सहारा अफ्रीका में सबसे ज़्यादा लड़कियां यौन शोषण का शिकार, 79 मिलियन महिलाएं और लड़कियां इससे प्रभावित : UNICEF रिपोर्ट

नईदिल्ली दुनिया भर में, आठ में से एक लड़की के साथ 18 साल की उम्र से पहले बलात्कार समेत यौन शोषण होता है, UNICEF की एक चौंकाने वाली रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, 370 मिलियन से ज़्यादा महिलाएं और लड़कियां 18 साल की उम्र से पहले इस तरह के अत्याचारों से गुज़र चुकी हैं। आंकड़े जारी किए गए अगर मौखिक या ऑनलाइन उत्पीड़न को भी शामिल किया जाए, तो ये आंकड़ा और भी बढ़ जाएगा। रिपोर्ट बताती है कि आठ में से एक का आंकड़ा, पाँच में से एक हो जाएगा। रिपोर्ट बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए दुनिया भर में सक्रिय हस्तक्षेप की ज़रूरत पर ज़ोर देती है। सहारा अफ्रीका में सबसे ज़्यादा लड़कियां यौन शोषण का शिकार होती हैं, जहाँ 79 मिलियन महिलाएं और लड़कियां इससे प्रभावित हैं। अन्य क्षेत्र जहाँ सबसे ज़्यादा पीड़ित हैं, वो हैं पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी एशिया (75 मिलियन), मध्य और दक्षिण एशिया (73 मिलियन), यूरोप और उत्तरी अमेरिका (68 मिलियन), और लैटिन अमेरिका और कैरिबियन (45 मिलियन)। मुख्य रूप से युद्ध और संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में महिलाओं और बच्चों को ज़्यादा अत्याचारों का सामना करना पड़ा है। शरणार्थी शिविरों में भी सबसे ज़्यादा अत्याचार दर्ज किए गए हैं। ज़्यादातर 14-17 साल की लड़कियों को इस तरह के अत्याचारों का सामना करना पड़ता है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि बचपन में होने वाले इस तरह के अत्याचार इन पर गहरा मानसिक असर डालते हैं और कई तरह की समस्याएं पैदा करते हैं। रिपोर्ट में सिर्फ़ महिलाओं और बच्चियों पर ही नहीं, बल्कि लड़कों पर होने वाले अत्याचारों का भी ज़िक्र है। रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 240-310 मिलियन लड़कों को यौन शोषण का सामना करना पड़ता है। UNICEF की कार्यकारी निदेशक कैथरीन रसेल ने कहा, “बच्चों के साथ यौन शोषण हमारी अंतरात्मा पर एक दाग है। जहाँ बच्चों को सुरक्षित महसूस करना चाहिए, वहाँ और जिन लोगों पर वे भरोसा करते हैं, उनके द्वारा इस तरह के अनुभव होने से उन पर गहरा और अमिट प्रभाव पड़ता है।”     recent visitors 43

मंत्री विजयवर्गीय ने करीब 14 करोड़ रूपये के विकास कार्यों का किया लोकार्पण

भोपाल नगरीय विकास और सतना जिले के प्रभारी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि जिले में विकास की अनेक संभावनाएँ है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से टीम भावना के साथ मिलकर विकास का मास्टर प्लान तैयार करने के लिये कहा। मंत्री वियजवर्गीय ने मंगलवार को सतना में करीब 14 करोड़ रूपये के 5 विकास कार्यों का लोकार्पण करने के बाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुई कही। लोकार्पण कार्यों में 10 करोड़ 56 लाख रूपये की लागत से नवनिर्मित दादा सुखेन्द्र सिंह स्टेडियम का कार्य भी शामिल है। मंत्री विजयवर्गीय ने नगर निगम के 8 करोड़ 69 लाख रूपये के 9 विकास कार्यों का भूमि-पूजन भी किया। प्रभारी मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि शहर और जिले का विकास हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सतना में विकास के अच्छे कार्य हुए है। अब सतना को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करना है। मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि डबल इंजन की सरकार से विकास को तेज गति मिलती है। नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी ने कहा कि प्रभारी मंत्री विजयवर्गीय के मार्ग दर्शन में सतना जिला औद्योगिक और विकसित जिले के रूप में उभरेगा। उन्होनें बताया कि टमस नदी के सौंदर्यीकरण के लिये जल संसाधन विभाग ने 65 करोड़ रूपये का डीपीआर तैयार कराया है। सतना हवाई अड्डे में 1200 मीटर रन-वे को बढ़ाकर 1800 मीटर करने और नाइट लैडिंग कराने का भी प्रस्ताव है। राज्यमंत्री श्रीमती बागरी ने बताया कि सतना मेडिकल कॉलेज में 450 करोड़ रूपये लागत का सुपर स्पेशयलिटी हॉस्पीटल का भी प्रस्ताव है। सतना और मैहर जिले में 1 लाख 40 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा वाली बरगी नहर का कार्य भी तेजी के साथ किया जा रहा है। कार्यक्रम में सांसद गणेश सिंह, विधायक विक्रम सिंह, सुरेन्द्र सिंह गहरवार, महापौर योगेश ताम्रकार, जिला पंचायत अध्यक्ष रामखेलावन कोल और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद थे। विकास परियोजनाओं को समय-सीमा में पूरा करें प्रभारी मंत्री विजयवर्गीय ने गत दिवस कलेक्ट्रेट सतना में जिले के निर्माण और विकास परियोजनाओं की बैठक में समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जिले में चल रहे निर्माण और विकास परियोजनाएँ गुणवत्ता के साथ तय समय-सीमा पूर्ण हो। उन्होंने कार्यों की गुणवत्ता के लिये तकनीकी इंजीनियरिंग से संबंधित टीम बनाकर पब्लिक ऑडिट कराने का भी सुझाव दिया। बैठक में बताया गया कि सतना स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट के 941 करोड़ रूपये के 72 प्रोजेक्ट मंजूर हुए है। इनमें से 368 करोड़ रूपये के 48 प्रोजेक्ट कार्य पूरे कर लिये गये है। जिले में 55 गौ-शालाओं का काम पूरा कर लिया गया है। इनमें से 48 गौ-शालाएँ स्व-सहायता समूह द्वारा संचालित की जा रही है। recent visitors 55

दिवाली से पहले मोदी सरकार ने किसानों को दिया बड़ा तोहफा! 6 रबी फसलों की बढ़ाई MSP

नईदिल्ली किसानों को मोदी सरकार ने दिवाली पर बड़ा गिफ्ट दिया है. सरकार ने रबी फसलों की MSP बढ़ा दी है. केंद्र सरकार ने 2025-26 सीजन के लिए रबी की 6 फसलों का न्यूनतम  समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी की घोषणा की है. इस फैसले के तहत अलग-अलग फसलों के MSP में वृद्धि की गई है, जिससे किसानों को उनकी फसलों के बेहतर दाम मिल सकेंगे. कैबिनेट में चने का MSP 210 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ाने का फैसला किया गया है। चने का नया MSP अब 5,650 रुपए प्रति क्विंटल हो गया है जो पहले 5440 रुपए प्रति क्विंटल था। वहीं सरसों की MSP 300 रुपए प्रति क्विटंल बढ़ाया गया है। सरसों का मौजूद MSP अभी 5650 रुपए प्रति क्विंटल था। जबकि नया भाव अब 5950 रुपए प्रति क्विंटल हो गया है। गेहूं की MSP में भी 150 रुपए प्रति क्विटंल का इजाफा किया गया है। इसकी MSP 2275 रुपए प्रति क्विटंल से बढ़कर 2425 रुपए प्रति क्विटंल हो चुकी है। रबी फसल का सीजन अक्टूबर-नवंबर से लेकर मार्च-अप्रैल तक रहता है। इन फसलों में गेहूं, जौ, सरसों, चना आदि की खेती शामिल हैं। MSP के मायने उस रेट से होता है जिस पर सरकार किसानों से खरीदारी करती है। आज रबी फसल की MSP तय हो सकती है। नए अधिसूचना के अनुसार:     गेहूं का MSP ₹2,425 प्रति क्विंटल कर दिया गया है, जो पहले ₹2,275 था।     जौ का MSP ₹1,980 प्रति क्विंटल कर दिया गया है, जो पहले ₹1,850 था।     चना का MSP ₹5,650 प्रति क्विंटल कर दिया गया है, जो पहले ₹5,440 था।     मसूर (लेंस) का MSP ₹6,700 प्रति क्विंटल कर दिया गया है, जो पहले ₹6,425 था।     सरसों का MSP ₹5,950 प्रति क्विंटल कर दिया गया है, जो पहले ₹5,650 था।     कुसुम (सफ्लॉवर) का MSP ₹5,940 प्रति क्विंटल कर दिया गया है, जो पहले ₹5,800 था। सरकार का यह कदम किसानों को उनकी फसलों के उचित मूल्य दिलाने के मकसद से उठाया गया है.   recent visitors 63

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कर्मचारियों को दिया दिवाली का तौफा, महंगाई भत्ते में 4 फीसदी की बढ़ोतरी

रायपुर राज्य के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कैबिनेट की बैठक से पहले बुधवार को संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में चार प्रतिशत की बढ़ोतरी किए जाने का ऐलान किया। अब तक राज्य के कर्मचारियों को 46 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलता था जो बढ़कर 50 फीसदी हो जाएगा। राज्य के कर्मचारियों को यह लाभ 1 अक्टूबर से मिलेगा। राज्य के कर्मचारी बीते कुछ समय से केंद्र सरकार के कर्मचारियों के समान महंगाई भत्ता दिए जाने की मांग करते आ रहे थे। अब राज्य सरकार ने उनके महंगाई भत्ते में चार प्रतिशत की बढ़ोतरी करते हुए केंद्र सरकार के कर्मचारियों के समान ही महंगाई भत्ता कर दिया है। दीपावली के मौके पर विष्णु देव सरकार ने कर्मचारियों को यह तोहफा दिया है। सरकार के फैसले से राज्य के तीन लाख से अधिक कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा। ज्ञात हो कि राज्य सरकार ने मार्च माह में कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में चार प्रतिशत का इजाफा किया था, जिससे उनका भत्ता 42 प्रतिशत से बढ़कर 46 प्रतिशत किया था। जिसे एक मार्च से लागू किया गया था। उस दौरान सरकार ने अधिकारियों और कर्मचारियों को सातवें वेतनमान की बकाया अंतिम किस्त दिए जाने का भी ऐलान किया था। लगभग सात माह बाद एक बार फिर राज्य सरकार ने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की है और अब उन्हें केंद्रीय कर्मचारियों के समान महंगाई भत्ता मिलने लगेगा। रक्षाबंधन के समय कर्मचारियों को उम्मीद थी कि राज्य सरकार उनके महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी करेगी मगर तब ऐसा नहीं हुआ था और अब राज्य सरकार ने दीपावली के मौके पर उन्हें यह तोहफा दिया है। राज्य सरकार के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी कर केंद्र सरकार के कर्मचारियों के समान किए जाने पर कर्मचारियों ने प्रसन्नता जाहिर की है। कर्मचारी सरकार के इस फैसले को कर्मचारियों के हित में लिया गया फैसला करार दे रहे है।   recent visitors 70

कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष अष्टमी पर गुरुवार, 24 अक्टूबर को पुष्य नक्षत्र का संयोग रहेगा

 रोशनी का पर्व यानी कि दिवाली आने में अब कुछ दिन ही शेष बचे हैं और इसकी तैयारी बाजारों में दिखाई देने लगी है. वहीं लोगों ने भी खरीददारी की तैयारी शुरू कर दी है. इसकी शुरुआत तो नवरात्रि से ही हो गई थी, लेकिन सबसे बड़ा और शुभ मुहूर्त 24 अक्टूबर को बनने जा रहा है.  इस दिन गुरु पुष्य योग रहेगा. आपको बता दें कि, गुरु पुष्य योग में आभूषण, भूमि, घर और वाहनों से लेकर इलेक्ट्रिक सामानों की खरीददारी करना बेहद ही शुभ माना जाता है. हालांकि, इसके अलावा भी कई सारे मुहूर्त दिवाली से पहले आएंगे. आइए जानते हैं इनके बारे में. शुभ मुहूर्त अक्टूबर के इस महीने में दिवाली से पहले 15 अक्टूबर को सर्वार्थ सिद्धि एवं सूर्य योग बन रहा है. वहीं 16 अक्टूबर को रवि योग का निर्माण होगा. इसी प्रकार 17 और 18 अक्टूबर को सर्वार्थ सिद्धि योग और 21 अक्टूबर को सर्वार्थ सिद्धि योग के साथ अमृत सिद्धि योग बनेगा. वहीं 22 अक्टूबर को त्रिपुष्कर योग, 24 अक्टूबर को सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि बनेगा. इसी दिन सबसे बड़ा मुहूर्त यानि कि गुरु पुष्य योग बन रहा है. इसके बाद 29 अक्टूबर को त्रिपुष्कर योग और 30 अक्टूबर को सर्वार्थ सिद्धि योग के अलावा 2 नवंबर को त्रिपुष्कर योग बनेगा. 'दीपावली के पहले आने वाले पुष्य नक्षत्र को 27 नक्षत्र के समूह में नक्षत्रों का राजा कहा जाता है। भारतीय ज्योतिष शास्त्र की गणना से देखें तो पुष्य नक्षत्र का स्वामी शनि और उप स्वामी बृहस्पति है। शनि को काल पुरुष की ऊर्जा और पुरुषार्थ की प्रेरणा का कारक माना जाता है। बृहस्पति को ज्ञान, त्याग, शिक्षा और आध्यात्मिक का कारक बताया जाता है।'  'यही कारण है कि भौतिक समृद्धि को प्राप्त करने के लिए सुख – सुविधा की दृष्टि से खरीदारी करने की मान्यता है। इसके अंतर्गत इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स, सोने-चांदी के आभूषण, चांदी की मूर्तियां, दोपहिया वाहन, चारपहिया वाहन, वस्त्र, जमीन, प्लॉट, मकान, कारखाने आदि क्षेत्र में लोग निवेश करते हैं और समृद्धि का कारण इस नक्षत्र की शुभता को मानते हैं।' नए कार्यों का श्री गणेश भी कर सकते हैं पुष्य नक्षत्र के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग होने से इस दिन सभी प्रकार के कार्य को सिद्ध माना जाता है। अपने ग्रह नक्षत्र के आधार पर यदि कोई कार्य योजना बना रखी है, तो इस योजना का शुभारंभ इस दिन कर सकते हैं या कोई नया व्यापार या व्यवसाय या प्रतिष्ठान के प्रमुख स्थापना है तो इस दिन का लाभ लिया जा सकता है। शनि गुरु के केंद्र त्रिकोण का मिलेगा लाभ ग्रह गोचर की गणना के अनुसार, वर्तमान में शनि कुंभ राशि पर, बृहस्पति वृषभ राशि पर गोचर कर रहे हैं। इस दिन पुष्य नक्षत्र का प्रभाव दिनभर विद्यमान रहेगा। शनि का केंद्र योग और गुरु का त्रिकोण योग आदि की स्थिति बनेगी, जो समृद्धि को स्थायित्व प्रदान करेगा। इस दृष्टि से भी स्वर्ण का आभूषण, लोहे के उत्पाद या वाहनों का संचय कर सकते हैं। पुष्य नक्षत्र के स्वामी शनि होने से स्थाई संपत्ति की खरीदी की योजना भी बनाई जा सकती है, जिसमें भूमि, भवन, व्यवसायिक प्रतिष्ठान, टेक्सटाइल मिल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स मार्केटिंग से जुड़े सभी प्रकार के विभिन्न क्षेत्रों में अपने स्थायित्व को आगे बढ़ाने के लिए इस दिन विशेष का लाभ लिया जा सकता है। भारतीय विदेश नीति का प्रभाव बढ़ेगा  ग्रहों की स्थिति और नक्षत्र की गणना के अनुसार शनि विदेश नीति और कूटनीति का कारक हैं। वहीं गुरु ज्ञान, श्रेष्ठता और वरिष्ठता के साथ परम पद का भी कारक माना जाता है। दोनों के संयोजन से यह नक्षत्र आने वाले 3 महीने में भारत की विदेश नीति और कूटनीति को प्रबल बनाएगा। पश्चिमोत्तर दिशा और एशिया मध्य में अपने विशिष्ट प्रभाव की छाप छोड़ते हुए भारतीय बाजार को विश्व में आगे की पंक्तियों में खड़ा कर देगा।   recent visitors 167

DA Hike 2024: दिवाली से पहले केंद्रीय कर्मचारियों को मिला गिफ्ट, 3% बढ़ा DA, सैलरी में होगा इतना इजाफा

नई दिल्ली दिवाली से पहले केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार (PM Modi Govt) केंद्रीय कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है. जी हां, सूत्रों के हवाले से जो अपडेट सामने आया है उसके मुताबिक, केंद्र सरकार ने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 3 फीसदी का इजाफा (DA Hike) करने का ऐलान कर दिया है. इस इजाफे के बाद डीए बढ़कर 53 फीसदी हो गया है. इससे पहले इसी साल मार्च में 4 फीसदी का डीए हाइक मिला था. 53% हो गया कर्मचारियों का डीए केंद्रीय कर्मचारियों को फिलहाल 50 फीसदी DA मिल रहा था और सरकारी सूत्रों के मुताबिक दिवाली से पहले ही सरकार इसमें 3 फीसदी का इजाफा करके उन्हें बड़ा तोहफा दे दिया है. डीए में ये ताजा बढ़ोतरी का लाभ 1 जुलाई 2024 से मिलेगा. मतलब केंद्रीय कर्मचारियों की दिवाली (Diwali) और भी रोशन हो गई है, क्योंकि उनकी सैलरी में बंपर इजाफा देखने को मिलेगा. साल 2024 का ये दूसरा DA Hike आम तौर पर केंद्र सरकार जनवरी और जुलाई में कर्मचारियों के डीए में संशोधन करती है. इससे पहले बीते 24 मार्च 2024 को केंद्रीय कर्मचारियों को 4% DA Hike का तोहफा दिया था. इस इजाफे के साथ उन्होंने मिलने वाला महंगाई भत्ता 46% से बढ़ाकर 50% कर दिया गया था. अब ताजा इजाफे के बाद ये बढ़कर 53 फीसदी हो गया है. कर्मचारियों की सैलरी का कैलकुलेशन अब बात करते हैं कि सरकार द्वारा महंगाई भत्ते में 3 फीसदी के इजाफे के बाद कर्मचारियों की सैलरी में कितना इजाफा होगा. तो कैलकुलेशन के मुताबिक, किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 55,200 रुपये है, तो फिलहाल 50% पर उनका महंगाई भत्ता 27,600 रुपये है. वहीं अगर डीए 53  फीसदी हो जाता है तो उनका महंगाई भत्ता बढ़कर 29,256 रुपये हो जाएगा. यानी कर्मचारियों का वेतन 29,256 रुपये – 27,600 रुपये = 1,656 रुपये बढ़ेगा. 3 महीने का एरियर भी मिलेगा मोदी सरकार द्वारा महंगाई भत्ते में किए गए इजाफे के बाद अब केंद्रीय कर्मचारियों को तीन महीने का एरियर भी मिलेगा. इसके तहत कर्मचारियों को मिलने वाली अक्टूबर की सैलरी में जुलाई, अगस्त और सितंबर महीने का एरियर भी जुड़कर आएगी. यानी दिवाली के मौके पर उनके हाथ में मोटी रकम आएगी. यहां बता दें कि कर्मचारियों को मिलने वाले डीए की गणना अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI) से संबंधित होती है, जो बीते 12 महीनों में रिटेल इन्‍फ्लेशन को ट्रैक करता है. दुनिया के महंगाई के दबाव और बढ़ती लागतों के साथ, यह निर्णय देश भर में घरेलू बजट के मैनेजमेंट के लिए महत्वपूर्ण है. 3 महीने का एरियर भी बता दें कि केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी जुलाई से दिसंबर महीने तक के लिए है। ऐसे में केंद्रीय कर्मचारियों को अक्टूबर की सैलरी में तीन महीने- जुलाई, अगस्त और सितम्बर का DA एरियर भी मिलेगा। क्या है डिटेल बता दें कि केंद्र सरकारी कर्मचारियों को महंगाई भत्ता देता है, जबकि पेंशनभोगियों को डीआर दिया जाता है। सामान्य तौर पर, डीए और डीआर में साल में दो बार बढ़ोतरी की जाती है – जनवरी और जुलाई। अभी एक करोड़ से ज्यादा केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को 50 फीसदी महंगाई भत्ता मिल रहा है। इससे पहले बीते मार्च महीने में सरकार ने 4% डीए बढ़ाने का ऐलान किया था। 2006 में, केंद्र सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए डीए और डीआर की गणना करने के फॉर्मूले को संशोधित किया था। 30 सितंबर को कन्फेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लॉइज एंड वर्कर्स ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को लेटर लिखकर डीए/डीआर बढ़ोतरी की घोषणा में देरी पर चिंता व्यक्त की थी। DA कैलकुलेशन आपको बता दें कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों का DA उनके बेसिक सैलरी के आधार पर तय किया जाता है। मान लीजिये कि किसी कर्मचारी का मूल वेतन 30 हजार रुपये है और उसका डीए 3 फीसदी बढ़ाया गया है तो उसकी सैलरी में 900 रुपये का इजाफा होगा। अगर बेसिक सैलरी, DA और आवास भत्‍ता यानी HRA जोड़कर उसकी सैलरी 55000 हजार रुपये पहले आती थी, तो अब 55,900 रुपये आएगी। recent visitors 51

जयशंकर ने पाकिस्तान की धरती पर उसे ही सुनाई खरी-खरी,लगाया हिंदुस्तानी पंच

इस्लामाबाद शंघाई सहयोग संगठन की मीटिंग के लिए इस्लामाबाद पहुंचे विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पाकिस्तान को उसकी ही धरती पर खूब सुनाया है। विदेश मंत्री ने कहा कि यदि आतंकवाद जारी रहेगा तो फिर कारोबार को प्रोत्साहन नहीं दिया जा सकता। ये दोनों चीजें एक साथ नहीं चल सकतीं। उन्होंने कहा कि दो देशों के बीच आपसी सहयोग तभी हो सकता है, जब दोनों एक-दूसरे का सम्मान करें। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि सहयोग तभी संभव है, जब साझेदारी वास्तविक हो। एकतरफा एजेंडों के जरिए रिश्ते आगे नहीं बढ़ सकते। उन्होंने कहा कि यदि एससीओ के चार्टर के अनुसार हम बर्ताव करेंगे, तभी विकास कर सकते हैं। उन्होंने साफ कहा कि यदि सीमा पार आतंकवाद और कट्टरवाद का इस्तेमाल किया जाता है तो फिर उससे कारोबार, ऊर्जा और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में प्रगति नहीं हो सकती। एस. जयशंकर ने कहा कि हम ऐसे समय में बैठक कर रहे हैं जब दुनिया कठिनाई के दौर से गुजर रही है; दो बड़े संघर्ष जारी हैं, जिनका पूरे विश्व पर असर होगा। भारत की ओर से एससीओ में प्रतिनिधित्व के लिए इस्लामाबाद पहुंचे एस. जयशंकर का पाकिस्तान में भी वही तेवर बरकरार रहा, जिसके लिए वह जाने जाते हैं। तीन बुराइयों का दृढ़ता से मुकाबला करने की जरूरत विदेश मंत्री एस जयशंकर ने SCO शिखर सम्मेलन में कहा कि SCO का प्राथमिक लक्ष्य आतंकवाद, अलगाववाद और अतिवाद का मुकाबला करना है. वर्तमान समय में ये और भी महत्वपूर्ण है. इसके लिए ईमानदार बातचीत, विश्वास, अच्छे पड़ोसी और एससीओ चार्टर के प्रति प्रतिबद्धता की आवश्यकता है. एससीओ को इन 'तीन बुराइयों' का मुकाबला करने में दृढ़ और संकल्पित होने की आवश्यकता है. CPEC की ओर इशारा, संप्रभुता की सम्मान की बात उन्होंने कहा कि वैश्वीकरण और पुनर्संतुलन वर्तमान समय की वास्तविकताएं हैं. एससीओ देशों को इसे आगे बढ़ाने की आवश्यकता है. विदेश मंत्री ने कहा कि परस्पर सम्मान और संप्रभु समानता पर आधारित होना चाहिए, क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता को मान्यता देनी चाहिए और वास्तविक साझेदारी पर निर्माण करना चाहिए, न कि एकतरफा एजेंडे पर. एससीओ वैश्विक प्रथाओं को चुनिंदा तरीके से अपनाकर प्रगति नहीं कर सकता है, खासकर व्यापार और परिवहन के मामले में. UNSC में सुधार की पहल करे SCO विदेश मंत्री ने कहा कि SCO को कोशिश करनी चाहिए कि वैश्विक संस्थाएं रिफॉर्म्स के साथ कदम ताल करे. इसकी कोशिश होनी चाहिए कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भागीदारी बढ़ाई जाए, इसे समावेशी, पारदर्शी, कुशल, प्रभावी, लोकतांत्रिक और जवाबदेह बनाया जाए.   उन्होंने कहा कि इस बात में कोई संदेह नहीं है कि विकास और प्रगति के लिए शांति एवं स्थिरता की जरूरी है। यदि ये चीजें नहीं होंगी तो फिर विकास की बात नहीं हो सकती।विदेश मंत्री ने कहा कि यदि सभी मिलकर कनेक्टिविटी के लिए प्रयास करें तो उससे नई क्षमताएं विकसित होंगी। दुनिया में इससे ऊर्जा की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी। यह दुनिया में बड़े बदलाव की नींव रखेगा। भारत की ओर से कई बार पाकिस्तान से कहा जा चुका है कि जब तक सीमा पार आतंकवाद नहीं रुकेगा, पाकिस्तान से वार्ता संभव नहीं है। भारत के इस स्टैंड को दोहराते हुए एस जयशंकर ने कहा कि आतंकवाद और उग्रवाद से जुड़ी सीमा पार गतिविधियों से व्यापार, ऊर्जा प्रवाह और संपर्क सुविधा को बढ़ावा मिलने की संभावना नहीं है। recent visitors 55