर को हटा दिया जाए तो यह 14 साल में सबसे बड़ी संख्या है। सितंबर में जहां 59 कंपनियां दिवालिया हुईं, वहीं अगस्त में 63 कंपनियों ने खुद को बैंकरप्ट घोषित किया। सबसे ज्यादा 81 कंपनियां कंज्यूमर सेक्टर में बैंकरप्ट हुई हैं। इंडस्ट्रियल में 60 और हेल्थकेयर में 48 कंपनियां इस साल बैंकरप्ट हुई हैं। अमेरिका पर कर्ज इस बीच अमेरिका का कर्ज तेजी से बढ़ता जा रहा है। यह 35.7 ट्रिलियन डॉलर पहुंच गया है जो उसकी इकॉनम का करीब 125 फीसदी है। साल 2000 में अमेरिका पर 5.7 ट्रिलियन डॉलर का कर्ज था जो साल 2010 में 12.3 ट्रिलियन डॉलर और 2020 में 23.2 ट्रिलियन डॉलर पहुंचा था। यूएस कांग्रेस के बजट दस्तावेजों के मुताबिक अगले दशक तक देश का कर्ज 54 ट्रिलियन डॉलर पहुंचने का अनुमान है। पिछले तीन साल में ही देश का कर्ज 10 ट्रिलियन डॉलर से अधिक बढ़ चुका है। स्थिति यह हो गई है कि अमेरिका को रोज 1.8 अरब डॉलर ब्याज के भुगतान में खर्च करने पड़ रहे हैं। recent visitors 66

प्रयागराज कुंभ में नई पहल सुरक्षा, जिम्मेदारी और तकनीक का अद्भुत संगम, जो सुरक्षित और सुखद अनुभव बना देगी

प्रयागराज  भारतीय सिनेमा में कुंभ मेला का जिक्र होते ही हमारे दिमाग में सबसे पहले वही क्लासिक कहानियां आती हैं, जहां भाई-भाई, मां-बेटा या प्रेमी-प्रेमिका भीड़ में एक-दूसरे से बिछड़ जाते थे। यह बिछड़ने का दृश्य बॉलीवुड की कई पुरानी फिल्मों में बड़े भावनात्मक मोड़ के रूप में इस्तेमाल किया जाता रहा है। योगी सरकार ‘फिल्मी महाकुंभ’ में लोगों के खोने और फिर सालों बाद मिलने की इस धारणा को तोड़ने की पूरी तैयारी कर ली है। अब कुंभ मेले में हर व्यक्ति का ध्यान रखा जाएगा, कोई भी अब अपनों से नहीं बिछड़ेगा और ऐसा हुआ भी तो वह जल्द से जल्द अपने परिवार से मिल सकेगा। प्रयागराज मेला प्राधिकरण और पुलिस विभाग ने मिलकर इस बार के महाकुंभ मेले में एक उच्च तकनीक से युक्त खोया-पाया पंजीकरण प्रणाली से तीर्थयात्रियों को सुरक्षित करेगा। यह नई पहल सुरक्षा, जिम्मेदारी और तकनीक का अद्भुत संगम है, जो महाकुंभ मेला को सुरक्षित और सुखद अनुभव बना देगी। योगी सरकार की पहल अब उस ‘फिल्मी ड्रामे’ को हकीकत से दूर ले जाकर सुरक्षा और पुनर्मिलन की नई कहानी लिखने को तैयार है। कुंभ मेले में आने वाले करोड़ों तीर्थयात्रियों को अब भीड़ में खोने का डर नहीं रहेगा, क्योंकि सरकार की यह नई प्रणाली खोए हुए तीर्थयात्रियों को सुरक्षित और शीघ्र उनके परिजनों से मिलाने का भरोसा देगी। अब नहीं होंगे ‘कुंभ के मेले में बिछड़ने’ वाले दृश्य भारतीय सिनेमा में कुंभ मेले की भीड़ से अलग हुए लोगों की कहानियां एक स्थायी कथानक रही हैं। फिल्मों में गंभीर संवाद हो या हास्य, कहीं न कहीं कुंभ मेले में बिछड़ने वाले डायलॉग सुनने को मिल ही जाते हैं। चाहे वो 1943 में आई फिल्म ‘तकदीर’ हो या 70 के दशक में आई फिल्म ‘मेला’। इनमें भाइयों का मेले में बिछड़ने की कहानी सिनेमा के पर्दे पर वर्षों तक दर्शकों के दिलों में गहरी छाप छोड़ी। इन कहानियों का मुख्य आधार यही था कि भीड़ में खो जाने के बाद, अपने प्रियजनों को खोज पाना लगभग असंभव होता था। लेकिन अब इस हाई-टेक खोया-पाया केंद्र की बदौलत, महाकुंभ मेले में ऐसा ‘फिल्मी’ बिछड़ने वाला दृश्य शायद ही देखने को मिले। इन केंद्रों में खोए हुए व्यक्तियों का डिजिटल पंजीकरण होगा, जिससे उनके परिवार या मित्र आसानी से उन्हें खोज सकेंगे। साथ ही सभी लापता व्यक्तियों के लिए केंद्रों पर उद्घोषणा की जायेगी। पहले जहां एक मेला कई परिवारों के लिए बिछड़ने और असहाय खोज की दुखभरी गाथा लेकर आता था, अब वही मेला उनके पुनर्मिलन की एक नई कहानी लिखने जा रहा है। तकनीक के साथ नई कहानी महाकुंभ 2025 में शामिल होने वाले तीर्थयात्रियों के लिए सरकार ने ऐसे डिजिटल खोया-पाया केंद्रों की स्थापना करेगा जो खोए हुए व्यक्तियों को उनके परिजनों से मिलाने के लिए तकनीक का सहारा लेते हैं। इसमें हर खोए हुए व्यक्ति का पंजीकरण तुरंत किया जाएगा और उसकी जानकारी को अन्य केंद्रों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे फेसबुक और एक्स (पहले ट्वीटर) पर भी प्रसारित किया जाएगा। यह व्यवस्था महाकुंभ मेले को न केवल सुरक्षित बनाएगी, बल्कि परिवारों को जल्दी और आसानी से अपने प्रियजनों से जोड़ने का काम करेगी। जहां फिल्मी कहानियों में खोए हुए व्यक्तियों को ढूंढने में सालों लग जाते थे, वहीं अब 12 घंटे के भीतर अगर कोई अपने खोए हुए सदस्य का दावा नहीं करता है, तो पुलिस हस्तक्षेप करके उन्हें सुरक्षित ठिकाने तक पहुंचाएगी। इससे यह सुनिश्चित होगा कि कोई भी व्यक्ति लंबे समय तक खोया हुआ महसूस न करे, और वह जल्द से जल्द अपने परिवार से मिल सके। तीर्थयात्रियों के लिए नई सुरक्षा व्यवस्था पुरानी फिल्मों में, कुंभ मेले में बिछड़ने के बाद अक्सर परिवारों का मिलन संयोग पर आधारित होता था—किसी चमत्कार या किस्मत के भरोसे। लेकिन अब योगी सरकार की इस नई पहल के तहत हर खोए हुए व्यक्ति की पहचान और सुरक्षा की जिम्मेदारी खोया-पाया केंद्र और पुलिस की होगी। खासतौर पर बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। किसी भी वयस्क को बच्चे या महिला का दावा करने पर पहले उनकी पहचान की पुष्टि करनी होगी। अगर कोई संदेह होता है तो तत्काल पुलिस को सूचित किया जाएगा ताकि बच्चा या महिला सुरक्षित हाथों में जाए। यह व्यवस्था उन फिल्मी कहानियों को पूरी तरह बदल देती है, जहां खोए हुए बच्चे को गलत हाथों में सौंप दिया जाता था और उसके जीवन में नाटकीय बदलाव आते थे। पहचान प्रमाणित करने पर ही प्रशासन सौंपेगा खोया व्यक्ति अब, जब कोई व्यक्ति कुंभ मेले में खोता है तो उसे सुरक्षित, व्यवस्थित और जिम्मेदार प्रणाली के तहत उसका ख्याल रखा जाएगा। किसी भी वयस्क को बच्चे या महिला को ले जाने से पहले सुनिश्चित करना होगा कि वह उसे पहचानते हैं और उनकी पहचान प्रमाणित है। इससे पहले की कहानियों में जहां बिछड़ने का दर्द और फिर मिलने की खुशी का एक लंबा सफर होता था, अब सरकार की इस पहल ने इस प्रक्रिया को सरल, तेज और सुरक्षित बना दिया है।   recent visitors 54

सिंहस्थ के लिए शिप्रा नदी किनारे 29.21 किलोमीटर घाट बनेंगे, बांध निर्माण आदि को मिली मंजूरी

उज्जैन  महाकुंभ सिंहस्थ-2028 से पहले ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर के नवविस्तारित क्षेत्र श्री महाकाल महालोक में स्थापित फाइबर-रिइंफोर्स्ड प्लास्टिक की मूर्तियां हटाकर पाषाण की मूर्तियां स्थापित की जाएंगी। सिंहस्थ के लिए गठित मंत्री मंडल समिति ने इस काम के लिए 75 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। साथ ही उज्जैन से इंदौर जाने के लिए एक और फोरलेन बनाने सहित चार हजार करोड़ रुपये के विभिन्न प्रोजेक्ट को हरी झंडी दी है। कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में बनी समिति ने शिप्रा नदी किनारे 29.21 किलोमीटर घाट बनाने को 779 करोड़ की योजना, शिप्रा नदी को शिप्रा के ही जल से प्रवाहमान रखने को 614 करोड़ रुपये की सिलारखेड़ी-सेवरखेड़ी बांध निर्माण योजना, कान्ह नदी पर साढ़े 43 करोड़ रुपये की 11 बैराजों के निर्माण की योजना, उज्जैन शहर में 198 करोड़ रुपये से सीवरेज पाइपलाइन बिछाने की योजना, उच्चदाब विद्युत उपकेंद्र बनाने एवं भूमिगत केबल बिछाने को 345 करोड़ रुपये की योजना स्वीकृत की है। सिंहस्थ क्षेत्र में दो नए फोरलेन का प्रस्ताव भी मंजूर इसके अलावा 36 करोड़ रुपये से सिंहस्थ क्षेत्र में दो नए फोरलेन बनाने का प्रस्ताव भी स्वीकृत किया है। एक फोरलेन खाकचौक से वीरसावरकर चौराहा, गढ़कालिका होकर भर्तृहरि गुफा तक बनाया जाएगा और दूसरा फोरलेन कार्तिक मेला मैदान से दत्त अखाड़ा, भूखी माता मंदिर, उजड़खेड़ा हुनमान मंदिर से बड़नगर मार्ग तक बनाया जाएगा। समिति ने उज्जैन से इंदौर जाने को एक नया फोरलेन बनाने को 950 करोड़ की योजना भी स्वीकृत की है। ये मार्ग उज्जैन के चिंतामन गणेश मंदिर मार्ग जुड़कर चंद्रावतीगंज, अजनोद, खजूरिया, हातोद, गांधी नगर के रास्ते इंदौर एयरपोर्ट तक बनेगा। लंबाई 65 किलोमीटर होगी। 25 करोड़ रुपये से कुंभ संग्रहालय सह कालगणना शोध केंद्र बनाया जाएगा। इसके लिए अभी जमीन चयनित की जाना है। इंतजार अब कैबिनेट से मंजूरी मिलने का है। मंजूरी मिलते ही ठेकेदार चयन के लिए निविदा प्रक्रिया की जाएगी। पाषण की मूर्तियों का निर्माण जारी महाकाल महालोक में स्थापित करने को विक्रम कीर्ति मंदिर परिसर में भगवान शिव की और जिला पंचायत के संभागीय हाट बाजार परिसर में सप्त ऋषि की मूर्तियों का निर्माण हो रहा है। दो मूर्तियां छह माह में आकार भी ले चुकी हैं। पिछले साल गिर गई थी मूर्तियां पिछले साल तेज हवा चलने पर महाकाल महालोक में स्थापित फाइबर-रिइंफोर्स्ड प्लास्टिक से बनी सप्त ऋषियों की छह मूर्तियां गिरकर खंडित हो गई थी। तब भाजपा ने कहा था कि फाइबर की मूर्तियां लगाने की योजना कांग्रेस की कमलनाथ सरकार की थी। भाजपा शास्त्र सम्मत पाषाण की मूर्तियां स्थापित करेगी। इस घटना के कुछ महीने बाद सरकार ने ताबड़तोड़ नई फाइबर की मूर्तियां स्थापित कराई थी। इसी साल गुड़ी पड़वा के बाद पत्थर की नई मूर्तियों का निर्माण भी शुरू कराया। recent visitors 177

Diwali से पहले ठंड की दस्तक, Uttar Pradesh में सर्दियों की तैयारी शुरू

लखनऊ/ नईदिल्ली  उत्तर प्रदेश में धीरे-धीरे मौसम करवट बदल रहा है। दिवाली से पहले प्रदेश में करीब-करीब मौसम पूरी तरह से बदलने के आसार जताए गए हैं। हालांकि दिन की तुलना में रात के समय मौसम पूरी तरह से बदल चुका है। रात के समय तापमान में धीरे-धीरे कमी आने के चलते हल्की-हल्की ठंड पड़ने लगी है। आलम ये है कि अभी तक जो लोग एसी चलाकर काम चला रहे थे। वो अब पंखा चलाकर ही काम चला ले रहे हैं। दिन में धूप में निकलने से गर्मी हो रही है। प्रदेश में अभी कुछ दिन तक मौसम जस का तस बना रह सकता है। प्रदेश में अगले 24 घंटे के दौरान कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। क्योंकि मौसम विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में 16 अक्टूबर को पश्चिमी व पूर्वी यूपी में मौसम शुष्क रह सकता है। जिसके कारण प्रदेश में कहीं भी बारिश होने की चेतावनी नहीं है। इसी तरह करीब एक हफ्ते तक प्रदेश में कहीं भी किसी तरह की चेतावनी नहीं जारी हुई है। प्रदेश के दोनों हिस्सों में मौसम साफ रहने वाला है। हालांकि तापमान में जरूर उतार चढ़ाव देखने को मिल सकता है। मौसम वैज्ञानिकों का भी मानना है कि जैसे जैसे दिन गुजरेंगे, वैसे वैसे तापमान में कमी देखने को मिल सकती है। आने वाले दिनों में रात के समय धीरे धीरे ठंड बढ़ सकती है। कई जिलों में तापमान 20 से नीचे प्रदेश में तापमान की बात करें तो कई जिलों में न्यूनतम तापमान में गिरावट देखने को मिली है। मेरठ, मुजफ्फरनगर, नजीबाबाद, शाहजहांपुर और बरेली समेत कई जिलों में न्यूनतम तापमान 20 डिग्री से नीचे आ गया है। नजीबाबाद में सबसे कम 18 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रिकार्ड किया गया है, जबकि मुजफ्फरनगर में 18.6 डिग्री, बरेली में 18.9 डिग्री, मेरठ में 19 डिग्री, शाहजहांपुर में 19.6 डिग्री और अलीगढ़ में 19.8 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया है। उधर हमीरपुर और बस्ती में अधिकतम तापमान 30 डिग्री के नीचे लुढ़क गया है। बस्ती में 29 डिग्री और हमीरपुर में 29.2 डिग्री अधिकतम तापमान दर्ज किया गया है। कुछ जिलों को छोड़कर बाकी सभी जिलों में अधिकतम तापमान 35 डिग्री से नीचे है। लखनऊ में बुधवार को दिन में धूप निकलने के बाद गर्मी और उमस का असर दिखने की उम्मीद है। recent visitors 92

2521 करोड़ रुपए की लैब में चीन शुरू करेगा प्रयोग, ब्रह्मांड को चलाने वाले रहस्यमयी कण की होगी टेस्टिंग

बीजिंग ये शब्द दिमाग में आते ही सबसे पहले याद आती है साल 2009 में आई हॉलीवुड फिल्म 2012. एक साइंस फिक्शन जिसे रोलैंड एमरिच ने निर्देशित किया था. दुनिया न्यूट्रीनो की मात्रा बढ़ने की वजह से कई तरह की प्राकृतिक आपदाओं का सामना कर रही थी. लीड कैरेक्टर यानी हीरो जॉन क्यूसेक अपने परिवार को बचाने के लिए चीन पहुंचता है. अब असली कहानी … चीन अपने गुआंगडॉन्ग प्रांत के जियांगमेन शहर में जमीन से 700 मीटर नीचे यानी 2300 फीट नीचे नया प्रयोग करने जा रहा है. यह जियांगमेन अंडरग्राउंड न्यूट्रीनो ऑब्जरवेटरी (JUNO) बनाई गई है. जिसमें ब्रह्मांड में पाए जाने वाले सबसे रहस्यमयी कण न्यूट्रीनो की खोज की जाएगी. उनके व्यवहार और सक्रियता के असर की स्टडी की जाएगी. JUNO में जमीन के 2300 फीट नीचे एक बड़ा गोला बना है. जिसमें हजारों लाइट-डिटेक्टिंग ट्यूब्स हैं. इस गोले और ट्यूब्स को 12 मंजिला ऊंचे सिलेंडर जैसी जगह के अंदर रखा गया है. जिसमें पानी भरा है. इस ऑब्जरवेटरी को बनाने में 300 मिलियन डॉलर्स यानी 2521 करोड़ रुपए से ज्यादा लगे हैं. जल्द ही लैब में प्रयोग शुरू होंगे. पहले जानते हैं क्या होते हैं न्यूट्रीनो? हम आपको यहां पर पार्टिकल फिजिक्स नहीं बताएंगे. सामान्य भाषा में समझाते हैं. पिछले साल लार्ज हैड्रन कोलाइडर में वैज्ञानिकों को दुनिया का सबसे ताकतवर और भूतिया कण Neutrinos मिला था. जब किसी परमाणु का केंद्र टूटता या किसी अन्य से जुड़ता है, तब न्यूट्रिनो निकलते हैं. न्यूट्रीनों ही ब्रह्मांड को चलाते हैं. माना जाता है कि इनसे ही ब्रह्मांड की उत्पत्ति हुई है. यह एक सबएटॉमिक कण है, जो दिखता नहीं. फोटोन के बाद ब्रह्मांड में इनकी संख्या सबसे ज्यादा है. लेकिन इन कणों में कोई इलेक्ट्रिक चार्ज नहीं होता. जिस समय आप यह स्टोरी पढ़ रहे होंगे, आपके शरीर से अरबों-खरबों न्यूट्रिनो आरपार आ-जा रहे होंगे. न्यूट्रिनो का वजन लगभग कुछ नहीं होता. यानी एकदम जीरो. ये आमतौर पर न्यूक्लियर फ्यूजन के समय निकलते हैं. इनके पैदा होने के लिए तारे, ग्रह और सुपरनोवा विस्फोट भी जिम्मेदार हैं. इनसे ग्रहों की ग्रैविटी पर असर पड़ता है. जब न्यूट्रिनो आपस में टकराते हैं तो तेज रोशनी पैदा करते हैं. चीन इनके साथ क्या करने वाला है? चीन अपने JUNO लैब में सबसे हल्के और भारी न्यूट्रीनो की खोज करेगा. ब्रह्मांड कैसे बना ये पता करेगा. इस लैब में सिर्फ चीन के ही वैज्ञानिक नहीं बल्कि पूरी दुनिया के वैज्ञानिक काम करने आने वाले हैं. ये लैब दो गुआंगडॉन्ग न्यूक्लियर पावर प्लांट्स के पास है. यहां यह लैब छह साल तक पावर प्लांट की वजह से निकलने वाले न्यूट्रीनो की स्टडी करेगा. इसके लिए वह यूरेनियम और थोरियम के रेडियोएक्टिव डिके की स्टडी भी कर सकता है. उम्मीद है कि अगले साल के दूसरे हिस्से में JUNO अपना काम करना शुरू कर देगा. यह अमेरिका में डीप अंडरग्राउंड न्यूट्रीनो एक्सपेरीमेंट (DUNE) से कई गुना बड़ा है. ड्यून को ऑनलाइन आने में अभी छह साल का समय लगेगा. ड्यून को फर्मीलैब और एलबीएनएफ मिलकर संचालित कर रहे हैं. recent visitors 73

भारत खालिस्तान समर्थक भारतीय मूल केकानाडाई नागरिकों के OCI रद्द कर, संपत्ति के अधिकार को खत्म कर सकता है

नई दिल्ली भारत और कनाडा के बीच तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। अब कनाडा ने भारत के खिलाफ संभावित प्रतिबंधों के संकेत दिए हैं। इधर, भारत ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। हाल ही में कनाडा ने एक मामले की जांच में कनाडा में भारतीय उच्चायुक्त रहे संजय कुमार वर्मा को 'पर्सन ऑफ इंटरेस्ट' बनाया था। इसका मतलब ऐसे व्यक्ति से होता है, जो संदिग्ध है, लेकिन अब तक गिरफ्तार नहीं किया गया है। दोनों ही देशों ने 6-6 राजनयिकों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। दोनों देशों में तनाव बढ़ने के बीच कनाडा की विदेश मंत्री मेलानी जोली ने भारत के खिलाफ पाबंदी लगाने की संभावना को खारिज नहीं किया और कहा कि ‘सभी विकल्प विचाराधीन हैं’। भारत ऐसे दे सकता है जवाब  रिपोर्ट के अनुसार, फिलहाल, कनाडा में लाखों भारतीय छात्र हैं। अगर भारत ने छात्रों पर कनाडा में शिक्षा लेने पर रोक लगा दी, तो इसका गहरा असर हो सकता है। यह फैसला कनाडा के शिक्षा से जुड़ी आर्थिक व्यवस्था पर गहरी चोट दे सकता है। इसके अलावा भारत खालिस्तान समर्थक भारतीय मूल के सभी कानाडाई नागरिकों के OCI यानी ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया कार्ड रद्द कर सकता है। इनके साथ भारत खालिस्तान समर्थकों के संपत्ति के अधिकार को खत्म कर सकता है। साथ ही वह नए वीजा में देरी और गहनता से जांच करना बढ़ा सकता है। ऐसे में खालिस्तान समर्थकों पर दबाव पड़ सकता है। भारत भारतीय मूल के ऐसे कनाडाई नागरिकों के मल्टिपल एंट्री वीजा पर भी रोक लगा सकता है। अगर यह फैसला लिया जाता है, तो असर भारतीय कनाडाई समुदाय पर पड़ सकता है। इससे कनाडा की स्थानीय राजनीति पर भी असर हो सकता है। कनाडा को जवाब में भारत भी व्यापार स्तर पर प्रतिबंध लगा सकता है। टॉप 10 ट्रेडिंग पार्टनर होने के नाते भारत कनाडा की अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकता है। साथ ही भारत में निवेश वाले कनाडा के आर्थिक संस्थानों और पेंशन फंड को फ्रीज कर सकता है। कनाडा की पुलिस ने लगाए थे ये आरोप कनाडा की सार्वजनिक प्रसारणकर्ता कनाडियन ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन (सीबीसी) की रिपोर्ट के अनुसार, देश के राष्ट्रीय पुलिस बल रॉयल कनाडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) के प्रमुख ने भारत के संदर्भ में चौंकाने वाले आरोप लगाए कि भारत सरकार के एजेंट कनाडा में हत्याओं सहित ‘व्यापक हिंसा’ में भूमिका निभा रहे हैं और चेतावनी दी थी कि इससे ‘देश की सार्वजनिक सुरक्षा को गंभीर खतरा’ है। उन्होंने आरोप लगाया, ‘इनमें गोपनीय सूचना जुटाने की तकनीक, दक्षिण एशियाई कनाडाई लोगों को निशाना बनाकर उनके साथ दंडात्मक व्यवहार करना और हत्या सहित एक दर्जन से अधिक धमकी भरे और हिंसक कृत्यों में संलिप्तता शामिल है।’ कनाडा के प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के साथ काम करने के उनकी सरकार के प्रयास के कोई परिणाम नहीं निकले। उन्होंने कहा, ‘इसलिए, इस सप्ताहांत, कनाडाई अधिकारियों ने एक असाधारण कदम उठाया। उन्होंने आरसीएमपी के उन साक्ष्यों को साझा करने के लिए भारतीय अधिकारियों से मुलाकात की, जिनके आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया कि भारत सरकार के छह एजेंट आपराधिक गतिविधियों में शामिल व्यक्ति हैं।’ RCMP ने आरोप लगाया है कि बिश्नोई गिरोह के तार भारत सरकार के उन ‘एजेंटों’ से जुड़े हैं, जो देश में दक्षिण एशियाई समुदाय, विशेष रूप से ‘खालिस्तान समर्थक तत्वों’ को निशाना बना रहे हैं। भारत सरकार के सूत्रों ने कहा कि कनाडाई अधिकारियों का यह दावा सच नहीं है कि कनाडा ने निज्जर मामले में भारत को प्रामाणिक सबूत दिए हैं। recent visitors 85