DRI ने झाबुआ जिले में मेफेड्रोन का अवैध उत्पादन कर रहे कारखाने का भंडाफोड़ किया

इंदौर मध्य प्रदेश में एक बार फिर भारी मात्रा में ड्रग्स बरामद किया गया है। पुलिस ने करीब 168 करोड़ कीमत का 112 किलो नशीला पदार्थ बरामद किया है। इससे पहले भोपाल में 1814 करोड़ रुपये कीमत का 907.09 किलो मेफेड्रोन जब्त किया गया था। राजस्व और सूचना निदेशालय (डीआरआई) ने मध्य प्रदेश के आदिवासी बहुल झाबुआ जिले में मेफेड्रोन का अवैध उत्पादन कर रहे कारखाने का भंडाफोड़ किया है। कारखाने के निदेशक समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। डीआरआई के एक अधिकारी ने रविवार को बताया कि कारखाने से करीब 168 करोड़ रुपये के अनुमानित कीमत वाला नशीला पदार्थ जब्त किया गया है। उन्होंने बताया कि मेघनगर औद्यौगिक क्षेत्र में संचालित किए जा रहे इस कारखाने की मुखबिर की सूचना पर शनिवार तड़के जांच की गई। अधिकारी ने बताया कि इस कारखाने से 36 किलोग्राम मेफेड्रोन पाउडर और 76 किलोग्राम द्रव मेफेड्रोन जब्त किया गया। साथ ही कच्चा माल और उपकरण जब्त किए गए हैं। उन्होंने बताया कि इकाई को सील कर दिया गया है। अधिकारी ने बताया कि जब्त मादक पदार्थ की कीमत करीब 168 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। उन्होंने बताया कि कारखाने से लिए नमूनों की एक अपराध विज्ञान प्रयोगशाला से जांच कराई गई जिसमें मेफेड्रोन होने की पुष्टि हुई। इससे पहले गुजरात पुलिस के आतंकवाद रोधी दस्ते (एटीएस) और स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) ने 5 अक्टूबर को सूबे की राजधानी भोपाल में मादक पदार्थ के कारखाने का भंडाफोड़ किया था। वहां से 907.09 किलोग्राम मेफेड्रोन जब्त किया गया था, जिसकी अनुमानित कीमत 1814 करोड़ रुपये है। recent visitors 63

सरपट भागासेंसेक्स में 500 अंक से ज्यादा की तेजी, निफ्टी भी 150 अंक उछला

मुंबई शेयर बाजार (Stock Market) में सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को तेजी के साथ कारोबार शुरू हुआ. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स (Sensex) अपने पिछले बंद से करीब 200 अंक की उछाल के साथ ओपन हुआ और कुछ ही देर में 500 अंक से ज्यादा चढ़ गया. दूसरी ओर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी (Nifty) ने भी जोरदार शुरुआत की और 180 अंक से ज्यादा भागा. मार्केट में तेजी के बीच  HDFC Bank Share समेत अन्य स्टॉक में तूफानी तेजी आई. 82000 के करीब पहुंचा सेंसेक्स सबसे पहले बात कर लेते हैं BSE Sensex की, तो ये इंडेक्स बीते कारोबारी दिन शुक्रवार को 81,381.26 के लेवल की तुलना में सोमवार को 81,576.93 के लेवल पर ओपन हुआ था. जोरदार शुरुआत के बाद इसमें तेजी और बढ़ती गई और खबर लिखे जाने तक सुबह 10 बजे पर ये 538.55 अंक या 0.66 फीसदी की तेजी के साथ 81,919.50 के लेवल पर कारोबार कर रहा था. निफ्टी ने भी लगाई लंबी छलांग बीएसई के सेंसेक्स की तरह ही NSE Nifty भी 25,000 के पार खुला. निफ्टी ने अपने पिछले बंद 24,964 की तुलना में उछलकर 25,023.45 के लेवल पर कारोबार शुरू किया था और कुछ ही देर में ये 180 अंक से ज्यादा की उछाल के साथ 25,131.95 के लेवल पर पहुंच गया. हालांकि, कारोबार के दौरान ये 25,017 के स्तर तक टूटा था. लार्जकैप में इन शेयरों ने लगाई दौड़ अब बात कर लेते हैं सोमवार को शुरुआती कारोबार में सबसे ज्यादा तेजी के साथ भागे शेयरों के बारे में, तो लार्जकैप कैटेगरी में शामिल L&T Share 1.76% चढ़कर 3544.30 रुपये के लेवल पर कारोबार कर रहा था. इसके अलावा HDFC Bank Share 1.68% की तेजी के साथ 1678.80 रुपये पर पहुंचकर ट्रेड कर रहा था. इसके अलावा JSW Steel Share 1.50%, Tech Mahindra Share 1.30% उछलकर कारोबारी कर रहा था. मिडकैप और स्मालकैप भी चढ़ा मिडकैप कैटेगरी में शामिल NIACL Share  3.27%, TorntPower Share 2.66%, GICRE Share 2.65% Qk Federal Bank Share 2.40% की तेजी के साथ कारोबार कर रहे थे. स्मालकैप कंपनियों में HLVTD Share 15% और GANECOS Share 10% की उछलकर कारोबार कर रहे थे. एशियाई बाजार में मिलाजुला कारोबार     एशियाई बाजार में मिलाजुला कारोबार देखने को मिल रही है। हांगकांग के हैंग सेंग में 0.66% की गिरावट है। वहीं चीन का शंघाई कम्पोजिट 1.01% की तेजी के साथ कारोबार कर रहा है।     10 अक्टूबर को अमेरिका का डाओ जोंस 0.97% चढ़कर 42,863 पर और नैस्डैक 0.33% चढ़कर 18,342 पर बंद हुआ। S&P 500 भी 0.61% बढ़कर 5,815 पर बंद हुआ।     NSE के डेटा के अनुसार, विदेशी निवेशकों (FIIs) ने 11 अक्टूबर को ₹4,162.66 करोड़ के शेयर बेचे। इस दौरान घरेलू निवेशकों (DIIs) ने ₹3,730.87 करोड़ के शेयर खरीदे। शुक्रवार को बाजार में रही थी गिरावट इससे पहले 11 अक्टूबर को शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिली थी। सेंसेक्स 230 अंक की गिरावट के साथ 81,381 के स्तर पर बंद हुआ था। निफ्टी में भी 34 अंक की गिरावट रही थी, ये 24,964 के स्तर पर बंद हुआ था। recent visitors 128

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि देश की प्रमुख नदियों का मध्यप्रदेश मायका है

भोपाल /सूरत मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि देश की प्रमुख नदियों का मध्यप्रदेश मायका है. मध्यप्रदेश की नर्मदा और ताप्ती नदी अपने मायके अर्थात मध्यप्रदेश को तो आनंदित और प्रफुल्लित करती ही है, साथ ही वह गुजरात को भी धन-धान्य से परिपूर्ण कर रही है. सोन नदी का उद्गम मध्यप्रदेश के अमरकंटक से है, जो बिहार में गंगा जी से मिलती हैं और गंगा जी की धारा को समृद्ध करती है. मध्यप्रदेश से निकलने वाली चंबल नदी राजस्थान को जीवन प्रदान करती है यह नदियां मध्यप्रदेश की जीवनदायिनी हैं. सूरत से आरंभ हुआ यह अभियान जीवन देने का अभियान है. उन्होंने कहा कि जल संचय- जन भागीदारी कार्यक्रम के उद्देश्य की प्राप्ति के लिए मध्यप्रदेश कदम से कदम मिलाकर चलने को तत्पर है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राज्यों के परस्पर संबंधों की सौहाद्रता और नर्मदा जल की एक-एक बूंद का उपयोग सुनिश्चित करते हुए नर्मदा नदी का जल राजस्थान को भी उपलब्ध करने का मार्ग प्रशस्त किया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि पानी के लिए गुजरात में समस्या रहती है और उनकी सहायता करना हम सब का कर्तव्य है. CM यादव राष्ट्रीय जल मिशन के अंतर्गत चल रहे 'कैच द रेन' अभियान के तहत गुजरात के सूरत में 'जल संचय- जन भागीदारी- जन आंदोलन' कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे.  बड़े पात्र में जल अर्पित कर किया कार्यक्रम का शुभारंभ उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्षा जल संचयन को बढ़ाने और दीर्घकालिक जल स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए जल संचय-जन भागीदारी-जन आंदोलन कार्यक्रम की पहल की थी. जल संरक्षण और जल संग्रहण को बढ़ावा देने की सकारात्मक पहल के तहत सूरत में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र भाई पटेल, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, वरिष्ठ जन-प्रतिनिधि, केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय तथा राज्यों के अधिकारी उपस्थित थे. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री यादव का पुष्प-गुच्छ और अंगवस्त्रम भेंट कर तथा स्मृति-चिन्ह प्रदान कर स्वागत किया गया. मुख्यमंत्री को "जल संचय -जन भागीदारी -जन आंदोलन कार्यक्रम" का संकल्प पत्र भी भेंट किया गया. कार्यक्रम में विद्यमान अतिथियों ने जल संरक्षण और जल संग्रहण के प्रतीक स्वरूप बड़े पात्र में जल अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया. भारतीय सनातन संस्कृति में जल ही जीवन है का विचार सर्वमान्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतीय सांस्कृतिक और पौराणिक संदर्भों का उल्लेख करते हुए कहा कि महादेव ने गंगा को जटाओं में धारण कर और भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत धारण कर जल संरक्षण के महत्व को दर्शाया. जिस प्रकार धरती पर मां गंगा को लाने में भागीरथ की भूमिका थी, इस प्रकार गंगाजल को सहेजने में केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल की महत्वपूर्ण भूमिका रही है. गुजरात की भूमि यश- कीर्ति और समृद्धि की भूमि है. भगवान श्रीकृष्ण को भी गुजरात स्थित द्वारका से ही यश प्राप्त हुआ. गुजरात ने ही देश को महात्मा गांधी और सरदार वल्लभ भाई पटेल जैसे राजनेता प्रदान किए. इसी क्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश प्रगति पथ पर निरंतर अग्रसर हैं. विश्व में भारत की साख स्थापित हुई है और दुनिया के सभी देश प्रधानमंत्री  मोदी से मधुर और जीवंत संपर्क और संबंध बनाने के लिए आतुर रहते हैं. भारतीय सनातन संस्कृति में जल ही जीवन है का विचार सर्वमान्य है. सूरत में जल-संचयन और जल-संरक्षण पर आयोजित यह कार्यक्रम देश को नई दिशा और जन-जन को ऊर्जा प्रदान करेगा. मध्यप्रदेश में हुआ 10 हजार से अधिक पोखर, तालाब, कुएं, बावड़ी का जीर्णोद्धार मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बना है, जहां नदी जोड़ो अभियान के अंतर्गत दो परियोजनाओं का क्रियान्वयन आरंभ हो रहा है. मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच केन-बेतवा नदी जोड़ो अभियान तथा मध्यप्रदेश और राजस्थान के मध्य चंबल- पार्वती- काली सिंध लिंक परियोजनाएं शीघ्र ही मूर्त रूप लेंगी. मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में लगभग 3 हजार 500 गांव के 13 हजार से अधिक लोगों ने संकल्प लेकर जल गंगा अभियान के अंतर्गत जल भंडारण क्षमता में वृद्धि के लिए 10 हजार से अधिक पोखर, तालाब, कुएं, बावड़ी का जीर्णोद्धार किया.  भूजल संचयन के लिए संकल्पबद्ध होना अभिनंदनीय: केंद्रीय मंत्री श्री पाटिल केंद्रीय जल शक्ति मंत्री  सी. आर. पाटिल ने नदी जोड़ो अभियान में मध्यप्रदेश द्वारा प्रदान किए जा रहे सहयोग की सराहना की. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में नदियों के जोड़ने की परियोजना शीघ्र ही आरंभ होगी. उन्होंने मध्यप्रदेशवासियों द्वारा जल-संरक्षण के क्षेत्र में की जा रही पहल की भी सराहना करते हुए कहा कि भू-जल संचयन के लिए मध्यप्रदेश के 3500 गांवों में 14 हजार बोर कराने का संकल्प लिया गया है जो अभिनन्दनीय है. कार्यक्रम को गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र भाई पटेल, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी संबोधित किया.   recent visitors 62

पूर्व बस्तर डिवीजनल कमेटी ने जारी की सूची, छत्तीसगढ़-दंतेवाड़ा में मुठभेड़ में 31 नहीं 35 नक्सली मारे गए

दंतेवाड़ा. दंतेवाड़ा और नारायणपुर जिले के सीमा पर थुलथुली गांव में चार अक्तूबर को हुई मुठभेड़ को लेकर नक्सलियों ने सूची जारी की है जिसमें 35 माओवादियों के मारे जाने की जानकारी दी है। दरअसल चार अक्तूबर को हुई मुठभेड़ के बाद 31 नक्सलियों के शव बरामद किए गए थे। भारी मात्रा में आधुनिक हथियार और नक्सलियों का सामान भी बरामद हुआ था। उसी मुठभेड़ को लेकर नक्सलियों ने आज सूची जारी करके 35 माओवादियों के मारे जाने की जानकारी दी है। पुलिस अधिकारियों ने नारायणपुर और दंतेवाड़ा जिले की सीमा पर नक्सलियों की उपस्थिति की सूचना मिलने पर सुरक्षाबलों के जवानों को नक्सल विरोधी अभियान के लिए रवाना किया था। मौके से बड़ी संख्या में ऑटोमेटिक हथियार बरामद किए गए थे। नक्सलियों के लिए सुरक्षित स्थान दंतेवाड़ा रेंज के डीआईजी कमलोचन कश्यप ने बताया कि यह क्षेत्र सभी नक्सलियों के लिए सुरक्षित स्थान माना जाता है। नक्सलियों के बारे में सूचना मिलने पर चार दिन पहले इस ऑपरेशन की योजना बनाई गई थी। भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किए गए हैं। कंपनी छह मुख्य रूप से इस क्षेत्र में सक्रिय है और उनकी संख्या 100-150 है। recent visitors 67

ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में कार्तिक कृष्ण प्रतिपदा 18 अक्टूबर से भगवान महाकाल की दिनचर्या बदलेगी

उज्जैन ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में कार्तिक कृष्ण प्रतिपदा 18 अक्टूबर से भगवान महाकाल की दिनचर्या बदलेगी। सर्दी के मौसम में अवंतिकानाथ सुबह आधा घंटा देरी से भोजन करेंगे। भस्म आरती में भगवान को गर्म जल से स्नान कराया जाएगा। प्रतिदिन होने वाली पांच में तीन आरती का समय भी बदलेगा। दिनचर्या में बदलाव का यह क्रम फाल्गुन पूर्णिमा तक चलेगा। गर्म जल से स्नान पं. महेश पुजारी ने बताया कि महाकाल मंदिर की पूजन परंपरा में गर्मी व सर्दी के क्रम में प्रत्येक छह माह में भगवान की दिनचर्या बदलती है। वर्तमान में भगवान की दिनचर्या गर्मी के मौसम अनुसार चल रही है। भगवान ठंडे जल से स्नान कर रहे हैं, लेकिन कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा से मंदिर में सर्दी की शुरुआत मानी जाती है। इस दिन से भगवान महाकाल ठंडे के बजाय गर्म जल से स्नान करना प्रारंभ करते हैं। साथ ही आरती का समय भी बदलता है। 18 अक्टूबर से कब होगी आरती वर्तमान में प्रतिदिन सुबह सात बजे दद्योदक अर्थात बालभोग आरती हो रही है। इस आरती में भगवान को दही-चावल का भोग लगाया जाता है। 18 अक्टूबर से यह आरती सुबह 7.30 बजे से होगी। इसी प्रकार वर्तमान में सुबह 10 बजे भोग आरती हो रही है। इसमें भगवान को दाल, चावल, रोटी, सब्जी, मिष्ठान का नैवेद्य लगाया जाता है। यानी भगवान सुबह 10 बजे भोजन कर रहे हैं। 18 अक्टूबर से भोग आरती सुबह 10.30 बजे होगी। इसका आशय यह है, सर्दी में भगवान आधा घंटा देरी से भोजन करेंगे। वर्तमान में संध्या आरती शाम सात बजे की जा रही है, लेकिन 18 अक्टूबर से संध्या आरती प्रतिदिन शाम 6.30 बजे से होगी। क्योंकि सर्दियों में सूर्यास्त जल्दी होने लगता है। यह आरती व पूजन निर्धारित समय पर प्रतिदिन तड़के चार बजे होने वाली भस्म आरती तथा रात 10.30 बजे होने वाली शयन आरती अपने इसी निर्धारित समय पर होगी। शाम पांच बने होने वाली संध्या पूजन का समय भी वहीं रहेगा। recent visitors 164

उमर अब्दुल्ला जम्मू-कश्मीर के अगले मुख्यमंत्री होंगे, नई सरकार के गठन की तैयारी तेज

नई दिल्ली जम्मू-कश्मीर से राष्ट्रपति शासन हटा लिया गया, जिससे केंद्र शासित प्रदेश में नयी सरकार के गठन का रास्ता साफ हो गया। इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक राजपत्र अधिसूचना जारी की। तत्कालीन मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के इस्तीफे के बाद जून 2017 से जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रपति शासन जारी हुआ था। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा हस्ताक्षरित अधिसूचना में कहा गया है, ‘‘भारत के संविधान के अनुच्छेद 239 और 239ए के साथ पठित जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 (2019 का 34) की धारा 73 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए, जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश के संबंध में 31 अक्टूबर 2019 का आदेश, जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम 2019 की धारा 54 के तहत मुख्यमंत्री की नियुक्ति से तुरंत पहले निरस्त किया जाता है।’’ हाल में संपन्न हुए जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव में नेशनल कॉन्फ्रेंस-कांग्रेस गठबंधन ने जीत हासिल की। नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला जम्मू-कश्मीर के अगले मुख्यमंत्री होंगे। उन्हें गठबंधन का नेता चुना गया है। पूर्ववर्ती जम्मू-कश्मीर राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों — जम्मू कश्मीर और लद्दाख – के रूप में विभाजित किए जाने के बाद 31 अक्टूबर 2019 को जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया था। जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 को संसद ने पांच अगस्त 2019 को पारित किया था। पूर्ववर्ती राज्य को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 को भी उसी दिन निरस्त कर दिया गया था। 31 अक्टूबर 2019 से पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के इस्तीफे के बाद जून 2017 से तत्कालीन राज्य में राष्ट्रपति शासन जारी था। उस समय भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के नेतृत्व वाली सरकार से समर्थन वापस ले लिया था। recent visitors 95

हरियाणा में भाजपा 17 अक्टूबर को वाल्मिकी जयंती के अवसर पर नई सरकार लेगी शपथ

चंडीगढ़ हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी की नई सरकार 17 अक्टूबर को शपथ लेगी। पहले ऐसी खबरें थीं कि सैनी सरकार 15 अक्टूबर को शपथ लेगी, लेकिन फिर 17 अक्टूबर का दिन तय हो गया। तारीख में परिवर्तन क्यों किया गया, इसकी वजह अब साफ हो गई है। असल में 17 अक्टूबर को वाल्मिकी जयंती है। इस दिन शपथ लेकर भाजपा दलितों को खास संदेश देना चाहती है। बता दें कि हरियाणा सरकार ने पहले ही रामचरितमानस के रचयिता के जन्म की तारीख पर प्रदेश में सार्वजनिक अवकाश की घोषणा कर रखी है। वाल्मीकि संप्रदाय में वाल्मिकी जयंती परगट दिवस के रूप में मनाई जाती है। गौरतलब है कि शपथग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद रहेंगे। इस साल हुए लोकसभा चुनाव में हरियाणा में भाजपा का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा था। वह यहां पर 10 में से केवल पांच सीटें ही जीत पाई थी। लेकिन हालिया विधानसभा चुनाव में भाजपा के लिए चीजें पूरी तरह से बदल गई हैं। विधानसभा चुनाव में जीत हासिल कर भाजपा हरियाणा में रिकॉर्ड तीसरी बार सरकार बनाने जा रही है। भाजपा की इस जीत के पीछे जाटलैंड में उसकी मजबूती और दलित-ओबीसी वोटों पर पकड़ का अहम योगदान रहा है। लोकसभा चुनाव में यही दलित-ओबीसी वोट कांग्रेस के खाते में चले गए थे। इसके अलवा सरकार की लोककल्याणकारी योजनाओं की भूमिका भी काफी अहम रही है। इसमें 500 रुपए में सिलिंडर, मध्य प्रदेश के लाडली बहन योजना की तर्ज पर लाडो लक्ष्मी योजना लाना खास रहा। इन योजनाओं ने दलितों और महिला वोटरों को पार्टी की तरफ मोड़ा। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक एक वरिष्ठ भाजपा नेता ने बताया कि भाजपा ही वह पार्टी है, जिसने गरीबों, पिछड़ों और दलितों को सम्मान दिया है। यह उन दलों की तरह नहीं है, जो केवल इन लोगों तक पहुंचने का दिखावा करती हैं। साल 2014 में सत्ता में आने के बाद से ही भाजपा ने इन सभी के लिए कई जरूरी कदम उठाए हैं। इस चुनाव से पहले भाजपा ने हरियाणा में अपना सीएम बदला था। उसने मनोहर लाल खट्टर को हटाकर ओबीसी नायब सिंह सैनी को सीएम बनाया। फिर चुनाव में भी उन्हें ही सीएम फेस बनाया। पार्टी को इसका फायदा भी मिला है। हालिया विधानसभा चुनाव में भाजपा ने शिड्यूल कास्ट के लिए रिजर्व 17 में से 8 सीटें जीती हैं। यह इस आबादी का कुल 20 फीसदी है। वहीं, करीब 30 फीसदी ओबीसी वोटर भी भाजपा को मिले हैं। इस चुनाव में भाजपा का चेहरा रहे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी खुद भी ओबीसी समुदाय से हैं। यह पहली बार नहीं है भाजपा ने महर्षि वाल्मिकी को दिमाग में रखकर कोई कदम उठाया है। जनवरी में उसने अध्योध्या इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम महर्षि वाल्मिकी के नाम पर कर दिया था। भाजपा के मुताबिक यह सत्य, नैतिकता और आध्यात्म का संदेश देने वाला होगा। इसके अलावा हरियाणा में साल 2014 में सत्ता के आने के साथ ही भाजपा ने संतों को लेकर विभिन्न कार्यक्रम शुरू कर दिए थे। अक्टूबर 2015 में खट्टर सरकार ने हरियाणा की यूनिवर्सिटी का नाम महर्षि वाल्मिकी के नाम पर कर दिया। 2016 के बाद से 17 अक्टूबर के दिन प्रदेश में वाल्मिकी जयंती मनाई जा रही है। जून 2021 में खट्टर के नेतृत्व वाली कैबिनेट ने कैथल यूनिवर्सिटी को महर्षि वाल्मिकी संस्कृत यूनिवर्सिटी कर दिया था। इसी तरह जनवरी में अयोध्या में राम मंदिर उद्धाटन के मौके पर पानीपत में गोहना इंटरसेक्शन को श्रीराम चौक और रेलवे रोड इंटरसेक्शन को वाल्मिकी चौक नाम दिया गया था। अपने कार्यकाल में खट्टर ने भाजपा के लिए महर्षि वाल्मिकी के महत्व पर प्रकाश डाला था। उन्होंने कहा था कि हमारी सरकार का मकसद अंत्योदय और सामाजिक समरसता है। भाजपा विकास कार्यों के जरिए महर्षि वाल्मिकी के राम राज्य की कल्पना को साकार कर रही है। उन्होंने कहा था कि देश को शक्तिशाली बनाने में महर्षि वाल्मिकी की शिक्षाओं का योगदान अहम है। वाल्मिकी जयंती के अलावा भाजपा सरकार ने हरियाणा में अन्य संतों को भी महत्व दिया है। जून 2022 में खट्टर ने आधिकारिक मुख्यमंत्री आवास को संत कबीर कुटीर नाम दिया था। इसी साल खट्टर सरकार ने संत-महापुरुष विचार सम्मान और प्रसार योजना शुरू की। इसमें प्रदेश सरकार के कार्यक्रमों में धार्मिक नामों को पहचान दी गई। recent visitors 115