‘प्लानिंग’ में 20 साल पीछे है भोपाल, नए सिरे से बनेगा भोपाल का मास्टर प्लान …

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के अलावा इंदौर और जबलपुर का मास्टर प्लान भी नए सिरे से तैयार किया जा रहा है। इसमें ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट (टीडीआर) यानी हस्तांतरणीय विकास अधिकार, 24 मीटर की सड़कों की नीति, शहरों में हरियाली बढ़ाने और हाईराइज भवनों पर विशेष ध्यान दिया गया है। शहर के फैलाव को रोकने का प्रयास करने के साथ ही निकायों को सड़क, बिजली और पानी सहित कई सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए ज्यादा धनराशि भी खर्च न करनी पड़े, इसका भी ध्यान रखा जा रहा है। वर्षों से अटके हैं प्रस्ताव बता दें, जबलपुर और इंदौर का मास्टर प्लान वर्ष 2041 तक के लिए और भोपाल का वर्ष 2047 तक के लिए तैयार किया जा रहा है। यह भोपाल और इंदौर का तीसरा, जबकि जबलपुर का चौथा मास्टर प्लान होगा। इससे पहले कई संशोधनों के चलते भोपाल का मास्टर प्लान 19 वर्ष और जबलपुर व इंदौर का तीन वर्ष से अटका हुआ है। धारा 16 में कॉलोनी की अनुमति भोपाल, इंदौर और जबलपुर में जब तक मास्टर प्लान लागू नहीं हुआ, तब तक धारा 16 के तहत कॉलोनी विकसित करने की अनुमति दी जा रही थी। जिला स्तर पर नगर और ग्राम निवेश के ज्वाइंट डायरेक्टर को धारा 16 के तहत अनुमति देने का अधिकार था, लेकिन सरकार ने सात माह पहले इसे बदल दिया। यह अधिकार नगर तथा ग्राम निवेश के आयुक्त को दे दिया गया है। प्रदेश में कालोनाइजरों के 40 से अधिक आवेदन लंबित हैं। सड़कों को जोड़ने पर विशेष फोकस भोपाल और इंदौर के मास्टर प्लान में मेट्रोपोलिटिन रीजन प्लान को भी शामिल किया जाएगा। इसके तहत भोपाल में सीहोर, मंडीदीप, औबेदुल्लागंज, बंगरसिया को मास्टर प्लान में शामिल किया जाएगा। जबकि इंदौर के मास्टर प्लान में पीथमपुर, देवास और उज्जैन को भी शामिल किया जाएगा। सड़कों को जोड़ने पर विशेष फोकस किया जाएगा। यह है नए मास्टर प्लान का ड्राफ्ट नए सिरे से तैयार हो रहे प्लान के तहत कॉलोनाइजर को कॉलोनी काटने पर करीब एक तिहाई हिस्से में हरियाली तैयार करनी होगी। इसके अलावा रोड के दोनों तरफ और कॉलोनी के बाउंड्रीवाल के चारों तरफ पौधारोपण करना होगा। कॉलोनी में अंडरग्राउंड वायरिंग का भी प्रविधान किया जाएगा, जिससे पेड़ों की कटाई न करना पड़े। आईटी पार्क के लिए तैयार किया जाएगा बाजार शहरों में मिश्रित भूमि उपयोग को शामिल किया जाएगा। मुख्य मार्गों के बीच में व्यवसायिक क्षेत्र के लिए जगह तय की जाएगी। इसके अलावा दो से तीन किमी के बीच में बिना प्रदूषण वाला औद्योगिक क्षेत्र तय होगा। इससे शहर के लोगों को रोजगार मिलेगा। आइटी पार्क के लिए अलग ही बाजार तैयार किया जाएगा, जहां इससे जुड़ी सुविधाएं देना कॉलोनाइजर की जिम्मेदारी होगी। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने बताया कि भोपाल, इंदौर और जबलपुर के मास्टर प्लान के नए सिरे से बनाए जा रहे ड्राफ्ट में सरकार द्वारा लागू नीतियों को शामिल किया जा रहा है। पर्यावरण, हरियाली और हाईराइज भवनों के प्रविधान के साथ ही मेट्रोपोलिटन रीजन प्लान को भी शामिल किया जाएगा। recent visitors 62

ओरछा की समृद्ध विरासत व धरोहर को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मिलेगी पहचान- प्रमुख सचिव श्री शुक्ला

भोपाल यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में ओरछा के ऐतिहासिक समूह को नामांकित कराने के लिये म.प्र. टूरिज्म बोर्ड द्वारा तैयार कराये गए डोजियर (संकलित दस्तावेज) को केंद्र सरकार ने यूनेस्को की विश्व धरोहर कमेटी को सौंप दिया है। वर्ष 2027-28 के लिये केंद्र द्वारा ओरछा के ऐतिहासिक समूह को विश्व धरोहर स्थल घोषित करने हेतु अनुशंसा की है। पेरिस स्थित यूनेस्को कार्यालय में भारतीय राजदूत श्री विशाल वी शर्मा ने यूनेस्को विश्व विरासत केंद्र के निदेशक श्री लाज़ारे एलौंडौ असोमो को ओरछा का डोजियर सौंपा है। यूनेस्को की आधिकारिक घोषणा के बाद ओरछा देश की ऐसी एकमात्र विश्व धरोहर स्थली होगी, जो राज्य संरक्षित है। प्रमुख सचिव पर्य़टन एवं संस्कृति और प्रबंध संचालक म.प्र. टूरिज्म बोर्ड श्री शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में प्रदेश की ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित करने और पर्यटकों के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के सतत प्रयास किये जा रहे है। प्रमुख सचिव श्री शुक्ला ने यूनेस्को द्वारा डोजियर को स्वीकार किए जाने पर हर्ष जताते हुए कहा कि, यह प्रदेश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों के लिए एक गौरवपूर्ण उपलब्धि है। ओरछा अपनी अद्वितीय स्थापत्य शैली और समृद्ध ऐतिहासिक महत्व के लिए जाना जाता है। विश्व धरोहर सूची में नामांकित होने से ओरछा की ऐतिहासिक धरोहरों की वैश्विक पहचान को और मजबूती मिलेगी। साथ ही ओरछा अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण केंद्र बनेगा। उल्लेखनीय है कि प्रतिवर्ष केंद्र सरकार देश की एक धरोहर को यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में नामांकित कराने के लिए यूनेस्को (यूनाइटेड नेशंस एजुकेशनल, साइंटिफिक एंड कल्चरल आर्गेनाइजेशन) को अनुशंसा करती हैं। यूनेस्को की विश्व धरोहर की सूची में प्रदेश के 14 स्थल शामिल है। खजुराहों के मंदिर समूह, भीमबेटका की गुफाएं एवं सांची स्तूप यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल स्थायी सूची में शामिल है। यूनेस्को की टेंटेटिव सूची में ग्वालियर किला, बुरहानपुर का खूनी भंडारा, चंबल घाटी के शैल कला स्थल, भोजपुर का भोजेश्वर महादेव मंदिर, मंडला स्थित रामनगर के गोंड स्मारक, धमनार का ऐतिहासिक समूह, मांडू में स्मारकों का समूह, ओरछा का ऐतिहासिक समूह, नर्मदा घाटी में भेड़ाघाट-लमेटाघाट, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व और चंदेरी शामिल है। पिछले 5 वर्षों के सतत प्रयासों से मिली सफलता म.प्र. टूरिज्म बोर्ड द्वारा ओरछा और भेड़ाघाट को यूनेस्को की टेंटेटिव सूची में शामिल कराने के लिए क्रमशः वर्ष 2019 एवं 2021 में प्रस्ताव तैयार कराया गया था। जिसको भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ए.एस.आई.) द्वारा योग्य मानते हुए यूनेस्को के विश्व धरोहर अनुभाग को अग्रेषित किया और फिर टेंटेटिव लिस्ट में सम्मिलित करने की घोषणा की गई थी। घोषणा के बाद टूरिज्म बोर्ड द्वारा विशेषज्ञ संस्थाओं के सहयोग से ओरछा, मांडू, भेड़ाघाट के डोजियर तैयार कर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण को भेजा गया। संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार ने प्रारंभिक निरीक्षण कर ओरछा का डोजियर अनुशंसा कर यूनेस्को के विश्व धरोहर अनुभाग को सौंपा गया। मानवता की साझा विरासत में योगदान भारतीय राजदूत श्री विशाल वी शर्मा ने यूनेस्को विश्व विरासत केंद्र के निदेशक श्री लाज़ारे एलौंडौ असोमो को डोजियर सौंपते हुए कहा कि, विश्व धरोहर समिति की वर्ष 2027-2028 की बैठक में विचार के लिये मध्यप्रदेश में ओरछा के ऐतिहासिक समूह के नामांकन डोजियर प्रस्तुत करना बहुत सम्मान की बात है। उन्होंने सांस्कृतिक मंत्रालय, भारत सरकार, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, मध्यप्रदेश राज्य सरकार और उनके अधिकारियों को उनके उत्कृष्ट समन्वय और इस नामांकन डोजियर को समय पर प्रस्तुतिकरण के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि ओरछा का ऐतिहासिक समूह भारत की समृद्ध सांस्कृतिक ओर स्थापत्य विरासत को प्रदर्शित करता है। ओरछा के नामांकन डोजियर को प्रस्तुत करके हम मानवता की साझा विरासत में योगदान करने और इसके अद्वितीय सांस्कृतिक महत्व की वैश्विक मान्यता को बढ़ावा देने की आशा करते है। उन्होंने यूनेस्को की सराहना करते हुए विश्व धरोहर समिति से ओरछा के डोजियर पर सकारात्मक विचार करने की आशा की है। ओरछा को यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट के रूप में नामांकित होने पर होने वाले प्रमुख फायदे यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर का दर्जा मिलने से ओरछा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख सांस्कृतिक और ऐतिहासिक स्थल के रूप में मान्यता मिलेगी। नामांकन के बाद अंतरराष्ट्रीय और घरेलू पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। पर्यटन के विकास से स्थानीय समुदाय के लिए रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट बनने पर ओरछा को विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संगठनों और संस्थाओं से संरक्षण और विकास के लिए सहयोग मिल सकेगा। स्थानीय शिल्प, हस्तकला और अन्य सांस्कृतिक उत्पादों का प्रचार-प्रसार बढ़ेगा, जिससे उन्हें राष्ट्रीय और  अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट बनने से ओरछा पर शिक्षा, शोध और अध्ययन के नए अवसर खुलेंगे, जिससे इतिहासकारों और शोधकर्ताओं का ध्यान आकर्षित होगा। यूनेस्को की मान्यता से ओरछा में स्थायी और पर्यावरण संवेदनशील पर्यटन विकास को बढ़ावा मिलेगा, जिससे लंबे समय तक पर्यटन की संभावनाओं को मजबूती मिलेगी।   recent visitors 110

केंद्रीय कैबिनेट ने लिया बड़ा फैसला, डीए में 3 प्रतिशत बढ़ोतरी का ऐलान

नई दिल्ली केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशन धारकों को सरकार की ओर से दीपावली का तोहफा मिलने जा रहा है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को हुई अपनी बैठक के दौरान महंगाई भत्ते और महंगाई राहत में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी को अपनी मंजूरी दे दी है। इस बढ़ोतरी के बाद डीए मूल वेतन का 50 प्रतिशत से बढ़कर 53 प्रतिशत हो गया है। केंद्र सरकार के इस फैसले का लाखों सरकारी कर्मचारियों को फायदा मिलेगा। महंगाई भत्ते की गणना अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर की जाती है। डीए को लेकर हर 6 महीने में संशोधन होता है। महंगाई राहत सेवानिवृत्त केंद्र सरकार के कर्मचारियों को दी जाती है। डीए में बढ़ोतरी के बाद जनवरी और जुलाई में एडजस्टमेंट प्रभावी होता है। डीए को लेकर मार्च और सितंबर में घोषणा की जाती है। जनवरी में डीए में बढ़ोतरी की घोषणा मार्च तक जाती है। इसी तरह जुलाई में डीए में बढ़ोतरी की घोषणा दीपावली तक जाती है। तीन प्रतिशत डीए बढ़ोतरी के बाद एंट्री लेवल सरकारी कर्मचारी के मूल वेतन में मासिक आधार पर 540 रुपये की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। सरकार के इस फैसले से करीब एक करोड़ केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशन धारकों को राहत मिलेगी। कर्मचारियों को जुलाई, अगस्त और सितंबर का एरियर मिलने की भी उम्मीद की जा रही है। 9 अक्टूबर को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक के बाद डीए में बढ़ोतरी की उम्मीद की जा रही थी। हालांकि, केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशन धारकों को इस संशोधन के लिए कुछ लंबा इंतजार करना पड़ा। इसके अलावा, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बुधवार को घोषणा की कि दीपावली और त्योहारी सीजन से पहले राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (डीए) में 4% की बढ़ोतरी की जाएगी। जिससे यह मूल वेतन का 50% हो जाएगा। यह वृद्धि 1 अक्टूबर से लागू होगी। recent visitors 54

नई सरकार के शपथ ग्रहण से पहले सैनी ने रोजगार को लेकर बड़ा ऐलान कर दिया, कहा- पहले रोजगार फिर शपथ ग्रहण

हरियाणा हरिणाया में एक बार फिर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ही सत्ता की बागडोर थामेंगे। सौनी को सर्वसम्मति से हरियाणा में भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया। अब हरियाणा में नई सरकार के शपथ ग्रहण से पहले सैनी ने रोजगार को लेकर बड़ा ऐलान कर दिया है। उन्होंने कहा कि पहले 24 हजार युवाओं को नौकरी देंगे उसके बाद शपथ ग्रहण करेंगे। नायब सिंह सैनी ने एक्स पर पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें उन्होंने कहा, "मैंने संकल्प लिया था शपथ बाद में लूंगा पहले 24 हजार युवाओं को ज्वाइनिंग दूंगा। वादे को पूरा करते हुए कल नतीजे घोषित किए जाएंगे। भाजपा जो कहती है वो करती है।" सैनी पेश किया सरकार बनाने का दावा नायब सिंह सैनी ने बुधवार को हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय से राजभवन में मुलाकात की और राज्य में अगली सरकार बनाने का दावा पेश किया। इससे कुछ घंटे पहले ही पंचकूला में हुई बैठक में सैनी को सर्वसम्मति से हरियाणा में भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया था। इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव भी पार्टी के केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में शामिल हुए। नवनिर्वाचित विधायकों कृष्ण कुमार बेदी और अनिल विज ने सैनी के नाम का प्रस्ताव दिया था। राज्य की 90 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा को 48 सीट पर जीत मिली है जबकि कांग्रेस ने 37 सीट प्राप्त की हैं। सैनी गुरुवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी शामिल होंगे। विधायक दल का नेता चुने जाने पर क्या बोले सैनी हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने बुधवार को विधायक दल का नेता चुने जाने पर पार्टी के नेताओं और प्रदेश की जनता का आभार व्यक्त किया है। सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कुशल मार्गदर्शन, राष्ट्रीय नेतृत्व का निरंतर प्रोत्साहन और हरियाणा की देवतुल्य जनता द्वारा चुने गये सभी विधायकों के समर्थन से विधायक दल का नेता चुना गया हूं और सभी के भरोसे पर शत-प्रतिशत खरा उतरूंगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा के मेरे परिजनों को यह विश्वास दिलाता हूं, “आपका यह भाई, आपका यह बेटा, आपका यह सेवक हर समय आपके लिए आपकी सेवा में उपलब्ध रहेगा। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण जिम्मेवारी के लिए मैं पुनः केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल तथा शीर्ष नेतृत्व सहित अपने उन सभी कार्यकर्ताओं को भी धन्यवाद देना चाहता हूं, जिनके अथक परिश्रम के बल पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) तीसरी बार हरियाणा में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने जा रही है।” recent visitors 103

भारतीय सड़क कांग्रेस और लोक निर्माण विभाग के सहयोग से शिविर का आयोजन

भोपाल सड़क और पुल निर्माण के क्षेत्र में उभरती नवीनतम प्रवृत्तियों और तकनीकों पर दो दिवसीय सेमिनार का आयोजन रवीन्द्र भवन भोपाल में 19 और 20 अक्टूबर को किया जा रहा है। इसमें सड़क और पुल निर्माण की नवीनतम तकनीकों, सामग्रियों और अनुबंध निष्पादन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विशेषज्ञ अपने अनुभव और सुझाव साझा करेंगे। कार्यक्रम का आयोजन भारतीय सड़क कांग्रेस (IRC) और मध्यप्रदेश शासन के लोक निर्माण विभाग (PWD) के सहयोग से होगा। सेमिनार के पहले दिन 19 अक्टूबर को उद्घाटन-सत्र में केन्द्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गड़करी, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, लोकनिर्माण मंत्री राकेश सिंह सहित अन्य विशिष्टजन उपस्थित रहेंगे। उद्घाटन सत्र के बाद विभिन्न तकनीकी-सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें देशभर से आए हुए विशेषज्ञ नई तकनीकों, निर्माण सामग्रियों और ईपीसी(EPC इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट, कंस्ट्रक्शन)) अनुबंध निष्पादन की चुनौतियों पर अपने विचार साझा करेंगे। पहले दिन की प्रमुख चर्चाओं में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत नई तकनीकों का कार्यान्वयन, पुल निर्माण में नई मशीनरी का उपयोग, और सड़क निर्माण में उपयोग होने वाली नई सामग्रियों पर फोकस रहेगा। सड़क सुरक्षा, परियोजनाओं की मॉनिटरिंग के लिए आईटी तकनीकों का उपयोग, और सीमांत सामग्रियों के उपयोग पर भी गहन मंथन किया जाएगा। दूसरे दिन 20 अक्टूबर को ईपीसी (EPC इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट, कंस्ट्रक्शन)) अनुबंधों की संरचना शेड्यूलिंग, अनुबंध निष्पादन में ठेकेदारों की भूमिका और सहायक अभियंताओं की भूमिका पर विस्तृत चर्चा होगी। इसमें अनुबंधों से जुड़े विवादों और चुनौतियों के समाधान पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। समापन सत्र में विभिन्न विशेषज्ञ और प्रतिनिधि पैनल चर्चा के माध्यम से सड़क और पुल निर्माण में नई तकनीकों के उपयोग पर अपने विचार रखेंगे। सेमिनार का उद्देश्य प्रदेश में सड़क और पुल निर्माण की गुणवत्ता को सुधारने और नवीनतम तकनीकों के माध्यम से समयबद्ध और टिकाऊ अवसंरचना का विकास सुनिश्चित करना है। सरकारी और निजी क्षेत्रों के विशेषज्ञों को एक मंच पर लाकर अनुभवों और नवाचारों का आदान-प्रदान किया जाएगा, जिससे प्रदेश की अवसंरचना परियोजनाओं को नई दिशा और मजबूती मिल सके। इस दो दिवसीय आयोजन से मध्यप्रदेश के अवसंरचना विकास को नई ऊर्जा मिलेगी और यह आयोजन राज्य की निर्माण परियोजनाओं में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करने में सहायक साबित होगा।   recent visitors 77

जॉनसन एंड जॉनसन को देना होगा ₹126 करोड़, पाउडर से कैंसर होने की कही थी बात

नई दिल्ली जॉनसन एंड जॉनसन (Johnson & Johnson) के नाम से लगभग हर कोई परिचित है और बेबी केयर से जुड़े इसके प्रोजेक्ट्स घर-घर में इस्तेमाल किए जाते हैं. इस बड़ी कंपनी को लेकर अब बड़ी खबर आई है, इसमें कहा गया है कि J&J को एक शख्स को 15 मिलियन डॉलर या करीब 126 करोड़ रुपये से ज्यादा देना पड़ेगा. दरअसल, इस शख्स ने साल 2021 में एक मुकदमा दायर कर कंपनी के बेबी पाउडर पर गंभीर सवाल उठाए थे और दावा किया था इसके लगातार इस्तेमाल से कैंसर का खतरा होता है. आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला… कंपनी के बेबी पाउडर पर ये गंभीर आरोप सबसे पहले बात कर लेते हैं उन आरोपों की, जो जॉनसन एंड जॉनसन पर लगाए गए थे. तो बता दें कि कनेक्टिकट के एक शख्स इवान प्लॉटकिन ने J&J के बेबी पाउडर पर आरोप लगाया था कि इस टैल्क पाउडर का दशकों तक इस्तेमाल करने के चलते उसे मेसोथेलियोमा जैसा दुर्लभ कैंसर (Mesothelioma Cancer) हो गया. इस व्यक्ति ने अपनी बीमारी के निदान के बाद साल 2021 में कंपनी के खिलाफ मुकदमा दायर किया था. कनेक्टिकट के शख्स ने दर्ज कराया था मुकदमा इवान प्लॉटकिन ने अपनी बीमारी के उपचार और इससे निजात पाने के बाद जॉनसन एंड जॉनसन कंपनी के खिलाफ मैदान में उतरने के लिए कमर कसी और फेयरफील्ड काउंटी, कनेक्टिकट सुपीरियर कोर्ट में एक मुकदमा दायर कराया, जिसमें कहा गया कि इस बेबी पाउडर के इस्तेमाल से उसे गंभीर बीमारी हो गई थी. जूरी ने इस मामले को गंभीरता से लिया और पाया कि Johnson & Johnson कंपनी को हर्जाना देना चाहिए, जिसे बाद में मामले को देखने वाले न्यायाधीश द्वारा निर्धारित किया जाएगा. अब कंपनी को 15 मिलियन डॉलर का पेमेंट करने के लिए कहा गया है. कंपनी ने कहा, गलत फैसले की खिलाफ अपील करेंगे रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, जॉनसन एंड जॉनसन के बेबी पाउडर को लेकर इतने गंभीर आरोप लगाने वाले इवान प्लॉटकिन के वकील बेन ब्रेली ने एक ईमेल में कहा है कि उनकी ट्रायल टीम इस बात से उत्साहित है कि जूरी ने एक बार फिर जॉनसन एंड जॉनसन को बेबी पाउडर उत्पाद की मार्केटिंग और सेल के लिए जवाबदेह ठहराने का फैसला किया है, जिसमें एस्बेस्टस (एक प्रकार का हानिकारक फाइबर) है. वहीं दूसरी ओर जूरी के निर्णय पर j&J की ओर से एरिक हास (मुकदमेबाजी के मामलों के वाइस प्रेसिडेंट) ने एक बयान में कहा कि कंपनी ट्रायल जज के गलत फैसलों के खिलाफ अपील करेगी. उन्होंने कहा कि जूरी को इस मामले से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों को सुनने से रोका गया है. उन्होंने ये भी कहा कि साइंटिफिक जांचों में इस बात की पुष्टि पहले ही हो चुकी है कि जॉनसन एंड जॉनसन का बेबी टैल्क सुरक्षित है और इसमें एस्बेस्टस नहीं है. ऐसे में ये किसी भी तरह के कैंसर का कारण नहीं बनता है. भारत में भी बड़ा है कारोबार अमेरिकी फॉर्मा कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन का भारत में भी बड़ा कारोबार है और लंबे समय से देश में बेबी पाउडर बेच रही है. कंपनी का जॉनसन बेबी पाउडर भारतीय मार्केट में काफी पॉपुलर है. ज्यादातर घरों में छोटे बच्चों के लिए बड़े पैमाने पर इस पाउडर का इस्तेमाल किया जाता है. भारत में कंपनी बेबी पाउडर के अलावा बेबी शैम्पू, बेबी सोप और बेबी ऑयल भी बेचती है और उनकी बड़ी डिमांड है.   recent visitors 143

साय केबिनेट का फैसला : दिवंगत शिक्षक (पंचायत) संवर्ग के कर्मचारियों के अनुकम्पा हेतु पात्र आश्रितों को अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान करने का लिया गया महत्वपूर्ण निर्णय

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। जिसमें खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन तथा कस्टम मिलिंग की नीति का अनुमोदन किया गया। मंत्रिमण्डलीय उप समिति की अनुशंसा के आधार पर राज्य में खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के दौरान समर्थन मूल्य पर राज्य के किसानों से नगद एवं लिंकिंग में धान खरीदी 14 नवम्बर 2024 से प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया। राज्य में धान खरीदी 31 जनवरी 2025 तक की जाएगी। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए कृषि विभाग द्वारा एकीकृत किसान पोर्टल के माध्यम से किसान पंजीयन की प्रक्रिया जारी है, जो 31 अक्टूबर 2024 तक चलेगी। वर्ष 2024-25 में 160 लाख टन धान के उपार्जन का अनुमान है। समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन के लिए बायोमेट्रिक व्यवस्था पूर्व वर्ष की भांति लागू रहेगी। मंत्रिपरिषद में खरीदी केन्द्रों में धान के नियंत्रित एवं व्यवस्थित रूप से उपार्जन हेतु सीमांत एवं लघु कृषकों को अधिकतम दो टोकन तथा दीर्घ कृषकों को अधिकतम तीन टोकन प्रदाय करने का निर्णय लिया गया। सभी खरीदी केन्द्रों में इलेक्ट्रॉनिक तौल यंत्र के माध्यम से धान खरीदी होगी। धान खरीदी के लिए 4.02 लाख गठान नये जूट बारदाना जूट कमिश्नर के माध्यम से क्रय करने की स्वीकृति दी गई है। धान खरीदी के लिए कुल 8 लाख गठान बारदाने की जरूरत होगी। मंत्रिपरिषद की बैठक में खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में सहकारी समितियों में कार्यरत डाटाएन्ट्री आॅपरेटरों को 18,420 रूपए प्रतिमाह के मान से कुल 12 माह का मानदेय भुगतान का निर्णय लिया गया। इस पर कुल 60 करोड़ 54 लाख रूपए का व्यय भार आएगा। जिसके भुगतान के लिए पूर्व वर्षों की भांति राशि मार्कफेड को प्रदाय की जाएगी।   विशुद्ध रूप से राजनीतिक आंदोलनों से संबंधित प्रकरणों को जनहित में न्यायालय से वापस लिये जाने के संबंध में गठित मंत्रिपरिषद की उपसमिति द्वारा अनुशंसित 49 प्रकरणों को माननीय न्यायालय से वापस लिए जाने का निर्णय लिया गया है। मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ पुलिस कार्यपालिक (अराजपत्रित) सेवा भर्ती नियम 2021 के नियम 8 (2) में सूबेदार/उप निरीक्षक संवर्ग/प्लाटून कमाण्डर के पद पर नियुक्ति हेतु भर्ती प्रक्रिया वर्ष 2024 में केवल एक बार के लिए अभ्यार्थियों की निर्धारित अधिकतम आयु सीमा में 05 वर्ष की छूट प्रदान करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सभी छूटों को मिलाकर अधिकतम आयु सीमा 45 वर्ष से अधिक नहीं होगी। राज्य के सभी ग्राम पंचायतों के प्रत्येक घर में स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु छत्तीसगढ़ ग्रामीण पेयजल संचालन एवं संधारण नियम, 2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। जिसके तहत पंचायत की सामान्य प्रशासन समिति अपने दायित्वों के साथ-साथ ग्रामीण पेयजल व्यवस्था के संचालन एवं संधारण का कार्य भी देखेगी। ग्राम सभा के अनुमोदन से जल प्रभार का निर्धारण के अलावा नये कनेक्शन का निर्णय, वित्तीय प्रबंधन, मरम्मत, पेयजल गुणवत्ता का निर्धारण एवं शिकायतों का निराकरण करेगी। दिवंगत शिक्षक (पंचायत) संवर्ग के कर्मचारियों के अनुकम्पा हेतु पात्र आश्रितों को अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। इसके तहत ऐसे शिक्षक (पंचायत) संवर्ग के कर्मचारी जिनकी मृत्यु सेवाकाल में हो गई थी और जिनके आश्रित नियमानुसार अनुकम्पा हेतु पात्र है, उन्हें छत्तीसगढ़ शिक्षक (पंचायत) संवर्ग नियम 2018 के आधार पर पात्रता अनुसार अनुकम्पा नियुक्ति दी जाएगी। ऐसी स्थिति में स्कूल शिक्षा विभाग से पद पूर्ति के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को पद प्रदाय करने के पूर्व के आदेश को शिथिल करने का निर्णय भी लिया गया है, ताकि दिवंगत के पात्र आश्रितों को अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान की जा सके। लोकनायक जयप्रकाश नारायण (मीसा/डी.आई.आर. राजनैतिक या सामाजिक कारणों से निरूद्ध व्यक्ति) सम्मान निधि नियम, 2008 में संशोधन का अनुमोदन किया गया। जिसके तहत दिवंगत लोकतंत्र सेनानियों का राजकीय सम्मान के साथ अंत्येष्ठि की जाएगी तथा अंत्येष्ठि के लिए उनके परिवार को 25 हजार रूपए की सहायता राशि दी जाएगी। देशी/विदेशी मदिरा बोतलों पर चस्पा किये जाने हेतु उत्पाद शुल्क चिपकने वाला लेबल (होलोग्राम ) में अधिक सुरक्षात्मक फीचर्स उपलब्ध कराने के लिए भारत सरकार के उपक्रम भारत प्रतिभूति मुद्रणालय, नासिक रोड  (महाराष्ट्र) से होलोग्राम क्रय करने का निर्णय लिया गया। छत्तीसगढ़ राज्य की औद्योगिक नीति 2019-24 के तहत स्टील डाउन स्ट्रीम प्रोजेक्ट्स, एथेनॉल इकाईयों एवं कोर सेक्टर के सीमेंट उद्योगों के लिये विशेष निवेश प्रोत्साहन पैकेज के निर्धारण का अनुमोदन किया गया। recent visitors 112