मुख्यमंत्री ने कहा- राज्य सरकार द्वारा 17-18 अक्टूबर 2024 को भोपाल में खनन कॉन्क्लेव आयोजित की जा रही है

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के महत्वाकांक्षी विकसित भारत-2047 के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति करते हुए राज्य सरकार द्वारा 17-18 अक्टूबर 2024 को भोपाल में खनन कॉन्क्लेव आयोजित की जा रही है। यह महत्वपूर्ण आयोजन राज्य में खनन, तेल, गैस और खनिज आधारित उद्योगों की व्यापक संभावनाओं को प्रदर्शित करेगा, जो विकास की रीढ़ के रूप में कार्य करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश, खनिज संसाधनों से समृद्ध राज्य है और देश के खनन क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह देश का एकमात्र राज्य है जो हीरे का उत्पादन करता है साथ ही मैंगनीज और तांबा अयस्क के उत्पादन में भी अग्रणी है, जो विभिन्न औद्योगिक उपयोगों के लिए महत्वपूर्ण हैं। इसके अलावा राज्य रॉक-फॉस्फेट उत्पादन में दूसरे, सीमेंट उद्योग के लिए आवश्यक चूना पत्थर उत्पादन में तीसरे और कोयला उत्पादन में चौथे स्थान पर है। कोल-गैस के उत्पादन में भी राज्य दूसरे स्थान पर है, जो वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों और स्थिरता की दिशा में उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस कॉन्क्लेव से मध्यप्रदेश सरकार राज्य को खनन और खनिज-आधारित उद्योगों का प्रमुख केंद्र बनाने के लिये की पहल कर रही है। इससे राज्य में आर्थिक संमृद्धि और रोजगार के अवसरों में बढ़ोतरी होगी। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में सभी हितधारकों, उद्योगपतियों और खनन क्षेत्र के विशेषज्ञों को शामिल होने के लिये आमंत्रित किया गया है। इनकी रहेगी विशेष उपस्थिति खनन कॉन्क्लेव में केंद्रीय खनन मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी, केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री एस.सी. दुबे और सचिव केन्द्रीय खान मंत्रालय श्री वी.एल. कांता राव शामिल होंगे, जो राज्य में खनन क्षेत्र को प्रोत्साहित करने के लिये केन्द्र सरकार की ओर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराऐंगे इस कार्यक्रम में 600 से अधिक प्रतिनिधियों की भागीदारी होगी। इसमें एन.सी.एल, एच.सी.एल, एन.एम.डी.सी., ओ.एन.जी.सी., और जी.ए.आई.एल जैसी प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधि और अन्य राज्यों के उद्योगपति शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि कॉन्क्लेव खनिज कंपनियों, उद्योग प्रतिनिधियों और अन्य प्रमुख हितधारकों को एक मंच पर लाएगा, जिससे सहयोग और नवाचार को प्रोत्साहन मिलेगा। इस आयोजन का उद्देश्य मध्यप्रदेश के समृद्ध खनिज संसाधनों को प्रदर्शित करना है, जिससे राज्य में निवेश को आकर्षित किया जा सके। इसमें कोयला, चूना पत्थर, तेल और गैस, सहित अन्य महत्वपूर्ण खनिजों की संभावनाओं पर चर्चा होगी। साथ ही खनन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और मशीन लर्निंग की भूमिका पर भी जोर दिया जाएगा। इस आयोजन में डिजिटल परिवर्तन, ऊर्जा सुरक्षा, और स्थिरता पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जिसमें खनन कार्यों में ऑटोमेशन के साथ एआई और मशीन लर्निंग के उपयोग पर चर्चा होगी। कोल गैस (CBM) जैसे वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की संभावनाओं का भी अन्वेषण किया जाएगा। सीमेंट, ऊर्जा, और खनिज-आधारित उद्योगों से संबंधित मुद्दों पर गहन चर्चा के लिए एक राउंड टेबल मीटिंग भी होंगी। कॉन्क्लेव में कई संस्थानों के साथ एमओयू भी होंगे, जो राज्य के खनन बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से किए गए निवेश प्रस्तावों को औपचारिक रूप देंगे। recent visitors 77

साय कैबिनेट की 15वीं बैठक 16 को, धान खरीदी और राज्योत्सव समेत कई मुद्दों पर होगी चर्चा

रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में 16 अक्टूबर को राज्य कैबिनेट बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण एजेंडों और राज्य के विकास से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा, इस दौरान आगामी राज्योत्सव और धान खरीदी की तैयारियों की समीक्षा भी किये जाने की संभावना है। बता दें कि प्रदेश की विष्णुदेव सरकार ने इस साल राज्य में 160 लाख टन धान खरीदी का लक्ष्य रखा गया है और 15 नवंबर से खरीदी शुरू करने का प्रस्ताव है। इन प्रस्तावों पर कैबिनेट की मुहर लगने की संभावना है। इसके साथ ही प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों द्वारा 4% महंगाई भत्ता (डीए) बढ़ाने की मांग पर विचार और कुछ विभागों में नए पदों की स्वीकृति के प्रस्ताव भी कैबिनेट के समक्ष रखे जा सकते हैं। कैबिनेट बैठक में विधायकों के यात्रा भत्ते में वृद्धि के प्रस्ताव को भी मंजूरी के लिए पेश किया ज सकता है। इसके अलावा, पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों को एक साथ कराए जाने पर भी चर्चा हो सकती है। इस संदर्भ में गठित आईएएस ऋचा शर्मा की कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है, जिसमें दोनों चुनाव एक साथ कराने की अनुशंसा की गई है। गौरतलब है कि इससे पहले बीते 20 सितंबर को कैबिनेट की बैठक हुई थी, जिसके बाद मंत्रियों की व्यस्तता के कारण इस महीने की शुरुआत में प्रस्तावित बैठक स्थगित हो गई थी। recent visitors 74

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा, दुनियाभर में तेजी से आंखों से संबंधित समस्या मायोपिया के मामले बढ़ते जा रहे हैं

नईदिल्ली साल 2019 के अंत में शुरू हुई कोविड-19 महामारी का असर अब भले ही हल्का हो गया है पर संक्रमण का खतरा वैश्विक स्तर पर अब भी बना हुआ है। वायरस में म्यूटेशन से उत्पन्न होने वाले नए-नए वेरिएंट्स विशेषज्ञों की चिंता बढ़ाते रहे हैं। इस बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने दुनियाभर में बढ़ती एक नई महामारी को लेकर लोगों को अलर्ट किया है। विशेषज्ञों ने कहा, हम सभी तकनीक से प्रेरित इस दुनिया में दिनभर किसी ने किसी तरह के स्क्रीन से चिपके रहते हैं। मोबाइल, टेलीविजन हो या लैपटॉप, इनके अधिक उपयोग के कारण हमारा स्क्रीन टाइम काफी बढ़ गया है जो एक नई महामारी को जन्म दे सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा, दुनियाभर में बहुत तेजी से आंखों से संबंधित समस्या, विशेषतौर पर मायोपिया (निकट दृष्टिदोष) के मामले बढ़ते जा रहे हैं। यह बच्चों में सबसे ज्यादा रिपोर्ट की जा रही समस्या है जिसके कारण कम दिखाई देने और समय के साथ अंधेपन का खतरा बढ़ जाता है। अगर समय रहते इसे नियंत्रित करने के लिए प्रयास न किए गए तो अगले एक-दो दशक में वयस्कों की बड़ी आबादी मायोपिया से पीड़ित हो सकती है। ये निश्चित ही गंभीर चिंता का विषय है। मायोपिया के बढ़ते मामले स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, बचपन में मायोपिया का निदान होने से जीवन की गुणवत्ता भी प्रभावित हो सकती है। यह प्रवृत्ति चिंताजनक है, यह सिर्फ चश्मे पर निर्भरता की समस्या नहीं है बल्कि इसके कारण ग्लूकोमा और रेटिनल डिटेचमेंट जैसी आंखों की अन्य बीमारियों का जोखिम भी बढ़ जाता है। कुछ अध्ययनों का अनुमान है कि वर्ष 2050 तक दुनिया की लगभग आधी आबादी मायोपिया से पीड़ित हो सकती है। भारत में, बच्चों में मायोपिया की घटना लगातार बढ़ रही है। कोरोना महामारी ने इसके जोखिमों को और भी बढ़ा दिया है। मायोपिया के कारण मानसिक रोगों का खतरा नेत्र रोग विशेषज्ञ कहते हैं, ज्यादातर मामलों में मायोपिया का निदान बचपन में ही किया जाता है। ये समस्या सिर्फ आंखों तक ही सीमित नही हैं, इसके कारण मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक असर होने का खतरा रहता है। मायोपिया के कारण बच्चों की विशिष्ट खेलों और अन्य गतिविधियों में भागीदारी कम हो जाती है। बाहर खेल-कूद में कमी के कारण मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर हो सकता है। मायोपिया के शिकार लोगों में भविष्य में स्ट्रेस-एंग्जाइटी और मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित कई तरह की अन्य विकारों का जोखिम अधिक हो सकता है। बच्चों में मायोपिया की बढ़ती समस्या ब्रिटिश जर्नल ऑफ ऑप्थल्मोलॉजी में प्रकाशित अध्ययन में बच्चों में मायोपिया की बढ़ती समस्या को लेकर अलर्ट किया गया है। 50 देशों में पांच मिलियन (50 लाख) से अधिक बच्चों और किशोरों पर किए गए शोध में पाया गया है कि एशियाई देशों में इसका जोखिम सबसे अधिक देखा जा रहा है। जापान में 85% और दक्षिण कोरिया में 73% बच्चे निकट दृष्टि दोष से ग्रस्त हैं, जबकि चीन और रूस में 40% से अधिक बच्चे इससे प्रभावित हैं। मायोपिया के बारे में जानिए नेत्र रोग विशेषज्ञों के मुताबिक मायोपिया (निकट दृष्टिदोष) आंखों की गंभीर समस्या है, जिसमें रोगी को अपने निकट की वस्तुएं तो स्पष्ट रूप से देखती हैं, लेकिन दूर की वस्तुएं धुंधली दिखाई पड़ती हैं। इसमें आंख का आकार बदल जाता है। सामान्यतौर पर आंख की सुरक्षात्मक बाहरी परत कॉर्निया के बड़े हो जाने के कारण ऐसी समस्या हो सकती है। ऐसी स्थिति में आंख में प्रवेश करने वाला प्रकाश ठीक से फोकस नहीं कर पाता है। क्यों बढ़ रहे हैं मायोपिया के मामले 'द लैंसेट डिजिटल हेल्थ जर्नल' में प्रकाशित अध्ययन में शोधकर्ताओं ने बताया था कि स्क्रीन टाइम ने बच्चों और युवाओं में मायोपिया के जोखिम को पहले की तुलना में काफी बढ़ा दिया है। स्मार्ट डिवाइस की स्क्रीन पर बहुत अधिक समय बिताना मायोपिया के खतरे को 30 फीसदी तक बढ़ा देता है। इसके साथ ही कंप्यूटर के अत्यधिक उपयोग के कारण यह जोखिम बढ़कर लगभग 80 प्रतिशत हो गया है। इसके अलावा कोरोना महामारी की नकारात्मक स्थितियों जैसे लोगों को ज्यादा से ज्यादा समय घरों में बीतना, बाहर खेलकूद में कमी और ऑनलाइन क्लासेज के कारण आंखों से संबधित इस रोग के मामले और भी बढ़ गए हैं।  recent visitors 145

16 करोड़ रुपये की लागत से ओंकारेश्वर में वॉटर टूरिज्म बढ़ाने की योजना, राजस्व में होगी वृद्धि

खंडवा टूरिज्म के लिहाज से बड़ी खबर है. मध्य प्रदेश टूरिज्म डेवलेपमेंट कॉर्पोरेशन (MPTDC) बोट क्लबों सहित वॉटर टूरिज्म की उन सभी जगहों को विकसित कर रहा है, जहां टूरिस्ट को आकर्षित किया जा सकता है. इसी सिलसिले में कॉर्पोरेशन ने ओंकारेश्वर में वॉटर टूरिज्म बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया है. इसमें मिनी क्रूज, पैरासिलिंग और मैकेनिकल बोट चलाने की योजना बनाई जा रही है. इस पूरे प्रोजेक्ट की लागत 16 करोड़ रुपये है. अधिकारी बताते हैं कि सरकार को वित्तीय वर्ष 2023-24 में बोट क्लब से 6 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है. इनके दोबारा बनने से राजस्व में वृद्धि हो सकती है. मध्य प्रदेश टूरिज्म डेवलेपमेंट कॉर्पोरेशन (MPTDC) के अधिकारियों ने बताया कि हमने प्रदेश की कई जगहों पर नए बोट क्लबों की स्थापना के साथ-साथ पहले से स्थापित जगहों को और खूबसूरत बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है. ताकि, टूरिस्ट को प्रदेश के टूरिज्म स्पॉट पर और ज्यादा सुविधाएं मिल सकें. हमने नए वॉटर टूरिज्म के नए केंद्रों को स्थापित करने का भी प्रस्ताव दिया है. गौरतलब है कि, ओंकारेश्वर में पहले से ही छोटा सा बोट क्लब है. इसमें चार स्पीड बोट चलाई जाती हैं. इन्हें एक साल पहले यहां लाया गया था. अब इसे और विकसित करने का प्रस्ताव दिया गया है. यह है पूरा प्रस्ताव अधिकारी बताते हैं कि ओंकारेश्वर में हमने पैरासेलिंग बोट चलाने का प्रस्ताव दिया है. इससे एडवेंचर पसंद करने वालों के लिए नया केंद्र होगा. भोपाल से प्रकाशित अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, अधिकारियों का कहना है कि टूरिस्ट को यहां तक लाने के लिए कई सुविधाओं और गतिविधियों की योजना बनाई जा रही है. हम यह भी कोशिश कर रहे हैं कि डीजल की जगह इलेक्ट्रिकल-सोलर ऊर्जा की इस्तेमाल किया जाए. दूसरे डैम भी होंगे विकसित इसके अलावा कॉर्पोरेशन गंभीर डैम और सरसी बोट को भी विकसित किया जाएगा. उज्जैन के गंभीर डैम में भी मिनी क्रूज, इलैक्ट्रिक बोट और शिकारा चलाया जाएगा. इंदौर क्षेत्र में ओंकारेश्वर, सैलानी, गांधी सागर और चोरल में टूरिज्म एक्टिविटी होती हैं. प्रदेश में फिलहाल 15 बोट क्लब संचालित हैं. recent visitors 142

20 अक्टूबर करवा चौथ 80 साल बाद गजकेसरी योग में मानेगा

 हिंदू धर्म में करवा चौथ का विशेष महत्व है। सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु और अच्छे स्वास्थ्य के लिए और कुंवारी कन्याएं मनचाहा वर पाने के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। इस व्रत को कठोर व्रत में से एक माना जाता है, क्योंकि इसे निर्जला रखा जाता है। रात को चंद्रमा देखने के बाद ही व्रत खोलते हैं। इस साल करवा चौथ का व्रत 20 अक्टूबर को रखा जा रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस साल करवा चौथ पर काफी दुर्लभ योग बन रहे हैं, जिससे कई राशियों की किस्मत चमक सकती है। बता दें कि अबकी बार करवा चौथ के दिन गजकेसरी, महालक्ष्मी के साथ शश, समसप्तक, बुधादित्य, जैसे राजयोगों का निर्माण हो रहा है। ऐसे में कुछ राशि के जातकों की किस्मत चमक सकती है। आइए जानते हैं करवा चौथ पर बन रहे शुभ योगों से किन राशियों की चमक सकती है किस्मत… ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, अबकी बार सूर्य और बुध दोनों ही ग्रह शुक्र की राशि तुला में है। ऐसे में बुधादित्य योग का निर्माण हो रहा है। इसके साथ ही शुक्र के वृश्चिक राशि में आने वह गुरु के साथ मिलकर समसप्तक योग का निर्माण कर रहे हैं। इसके अलावा शनि अपनी राशि कुंभ में रहकर शश राजयोग का निर्माण कर रहे हैं। इसके अलावा चंद्रमा वृषभ राशि में गुरु के साथ युति करके गजकेसरी और मिथुन राशि में मंगल के साथ युति करके गजकेसरी राजयोग का निर्माण कर रहे हैं। वृषभ राशि (Vrishabha Zodiac) इस राशि के जातकों के लिए करवा चौथ का दिन काफी खास जाने वाला है। इस राशि के जातकों को हर क्षेत्र में सफलता के साथ-साथ धन लाभ हो सकता है। लंबे समय से रुके काम पूरे होने के साथ-साथ परिवार के साथ खुशनुमा वक्त बीतेगा। इस राशि के जातकों के ऊपर बुध, शुक्र, शनि के साथ-साथ मंगल ग्रह की विशेष कृपा हो सकती है। ऐसे में इस राशि के जातकों द्वारा किए गए कामों की सराहना हो सकती है। वाहन, संपत्ति आदि खरीदने की चाह पूरी हो सकती है। स्वास्थ्य अच्छा रहने वाला है। संतान की ओर से भी कोई खुशखबरी मिल सकती है। कन्या राशि (Kanya Zodiac) कन्या राशि के जातकों के लिए करवा चौथ का दिन लाभकारी सि्द्ध हो सकता है। इस राशि के जातकों हर क्षेत्र में सफलता हासिल हो सकती है। लंबे समय से चली रही पैसों की तंगी से निजात मिल सकता है। संतान की ओर से भी कोई खुशखबरी मिल सकती है। इसके साथ ही आपकी भी थोड़ी सी टेंशन कम होगी। वैवाहिक जीवन में खुशियां बनी रहेगी। परिवार के साथ अच्छा समय बीतेगा। इसके साथ ही अविवाहितों को शादी का प्रस्ताव आ सकता है। सरकारी नौकरी पाने के भी चांसेस तेजी से बन रहे हैं। भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। स्वास्थ्य ही अच्छा रहने वाला है। तुला राशि (Tula Zodiac) इस राशि के जातकों के लिए भी करवा चौथ काफी खुशियां लेकर आने वाला है। एकाग्रता में बढ़ोतरी होगी। इसके साथ ही बौद्धिक क्षमता अच्छे होने के कारण आप कोई बड़ा निर्णय ले सकते हैं। भविष्य के लिए लिया गया ये निर्णय आपके लिए लाभकारी सिद्ध हो सकता है। छात्रों के लिए भी ये अवधि लाभकारी सिद्ध हो सकती है। पढ़ाई में मन लगेगा। परिवार के साथ अच्छा वक्त बीतेगा। जीवन में खुशियों की दस्तक हो सकती है। कार्यस्थल पर वरिष्ठों और सहकर्मियों का साथ मिलेगा, जिससे आप अपने लक्ष्य को पाने में सफल हो सकते हैं। recent visitors 91

इंदौर शहर में केबल कार चलाने का प्रारंभिक सर्वे का कार्य भी पूरा, राजवाड़ा से तीन रूट जुड़े

 इंदौर  इंदौर शहर में मेट्रो का निर्माण कार्य जारी है और गांधी नगर से रोबोट चौराहा तक कारिडोर बनाया जा चुका है। इसी बीच शहर में केबल कार चलाने का प्रारंभिक सर्वे का कार्य भी पूरा कर लिया गया है। प्रारंभिक सर्वे में सर्वाधिक जनसंख्या घनत्व वाले क्षेत्र को कवर कर सात रूट बनाए गए हैं। यह रूट 60.12 किमी क्षेत्र को कवर करेंगे। प्रत्येक किलोमीटर की अनुमानित लागत 100 करोड़ रुपये आंकी गई है। पहले फेस में 2.5 किमी हिस्से में निर्माण करने का प्रस्ताव है। इस हिस्से में केबल कार का रूट बनाने के लिए 250 करोड़ रुपये खर्च करने होंगे। शहर के केबल कार चलाने के लिए प्रारंभिक सर्वे में सात रूट बनाए गए हैं। इनमें से प्राथमिकता वाले रूट का चयन जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की बैठक में होगा। इसके बाद एजेंसी डिटेल रिपोर्ट तैयार करेंगी। शहर में केबल कार चलाने के लिए भारी-भरकम राशि खर्च करना होगी। आइडीए के सीईओ आरपी अहिरवार का कहना है कि अभी प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार हुई है। जल्द ही बैठक कर फाइनल रूट तय किया जाएगा। इसके बाद कंपनी कंपनी फाइनल रिपोर्ट बनाएगी। 1.3 किमी पर बनेगा स्टेशन मेट्रो की प्रारंभिक रिपोर्ट में प्रत्येक 1.3 किमी पर स्टेशन का प्रस्ताव दिया गया है। 60 किमी लंबे सात रूट पर 41 स्टेशन बनाने का प्रस्ताव कंपनी ने रखा है। प्रत्येक रूट के एक किमी हिस्से में बफर जोन रहेगा। फाइनल रूट तय होने के बाद अलग-अलग रूट में काम किया जाएगा। ताकि शहर में यातायात की परेशानी की समस्या उत्पन्न न हो। राजवाड़ा से तीन रूट जुड़े प्रारंभिक सर्वे में जो रूट तय किए गए है, उसमें तीन रूट ही राजवाड़ा से जुड़े हैं। जबकि अन्य चार रूट बाहरी क्षेत्रों में बनाए गए है। लाइन वन चंदशेखर चौराहा से शिवाजी वाटिका तक जा रही है। इसमें गुरुद्वारा पर स्टेशन प्रस्तावित है। जबकि लाइन-2 राजवाड़ा से सुपर कॉरिडोर तक बनेगी, इसमें राजवाड़ा पर स्टेशन प्रस्तावित है। लाइन-7 जो रामचंद्र नगर से पलासिया दरगाह तक बनेगी इसमें राजवाड़ा चौक पर स्टेशन प्रस्तावित है। यह हैं सात रूट     लाइन-1 – चंद्रशेखर आजाद चौराहा से मालगंज, जवाहर मार्ग गुरुद्वारा, सरवटे बस स्टेशन से शिवाजी वाटिका चौराहा तक।     लाइन-2 – जवाहर मार्ग गुरुद्वारा से राजवाड़ा चौक, मरीमाता, टिगरिया बादशाह से सुपर कारिडोर तक।     लाइन-3 – खालसा चौक से लक्ष्मीबाई रेलवे स्टेशन, मरीमाता, किला मैदान होते हुए रामचंद्र नगर तक।     लाइन-4 – खालसा चौक से विजय नगर, शिवाजी वाटिका, टावर चौराहा, आइटी पार्क, पालदा होते हुए बायपास तक।     लाइन-5 – भीम नगर से चाणक्यपुरी, दशहरा मैदान, लुनियापुरा, सरवटे बस स्टेशन से रेलवे स्टेशन तक।     लाइन-6 – रेलवे स्टेशन से मालवा मिल, पाटनीपुरा, बापट चौराहा से खालसा चौक निरंजनपुर तक।     लाइन-7 – रामचंद्र नगर से बड़ा गणपति, राजवाड़ा चौक, रेलवे स्टेशन से पलासिया दरगाह तक।   recent visitors 142

देश की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस स्लीपर मुंबई से दिल्ली रूट पर चलाई जाएगी, मध्य प्रदेश के 5 स्टेशनों से होकर गुजरेगी

भोपाल वंदे भारत स्लीपर ट्रेन भारतीय रेलवे द्वारा पेश की गयी एक अल्ट्रामॉर्डन और कंफर्टेबल ट्रेन है जो लंबी दूरी की यात्रा को सुविधाजनक और आरामदायक बनाने के उद्देश्य से जल्द शुरू होने वाली है। इसकी सौगात मध्यप्रदेश वासियों को भी मिल रही है। जानकारी के मुताबिक पहली वंदे भारत स्लीपर का कॉमर्शियल रन आने वाले समय यानि दिसंबर तक शुरू हो जाएगा। देश की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस स्लीपर मुंबई से दिल्ली रूट पर चलाई जा सकती है। स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस मध्य प्रदेश के 5 स्टेशनों से होकर गुजरेगी। रेलवे बोर्ड ने इसका रूट भी लगभग फाइनल कर लिया है। कितना होगा वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का किराया रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) पहले ही बता चुके है कि वंदे भारत स्लीपर का किराया देश में राजधानी एक्सप्रेस के किराए के बराबर होने वाला है। अर्थात् फर्स्ट एसी में लगभग 2100 रुपये , सेकंड एसी में लगभग 1695 रुपये, थर्ड एससी में लगभग 1270 रुपये किराया रहेगा। एमपी से चल रही है ये वंदे भारत एक्सप्रेस -रानी कमलापति स्टेशन से हजरत निजामउद्दीन वंदे भारत ट्रेन (अप्रैल 2023 से शुरू) । इसमें 16 कोच हैं। 1128 सीटों वाली इस ट्रेन में 14 एसी चेयर कार और 2 एग्जीक्यूटिव क्लास कोच हैं। -हजरत निजामुद्दीन से खजुराहो के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस (मार्च 2024 से)यह ट्रेन झांसी, ग्वालियर, ललितपुर, टीकमगढ़ और छतरपुर में रुकती है। -रानी कमलापति स्टेशन से जबलपुर और इंदौर के लिए दो ट्रेनें (जून 2023 से शुरू)। नागपुर और रीवा तक एक्सटेंड किया गया। recent visitors 194