Pearl Chit Fund Refund: निवेशकों के लिए बड़ी खुशखबरी, 6 करोड़ निवेशकों को 50 हजार करोड़ रुपये रिफंड अभियान शुरू

नई दिल्ली 50 हजार करोड़ रुपये के पर्ल ग्रुप पोंजी स्कैम मामले में अब 10 साल बाद निवेशकों के चेहरे पर खुशी लौटनी शुरू हो गई है। इस स्कीम में फंसे करीब 6 करोड़ निवेशकों को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उनकी धनराशि वापस करने के लिए अभियान शुरू किया है। ईडी ने कहा कि उसने पर्ल एग्रो ग्रुप की 700 करोड़ रुपये की कुर्क की गई संपत्तियों की डिटेल जस्टिस लोढ़ा कमिटी के साथ शेयर की है। लोढ़ा कमिटी का गठन सुप्रीम कोर्ट ने किया था। यह कमिटी जब्त की गई संपत्तियों के निपटान और पीड़ितों को धनराशि वापस करने का काम करती है। सेबी ने लगाया था बैन पर्ल एग्रो ग्रुप ने 18 वर्षों में 59 मिलियन (5.9 करोड़) निवेशकों से 49,100 करोड़ रुपये लिए थे। यह रकम 'अवैध' रूप से ली गई थी। सेबी ने इस ग्रुप पर इस प्रकार से पैसा इकट्टा करने को लेकर बैन लगा दिया था। इस मामले की जांच एक दशक पहले उस समय शुरू हुई थी जब सीबीआई ने फरवरी 2014 में पहली बार एफआईआर दर्ज की थी। हवाला के जरिए दुबई भेजा गया था पैसा ईडी की जांच में पता चला कि पर्ल ग्रुप के प्रमोटरों ने एक पोंजी स्कीम शुरू की थी। इसमें उन्होंने निवेशकों को प्लॉट आवंटित करने का वादा किया था। हालांकि, रिटर्न देने के बजाय प्रमोटरों ने कोलकाता में रजिस्टर्ड फर्जी संस्थाओं को धनराशि ट्रांसफर कर दी। फिर इन कंपनियों से नकदी के रूप में पैसा निकाला गया और हवाला चैनलों का उपयोग करके दुबई भेजा गया। इसके बाद इन पैसे को होटल और रिजॉर्ट खरीदने के लिए कई देशों में निवेश किया गया। ऑस्ट्रेलिया में खपाई सबसे ज्यादा रकम जांच में पता चला कि ऑस्ट्रेलिया में संपत्ति खरीदने में बड़ा निवेश किया गया था। 2018 में ED ने PACL और उसके प्रमोटर निर्मल सिंह भंगू की ऑस्ट्रेलिया में 462 करोड़ रुपये की दो संपत्तियां जब्त कीं। चार साल बाद भारत में भंगू के ग्रुप की संस्थाओं और सहयोगियों से जुड़ी 244 करोड़ रुपये की और संपत्तियां जब्त की गईं। इस मामले की जांच अभी भी जारी है। कई राज्यों में हुई तलाशी पिछले हफ्ते ईडी ने इस राशि का पता लगाने के लिए दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, महाराष्ट्र, तेलंगाना, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, राजस्थान और उत्तराखंड में 44 स्थानों पर तलाशी ली। हमारे सहयोगी टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक ED ने गुरुग्राम में SRS ग्रुप के प्रोजेक्ट SRS पर्ल, SRS सिटी, SRS प्राइम के घर खरीदारों को पहले लॉट में 78 फ्लैट लौटाना शुरू कर दिया है, जिनकी कीमत 20 करोड़ रुपये से अधिक है। recent visitors 60

सिंहस्थ-2028 में100 करोड़ से अधिक के काम के लिए कैबिनेट मंजूरी, 50 KM रेडियस में बनेगी सिंहस्थ के लिए पार्किंग

उज्जैन सिंहस्थ-2028 के दौरान उज्जैन में 10 किमी से लेकर 50 किमी एरिया तक में मुख्य मार्गों पर पार्किंग सह ट्रांजिट क्षेत्र बनाए जाएंगे। 10 सितंबर को हुई बैठक में उज्जैन कलेक्टर ने मुख्यमंत्री और सिंहस्थ की मंत्रिमंडलीय कमेटी के सामने प्रजेंटेशन दिया था। 4 दिन बाद इस प्रजेंटेशन का विवरण जारी हुआ। जिसके मुताबिक उज्जैन जिला प्रशासन के प्रजेंटेशन पर सैद्धांतिक सहमति दे दी गई है। विभागों से कहा- समय सीमा में कराएं काम नोडल एजेंसी बनाए गए नगरीय विकास विभाग ने सभी संबंधित विभागों से कहा है कि समय-सीमा में काम पूरा कराएं। बड़े वाहन शहर के बाहर रोके जाएंगे और वहां सुविधायुक्त ट्रांजिट स्थल बनाए जाएंगे। इन ट्रांजिट स्थलों से शहर के अंदर तक (मंदिर के घाटों तक आने के लिए) नि:शुल्क परिवहन (इलेक्ट्रिक बसें) की व्यवस्था की जानी चाहिए। छोटे और निजी वाहनों को शहर के भीतर न्यूनतम दूरी तक आने की अनुमति देने और शहरी सीमा में तय पार्किंग स्थलों को चिह्नित किए जाएं और उनके उपयोग की कार्ययोजना बनाएं। इंदौर और उज्जैन संभाग के सभी बस अड्‌डों को चिह्नित कर उनकी क्षमता विस्तार, सुविधा, मजबूतीकरण और नवीनीकरण का काम पुनर्घनत्वीकरण योजना या पीपीपी मोड पर किया जाएगा। सिंहस्थ में होने वाले कामों को लेकर केंद्रीय योजनाओं और केंद्र सहायता वाली योजनाओं व निजी जनभागीदारी (पीपीपी) के माध्यम से काम कराने पर फोकस किया जाएगा। सिंहस्थ के कामों के प्रस्ताव संबंधित विभाग, जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधियों के माध्यम से नोडल विभाग नगरीय विकास और आवास विभाग को भेजे जाएंगे। नगरीय विकास विभाग करेगा इन प्रस्तावों का परीक्षण जो काम किए जाने हैं, उसके लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी बनी है जो विचार कर काम को कार्ययोजना में शामिल किए जाने का फैसला करेगी। इसके साथ ही इस कमेटी द्वारा विभागीय कार्य, सिंहस्थ मद के काम और पीपीपी मोड के काम के लिए वित्तीय व्यवस्था की भी अनुशंसा की जाएगी। इस मामले में अंतिम निर्णय मंत्रिमंडलीय समिति लेगी। 100 करोड़ से अधिक के काम के लिए कैबिनेट मंजूरी     मंत्रिमंडलीय समिति द्वारा कामों को मंजूरी दिए जाने के बाद विभागीय मद से काम होगा। मुख्य सचिव इसकी समीक्षा करेंगे।     सिंहस्थ मद से होने वाले कामों के लिए प्रशासनिक स्वीकृति लेना होगी। 20 करोड़ रुपए तक के काम स्टेट फाइनेंस कमेटी और 100 करोड़ तक के काम ईएफसी और इससे अधिक राशि के काम कैबिनेट की मंजूरी के बाद होंगे।     3 साल से अधिक समय लगने वाले कामों को चिह्नित कर लिया गया है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने इसका परीक्षण भी कर लिया है। यह काम करेगा PWD     लोक निर्माण विभाग (PWD) खाकचौक वीर सावरकर चौराहा से गढ़कालिका से भर्तहरी गुफा होकर रंजीत हनुमान तक सड़क और पुल बनाएगा। मंगलनाथ और दत्त अखाड़ा क्षेत्र को जोड़ने के लिए केडी गेट से वीरा दुर्गादास छत्री होकर गोन्सा चौराहा तक नदी पर पुल समेत अन्य वैकल्पिक निर्माण कराए जाएंगे।     सिद्धवट कूट से कैलाश खो तक सस्पेंशन ब्रिज बनाया जाएगा। पर्यटन विभाग भी एक पैदल पुल बनाएगा। इसकी आवश्यकता का परीक्षण करने के लिए कहा है।     इंदौर-उज्जैन मार्ग से होकर बड़नगर और जावरा मार्ग को जोड़ते हुए सिंहस्थ बायपास पर लंबाई 19 किमी तक फोरलेन बनाने का काम किया जाएगा।     इंदौर-खंडवा नेशनल हाइवे पर बड़वाह और सनावद में एनएचएआई बायपास बनाएगा। इसके लिए परीक्षण करने का फैसला किया गया है। recent visitors 73

भोपाल में16 साल तक बंधक बनाकर रखी गई महिला की मौत, पिता की शिकायत के बाद किया था रेस्क्यू

भोपाल शहर के जहांगीराबाद थाना क्षेत्र में स्थित बरखेड़ी इलाके में ससुराल में 16 साल से बंधक महिला ने सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात अस्पताल में दम तोड़ दिया। महिला के पिता के आवेदन पर पुलिस ने विगत 05 अक्टूबर को उसे बेहद कृशकाय अवस्था में रेस्क्यू कर अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां उसका उपचार किया जा रहा था। महिला के मायका पक्ष ने ससुराल वालों पर प्रताड़ना के आरोप लगाए थे। 40 साल की उम्र में महिला का वजन 25 किलो रह गया था। महिला चलने-फिरने में असमर्थ थी और यहां तक कि बोल भी नहीं पा रही थी। महिला को रस्सी से बांधकर रखा गया था। पुलिस द्वारा रेस्क्यू के दौरान महिला को गोदी में उठाकर अस्पताल ले जाया गया था। पुलिस ने महिला के पति पर प्रकरण दर्ज किया था। हमीदिया अस्पताल में मंगलवार को विशेषज्ञ डॉक्टरों का दल महिला के शव का पोस्टमार्टम किया जा रहा है। महिला के मायके वाले लोग भी भोपाल में ही मौजूद हैं। 40 साल की उम्र में 25 किलो रह गया था वजन जानकारी के अनुसार एनजीओ, पीड़िता के परिजन, महिला थाना और जहांगीराबाद थाने की टीम जब मौके पर पहुंची तो पीड़िता कमरे में रस्सी से बंधी मिली। वह चल भी नहीं पा रही थी। उसे गोद में उठाकर बाहर लाना पड़ा था। करीब 40 साल की पीड़िता हड्डी का ढांचा बन चुकी थी। उसका वजन सिर्फ 25 किलो रह गया था। 2006 में हुई थी शादी, 2 साल बाद मिलना बंद कराया महिला थाने में नरसिंहपुर के किशन लाल साहू ने आवेदन दिया था। किशन लाल के अनुसार उनकी बेटी रानू साहू का विवाह 2006 में भोपाल निवासी योगेंद्र साहू से हुआ था। साल 2008 के बाद से बेटी के ससुराल वालों ने उससे मिलने नहीं दिया। बेटी के बच्चों को भी उससे दूर भेज दिया गया। ससुराल पक्ष के प्रताड़ित करने के बाद से बेटी की हालत खराब होने की जानकारी पड़ोसियों से मिली। किशन लाल ने पुलिस से बेटी रानू को रेस्क्यू कर इलाज कराने और ससुराल पक्ष के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आग्रह किया। इसके बाद महिला थाना पुलिस ने लोकल थाने की मदद से रानू को रेस्क्यू किया। पति-ससुर ने महिला को मानसिक रोगी बताया पति और ससुर का कहना है कि पीड़िता मानसिक रोगी थी, उसका इलाज चल रहा था। हालांकि परिवार इलाज के पर्चे नहीं दिखा सका। पति ने बंधक बनाकर रखने की बात से इनकार किया। उसने कहा- चार दिन पहले ही साले और रिश्ते की एक साली ने पत्नी से मुलाकात की थी। अगर बंधक बनाकर रखते तो उनसे मिलने क्यों देते। भाई ने कहा था- वीडियो पर बहन को देखा, तब आए पीड़िता के छोटे भाई शिव कुमार साहू ने बताया था कि सूचना मिली थी कि बहन को ससुराल में बंधक बनाकर रखा गया था। इसी का पता लगाने दो दिन पहले बहन रानू से मिलने गई। उसने वीडियो बनाकर भेजा। तब बहन की हालत देखी और पुलिस को साथ लेकर गए। ससुराल से उसे मुक्त कराया। उसकी हालत बेहद खराब थी। वजन मात्र 25 किलो रह गया था। उसके साथ अत्याचार किया जा रहा था। इस कारण उसकी हालत ऐसी हुई। ससुराल वालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। recent visitors 70

भेल स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स की फिर रौनक लौटाने की तैयारी, मप्र खेल विभाग करेगा भेल स्पोर्ट्स कांप्लेक्स का संचालन

भोपाल  खेलों को बढ़ावा देने के लिए मध्य प्रदेश के खेल मंत्री, विश्वास सारंग ने एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने बताया कि खेल विभाग BHEL द्वारा संचालित 125 एकड़ में फैले मल्टी-स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का प्रबंधन अपने हाथ में लेगा। इसके लिए जल्द ही केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा। मंत्री सारंग ने  खेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कॉम्प्लेक्स का दौरा कर सुविधाओं का जायजा लिया। खेल विभाग के अंदर में आ जाएगा भेल स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स मंत्री विश्वास सारंग के साथ अधिकारियों की टीम भी थी। सारंग ने कहा कि BHEL स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को खेल विभाग के माध्यम से संचालित करने के लिए प्राथमिक रूपरेखा तैयार कर ली गई है। इसके लिए केंद्रीय भारी उद्योग मंत्रालय को प्रस्ताव तैयार कर भेजने के निर्देश दिए गए हैं। ठप हैं खेल गतिविधियां उन्होंने बताया कि यह कॉम्प्लेक्स लंबे समय से उपेक्षित पड़ा हुआ है, जिससे खेल गतिविधियां ठप हैं। प्रबंधन हस्तांतरण से खेल गतिविधियों को फिर से शुरू करने और एथलेटिक गतिविधियों में भागीदारी को बढ़ावा मिलेगा। इन खेलों की सुविधाएं कॉम्प्लेक्स में क्रिकेट, गोल्फ, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल, टेनिस, टेबल टेनिस, हॉकी, एथलेटिक्स और कबड्डी सहित कई खेलों की सुविधाएं उपलब्ध हैं। मंत्री सारंग ने कहा कि कॉम्प्लेक्स और खेल सुविधाओं के अपग्रेडेशन से इसे और बेहतर बनाया जाएगा। यह शहर के बीचों-बीच भोपाल और मध्य प्रदेश के निवासियों और खेल प्रेमियों के लिए एक बड़ा तोहफा होगा। इससे न केवल BHEL टाउनशिप के लोगों को, बल्कि भोपाल के नागरिकों को भी लाभ होगा। नए क्रिकेटरों को लाभ मिलेगा उन्होंने यह भी कहा कि BHEL स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के भीतर क्रिकेट स्टेडियम के उन्नयन से नए क्रिकेटरों को लाभ होगा। उन्होंने कहा कि क्रिकेट के लिए मैदान के मानक पूरे हो रहे हैं, बाकी सुविधाओं जैसे स्टैंड के विस्तार के लिए धन की व्यवस्था की जाएगी। भेल के सहयोग से खेल विभाग करेगा संचालन खेल विभाग, BHEL के सहयोग से इस स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का संचालन करेगा। इससे उन्नयन कार्य किफायती तरीके से हो सकेंगे और जनता को इसका पूरा लाभ मिलेगा। गोल्फ के लिए भी है जगह खेल मंत्री ने बताया कि लगभग 125 एकड़ भूमि पर बने इस परिसर में रखरखाव का अभाव है। यहां गोल्फ के लिए 33 एकड़ जगह भी है। स्थानीय प्रबंधन ने शुरुआती सहमति दे दी है और इस कॉम्प्लेक्स को खेल विभाग के अधीन लाकर इसे एक अच्छी खेल सुविधा के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। क्रिकेट, वॉलीबाल सहित सभी खेल इस मौके पर खेल मंत्री सारंग ने कहा कि भेल स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में क्रिकेट, गोल्फ, वॉलीबाल, बास्केटबाल, टेबल टेनिस, हॉकी, एथलेटिक्स, कबड्डी सहित लगभग सभी खेल हैं। कांप्लेक्स और खेल सुविधाओं के उन्नयन से इसको और बेहतर बनाया जाएगा। जिससे भोपाल और प्रदेश के खेल प्रेमियों को बड़ी सौगात मिलेगी। साथ ही भेल टाउनशिप के रहवासियों सहित भोपालवासियों को भी लाभ मिलेगा। क्रिकेट मैदान भी बनेगा खेल कांप्लेक्स में क्रिकेट मैदान का उन्नयन होगा, तो क्रिकेट प्रतिभाओं को लाभ मिलेगा। यहां क्रिकेट मैदान के लिए सभी मापदंड हैं। बाकी स्टैंड आदि सुविधाओं का विस्तार करने के लिए बजट की व्यवस्था की जाएगी। इसका संचालन भेल और खेल विभाग मिलकर करेगा तो कम बजट खर्च होगा। भेल खेल कांप्लेक्स खेल विभाग के अंतर्गत आ जाए, इसका प्रस्ताव भेजा जा रहा है। इसके लिए सभी अधिकारियों के साथ संयुक्त निरीक्षण किया गया है। प्राथमिक रूप से स्थानीय प्रबंधन ने इसकी सहमति दी है। इसे जल्द ही एक अच्छा खेल परिसर बनाया जाएगा, यही प्रयास है। – विश्वास कैलाश सारंग, मंत्री, खेल एवं युवा कल्याण विभाग, मप्र शासन recent visitors 57

करंट से दो बाइक सवारों की मौत, छत्तीसगढ़-कोरबा में जंगली सुअर को मारने बिछाए बिजली के तार

कोरबा. जिले के बालको थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बेला में सोमवार की देर शाम उस वक्त सनसनी फैल गई जब दो ग्रामीण युवकों की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। देखते ही देखते राहगीरों की भीड़ एकत्रित हो गई और इसकी सूचना बालको थाना पुलिस को दी गई। बताया जा रहा है कि गांव से गुजरे 11KW करंट प्रवाहित तार से शिकारियों के द्वारा शिकार करने के लिए जीआई तार को बिछाया गया था। तार बहुत नीचे और जमीन से लगा हुआ था। इसी रास्ते से मोटरसाइकिल पर सवार होकर ग्राम टापरा की ओर से बेला आ रहे दो युवक नारायण कंवर पिता करम सिंह 35 वर्ष व टिकेश्वर राठिया पिता बृजलाल 32 वर्षीय दोनों करंट प्रवाहित तार की चपेट में आ गए। जहां दोनों की घटना स्थल पर ही मौत हो गई। यह मार्ग आम रास्ता होने के कारण लोगों की आवाजाही काफी ज्यादा थी। घटना के दौरान राहगीरों की नजर उन पर पड़ी और तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी गई। जहां मौके पर पहुंचे करंट प्रवाहित तार को पहले अलग किया। उसके बाद आगे की कार्यवाही शुरू की गई। वहीं इसकी सूचना मृतक के परिजनों को भी दिए जहां मौके पर पहुंचे। घटना की सूचना मिलते ही बालको थाना में पदस्थ एएसई माखन लाल पात्रे और प्रधान आरक्षक लक्ष्मीकांत खरसन टीम  के साथ घटनास्थल पहुंचे। मौके तक चारपहिया वाहन जाने का रास्ता नहीं है। पुलिस किसी तरह घटनास्थल पहुंची और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करते हुए रात करीब 10:45 बजे पंचनामा बाद शव को जिला अस्पताल के लिए रवाना किया गया। एम्बुलेंस कर्मियों द्वारा स्ट्रेचर में दोनों शवों के साथ करीब डेढ़ किलोमीटर की दूरी पैदल तय की गई, तब जाकर एम्बुलेंस तक पहुंचे। मंगलवार को सुबह पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जाएगी। मृतकों के परिजनों में कोहराम व गांव में शोक मिश्रित सन्नाटा पसर गया है। कुछ दिन पहले ही सिविल लाइन थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गोढ़ी के जंगल में भी जंगली सुअर पकड़ने करंट प्रवाहित तार बिछाया गया था जिसमें करंट की चपेट में आने से एक ग्रामीण की मौत हो गई थी लगातार जंगली सूअर का शिकार करने जंगलों में  शिकारी सक्रिय वही वन विभाग को कोई लेना-देना ही नहीं है किसी तरह की कोई कार्यवाही नहीं और ना ही वन विभाग इस पर नजर रखी हुई है तभी तो लगातार घटना सामने आ रहे हैं। recent visitors 86

हमीदिया में वार्ड ब्वॉय और टेक्नीशियन चार महीने से वेतन नहीं मिलने के चलते 500 कर्मचारी हड़ताल पर

भोपाल हमीदिया अस्पताल में वार्ड ब्वॉय और टेक्नीशियन चार महीने से वेतन नहीं मिलने के चलते लगभग 500 कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं। इसके चलते सुबह से ही यहां आने वाले मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार इन सभी कर्मचारियों को एजाइल सिक्योरिटी सर्विस कंपनी द्वारा वेतन दिया जाता है। यह सभी हमीदिया में एजाइल कंपनी के आउट सोर्स कर्मचारी हैं। इससे पहले इन कर्मचारियों ने तीन से चार बार कंपनी को पत्र लिखकर शिकायत की थी। पत्र के जवाब में कंपनी द्वारा सिर्फ आश्वासन दिया गया। इसके चलते कर्मचारियों ने हडताल कर दी। अब अस्पताल प्रबंधन ने इस मामले में कंपनी के अलावा शासन स्तर पर भी बातचीत की है, ताकि जल्द से जल्द ये मामला खत्म हो। कर्मचारियों की मांग- जिस विभाग में काम, वहीं से मिले वेतन वार्ड ब्वॉय रज्जू लाल ने कहा, हमारी मांग है कि जिस विभाग में हम काम कर रहे हैं, उसी विभाग से पेमेंट दिया जाए। वार्ड ब्वॉय, हाउस कीपिंग, लैब टेक्नीशियन, ऑपरेटर किसी की भी पेमेंट नहीं आई है। हम लोग पेमेंट के लिए कई बार लगातार आवेदन दे चुके हैं। लेकिन कोई जवाब नहीं दिया गया है। अगर हमारी बात नहीं सुनी गई, तो हम यहां से जिला कलेक्टर के पास जाएंगे। इसके अलावा हम मुख्यमंत्री के सामने भी अपनी परेशानी बताएंगे। पर्चा नहीं बनने से हो रही परेशानी आष्टा से आए मरीज के परिजन बताया कि वे सुबह से अपनी पत्नी को लेकर आए हैं। पत्नी को दर्द की शिकायत है, मगर पर्चा नहीं बनने की वजह से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। recent visitors 76

इंदौर के आवागमन को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिये पर्याप्त संख्या में बनाये जाएंगे अंडरपास और फ्लाय-ओवर मुख्यमंत्री डॉ. यादव

विकास को नई गति देकर लिखा जाएगा नया अध्याय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर में रचा गया विकास का स्वर्णिम इतिहास, मुख्यमंत्री ने एक साथ 222 करोड़ रुपये लागत के 4 फ्लाय-ओवर का किया लोकार्पण इंदौर के आवागमन को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिये पर्याप्त संख्या में बनाये जाएंगे अंडरपास और फ्लाय-ओवर  मुख्यमंत्री डॉ. यादव संत सेवालाल के नाम पर होगा फूटी कोठी ओवर ब्रिज और चौराहा इंदौर इंदौर में आज स्वर्णिम इतिहास रचा गया। सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक ही दिन में एक साथ लगभग 222.25 करोड़ रुपये लागत के 4 फ्लाय-ओवर का लोकार्पण किया। यह पहली बार हो रहा है जब इंदौर में एक ही दिन में एक साथ 4 फ्लाय-ओवर का लोकार्पण हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फूटी कोठी (संत सेवालाल चौराहा) सहित भंवरकुंआ, खजराना और लवकुश चौराहे के फ्लाय-ओवर का लोकार्पण किया। चारों फ्लाय-ओवर इंदौर के आवागमन को सुगम और सुरक्षित बनाने में मददगार होंगे। फ्लाय-ओवर के प्रारंभ होने से इंदौर के लाखों नागरिकों को सुगम एवं निर्बाध आवागमन की सुविधा मिलेगी। फूटी कोठी फ्लाय-ओवर का नाम प्रसिद्ध संत सेवालाल जी महाराज के नाम पर किया गया है। फ्लॉय-ओवर लोकार्पण अवसर पर नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, इंदौर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष और विधायक और पूर्व मंत्री सुउषा ठाकुर, महेन्द्र हार्डिया, रमेश मेंदोला, गोलू शुक्ला, महेन्द्र हार्डिया और मनोज पटेल, अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम के अध्यक्ष सावन सोनकर,जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रीना मालवीय, पूर्व महापौर कृष्णमुरारी मोघे, गौरव रणदिवे, चिन्टू वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि विशेष रूप से मौजूद थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फूटी कोठी (संत सेवालाल चौरहा) में आयोजित फ्लाय-ओवर के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में विकास को नई गति देकर विकास का नया अध्याय लिखा जाएगा। विकास के सभी अवरोधों को हटाकर प्रदेश के सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर का चहुँमुखी विकास और सुरक्षित यातायात हमारी प्राथमिकता है। हमारा प्रयास है कि इंदौर के किसी भी चौराहे पर यातायात बाधित न हो और वाहन चालकों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। उन्होंने इंदौर की यातायात संबंधी परेशानियों के निराकरण के लिए कहा कि यहाँ जितने भी अंडरपास/ओवर ब्रिज की आवश्यकता होगी, वह सभी बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने इंदौर में 400 करोड़ रुपए की लागत से सीवरेज लाइन का कार्य करने की बात भी कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नशे का अवैध कारोबार करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। नशे के अवैध कारोबार करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि मनुष्यों की सोच जहां समाप्त होती है, वहीं से संतों की सोच शुरू होती है। मनुष्यों एवं देवताओं के बीच संत सेतु के रूप में होते हैं। समाज के किसी भी संत के योगदान को भुलाया नहीं जाएगा। उन्होंने प्रदेश में गायों के संरक्षण, दुग्ध उत्पादन बढ़ाने तथा गौ-शालाओं के संचालन के संबंध में राज्य शासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि फूटी कोठी चौराहे का नाम संत सेवालाल चौराहा होगा। इंदौर के चौराहों पर आवश्यकतानुसार अंडर-पास और ओवर ब्रिज बनाए जाएंगे। आगामी 3 वर्षों में एक कार्य-योजना बनाकर लगभग 20 से 25 अंडरपास/ओवर ब्रिज बनाए जाएंगे। इंदौर शहर में यातायात सुधार के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने मादक पदार्थों के अवैध कारोबार करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि नशा मुक्त समाज बनाना हमारा संकल्प है। जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने लोकार्पित हुए 4 ओवर ब्रिज के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम को संत गोपाल चैतन्य महाराज ने भी संबोधित किया। एकलव्य सिंह गौड़ ने आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने इंदौर भ्रमण के दौरान सबसे पहले फूटी कोठी फ्लाय-ओवर का लोकार्पण किया। यह फ्लाय-ओवर 610 मीटर लंबा है। इसकी चौड़ाई 24 मीटर एवं 6 लेन है। इसके निर्माण पर 57.70 करोड़ रूपये लागत आयी है। इसी तरह उन्होंने भवर कुआं के फ्लाय-ओवर का लोकार्पण भी किया। भंवरकुंआ में 625 मीटर लंबे और 24 मीटर चौड़ाई के 6 लेन फ्लाय-ओवर का निर्माण 55.77 करोड़ रूपये की लागत से किया गया है। इसी तरह लवकुश चौराहा और खजराना चौराहा के फ्लाय-ओवर की एक-एक भुजा का लोकार्पण भी किया गया। खजराना के फ्लाय-ओवर की लागत 41.19 करोड़ और लवकुश चौराहे के फ्लाय-ओवर की लागत 66.88 करोड़ रूपये हैं। उक्त दोनों फ्लाय-ओवर भी 6 लेन हैं। इन दोनों फ्लाय-ओवर की दूसरी भुजाओं का कार्य भी लगभग 90 प्रतिशत से अधिक हो चुका है। शेष कार्य भी जल्द ही पूरा हो जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौरी जायके का लिया स्वाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर भ्रमण के दौरान विजय नगर स्थित एक रेस्टॉरेंट पर रूके। यहाँ उन्होंने अपने मंत्री के साथी कैलाश विजयवर्गीय और तुलसीराम सिलावट सहित अन्य जन-प्रतिनिधियों के साथ इंदौरी जायके का स्वाद लिया। उन्होंने रेस्टॉरेंट में पानीपुरी, भजिये और छोले भटूरे भी खाये।   recent visitors 63