बहराइच में बढ़ा बवाल, मूर्ति विसर्जन के दौरान गोली मारने से युवक की मौत, सब रखकर लोगो ने किया प्रदर्शन

बहराइच बहराइच में महसी के महाराजगंज कस्बे में मूर्ति विसर्जन के दौरान गोली मारने से मृतक युवक का शव सुबह पौने आठ बजे गांव पहुंचा। मौके पर पहुंचे तहसीलदार को आक्रोशित ग्रामीणों ने खदेड़ दिया। शव लेकर ग्रामीण महसी तहसील मुख्यालय कूच कर आए हैं। यहां शव रखकर हजारों की भीड़ प्रदर्शन कर रही है। कई थानों की पुलिस संग डीएम व एसपी मौके पर लोगों को समझाने में लगी हुई हैं, लेकिन आक्रोशित लोग हत्यारोपितों के एनकाउंटर व घर पर बुलडोजर चलाने की मांग पर अड़े हुए हैं। महाराजगंज कस्बे में मूर्ति विसर्जन जुलूस के दौरान खैरीघाट थाने के ग्राम रेहुआ मंसूर निवासी 22 वर्षीय गोपाल मिश्र को गोली मार दी गई थी। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। आज सुबह उसका शव पैतृक गांव पहुंचते ही आसपास के गांवों के लोग एकत्र हो गए। सूचना पर तहसीलदार महसी पहुंचे। इन्हें देखते ही ग्रामीणों का गुस्सा और भड़क गया। तहसीलदार जाओ, जाओ के नारे संग उन्हें खदेड़ दिया गया। ग्रामीण शव को कंधों पर रखकर निकल पड़े। जिस गांव से शव गुजरा सैकड़ों ग्रामीण कारवां के साथ जुड़ते चले गए। सात किलोमीटर लंबा फासला तय कर ग्रामीण शव लेकर महसी तहसील मुख्यालय पहुंच गए। यहां शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया गया। सूचना पर डीएम मोनिका रानी, एसपी वृंदा शुक्ला, एडीएम गौरव रंजन, एएसपी ग्रामीण पवित्र मोहन त्रिपाठी समेत कई थानों की पुलिस भी बुला ली गई है। आक्रोशित ग्रामीणों को माइक से डीएम लगातार समझाने का प्रयास कर रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गोली मारने व उन्माद करने वालों को खोज कर एनकाउंटर किया जाए। आरोपितों के घरों पर बुलडोजर संग पीड़ित परिवार को एक करोड़ की मुआवजा उपलब्ध कराया जाना चाहिए। फिर भांपने में चूका खुफिया तंत्र जिला अस्पताल गेट बाहर सड़क पर शव प्रदर्शन के बाद भी जनभावनाओं को समझने में खुफिया व पुलिस महकमा एक बार फिर चूका है। जिस समय मृतक का शव गांव पहुंचा। आला अधिकारी के बजाए तहसीलदार को मौके पर भेजा गया है। इसके चलते सात किलोमीटर तक शव लेकर आक्रोशित ग्रामीण तहसील मुख्यालय पहुंच गए। डीएम माइक से वार्ता की लगातार कर रही अपील डीएम मोनिका रानी आक्रोशित भीड़ संग वार्ता को लेकर लगातार माइक से समझाने का प्रयास कर रही हैं। डीएम तीन जिम्मेदारों को सामने आकर अपनी मांग रखने को कह रही हैं। उनका कहना है कि शव दफनाने के बाद वे लोग मांग को लेकर तत्काल कार्रवाई शुरू करेंगी। हालांकि भीड़ लिखित आश्वासन मांग रही है। विधायक के आश्वासन पर माने लोग, शव लेकर निकले गांव की ओर महसी तहसील मुख्यालय पर शव रखकर सुबह नौ बजे से प्रदर्शन कर रहे ग्रामीण विधायक महसी सुरेश्वर सिंह के आश्वासन के बाद मान गए हैं। ग्रामीण तहसील से शव लेकर गांव की ओर निकल पड़े हैं। शव यात्रा में भारी भीड़ भी शामिल है। सुरक्षा के मद्देनजर गांव तक के रास्तों पर पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है। विधायक ने कठोर से कठोर कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया है। recent visitors 71

राज्यपाल से राजभवन में प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टरों ने की मुलाकात

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि लोकसेवा पात्र, जरूरतमंदों और गरीबों की सेवा करने का सुअवसर है। उन्होंने डिप्टी कलेक्टरों से कहा कि "लोकसेवा" शब्द का अर्थ गहराई से समझें। जनता की सेवा के भाव को अपने मन में सदैव सबसे ऊपर रखें।  सेवाकाल में ईमानदारी और निष्ठा से काम करने में ही जीवन की सार्थकता है। राज्यपाल पटेल नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय एकेडमी भोपाल में प्रशिक्षणाधीन राज्य प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टर्स को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर अकादमी के महानिदेशक जे.एन. कंसोटिया भी मौजूद थे। राज्यपाल पटेल ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के ग़रीब कल्याण कार्यक्रमों को सफल बनाना लोक सेवकों की ज़िम्मेदारी है। सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित कराना उनका मूल कर्तव्य है। अपने सेवाकाल में हमेशा बड़े-बुजुर्गों, दिव्यांगों और वंचितों के प्रति सम्मान और आदर का भाव रखें। राज्यपाल पटेल ने कहा कि राज्य की सेवा करने के लिए प्रशासनिक तंत्र का अंग बनने का अवसर मिलना सौभाग्य की बात है। प्रशिक्षु अधिकारी प्रशिक्षण से जुड़ी बातें, नियमों और अधिनियमों को बारीकी से सीखें। प्रदेश की सामाजिक, आर्थिक, भौगोलिक, चुनौतियों के अनुरूप समाधान का दृष्टिकोण अपनाए। उन्होंने प्रशासनिक अकादमी भोपाल द्वारा अधिकारियों को स्वच्छ और संवेदनशील लोक-सेवक बनाने के लिए गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रमों के आयोजन की सराहना की। राज्यपाल पटेल ने राज्य प्रशासनिक सेवा में चयन के लिए सभी प्रशिक्षणार्थियों को बधाई भी दी। जनजाति समुदाय के साथ संवेदनशील और सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार रखें राज्यपाल पटेल ने कहा कि मध्यप्रदेश जनजातीय बहुल राज्य है। प्रदेश के समग्र विकास के लिए जनजाति वर्ग का विकास बहुत जरूरी है। प्रशिक्षु अधिकारी जनजाति समुदाय के प्रति हमेशा सरल, संवेदनशील और सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार रखें। उनके साथ आत्मीय, सीधा और जीवंत सम्पर्क बनाए। उन्हें विकास की मुख्यधारा में शामिल करने में अपना  योगदान दें। महानिदेशक नरोन्हा एकेडमी, भोपाल जे.एन. कंसोटिया ने स्वागत उद्बोधन में राज्यपाल पटेल को प्रशिक्षण कार्यक्रम की विस्तार से जानकारी दी। राज्यपाल पटेल का संचालक प्रशासनिक अकादमी मुजीबुर्रहमान खान ने स्मृति चिन्ह भेंट किया। प्रशिक्षु अधिकारी सुप्रियंका भलावी और आशुतोष महादेवसिंह ठाकुर ने प्रशिक्षण के अनुभवों को साझा किया। विधि भारद्वाज ने आभार माना। कार्यक्रम में राज्यपाल के अपर सचिव उमाशंकर भार्गव, राजभवन के अधिकारी उपस्थित थे।   recent visitors 67

केंद्रीय कर्मचारियों को एक महीने की सैलरी के बराबर बोनस, खाते में आएगी इतनी राशि, आदेश जारी

नई दिल्ली वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग द्वारा 10 अक्तूबर को जारी आदेश के अनुसार, एडहॉक बोनस के तहत जो रकम दी जाती है, उसका निर्धारण करने के लिए एक नियम बनाया गया है। कर्मियों का औसत वेतन, गणना की उच्चतम सीमा के अनुसार, जो भी कम हो, उसके आधार पर यह बोनस जोड़ा जाता है। यदि किसी कर्मी को सात हजार रुपये मिल रहे हैं, तो उसका 30 दिनों का मासिक बोनस लगभग 6908 रुपये रहेगा। इस तरह के बोनस का फायदा, केंद्र सरकार के उन कर्मचारियों को ही मिलेगा, जो 31 मार्च 2024 को सेवा में रहे हैं। उन्होंने साल 2023-24 के दौरान कम से कम छह महीने तक लगातार ड्यूटी दी है। इन आदेशों के तहत तदर्थ बोनस का भुगतान केन्द्रीय अर्धसैनिक बलों और सशस्त्र बलों के पात्र कर्मचारियों के लिए भी स्वीकार्य होगा। ये आदेश संघ राज्य क्षेत्र प्रशासन के उन कर्मचारियों पर भी लागू माने जाएंगे, जो परिलब्धियों के संबंध में केन्द्र सरकार की पद्धति का अनुसरण करते हैं। इसके अलावा वे कर्मचारी, किसी अन्य बोनस या अनुमग्रह स्कीम के अंतर्गत नहीं आते हैं। इन आदेशों के अंतर्गत भुगतान के लिए केवल वे कर्मचारी पात्र होंगे, जो 31.03.2024 को सेवा में थे और जिन्होंने वर्ष 2023-24 के दौरान न्यूनतम छह महीने तक लगातार सेवा की है। वर्ष में छह महीने से लेकर पूरे एक वर्ष तक लगातार सेवा की अवधि के लिए पात्र कर्मचारियों को यथा-अनुपात भुगतान किया जाएगा। पात्रता-अवधि की गणना, सेवा के महीनों (महीनों की निकटतम पूर्णांकित संख्या) के रूप में की जाएगी। गैर-उत्पादकता संबद्ध बोनस (तदर्थ बोनस) की मात्रा की गणना औसत परिल्बधियों/गणना की उच्चतम सीमा, इनमें से जो भी कम हो, के आधार पर की होगी। एक दिन के लिए गैर-उत्पादकता संबद्ध बोनस (तदर्थ बोनस) की गणना करने के लिए, एक वर्ष की औसत परिलब्धियों को 30.4 (एक महीने के औसत दिनों की संख्या) से विभाजित किया जाएगा। इसके बाद दिए जाने वाले बोनस के दिनों की संख्या से इसको गुणा किया जाएगा। उदाहरण के लिए, मासिक परिलब्धियों की उच्चतम गणना सीमा को 7000/- रुपए (जहां वास्तविक औसत परिलब्धियां 7000/- रुपए से ज्यादा हैं) मानते हुए, 30 दिनों के लिए गैर-उत्पादकता संबद्ध बोनस (तदर्थ बोनस) 7000 x 30/30.4 + 6907.89/- रुपए (पूर्णाकित 6908/- रुपए) बनेगा। ऐसे दिहाड़ी मजदूर, जिन्होंने 6 कार्य-दिवसीय सप्ताह वाले दफ़्तरों में पिछले तीन अथवा इससे अधिक वर्षों में हर वर्ष कम से कम 240 दिन (पांच कार्य-दिवसीय सप्ताह वाले कार्यालयों के मामले में 3 या इससे अधिक वर्षों में हर वर्ष 206 दिन) कार्य किया है, इस गैर-उत्पादकता संबद्ध बोनस (तदर्थ बोनस) के भुगतान के पात्र होंगे। देय गैर-उत्पादकता संबद्ध बोनस (तदर्थ बोनस) की राशि (1200 रुपए x 30/30.4 अर्थात 1184.21/- रुपए (पूर्णाकित 1184/- रुपए)) होगी। ऐसे मामलों में जहां वास्तविक परिलब्धियां 1200/- रुपए प्रतिमाह से कम हैं, इस राशि की गणना वास्तविक मासिक परिलग्धियों के आधार पर होगी। इन आदेशों के अंतर्गत सभी भुगतान निकटतम रुपए में पूर्णाकित किए जाएंगे।  इस मद में होने वाला व्यय दिनांक 16 दिसंबर, 2022 की व्यय विभाग की अधिसूचना के अनुसार संबंधित शीर्ष के नामे डाला जाएगा। गैर-उत्पादकता संबद्ध बोनस (तदर्थ बोनस) की मद में होने वाला व्यय चालू वर्ष के लिए संबंधित मंत्रालयों/विभागों के संस्वीकृत बजट प्रावधान के तहत पूरा किया जाना है। जहां तक भारतीय लेखापरीक्षा और लेखा विभाग में कार्यरत व्यक्तियों का संबंध है, ये आदेश भारत के संविधान के अनुच्छेद 148(5) के तहत यथा अधिदेशित भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक के परामर्श से जारी किए गए हैं। योग्य कर्मचारी, इन शर्तों को जरुर पढ़ लें वित्त मंत्रालय के आदेश में कहा गया है, जो कर्मचारी अस्थायी तौर से एडहॉक बेस पर नियुक्त हुए हैं, उन्हें भी ये बोनस मिलेगा, बशर्ते उनकी सेवा के बीच कोई ब्रेक न रहा हो। ऐसे कर्मचारी जो, 31 मार्च 2024 को या उससे पहले सेवा से बाहर हो गए, उन्होंने त्यागपत्र दे दिया हो या सेवानिवृत हुए हों, उसे स्पेशल केस माना जाएगा। इसके तहत वे कर्मी, जो अमान्य तरीके से मेडिकल आधार पर 31 मार्च से पहले रिटायर हो गए या दिवंगत हो गए हैं, लेकिन उन्होंने वित्तीय वर्ष में छह माह तक नियमित ड्यूटी की है, तो उसे एडहॉक बोनस के योग्य माना जाएगा। इसके लिए संबंधित कर्मचारी की नियमित सेवा की निकटवर्ती संख्या को आधार बनाकर 'प्रो राटा बेसिस' पर बोनस तय होगा। ये कर्मचारी होंगे बोनस के हकदार इस बोनस के लिए केंद्र सरकार के वे कर्मचारी हकदार होंगे जो 31 मार्च 2024 तक सर्विस में थे और जिन्होंने वर्ष के दौरान कम से कम 6 महीने की निरंतर सेवा दी है. जो कर्मचारी एक वर्ष से कम समय तक सर्विस कर चुके हैं, उन्हें काम किए गए महीनों के आधार पर बोनस मिलेगा. कैसे होगा बोनस का कैलकुलेशन बोनस की राशि की गणना औसत वेतन को 30.4 से विभाजित करके की जाएगी, फिर उसे 30 दिनों से गुणा किया जाएगा. उदाहरण के लिए, अगर किसी कर्मचारी की मंथली तनख्वाह 7,000 रुपये है, तो उनका 30 दिनों का नॉन-प्रोडक्टविटी लिंक्ड बोनस लगभग 6,908 रुपये आएगा. जो अस्थायी श्रमिक (Casual laborers) लगातार तीन सालों में हर साल कम से कम 240 दिन काम कर चुके हैं, वे भी इस बोनस के लिए पात्र होंगे. ऐसे श्रमिकों के लिए बोनस 1,200 प्रति माह के आधार पर तय की जाएगी. आर्डर के अनुसार, सभी पेमेंट को निकटतम रुपये में राउंडेड किया जाएगा और खर्चों को संबंधित मंत्रालयों और विभागों द्वारा उनके स्वीकृत बजट के भीतर कवर किया जाएगा. केंद्र सरकार ये कर्मी भी होंगे बोनस के पात्र वे कर्मचारी, जो प्रतिनियुक्ति, विदेश सेवा, केंद्र शासित प्रदेश या किसी पीएसयू में 31 मार्च 2024 को कार्यरत हैं तो उन्हें लेंडिंग डिपार्टमेंट यानी उधार देने वाला विभाग, यह बोनस नहीं देगा। ऐसे केस में उधार लेने वाले संगठन की जिम्मेदारी बनती है कि वह एडहॉक बोनस, पीएलबी, एक्सग्रेसिया और इंसेंटिव स्कीम आदि प्रदान करे, बशर्तें वहां ऐसे प्रावधान चलन में हों। यदि कोई कर्मचारी 'सी' या इससे ऊपर के ग्रेड में है और उसे वित्तीय वर्ष के दौरान बीच में ही विदेश सेवा से वापस बुला लिया जाता है, तो इसे लेकर एडहॉक बोनस का नियम बनाया गया है। इसके तहत वित्तीय वर्ष में विदेशी विभाग से यदि उस कर्मी के … Read more

दिल्लीवाले दिवाली पर पटाखे नहीं फोड़ सकेंगे, प्रदूषण रोकने के लिए सरकार का एक्शन प्लान

नई दिल्ली  देश की राजधानी दिल्ली में रहने वाले लोग इस साला भी बिना आतिशबाजी के ही दिवाली मनाने पड़ेगी. क्योकि दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (Delhi Pollution Control Committee) वायु प्रदुषण को लेकर एनसीटी दिल्ली क्षेत्र में सभी प्रकार के पटाखों के निर्माण, भंडारण, बिक्री और ऑनलाइन मार्केटिंग प्लेटफार्मों के माध्यम से डिलीवरी पर 01.01.2025 तक पूर्ण प्रतिबंध लगाने के बाद आदेश जारी किया गया है. दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति द्वारा पटाखों पर प्रतिबंध लगाने के बाद आदेश भी जारी हुआ है. पत्र में आदेश नहीं मनाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की बात कही गई है. यह भी पढ़े: Firecrackers Ban: दीवाली पर आतिशबाजी जरूरी! पटाखों पर रोक के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचा केरल सरकार दिल्ली पटाखे फोड़ने और बेचने पर लगा बैन वहीं इससे पहले पिछले महीने पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने एक बयान में कहा कि वायु प्रदूषण में मौसमी वृद्धि को कम करने के लिए प्रतिबंध आवश्यक है. प्रदूषण पटाखों के कारण और भी बदतर हो जाता है. राय ने कहा, “सर्दियों के मौसम में दिल्ली में वायु प्रदूषण बढ़ने का खतरा है. इस समय पटाखे जलाने से प्रदूषण और बढ़ जाता है.” उन्होंने कहा, “इस स्थिति को देखते हुए, पिछले वर्ष की तरह, हम सभी प्रकार के पटाखों के उत्पादन, भंडारण, बिक्री और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा रहे हैं, ताकि लोगों को प्रदूषण से बचाया जा सके. किसी भी तरह के पटाखों की ऑनलाइन बिक्री और आपूर्ति पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा.” बिगड़ जाती है एयर क्वालिटी दरअसल, अक्टूबर से दिल्ली की हवा खराब होने लगती है. इसके दो कारण हैं. पहला तो ये कि अक्टूबर से मौसम बदलने लगता है. तापमान गिर जाता है और हवा की स्पीड पर भी असर पड़ता है. दूसरा इसी मौसम में दिल्ली के आसपास के राज्यों में किसान पराली भी जलाना शुरू करते हैं. इससे प्रदूषण और बढ़ता है. दिवाली में पटाखे फोड़ने से हालात और खराब हो जाते हैं. दिवाली के मौके पर पटाखे फोड़ने से हालात और ज्यादा खराब हो जाते हैं. दिल्ली में सदर बाजार, चांदनी चौक, कोटला, रोहिणी, लक्ष्मी नगर जैसे मार्केट मुख्य रूप से पटाखों के कारोबार के केंद्र हैं. हालांकि, पटाखों के बैन से लोगों के रोजगार पर भी बुरा असर पड़ा है.  2016 से 2022 तक आंकलन दशहरे की बात करें तो 2016 से 2022 तक दशहरे के दिन प्रदूषण का स्तर महज तीन बार सामान्य स्तर पर रहा है। इनमें 2021 और 2017 में 198 और 2019 में यह 112 रहा था। इस बार भी एक्यूआई सामान्य स्तर पर रहने का पूर्वानुमान है। एक्यूआई 160 के आसपास रहने की संभावना है। ऐसे में यह 2019 के बाद से अब तक का सबसे साफ दशहरा हो सकता है। recent visitors 91

पीएम मोदी से मिलीं मुख्यमंत्री आतिशी, CM बनने के बाद पहली बार मुलाकात

 नई दिल्ली दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। बताया जा रहा है कि दोंनों नेताओं के बीच यह शिष्टाचार भेंट थी। दिल्ली की मुख्यमंत्री बनने के बाद आतिशी पहली बार पीएम मोदी से मिली हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से तस्वीर साझा करते हुए दोनों नेताओं की मुलाकात की जानकारी दी गई। दिल्ली सरकार की ओर से अभी यह नहीं बताया गया है कि आतिशी की प्रधानमंत्री से क्या बातचीत हुई। बताया जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच यह एक औपचारिक, शिष्टाचार मुलाकात थी। कथित शराब घोटाले में कई महीने जेल में रहने के बाद बाहर आकर अरविंद केजरीवाल ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। उनकी जगह आतिशी को मुख्यमंत्री बनाया गया है। इससे पहले आतिशी ने उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ से भी मुलाकात की थी। दरअसल, आतिशी ने 21 सितंबर को दिल्ली के मुख्यमंत्री की कमान संभाली थी. शपथ लेने के साथ ही वह दिल्ली की तीसरी महिला मुख्यमंत्री बन गई थीं. एक खास बात यह भी है कि वह राष्ट्रीय राजधानी में सीएम पद संभालने वाली तीनों महिला मुख्यमंत्रियों में से सबसे कम उम्र की महिला सीएम हैं. आतिशी को उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने दिल्ली के आठवें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ दिलाई थी. आतिशी की नई मंत्रिपरिषद में सबसे पहले सौरभ भारद्वाज ने शपथ ली थी, उसके बाद गोपाल राय, कैलाश गहलोत, इमरान हुसैन और दिल्ली कैबिनेट में नए सदस्य मुकेश अहलावत ने शपथ ली थी. हालांकि, आतिशी का कार्यकाल संक्षिप्त होगा, क्योंकि राष्ट्रीय राजधानी में फरवरी में विधानसभा चुनाव होने हैं. जमानत मिलने के बाद केजरीवाल ने दिया था इस्तीफा बता दें कि कथित शराब घोटाले में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के 2 दिन बाद यानी 15 सितंबर को केजरीवाल आम आदमी पार्टी (AAP) के मुख्यालय पहुंचे थे. तब केजरीवाल ने दो दिन बाद इस्तीफे का ऐलान किया था. उन्होंने कहा था कि मैं तब तक सीएम की कुर्सी पर नहीं बैठूंगा, जब तक जनता अपना फैसला नहीं सुना देती कि केजरीवाल ईमानदार हैं. केजरीवाल ने शपथ लेकर किया था आतिशी के नाम का ऐलान AAP के चीफ अरविंद केजरीवाल ने कहा था,'मैं हर घर और गली में जाऊंगा और जब तक जनता का फैसला नहीं मिल जाता, तब तक सीएम की कुर्सी पर नहीं बैठूंगा. इसके बाद सीएम पद के लिए आतिशी के नाम का ऐलान हुआ था. पार्टी की विधायक दल की मीटिंग में आतिशी को सीएम बनाने का फैसला लिया गया था.'   recent visitors 64

मुख्यमंत्री आज इंदौर में चारों फ्लाईओवर का पूजन के बाद लोकार्पण करेंगे

इंदौर  स्वच्छता में अव्वल इंदौर में यातायात सुगमता की पहल करते हुए विभिन्न चौराहों पर फ्लाईओवर का निर्माण कराया जा रहा है। शहर के चार चौराहों फूटी कोठी, भंवरकुआं, खजराना और लवकुश पर फ्लाईओवर तैयार हो चुके हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार को इन फ्लाईओवर का लोकार्पण करेंगे। मुख्य समारोह सोमवार शाम पांच बजे फूटी कोठी चौराहे पर होगा। यहां मुख्यमंत्री पूजन और पट्टिका अनावरण के साथ सभा को संबोधित करेंगे। इसके बाद तीनों फ्लाईओवर पर पहुंचकर वहां पूजन कर लोकार्पण करेंगे। दो साल पहले शुरू हुआ था निर्माण करीब दो साल पहले शहर में फ्लाईओवर बनाने का सिलसिला शुरू हुआ था। आइडीए ने शहर के प्रमुख दस चौराहों पर फ्लाईओवर निर्माण की योजना बनाई थी। चार चौराहों पर निर्माण किया। फूटी कोठी और भंवरकुआं दोनों तरफ से यातायात शुरू किया जाएगा। जबकि लवकुश और खजराना फ्लाईओवर की एक-एक भुजा से यातायात शुरू होगा। यहां एक-एक भुजा का निर्माण मंदिर की बाधा के कारण पूरा नहीं हो सका है। रविवार को हुई सजावट लोकार्पण से पहले रविवार को सभी फ्लाईओवर पर सजावट की गई। लोकार्पण कार्यक्रम में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट और अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। सबसे कम समय फूटी कोठी में फूटी कोठी फ्लाईओवर का निर्माण सबसे कम समय में पूरा किया गया है। यहां खोदाई में नीचे पत्थर आने से पिलर ओपन बीम में बनाए गए। कोई बाधा नहीं होने से काम तेज गति से जारी रहा। ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत फरवरी 2023 में शुरू हुए भंवरकुआं फ्लाईओवर से दो लाख वाहन चालकों को राहत मिलेगी. खंडवा रोड पर स्थित इस फ्लाईओवर से ग्राम दतोदा और सिमरोल तक जाने वाले वाहनों के दबाव में कमी आएगी. प्रतिदिन भंवरकुआं चौराहा से लगभग 1 लाख वाहन गुजरते हैं, जिससे ट्रैफिक जाम की समस्या गंभीर होती जा रही थी. अब यह नया फ्लाईओवर 2.7 किलोमीटर का सफर सिर्फ 5 मिनट में पूरा करने में मदद करेगा. इंदौर-उज्जैन रोड पर लवकुश फ्लाईओवर की एक लेन शुरू कर दी गई है. इसका निर्माण भी फरवरी 2023 में शुरू हुआ था और यह फ्लाईओवर रोजाना एक लाख वाहनों को राहत देगा. खास मौकों पर महाकाल दर्शन के लिए जाने वाले भक्तों की संख्या बढ़ने पर ट्रैफिक दबाव भी बढ़ जाता था. अब इस फ्लाईओवर की शुरुआत से यात्रियों का सफर सुगम हो जाएगा. फूटी कोठी और खजराना फ्लाईओवर का निर्माण भी फरवरी 2023 में शुरू हुआ था. फूटी कोठी फ्लाईओवर से 2 लाख वाहनों को राहत मिलेगी. पश्चिमी रिंग रोड पर स्थित इस फ्लाईओवर से द्वारकापुरी, सुदामा नगर ई सेक्टर, केट रोड और सुखनिवास कॉलोनियों को भी बड़ी राहत मिलेगी. वहीं, खजराना ब्रिज पर भी ट्रैफिक का दबाव कम होगा, जिसकी एक लेन दिसंबर या जनवरी तक पूरी तरह से चालू होने की संभावना है. रिंग रोड पर सिग्नल फ्री सफर मूसाखेड़ी से रोबोट चौराहे तक रिंग रोड पर अब सफर सिग्नल फ्री हो जाएगा. 7 किलोमीटर के इस सफर को अब 10 से 15 मिनट में आसानी से पूरा किया जा सकेगा. इसके साथ ही फूटी कोठी फ्लाईओवर से 20 से अधिक कॉलोनियों के निवासियों को भी राहत मिलेगी. इन चार फ्लाईओवरों की शुरुआत के साथ इंदौर के यातायात व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण बदलाव आएगा. इसके अलावा, वर्ष 2026 तक शहर में और 9 नए फ्लाईओवर बनाने की योजना है. यातायात होगा सुगम, फ्लाईओवरों पर आज से सरपट दौड़ेंगे वाहन फूटी कोठी चौराहे पर लोकार्पण समारोह शाम पांच बजे से शुरू होगा। इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) द्वारा शहर के चार चौराहों पर बन रहे फ्लाईओवर में से तीन भंवरकुआं, खजराना और लवकुश फ्लाईओवर दो भुजाओं में बनाए गए हैं। भंवरकुआं की दोनों भुजाएं तैयार हो चुकी हैं और दोनों का लोकार्पण किया जाएगा। जबकि खजराना और लवकुश चौराहा की एक-एक भुजा का लोकार्पण होगा। खजराना पर बंगाली चौराहा से रोबोट चौराहा जाने वाली भुजा और लवकुश चौराहा पर एमआर-10 से सुपर कॉरिडोर जाने वाली भुजा का लोकार्पण होगा। दोनों फ्लाईओवर की एक-एक भुजा दीपावली के बाद शुरू होगी। फूटी कोठी फ्लाईओवर     18 माह में तैयार     610 मीटर लंबाई     24 मीटर चौड़ाई     छह लेन होगी     57.77 करोड़ लागत     फरवरी 2023 से कार्य प्रारंभ     अक्टूबर 2024 में लोकार्पण     दो लाख लोगों का सुगम होगा आवागमन भंवरकुआं फ्लाईओवर     24 माह में तैयार     625 मीटर लंबाई     24 मीटर चौड़ाई     छह लेन होगा     55.77 करोड़ लागत     दो भुजाओं में बना है फ्लाईओवर     अक्टूबर 2022 से कार्य प्रारंभ     अक्टूबर 2024 में लोकार्पण     दो लाख लोगों की राह होगी सुगम     दोनों भुजाओं का होगा लोकार्पण लवकुश फ्लाईओवर     19 माह में (एक भुजा तैयार)     675 मीटर लंबाई     24 मीटर चौड़ाई     छह लेना होगा     66.88 करोड़ रुपये लागत     दो भुजाओं में बना है     फ्लाईओवर- नवंबर 2022 से कार्य प्रारंभ     अक्टूबर 2024 में लोकार्पण     एक भुजा एमआर-10 से सुपर कॉरिडोर का लोकार्पण खजराना फ्लाईओवर     18 माह में (एक भुजा तैयार)     500 मीटर लंबाई     24 मीटर चौड़ाई     छह लेन होगा     41.19 करोड़ रुपये लागत     दो भुजाओं में बना है     फ्लाईओवर- फरवरी 2023 से कार्य प्रारंभ     अक्टूबर 2024 में लोकार्पण     दो लाख वाहनों की राह होगी सुगम     एक भुजा बंगाली से रोबोट चौराहा जाने वाली का लोकार्पण   recent visitors 54

विजयपुर के प्रत्याशी होंगे रामनिवास रावत, बीजेपी चुनाव समिति की बैठक में बनी सहमति

भोपाल मध्यप्रदेश के वन मंत्री रामनिवास रावत विजयपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए बीजेपी के प्रत्याशी होंगे। बीजेपी चुनाव समिति की बैठक में वन मंत्री रामनिवास रावत के नाम पर सहमति बनी है। वहीं बुधनी विधानसभा पर पैनल बनेगा। बैठक में संभावित नामों पर चर्चा हुई । बैठक में कहा गया- पार्टी चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है। सरकार के कामों के आधार पर चुनाव लड़ा जाएगा। इसी तरह बुधनी में प्रत्याशी चयन का मामला संसदीय बोर्ड तक जा सकता है। यहां पर कई दावेदारों के नामों की चर्चा हुई है। अधिक दावेदार होने से प्रदेश चुनाव समिति ने नामों का पैनल भेजने का निर्णय लिया है। बता दें कि दोनों सीट पर उपचुनाव होना है। बुधनी विधानसभा सीट शिवराज सिंह चौहान के सांसद और केंद्रीय मंत्री बनने के बाद खाली हो गया है। इसी तरह विजयपुर विधानसीट कांग्रेस विधायक के इस्तीफे और बीजेपी में शामिल होने के बाद रिक्त हो गया है। दोनों सीट पर आगामी दिनों में उपचुनाव होने है। recent visitors 85